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सर्दियों में बच्चों को फिट एंड फाइन रखने के लिए कराएं ये एक्टिविटीज

सर्दियों के मौसम में बड़ों की तरह बच्चे भी खुद को आलस और थका हुआ महसूस करते हैं। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी है कि उनकी दिनचर्या में थोड़ा सा बदलाव करके वे उन्हें फिट एंड फाइन बनाए रख सकते हैं। आइए आज हम आपको कुछ ऐसी एक्टिविटीज के बारे में बताते हैं, जिनकी मदद से आप अपने बच्चे को फिट एंड फाइन के साथ-साथ एक्टिव रखने में मदद कर सकते हैं।

रोप स्किपिंग
यह एक्टिविटी बच्चों के लिए एक बेहतरीन वर्कआउट है। अच्छी बात तो यह है कि बच्चे रोप स्किपिंग को बेहद आसानी से अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। इसके लिए अभिभावक खुद भी बच्चों के साथ रोप स्कीपिंग करें। मस्ती-मस्ती में रोप स्किपिंग करने से न सिर्फ बच्चों के शरीर की मांसपेशियों को मजबूती मिलेगी बल्कि वह खुद को ऊर्जावान भी महसूस करेंगे। इसलिए अभिभावक बच्चों को रोजाना कुछ मिनट रोप स्किपिंग जरूर करवाएं।

एरोबिक्स
एरोबिक्स को भी बच्चों के रूटीन में शामिल करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि एरोबिक्स करने से न सिर्फ हृदय को मजबूत बनाया जा सकता है बल्कि इससे शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन सरकुलेट करने में भी मदद मिल सकती है। बता दें कि जितना फायदा बच्चों को स्विमिंग, जॉगिंग, वॉकिंग और साइकिलिंग आदि से मिल सकता है उतना ही फायदा उन्हें एरोबिक्स करने से भी मिल सकता है।

पाइलेट्स
पाइलेट्स एक तरह की शारीरिक एक्सरसाइज होती है और इसका सीधा सकारात्मक असर बच्चों के शरीर की कोर स्ट्रेंथ और प्रॉपर एलाइमेंट पर पड़ता है। इस एक्सरसाइज को बच्चों की दिनचर्या में शामिल करने से न सिर्फ मांसपेशियों को मजबूती मिल सकती है, बल्कि बुरे हार्मोन्स से भी दूरी बनी रहती है, जिससे तनाव भी दूर रहता है। तनाव दूर करने के अलावा पाइलेट्स करने से बच्चों की हड्डियां भी मजबूत होती हैं।

योगाभ्यास
योगाभ्यास न सिर्फ बच्चे शारीरिक पॉश्चर को सुधारने में मदद कर सकता है, बल्कि शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ कई तरह के अन्य स्वास्थ्य लाभ देने में भी काफी हद तक मदद कर सकता है। विशेषकर अगर बच्चे योगाभ्यास के तौर पर सांस संबंधी प्राणायाम का रोजाना अभ्यास करते हैं क्योंकि प्राणायाम एक जगह पर ध्यान केंद्रित कर दिमाग को शांत रखने में सहायक होते हैं और इससे बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। (एजेंसी)

