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रक्षा मंत्री ने ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ जारी किया

नई दिल्ली – रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 10 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ जारी किया। इस विस्तृत रूपरेखा को एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय की ओर से तैयार किया गया है जिसका उद्देश्य रक्षा बलों को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत सेना में परिवर्तित करना है जो 2047 तक विकसित भारत बनने की राष्ट्र की आकांक्षा को पूर्ण करने में सहयोग देने में सक्षम हो।

इस दृष्टिकोण पत्र में भू-रणनीतिक, तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बदलते परिवेश से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रक्षा बलों के अंदर आवश्यक रणनीतिक सुधारों, उनकी क्षमता में वृद्धि और संगठनात्मक परिवर्तनों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें सेना को एकीकृत, बहुत से संबंधित मामलों में दक्ष और कुशल बल में परिवर्तित करने की परिकल्पना की गई है जो तेजी से बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच शत्रुओं को रोकने, संघर्ष के सभी पहलुओं से संबंधित कार्रवाई और बढ़ रहे रणनीतिक हितों की रक्षा करने में सक्षम हो।

सेना के सभी अंगों के बीच समन्वय और सहभागिता पर बल देना इस दृष्टिकोण पत्र का प्रमुख स्तंभ है जिससे योजना, संचालन और क्षमता विकास में और अधिक तालमेल को बढ़ावा मिले। इसमें भविष्य में युद्ध की चुनौतियों के अनुकूल रक्षा बलों के निर्माण के लिए नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकियों और प्रशिक्षण के आधुनिक ढांचे के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।

इसमें प्रमुख रूप से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है जिसके अंतर्गत देश की सुरक्षा संबंधी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और समाधानों के विकास और उन्हें अपनाने को प्रोत्साहन दिया जाता है। वहीं, इसके अंतर्गत घरेलू रक्षा विनिर्माण और तकनीकी क्षमताओं को सशक्त करने से परिचालन संबंधी तैयारी में वृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

इस दृष्टिकोण पत्र में अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक समय-सीमाओं में स्पष्ट रूप से निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षमता संबंधी लक्ष्यों के साथ सुनियोजित रूपरेखा को स्वीकार किया गया है। यह सुव्यवस्थित दृष्टिकोण विश्व स्तरीय रक्षा बल के निर्माण के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं, संस्थागत सुधारों और रणनीतिक साझेदारियों के विकास में मार्गदर्शक होगा।

इस दूरदर्शी दस्तावेज में भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता को समझते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य शक्ति को कूटनीतिक, तकनीकी और आर्थिक शक्ति के साथ जोड़ते हुए समग्र राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निरंतर सुधारों, नवाचार और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के माध्यम से भारतीय सेना देश की स्वतंत्रता की शताब्दी पूरे होने तक विश्व स्तर पर सम्मानित, तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए तैयार ऐसे सशस्त्र बल के रूप में स्थापित हो जो सशक्त और सामर्थ्यवान विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, थल सेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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आयकर विभाग ने अपनी आय (टर्नओवर) छिपाने वाले रेस्तरांओं के खिलाफ पूरे देश में सत्यापन अभियान चलाया

नई दिल्ली  – आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में खाद्य एवं पेय क्षेत्र में कर चोरी के पैटर्न से संबंधित जांच की। इस दौरान पाया गया कि कई रेस्तरां वास्तविक बिक्री को छिपाने के लिए बड़ी संख्या में बिलों को हटाने तथा अन्य प्रकार के बदलाव करने में लगे हुए थे।

खाद्य एवं पेय क्षेत्र के लगभग 1.77 लाख रेस्तरांओं के लेन-देन संबंधी आंकड़ों का सही तरीके से विश्लेषण एआई-सक्षम विश्लेषणात्मक उपकरणों की सहायता से किया गया। इन आंकड़ों की तुलना उनके आयकर रिटर्न में घोषित आय से की गई। विश्लेषण से बड़े पैमाने पर आय की कम रिपोर्टिंग का खुलासा हुआ। कुछ मामलों में दर्ज की गई बिक्री वित्तीय खातों या दाखिल किए गए कर से मेल नहीं खाए पाए गए, और कुछ लेन-देन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया भी पाया गया था।

इसके परिणामस्वरूप 8 मार्च 2026 को 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्तरांओं पर देशव्यापी सर्वेक्षण किया गया। प्रारंभिक स्तर पर इस कार्रवाई में लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का खुलासा सामने आया है। इस संबंध में जांच आगे जारी है।

विभाग स्वैच्छिक अनुपालन और विश्वास-आधारित दृष्टिकोण पर लगातार जोर दे रहा है। करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मार्गदर्शन और सलाह देने हेतु ‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान शुरू किया गया है। करदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के अंतर्गत अद्यतन रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहले चरण में पहचान किए गए 63,000 रेस्तरांओं को ई-मेल और संदेश भेजे जाएंगे, जिनसे 31 मार्च 2026 से पहले अपने रिटर्न अपडेट करने का अनुरोध किया जाएगा।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के विभिन्न अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

संबंधित अंचल अधिकारियों द्वारा सुनी गयी आम लोगों की समस्याएं, कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन

जनता दरबार के दौरान अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी रहे उपस्थित

रांची,10.03.2026 –  उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के सभी अंचल में हर मंगलवार जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। आज भी विभिन्न अंचलों में संबंधित अंचल अधिकारी जनता की समस्याओं से अवगत हुए।

कई फरियादियों की समस्याओं का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में अंचल अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं सुनी गयी। जनता दरबार में भूमि बंटवारा, अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, भूमि निबंधन, जमीन मापी, आवास योजना, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, नल-जल योजना, आंगनबाड़ी सहित लोगों की अन्य समस्याएं सामने आयी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार सभी सीओ ने जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया एवं शेष मामलों को शीघ्र कारवाई हेतु अग्रसारित किया गया।

जनता दरबार में उपस्थित रहे अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश पर आज आयोजित जनता दरबार में अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त द्वारा राजस्व से संबंधित शिकायतों की अद्यतन जानकारी और त्वरित निष्पादन के लिए सीआई एवं कर्मचारी को जनता दरबार में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए सभी को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। आम लोगोें को अनावश्यक कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े इसे सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया है। प्रत्येक मंगलवार के अतिरिक्त सभी अंचलों में अंचल अधिकारी से जनता की मुलाकात के लिए दोपहर 01ः00-02ः00 बजे का समय भी निर्धारित है।

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दुर्गा पूजा की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और प्रचार-प्रसार

नई दिल्ली – संस्कृति मंत्रालय की वैश्विक सहभागिता योजना के अंतर्गत दुर्गा पूजा को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।

वर्ष 2023 में मंत्रालय द्वारा दुर्गा पूजा के प्रलेखन और अनुसंधान के लिए 22,29,244 रुपये की राशि आवंटित की गई थी ताकि यूनेस्को को अमूर्त संस्कृति नामांकन प्रस्तुत किया जा सके।

सितंबर 2025 में संगीत नाटक अकादमी ने टोक्यो में भारतीय बंगाली समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन इप्पन शादान होउजिन इंडोजिनो त्सुदोई के साथ दुर्गा पूजा समारोह का एक वीडियो साझा किया।

जो इस त्योहार को श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मना रहा था। इसके अलावा 8-13 दिसंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले में आयोजित अंतर-सरकारी समिति की बैठक के दौरान 190 से अधिक प्रतिभागी देशों के प्रतिनिधियों और यूनेस्को के अधिकारियों के समक्ष एक पारंपरिक धुनुची नाच का प्रदर्शन किया गया।

सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने ‘इंक्रेडिबल इंडिया 2.0’ अभियान का विस्तार कर रही है। इसमें यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस रणनीति में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल हैं।

सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के लिए नोडल एजेंसी, संगीत नाटक अकादमी ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया। इसने त्योहार से जुड़े विभिन्न समुदायों, समूहों और व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक संपर्क और क्षेत्र सर्वेक्षण किया।

