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गोपालगंज में अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल हुए, भाजपा नेता राकेश सिंह

पटना , 30 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के दौरे पर हैं। गोपालगंज में न्यू पुलिस लाइन, चैनपट्टी में आयोजित विशाल जनसभा में शामिल हुआ. भाजपा नेता बिहार भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्य समिति सदस्य राकेश सिंह व अन्य ने थावे मंदिर मे माता का  पूजा और दर्शन कर जिला की खुशहाली की कामना की.

पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश कुमार जिला महामंत्री धर्मेंद्र साह मंडल अध्यक्ष मंटू बाबा भाजपा नेता संजय सिंह मंडल अध्यक्ष अजय नाथ पूरी मंडल अध्यक्ष बबलू सिंह राहुल पासवान मंडल अध्यक्ष मिथलेश मांझी पवन सिंह सुमंत बाबा विवेक सिंह मोनू सिंह सरोज यादव सरवन कुमार संतोष शर्मा राम दयाल शर्मा विक्रम साह सहित अनेक लोग उपस्थित थे.

सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी जी के जन्मदिन पर बधाई दी.

 

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सीएम भजनलाल शर्मा ने चैत्र नवरात्र स्थापना पर पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की

जयपुर ,30 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन मुख्यमंत्री निवास में विधिवत पूजा-अर्चना कर घट स्थापना की तथा राज राजेश्वरी मंदिर में सपरिवार मां दुर्गा की आराधना की।

शर्मा ने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी एवं समृ़द्ध जीवन की प्रार्थना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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52 टन राहत सामग्री के साथ नौसैना के जहाज व वायुसेना के विमान म्यांमार रवाना

नई दिल्ली 30 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): म्यांमार में 28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप के बाद, भारत सरकार ने वहां सहायता पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। 30 मार्च को भारत की ओर से नौसैनिक जहाजों के जरिए करीब 52 टन राहत सामग्री म्यांमार भेजी जा रही है। इस राहत सामग्री में पीड़ितों के लिए वस्त्र, पीने का साफ पानी, खानपान की वस्तुएं, दवाइयां आदि शामिल हैं।

पीड़ित लोगों को सहायता पहुंचाने के इस अभियान में भारतीय नौसेना, वायु सेना और इंडियन आर्मी अपना योगदान दे रही है। वायुसेना के मुताबिक, म्यांमार के लोगों के साथ भारतीय वायुसेना ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत राहत और बचाव मिशन में निरंतर कार्यरत है।

रविवार को इस विषय में जानकारी देते हुए वायुसेना ने बताया कि अविलंब वायुसेना ने अपने विमान सेवा में लगाए हैं। अब तक वायुसेना के विमानों से कुल 96.3 टन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा चुकी है।

सेना चिकित्सा कोर तथा एनडीआरएफ के 198 कर्मियों को तीन वायुसेना के सी-130 जे और दो सी-17 विमानों के जरिए हवाई मार्ग से भेजा गया है।

म्यांमार को सहायता पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, नौसेना और एनडीआरएफ के सहयोग से जारी है।

वहीं, नौसेना ने बताया कि भारतीय नौसेना के जहाज सतपुरा और सावित्री, जो पूर्वी नौसेना कमांड से हैं, वे म्यांमार के शहर यांगून के लिए रवाना हो चुके हैं। यह भारतीय नौसेना की तत्काल व मानवतावादी सहायता और आपदा राहत के प्रति प्रतिक्रिया का हिस्सा है।

इसके अतिरिक्त, भारतीय नौसेना के जहाज करमुक और एलसीयू 52, जो अंडमान और निकोबार कमांड से हैं, 30 मार्च 2025 को यांगून के लिए रवाना हो रहे हैं।

नौसेना ने अपने समुद्री जहाजों को राहत कार्यों में उतारने का फैसला किया है ताकि इन कार्यों में तुरंत सहायता की जा सके। नौसेना ने बताया कि इन जहाजों पर लगभग 52 टन राहत सामग्री लदी हुई है, जिसमें आवश्यक वस्त्र, पीने का पानी, खाद्य सामग्री, दवाइयां और आपातकालीन सामग्रियां शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि भारतीय नौसेना क्षेत्र में ‘पहली प्रतिक्रिया देने वाला’ बने रहने के लिए प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि 28 मार्च को म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप की त्वरित प्रतिक्रिया में भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत तत्काल मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए एक विशेष चिकित्सा कार्य बल तैनात किया है।

मेडिकल रिस्पॉन्डर्स की 118 सदस्यीय टीम आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और आपूर्ति के साथ शीघ्र ही म्यांमार रवाना हुई है। राहत एवं बचाव ऑपरेशन के हिस्से के रूप में भारतीय सेना आपदा में घायल हुए लोगों की तत्काल देखभाल के लिए 60 बिस्तरों वाला चिकित्सा उपचार केंद्र भी स्थापित कर रही है।

सेना की यह मेडिकल सुविधा ट्रामा के मामलों, आपातकालीन सर्जरी और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं को संभालने में सक्षम है। इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सहायता मिलेगी, जो आपदा के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह मानवीय सहायता भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति तथा ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ – विश्व एक परिवार है – के शाश्वत भारतीय सिद्धांत के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। भारतीय सेना संकट के समय मित्र देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहती है, जो इस क्षेत्र में सबसे पहले प्रतिक्रिया देने के भारत के संकल्प को दर्शाता है। इस तैनाती को विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर समन्वित किया गया है।

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पंजाब सरकार ने बिजली की दरें घटाई

600 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा पूरा

अमृतसर 30 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । पंजाब सरकार के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने बिजली दरों में कमी कर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है।

हरभजन सिंह ईटीओ ने बताया कि नई टैरिफ दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगी, जिसमें बिजली की दरों को कम किया गया है। इसके साथ ही एक करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं बढ़ाया गया है।

मंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार लंबे समय से लोगों के हित में फैसले ले रही है ताकि बिजली उपभोक्ताओं को कोई परेशानी न हो। पिछले तीन वर्षों से राज्य के लोगों को 600 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जो आम आदमी पार्टी सरकार का जनता से किया गया वादा था और इसे पूरा किया जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि बिजली की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने गोइंदवाल में एक बड़ा थर्मल पावर प्लांट भी खरीदा है।

हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि 2025-26 के लिए नई टैरिफ दरों में वाणिज्यिक कनेक्शनों की दरें कम की गई हैं और उद्योगपतियों को 10 रुपये प्रति किलोवाट की कटौती का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा, “बिजली विभाग को 311.5 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है, जिसके चलते हमने टैरिफ दरों में कमी की है।”

उन्होंने पंजाब सरकार के हालिया बजट को लोकहितैषी और सराहनीय कदम करार देते हुए कहा कि पिछले तीन साल में सरकार ने बेहतरीन काम किया है और अगले दो साल में यह गति और तेज होगी। मंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है और बिजली दरों में कमी इसका एक बड़ा उदाहरण है।

पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिजली दरों में कटौती की घोषणा की है, जिसे भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा राज्य के लोगों के लिए एक तोहफे के रूप में पेश किया जा रहा है।

