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लालू प्रसाद यादव पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंचे

*जमीन के बदले नौकरी मामला*

पटना,29 जनवरी (एजेंसी)। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही है। आज उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पटना स्थित दफ्तर में पेश होना पड़ा हुए। सुबह 11 बजे राबड़ी आवास से बेटी और सांसद मीसा भारती के साथ लालू प्रसाद ईडी दफ्तर पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद राजद कार्यकर्ताओं की भीड़ ने लालू की गाड़ी को घेर लिया और उनके समर्थन में नारेबाजी करने लगे। लालू ने उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद ईडी दफ्तर पहुंची। ईडी की टीम उनसे पूछताछ कर रही है।

इधर, ईडी दफ्तर के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इधर, ईडी दफ्तर के बाहर राजद समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है। राजद के कई विधायक भी पहुंचे हैं। समर्थक केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं। राजद समर्थकों ने आरोप लगाया कि लालू यादव बीमार हैं। उन्हें जान बूझकर परेशान करने की कोशिश हो रही है। दरअसल, नौकरी के बदले जमीन घोटाला केस में पूछताछ के लिए लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था। लालू को 29 जनवरी और तेजस्वी यादव को 30 जनवरी को पेश होने कहा गया था। आज लालू प्रसाद ईडी के सवालों का जवाब देने पहुंचे हैं।

इससे पहले 19 जनवरी को ईडी की टीम राबड़ी आवास पहुंची। एक अधिकारी की ओर समन के कागजात दिया था। इसे डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की ओर से रिसीव किया था। इससे पहले भी ईडी की टीम ने लालू यादव और तेजस्वी यादव दोनों पूछताछ के लिए समन भेजा था।
आरोप है कि रेलवे मंत्री रहते हुए लालू यादव इस घोटाले में शामिल थे। यह घोटाला 2004 से 2009 के बीच किया गया था, जहां कई लोगों को रेलवे के विभिन्न जोनों में ग्रुप-डी के पदों पर नौकरियां दी गई थीं। बदले में इन लोगों ने अपनी जमीन तत्कालीन रेलवे मंत्री लालू यादव के परिवार के सदस्यों और एक संबंधित कंपनी एके इंफोसिस्टम के नाम कर दी थी। जमीन के बदले नौकरी घोटाले मामले में राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत 17 लोगों को आरोपी बनाया गया था।

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होटल में प्रेमी ने की महिला तकनीकी विशेषज्ञ की गोली मारकर हत्या

पुणे (महाराष्ट्र),29 जनवरी (एजेंसी)। लखनऊ निवासी एक शख्स ने गोली मारकर अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। आरोपी को ठाणे के पास गिरफ्तार कर लिया गया और सोमवार को पुणे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मृतका की पहचान 26 वर्षीय वंदना द्विवेदी के रूप में हुई है, जो पुणे में इंफोसिस में तकनीकी विशेषज्ञ थी। आरोपी ऋषभ निगम को रविवार देर रात नवी मुंबई (ठाणे) में एक नाकाबंदी के दौरान घटना में इस्तेमाल हथियार के साथ पकड़ा गया।

पिंपरी-चिंचवड़ के सहायक पुलिस आयुक्त (वाकाड डिवीजन) विशाल हिरे ने कहा कि हत्या के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।
हमने रविवार को मामला दर्ज कर लिया है और जांच आगे बढ़ रही है। एसीपी हिरे ने बताया, आरोपी को आज रिमांड के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।

निगम ने 27 जनवरी को हिंजवडी के लक्ष्मीनगर इलाके में एक होटल का कमरा बुक किया था, जहां वंदना द्विवेदी उससे मिलने गई थी।
प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि महिला के काम के लिए पुणे चले जाने के बाद, दोनों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे, इसके कारण शनिवार देर रात होटल के कमरे में विवाद और मारपीट हुई होगी।

पुलिस के अनुसार, गुस्से में आकर निगम ने अपनी पिस्तौल निकाली और उस पर गोलियां चलाईं, और वहां से भाग गया।

होटल के कर्मचारियों ने रविवार को महिला के खून से लथपथ शरीर को गोलियों के निशान के साथ देखा और पुलिस को सूचित किया, जिसने तुरंत जांच शुरू की और निगम को पकडऩे के लिए तलाशी अभियान चलाया।

रविवार सुबह मुंबई जाते समय उसे रोका गया, उसके पास से हत्या का हथियार भी बरामद किया गया और देर रात उसे पिंपरी चिंचवड़ पुलिस को सौंप दिया गया।

निगम ने हत्या की बात कबूल कर ली है और उसे सोमवार को रिमांड के लिए पुणे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

होटल के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने गोलियां चलने की आवाज नहीं सुनी, क्योंकि 27 जनवरी को नवी मुंबई में मराठा आरक्षण आंदोलन खत्म होने के बाद आसपास के क्षेत्र में जश्न मनाया जा रहा था।

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देश में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले सिमी पर बढ़ाया गया पांच साल का प्रतिबंध

*गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश*

नईदिल्ली,29 जनवरी (एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर पांच साल के लिए प्रतिबंध को बढ़ा दिया है. गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट के जरिए इस बैन को बढ़ाए जाने के आदेश की जानकारी साझा की.

गृह मंत्रालय ने पोस्ट में लिखा कि आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीरो टॉलरेंस के दृष्टिकोण के तहत स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया को यूएपीए के तहत अगले पांच सालों के लिए गैरकानूनी संगठन घोषित किया गया है.

केंद्र सरकार की ओर से कहा गया है कि सिमी को भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता को खतरे में डालने के लिए, आतंकवाद को बढ़ावा देने, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाडऩे में शामिल पाया गया है.

बीते साल केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया पर लगे प्रतिबंध को सही ठहराया था. केंद्र सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा था कि सिमी भारतीय राष्ट्रवाद के खिलाफ है.

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कोई भी संगठन जिसका उद्देश्य भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना है, उसे अस्तित्व में रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. केंद्र ने अपने हलफनामे में आरोप लगाया कि सिमी के उद्देश्य देश के कानूनों के विपरीत हैं, क्योंकि संगठन का उद्देश्य इस्लाम के प्रचार में छात्रों और युवाओं को जुटाना और जिहाद के लिए समर्थन प्राप्त करना है.

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा गया कि कई सालों तक प्रतिबंधित रहने के बावजूद सिमी ने विभिन्न संगठनों के माध्यम से अवैध गतिविधियों में लिप्त रहना जारी रखा है, इसलिए उसके खिलाफ नया प्रतिबंध लगाया गया. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया था कि वह सिमी पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करे.

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सामाजिक व आर्थिक न्याय के बिना देश का विकास नहीं हो सकता: राहुल

पटना,29 जनवरी (एजेंसी)। बिहार में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के पहले दिन राहुल गांधी ने कहा कि देश तभी विकसित होगा, जब लोगों को सामाजिक और वित्तीय न्याय मिलेगा।

बिहार के किशनगंज जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा, मैं भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए यहां बिहार आया हूं। जब मैंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा शुरू की और 4000 किमी की यात्रा की, तो कई लोगों ने कहा कि हमारी यात्रा उस भूमि पर नहीं गई, जो सामाजिक न्याय के लिए जानी जाती है।

उन्होंने मुझसे पूर्वोत्तर क्षेत्र से महाराष्ट्र तक एक और यात्रा करने के लिए कहा और मैंने स्वीकार कर लिया और भारत जोड़ो यात्रा में न्याय जोड़कर मणिपुर से महाराष्ट्र तक यात्रा शुरू करने का फैसला किया।

मैं मणिपुर से आया हूं और बीजेपी की विचारधारा को करीब से देखा हूं। मैं मणिपुर के लोगों से बातचीत करता हूं। वह राज्य सात महीने से बीजेपी और आरएसएस की विभाजनकारी विचारधारा के कारण जल रहा है। उन्होंने मणिपुर में लोगों को दो समुदायों में बांट दिया है। हालात ऐसे हैं कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के दुश्मन बने हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि देश के प्रधानमंत्री पिछले सात महीनों से वहां नहीं गए हैं।