हितधारकों के साथ किए गए इन परामर्शों से अनुष्ठानों का विस्तृत विवरण प्राप्त हुआ। इससे जीवंत सांस्कृतिक प्रथाओं पर आधारित प्रत्यक्ष दस्तावेज़ीकरण संभव हो सका। इन पहलों के सामूहिक उद्देश्य से दुर्गा पूजा के ऐतिहासिक विकास, कलात्मक उत्कृष्टता, अनुष्ठानिक प्रथाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित रूप से दर्ज, संरक्षित और प्रचारित किया जा सके।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीएम विश्वकर्मा और लघु एवं मध्यम उद्यम योजनाओं के माध्‍यम से महिला कारीगरों और उद्यमियों को समर्थन

नई दिल्ली – उद्यम रजिस्‍ट्रेशन पोर्टल (यूआरपी) और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी, 2026 तक पंजीकृत महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की कुल संख्या 3,07,42,621 है।

सरकार सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) लागू करती है, जिसके तहत सदस्य ऋण देने वाली संस्थाओं (एमएलआई) द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के अंतर्गत दिए गए ऋणों के लिए बिना किसी गारंटी या तृतीय-पक्ष गारंटी के ऋण गारंटी प्रदान की जाती है। यह योजना महिला नेतृत्व वाले एमएसई को दिए गए ऋणों के लिए सामान्य 75 प्रतिशत की तुलना में 90 प्रतिशत की बढ़ी हुई ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करती है, साथ ही गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट भी देती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत, कारीगरों और शिल्पकारों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण (5-7 दिन) और उन्नत प्रशिक्षण (15 दिन या उससे अधिक) के माध्यम से क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें वजीफा भी शामिल होता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में उद्यमिता सामंजस्‍य, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ संबंधित व्यवसायों के लिए उपयुक्त आधुनिक उपकरणों के उपयोग पर मार्गदर्शन शामिल है। यह योजना विपणन सहायता भी प्रदान करती है, जिसमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण, उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार शामिल है, जो लाभार्थियों की क्षमताओं को मजबूत करने और सूक्ष्म उद्यम गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहायक है।

इसके अलावा, पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना (एसएफयूआरटीआई) के तहत, क्लस्टर-आधारित पहलों के माध्यम से क्षमता निर्माण और डिजिटल मार्केटिंग से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। इनमें सामान्य जागरूकता, परामर्श, प्रेरणा और विश्वास निर्माण जैसे कई व्यावहारिक क्रियाकलाप; प्रशिक्षण मॉड्यूल के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए मूल्य श्रृंखला में कौशल विकास और क्षमता निर्माण तथा मशीन संचालन एवं रखरखाव पर प्रशिक्षण शामिल हैं। यह योजनाओं के संस्थागत विकास, एक्सपोजर विजिट, डिजाइन और उत्पाद विकास, सेमिनार, कार्यशालाओं और प्रौद्योगिकी उन्नयन कार्यक्रमों में भागीदारी का भी समर्थन करती है। साथ ही, संबंधित नोडल एजेंसियों के माध्यम से कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग चैनलों से जुड़ने में सुविधा प्रदान की जाती है।

विनिर्माण और सेवा-उन्मुख सूक्ष्म उद्यमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदम निम्नलिखित हैं:

 

  1. महिला स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं।

 

  1. सार्वजनिक खरीद नीति के तहत सीपीएसई/मंत्रालयों/विभागों द्वारा महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए, अपनी वार्षिक खरीद का कम से कम 3 प्रतिशत भाग महिला उद्यमियों से खरीद करना अनिवार्य है।

 

  1. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ऋण से जुड़ी सब्सिडी प्रदान करता है और पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण/शहरी बेरोजगार युवाओं की सहायता करके गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को सुगम बनाता है। पीएमईजीपी के कुल लाभार्थियों में से लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं हैं और उन्हें गैर-विशेष श्रेणी (25 प्रतिशत तक) की तुलना में अधिक सब्सिडी (35 प्रतिशत) प्रदान की जाती है।

 

  1. कॉयर विकास योजना के अंतर्गत ‘कौशल उन्नयन और महिला कॉयर योजना’ एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य कॉयर क्षेत्र में कार्यरत महिला कारीगरों के कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

 

  1. क्रय एवं विपणन सहायता योजना के अंतर्गत व्यापार मेलों में महिला उद्यमियों की भागीदारी पर शत-प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अन्य उद्यमियों के लिए यह सब्सिडी 80 प्रतिशत है।

 

  1. पीएम विश्वकर्मा योजना 18 व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कई लाभ प्रदान करती है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

 

  1. ‘यशस्विनी’ अभियान का उद्देश्य मौजूदा और भावी महिला उद्यमियों के बीच लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है ताकि उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जा सके।

 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने “सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” थीम पर आयोजित बजट-पश्चात वेबिनार को संबोधित किया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बजट-पश्चात वेबिनार श्रृंखला के चौथे आयोजित वेबिनार को संबोधित किया, जिसकी थीम थी “सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति”। श्री मोदी ने शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति सेक्टरों को इन लक्ष्यों की पूर्ति का प्रमुख माध्यम बताते हुए, बजट घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का स्वागत किया। श्री मोदी ने बल देते हुए कहा, “जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति मात्र एक विषय नहीं है; यह इस बजट का मूल उद्देश्य और इस सरकार का संकल्प है।”

प्रधानमंत्री ने निवारक और समग्र स्वास्थ्य की परिकल्पना पर जोर देते हुए, स्वास्थ्य अवसंरचना के तेजी से सुदृढ़ीकरण और योग एवं आयुर्वेद की वैश्विक लोकप्रियता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सैकड़ों जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं; आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार हुआ है। श्री मोदी ने विशेष रूप से उभरती ‘देखभाल अर्थव्यवस्था’ और वैश्विक स्तर पर देखभालकर्ताओं की बढ़ती मांग की ओर ध्यान आकर्षित किया और विशेषज्ञों से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा, “मैं इस वेबिनार में उपस्थित स्वास्थ्य सेक्टर के विशेषज्ञों से नए प्रशिक्षण मॉडल और साझेदारियों को विकसित करने के लिए सुझाव देने का आग्रह करूंगा ताकि देश में प्रशिक्षण व्यवस्था और भी मजबूत हो सके।”

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन के संदर्भ में, दूरस्थ क्षेत्रों तक टेलीमेडिसिन की पहुंच की सफलता का उल्लेख किया। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने उपयोगकर्ता अनुभव को और सरल बनाने तथा जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि अभी भी टेलीमेडिसिन के बारे में जागरूकता और इसके उपयोग को सरल बनाने की आवश्यकता है।”

प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं की विकसित होती सोच को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए इसकी सराहना की और इस भावना के अनुरूप शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि देश में शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नई शिक्षा नीति एक ऐसे पाठ्यक्रम की नींव रखती है जो बाजार की मांगों और वास्तविक अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों के अनुरूप होना चाहिए। श्री मोदी ने कहा, “हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करना होगा।”

प्रधानमंत्री ने शिक्षा, रोजगार और उद्यम के बीच संबंधों पर चर्चा करते हुए, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसका उल्लेख करते हुए कि भारत नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान-आधारित शिक्षा के केंद्रों में बदलने का आह्वान किया ताकि छात्रों को आवश्यक वास्तविक दुनिया का अनुभव मिल सके। श्री मोदी ने कहा, “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस वेबिनार में, अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान-आधारित शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श अवश्य करें।”

प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती संख्या पर गर्व व्यक्त किया और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में बेटियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री मोदी ने एक सशक्त अनुसंधान इकोसिस्टम बनाने का आह्वान किया जो युवा शोधकर्ताओं को बिना किसी बाधा के नवाचार और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसा अनुसंधान इकोसिस्टम बनाना होगा जहां युवा शोधकर्ताओं को नए विचारों पर प्रयोग करने और काम करने का पूरा अवसर मिले।”

खेलों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा आबादी ही राष्ट्रीय शक्ति की रीढ़ है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ के प्रभाव को रेखांकित किया और छोटे शहरों एवं क्षेत्रों से भी प्रतिभाओं की पहचान करने, खेल निकायों को पेशेवर बनाने और राष्ट्रमंडल खेलों तथा ओलंपिक बोली जैसी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को सुव्यवस्थित वित्तीय सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “ऐसी स्थिति में, हमें आज ही युवा खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें प्रशिक्षित करना होगा, तभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की ख्याति बढ़ेगी।”