इस घोषणा से पंजाब के घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

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देवरिया से प्रयागराज तक चैत्र नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में उमड़े लोग

देवरिया/प्रयागराज 30 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन और हिंदू नववर्ष की शुरुआत के साथ देशभर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देवरिया के देवरही मंदिर और राजराजेश्वरी मां केला देवी मंदिर से लेकर प्रयागराज के मां कल्याणी देवी मंदिर तक, सुबह से ही श्रद्धालु मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। इस मौके पर प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं।

देवरिया में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने नवरात्रि की तैयारियों का जायजा लेने के लिए देवरही मंदिर का दौरा किया। उन्होंने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर में मां दुर्गा के नौ रूपों की भव्य झांकियां सजाई जाएंगी, ताकि श्रद्धालु मां के दर्शन कर उनकी महिमा को समझ सकें। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि नई पीढ़ी को मां के अलौकिक स्वरूप का ज्ञान हो। नवरात्रि के दौरान हर शाम 5 से 7 बजे तक दुर्गा सप्तशती पाठ होगा, जिसके बाद भव्य आरती होगी। 3 अप्रैल को जागरण और अष्टमी पर आतिशबाजी का आयोजन भी होगा।”

जिलाधिकारी ने स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली और सीसीटीवी कैमरों के साथ पुलिस तैनाती के निर्देश दिए। मंदिर मार्ग, यातायात और पार्किंग की व्यवस्था को भी दुरुस्त करने को कहा।

देवरिया के ऐतिहासिक राजराजेश्वरी मां केला देवी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ जुट गई। मंगला दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। नौ दिनों तक विशेष हवन और आरती का आयोजन होगा। भक्त मां से सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। एक श्रद्धालु ने कहा, “मां के दर्शन से मन को शांति मिलती है।”

देवरिया के प्राचीन शक्तिपीठों जैसे मां कालिकन धाम, दुर्गन भवानी, हिंगलाज, आहोरवा भवानी और बड़ी दुर्गा काली मंदिर में भी सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। लोग हवन और पूजन में हिस्सा ले रहे हैं। प्रशासन ने मंदिरों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई है। सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

प्रयागराज के शक्तिपीठ मां कल्याणी देवी मंदिर में भी सुबह से भक्त मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर में पूजा, जागरण और भजन-कीर्तन का माहौल है। एक भक्त ने बताया, “हर साल नवरात्रि पर मां के दर्शन करने आते हैं। आज का दिन बहुत खास है। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।”

चैत्र नवरात्रि का आगाज 30 मार्च से हुआ है तो 6 अप्रैल को रामनवमी के साथ समापन होगा। इस बार नवरात्रि 9 की बजाय 8 दिन की होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। नवरात्रि में मां के नौ रूपों की पूजा होती है। कलश स्थापना के साथ यह पर्व शुरू हुआ। मान्यता है कि इस दौरान मां पृथ्वी पर आती हैं। भक्त पूजा, हवन और उपवास के जरिए मां का आशीर्वाद मांगते हैं।

हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी आज से हुई। इसे चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के रूप में मनाया जाता है। मंदिरों में भक्ति का माहौल है। लोग मां से सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। प्रशासन ने सभी जगह व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा है, ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो।

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एनडीए में विनिंग कॉम्बिनेशन ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा: चिराग पासवान

पटना 30 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस बीच एनडीए घटक दलों में शामिल लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए को गौर से देखें तो इसमें विनिंग कॉम्बिनेशन है।

आने वाले चुनाव में यह गठबंधन ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव का वर्ष है। एनडीए के साथी समय-समय पर मिलकर एक-दूसरे को समझ रहे हैं। कुछ दिन पहले हमारी दिल्ली में मुलाकात हुई थी।

पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्ष में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। वे न चेहरा तय कर पा रहे हैं, न गठबंधन का स्वरूप तय कर पा रहे हैं। राजद और कांग्रेस में जिस तरह से दरारें देखने को मिल रही हैं, वह यह दर्शाता है कि एक तरफ विपक्ष बिखरा हुआ है, तो वहीं दूसरी तरफ मजबूत एनडीए है।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अमित शाह बिहार में मौजूद हैं। इस दौरान वे इस बात को समझेंगे कि जनता को इस गठबंधन से क्या आशाएं हैं। साथ ही गठबंधन के साथियों के साथ मुलाकात में यह भी विचार किया जाएगा कि हम और बेहतर कर सकें। इस दिशा में भी चर्चा होगी।

चारा घोटाले में गबन की गई राशि को वापस लिए जाने के बिहार सरकार के प्रयास पर उन्होंने कहा कि घोटाले की राशि वसूलना बिल्कुल सही है। ये जनता का पैसा है, वापस आना ही चाहिए। लुटे गए पैसे जनता के थे।

विधानसभा चुनाव में एनडीए के चेहरे को लेकर उन्होंने कहा कि हमारा नेता कौन होगा, किसके चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे, हमारे लिए ये मुद्दा है ही नहीं। आज की बैठक में हम लोग उससे आगे बढ़ेंगे। सभी घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं। इससे एकजुटता का संदेश गया है।

उन्होंने कहा कि महागठबंधन में सब कुछ को लेकर लड़ाई है। अभी तो असली लड़ाई सीट शेयरिंग को लेकर होगी। पिछली बार कांग्रेस को 70 सीट मिली थी, तो इस बार भी कम से कम उतना ही मांगेगी। सीट बंटवारा महागठबंधन के लिए मुश्किल होने वाला है। एनडीए में बड़ी सहजता से यह कार्य होगा।

वक्फ संशोधन बिल पर उन्होंने कहा कि शुरू से हम लोगों ने स्पष्ट कर के रखा था कि सबकी बात सुननी चाहिए। तभी यह बिल जेपीसी में गया। हमारी पार्टी के लोग भी उस समिति में थे।

कई मुस्लिम संगठन हैं, जो बदलाव के समर्थन में हैं। सड़कों पर नमाज और नवरात्रि में मीट की दुकानों को बंद करने पर उन्होंने कहा कि ये सब फालतू बातें हैं। शुरू से सारे धर्मों के लोग शांति से अपना पर्व मनाते रहे हैं। इस पर चर्चा होनी ही नहीं चाहिए।

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पीएम मोदी ने टेक्सटाइल वेस्ट को बताया ‘बड़ी चुनौती’

बोले, इससे निपटने में कुछ स्टार्टअप कर रहे अच्छा काम

नई दिल्ली 30 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में देश को संबोधित किया। उन्होंने कपड़ों की बात की। बताया कि कैसे टेक्सटाइल वेस्ट भारत के लिए चुनौती खड़ा कर रहा है और इससे निपटने के लिए क्या किया जा सकता है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘मन की बात’ में हम देशवासियों की उपलब्धियों के साथ ही अक्सर सामाजिक विषयों को भी उठाते हैं । कई बार चुनौतियों पर भी चर्चा होती है। इस बार ‘मन की बात’ में, मैं एक ऐसी चुनौती के बारे में बात करना चाहता हूं, जो सीधे हम सब से जुड़ी हुई है। ये चुनौती है ‘टेक्सटाइल वेस्ट’ की।