दो भाइयों के बीच झगड़ा कराना बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा है. वे नफरत की राजनीति में विश्वास करते हैं और इसलिए हमने मोहब्बत की दुकान के बारे में बात की है। गांधी ने कहा, नफरत को नफरत से ख़त्म नहीं किया जा सकता यह केवल प्यार से ही खत्म होता है और मैंने मोहब्बत की दुकान के बारे में बात की है।

गांधी ने कहा,अब हम बिहार आए हैं जो सामाजिक न्याय की भूमि है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि देश तभी विकसित होगा, जब प्रत्येक देशवासी को सामाजिक और वित्तीय न्याय मिलेगा। इसलिए, मैं देश में लोगों के सामाजिक और वित्तीय न्याय की बात कर रहा हूं। जब भी सामाजिक न्याय की चर्चा शुरू होती है, तो लोग बिहार की ओर देखते हैं, इसलिए यह बिहार के लोगों की जिम्मेदारी है कि वे सामाजिक न्याय के बारे में जागरूकता पैदा करें और इसके लिए लड़ें।

गांधी ने कहा,वर्तमान में, नरेंद्र मोदी ने देश के दो-तीन उद्योगपतियों को सारा पैसा दे दिया है। उन्होंने सभी हवाई अड्डों, बंदरगाहों, रेलवे, औद्योगिक इकाइयों और अन्य का अधिग्रहण कर लिया है। इनके लिए सभी बैंक, पीएमओ और अन्य सरकारी कार्यालय खुले हैं, लेकिन आम लोगों के लिए ये संस्थान बंद हैं। आम लोगों के लिए उनके पास नोटबंदी, जीएसटी, बैंक बंदी है। यह नरेंद्र मोदी सरकार की वास्तविकता है।

गांधी ने कहा,मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि देश में ओबीसी समुदाय 50 प्रतिशत है, लेकिन जब भागीदारी की बात आती है, तो उनके हाथ में कुछ भी नहीं है। इससे साबित किया जा सकता है कि केंद्र सरकार को 90 आईएएस अधिकारी चला रहे हैं. वे रक्षा, कृषि, सिंचाई, उद्योग, सड़क आदि में सभी बजट बनाते हैं और धन का वितरण करते हैं, और मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि केवल तीन आईएएस अधिकारी ओबीसी समुदाय से हैं और वे देश के कुल बजट का केवल 5 प्रतिशत वितरित करते हैं।

यह केंद्र सरकार की वास्तविकता है और देश में ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि लोगों को अपनी ताकत का पता नहीं है। यही वजह है कि देश में जाति आधारित जनगणना जरूरी है. एक बार लोगों को अपनी वास्तविक आबादी का पता चल जाए तो उन्हें सामाजिक और वित्तीय न्याय मिलने से कोई नहीं रोक सकता और देश भी प्रगति करेगा।

इससे पहले राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा सोमवार सुबह 10 बजे बिहार के किशनगंज जिले में प्रवेश कर गई।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमेटी की टीम ने सोनपुर-इस्लामपुर सीमा पर बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह को कमान सौंपी।

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15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों पर 27 फरवरी को होगी वोटिंग

*चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान*

नईदिल्ली,29 जनवरी (एजेंसी)। भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से सोमवार को बड़ा ऐलान किया गया है. दरअसल ये ऐलान राज्यसभा चुनाव की तारीख को लेकर किया गया है. बता दें कि इलेक्शन कमीशन ने 15 राज्यों की 56 राज्यसभा सीटों की वोटिंग डेट डिक्लिअर कर दी है. ईसी के मुताबिक इन 56 सीटों पर 27 फरवरी को मतदान होगा. बता दें कि वोटिंग सुबह 9 बजे से शुरू होगी जबकि शाम 4 बजे तक जारी रहेगी. वहीं नामांकन भरने की अंतिम तिथि 15 फरवरी है.

दरअसल चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 50 सदस्य 2 अप्रैल को रिटायर्ड हो रहे हैं. इसके अलावा 6 अन्य सदस्य 3 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे. इस तरह राज्यसभा की तीन सीट राजस्थान से पहले से खाली हैं. वहीं तीन सीट के सदस्यों का कार्यकाल 3 अप्रैल को खत्म होगा. वहीं यूपी की 10 और उत्तराखंड की 1 राज्यसभा सीट पर भी चुनाव होगा. इस तरह कुल 56 सीट पर चुनाव होने हैं.

यूपी की कुल 10 राज्यसभी सीटों में से भारतीय जनता पार्टी के पास 9 हैं, जबकि एक सीट जय बच्चन के रूप में समाजवादी पार्टी के पास भी है. बीजेपी के जिन राज्यसभा सदस्यों के कार्यकाल खत्म होने वाला है उनमें अनिल अग्रवाल, कांता कर्दम, अशोक वाजपेयी, सकदीप राजभर, जीवीएल नरसिम्हा राव, हरनाथ सिंह और विजयपाल तोमर प्रमुख रूप से शामिल हैं.

तेलंगाना की 3, उत्तर प्रदेश की 10, उत्तराखंड की 1, पश्चिम बंगाल की 5, ओडिशा 3, राजस्थान की 3, आंध्र प्रदेश की 3, बिहार, 6, छत्तीसगढ़ की 1, गुजरात-4, हरियाणा- 1, हिमाचल प्रदेश 1, कर्नाटक-4, मध्य प्रदेश 5, महाराष्ट्र की 6 सीटें शामिल हैं.

राज्यसभा की 56 सीटों का चुनाव लोकसभा चुनाव से पहले  काफी अहम माना जा रहा है. यहां पर जीत का असर लोकसभा चुनाव पर भी देखने को मिलेगा. जाना जा रहा है . इन सीटों पर भी बीजेपी के कब्जे के ज्यादा चांस बने हुए हैं. ये तो तय है कि अगर बीजेपी यहां पर कब्जा जमाने में सफल होती है संसद के उच्च सदन में उसका रुतबा और भी बड़ा हो जाएगा.

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शिवराज का लोकसभा में आना है पक्का : आठवले

भोपाल ,28 जनवरी (एजेंसी)। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सियासी भविष्य को लेकर एक भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि शिवराज का लोकसभा में आना पक्का है।

मध्य प्रदेश के प्रवास पर आए केंद्रीय राज्यमंत्री आठवले ने संवाददाताओं से पार्टी कार्यालय में चर्चा करते हुए अपने ही अंदाज में कहा, शिवराज सिंह चौहान का लोकसभा में आना है पक्का और उनके दुश्मनों को लगेगा धक्का।

पूर्व मुख्यमंत्री चौहान कह चुके है कि वे दिल्ली नहीं जाएंगे, उनकी भूमिका पार्टी तय करेगी।

इसी बीच आठवले राज्य के प्रवास पर आए और कहा कि चौहान हमारे साथ आएंगे, दिल्ली में आएंगे और मंत्रिमंडल में आएंगे। अगर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे तो केबिनेट मंत्री बनेंगे। उनका आदर तो प्रधानमंत्री मोदी करेंगे।

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भारतीय जनता पार्टी व एनडीए के सकारात्मक सोच की वजह से आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर की परिकल्पना साकार हुई है और श्री रामलला भव्य राम मंदिर में विराजमान हुए हैं। आज लाखों लोग श्री रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं। पांच सौ साल पहले मुगलों ने मंदिर को ढहाकर विवादित मस्जिद का निर्माण कराया था और सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यहां विवादित ढांचे का निर्माण हुआ है।