प्रधानमंत्री ने पर्यटन और संस्कृति में रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारंपरिक स्थलों से परे नए पर्यटन स्थलों का विकास किसी शहर की ब्रांडिंग और समग्र विकास को बढ़ावा देता है। श्री मोदी ने हितधारकों से कौशल, संपर्क और सामुदायिक भागीदारी को शामिल करते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “अब हम देश में पर्यटन स्थलों को नए सिरे से विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “प्रशिक्षित गाइड, आतिथ्य कौशल, डिजिटल संपर्क और सामुदायिक भागीदारी हमारे पर्यटन सेक्टर के स्तंभ बन रहे हैं। इनके साथ-साथ स्वच्छता और सतत विकास पद्धतियां भी आवश्यक हैं। भारत की स्थिति को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में सुदृढ़ करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं, ऐसे में पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों पर आपके सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में राष्ट्रीय प्रगति को गति देने के लिए संस्थानों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच समन्वय के महत्व पर जोर दिया और विश्वास व्यक्त किया कि ये चर्चाएं भविष्य के लिए एक ठोस रूपरेखा प्रदान करेंगी और विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “ऐसे प्रयासों से विकसित भारत की नींव और भी सुदृढ़ होगी।”

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मध्य प्रदेश एसटीएसएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने कानपुर से अंतरराष्ट्रीय सरीसृप तस्करी रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली – मध्य प्रदेश राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपी एसटीएसएफ) ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के सहयोग से संचालित एक अभियान के तहत सरीसृप तस्करी के रैकेट के मुख्य सरगना तारक नाथ घोष को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गिरफ्तार किया है।

मध्य प्रदेश में कछुओं और घड़ियालों के अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार से जुड़े तीन मामलों में वांछित आरोपी पिछले आठ साल से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ तीन अलग-अलग अदालतों द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे।

उसका गिरोह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में फैला हुआ है। शक है कि उसका नेटवर्क भारत के अलावा बांग्लादेश, थाईलैंड, म्यांमार और सिंगापुर तक फैला हुआ है।

घोष की गिरफ्तारी संगठित अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। उसे 9 मार्च (सोमवार) को शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। उसके कथित नेटवर्क के बारे में और अधिक जानकारी और खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस/वन विभाग की हिरासत में रिमांड मांगी जाएगी।

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पश्चिम एशिया से भारतीय विमानन कंपनियों की आज 50 उड़ानें संचालित करने की योजना

नई दिल्ली – नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक परिचालन बदलाव कर रही हैं।

7 मार्च, 2026 के यात्री आवागमन के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 51 उड़ानें इस क्षेत्र से भारत पहुंचीं जिनमें 8,175 यात्री सवार थे।

8 मार्च 2026 को एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा ने दुबई, अबू धाबी, रस अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डों से परिचालन व्यवहार्यता और तत्काल प्रभावी परिस्थितियों के आधार पर 49 आगमन उड़ानों का संचालन करने की योजना बनाई।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारत की विमानन कंपनियां 9 मार्च 2026 के लिए 50 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही हैं।

इसके अलावा, भारतीय एयरलाइंस क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों पर जमीनी स्थिति का लगातार आकलन कर रही हैं ताकि इन स्थानों से भारतीय एयरलाइंस द्वारा अधिक उड़ानें संचालित की जा सकें।

नागर विमानन मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। टिकटों की कीमतें उचित स्तर पर बनी रहें और इस दौरान उनमें अनावश्यक बढ़ोतरी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए हवाई किरायों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।

यात्रियों को उड़ान समय-सारणी संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइनों के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी उपलब्ध कराएगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा कि यह शानदार जीत टीम के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने ज़बरदस्त हौसला दिखाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा;

“चैंपियन्स!

आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई!

यह शानदार जीत टीम के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क को दर्शाता है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने ज़बरदस्त हौसला दिखाया।

इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

शाबाश, टीम इंडिया!”

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माई भारत दिल्ली में 09 मार्च 2026 से विकसित भारत युवा कनेक्ट के दूसरे चरण का आयोजन करेगा

नई दिल्ली – केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘मेरा युवा भारत’ के माध्यम से विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम (वीबीवाईसीपी) का दूसरा चरण का आयोजन 09 मार्च 2026 से दिल्ली में करेगा। इस पहल का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ युवाओं की भागीदारी को मजबूत करना है।

 

पहले चरण का आयोजन 2025 में किया गया था और इसमें मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर यह कार्यक्रम 2026 में दिल्ली में अपना विस्तार करेगा, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के 35 से ज्यादा कॉलेज शामिल होंगे, जिससे युवाओं के एक बहुत बड़े वर्ग तक पहुंच प्राप्त होगी और संस्थानों के साथ गहरा जुड़ाव उत्पन्न होगा।

इस पहल को पूरे देश में पहले ही ज़बरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त हो चुकी है, जो युवा शक्ति की भावना एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए युवाओं के बढ़ते उत्साह का प्रदर्शन करती है। अब तक यह कार्यक्रम 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 274 विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों तक पहुंच चुका है, जहां 274 युवा दिग्गजों ने छात्रों से संवाद किया है और लगभग 20,000 युवाओं को प्रेरित किया है। इस लोकप्रियता की निरंतरता कायम रखते हुए दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 10,000 से अधिक छात्रों की संवादात्मक सत्रों, संवादों एवं सहभागिता गतिविधियों में शामिल होने की उम्मीद है, जिनका उद्देश्य युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ना और उन्हें जिम्मेदार राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस कार्यक्रम का आयोजन पूरे दिल्ली के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से किया जाएगा। चयनित कॉलेजों में शहीद सुखदेव बिजनेस स्टडीज कॉलेज, आईआईआईटी दिल्ली, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गुरु तेग बहादुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और कई अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं।

इन सत्रों का संचालन युवा दिग्गजों द्वारा किया जाएगा, जिनमें विकसित भारत युवा नेताओं के संवाद प्रस्तुतकर्ता, विकसित भारत युवा संसद के विजेता, और विभिन्न राष्ट्रीय युवा पहलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले युवा शामिल हैं। युवा नेता छात्रों के साथ सीधे बातचीत करेंगे, अपने अनुभवों को साझा करेंगे और अमृत पीठों को राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

मनोरंजक प्रस्तुतियों एवं युवा संवाद सत्रों के माध्यम से, छात्रों को अपने विचार, आकांक्षा और 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण पर अपना दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। यह कार्यक्रम एक ऐसा मंच बनेगा जहां युवाओं की आवाज़ें जन भागीदारी की भावना के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सार्थक योगदान प्रदान करेगी।

इन कार्यक्रमों के साथ-साथ, इसमें शामिल होने वाले संस्थानों में MY Bharat पंजीकरण और जागरूकता स्टॉल लगाए जाएंगे ताकि युवाओं को माई भारत प्लेटफार्म से जुड़ने एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले स्वयंसेवकों द्वारा संचालित पहलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने एवं देश के भविष्य को आकार देने में उनकी सार्थक भागीदारी को एक मंच प्रदान करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रीय विकास एजेंडा के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को शामिल करने वाली यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर विकसित भारत 2047 के लिए सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना चाहती है।

कार्यक्रम में माई भारत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं की भागीदारी सुविधाजनक बनाई जाएगी जिससे निर्बाध पंजीकरण एवं सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

सभी पंजीकरण एवं कार्यक्रम की जानकारी माई भारत पोर्टल https://mybharat.gov.in/ से प्राप्त की जा सकती हैं। पूरे देश के युवाओं को इस पहल में अपना पंजीकरण करने एवं सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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राँची जिला प्रशासन द्वारा सघन वाहन जांच अभियान: सड़क सुरक्षा एवं नियमों के पालन पर जोर

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त निर्देशों के आलोक में जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में आज तुपुदाना, दलादली, रातु, रिंग रोड एवं कांके क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वाहन दस्तावेज़ जांच अभियान चलाया गया