पीएम मोदी ने कहा कि आप सोच रहे होंगे, ये टेक्सटाइल वेस्ट क्या नई बला आ खड़ी हुई है। दरअसल, टेक्सटाइल वेस्ट पूरी दुनिया के लिए नई चिंता की एक बड़ी वजह बन गया है। आजकल दुनिया भर में पुराने कपड़ों को जल्द-से-जल्द हटाकर नए कपड़े लेने का चलन बढ़ रहा है।

क्या आपने सोचा है कि जो पुराने कपड़े आप पहनना छोड़ देते हैं, उनका क्या होता है? यही टेक्सटाइल वेस्ट बन जाता है। इस विषय में बहुत सारी ग्लोबल रिसर्च हो रही है। एक रिसर्च में यह सामने आया है, सिर्फ एक प्रतिशत से भी कम टेक्सटाइल वेस्ट को नए कपड़ों में रिसाइकिल किया जाता है—एक प्रतिशत से भी कम! भारत दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा टेक्सटाइल वेस्ट निकलता है। यानी चुनौती हमारे सामने भी बहुत बड़ी है।

उन्होंने आगे कहा, ” लेकिन मुझे खुशी है कि हमारे देश में इस चुनौती से निपटने के लिए कई सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। कई भारतीय स्टार्टअप ने टेक्सटाइल वेस्ट रिकवरी फैसिलिटी पर काम शुरू किया है। कई ऐसी टीमें हैं, जो कचरा बीनने वाले हमारे भाई-बहनों के सशक्तिकरण के लिए भी काम कर रही हैं।

कई युवा साथी टिकाऊ फैशन के प्रयासों में जुड़े हैं। वे पुराने कपड़ों और जूते-चप्पलों को रिसाइकिल कर जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं। टेक्सटाइल वेस्ट से सजावट की चीजें, हैंड बैग, स्टेशनरी और खिलौने जैसी कई वस्तुएं बनाई जा रही हैं। कई संस्थाएं आजकल सर्कुलर फैशन ब्रांड को मशहूर करने में जुटी हैं। नए-नए रेंटल प्लेटफॉर्म भी खुल रहे हैं, जहां डिज़ाइनर कपड़े किराए पर मिल जाते हैं।”

पीएम मोदी ने कुछ संस्थाओं का भी जिक्र किया जो कपड़ों को दोबारा पहनने लायक बनाती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ संस्थाएं पुराने कपड़े लेकर उसे दोबारा उपयोग करने लायक बनाती हैं और गरीबों तक पहुंचाती हैं। साथियों, टेक्सटाइल वेस्ट से निपटने में कुछ शहर भी अपनी नई पहचान बना रहे हैं।

हरियाणा का पानीपत टेक्सटाइल वेस्ट रिसाइक्लिंग के ग्लोबल हब के रूप में उभर रहा है। बेंगलुरू भी नवीन तकनीकी समाधान से अपनी एक अलग पहचान बना रहा है। यहां आधे से ज्यादा टेक्सटाइल वेस्ट को जमा किया जाता है, जो हमारे दूसरे शहरों के लिए भी एक मिसाल है। इसी प्रकार तमिलनाडु का त्रिपुर वेस्ट मैनेजमेंट ट्रीटमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से टेक्सटाइल वेस्ट मैनेजमेंट में जुटा हुआ है।

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खेलो इंडिया पैरा गेम्स की लोकप्रियता बढ़ी

इस बार पहले से ज्यादा खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा : पीएम मोदी

नई दिल्ली 30 march, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 120वें एपिसोड में ‘खेलो इंडिया पैरा गेम्स’ में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना की और उनके संघर्ष और हौसले को लेकर प्रेरणादायक बातें साझा की।

उन्होंने कहा, “‘मन की बात’ में अब बात हौसलों के उड़ान की! चुनौतियों के बावजूद जज्बा दिखाने की। कुछ ही दिन पहले सम्पन्न हुए खेलो इंडिया पैरा गेम्स में एक बार फिर खिलाड़ियों ने अपनी लगन और प्रतिभा से सबको हैरान कर दिया। इस बार पहले से ज्यादा खिलाड़ियों ने इन खेलों में हिस्सा लिया। इससे पता चलता है कि पैरा स्पोर्ट्स कितना पॉपुलर हो रहा है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रयासों के लिए बधाई दी और विशेष रूप से हरियाणा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को उनके प्राप्त किए गए स्थानों के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, “मैं खेलो इंडिया पैरा गेम्स में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रयासों के लिए बधाई देता हूं। हरियाणा, तमिलनाडु और यूपी के खिलाड़ियों को पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने इस खेल के दौरान दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय रिकॉर्डों का उल्लेख करते हुए कहा, “इन खेलों के दौरान हमारे दिव्यांग खिलाड़ियों ने 18 राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाए, जिनमें से 12 तो हमारी महिला खिलाड़ियों के नाम रहे।” इसके बाद उन्होंने गोल्ड मेडल जीतने वाले आर्म रेसलर जॉबी मैथ्यू के पत्र को पढ़ा, जिसमें उन्होंने अपने संघर्ष के बारे में लिखा था।

जॉबी मैथ्यू का पत्र पढ़ते हुए पीएम मोदी ने कहा, “उन्होंने लिखा है- मेडल जीतना बहुत खास होता है, लेकिन हमारा संघर्ष सिर्फ पोडियम पर खड़े होने तक सीमित नहीं है। हम हर रोज एक लड़ाई लड़ते हैं। जीवन कई तरीके से हमारी परीक्षा लेता है, बहुत कम लोग हमारे संघर्ष को समझ पाते हैं। इसके बावजूद हम साहस के साथ आगे बढ़ते हैं। हम अपने सपनों को पूरा करने में जुटते हैं। हमें ये विश्वास रहता है कि हम किसी से कम नहीं हैं।”

पीएम मोदी ने जॉबी मैथ्यू और सभी दिव्यांग खिलाड़ियों के संघर्ष को प्रेरणादायक बताया और कहा, “जॉबी मैथ्यू और हमारे सभी दिव्यांग साथियों से कहना चाहता हूं कि आपके प्रयास हमारे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है।”

इसके बाद उन्होंने दिल्ली में आयोजित ‘फिट इंडिया कॉर्निवाल’ की चर्चा की, जिसमें करीब 25,000 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा, “दिल्ली में एक और भव्य आयोजन ने लोगों को बहुत प्रेरणा दी है, जोश से भर दिया है। एक इन्नोवेटिव आइडिया के रूप में पहली बार फिट इंडिया कॉर्निवाल का आयोजन किया गया। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के करीब 25,000 लोगों ने हिस्सा लिया। इन सभी का एक ही लक्ष्य था – फिट रहना और फिटनेस को लेकर जागरूकता फैलाना।”

प्रधानमंत्री ने आयोजन के लाभों के बारे में बताया और लोगों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करें। उन्होंने कहा, “मेरा आग्रह है कि आप अपने क्षेत्रों में भी इस तरह के कार्निवाल का आयोजन करें। इस पहल में ‘माई भारत’ आपके लिए बहुत मददगार बन सकता है।”

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पीएम मोदी ने जल संरक्षण को बताया अहम