मंदिर हिन्दू धर्म की आस्था का केन्द्र था और यहां भव्य राम मंदिर बनना चाहिए था, लेकिन पांच सौ साल बाद यह सपना फिर साकार हुआ है। कांग्रेस ने हमेशा राम मंदिर निर्माण में बाधा डालने का काम किया। यहां तक कि श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का न्यौता ही ठुकरा दिया, यह इनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर तंज करते हुए आठवले ने कहा, आज राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे हैं, उन्हें मेरी सलाह है कि वे कांग्रेस पार्टी जोड़ो यात्रा निकालें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास कार्यों के आगे आज कांग्रेस पार्टी जीरो बन गई है और अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। इंडी गठबंधन से एक-एक पार्टी साथ छोड़ रही हैं। यदि कांग्रेस अभी भी नहीं सुधरी तो कांग्रेस का हाल बहुत बुरा होने वाला है।

केन्द्रीय मंत्री आठवले ने कहा कि बिहार में इंडी गठबंधन को बहुत बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है और एनडीए गठबंधन में शामिल हो गए हैं। 2024 में भी नरेन्द्र मोदी पुन: प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है, मैं कांग्रेस को बताना चाहता हूं, संविधान बदलना बहुत मुश्किल है, प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन को संविधान सदन नाम दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने भारत के जीवंत लोकतंत्र को मजबूत किया : पीएम मोदी

नई दिल्ली ,28 जनवरी (एजेंसी)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट सभागार में शीर्ष अदालत के डायमंड जुबली (हीरक जयंती) समारोह को संबोधित किया। पीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट (एससी) ने भारत के जीवंत लोकतंत्र को मजबूत किया है।

पीएम ने कहा, चाहे वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हो, व्यक्तिगत स्वतंत्रता हो या सामाजिक न्याय, सुप्रीम कोर्ट ने भारत के जीवंत लोकतंत्र को मजबूत किया है।

पीएम ने इस अवसर पर नागरिक-केंद्रित सूचना और प्रौद्योगिकी पहल की भी शुरुआत की, जिसमें डिजिटल सुप्रीम कोर्ट रिपोर्ट (डिजी एससीआर), डिजिटल कोर्ट 2.0 और सुप्रीम कोर्ट की एक नई वेबसाइट शामिल है।

पीएम ने कहा कि व्यक्तिगत अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मील के पत्थर के फैसलों ने देश के सामाजिक-राजनीतिक माहौल को नई दिशा दी है।

भारतीय संविधान के निर्माताओं ने स्वतंत्रता, समानता और न्याय पर आधारित स्वतंत्र भारत का सपना देखा था। सुप्रीम कोर्ट ने इन सिद्धांतों को संरक्षित करने के लिए लगातार प्रयास किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज की आर्थिक नीतियां कल के जीवंत भारत का आधार बनेंगी। आज जो कानून बनाए जा रहे हैं, वे भारत के उज्ज्वल भविष्य को मजबूत करेंगे। 2014 के बाद अदालतों के भौतिक बुनियादी ढांचे में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता के तहत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।

पीएम ने वर्तमान सुप्रीम कोर्ट के भवन की समस्याओं को स्वीकार करते हुए कहा कि परिसर के विस्तार के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की डिजिटल पहल पर पीएम मोदी ने फैसलों के डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्धता, कोर्ट के फैसले को स्थानीय भाषा में अनुवाद करने की परियोजना की शुरुआत पर खुशी जताई।

इसके अलावा पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उनके संबोधन का वास्तविक समय में अंग्रेजी में अनुवाद किया जा रहा है, और इसे भाषिनी ऐप के माध्यम से भी सुना जा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए एआई तकनीक को अदालतों में लागू किया जा सकता है। लोगों की बेहतर समझ के लिए सरल भाषा में कानूनों का मसौदा तैयार करने के अपने सुझावों को याद करते हुए उन्होंने अदालती फैसलों और आदेशों का मसौदा तैयार करने के लिए एक समान दृष्टिकोण का सुझाव दिया।

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पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को दी बधाई, कहा- यह टीम पूरे समर्पण भाव से लोगों की सेवा करेगी

नई दिल्ली ,28 जनवरी (एजेंसी)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले नीतीश कुमार और राज्य के उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा को बधाई देते हुए कहा है कि उन्हें विश्वास है कि यह टीम पूरे समर्पण भाव से राज्य के लोगों की सेवा करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में बनी एनडीए सरकार राज्य के विकास और यहां के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।

बिहार में नई सरकार के शपथ ग्रहण करने पर बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, बिहार में बनी एनडीए सरकार राज्य के विकास और यहां के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर मेरी बहुत-बहुत बधाई।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, मुझे विश्वास है कि यह टीम पूरे समर्पण भाव से राज्य के मेरे परिवारजनों की सेवा करेगी।

इससे पहले बिहार में नीतीश कुमार ने रविवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश ने बतौर मुख्यमंत्री नौवीं बार शपथ ली है। इसके अलावा भाजपा कोटे से प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा तथा जदयू कोटे से श्रवण कुमार सहित आठ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।

राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नीतीश सहित सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नीतीश के मुख्यमंत्री के शपथ लेते ही एनडीए की सरकार बिहार में एक बार फिर सत्तारूढ़ हो गई।

नीतीश के शपथ लेते ही जय श्री राम के नारों से राजभवन गूंज गया। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा भी मौजूद थे।

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ये तो शुरुआत है, खेल अभी बाकी है : तेजस्वी

पटना ,28 जनवरी (एजेंसी)। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद महागठबंधन सरकार खत्म होने के बाद पहली बार मुंह खोलते हुए रविवार को कहा कि अभी तो शुरुआत हुई है, खेल अभी बाकी है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जनता उनके साथ है, इस मुद्दे को लेकर भी वह जनता के बीच जाएंगे।

तेजस्वी ने साफ शब्दों में कहा, जब काम किया है तो क्रेडिट क्यों न लें ? हमारे 79 विधायक हैं और सरकार में हमारे अधिक मंत्री थे। आज देखने वाली बात है, 17 साल बनाम 17 महीने। जो काम बिहार में 17 साल में नहीं हुए, वह हमलोगों ने 17 महीने में करके दिखाया। हमने थके हुए मुख्यमंत्री से काम करवाके दिखाया।

उन्होंने आगे कहा, प्रदेश में पर्यटन नीति आई, आईटी को नई पॉलिसी लाई गई, मेडल लाने वाले खिलाडिय़ों को नौकरी दी गई, यह सब हमारे मंत्रियों ने किया। नौकरी देने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। मुझे कोई नाराजगी नहीं है। हमलेगो ने गठबंधन धर्म का पालन किया। जनता हमारे साथ है और इन सभी बातों को लेकर मैं जनता के बीच जाऊंगा।

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बिहार में बनी NDA की सरकार, नीतीश ने ली 9वीं बार CM पद की शपथ; सम्राट और विजय बने डिप्टी सीएम

पटना 28 Jan, (एजेंसी): बिहार में नीतीश कुमार ने रविवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश ने बतौर मुख्यमंत्री नौवीं बार शपथ ली है। राजभवन के राजेंद्र मंडप में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नीतीश को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ बीजेपी के दो डिप्टी सीएम ने भी शपथ ली है। इसमें सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा शामिल हैं।

सम्राट चौधरी बीजेपी के अभी बिहार अध्यक्ष हैं। नीतीश के महागठबंधन में जाने के बाद बीजेपी ने उन्हें प्रदेश की कमान सौंपी थी। पिछले एक साल में वे लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ मुखर होकर राजनीति कर रहे थे। अब उन्हें नीतीश के नेतृत्व वाली सरकार में डिप्टी बनाया गया है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष और पूर्व में स्पीकर रह चुके विजय सिन्हा को भी डिप्टी सीएम बनाया गया है। वह भी नीतीश के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक मुखर रहे थे। अब वे मुख्यमंत्री के साथ मिलकर काम करेंगे।