कुल लगभग 176 विभिन्न प्रकार के वाहन (भारी वाहन, यात्री वाहन, व्यावसायिक एवं निजी) की जाँच की गई

कुल ₹ 3,61,751 (तीन लाख इकसठ हजार सात सौ इक्यावन रुपये)अधिरोपित दंड विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चालान जारी किए गए

*हमारा प्रयास है कि राँची की सड़कें सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित रहें:- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

09.03.2026 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के सख्त निर्देशों के आलोक में जिला परिवहन पदाधिकारी, राँची के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में आज तुपुदाना, दलादली, रातु, रिंग रोड एवं कांके क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वाहन दस्तावेज़ जांच अभियान चलाया गया। यह विशेष अभियान सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, यातायात नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने, ओवरलोडिंग रोकने, प्रदूषण नियंत्रण तथा अवैध परिवहन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

राँची शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते यातायात घनत्व, दुर्घटनाओं की संभावना तथा नियमों की अनदेखी के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ऐसे सघन जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने हाल ही में सड़क सुरक्षा माह एवं अन्य यातायात संबंधी बैठकों में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई ढील नहीं बरती जाएगी। यह जांच अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह अभियान तुपुदाना, दलादली, रातु, रिंग रोड एवं कांके (ये सभी व्यस्त यातायात मार्ग एवं आवासीय/व्यावसायिक क्षेत्र हैं जहां ट्रक, टिप्पर, बस, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी एवं निजी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है)।

जांच किए गए वाहन — कुल लगभग 176 विभिन्न प्रकार के वाहन (भारी वाहन, यात्री वाहन, व्यावसायिक एवं निजी) की जाँच की गई।

टीम द्वारा निम्नलिखित दस्तावेज़ों एवं नियमों की बारीकी से जांच की गई:

*मोटर वाहन कर (टैक्स) का भुगतान स्थिति

*वैध फिटनेस प्रमाण पत्र

* वाहनों का बीमा (इंश्योरेंस)

*प्रदूषण अंतर्गत प्रमाण पत्र (PUC) की वैधता

* आवश्यक परमिट (परिवहन/राष्ट्रीय/स्थानीय)

* चालक का वैध ड्राइविंग लाइसेंस

* ओवरलोडिंग की स्थिति

*अन्य यातायात नियमों (जैसे हेलमेट, सीट बेल्ट, स्पीड लिमिट आदि) का अनुपालन

कुल ₹ 3,61,751 (तीन लाख इकसठ हजार सात सौ इक्यावन रुपये)अधिरोपित दंड विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चालान जारी किए गए

अभियान के दौरान कुल उल्लंघन करने वाले वाले 15 वाहन (कागजात अपूर्ण, अमान्य या अनुपस्थित होने के कारण) कुल ₹ 3,61,751 (तीन लाख इकहत्तर हजार सात सौ इक्यावन रुपये)अधिरोपित दंड विभिन्न धाराओं के अंतर्गत चालान जारी किए गए।

जाँच के दौरान 02 वाहनों को जप्त किया गया। जिसमें 01 वाहन — रातु थाना में जप्त कर सुरक्षार्थ रखा गया है एवं 01 वाहन — कांके थाना में जप्त कर सुरक्षार्थ रखा गया है। जप्त वाहनों को संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

हमारा प्रयास है कि राँची की सड़कें सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित रहें

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा:
“सड़कें सभी की साझा संपत्ति हैं। नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए भी अनिवार्य है। हमारा प्रयास है कि राँची की सड़कें सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त एवं सुव्यवस्थित रहें। ऐसे अभियान नियमित एवं आकस्मिक रूप से जारी रहेंगे।”

सभी वाहन चालकों, मालिकों एवं परिवहन संचालकों से अपील की जाती है कि:

*अपने वाहनों के सभी दस्तावेज़ सदैव पूर्ण, वैध एवं अद्यतन रखें।

*ओवरलोडिंग, बिना PUC, बिना बीमा/लाइसेंस के वाहन चलाने से बचें।

* यातायात नियमों (स्पीड, हेलमेट, सीट बेल्ट, नो ड्रिंकिंग आदि) का सख्ती से पालन करें।

नियमों का उल्लंघन न केवल भारी आर्थिक दंड का कारण बनता है, बल्कि दुर्घटनाओं, जनहानि एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।

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राँची जिला प्रशासन ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति की समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाया

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची श्री कुमार रजत की अध्यक्षता में IOCL, HPCL, BPCL के क्षेत्रीय प्रबंधकों (LPG Sales), CSC के जिला नोडल अधिकारी तथा राँची जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रोप्राइटर के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई

ग्राहकों को सलाह नियमित 14.2 किलो सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें

*यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन से पहले समाप्त हो जाता है, तो बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम तथा 2 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर उपलब्ध हैं

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस

09.03.2026 – उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने हाल ही में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त घरेलू एलपीजी (एलपीजी) सिलेंडर की कमी संबंधी खबरों पर गंभीर संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। होली पर्व के दौरान जिला में सप्लाई में आई अस्थायी कमी के कारण उत्पन्न परेशानियों को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची श्री कुमार रजत की अध्यक्षता में IOCL, HPCL, BPCL के क्षेत्रीय प्रबंधकों (LPG Sales), CSC के जिला नोडल अधिकारी तथा राँची जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रोप्राइटर के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की।

ऑनलाइन बैठक के दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी राँची, श्री रामगोपाल पांडेय भी उपस्थित थे।

ग्राहकों को सलाह नियमित 14.2 किलो सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें

बैठक में IOCL के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि होली पर्व के कारण सप्लाई चेन में अस्थायी व्यवधान आया था, जिससे वितरण प्रभावित हुआ। वर्तमान में स्थिति सामान्य है और कोई कमी नहीं है। ग्राहकों को सलाह दी गई कि नियमित 14.2 किलो सिलेंडर की बुकिंग कम से कम 25 दिन पहले कर लें, जिसके 2-3 दिनों के अंदर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी। यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन से पहले समाप्त हो जाता है, तो बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम* तथा 2 किलोग्राम* के छोटे सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिन्हें गैस एजेंसी से सीधे संपर्क कर डोरस्टेप डिलीवरी के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

यदि किसी उपभोक्ता का सिलेंडर 25 दिन से पहले समाप्त हो जाता है, तो बिना बुकिंग के 5 किलोग्राम तथा 2 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर उपलब्ध हैं

अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने सभी गैस एजेंसियों से छोटे सिलेंडरों की आपूर्ति एवं बुकिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। एजेंसियों ने बताया कि छोटे सिलेंडरों के लिए बुकिंग की आवश्यकता नहीं है। बैठक में कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे Packaging Specify हेतु अलग-अलग टॉल-फ्री नंबर जारी करें तथा इन नंबरों पर हमेशा एक कर्मी की उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि उपभोक्ता फोन पर आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।

व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

25 दिन पहले बुकिंग की अनिवार्यता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए SMS, बिलबोर्ड, रेडियो, टेलीविजन तथा अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार करने का सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही, सभी कंपनियों एवं एजेंसियों के प्रबंधकों के लिए एक WhatsApp ग्रुप तैयार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुनः बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।

गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस

अनुमंडल पदाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी कि जिला प्रशासन स्तर पर गैस वितरण की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है। यदि कोई गैस वितरक या एजेंसी कालाबाजारी में लिप्त पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने सभी राँचीवासियों से अपील की है कि वे समय से बुकिंग करें तथा किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों या हेल्पलाइन पर दें। यह कदम उपभोक्ताओं के हित में उठाया गया है ताकि त्योहारों एवं दैनिक जीवन में रसोई गैस की कोई कमी न रहे।

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धनबाद में एन’काउंटर, मा’रा गया कुख्यात प्रिंस खान का शूटर

धनबाद,09.03.2026 – धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र में रविवार की शाम पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह का एक शूटर पुलिस की गोली से मारा गया। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सरायढेला थाना क्षेत्र के फायरिंग रेंज इलाके में कुछ अपराधी छिपे हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस को देखते ही अपराधियों ने की फायरिंग

बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम बताये गये लोकेशन पर पहुंची। पुलिस को देखते ही वहां छिपे अपराधियों ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और पूरे इलाके को घेर लिया। दोनों ओर से कुछ देर तक लगातार गोलियां चलती रहीं। इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से प्रिंस खान गिरोह का एक शूटर मौके पर ही ढेर हो गया। हालांकि, इस दौरान गिरोह के कुछ अन्य अपराधी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

मुठभेड़ में पुलिस अधिकारी घायल

मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगने की सूचना है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायल अधिकारी की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।

मौके पर पहुंचे एसएसपी, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार समेत पुलिस के कई वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

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ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सिमलिया क्षेत्र के विभिन्न बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण

अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में स्थानीय थाना प्रभारी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम द्वारा किया गया निरीक्षण

बैंक्वेट हॉल संचालकों को ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश

नियमों के उल्लंघन पर की जाएगी विधिसम्मत कार्रवाई

रांची,09.03.2026  – रातू के सिमलिया क्षेत्र स्थित पांच बैंक्वेट हॉल में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने एवं ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मिल रही शिकायतों के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में स्थानीय थाना प्रभारी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) की संयुक्त टीम द्वारा सिमलिया स्थित विभिन्न बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में दुल्हन बैंक्वेट हॉल में किसी प्रकार का कार्यक्रम संचालित नहीं पाया गया। वहीं विवाह बैंक्वेट हॉल में एक कार्यक्रम चल रहा था, परंतु वहां किसी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त फोकस बैंक्वेट हॉल में भी कोई कार्यक्रम संचालित नहीं था।

जांच के दौरान सभी बैंक्वेट हॉल के मालिकों एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे रात्रि 10 बजे के बाद डीजे या उच्च ध्वनि में संगीत का उपयोग नहीं करेंगे तथा माननीय उच्च न्यायालय एवं ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधितों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि भविष्य में नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की आम नागरिकों से भी अपील की है कि ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करते हुए आयोजनों का संचालन करें, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।

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केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 7 मार्च 2026 को छठे लाइनमैन दिवस पर फ्रंटलाइन कार्यबल को सम्मानित किया

नई दिल्ली – विद्युत मंत्रालय के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के सहयोग से कल नई दिल्ली में ‘लाइनमैन दिवस’ का छठा संस्करण मनाया गया। लाइनमैन दिवस मनाने का उद्देश्य लाइनमैनों और ग्राउंड मेंटेनेंस स्टाफ के अथक समर्पण और अमूल्य सेवाओं को मान्यता देना है, जिनका योगदान देश भर में बिजली सेवाओं की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस कार्यक्रम में भारत के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने शिरकत की। विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर सीईए के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद और सीईए के सदस्यों के साथ बिजली क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और गणमान्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

पूरे भारत की 66 से अधिक सरकारी और निजी बिजली वितरण एवं उत्पादन कंपनियों के साथ-साथ पारेषण लाइसेंसधारियों के लगभग 250 लाइनमैनों और पर्यवेक्षकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस सभा ने प्रतिभागियों के बीच सामूहिक सीखने को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुभव साझा करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में परिचालन चुनौतियों पर चर्चा करने और सुरक्षा प्रथाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई और प्रतिभागियों ने सुरक्षा प्रथाओं का पालन करने और खुद को, अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

 

सभा को संबोधित करते हुए श्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान मनाया जाने वाला लाइनमैन दिवस, बिजली क्षेत्र के उन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के समर्पण को मान्यता देता है जो देश भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के निरंतर उपयोग, रखरखाव कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन की उचित पुष्टि, और नियमित क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने आगे इस बात पर प्रकाश डाला कि स्मार्ट ग्रिड, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, एआई-सक्षम प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और ड्रोन-आधारित निरीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने से संभावित दोषों की पहले से पहचान करने और फील्ड कर्मियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। लाइनमैन दिवस के छठे संस्करण के विषय — ‘सेवा, सुरक्षा, स्वाभिमान’ — का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बिजली क्षेत्र के फ्रंटलाइन कार्यबल की सेवा भावना, सुरक्षा और गरिमा को दर्शाता है।

लाइनमैनों को बिजली क्षेत्र के योद्धा बताते हुए विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने कहा कि खराब मौसम या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब लोग घरों के अंदर रहते हैं, तब लाइनमैन बिजली बहाल करने और आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए बाहर निकलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि क्षेत्र में बढ़ते स्वचालन के बावजूद, जमीन पर तैनात लाइनमैन ही अंततः प्रणालियों को बहाल करते हैं और नेटवर्क को चालू रखते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी फील्ड कर्मियों को मानकीकृत सुरक्षा किट और उपकरणों से लैस किया जाना चाहिए।

उन्होंने बिजली कंपनियों से सुरक्षा जागरूकता को संस्थागत बनाने का भी आग्रह किया और इसे अनिवार्य बनाने को कहा कि प्रत्येक शिफ्ट की शुरुआत से पहले दैनिक दिनचर्या के हिस्से के रूप में एक छोटा सुरक्षा वीडियो दिखाया जाए और सुरक्षा ड्रिल आयोजित की जाए।

कार्यक्रम में बोलते हुए सीईए, अध्यक्ष, श्री घनश्याम प्रसाद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एक लचीला और भरोसेमंद बिजली क्षेत्र विकसित राष्ट्र का एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने उन लाइनमैनों के अथक प्रयासों को स्वीकार किया जो निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि लाइनमैन दिवस अब देश भर की यूटिलिटीज की बढ़ती भागीदारी के साथ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गया है, जो राष्ट्र निर्माण में लाइनमैनों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सम्मान के साथ-साथ इन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए मजबूत सुरक्षा और सशक्तिकरण भी होना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:

  1. देश भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करने वाले लाइनमैनों के साहस और अमूल्य योगदान को समर्पित एक विशेष लाइनमैन गीत जारी किया गया।
  2. लाइनमैनों के लिए एक ‘सेफ्टी पॉकेटबुक’ लॉन्च की गई, जिसमें फील्ड संचालन के दौरान पालन किए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा दिशानिर्देश और सावधानियां शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करना और सुरक्षित कार्य प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

  1. आकाशीय बिजली से जुड़े जोखिमों और ऐसी स्थितियों के दौरान फील्ड कर्मियों द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालने वाला एक सुरक्षा जागरूकता वीडियो पेश किया गया।
  2. बिजली क्षेत्र को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डिस्कॉम और उच्च प्रदर्शन करने वाले लाइनमैनों को पुरस्कार से
  3. सम्मानित किया गया।
  4. व्यावहारिक सीखने और अनुभव साझा करने की सुविधा के लिए सुरक्षा उपकरणों और उन्नत औजारों की एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम का देश भर की बिजली उपयोगिताओं में सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे व्यापक भागीदारी और सामूहिक उत्सव संभव हो सका।

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महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र की समृद्ध हथकरघा विरासत का उत्सव मनाते हुए, हथकरघा हाट में विशेष हथकरघा प्रदर्शनी “विरासत शक्ति” का उद्घाटन किया गया

नई दिल्ली – राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (एनएचडीसी), वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से, भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत का जश्न मनाते हुए और हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को उजागर करते हुए, विशेष हथकरघा प्रदर्शनी – “विरासत शक्ति” का आयोजन कर रहा है। हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना ने आज इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एनएचडीसी के प्रबंध निदेशक श्री राजीव अशोक, वस्त्र मंत्रालय और एनएचडीसी के अधिकारी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया।

 विशेष हथकरघा प्रदर्शनी – “विरासत शक्ति” का उद्देश्य देशभर के कुशल बुनकरों और कारीगरों को एक सार्थक बाज़ार मंच प्रदान करना है। यह आयोजन हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने और भारत की पारंपरिक बुनाई विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला कारीगरों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समारोह के हिस्से के रूप में, विभिन्न राज्यों की कई महिला हथकरघा बुनकरों को उनके समर्पण, शिल्प कौशल और भारत के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह प्रदर्शनी 7 से 14 मार्च, 2026 तक नई दिल्ली के जनपथ स्थित हथकरघा हाट में आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुली रहेगी, जिससे आगंतुकों को कारीगरों से सीधे प्रामाणिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।