कैच द रेन अभियान का किया जिक्र

नई दिल्ली 30 March, Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 120वें एपिसोड में जल संरक्षण को देश के लिए जरूरी बताया। इस दौरान उन्होंने देशभर में जलशक्ति मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की और जल संरक्षण के महत्व को समझाया।

प्रधानमंत्री ने कहा, “गर्मी का मौसम शुरू होते ही शहर-शहर, गांव-गांव, पानी बचाने की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। अनेक राज्यों में वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़े कामों ने, जल संरक्षण से जुड़े कामों ने नई तेजी पकड़ी है। जलशक्ति मंत्रालय और अलग-अलग स्वयंसेवी संस्थाएं इस दिशा में काम कर रही हैं।”

उन्होंने जल संरक्षण के उपायों का जिक्र करते हुए कहा, “देश में हजारों कृत्रिम तालाब, चेक डेम, बोरवेल रिचार्ज, कम्युनिटी सॉक पिट का निर्माण हो रहा है। हर साल की तरह इस बार भी ‘कैच द रेन’ अभियान के लिए कमर कस ली गई है।

ये अभियान भी सरकार का नहीं बल्कि समाज का है, जनता-जनार्दन का है।” पीएम मोदी ने जल संचय जन-भागीदारी अभियान को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह प्रयास है कि “जो प्राकृतिक संसाधन हमें मिले हैं, उसे हमें अगली पीढ़ी तक सही सलामत पहुंचाना है।”

प्रधानमंत्री ने उदाहरण के तौर पर बताया कि कैसे बारिश की बूंदों को संरक्षित कर पानी बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सालों में इस अभियान के तहत देश के कई हिस्सों में जल संरक्षण के अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।

मैं आपको एक दिलचस्प आंकड़ा देता हूं, पिछले 7-8 साल में नए बने टैंक, तालाब और अन्य जल रिचार्ज संरचनाओं से 11 बिलियन क्यूबिक मीटर उससे भी ज्यादा पानी का संरक्षण हुआ है।” प्रधानमंत्री ने इस आंकड़े को समझाते हुए कहा, “अब आप सोचेंगे कि 11 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी कितना पानी होता है?

उन्होंने आगे कहा कि भाखड़ा नांगल बांध में जो पानी जमा होता है, उसकी तस्वीरें तो आपने जरूर देखी होंगी। ये पानी गोविंद सागर झील का निर्माण करता है। इस झील की लंबाई ही 90 किलोमीटर से ज्यादा है।

इस झील में भी 9-10 बिलियन क्यूबिक मीटर से ज्यादा पानी संरक्षित नहीं हो सकता है। और देशवासियों ने अपने छोटे-छोटे प्रयास से, देश के अलग-अलग हिस्सों में 11 बिलियन क्यूबिक मीटर पानी के संरक्षण का इंतजाम कर दिया है – है ना ये शानदार प्रयास!”

प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के गडग जिले के लोगों के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “कुछ साल पहले यहां के दो गांव की झीलें पूरी तरह सूख गईं। एक समय ऐसा भी आया जब वहां पशुओं के पीने के लिए भी पानी नहीं बचा।

धीरे-धीरे झील घास-फूस और झाड़ियों से भर गई। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने झील को पुनर्जीवित करने का फैसला किया और काम में जुट गए।” पीएम मोदी ने कहा कि गांव के लोगों के प्रयासों को देखकर “आसपास की सामाजिक संस्थाएं भी उनसे जुड़ गईं। सब लोगों ने मिलकर कचरा और कीचड़ साफ किया और कुछ समय बाद झील वाली जगह बिल्कुल साफ हो गई। अब लोगों को इंतजार है बारिश के मौसम का।”

प्रधानमंत्री ने इस उदाहरण को ‘कैच द रेन’ अभियान का एक शानदार उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, “आप भी सामुदायिक स्तर पर ऐसे प्रयासों से जुड़ सकते हैं।

इस जन-आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए आप अभी से योजना जरूर बनाइए, और आपको एक और बात याद रखनी है – हो सके तो गर्मियों में अपने घर के आगे मटके में ठंडा जल जरूर रखिए। घर की छत पर या बरामदे में भी पक्षियों के लिए पानी रखिए। देखिएगा, ये पुण्य कार्य करके आपको कितना अच्छा लगेगा।

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PM बनने के बाद मोदी ने पहली बार किया संघ मुख्यालय का दौरा

संस्थापक हेडगेवार को दी श्रद्धांजलि

नागपुर 30 March, Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह करीब 9 बजे नागपुर पहुंचे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष में पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का दौरा किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी का संघ मुख्यालय का यह पहला दौरा है और इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।

महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि उनके नागपुर आगमन से पूरे विदर्भ में उत्साह का माहौल है। 47 स्थानों पर उनके स्वागत की तैयारी की गई है।

बता दें कि पीएम मोदी डॉ. हेडगेवार स्मृति मंदिर गए और आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार और माधव सदाशिव गोलवलकर की समाधि पर श्रद्धांजलि की।

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी आरएसएस के स्मृति मंदिर पहुंचे और उन्होंने डॉ. हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने नागपुर में दीक्षाभूमि का भी दौरा किया। यह वह स्थान है जहां डॉ. बीआर अंबेडकर और उनके अनुयायियों ने बौद्ध धर्म अपनाया था। पीएम मोदी ने महात्मा बुद्ध की भी पूजा की। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी साथ मौजूद रहे।

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चैत्र नवरात्रि शुरू : मां वैष्णो देवी की अटका आरती होती है बेहद खास

नई दिल्ली 30 March, Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : आज से चैत्र नवरात्रि शुरू हो गई है और माता वैष्णो देवी मंदिर सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं। यहां होने वाली अटका आरती एक बेहद खास अनुष्ठान है, जिसे देखने और उसमें शामिल होने की इच्छा हर भक्त की होती है, लेकिन अटका आरती में शामिल होने के लिए पहले से ऑनलाइन बुकिंग कराना आवश्यक है। अगर आप भी माता वैष्णो देवी की अटका आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो यहां हम आपको इसकी पूरी बुकिंग प्रक्रिया और इससे जुड़ी जरूरी जानकारी देंगे।

अटका आरती माता वैष्णो देवी के दरबार में होने वाली विशेष पूजा है, जो दिन में दो बार—सुबह और शाम को आयोजित की जाती है। इस आरती के दौरान मंदिर परिसर को पूरी तरह बंद कर दिया जाता है और केवल आरती बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं को ही इसमें शामिल होने का अवसर मिलता है। आरती के दौरान वैदिक मंत्रों, भजनों और शंख-घंटियों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। मान्यता है कि इस आरती में शामिल होने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

वैष्णो देवी अटका आरती में शामिल होने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कराई जाती है। बुकिंग की प्रक्रिया बेहद आसान है।

सबसे पहले आप श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटमांवैष्णोदेवीडॉटओआरजी पर जाएं। यहां अपना अकाउंट बनाएं या लॉगिन करें। अगर आपका पहले से अकाउंट है, तो यूजर आईडी और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करें। अगर नया अकाउंट बनाना है, तो रजिस्ट्रेशन करें और अपनी डिटेल्स भरें। इसके बाद अटका आरती बुकिंग सेक्शन पर जाएं, फिर वेबसाइट के ऑनलाइन सर्विसेज सेक्शन में जाएं। यहां अटका आरती बुकिंग के विकल्प पर क्लिक करें।