नीतीश के मुख्यमंत्री के शपथ लेते ही एनडीए की सरकार बिहार में एक बार फिर सत्तारूढ़ हो गई। नीतीश के शपथ लेते ही जय श्री राम के नारों से राजभवन गूंज गया। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उपस्थित रहे। इससे पहले नीतीश कुमार ने रविवार को राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद महागठबंधन की सरकार भंग हो गई थी। इसके बाद नीतीश ने फिर राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए भाजपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा।

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जैसे-जैसे लोकसभा-विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बढ़ती जा रही है वाईएसआर भाई-बहन की प्रतिद्वंद्विता

अमरावती 28 Jan, (एजेंसी): आंध्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में वाई.एस. शर्मिला की नियुक्ति और उनके भाई और मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के साथ उनके वाकयुद्ध ने आंध्र प्रदेश की राजनीति को चुनाव से पहले अप्रत्याशित और दिलचस्प मोड़ दे दिया है।

शर्मिला के आंध्रप्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) के अध्यक्ष बनने के बाद से वाईएसआर भाई-बहनों के बीच प्रतिद्वंद्विता पूरे जोरों पर है और जैसे-जैसे राज्य विधानसभा और लोकसभा के चुनाव करीब आ रहे हैं, यह और तीव्र होती जा रही है।

पहले दिन से, शर्मिला ने अपने भाई के नेतृत्व वाली युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार पर निशाना साधने में कोई शब्द नहीं छोड़ा। उनके हमले राज्य के लिए विशेष श्रेणी का दर्जा हासिल करने में विफलता, “राज्य की पूंजी के विकास में कमी और बढ़ते कर्ज” जैसे मुद्दों तक ही सीमित थे।

हालांकि, जगन मोहन रेड्डी का यह आरोप कि कांग्रेस पार्टी उनके परिवार को उसी तरह विभाजित करने की कोशिश कर रही है, जैसे उसने आंध्र प्रदेश को विभाजित किया था, इससे व्यक्तिगत स्तर पर वाकयुद्ध शुरू हो गया।

शर्मिला ने अपने भाई पर पलटवार करते हुए उन्हें परिवार में फूट के लिए जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वह एक बदले हुए व्यक्ति हैं। उन्होंने यहां तक टिप्पणी की कि जगन अपने पिता दिवंगत वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के राजनीतिक उत्तराधिकारी होने का दावा नहीं कर सकते।

21 जनवरी को एपीसीसी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ पहला हमला बोलते हुए उनसे पूछा कि क्या उन्होंने कभी राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी है।

उन्होंने राज्य को विशेष श्रेणी का दर्जा नहीं मिलने के लिए जगन मोहन रेड्डी और पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू दोनों को दोषी ठहराया और उन पर राज्य के हितों को गिरवी रखने का आरोप लगाया।

शर्मिला ने यह भी कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की राजधानी के रूप में अमरावती का पूरा विकास नहीं किया, जबकि जगन ने तीन राजधानियों का वादा किया था, लेकिन एक भी राजधानी बनाने में विफल रहे।

जगन मोहन रेड्डी पर अपने पहले सीधे हमले में उन्होंने कहा, “सड़कें बनाने के लिए भी धन नहीं है। सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। कोई विकास नहीं है। हर जगह खनन और रेत माफिया द्वारा लूट है।” .

जब जगन मोहन रेड्डी ने शर्मिला के कांग्रेस में प्रवेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके परिवार को विभाजित करने की कोशिश कर रही है, तो उन्होंने जवाबी हमला करते हुए परिवार में विभाजन के लिए उन्हें दोषी ठहराया।

शर्मिला, जो वाईएसआरसीपी के सत्ता में आने के बाद उनके बीच मतभेद पैदा होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए थीं, ने कहा कि यह जगन ही थे जिन्होंने परिवार को विभाजित किया और भगवान, उनकी मां विजयम्मा व पूरा परिवार इसके गवाह हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जगन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए यात्राएं कीं, लेकिन एक बार जब वह मुख्यमंत्री बन गए, तो उन्होंने बिल्कुल अलग व्यवहार करना शुरू कर दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जगन उनके पिता वाईएसआर की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए काम नहीं कर रहे हैं।

शर्मिला ने याद किया कि उन्होंने वाईएसआरसीपी के लिए 3,200 किलोमीटर की पदयात्रा की थी। “मैंने समैक्यंध्र (संयुक्त आंध्र) के लिए पदयात्रा भी की। मैंने तेज धूप और बारिश का सामना करते हुए अपना घर और बच्चों को सड़कों पर छोड़ दिया। जब भी जरूरत पड़ी मैं जगन अन्ना की जीत के लिए काम करने के लिए उनके साथ खड़ी रही, लेकिन मुख्यमंत्री बनते ही वह बदल गए।”

जगन के सहयोगियों और समर्थकों ने उन पर तीखा हमला बोला। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कैंपेन भी चलाया गया। अनिल कुमार से शादी के बाद भी अपने नाम के साथ वाईएस का उपयोग करने के लिए उनकी आलोचना की गई।

उन्होंने जवाब दिया, “मैं वाई.एस. राजशेखर रेड्डी की बेटी हूं और इस तरह वाईएस शर्मिला बन गई।”

इस लड़ाई ने कांग्रेस पार्टी को अचानक राज्य की राजनीति के केंद्र में ला दिया है। पार्टी को 2014 से राज्‍य की राजनीति से हाशिए पर धकेल दिया गया था। आंध्र प्रदेश के विभाजन पर जनता के गुस्से के कारण उसे अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा था। सबसे पुरानी पार्टी को 2019 में लगातार दूसरे चुनाव में विधानसभा और लोकसभा दोनों में एक भी सीट नहीं मिली, जबकि उसका वोट शेयर दो प्रतिशत से भी कम हो गया।

2021 में वाईएसआर तेलंगाना पार्टी (वाईएसआरटीपी) बनाने के बाद शर्मिला से अपने भाई के साथ सीधे टकराव से बच रही थीं, उन्हें एहसास हुआ कि तेलंगाना में उनके लिए कोई राजनीतिक भविष्य नहीं है। वाईएसआरटीपी के विलय और कांग्रेस नेतृत्व द्वारा दी गई जिम्मेदारी को स्वीकार करने के उनके कदम ने चुनाव से कुछ महीने पहले आंध्र प्रदेश की राजनीति की गतिशीलता को बदल दिया है।

उनके प्रवेश ने जाहिर तौर पर कांग्रेस पार्टी को उसके पिछले गढ़ में नई जान दे दी है। जिलों में उनके दैनिक दौरे और पार्टी बैठकों में भाग लेने से पार्टी को अचानक कुछ दृश्यता मिली है, जो राजनीतिक परिदृश्य से लगभग गायब हो गई थी।

कुछ हफ्ते पहले तक ऐसा लग रहा था कि राज्य में वाईएसआरसीपी और टीडीपी-जनसेना गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई होगी, लेकिन शर्मिला के आने से यह त्रिकोणीय मुकाबले में बदल सकता है।

जैसा कि जगन मोहन रेड्डी कुछ मौजूदा विधायकों और सांसदों को हटा रहे हैं और कुछ अन्य के निर्वाचन क्षेत्रों को भी बदल रहे हैं, असंतुष्ट कांग्रेस की ओर देख सकते हैं। वाईएसआरसीपी के अधिकांश नेता पहले कांग्रेस में थे और 2009 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपने पिता और संयुक्त आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएसआर की मृत्यु के बाद जगन मोहन रेड्डी ने कांग्रेस के खिलाफ विद्रोह करके वाईएसआरसीपी का गठन किया था, इसके बाद उन्होंने दलबदल कर लिया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि शर्मिला ने तीनों खिलाड़ियों को भाजपा का “गुलाम” करार देकर राज्य की राजनीति में एक नई कहानी गढ़ दी।

उन्होंने अपने दिवंगत पिता वाईएसआर के आदर्शों से भटकने के लिए जगन मोहन रेड्डी की आलोचना की, जिन्होंने जीवन भर भाजपा से लड़ाई की।