टखनों के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

टखनों में दर्द होना एक कष्टदायक समस्या है, जिसे नजरअंदाज करना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि इसके कारण चलने-फिरने में काफी दिक्कत होने लगती है। इसलिए अगर आपको कभी किसी भी कारणवश टखनों में दर्द हो तो तुरंत डॉक्टर से मिले और उनकी बताई दवाओं के सेवन के साथ कुछ योगासनों का अभ्यास करें। आइए आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताते हैं, जो टखनों के दर्द को दूर करने में मदद कर सकते हैं।
उष्ट्रासन
उष्ट्रासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट बिछाकर उस पर घुटनों के बल बैठ जाएं, फिर घुटनों के बल ही खड़े हो जाएं। अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर और बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखने की कोशिश करें। इस मुद्रा में कम से कम एक-दो मिनट रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं और कुछ मिनट विश्राम करें।
गोमुखासन
गोमुखासन के लिए पहले योगा मैट पर दंडासन की स्थिति में बैठकर अपने दाएं पैर को मोड़ें और इसे बायीं जांघ के ऊपर से ले जाते हुए बाएं नितंब के पास जमीन पर रखें। इसी तरह अपने बाएं पैर को मोड़ते हुए दायीं जंघा के नीचे से दाएं नितंब के पास जमीन पर रख लें। अब अपने दोनों हाथों को कोहनी से मोड़ते हुए पीठ के पीछे आपस में पकडऩे का प्रयास करें। कुछ देर इसी अवस्था में बने रहें।
बालासन
बालासन के अभ्यास के लिए पहले वज्रासन की मुद्रा में बैठें और फिर गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं। अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें और माथे को जमीन से सटाएं। इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, माथा जमीन से टिका हुआ और छाती जांघों पर रहेगी। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें, फिर सांस लेते हुए वापस वज्रासन की मुद्रा में आएं और सामान्य हो जाएं।
गरुड़ासन
गरुड़ासन के अभ्यास के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। इस दौरान आप सामान्य रूप से सांस लेने की प्रक्रिया जारी रखें। अब पूरे शरीर का संतुलन दाएं पैर पर ले आएं और बाएं पैर को घुटने की पीछे हिस्से के ऊपर ले जाएं, फिर अपनी दोनों बाजुओं को कोहनी से मोड़ते हुए क्रास बना लें और इस मुद्रा में जितनी देर हो सके खुद को बनाकर रखें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं। (एजेंसी)

भारतीय नौसेना को एक और ‘समंदर का धुरंधर’ मिल गया है

समंदर का धुरंधर

भारतीय नौसेना को एक और ‘समंदर का धुरंधर’ मिल गया है। नौसेना के बेड़े में ‘आईएनएस विशाखापट्टनम’ के शामिल होने से हमारी समुद्री सैन्य ताकत में शानदार इजाफा हुआ है। यह प्रोजेक्ट 15बी का पहला स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज है। इसे नौसेना के शीर्ष कमांडरों की मौजूदगी में रविवार को सेवा में शामिल किया गया। नौसेना अध्यक्ष एडमिरल करमबीर सिंह ने इस अवसर को ‘युद्धपोत आत्मनिर्भरता का शानदार उदाहरण’ करार दिया। दो दिन बाद पनडुब्बी ‘वेलाÓ को भी नौसेना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा अगले महीने सर्वे वैसल ‘संध्या’ को नौसेना की सेवा में ले लिया जाएगा। मिसाइल भेदी जहाज ‘आईएनएस विशाखापट्टनम’ कई खूबियों वाला है। सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह जहाज