इसके बाद आप आरती की तारीख चुनें। आपके सामने एक कैलेंडर खुलेगा, जिसमें उपलब्ध तारीखें दिखाई देंगी। अपनी सुविधानुसार मनचाही तारीख का चयन करें। फिर श्रद्धालुओं की संख्या दर्ज करें। एक बार बुकिंग करने पर अधिकतम चार श्रद्धालुओं को शामिल किया जा सकता है। अपनी और अपने साथ जाने वाले श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत जानकारी (नाम, उम्र, आईडी प्रूफ) दर्ज करें। इसके बाद पेमेंट करना होगा।

पेमेंट सफल होने के बाद, आपको ईमेल और मोबाइल नंबर पर बुकिंग कंफर्मेशन और एक ई-रसीद प्राप्त होगी। इस ई-रसीद को यात्रा के दौरान साथ रखना जरूरी है।

आपको बता दें कि अटका आरती बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होती है, इसलिए जल्दी बुकिंग कराना जरूरी है। श्रद्धालुओं को समय से 1-2 घंटे पहले मंदिर परिसर में पहुंचना अनिवार्य होता है। मोबाइल फोन, कैमरा, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मंदिर के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। सुविधा के लिए यात्रा से पहले श्राइन बोर्ड की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर लें।

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पीएम मोदी ने नवरात्रि और नव संवत्सर की देशवासियों को शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली 30 march, Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ नव संवत्सर (हिंदू नव वर्ष) की शुरुआत हो गई है। साथ ही नवरात्रि का पावन पर्व भी रविवार से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को नवरात्रि और नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

पीएम मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देशवासियों को नवरात्रि और नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा, “समस्त देशवासियों को नव संवत्सर की ढेरों शुभकामनाएं। यह पावन-पुनीत अवसर आप सभी के जीवन में नया उत्साह लेकर आए, जो विकसित भारत के संकल्प में भी नई ऊर्जा भरे।”

इसके बाद एक और पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “देशवासियों को नवरात्रि की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। शक्ति-साधना का यह पावन पर्व हर किसी के जीवन को साहस, संयम और सामर्थ्य से परिपूर्ण करे। जय माता दी!”

इसके अलावा, पीएम मोदी ने नवरात्रि को “शक्ति और साधना” का त्योहार बताते हुए, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित जसराज द्वारा देवी को समर्पित एक भजन भी एक्स पर शेयर किया। पीएम मोदी ने कैप्शन में लिखा, “नवरात्रि की शुरुआत मां भगवती के उपासकों में भक्ति का एक नया उत्साह जगाती है। मां भगवती की आराधना को समर्पित पंडित जसराज का यह भजन सभी को मंत्रमुग्ध कर देगा।”

इसके अलावा पीएम मोदी ने सभी को गुड़ी पड़वा और उगादि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं!

बता दें कि नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। नवरात्रि मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। यह त्योहार साल में चार बार आता है: क्रमशः चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि, माघ नवरात्रि और आषाढ़ नवरात्रि। हालांकि, इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि सबसे अधिक लोकप्रिय और व्यापक रूप से मनाई जाती हैं।

वहीं, हिंदू नववर्ष को ‘हिंदू संवत्सर’ या ‘विक्रम संवत’ के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। यह मुख्य रूप से चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। यह दिन चैत्र नवरात्रि के पहले दिन के साथ भी मेल खाता है। हिंदू नववर्ष को भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ उत्साहपूर्वक मनाया जाता है।

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झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की सदस्यता ग्रहण की

रांची, 29.03.2025(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – रांची के हरमू स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय (कैंप) मे पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष दिशोम गुरु आदरणीय श्री शिबू सोरेन जी के मार्गदर्शन और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष सह माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए, सिमडेगा जिला की सामाजिक कार्यकर्ता सह जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती रोज प्रतिमा सोरेन ने पार्टी के माननीय केंद्रीय महासचिव श्री विनोद कुमार पांडेय जी के समक्ष झामुमो की सदस्यता ग्रहण की।

पार्टी के केंद्रीय महासचिव श्री विनोद कुमार पांडेय जी के द्वारा सभी लोगों को अंगवस्त्र देकर पार्टी में शामिल किया गया |

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हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, नशा तस्करों को अब मिलेगा मृत्युदंड

शिमला 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – नशे के खात्मे के लिए एक तरफ जहां पंजाब सरकार सख्त कदम उठा रही है तो वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार ने भी प्रदेश में नशा रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने नशा तस्करों को मृत्युदंड देने पर मुहर लगा दी है।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने नशे की लत में फंसे लोगों के पुनर्वास के लिए दो विधेयक पारित कर दिए। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध निवारण एवं नियंत्रण विधेयक 2025 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

इसमें नशे के सौदागरों को न केवल आजीवन कारावास, बल्कि मृत्युदंड का भी प्रविधान किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में इसे सदन में पेश किया था।

जिसके बाद अब इस पर चर्चा की गई और पारित कर दिया गया। इसमें 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रविधान किया गया है। माना जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश ऐसा प्रविधान करने वाला पहला राज्य है।

विधेयक के अनुसार ऐसी दवाओं, जिनसे नशे की लत लग सकती है, के परिवहन, आपूर्ति तथा इन्हें रखने की स्थिति पकड़े जाने पर उक्त कानून के प्रविधानों के मुताबिक सजा मिलेगी।

इसके अलावा अवैध खनन, वन्य जीवों की तस्करी, मानव तस्करी, झूठे दस्तावेजों के साथ कोई काम करना, मानव अंगों की तस्करी, खतरनाक पदार्थों की डंपिंग तथा बौद्धिक वस्तुओं की जालसाजी के मामले में भी हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध निवारण एवं नियंत्रण कानून के प्रविधानों के तहत सजा मिलेगी।

संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्य अथवा सिंडिकेट द्वारा हिंसा करने पर किसी की मृत्यु होने पर आजीवन कारावास अथवा मृत्यु दंड हो सकेगा। सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा नशे अथवा अन्य अवैध तरीकों से अर्जित संपत्ति की कुर्की होगी। सरकार इस संपत्ति को जब्त कर सकती है।

सरकार ने शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में तंबाकू अथवा अन्य नशीली दवाएं या पदार्थ बेचने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। पहले 100 मीटर के दायरे में ही इस तरह के पदार्थ बेचने पर प्रतिबंध था। विधेयक के राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

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राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया राजस्थान उत्सव का अवलोकन

नई दिल्ली, 29 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान की उप मुख्यमंत्री  दिया कुमारी ने शनिवार को नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में चल रहे राजस्थान उत्सव 2025 का अवलोकन किया।

राज्य की अतिरिक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती अंजु ओम प्रकाश तथा संयुक्त आवासीय आयुक्त श्रीमती रिंकू मीना ने उप मुख्यमंत्री को उत्सव का अवलोकन करवाते हुए विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उप आवासीय आयुक्त मनोज सिंह सहित बीकानेर हाउस स्थित कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।