इस वर्ष के आयोजन में देश भर से 60 बुनकर और कारीगर भाग ले रहे हैं, जो हथकरघा वस्त्रों और हस्तशिल्प उत्पादों का एक विविध संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रदर्शनी भारत के पारंपरिक शिल्प क्षेत्र की रचनात्मकता, सांस्कृतिक समृद्धि और शिल्प कौशल को उजागर करती है, साथ ही कारीगर समुदाय के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देती है।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में कर्तव्य पथ पर ‘शक्ति वॉक #SheLeadsBharat’ का आयोजन किया गया

नई दिल्ली – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” का आयोजन किया। इस शक्ति वॉक ने नारी शक्ति की भावना का जश्न मनाया और प्रगतिशील एवं समावेशी भारत के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।

 

यह कार्यक्रम केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। इस पदयात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल की गरिमामय उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष श्रीमती विजया किशोर राहटकर और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की महिला अधिकारी, कर्मचारी और फील्ड कार्यकर्ता भी उपस्थित थीं।

8 मार्च को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और नेतृत्व का जश्न मनाता है, साथ ही लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ कर्तव्य पथ, इंडिया गेट पर राष्ट्रगान वंदे मातरम की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने इस अवसर को देशभक्तिपूर्ण माहौल प्रदान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गणमान्य व्यक्ति, प्रतिभागी और उपस्थित लोग एकत्रित हुए। केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने औपचारिक रूप से शक्ति पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पदयात्रा महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति शक्ति, एकता और सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक थी। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक पदयात्रा में भाग लिया, जो इस पहल की भावना और उद्देश्य को दर्शाता है।

यह पदयात्रा इंडिया गेट से विजय चौक तक कर्तव्य पथ पर लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में आयोजित की गई। मार्ग में महिलाओं के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं और पहलों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियाँ लगाई गईं। इस कार्यक्रम में भारत भर की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और महिलाओं की शक्ति को दर्शाने वाली जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं। इनमें कर्नाटक की डोलू कुनिथा, केरल की कलरिपयट्टू और श्रृंगारिमेलम, असम की रंचंडी और राजस्थान की घूमर शामिल थीं, जिनमें से प्रत्येक अपने-अपने राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करती है।

इस कार्यक्रम में लगभग 200 मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 3,000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों में सशस्त्र बलों, पुलिस, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, मीडिया, खेल, शिक्षा, स्वच्छता, विमानन, उद्योग और सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि, साथ ही एएनएम सेवा प्रदाता, भारत टैक्सी सारथी की महिला चालक, शिक्षक, लोकोमोटिव चालक, माय भारत स्वयंसेवक, फील्ड कार्यकर्ता और महिला उद्यमी शामिल थीं।

उनकी भागीदारी ने कर्तव्य पथ को नारी शक्ति के एक जीवंत उत्सव में बदल दिया, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर महिलाओं की सामूहिक भावना को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि शक्ति वॉक के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह की शुरुआत करना पूरे देश में एक सशक्त संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं, और भारत की महिलाओं, बेटियों और बहनों की ताकत को पहचानने और उन्हें भारत के विकास पथ का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाने में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए उन्होंने टिप्पणी की:

“यही समय है, सही समय है भारत का – यह भारत का अनमोल समय है।”

पदयात्रा के समापन पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि “नारी शक्ति भारत की भाग्य विधाता है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की महिलाएं राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना जारी रखेंगी और इसे नई दिशा प्रदान करेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि कर्तव्य पथ पर शक्ति वॉक महिलाओं के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है कि वे न केवल अपने स्वयं के विकास में बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान देंगी।

विजय चौक पर गणमान्य व्यक्तियों और महिला प्रतिभागियों द्वारा “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” संदेश वाले तिरंगे गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का समापन हुआ, जो भारत की महिलाओं की बढ़ती आकांक्षाओं और असीमित क्षमता का प्रतीक है।

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली – X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मानव समाज के विकास में भूमिका के लिए संपूर्ण मानव जाति नारी शक्ति की ऋणी रहेगी। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों को पोषित कर, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाकर, वे हमारे जीवन के हर पहलू में योगदान देती हैं। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के women-led development के विजन से महिलाओं की प्रगति के साथ ही हमारी विकास यात्रा में उनकी भूमिका को और भी शक्ति मिल रही है।

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उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर त्रिपुरा में महिला स्वयं सहायता समूहों से बातचीत की

नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर त्रिपुरा के हपानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों के साथ बातचीत की और जमीनी स्तर के विकास एवं महिलाओं के  सशक्तिकरण में उनके योगदान की सराहना की।

सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पिछले एक दशक में एक महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी बना है। इस बदलाव के तहत देश में महिलाओं के विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की अवधारणा पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली साधन बन गए हैं, जिससे महिलाएं आत्मविश्वास से भरी नेता बनने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने में समर्थ हुईं हैं।

‘लखपति दीदी’ पहल पर प्रकाश डालते हुए, श्री राधाकृष्णन ने कहा कि देश भर में लगभग 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और दो करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। त्रिपुरा सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि इस राज्य ने 1.35 लाख लखपति दीदियां बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रही तेज प्रगति को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों और प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन एवं उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के तहत महिला लाभार्थियों को प्राथमिकता देने पर भी प्रकाश डाला। इन कदमों से महिलाओं का जीवन काफी बेहतर हुआ है।

शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, श्री राधाकृष्णन ने विश्वास व्यक्त किया कि कई लखपति दीदियां जल्द ही करोड़पति दीदियां भी बनेंगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का अवलोकन भी किया और विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल श्री इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, विधायक, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली में लगभग ₹33,500 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली में लगभग ₹33,500 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा, “आज हम सभी यहाँ दिल्ली के विकास को एक नई गति देने के लिए एकत्र हुए हैं।”

इन परियोजनाओं का दायरा व्यापक है, जो मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसरों की स्थापना तक फैला हुआ है। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “दिल्ली के लोगों ने नई आशा और नए संकल्प के साथ एक वर्ष पहले यहाँ डबल-इंजन की सरकार का गठन किया था और उसका परिणाम आज इन विकास कार्यों में दिखाई दे रहा है।”

इस आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं की व्यापक उपस्थिति की सराहना की और यह रेखांकित किया कि उनकी शक्ति और आत्मविश्वास, राज्य सरकार के सफल नेतृत्व में, राजनीति, विज्ञान और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सशक्त भारत के कथानक को आगे बढ़ा रहे हैं। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “चाहे राजनीति हो, प्रशासन हो, विज्ञान हो, खेल हो या सामाजिक सेवा, भारत की नारी शक्ति प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।”

इस बात पर बल देते हुए कि दिल्ली भारतीय लोकतंत्र की वैश्विक पहचान और ऊर्जा का प्रतीक है, प्रधानमंत्री ने कहा कि राजधानी के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और कनेक्टिविटी का आधुनिकीकरण, जैसे नमो भारत ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क का 375 किलोमीटर तक ऐतिहासिक विस्तार, विश्व के समक्ष भारत के आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक है। श्री मोदी ने कहा, “दिल्ली जितनी अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और बेहतर रूप से कनेक्‍टेड होगी, उतनी ही दृढ़ता से भारत का आत्मविश्वास विश्व के सामने दिखाई देगा।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि डबल-इंजन शासन मॉडल के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्येक परिवहन सुविधा का व्यवस्थित रूप से उन्नयन किया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन बस सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लाखों नागरिकों को स्वच्छ, आधुनिक और आरामदायक सफ़र उपलब्ध हो सके। श्री मोदी ने कहा, “हालांकि, केंद्र द्वारा उपलब्‍ध कराई गई चार हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही संचालित हो रही हैं,  केवल पिछले एक वर्ष में ही अतिरिक्त 1,800 नई बसें चलाई गई हैं, जिनमें सैकड़ों ‘देवी बसें’ भी शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली की कॉलोनियों और मोहल्लों में अंतिम छोर तक संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के समक्ष उपस्थित विविध चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार वर्तमान में मिशन मोड में कार्य कर रही है और विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि किस तरह पेरिफेरल एक्सप्रेसवे ने उन लाखों वाहनों को सफलतापूर्वक दूसरे मार्ग की ओर मोड़ दिया है जिन्हें पहले शहर में प्रवेश करना पड़ता था। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए एक व्यापक पहल प्रारंभ की गई है और इसकी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।”