ब्रह्मोस-बराक जैसी विध्वंसक मिसाइलों से लैस है। इसमें सुपरसोनिक सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम और शॉट रेंज गन, एंटी सबमरीन रॉकेट, एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और कम्युनिकेशन सूट जैसी खूबियां भी हैं। आईएनएस विशाखापट्टनम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह दुश्मन के जहाज को देखते ही एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल लॉन्च कर उसका खात्मा कर सकता है। साथ ही यह भी गर्व की बात है कि यह युद्धक जहाज पूरी तरह से स्वदेशी है। कुल 74 हजार टन वजनी इस जहाज की लंबाई 535 फुट है। बताया जा रहा है कि लगभग 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाला यह युद्धक जहाज जब धीमी गति से भी चलता है तो इसकी रेंज में 7400 किलोमीटर क्षेत्र रहता है। यानी विशाल समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसैनिकों की सजग निगाहें बनी रहेंगी। बेशक भारतीय नौसेना के पास और भी कई युद्धक जहाज हैं, लेकिन आईएनएस विशाखापट्टनम अत्याधुनिक खूबियों वाला और समयानुकूल है। कई खूबियों वाले इस जहाज का नौसेना के बेड़े में शामिल होना गौरव की बात तो है ही, साथ ही दुनिया भी भारत की समुद्री ताकत से रू-ब-रू हो गई। आईएनएस विशाखापट्टनम के साथ ही पनडुब्बी वेला जब नौसेना का हिस्सा बन जाएगी तो इसकी ताकत में इजाफा ही होगा। भारत के पास अभी कुल 13 पनडुब्बियां हैं। ये पनडुब्बियां रूस और जर्मनी में निर्मित हुई हैं। देश की पहली परमाणु शक्ति चालित पनडुब्बी अरिहंत पहले से नौसेना के बेड़े का हिस्सा है। नौसेना प्रमुख के मुताबिक फिलवक्त 41 में से 39 पोत और पनडुब्बी के ऑर्डर भारतीय शिपयार्ड को दिए गए हैं। यानी भारतीय नौसेना को मजबूत बनाने की दिशा में पूरी पहल हो रही है।
यूं तो भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों को लगातार मजबूत किया जा रहा है, लेकिन समुद्री ताकत को ज्यादा मजबूत करना वक्त की जरूरत है। जैसा कि इस जहाज को नौसेना के बेड़े में शामिल करते वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि स्थिरता, आर्थिक प्रगति और दुनिया के विकास के लिए नेविगेशन की नियम आधारित स्वतंत्रता, समुद्री गलियारों की सुरक्षा पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखना लाजिमी है कि सभी भागीदार देशों के हित सुरक्षित रह सकें। इस क्षेत्र की सुरक्षा में हमारी नौसेना की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही यह भी ध्यान रखने की बात है कि पड़ोसी देश चीन ने अपनी विस्तारवादी सोच को समुद्र में भी नहीं छोड़ा है। दक्षिण चीन सागर में चीन द्वीपों का सैन्यीकरण कर रहा है, जिसकी वैश्विक रूप से आलोचना होती रही है। इस क्षेत्र को लेकर पूर्वी और दक्षिण पूर्वी कई एशियाई देशों के व्यापक दावे हैं। ऐसे में शक्ति संतुलन के लिए आईएनएस विशाखापट्टनम जैसे युद्धक जहाजों की जरूरत भारत को थी। सामरिक महत्ता के अलावा विश्व अर्थव्यवस्था के लिए भी भारत का समुद्री क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है। आज वैश्विक सुरक्षा कारणों, सीमा विवादों और समुद्री प्रभुत्व को बनाए रखने के महत्व के कारण दुनियाभर के देश अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसे में भारत ने खुद को समुद्री शक्ति संपन्न देशों की कतार में ला खड़ा किया है जो गौरवान्वित करने वाली बात है। (एजेंसी)

गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में देरी

अनूप भटनागर –
पंजाब, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित आठ गैर भाजपा सरकारों द्वारा अपने राज्यों में सीबीआई को जांच की अनुमति वापस लिये जाने से एक नया विवाद शुरू हो रहा है। सीबीआई को दी गयी सहमति वापस लिये जाने का मामला अब उच्चतम न्यायालय के संज्ञान में लाया गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और धनशोधन के मामलों में जानबूझकर बाधा डालकर संदिग्ध आरोपियों को बचाने के प्रयास हो रहे हैं।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वैचारिक मतभेद और असहमति होना स्वाभाविक है। शीर्ष अदालत भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति को प्रेशर वाल्व मानती है। लेकिन इसकी आड़ में भ्रष्टाचार, सुनियोजित अपराध और दूसरे अंतर्राज्यीय अपराधों की जांच करने वाली केंद्रीय एजेंसियों को राज्यों द्वारा सामान्य प्रक्रिया में दी गयी संस्तुति वापस लेना गंभीर सवाल पैदा करता है।
आठ राज्यों की सरकारों का ऐसा रवैया अनायास इस आशंका को जन्म देता है कि शायद ये ऐसे अपराधों में संलिप्त आरोपियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रही हैं। इन आठ राज्यों ने डीएसपीई कानून की धारा छह के तहत दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (सीबीआई) को पहले दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली है। इनमें पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल और मिजोरम शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद दो मई से राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं की जांच का काम केन्द्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने के उच्च न्यायालय के निर्णय को शीर्ष अदालत में चुनौती देने का राज्य सरकार का फैसला और सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की जांच के लिए मुंबई गए सीबीआई के जांच दल के साथ कोविड प्रोटोकॉल के नाम पर हुआ व्यवहार इस तरह की आशंका को पुख्ता करता है।
इन राज्यों द्वारा केन्द्र के साथ वैचारिक मतभेदों की वजह से डीएसपीई कानून की धारा छह के तहत केन्द्रीय जांच ब्यूरो को अपने यहां जांच के लिए पहले दी गई सामान्य सहमति वापस लेने का नतीजा यह है कि भ्रष्टाचार के 150 से अधिक मामलों की जांच अधर में लटकी हुई है। उच्चतम न्यायालय को उपलब्ध कराई जानकारी के अनुसार इन आठ राज्यों को 2018 से जून, 2021 के दौरान 150 से भी ज्यादा अनुरोध उनकी विशिष्ट सहमति के लिए भेजे गए लेकिन उसे अभी तक सहमति नहीं मिली है।
राज्यों के इस रवैये से उच्चतम न्यायालय भी चिंतित है। न्यायालय ने हाल ही में इस तथ्य का जिक्र करते हुए कहा कि ये अनुरोध आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति अर्जित करने, विदेशी मुद्रा को नुकसान, बैंकों के साथ धोखाधड़ी और हेराफेरी करने जैसे आरोपों की जांच से संबंधित हैं।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश की पीठ ने यह कहने में भी संकोच नहीं किया कि यह स्थिति वांछनीय नहीं है। भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामलों में हमेशा ही सख्त रुख अपनाने वाली शीर्ष अदालत ने कहा कि इनमें 78 प्रतिशत मामले मुख्य रूप से देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले बैंक धोखाधड़ी के बड़े मामलों से संबंधित हैं।
पीठ की इस तरह की सख्त टिप्पणी के मद्देनजर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि भ्रष्टाचार के इस तरह के गंभीर मामलों में सीबीआई को अपने राज्य में जांच की अनुमति नहीं देकर राज्य सरकारें किसका हित साध रही हैं। यह भी संयोग ही है कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों को सहमति नहीं देने वाली राज्य सरकारें गैर भाजपाई हैं। मतलब देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले अपराधों की जांच और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाने के प्रयासों को भी राजनीतिक नफे-नुकसान की तराजू पर तोला जा रहा है।
राजनीतिक लाभ-हानि को ध्यान में रखते हुए आपराधिक मामलों की जांच करने के लिए सहमति प्रदान नहीं करने का नतीजा यह होता है कि इनकी जांच लंबे समय तक अधर में ही लटकी रहती है। जांच पूरी होने में विलंब की वजह से ऐसे मामले अदालत में नहीं पहुंच पाते और अगर अदालत में पहुंच जाएं तो किसी न किसी आधार पर कई मामलों में न्यायिक रोक लग जाती है।
यह सारे तथ्य केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यशैली और उसके मुकदमों में दोष सिद्धि की दर के बारे में केन्द्रीय जांच ब्यूरो को हलफनामा दाखिल करने के शीर्ष अदालत के आदेश के जवाब में सामने आयी। जांच ब्यूरो ने अपने हलफनामे में दावा किया कि उससे संबंधित 13,200 से ज्यादा मामले देश की विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। इनमें शीर्ष अदालत में लंबित 706 मामले भी शामिल हैं। राज्य सरकारों के रवैये की वजह से सीबीआई की जांच अधर में लटके होने और विभिन्न स्तरों पर अदालतों में लंबित मामलों के बारे में अब शीर्ष अदालत को ही कोई न कोई तर्कसंगत समाधान निकालना होगा।
उम्मीद की जानी चाहिए कि केन्द्र और राज्यों के बीच सीबीआई मामलों की जांच विभिन्न कारणों से लंबे समय से अधर में लटकी होने का विवाद जल्द सुलझा लिया जायेगा। यही नहीं, अदालतों में लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के बारे में शीर्ष अदालत केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ ही राज्य सरकारों को भी उचित आदेश देगी।

आज का राशिफल

मेष : आज आपका मन वैचारिक धरातल पर मानसिक व्यग्रता का अनुभव करेगा। आज किसी के साथ वाद-विवाद में न उतरिएगा। स्वजनों, स्नेहीजनों के साथ मनदु:ख होगा। आपका मानभंग होने का प्रसंग न बने, इसका ध्यान रखिएगा। नए कार्य के प्रारंभ में निष्फलता मिलेगी।

वृष : आर्थिक आयोजन प्रारंभ में कुछ अड़चन के साथ पूर्ण होते हुए लगेंगे। मित्रों-शुभेच्छकों के मिलन से आपको आनंद होगा। व्यावसायिक क्षेत्र में सहकारपूर्ण वातावरण रहेगा। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पूंजी निवेश करनेवालों को चाहिए कि वे सावधानीपूर्वक निवेश करें।