शर्मिला ने कहा, “वाईएसआरसीपी भाजपा की गुलाम बन गई है। एक ऐसी पार्टी जिसके पास आंध्र प्रदेश में एक भी विधायक या सांसद नहीं है, वह राज्य पर शासन कर रही है।”

विश्लेषकों का कहना है कि शर्मिला ने राज्य में राजनीतिक विमर्श में एक नया तत्व लाया है क्योंकि वाईएसआरसीपी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) दोनों को भाजपा की मित्रवत पार्टियों के रूप में देखा जाता है, जबकि अभिनेता पवन कल्याण की जन सेना भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का घटक है।

वाईएसआरसीपी ने संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करने में भाजपा को समर्थन दिया और देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों का भी समर्थन किया।

हालांकि, टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने अपनी राजनीतिक मजबूरियों के कारण वाईएसआरसीपी और भाजपा के बीच संबंधों पर चुप्पी बनाए रखी थी। चूंकि वह भाजपा के साथ गठबंधन को पुनर्जीवित करने के लिए भी उत्सुक हैं, इसलिए वह अपनी टिप्पणियों से खुद के लिए माहौल खराब नहीं करना चाहते हैं।

नायडू से हाथ मिलाने वाले पवन कल्याण भी बीजेपी को अपने साथ लाने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं।

कुछ लोग जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधने के लिए शर्मिला की एंट्री के पीछे चंद्रबाबू नायडू को देखते हैं। वाईएसआरसीपी महासचिव सज्जला रामकृष्ण रेड्डी, जो सरकारी सलाहकार भी हैं, ने आरोप लगाया कि शर्मिला का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना चंद्रबाबू नायडू की साजिश है।

हालांकि, शर्मिला ने इस बात से इनकार किया है कि वह जगन मोहन रेड्डी के प्रतिद्वंद्वियों का “तीर” हैं। उन्होंने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश के लोगों की खातिर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई। वाईएसआरसीपी और टीडीपी दोनों ने उन्हें निराश किया है।”

वह वाईएसआर के सपने को पूरा करने के लिए काम करने का भी दावा करती हैं, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते थे। उन्होंने बताया कि जहां वाईएसआर जीवन भर कांग्रेस पार्टी के साथ रहे, वहीं जगन ने अपने आदर्शों से भटककर भाजपा से हाथ मिला लिया।

चुनाव होने में बमुश्किल कुछ महीने बचे हैं, वाईएसआर की राजनीतिक विरासत के लिए भाई-बहनों के बीच लड़ाई तीव्र और कड़वी होने की संभावना है।

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चार लोगों ने शख्स पर चाकू से किया हमला, गोली मारी

नई दिल्ली 28 Jan, (एजेंसी)-दिल्ली में एक व्यक्ति पर उन चार लोगों ने चाकू से हमला किया और फिर गोली मार दी, जिसके साथ वे शराब पी रहे थे। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली इलाके में हुई यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घायल व्यक्ति की पहचान शास्त्री पार्क इलाके के रहने वाले समीर अहमद के रूप में हुई है। पुलिस को दिए बयान में उसने बिलाल, सऊद, फिरोज और सलीम पर हमला करने का आरोप लगाया। जब अपराधियों ने पीड़ित का पीछा किया तो आसपास खड़े लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। बीच-बचाव करने आए लोगों में से एक को थप्पड़ मारा गया, उसके बाद वे अहमद पर चाकू से हमला करने के लिए आगे बढ़े। एक किराने की दुकान के सामने अहमद के गिरने के बाद दुकानदार दुकान बंद करने लगा। इसके तुरंत बाद हमलावरों में से एक स्कूटी पर तेजी से भाग गया, जबकि बाकी पैदल ही पीछा करते रहे, जिससे अहमद जमीन पर गिर गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना रात करीब साढ़े आठ बजे बुलंद मस्जिद के पास हुई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमें शास्त्री पार्क पुलिस स्टेशन में गोलीबारी की घटना के बारे में एक कॉल मिली, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। अहमद घायल पाया गया। उसे जेपीसी अस्पताल ले जाया गया, वहां से जीटीबी अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल रेफर कर दिया गया।”

अधिकारी ने कहा, “अहमद ने पुलिस को बताया कि बिलाल, सऊद, फिरोज और सलीम ने उस पर चाकू से हमला किया, जिसके बाद बिलाल ने गोली मारकर घायल कर दिया। उन्होंने घटनास्थल से भागने से पहले कई वार किए। फरार चार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।

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बिहार भाजपा विधायक दल के नेता बने सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा चुने गए उप नेता

पटना 28 Jan, (एजेंसी): बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की रविवार को हुई बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे विजय कुमार सिन्हा को उप नेता चुन लिया गया।

बैठक में उपस्थित प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने बैठक के बाद इसकी घोषणा की। तावड़े ने कहा कि भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उप नेता के रूप में चुन लिया गया है। सम्राट चौधरी और सिन्हा ने इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद और आभार जताया।

दोनों नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि जिस तरह डेढ़ वर्षों से बिहार जंगल राज की ओर बढ़ रहा था, उसे रोकना जरूरी था। चौधरी ने कहा कि जदयू ने अपने नेता संजय झा को समर्थन का प्रस्ताव लेकर भेजा था और भाजपा ने उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। यहां से हमलोग सीएम आवास जायेंगे और समर्थन देंगे।

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पीएम मोदी की देशवासियों से मन की बात…बोले-अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा ने करोड़ों लोगों को एक सूत्र में बांध दिया

नई दिल्ली 28 Jan, (एजेंसी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात कार्यक्रम में संबोधित कर रहे हैं। संबोधन के दाैरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे संविधान की मूल प्रति के तीसरे अध्याय में भारत के नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का वर्णन किया गया है। ये बहुत दिलचस्प है कि तीसरे अध्याय के प्रारंभ में हमारे संविधान निर्माताओं ने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के चित्रों को स्थान दिया था।

प्रभु राम का शासन, हमारे संविधान निर्माताओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत था और इसलिए 22 जनवरी को अयोध्या में मैंने देव से देश की बात की थी, राम से राष्ट्र की बात की थी। साथियो, अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर ने देश के करोड़ों लोगों को मानो एक सूत्र में बांध दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि 22 जनवरी की शाम को पूरे देश ने रामज्योति जलाई, दिवाली मनाई, मैंने देश के लोगों से आग्रह किया था कि मकर संक्रांति से 22 जनवरी तक स्वच्छता का अभियान चलाया जाए।

मुझे अच्छा लगा कि लोग इससे जुड़े. लोगों ने मुझे फोटोज भी भेजीं. उन्होंने कहा कि मंदिरों को साफ करने की भावना रुकनी नहीं चाहिए, ये अभियान रुकना नहीं चाहिए। सामूहिकता की यही शक्ति, हमारे देश को सफलता की नई ऊंचाई पर पहुंचाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा पर चर्चा के लिए इस बार दो करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है।

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नीतीश कुमार ने राज्यपाल को साैंपा इस्तीफा, BJP के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश

पटना 28 Jan, (एजेंसी)-जिसके कयास लगाए जा रहे थे वो बात आज पूरी हो गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा साैंप दिया है। उन्होंने राज्यपाल को भाजपा का समर्थन पत्र देकर सरकार बनाने की बात कही।  नीतीश कुमार ने कहा कि महागठबंधन के साथ रहना अब मुश्किल हो गया था। वहीं पीएम मोदी ने भी नीतीश कुमार को फोन करके बधाई दी है।