दिया कुमारी ने उत्सव में राजीविका द्वारा लगाए गए क्राफ्ट मेले और फूड फेस्टिवल का भ्रमण करते हुए प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए काश्तकारों, हस्तकारों और हस्तशिल्पियों इत्यादि के स्टाॅल्स पर जाकर उनके उत्पादों के बनाने की विधि एवं अन्य जानकारियां ली। उन्होंने सभी हस्तकलाकारों से उनके अनुभवों और उत्पादों की प्रशंसा करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।

राजस्थान स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 2 अप्रैल तक चलने  वाले इस नौ दिवसीय राजस्थान उत्सव में उपस्थित आगंतुकों को उपमुख्यमंत्री ने हिन्दी नव वर्ष की शुभकामनाएं दी।  दिया कुमारी ने राजस्थान उत्सव में राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए राजस्थान में पर्यटन क्षेत्र में किए जा रहे अभूतपूर्व कार्यो की जानकारी देते हुए उनसे राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया।

इसके अतिरिक्त उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों को राज्य के विभिन्न ट्यूरिस्ट सर्किट्स का भ्रमण करने का भी आमंत्रण दिया।

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जज के दरवाजे पर कैश…चंडीगढ़ कैश कांड मामले में 17 साल बाद फैसला

पूर्व जस्टिस निर्मल यादव बरी

चंडीगढ़ 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सीबीआई की विशेष अदालत ने शनिवार को पूर्व जस्टिस निर्मल यादव को 2008 के दरवाजे पर कैश कांड मामले में बरी कर दिया। विशेष सीबीआई जज अलका मलिक की अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश करने में विफल रहा।

दरअसल, पूर्व जस्टिस निर्मल यादव पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जज रहते हुए 2008 में 15 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। इस मामले में कुल पांच आरोपी थे, जिनमें से एक की पहले ही मौत हो चुकी है। अदालत ने बीते गुरुवार को अंतिम दलीलें सुनने के बाद आज फैसला सुनाने की तारीख तय की थी।

यह मामला 17 साल पहले तब सामने आया था जब जस्टिस निर्मलजीत कौर, जो उस समय हाईकोर्ट की जज बनी थीं, के दरवाजे पर गलती से नोटों से भरा एक पैकेट पहुंच गया था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिससे इस कथित रिश्वतखोरी का खुलासा हुआ। इस मामले में जस्टिस निर्मल यादव और हरियाणा के तत्कालीन अतिरिक्त महाधिवक्ता संजीव बंसल पर केस दर्ज किया गया था, जिनकी कुछ साल पहले मृत्यु हो गई थी।

इस मामले में 89 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और 12 गवाहों को दोबारा बुलाया गया था। लंबी सुनवाई के बाद, सीबीआई की विशेष अदालत ने आज फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि सीबीआई ठोस डिजिटल या दस्तावेजी सबूत पेश करने में नाकाम रही। इसके अलावा, मुख्य गवाहों ने अदालत में अपने पहले दिए गए बयानों से पलट गए, जिससे अभियोजन का मामला कमजोर हो गया। बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग ने बताया कि कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश निर्मल यादव और अन्य चार आरोपियों को बरी कर दिया है।

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राजपूत समाज अपने पूर्वजों के अपमान को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा

शहीद पूर्वजों का अपमान बंद करो, 28 मार्च का विरोध और पुतला दहन

राँची,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) –  28 मार्च को अखिल राजपूताना कल्याण न्यास द्वारा आयोजित विरोध मार्च रांची यूनिवर्सिटी गेट से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक पहुंचा। इस विरोध कार्यक्रम में पुरे रांची शहर से हजारों की संख्या में राजपूत समाज के लोग एकजुट होकर अपने वीर पूर्वजों के सम्मान में प्रदर्शन करने पहुंचे। इस इस विरोध कार्यक्रम ने समाज में एकता, साहस और वीरता का उदाहरण प्रस्तुत किया और यह संदेश दिया कि राजपूत समाज अपने पूर्वजों के अपमान को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा।

विरोध मार्च के बाद सभी लोग एकजुट होकर फिरायालाल चौक पर एकत्र हुए, जहां  इस आंदोलन का मुख्य कार्यक्रम हुआ। रामजी लाल सुमन द्वारा  वीर राणा  सांगा के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयान, जिसमें उन्होंने राणा सांगा को गद्दार कहा था, पर तीव्र विरोध व्यक्त किया गया । इस बयान को पूरी तरह से नकारते हुए, राजपूत समाज के लोगों ने इसका विरोध करते हुए रामजी लाल सुमन का पुतला दहन किया।

पुतला दहन करते समय समाज के लोग गुस्से से भरपूर थे और उन्होंने पुतले को जूते और चप्पलों से मारा, यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि राजपूत समाज किसी भी व्यक्ति को, जो हमारे पूर्वजों का अपमान करेगा, उसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही, नारे लगाए गए कि”जो भी हमारे पूर्वजों के साथ खिलवाड़ करेगा या उनको बदनाम करेगा, राजपूत समाज उसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उसकी ईट से ईट बजा दी जाएगी।”

यह विरोध प्रदर्शन एक स्पष्ट संदेश है कि राजपूत समाज अपने गौरव, वीरता और पूर्वजों के सम्मान की रक्षा के लिए कभी भी एकजुट होकर खड़ा हो सकता है। यह आंदोलन न केवल हमारे पूर्वजों की गरिमा की रक्षा करने के लिए था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समाज में ऐसे अपमानजनक बयानों और टिप्पणियों के खिलाफ आवाज उठाना हमारी जिम्मेदारी है।

हम समाज से अपील करते हैं कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें और हमें हमारे शहीदों और वीर पूर्वजों के सम्मान की रक्षा करने का अवसर दें। यह हमारी एकता, हमारी संस्कृति, और हमारे गौरव की रक्षा का आंदोलन है।

कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्ति:
रामेश्वर दयाल सिंह,शिवाजी सिंह परमार,संजय सिंह,श्रीराम सिंह,प्रो.(डॉ.) धीरज सिंह “सूर्यवंशी” उर्फ बिनु सिंह,,सुनील सिंह, प्रतुलनाथ सहदेव ,मनीष सिंह , रंजन कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह ,विनोद कुमार सिंह ,सूर्यकांत सिंह जितेंद्र सिंह ,दिलीप सिंह ,शशि सिंह लव कुमार सिंह ,शिव चंद्र सिंह,रमाकांत सिंह ,वीरेंद्र सिंह ,धर्मेन्द्र सिंह,विजय सिंह ,प्रमोद सिंह ,श्याम किशोर सिंह ,डॉ अजय नाथ सहदेव ,कुंदन सिंह,सुनील कुमार सिंह ,सीएम सिंह ,बलिंद्र सिंह,अवध बिहारी सिंह ,निशांत सिंह,विपिन सिंह ,बीएन सिंह,मनीष सिंह ,यश सिंह परमार ,देवराज सिंह,नीतू सिंह ,गौतम सिंह ,जितेंद्र सिंह ,अंशुमान सिंह ,ब्रजभूषण सिंह ,राजकुमार सिंह ,नागेश्वर सिंह ,मनोज कुमार सिंह ,दिलीप कुमार सिंह ,विजय सिंह , मुदित राज ,प्रतुल नाथ सहदेव ,गणेश चंद्र समल,रवि प्रताप सिंह,बलराम सिंह,रणधीर सिंह ,संजीव सिंह,पंकज सिंह,राणा प्रशांत सिंह,प्रभु नाथ सिंह,महावीर सिंह,राजकिशोर सिंह ,रविरंजन सिंह ,संजीत सिंह ,प्रभाकर सिंह,शैलेन्द्र सुमन ,धर्मेन्द्र सिंह