मिथुन : आपके दिन का प्रारंभ शारीरिक और मानसिक स्वस्थता के साथ होगा। परिवारजनों और मित्रों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताएंगे। खर्च अधिक न हो इसका ध्यान रखिएगा। पूंजी निवेश का कार्य संभालकर करें। सहकर्मचारियों का सहकार प्राप्त कर सकेंगे।

ककर् : आज आंखों के दर्द से व्यग्रता होगी। साथ में मानसिक चिंता भी रहेगी। वाणी और वर्तन में ध्यान रखिएगा। भ्रांति खड़ी न हो इसका भी ध्यान रखिएगा। मध्याहन के बाद आपकी समस्या से परिवर्तन आएगा। आर्थिक दृष्टि से भी लाभ होगा। शारीरिक और मानसिक परिस्थिति में भी सुधार होता हुआ दिखेगा। परिवार का वातावरण भी आनंदप्रद रहेगा।

सिंह : आज आपके मन में क्रोध और आवेश की भावना रहने से आप लोगों के साथ व्यवहार संभलकर करिएगा। आरोग्य के लिए आज का दिन शुभ नहीं है। मन में व्यग्रता रहेगी। परिजनों के साथ उग्रतापूर्ण व्यवहार हो सकता है, ध्यान रखें।

कन्या : आपका आज का प्रात:काल आनंदप्रद और लाभप्रद रहेगा। व्यवसाय और व्यापार के क्षेत्र में लाभ होगा। सामाजिक क्षेत्र में आपकी प्रशंसा होगी। वसूली के पैसे आएँगे। परिवार में भी आनंद का वातावरण रहेगा, परंतु मध्याहन के बाद परिस्थिति में आपको प्रतिकूलता दिखेगी।

तुला: आज आपको शारीरिक और मानसिक सुख अच्छा रहेगा। व्यवसाय या व्यापार में आप उत्साहपूर्वक कार्य करेंगे। पदोन्नति होगी। सरकारी कार्य सरलतापूर्वक संपन्न होंगे। सामाजिक दृष्टिकोण से आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। धन के निवेश के लिए समय अनुकूल है।

वृश्चिक : आज विरोधियों और प्रतिस्पर्धियों के साथ वाद-विवाद में न पड़ें। व्यवसाय या व्यापार में परिस्थिति अनुकूल नहीं होगी। संतानों के साथ मतभेद होने की संभावना है। परंतु मध्याहन के बाद घर, कार्यालय या व्यावसायिक स्थल पर उपरी कर्मचारियों का व्यवहार नकारात्मक होगा।

धनु : आज क्रोध से हानि होने की संभावना है। शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता से आप व्यग्र रहेंगे। व्यावसायिक क्षेत्र में उच्च कर्मचारियों का व्यवहार नकारात्मक रहेगा। संतानों के प्रश्नों के विषय में चिंता सताएगी। प्रतिस्पर्धियों और विरोधियों से चेतकर चलिएगा। महत्त्वपूर्ण कार्यों में निर्णय न लीजिएगा।

मकर : आज रुचिकर स्वजनों के साथ घूमने-फिरने का और खान-पान का प्रसंग उपस्थित होगा। वाहन-सुख मिलेगा तथा मान-सम्मान भी मिलेगा। परंतु मध्याहन के बाद आपको शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ेगा। अधिक खर्च हो जाएगा। स्वभाव में क्रोध की मात्रा अधिक रहेगी।

कुंभ : आज आपको कार्य-सफलता और यश-कीर्ति मिलेंगे। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सामाजिकरुप से मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मध्याहन के बाद आप मनोरंजन का कार्यक्रम बनाएंगे।

मीन : आज का आपका दिन अच्छी तरह से बीतेगा। कला के क्षेत्र में आपकी अभिरुचि बढ़ेगी। मित्रो से हुई भेंट से आनंद होगा। प्रियपात्र के साथ हुई भेंट आनंददायी होगी। घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। मध्याहन के बाद आर्थिक लाभ की संभावना है।