इससे पहले सीएम हाउस में नीतीश की पार्टी सांसदों और विधायकों के साथ मीटिंग हुई थी। यहां नीतीश ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया। आज शाम को ही शपथ ग्रहण हो सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार को लेकर कहा है कि जा रहे हैं जाने दो, हम मिलकर लड़ते रहेंगे, हमको पहले ही इत्तला मिल गई थी, तेजस्वी से बात की थी। उन्होंने बताया था कि ये हाथ से चले जाएंगे। जो जाना चाहता है वो तो जाएगा ही, ये पहले से ही मालूम था।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश समेत 6 से आठ मंत्री शपथ ले सकते हैं। बीजेपी और हम पार्टी शामिल होगी।

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जयपुर पहुंचे फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, PM मोदी के साथ किया भव्य रोड शो

जयपुर 27 Jan, (एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शाम को राजस्थान की राजधानी जयपुर शहर के परकोटे में रोड शो किया। मोदी एवं मैक्रों ने ऐतिहासिक जंतर मंतर के सामने से खुली जीप में सवार होकर जयपुर शहर के त्रिपोलिया बाजार गेट से निकलकर रोड़ शो शुरु किया और बड़ी चौपड़ पर हवामहल के सामने चाय पी और हवामहल को निहारा। इस दौरान मैक्रो ने कुछ खरीददारी भी की।

रोड शो वाले मार्ग पर जगह जगह मोदी एवं मैक्रों के पोस्टर लगाये गये है और चारों तरफ सजावट भी की गई हैं। रोड़ शो के मार्ग के दोनों और बड़ी संख्या में लोग दोनों बड़े नेताओं के स्वागत के लिए खड़े थे और उनमें जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा था। इस दौरान ढोल नगाड़ों की आवाज के साथ लोगों ने हाथ हिलाकर एवं मोदी मोदी के नारे लगाकर दोनों नेताओं का जोरदार स्वागत किया। इस पर मोदी एवं मैक्रों ने हाथ हिलाकर एवं हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

इसके बाद रोड़ शो सांगानेरी गेट पर समाप्त हो गया। इस दौरान दोनों नेता सांगानेरी गेट पर कुछ क्षण रुककर वहां मौजूद लोगों की भारी भीड़ को हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के लिए रवाना हो गए।

इसके बाद दोनों नेता होटल राम बाग पहुंचे जहां दोनों के बीच द्विपक्षी बातचीत होगी। इसके बाद स्वर्ण महल में डीनर होगा जिसमें राजस्थानी व्यंजन परोसे जायेंगे। डीनर में राजस्थानी दाल बाटी चूरमा, केर सांगरी की सब्जी आदि पारंपरिक व्यंजन शामिल बताये जा रहे है। इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

इससे पहले मोदी ने मैक्रों का ऐतिहासिक स्थल जंतर मंतर पर स्वागत किया। इस दौरान मोदी ने उनसे हाथ मिलाया और दोनों गले मिले। इसके बाद प्राचीन खगोलीय वेधशाला जंतर मंतर का भ्रमण किया और उन्हें इसके बारे में बताया गया। इससे पूर्व मैक्रों ने आमेर महल का भ्रमण किया और उन्होंने महल का अवलोकन किया। मैक्रों आमेर किले का भ्रमण एवं जंतर मंतर को देखकर अभिभूत हो गए।

मैक्रों अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा के तहत गुरुवार अपराह्न करीब ढाई बजे जयपुर पहुंचे जबकि मोदी अपनी एक दिवसीय जयपुर यात्रा पर करीब सवा चार बजे जयपुर पहुंचे थे।

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महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन खत्म, शिंदे सरकार ने मान लीं मांगें

मुंबई 27 Jan, (एजेंसी): महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय की सभी मांगें मान ली हैं, जिसके बाद शनिवार तड़के उनका आंदोलन समाप्त हो गया। शिव संगठन नेता मनोज जारांगे-पाटिल और सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने आधी रात के आसपास विस्तृत चर्चा की जो सफल रही। बाद में, सरकार ने एक आधिकारिक अधिसूचना (सरकारी संकल्प) जारी की, जिसकी एक प्रति सुबह करीब 5 बजे जारांगे-पाटिल को सौंपी गई। इसके बाद उन्होंने अपनी टीम से परामर्श किया और आंदोलन ख़त्म करने का फैसला किया।

रात भर चले ऑपरेशन में शामिल लोगों में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा और दीपक केसरकर, सामाजिक न्याय विभाग के सचिव सुमंत भांगे, औरंगाबाद के डिविजनल कमिश्नर मधुकर अरंगल और सीएम के निजी सचिव डॉ अमोल शिंदे जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल थे। नवी मुंबई में एकत्र हुए लाखों मराठा 6 महीने लंबे अभियान की सफलता पर ढोल बजाते, नाचते और गाते हुए सुबह जश्न मनाने लगे। मराठा नेताओं ने घोषणा की है कि वे योजना के मुताबिक मुंबई में प्रवेश नहीं करेंगे और आज एक विजय रैली के बाद राज्य भर से यहां आए लाखों लोग घर लौटना शुरू कर देंगे।

आपको बता दें कि मुंबई में मराठा आरक्षण को लेकर काफी समय से तनाव चल रहा है। विरोध प्रदर्शन करने से पहले मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर 24 दिसंबर तक कोई फैसला कर ले। जरांगे ने कहा था कि तमाम विवाद और आंदोलनों के बाद भी मराठा समाज के पिछड़ेपन के मुद्दे पर सरकार ने सर्वे का काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ये सर्वे पूरे प्रदेश में होना है। 22 दिसंबर को महाराष्ट्र ओबीसी आयोग की बैठक होने वाली थी। इसी बैठक को देखते हुए मनोज जरांगे ने सरकार को अल्टीमेटम दिया था, और ओबीसी कोटे के अंदर मराठा आरक्षण की मांग की थी।

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एकल न्यायाधीश बनाम खंडपीठ: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की कार्यवाही पर लगाई रोक, बंगाल सरकार को नोटिस जारी

नई दिल्ली 27 Jan, (एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की पीठ ने शनिवार को हुई एक विशेष बैठक में स्वत: संज्ञान लेते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित सभी कार्यवाहियों पर रोक लगा दी, जिसमें पश्चिम बंगाल में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में प्रवेश में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से जुड़े एक मामले में न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ द्वारा जारी किए गए सीबीआई जांच के निर्देश भी शामिल हैं।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़.की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, हम पश्चिम बंगाल राज्य और उच्च न्यायालय के समक्ष मूल याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर रहे हैं। हम सोमवार को फिर से कार्यवाही सूचीबद्ध करेंगे। इस बीच, हम उच्च न्यायालय के समक्ष आगे की सभी कार्यवाही पर रोक लगा देंगे और इस स्तर पर सीबीआई को संदर्भित करने के एकल-न्यायाधीश के निर्देशों के कार्यान्वयन पर रोक लगा देंगे। पीठ में शामिल न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई, सूर्यकांत और अनिरुद्ध बोस ने कहा कि शीर्ष अदालत सोमवार को फैसला करेगी कि मामले में आगे क्या कदम उठाने की जरूरत है।

उठने से पहले, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह अभी कार्यभार संभालेगी। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। शुक्रवार को देश की शीर्ष अदालत ने राज्य में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ और एकल न्यायाधीश पीठ के बीच उत्पन्न अभूतपूर्व मतभेदों का स्वत: संज्ञान लिया था।

गुरुवार को पारित एक आदेश में, न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय की एकल-न्यायाधीश पीठ ने उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा पारित एक फैसले को “अनदेखा” किया और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से मामले की “तुरंत” जांच शुरू करने को कहा था। बुधवार को एकल-न्यायाधीश पीठ द्वारा इस मामले में सीबीआई जांच के लिए दिए गए आदेश पर न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति उदय कुमार की खंडपीठ ने रोक लगा दी। न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने खंडपीठ के दो न्यायाधीशों में से एक पर “किसी राजनीतिक दल के लिए स्पष्ट रूप से कार्य करने” का भी आरोप लगाया।

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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू , यह युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है