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अजब प्रेम! किसी के पास एक नहीं…कोई दो लेकर घूम रहा

शख्स ने एक ही मंडप में दो प्रेमिकाओं से रचाई शादी

तेलंगाना 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : तेलंगाना के आसिफाबाद जिले की एक प्रेम कहानी बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक शख्स को दो लड़कियों से प्यार था। शख्स दोनों को ही नहीं छोड़ना चाहता था। उसने अपनी दोनों प्रेमिकाओं से बात की और फिर एक ही मंडप में दोनों से शादी रचा ली।

लिंगापुर मंडल के गुमनूर गांव में हुई इस शादी की चर्चा चारों तरफ हो रही है। दूल्हे सूर्यदेव ने एक ही मंडप के नीचे लाल देवी और झलकारी देवी के साथ 7 फेरे लिए। शादी समारोह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में दूल्हा-दुल्हनों को शादी की रस्में पूरी करते देखा जा सकता है।

तीन लोगों की एक साथ शादी की चर्चाएं जोरों पर हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों के तीखे रिएक्शन सामने आ रहे हैं। सूर्यदेव ने बताया कि उसे लाल देवी और झलकारी देवी से प्यार हो गया था। वह दोनों में से किसी एक को नहीं चुन सकता था। दोनों युवतियों में से कोई एक भी उसे छोड़ने को राजी नहीं थी। इसके बाद तीनों ने आपस में बात की और सहमति के साथ शादी करने का फैसला लिया।

इस बात पर उनके परिजनों ने भी किसी तरह की कोई आपत्ति जाहिर नहीं की। खास बात यह है कि शादी के लिए जो कार्ड छपवाए गए, उनके ऊपर भी दोनों दुल्हनों के नाम थे। इसके बाद एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में उनके परिजन और सभी रिश्तेदारों की मौजूदगी में दूल्हे ने अपनी दोनों दुल्हनों के साथ 7 फेरे लिए।

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राज्य गीत जय-जय-जय-हरियाणा पर लगी विस की स्वीकृति की मुहर

चंडीगढ़ 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – हरियाणा विधानसभा ने शुक्रवार को राज्य गीत को सर्वसम्मति से ध्वनिमत से स्वीकृत कर लिया। गीत ‘जय-जय-जय-हरियाणा’ सदन में सुनाया भी गया।

इससे पूर्व हरियाणा राज्य गीत चयन समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव ने सदन में समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे सदन ने सर्वसम्मति जताते हुए ध्वनिमत से स्वीकृत कर लिया। समिति में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव (अध्यक्ष) के अलावा विधायक गीता भुक्कल, विनोद भ्याना, बलवान सिंह दौलतपुरिया, आदित्य देवीलाल सदस्य हैं।

14वीं विधान सभा के दौरान विधायक जोगी राम सिहाग, नीरज शर्मा, बिशम्बर सिंह भी सदस्य रहे। विधान सभा के प्रभारी सचिव डॉ. सतीश कुमार और मीडिया एवं संचार अधिकारी दिनेश कुमार इस समिति के अधिकारी हैं।

समिति ने जिस गीत की अनुशंसा की है उसे डॉ. बाल किशन शर्मा ने लिखा है। डॉ. श्याम शर्मा ने गाया है, पारस चोपड़ा ने संगीतबद्ध किया तथा सुश्री मालविका पंडित ने इसका निर्देशन किया है। विषय विशेषज्ञ के तौर पर लोक कलाकर पदमश्री महावीर सिंह गुड्‌डू समिति की बैठकों में शामिल रहे।

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी बढ़ाई

शिमला 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार अधिनियम-1972 की धारा 118 के तहत भूमि खरीद की अनुमति देने के लिए स्टाम्प ड्यूटी बढ़ा दी है।

नयी स्टाम्प ड्यूटी संरचना को पहली बार 13 फरवरी, 2025 को जारी भारतीय स्टाम्प (हिमाचल प्रदेश संशोधन) अध्यादेश, 2025 के माध्यम से लागू किया गया था। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से राज्य विधानसभा में पेश किये गये विधेयक के माध्यम से अब इन्हें औपचारिक रूप दिया जा रहा है।

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लागू भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत मौजूदा स्टाम्प ड्यूटी दरें तर्कहीन पाई गईं और उन्हें चरणों में संशोधित किया जा रहा है।

गैर-कृषकों से जुड़े भूमि लेनदेन से राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी को छह प्रतिशत से बढ़ाकर बारह प्रतिशत कर दिया है। यह बढ़ोतरी स्वामित्व और पट्टा समझौतों दोनों के आधार पर भूमि हस्तांतरण पर लागू होती है। इस निर्णय के साथ हिमाचल प्रदेश में भूमि खरीदने वाले गैर-कृषकों को अब पहले की तुलना में दोगुना स्टाम्प शुल्क देना होगा।

सरकार को भूमि लेनदेन से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है, जिससे विभिन्न प्रकार के भूमि हस्तांतरण के लिए स्टाम्प शुल्क दरों में स्पष्टता और एकरूपता सुनिश्चित होगी। यह कदम स्टाम्प शुल्क दरों को युक्तिसंगत बनाने और राजस्व सृजन को बढ़ाने के राज्य के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

कल सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में विधेयक पर चर्चा की जायेगी।

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नागरिकों के लिए उन्हीं की भाषा में शिकायतें दर्ज करवाना होगा आसान

सरकार उठाने जा रही ये बड़ा कदम

नई दिल्ली 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के लिए एक मल्टीमॉडल, बहुभाषी (मल्टीलिंग्वल) ई-गवर्नेंस समाधान लागू करने के लिए डिजिटल इंडिया ‘भाषिणी’ के साथ सहयोग की घोषणा की है।

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों के तहत उठाया गया है ताकि शिकायत निवारण प्रणालियों में गुणात्मक सुधार लाया जा सके और नागरिकों के लिए अधिक संवेदनशील, सुलभ और सार्थक बनाया जा सके। मल्टीमॉडल, बहुभाषी समाधान के साथ, यह परिकल्पना की गई है कि नागरिक सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर 22 क्षेत्रीय भाषाओं के माध्यम से आसानी से शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

नागरिक शिकायत दर्ज करने के लिए अपनी क्षेत्रीय भाषा में बोल कर आवाज का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह समाधान सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर पहुंच और नेविगेशन को भी आसान बनाएगा। सरकार ने कहा कि डीएआरपीजी-भाषिणी के इस सहयोग से नागरिकों के लिए अधिक कुशल, सुलभ और उत्तरदायी शासन प्रणाली के लिए भविष्य का रोडमैप तैयार होगा।