शौचालयों से ही समृद्धि संभव

गजेंद्र सिंह शेखावत –
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हुई। बिना चप्पल यानि नंगे पांव आदिवासी पोशाक पहने 72 वर्षीय पद्म से सम्मानित तुलसी गौड़ा की सोशल मीडिया में छाई हुई तस्वीर ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उस तस्वीर ने अकेले ही उन चैंपियनों को पुरस्कृत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया, जो समाज में जमीनी स्तर पर अपना योगदान दे रहे हैं और सहज रूप से सुर्खियों से दूर रहकर साधु जैसी एकाग्रता के साथ चुपचाप अपना काम करते हैं। इसी तरह की एक तस्वीर 2016 में भी वायरल हुई थी। वह माननीय प्रधानमंत्री की 105 वर्षीय कुंवर बाई को नमन करते हुए तस्वीर थी। कुंवर बाई ने अपने गांव में शौचालय बनाने के लिए 10 बकरियां और अपनी अधिकांश संपत्ति बेच दी थी। इस किस्म के दृश्य संख्या और आंकड़ों के मामले में हमारी उपलब्धियों के समान ही मर्मस्पर्शी और जश्न मनाने लायक हैं। जब भारत ने 108 मिलियन शौचालयों का निर्माण कर खुले में शौच से मुक्त का दर्जा हासिल किया तो यह कुंवर बाई की उतनी ही जीत थी, जितनी माननीय प्रधानमंत्री की। चैंपियन हमेशा सरकार की नीतियों के सह-उत्पाद नहीं होते, बल्कि कभी-कभी नीतियां भी चैंपियनों से प्रेरणा लेती हैं। जैसाकि प्रधानमंत्री अक्सर कहते हैं, जब प्रत्येक भारतीय सिर्फ एक कदम उठाता है तो भारत 135 करोड़ कदम आगे बढ़ता है। स्वच्छ भारत अभियान, जल शक्ति अभियान, जल जीवन मिशन और हाल ही में टीकाकरण अभियान जैसे जन-आंदोलन इस उक्ति के जीवंत उदाहरण हैं।
मार्मिकता और प्रेरणा की बात तो एक तरफ, लेकिन किसी आंदोलन की शुरुआत करना और उसे गति देना नीतिगत मूल्य श्रृंखला का केवल एक पहलू है। उस आंदोलन की गति को बनाए रखना और पुरानी आदतों की ओर लौटने को हतोत्साहित करना कहीं अधिक बड़ी चुनौती है और इसके लिए व्यापक तकनीकी विशेषज्ञता एवं आधारभूत संरचना की जरूरत होती है। इस उद्देश्य के लिए, स्वच्छता से संबंधित मूल्य श्रृंखला के सभी स्थिर और गतिमान रहने वाले हिस्सों की पड़ताल यानी मल अपशिष्ट की रोकथाम, उसे खाली करना, उसका परिवहन, उसका शोधन और उसके दोबारा उपयोग या निपटान का अहम महत्व है। इन तथ्यों के आलोक में, भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण- 2 को 1,40,881 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ मंजूरी दी थी। इसके तहत खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) की स्थिति और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की निरंतरता पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
इस विकराल समस्या का केंद्र बिंदु और इसकी सबसे बड़ी पहेलियों में से एक है मल से संबंधित गाद का प्रबंधन (एफएसएम), जोकि खुले में शौच से मुक्त प्लस भारत का एक महत्वपूर्ण लेकिन चुनौतीपूर्ण हिस्सा है। सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, ठोस एवं तरल कचरे के प्रभावी प्रबंधन और गांवों की दिखने लायक सफाई के साथ–साथ ओडीएफ प्लस की स्थिति को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-ढ्ढढ्ढ के प्रमुख फोकस क्षेत्र के रूप में गिना जाता है। सेप्टिक टैंक और सिंगल पिट जैसे स्थल पर सफाई से जुड़े शौचालयों की काफी संख्या होने की वजह से मल से संबंधित गाद का प्रबंधन (एफएसएम) ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित तरीके से स्वच्छता प्रदान करने की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
आगे आने वाली चुनौतियों की विकरालता हमें सर्वोत्तम प्रथाओं और केस स्टडी की पहचान करने के लिए मजबूर करती है। ऐसा ही एक उदाहरण मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के कालीबिल्लौद गांव का है। ग्राम पंचायत द्वारा संचालित एवं व्यवस्थित कालीबिल्लौद मल गाद शोधन संयंत्र, तीन ग्राम पंचायतों के समूह के 45,870 लोगों की जरूरतों को पूरा करता है और इसकी क्षमता तीन किलोलीटर मल से संबंधित गाद के शोधन की है। विभिन्न सेवा प्रदाता हर दिन 3000 लीटर गाद एकत्रित करते हैं। यह गाद शोधन की विभिन्न प्रक्रियाओं से गुजरता है और इसका अंतिम उत्पाद एक किस्म का शोधित अपशिष्ट होता है, जोकि आसपास के परिदृश्य को सुन्दर बनाने के काम आता है।