नई दिल्ली 25 जनवरी (एजेंसी)। 26 जनवरी देश में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने की पूरी तैयारी है। मुख्य कार्यक्रम कर्तव्य पथ पर आयोजित होगा जहां झंडा फहराने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी। इससे पहले गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र को संबोधित कर रही हैं।

उन्होंने 75 वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ते हुए अमृत काल के प्रारंभिक दौर से गजुर रहा है। यह युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है। गणतंत्र दिवस, हमारे आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भी याद किया और कहा कि अपने योगदान से सार्वजनिक जीवन को समृद्ध बनाने के लिए, मैं कर्पूरी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ। बता दें कि केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे गणतंत्र की मूल भावना से एकजुट होकर 140 करोड़ से अधिक भारतवासी एक कुटुंब के रूप में रहते हैं। दुनिया के सबसे बड़े इस कुटुंब के लिए, सह-अस्तित्व की भावना, भूगोल द्वारा थोपा गया बोझ नहीं है, बल्कि सामूहिक उल्लास का सहज स्रोत है, जो हमारे गणतंत्र दिवस के उत्सव में अभिव्यक्त होता है।

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अयोध्या का राम मंदिर का भी जिक्र किया और कहा-हम सबने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित भव्य मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक समारोह देखा। भविष्य में जब इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाएगा तब इतिहासकार, भारत द्वारा अपनी सभ्यागत विरासत की निरंतर खोज में युगांतरकारी आयोजन के रूप में इसका विवेचन करेंगे।
त्र20 का सफल आयोजन अभूतपूर्व उपलब्धि

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में जी-20 शिखर सम्मेलन का भी जिक्र किया और कहा कि भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में त्र20 शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन एक अभूतपूर्व उपलब्धि थी। वहीं ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियमÓ के बारे में उन्होंने कहा कि यह महिला सशक्तीकरण का एक क्रांतिकारी माध्यम सिद्ध होगा।

देश को वैज्ञानिकों पर गर्व 

उन्होंने वैज्ञानिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया कहा कि हमें अपने वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों पर सदैव गर्व रहा है, लेकिन अब ये पहले से कहीं अधिक ऊंचे लक्ष्य तय कर रहे हैं और उनके अनुरूप परिणाम भी हासिल कर रहे हैं।

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हर रामभक्त को सुलभ कराएंगे रामलला के दर्शन : योगी

लखनऊ ,24 जनवरी (एजेंसी)। श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद श्रद्धालुओं के लगातार उमड़ते जनसैलाब को आश्वस्त करते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि हर श्रद्धालु के सहज, सुगम व संतोषपूर्ण दर्शन के लिए सभी जरुरी इंतजाम किये गये है। अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों व स्थानीय प्रशासन के साथ मंगलवार देर शाम परिस्थितियों का जायजा लेने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होने अफसरों से कहा कि अयोध्याधाम में आस्था का जनसमुद्र देखा जा सकता है। पूरे देश से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। हर कोई अपने आराध्य प्रभु के दर्शन का पुण्य लाभ चाहता है। भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन स्वाभाविक है। ऐसी परिस्थितियों में हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा व सुगम दर्शन की व्यवस्था करना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होने कहा कि स्थानीय प्रशासन और मंदिर न्यास के बेहतर समन्वय के साथ क्राउड मैनेजमेंट किया जाना चाहिए।

राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ और जन्मभूमि पथ पर, जहां भी दर्शनार्थी हों, कतारबद्ध खड़े हों। भीड़ न लगे। कतार चलायमान रहे। बुजुर्गों/बच्चों/महिलाओं का विशेष ध्यान दें।दर्शनार्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रमुख पथों पर लो-ट्यून में राम भजन बजने चाहिए। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का व्यवहार मर्यादित होना चाहिए।

योगी ने कहा कि कतारबद्ध श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पर पेयजल की व्यवस्था कराएं। दिव्यांग अथवा अति बुजुर्ग श्रद्धालु के लिए आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर के प्रबंध भी होने चाहिए। ठंड बहुत है, ऐसे में अलाव की व्यवस्था कराएं। भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर पर जूट मैटिंग कराएं। प्लास्टिक की कुर्सियां लगाएं ताकि बुजुर्ग एवं वृद्धजन आवश्यकतानुसार विश्राम कर सकें। सभी घाटों सहित पूरे नगर में साफ-सफाई-स्वच्छ्ता लगातार होती रहे। मशीनीकृत सफाई हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियो को निर्देश् देते हुये कहा  जो श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके हों, उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन के पर्याप्त साधन उपलब्ध हों। परिवहन निगम की बसों की व्यवस्था हो। विभिन्न नगरों से अयोध्या आने के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन अभी स्थगित रखें। दर्शन के उपरांत जिस रूट के श्रद्धालु अधिक हों, उस ओर बसों को लगाकर श्रद्धालुओं को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था हो। ऐसे रूट चिन्हित कर आवश्यकतानुसार रेलवे से कोऑर्डिनेट करते हुए ट्रेनों के संचालन के प्रयास होने चाहिए। परिवहन मंत्री स्वयं इस व्यवस्था को सुनिश्चित कराएं।

उन्होने कहा कि मुख्य सचिव/डीजीपी/अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री/प्रमुख सचिव परिवहन और प्रमुख सचिव नगर विकास बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित कराएंगे। अयोध्या की सीमा से लगे जिलों के साथ अयोध्या प्रशासन तथा शासन स्तर के अधिकारी अंतरराज्यीय संवाद/सम्पर्क बनाये रखें। किस दिशा से कितने श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है, इसका आकलन करते हुए तदनुसार आवश्यक प्रबंध किए जाएं। योगी ने कहा कि 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व ‘गणतंत्र दिवस’ है।

उल्लासमय-उत्साहपूर्ण वातावरण में कतिपय अराजक तत्व माहौल को खराब करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी गीत-संगीत/नारेबाजी अथवा किसी भी अन्य कृत्य से किसी की धार्मिक भावनाओं का अपमान अथवा तिरस्कार न हो। यदि कोई विद्वेष फैलाने वाले ऐसे प्रयास करता हुआ पाया जाए तो उनके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुरूप कठोरतम कार्रवाई हो।

उन्होने कहा कि अयोध्याधाम में अपने आराध्य प्रभु श्रीरामलला के दर्शन की आकांक्षा लिए पूरे देश से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से उत्पन्न अविस्मरणीय स्थिति के दृष्टिगत अति विशिष्ट/विशिष्ट/गणमान्य जन द्वारा अयोध्या आगमन का कार्यक्रम बनाने से एक सप्ताह पूर्व स्थानीय प्रशासन/श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अथवा राज्य सरकार को सूचित करना हितकर होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक होल्डिंग एरिया तैयार करें, जहां दर्शनार्थियों का बड़ा समूह एकत्रित हो सके।

यहां से श्रद्धालुओं को धीरे-धीरे दर्शन के लिए छोड़ा जाना उचित होगा। यहां पर उनके सामान/जूता/चप्पल/मोबाइल आदि सामान की सुरक्षा के प्रबंध होने चाहिए।

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उत्कृष्ट राम शोभायात्रा और दीपोत्सव से कैपिटल ग्रीन हुई राममय

नई दिल्ली , 24 जनवरी (एजेंसी)। मोती नगर स्थित,कैपिटल ग्रीन  में  भव्य शोभा यात्रा, निकाली गई और समापन दीपोत्सव से हुआ। पूरा देश उत्साहित रहा और मध्य दिल्ली स्थित कैपिटल ग्रीन्स ने अद्भुत और विशिष्ट राम  शोभायात्रा और अयोध्या से पूजित मंगलसूत बंधन कार्यक्रम और अद्भुत दीपोत्सव से पूरे वातावरण को असंख्य दीपों से ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया।