प्रधानमंत्री ने बल दिया कि सरकार राजधानी में जीवन की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए समर्पित है और विशेष रूप से पिछले एक वर्ष के दौरान कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन के साथ अब गरीब और मध्यम वर्ग, दोनों को निःशुल्क उपचार तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहे हैं। दक्षता के एक नए युग को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा, “वर्तमान विकास मॉडल त्वरित कार्रवाई और ठोस परिणामों पर केंद्रित है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि परियोजनाएँ शीघ्र ही नियोजन से क्रियान्‍वयन के बुनियादी स्तर पर पहुँचें।”

कार्यक्रम से पूर्व सरोजिनी नगर के अपने दौरे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए डिज़ाइन किए गए आधुनिक आवासीय परिसरों के उद्घाटन को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बल देते हुए कहा, “जो लोग राष्ट्र के संकल्पों को पूरा करने के लिए निरंतर परिश्रम करते हैं, वे सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक आवासीय परिस्थितियों के अधिकारी हैं, और यही इन नई अवसंरचना परियोजनाओं के पीछे प्रेरक शक्ति है।” आज हजारों फ्लैट लाभार्थियों को सौंपे जाने के साथ श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये आधुनिक आवास राष्ट्र के “कर्मयोगियों” के लिए सुख और आकांक्षाओं के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि कल्याणकारी योजनाएँ बीहड़ गाँवों से लेकर शहरी केंद्रों तक, प्रत्येक परिवार तक पहुँच रही हैं, जिससे विशेष रूप से गरीब परिवारों, किसानों और श्रमिकों को लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि अकेले दिल्ली में ही लगभग 2 लाख रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को ₹350 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है, जिससे वे ऊँचे ब्याज वाले अनौपचारिक ऋणों से हटकर औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था की ओर अग्रसर हुए हैं। वित्तीय समावेशन में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो क्रेडिट कार्ड सुविधाएँ पहले केवल संपन्न वर्ग के लिए उपलब्ध थीं, अब उन्हें रेहड़ी-पटरी वालों तक भी विस्‍तृत किया जा रहा है, जिससे उनके छोटे व्यवसाय सशक्त हो सकें। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “स्वनिधि क्रेडिट कार्ड गरीबों के लिए आत्मसम्मान का एक नया माध्यम बन रहा है, जिससे जो लोग कभी हाशिए पर थे, वे अब आधुनिक वित्तीय साधनों के साथ सशक्त हो रहे हैं।”

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने के राष्ट्रीय संकल्प की ऐतिहासिक उपलब्धि साझा की और बताया कि अब 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से सशक्त हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन महिलाओं को पूंजी, बैंकिंग व्यवस्था तथा विशेष प्रशिक्षण तक पहुँच उपलब्ध करवा कर सरकार ने उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सक्षम बनाया है। श्री मोदी ने कहा “हमारी बहनों की सफलता ने 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने के एक नए संकल्प के लिए प्रेरित किया है और मुझे विश्वास है कि हमारी नारी शक्ति के आशीर्वाद से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।”

पश्चिम बंगाल में हाल की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने एक शिकायत साझा की कि राज्य सरकार द्वारा पारंपरिक संथाल जनजातीय उत्सव के दौरान भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के दौरे के समय कथित रूप से अनादर दिखाया गया। अहंकार के पतन के संबंध में प्राचीन ज्ञान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार की ऐसी राजनीति को अंततः राज्य के नागरिक अस्वीकार कर देंगे। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “राष्ट्रपति के कार्यक्रम का बहिष्कार और कुप्रबंधन संविधान तथा इस देश की प्रत्येक बेटी का अपमान है और जनता सत्ता के इस अहंकार को कभी क्षमा नहीं करेगी।”

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने दिल्ली को एक ऐतिहासिक शहर बताया, जो वर्तमान में “न्यू इंडिया” के आत्मविश्वास से परिभाषित एक परिवर्तनकारी दौर का साक्षी बन रहा है, जो विकसित भविष्य की आधारशिला बनेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नागरिकों से राष्ट्रीय संकल्पों की पूर्ति के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। नई प्रारंभ की गई परियोजनाओं के लिए लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव की भावना का आह्वान किया। श्री मोदी ने रेखांकित किया,  “न्यू इंडिया का आत्मविश्वास हमें विकसित भविष्य की ओर ले जाएगा और मुझे विश्वास है कि दिल्ली का प्रत्येक परिवार बेहतर और अधिक समृद्ध जीवन देखेगा।”

हम आधुनिक और विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज प्रारंभ की गई परियोजनाएँ अवसंरचना को सुदृढ़ करेंगी, संपर्क में सुधार लाएंगी और शहर के लोगों के जीवन में सुगमता बढ़ाएँगी।

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त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने संबोधित किया

नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगरतला में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और युवा स्नातकों से उद्देश्य के साथ प्रगति करने, नशे से दूर रहने और समाज और राष्ट्र के लाभ के लिए जिम्मेदारी से प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज के युवा एक ऐतिहासिक क्षण में खड़े हैं जब भारत 2047 के विकसित भारत के विजन को साकार कर रहा है। प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने छात्रों से इसका सकारात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया और कहा कि समाज और मानवता की उन्नति के लिए ‘‘उद्देश्यपूर्ण प्रगति’’ आवश्यक है।

उपराष्ट्रपति ने त्रिपुरा को संस्कृति और विरासत से समृद्ध राज्य बताया। दिन में पहले त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस क्षेत्र के गहन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

उपराष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई विकास पहलों की सराहना की। माता बारी पर्यटन सर्किट का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह परियोजना रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ आध्यात्मिक और पर्यावरण-पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर त्रिपुरा की स्थिति को मजबूत करेगी।

पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से जोड़ने में कनेक्टिविटी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी सहित बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन विकासों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना के अनुरूप इस क्षेत्र के लोगों को देश के शेष भाग के करीब लाया है।

छात्रों को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित भाव से प्रोत्साहित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने भारत की विविधता में एकता के महत्व पर जोर दिया। प्रसिद्ध तमिल कवि सुब्रमणिया भारतीयार को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक राष्ट्र का संरक्षक है और सामूहिक प्रयास और एकता ही देश को और अधिक उपलब्धियों की ओर ले जाएगी।

त्रिपुरा विश्वविद्यालय की प्रगति की प्रशंसा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों, वित्त पोषित परियोजनाओं और बौद्धिक संपदा पहलों की बढ़ती संख्या का उल्लेख किया, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।

उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के संकाय विकास केंद्र भवन और आवासीय परिसर का डिजिटल रूप से उद्घाटन भी किया।

दीक्षांत समारोह में त्रिपुरा के राज्यपाल और त्रिपुरा विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर श्री इंद्रसेना रेड्डी नल्लू; त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा; त्रिपुरा के मुख्य सचिव श्री जितेंद्र कुमार सिन्हा; त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्यामलाल दास; विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर समीर कुमार सिल, संकाय सदस्यों, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और स्नातक छात्रों के साथ उपस्थित रहे।

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भारत की राष्ट्रपति ने नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में भाग लिया

नई दिल्ली – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (8 मार्च, 2026) नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम  में भाग लिया और समारोह को संबोधित किया। यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदानों की खुशी मनाने और लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और महिला सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए आयोजित किया गया।

 

