राजपूत समाज अपने पूर्वजों के अपमान को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा

शहीद पूर्वजों का अपमान बंद करो, 28 मार्च का विरोध और पुतला दहन

राँची,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) –  28 मार्च को अखिल राजपूताना कल्याण न्यास द्वारा आयोजित विरोध मार्च रांची यूनिवर्सिटी गेट से शुरू होकर फिरायालाल चौक तक पहुंचा। इस विरोध कार्यक्रम में पुरे रांची शहर से हजारों की संख्या में राजपूत समाज के लोग एकजुट होकर अपने वीर पूर्वजों के सम्मान में प्रदर्शन करने पहुंचे। इस इस विरोध कार्यक्रम ने समाज में एकता, साहस और वीरता का उदाहरण प्रस्तुत किया और यह संदेश दिया कि राजपूत समाज अपने पूर्वजों के अपमान को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा।

Rajput society will not tolerate the insult of its ancestors at any cost

विरोध मार्च के बाद सभी लोग एकजुट होकर फिरायालाल चौक पर एकत्र हुए, जहां  इस आंदोलन का मुख्य कार्यक्रम हुआ। रामजी लाल सुमन द्वारा  वीर राणा  सांगा के खिलाफ दिए गए अपमानजनक बयान, जिसमें उन्होंने राणा सांगा को गद्दार कहा था, पर तीव्र विरोध व्यक्त किया गया । इस बयान को पूरी तरह से नकारते हुए, राजपूत समाज के लोगों ने इसका विरोध करते हुए रामजी लाल सुमन का पुतला दहन किया।

Rajput society will not tolerate the insult of its ancestors at any cost

पुतला दहन करते समय समाज के लोग गुस्से से भरपूर थे और उन्होंने पुतले को जूते और चप्पलों से मारा, यह प्रदर्शन इस बात का प्रतीक था कि राजपूत समाज किसी भी व्यक्ति को, जो हमारे पूर्वजों का अपमान करेगा, उसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। साथ ही, नारे लगाए गए कि”जो भी हमारे पूर्वजों के साथ खिलवाड़ करेगा या उनको बदनाम करेगा, राजपूत समाज उसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उसकी ईट से ईट बजा दी जाएगी।”

यह विरोध प्रदर्शन एक स्पष्ट संदेश है कि राजपूत समाज अपने गौरव, वीरता और पूर्वजों के सम्मान की रक्षा के लिए कभी भी एकजुट होकर खड़ा हो सकता है। यह आंदोलन न केवल हमारे पूर्वजों की गरिमा की रक्षा करने के लिए था, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समाज में ऐसे अपमानजनक बयानों और टिप्पणियों के खिलाफ आवाज उठाना हमारी जिम्मेदारी है।

हम समाज से अपील करते हैं कि वे इस आंदोलन का समर्थन करें और हमें हमारे शहीदों और वीर पूर्वजों के सम्मान की रक्षा करने का अवसर दें। यह हमारी एकता, हमारी संस्कृति, और हमारे गौरव की रक्षा का आंदोलन है।

कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्ति:
रामेश्वर दयाल सिंह,शिवाजी सिंह परमार,संजय सिंह,श्रीराम सिंह,प्रो.(डॉ.) धीरज सिंह “सूर्यवंशी” उर्फ बिनु सिंह,,सुनील सिंह, प्रतुलनाथ सहदेव ,मनीष सिंह , रंजन कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह ,विनोद कुमार सिंह ,सूर्यकांत सिंह जितेंद्र सिंह ,दिलीप सिंह ,शशि सिंह लव कुमार सिंह ,शिव चंद्र सिंह,रमाकांत सिंह ,वीरेंद्र सिंह ,धर्मेन्द्र सिंह,विजय सिंह ,प्रमोद सिंह ,श्याम किशोर सिंह ,डॉ अजय नाथ सहदेव ,कुंदन सिंह,सुनील कुमार सिंह ,सीएम सिंह ,बलिंद्र सिंह,अवध बिहारी सिंह ,निशांत सिंह,विपिन सिंह ,बीएन सिंह,मनीष सिंह ,यश सिंह परमार ,देवराज सिंह,नीतू सिंह ,गौतम सिंह ,जितेंद्र सिंह ,अंशुमान सिंह ,ब्रजभूषण सिंह ,राजकुमार सिंह ,नागेश्वर सिंह ,मनोज कुमार सिंह ,दिलीप कुमार सिंह ,विजय सिंह , मुदित राज ,प्रतुल नाथ सहदेव ,गणेश चंद्र समल,रवि प्रताप सिंह,बलराम सिंह,रणधीर सिंह ,संजीव सिंह,पंकज सिंह,राणा प्रशांत सिंह,प्रभु नाथ सिंह,महावीर सिंह,राजकिशोर सिंह ,रविरंजन सिंह ,संजीत सिंह ,प्रभाकर सिंह,शैलेन्द्र सुमन ,धर्मेन्द्र सिंह

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