सर्वविदित है कि अयोध्या में श्री राम जी के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से उत्साहित पूरे देश में कार्यक्रम बड़े स्तर पर हो रहे हैं। दिल्ली के मध्य, मोती नगर स्थित कैपिटल ग्रीन 4500 प्रतिष्ठित परिवार है। आयोजक श्री राम पविवार ने मिलकर उत्कृष्ट रामोत्सव का आयोजन किया। इस उत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक परिधान से नित्य हुए और जिसमें प्रमुख थे पंजाबी, उत्तराखंड, राजस्थानी, तथा गुजराती तथा विशिष्ट रहा छोटे बच्चों द्वारा राम दरबार की झांकी और उनके द्वारा किया गए मनमोहक नृत्य।

सभी कार्यक्रमों ने वातावरणमें उत्कृष्ट छटा बिखेर  दी।राम दरबार की झांकी ने सबका मन मोह लिया । विशिष्ट रूप से इत्र वर्षा ने सबका ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम  का संचालन संयोजक शरद श्रीवास्तव जी, जय सिंह दलाल जी,अरुण कक्कड़ जी एवं राम परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने बढ़-चढ़ के हिस्सा लिया। इस शुभ अवसर पर प्रातः काल बेला में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या से श्री राम मंगलसूत को लाया गया, जिसे पूरे कैपिटल ग्रीन परिवार को एक सूत में बांधा गया। और हवन पूजन कर कई मंगल गीत गाए गए। इस अद्भुत कार्यक्रम में लगभग 2500 लोगों ने हिस्सा लिया।

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गाड़ी के अचानक ब्रेक लगने से ममता बनर्जी को लगी चोट

कोलकाता ,24 जनवरी (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बुधवार दोपहर उस समय माथे पर मामूली चोट लगी जब वह जिस कार से यात्रा कर रही थीं, उसके ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिया। यह घटना तब हुई जब ममता बनर्जी बर्दवान में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद कोलकाता लौट रही थीं।

घटनाक्रम से वाकिफ सूत्रों ने बताया कि जब ड्राइवर ने अचानक कार का ब्रेक लगाया तो मुख्यमंत्री का सिर ड्राइवर की सीट के पीछे से टकराया। हालांकि, चोट मामूली थी और मुख्यमंत्री उसी वाहन से कोलकाता लौट गईं।

बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री राज्य सरकार के हेलिकॉप्टर से बर्दवान पहुंची थे, हालांकि लौटते समय खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका।

इसलिए ममता बनर्जी ने अपने निजी वाहन से सड़क मार्ग से वापस कोलकाता जाने का फैसला किया।

पिछले साल जून में, उत्तर बंगाल के सालुगाड़ा में रक्षा बलों के एक एयरबेस पर खराब मौसम के कारण आपातकालीन लैंडिंग के दौरान अपने हेलिकॉप्टर से उतरने की कोशिश करते समय मुख्यमंत्री के पैर में चोट लग गई थी।

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अयोध्याधाम में दर्शनार्थियों की व्यवस्था की योगी ने की समीक्षा, कहा, कतारबद्ध कर सबको कराएं दर्शन

लखनऊ ,24 जनवरी (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्याधाम में रामलला के दर्शन की आकांक्षा लिए उमड़े आस्था के महासागर के बीच हर श्रद्धालु के सहज, सुगम व संतोषपूर्ण दर्शन के लिए सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों व स्थानीय प्रशासन के साथ परिस्थितियों का जायजा लेने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री ने शासन स्तर के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि अयोध्याधाम में आस्था का जनसमुद्र देखा जा सकता है। पूरे देश से श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। हर कोई अपने आराध्य प्रभु के दर्शन का पुण्य लाभ चाहता है। भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन स्वाभाविक है। ऐसी परिस्थितियों में हर श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा व सुगम दर्शन की व्यवस्था करना हम सभी का कर्तव्य है। स्थानीय प्रशासन और मंदिर न्यास के बेहतर समन्वय के साथ क्राउड मैनेजमेंट किया जाना चाहिए।

राम पथ, भक्ति पथ, धर्म पथ और जन्मभूमि पथ पर, जहां भी दर्शनार्थी हों, कतारबद्ध खड़े हों। भीड़ न लगे। कतार चलायमान रहे। बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं का विशेष ध्यान दें। दर्शनार्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रमुख पथों पर लो-ट्यून में राम भजन बजने चाहिए। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का व्यवहार मर्यादित होना चाहिए। अति विशिष्ट, विशिष्ट, गणमान्य जन द्वारा अयोध्या आगमन का कार्यक्रम बनाने से एक सप्ताह पूर्व स्थानीय प्रशासन, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अथवा राज्य सरकार को सूचित करना हितकर होगा।

योगी ने कहा कि कतारबद्ध श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पर पेयजल की व्यवस्था कराएं। दिव्यांग अथवा अति बुजुर्ग श्रद्धालु के लिए आवश्यकतानुसार व्हीलचेयर के प्रबंध भी होने चाहिए। ठंड बहुत है, ऐसे में अलाव की व्यवस्था कराएं। भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर पर जूट मैटिंग कराएं। प्लास्टिक की कुर्सियां लगाएं ताकि बुजुर्ग एवं वृद्धजन आवश्यकतानुसार विश्राम कर सकें।

सभी घाटों सहित पूरे नगर में साफ-सफाई-स्वच्छ्ता लगातार होती रहे। मशीनीकृत सफाई हो। जो श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके हों, उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए परिवहन के पर्याप्त साधन उपलब्ध हों। परिवहन निगम की बसों की व्यवस्था हो। विभिन्न नगरों से अयोध्या आने के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन अभी स्थगित रखें। दर्शन के उपरांत जिस रूट के श्रद्धालु अधिक हों, उस ओर बसों को लगाकर श्रद्धालुओं को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की सीमा से लगे जनपदों के साथ अयोध्या प्रशासन तथा शासन स्तर के अधिकारी अंतरराज्यीय संवाद बनाये रखें। किस दिशा से कितने श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है, इसका आकलन करते हुए तदनुसार आवश्यक प्रबंध किए जाएं। 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस है। उल्लासमय-उत्साहपूर्ण वातावरण में कतिपय अराजक तत्व माहौल को खराब करने का कुत्सित प्रयास कर सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी गीत-संगीत, नारेबाजी अथवा किसी भी अन्य कृत्य से किसी की धार्मिक भावनाओं का अपमान अथवा तिरस्कार न हो।

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हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 30 हज़ार रुपये की रिश्वत लेते एएसआई सुधीर कुमार को रंगे हाथों किया गिरफ्तार

चंडीगढ़ ,24 जनवरी (एजेंसी)। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत आज हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम द्वारा जींद जिला के पुलिस स्टेशन सदर ,सफीदों में तैनात एएसआई सुधीर कुमार को ?30000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

इस बारे में जानकारी देते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सूचना के आधार पर आरोपी को पकडऩे के लिए जाल बिछाया और उसे रंगे हाथों पकडऩे में बड़ी सफलता हासिल की। आरोपी एएसआई सुधीर कुमार द्वारा जींद के सफीदों पुलिस थाना सदर में दर्ज एफआईआर में आरोपी को रिमांड पर न लेने के बदले में रिश्वत की मांग की गई थी।

एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने मामले की जांच पड़ताल करते हुए आरोपी को पकडऩे के लिए योजना बनाई गई और उसे ?30000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकडऩे में सफलता प्राप्त की । यह पूरी कार्यवाही गवाहों के समक्ष पूरी पारदर्शिता बरतते हुए की गई।

इस मामले में आरोपी के खिलाफ करनाल के एंटी करप्शन ब्यूरो पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करते हुए उसकी गिरफ्तारी की गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम द्वारा सभी आवश्यक सबूत जुटाते हुए मामले की जांच की जा रही है।

ब्यूरो के प्रवक्ता ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी सरकारी काम करने की एवज में रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत इसकी जानकारी हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल फ्री नंबर -1800-180-2022 तथा 1064 पर देना सुनिश्चित करें।

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