राष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, सेना, चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे पंचायतों में ग्रामीण विकास का नेतृत्व कर रही हैं। कई महिलाएं उद्योग, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्व प्रदान करने के लिए अपनी क्षमताओं का भरपूर उपयोग कर रही हैं। वे खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे उदाहरण यह विश्वास दिलाते हैं कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत महिला नेतृत्व वाले विकास की ओर तेजी से अग्रसर है। पिछले एक दशक में महिलाओं के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है। भारत ने स्कूली शिक्षा में लैंगिक समानता हासिल कर ली है। उच्च शिक्षा में भी सकल नामांकन अनुपात के हिसाब से छात्राओं की संख्या अधिक है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में एसटीईएम छात्रों की पढ़ाई जारी रखने में सहायता के लिए प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रावधान है। हमारी बेटियां ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाएं रोजगार सृजनकर्ता के रूप में उभर रही हैं। स्टार्ट-अप इंडिया योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाले आधे से अधिक स्टार्ट-अप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं। वर्तमान में दो लाख से अधिक महिला स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यम सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर सक्रिय हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में शुरू की गई ‘एसएचई-मार्ट’ पहल स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराएगी। पिछले वर्ष लागू किए गए श्रम संहिता का उद्देश्य महिला श्रमिकों के लिए अधिक समावेशी, सुरक्षित और सशक्त कार्य वातावरण प्रदान करना है।

राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक प्रयासों के बावजूद, उनके विकास पथ में अभी भी कई बाधाएं मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, आज भी कई महिलाओं को भेदभाव, समान काम के लिए असमान वेतन और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनका समाधान केवल कानून बनाकर नहीं किया जा सकता। सामाजिक सोच में बदलाव आवश्यक है। लैंगिक भेदभाव की मानसिकता से बाहर निकलकर ही हम समाज में सच्ची समानता स्थापित कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि सही मायने में विकास हासिल करने के लिए हमें महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, जो देश की लगभग आधी आबादी हैं। हमने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। देश की तीव्र प्रगति और राष्ट्रीय हित के लिए नागरिकों की पूर्ण क्षमता को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम न केवल महिलाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करें, बल्कि उन सपनों को साकार करने के हर कदम पर उनका समर्थन भी करें। भय और भेदभाव से मुक्त वातावरण में महिलाएं राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी नागरिकों को प्रत्येक लड़की को शिक्षा और समान अवसर प्रदान करने, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में व्याप्त सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसा करके हम विश्व के समक्ष महिला सशक्तिकरण का आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं।

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि अस्मिता लीग से भारत के ओलंपिक पदक तालिका को बढ़ावा मिलेगा

छत्रपति संभाजी नगर, 8 मार्च – युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने रविवार को कहा कि ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों और अन्य बहु-विषयक स्पर्धाओं में भारत के पदकों की संख्या में तभी सुधार हो सकता है जब खेलों में महिलाओं की भागीदारी में कई गुना वृद्धि हो।

 

श्रीमती खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में छत्रपति संभाजीनगर स्थित गरखेड़ा स्थित संभागीय खेल परिसर में अस्मिता (महिलाओं को प्रेरित कर खेलों में नई उपलब्धियां हासिल करने की पहल करना) कार्यक्रम के अंतर्गत उपमहाद्वीप के 250 स्थानों पर राष्ट्रव्यापी एथलेटिक्स लीग के शुभारंभ के दौरान यह बात कही।

माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने अस्मिता बैनर के अंतर्गत योगा, वुशु, किकबॉक्सिंग और भारोत्तोलन लीग का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने साइक्लोथॉन और वॉकथॉन को झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनका आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) छत्रपति संभाजीनगर द्वारा माई भारत, छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम और महाराष्ट्र राज्य खेल विभाग के सहयोग से फिटनेस, खेल में भागीदारी और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

श्रीमती रक्षा खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अस्मिता को उत्प्रेरक बताते हुए कहा, “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें याद दिलाता है कि महिलाओं के अधिकार, गरिमा और समान अवसर न केवल एक सामाजिक आवश्यकता हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव भी हैं। महिलाओं को अवसर प्रदान करके पूरा समाज सशक्त होता है। यही हम अस्मिता के माध्यम से कर रहे हैं, जिसे 2021 में हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुभारंभ किया गया था।”

“अस्मिता हमें ग्रामीण, आदिवासी और स्कूली स्तर की पृष्ठभूमि से प्रतिभाओं को पहचानने में मदद कर रही है। जब भागीदारी बढ़ती है, तो प्रतिभाओं में भी वृद्धि होती है, प्रतियोगिता का स्तर ऊंचा होता है और फिर पदकों की संख्या में भी सुधार होता है। अगर अधिक महिलाएं खेलों में भाग लेना शुरू कर दें, तो हम बड़े आयोजनों में अपने प्रदर्शन में सुधार कर पाएंगे। इसलिए, अस्मिता एक तरह से ओलंपिक जैसे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदकों की संख्या बढ़ाने में उत्प्रेरक का काम कर रही है।”

अब तक, अस्मिता लीग में 2600 लीगों में 33 खेलों में लगभग 3 लाख महिलाओं ने भाग लिया। 2025-26 में, लगभग 1.59 लाख महिलाएं पहले ही 1287 लीगों में भाग ले चुकी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, देश भर के 250 स्थानों पर 13 वर्ष से कम, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की लड़कियों के लिए 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर की तीन अलग-अलग दौड़ श्रेणियों में अस्मिता एथलेटिक्स लीग का आयोजन किया गया। एक दिवसीय इस आयोजन में कुल 2 लाख लड़कियों ने भाग लिया, जिसका संचालन माई भारत, खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी), एसएआई इकोसिस्टम और एनसीओई, राज्य और जिला खेल संघों के साथ-साथ जिला युवा अधिकारियों (डीवाईओ) के सहयोग से किया गया।

श्रीमती खडसे ने कहा, “हर जिले को खेलों में सक्रिय बनाना है, हर बेटी को आत्मविश्वास से भरपूर बनाना है और फिटनेस को राष्ट्रीय आदत बनाना है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, माई भारत और अस्मिता के माध्यम से हम एक मजबूत, स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण कर रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के अंतर्गत, भारत का खेल तंत्र लगातार अधिक समावेशी और महिला-केंद्रित होता जा रहा है।”

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प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं दी, भारत की प्रगति में नारी शक्ति की भूमिका की सराहना की

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देशवासियों को बधाई दी और भारत की नारी शक्ति के सामर्थ्य, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों को नमन किया।

प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को बधाई दी और भारत की प्रगति को आकार देने में उनकी बढ़ती भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ योगदान दे रही हैं और उनकी उपलब्धियां राष्ट्र को प्रेरित करने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प को सशक्त करती हैं।

महिला नेतृत्व वाले विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की कई योजनाओं और पहलों के केंद्र में है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ऐसे अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है जो प्रत्येक महिला को अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त करने और भारत की विकास यात्रा में योगदान देने में सक्षम बनाते हैं।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां राष्ट्र के लिए गर्व की बात है और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका की एक सशक्त याद दिलाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ रहा है, महिलाओं की आकांक्षाएं और योगदान एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की ओर देश की सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करना जारी रखेंगे।

श्री मोदी ने पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की एक झलक भी साझा की और देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों के प्रभाव पर प्रकाश डाला।

एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा:

“अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, मैं हमारी समस्त नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।

आज हर क्षेत्र में महिलाएँ अपने अटूट संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को नया आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियाँ हमारे राष्ट्र को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।

महिला सशक्तिकरण हमारी विभिन्न योजनाओं और पहलों के मूल आधार में है। हम ऐसे अवसर बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं, जो प्रत्येक महिला को अपनी पूर्ण क्षमता को पहचानने और भारत की विकास यात्रा में अपना योगदान देने में सक्षम बना सके।

#NayeBharatKiNariShakti”

“भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां हमारे लिए गर्व का विषय है और राष्ट्र निर्माण में उनकी परिवर्तनकारी भूमिका का एक सशक्त प्रमाण हैं। जैसे-जैसे भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है, महिलाओं की आकांक्षाएं और उनका योगदान एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की ओर हमारी सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

#NayeBharatKiNariShakti”

“पिछले एक दशक के दौरान जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में आए क्रांतिकारी बदलावों की एक झलक…

#NayeBharatKiNariShakti”

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