इस किस्म के अन्य चैंपियनों के साथ कालीबिल्लौद एक मिसाल है। इनमें से प्रत्येक चैंपियन को स्थानीय परिस्थितियों और चुनौतियों के अनुरूप ढाला गया है। ग्रामीण भारत स्वच्छता के क्षेत्र में की जाने वाली किसी भी पहल के सामने एक बहुत बड़ी बाधा खड़ी करता है। ग्रामीण भारत में जल–निकासी की व्यवस्था (सीवरेज सिस्टम) का न होना सबसे बड़ी बाधा है। इस प्रकार, यह मल अपशिष्ट के सुरक्षित प्रबंधन पर अधिकतम बोझ डालता है। ट्विन लीच पिट को छोड़कर, सिंगल पिट और सेप्टिक टैंक जैसी मल अपशिष्ट की रोकथाम से जुड़ी अन्य प्रणालियों में मल से संबंधित गाद को हटाकर खाली करने की जरूरत होती है।
स्वच्छ भारत अभियान द्वारा स्वास्थ्य और मानव दिवस की दृष्टि से प्रति परिवार प्रति वर्ष 50,000 रुपये की बचत का एकमात्र कारण ट्विन पिट जैसे दूरदर्शी उपाय की शुरुआत थी, जिसके बिना स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) एक बहुत ही बड़ी और अपेक्षाकृत अधिक अनसुलझी समस्या का कारक साबित होता। ट्विन पिट इस सरकार की दूरदर्शिता का एक आदर्श उदाहरण है। यह बेहद ही कम लागत पर स्थल पर शोधन की सुविधा प्रदान करता है। अन्यथा बिना ट्विन पिट के बने 108 मिलियन शौचालयों ने पूरे इकोसिस्टम को नष्ट कर दिया होता, हमारे भूजल को जहरीला बना दिया होता और आम तौर पर हर किसी के लिए जीवन को एक बदबूदार नरक बना दिया होता।
अधिकांश चुनौतियों की जड़ें स्वच्छ भारत के पूर्व के दिनों में हैं, जहां शौचालयों का निर्माण इसके रख-रखाव के बारे में सोचे-समझे बिना किया जाता था। स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) मल से संबंधित गाद के प्रबंधन के जरिए वर्तमान में जो कर रहा है, वह और कुछ नहीं बल्कि अतीत की गलतियों को दूर करना और स्वच्छता की खराब प्रणालियों के कारण भूजल एवं जल निकायों में मल की वजह से पैदा होने वाले रोगजनकों के रिसाव को रोकना है। मल प्रबंधन के क्षेत्र में छोटे स्तर के अकुशल एवं अक्सर बिना मशीनी सुविधा वाले अनौपचारिक सेवा प्रदाताओं की भीड़ है। अराजकता के इस वातावरण में समझ पैदा करना और व्यवस्था में अनुशासन लाना एक ऐसी कठिन चुनौती है जिससे हमें स्वच्छता की राह में जूझना होगा। सर्वोत्तम प्रथाओं, जिनके बारे में हमने इस लेख में गंभीरता से चर्चा की है, को संस्थागत बनाना आगे के रास्तों में से एक है। ट्विन पिट की शानदार प्रणाली एक बार फिर से चर्चा में है क्योंकि हम सिंगल पिट को भी तेजी से ट्विन पिट में परिवर्तित कर रहे हैं। जहां तक सेप्टिक टैंक का सवाल है, आंशिक रूप से शोधित अपशिष्ट जल के निपटान के उद्देश्य से सेप्टिक टैंक के लिए लीच पिट बनाए जा रहे हैं।
विश्व शौचालय दिवस 2021 का विषय ‘शौचालयों का महत्वÓ है। अगर दुनिया में किसी देश ने सही मायने में शौचालय को महत्व दिया है, तो वह इस सरकार के अधीन यह देश है। जहां दूसरों ने शौचालयों को कचरे के रूप में देखा, वहीं हमने इसे महिलाओं के आत्मसम्मान को बनाए रखने के एक साधन के रूप में देखा। जहां कई लोगों ने शौचालयों को एक विषय के रूप में चर्चा के लिए प्रधानमंत्री के पद की गरिमा के प्रतिकूल माना, वहीं माननीय प्रधानमंत्री ने लालकिले की प्राचीर से इसके बारे में बात की। उन्होंने इसे अपने जीवन का मिशन बना लिया और कुंवर बाई जैसे लाखों लोग उनके इस अभियान में शामिल हुए। अब स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) चरण-2 की जिम्मेदारी को आगे सौंपा गया है और मुझे विश्वास है कि 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों में शामिल छठा लक्ष्य यानी सभी के लिए पानी और स्वच्छता के लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। उस पायदान पर खड़े होना वाकई एक शानदार उपलब्धि होगी और एक राष्ट्र के रूप में, हम इसके लिए तैयार हैं। स्वच्छता के चैंपियन के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए हम तैयार हैं। हम एक बार फिर से खुद को गौरवान्वित करने के लिए तैयार हैं।
(लेखक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री हैं)