भाषिणी का सीपीजीआरएएमएस के साथ इंटीग्रेशन एआई-पावर्ड, बहुभाषी नागरिक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो यह सुनिश्चित करता है कि भाषा संबंधी बाधाएं अब शिकायत निवारण और सार्वजनिक सेवा पहुंच में बाधा नहीं बनेंगी।

यह समाधान जुलाई 2025 तक लागू होने की उम्मीद है। इस बीच, इस सप्ताह संसद में पेश की गई जानकारी के अनुसार, नवंबर 2022 और फरवरी 2025 के बीच केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) के तहत 56 लाख से अधिक शिकायतों का निवारण किया गया।

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, “1 नवंबर 2022 से 28 फरवरी 2025 तक सीपीजीआरएएमएस पर कुल 52,36,844 शिकायतें प्राप्त हुईं और इस प्रणाली के माध्यम से 56,63,849 शिकायतों का निपटारा किया गया।” मंत्री ने कहा कि 28 फरवरी तक भारत सरकार के मंत्रालयों/विभागों में 59,946 जन शिकायत मामले पेंडिंग हैं।

नागरिक 5.1 लाख कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस बीच, डीएआरपीजी द्वारा जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार, इस साल फरवरी में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा कुल 50,088 जन शिकायतों का निवारण किया गया, जबकि सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर ऐसे पेंडिंग मामलों की संख्या 1,90,994 है।

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भूकंप प्रभावित म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजेगा भारत

नई दिल्ली 29 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस तबाही में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। इस बीच, भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमार की मदद को हाथ बढ़ाया है। सूत्रों ने बताया कि भारत म्यांमार को 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजेगा, क्योंकि वहां कई शक्तिशाली भूकंपों ने 144 से ज्यादा लोगों की जान ले ली और 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

सूत्रों ने बताया कि भारत राहत सामग्री को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सी-130जे विमान से म्यांमार भेजेगा, जो वायुसेना स्टेशन हिंडन से रवाना होगा। सूत्रों के अनुसार, राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां जैसी आवश्यक दवाएं शामिल हैं।

इस बीच, भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और उसने कहा कि अभी तक किसी भी भारतीय के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बैंकॉक और थाईलैंड के अन्य भागों में आए शक्तिशाली भूकंप के झटकों के बाद भारतीय दूतावास थाई अधिकारियों के साथ स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।

अब तक, किसी भी भारतीय नागरिक से जुड़ी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। किसी भी आपात स्थिति में थाईलैंड में भारतीय नागरिकों को आपातकालीन नंबर +66 618819218 पर संपर्क करने की सलाह दी जाती है। बैंकॉक में भारतीय दूतावास और चियांग माई में वाणिज्य दूतावास के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत शुक्रवार को आए बड़े भूकंप के बाद म्यांमार को मदद भेजने के लिए तैयार है।” पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक्स पर कहा, “म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।” बता दें कि भारत और बांग्लादेश के अधिकारियों ने म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से कोई बड़ा प्रभाव नहीं होने की सूचना दी।

भूकंप के बाद आए झटकों ने म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड में दहशत पैदा कर दी है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, शुक्रवार को रात 11:56 बजे (स्थानीय समयानुसार) म्यांमार में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस के अनुसार, नवीनतम भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे यह आफ्टरशॉक के लिए अतिसंवेदनशील है।

एनसीएस ने बताया कि भूकंप अक्षांश 22.15 एन और देशांतर 95.41 ई पर दर्ज किया गया था। शुक्रवार को आया शक्तिशाली भूकंप बैंकॉक और थाईलैंड के कई हिस्सों में महसूस किया गया, प्रत्यक्षदर्शियों की रिपोर्ट और स्थानीय मीडिया के अनुसार बैंकॉक में हिलती हुई इमारतों से सैकड़ों लोग बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, शुक्रवार को म्यांमार में छह भूकंप आए।

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बापू सभागार मे बाबू वीर कुंवर सिंह शौर्य जयंती समारोह कार्यक्रम होगा

मुजफ्फरपुर , 28 मार्च (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दोर्ण पेप पब्लिक स्कूल सह कोचिंग सेंटर में 23 अप्रैल को बापू सभागार मे बाबू वीर कुंवर सिंह शौर्य जयंती समारोह कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बैठक किया गया.

भाजपा बिहार नेता प्रदेश कार्य समिति सदस्य राकेश सिंह   भाजपा नेता निरंजन शर्मा बीरेंद्र सिंह मुखिया संघ अध्यक्ष मनोज सिंह उपनेस सिंह राजेश कुमार सिंह अनिल सिंह प्रकाश सिंह आदित्य सिंह विद्यार्थी परिषद अंकित सिंह आयुष रघुवंशी प्रियांशु सरकार अमित सिंह अमित नारागी सुभाष सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे.

सभी लोगो ने मुजफ्फरपुर से बड़ी संख्या मे पटना पहुंचने का आश्वासन दिया शौर्य दिवस पर शाम मे तीन बजे विशेष आकर्षण भारतीय वायु सेना का नौ लड़ाकू विमान दस्ता का सूर्य किरण का शौर्य प्रदर्शन पटना मे किया जायेगा।

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होटल-रेस्टोरेंट खाने के बिल में नहीं लगा सकते सर्विस चार्ज

 HC ने जारी किए आदेश

नई दिल्ली 28 March, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट खाने के बिल में सर्विस चार्ज को अनिवार्य रूप से नहीं जोड़ सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि ग्राहक अपनी इच्छा से सर्विस चार्ज का भुगतान कर सकते हैं, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं किया जा सकता।

जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने यह फैसला नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) और फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनाया।

इन याचिकाओं में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के दिशा-निर्देशों को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए रेस्टोरेंट एसोसिएशन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, सीसीपीए ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और गलत व्यापारिक प्रथाओं को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे।

 इन दिशा-निर्देशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार थे:

* होटल या रेस्टोरेंट खाने के बिल में स्वतः या डिफ़ॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज नहीं जोड़ेंगे।

* किसी अन्य नाम से भी सर्विस चार्ज नहीं लिया जा सकता।

* कोई भी रेस्टोरेंट या होटल ग्राहकों को सर्विस चार्ज देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। उन्हें यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि यह वैकल्पिक है।

* सर्विस चार्ज के भुगतान के आधार पर ग्राहकों के प्रवेश या सेवाओं पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

* सर्विस चार्ज को खाने के बिल के साथ जोड़कर और कुल राशि पर जीएसटी लगाकर एकत्र नहीं किया जाएगा।

अपनी याचिका में, एनआरएआई ने तर्क दिया था कि ऐसा कोई कानून नहीं है जो रेस्टोरेंट को सर्विस चार्ज लगाने से रोकता हो और मौजूदा कानूनों में ऐसा कोई संशोधन नहीं किया गया है जो इसे अवैध ठहराए।

एसोसिएशन ने यह भी कहा था कि सीसीपीए के दिशा-निर्देशों को सरकार के आदेश के रूप में नहीं माना जा सकता और ये मनमाने तथा अस्थिर हैं, इसलिए इन्हें रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन तर्कों को खारिज कर दिया।

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