आज का राशिफल

मेष : आज आप का दिन शुभ फलदायी होगा। विचारों में अति शीघ्र परिवर्तन आने की वजह से महत्त्वपूर्ण कार्यों में अंतिम निर्णय लेना सरल नहीं होगा। कार्य के संदर्भ या किसी विशिष्ट कारण से यात्रा के योग हैं। लेखनकार्य के लिए अच्छा दिन है। बौद्धिक एवं तार्किक विचार विनिमय हो सकता है। किसी भी महिला के साथ विवाद में न उतरें।

वृषभ : अर्निणय वाली मनोदशा के फल स्वरूप हाथ आए अवसर आज आप गवाँ सकते हैं। समझौता करने की वृत्ति रखोगे तो किसी से संघर्ष नहीं होगा। प्रवास का आयोजन टाल दीजिएगा। लेखक, कलाकार एवं सलाहकारों के लिए दिन बहुत अनुकूल है। किसी नए कार्य का प्रारंभ आज न करें।

मिथुन : लक्ष्मीजी की कृपा से आज आप का दिन आर्थिक दृष्टिकोण से लाभदायी रहेगा। स्वादिष्ट व उत्तम भोजन, सुंदर वस्त्रालंकार एवं सज्जा तथा मित्रों एवं परिवारजनों के साथ से आज का दिन मानसिक दृष्टि से अत्यंत आनंददायी होगा। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। धन का अधिक व्यय न हों इसका ध्यान रखिएगा।

कर्क  : त्रिशंकु जैसी मन:स्थिति के कारण कोई भी महत्त््वपूर्ण निर्णय आज न लें। संबंधीजनों से मनमुटाव के प्रसंग हो सकते हैं। पारिवारिक कार्यों के पीछे व्यय हो सकता है। वाणी पर संयम रखिएगा। मन में अगर कोई भ्रांति हो तो स्पष्टता करनी आवश्यक है। स्वास्थ्य का ध्यान रखिएगा। मानहानि एवं धनहानि से बचिएगा।

सिंह : आज का दिन लाभदायी है। मित्रों व स्त्री मित्रों से लाभ होने की संभावना है। किसी सुंदर स्थल के पर्यटन की संभावना है। अनिर्णायक्ता के कारण हाथ आया अवसर जा सकता है। अधिकतर समय विचारों में व्यस्त रहेंगे। व्यापार एवं आर्थिक लाभ के योग हैं।

कन्या : आज का दिन शुभ फलदायी है। नए कार्य के आयोजन संपन्न होंगे। व्यापारीवर्ग एवं नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय बहुत अच्छा है। व्यापार में लाभ एवं नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। पिता से लाभ होने की संभावना है। परिवार में आनंद का वातावरण बना रहेगा।

तुला : व्यावसायिक क्षेत्र में लाभ की संभावना है। नौकरी व व्यापार में सहकर्मियों से पूर्ण सहयोग नहीं मिलेगा। लंबी यात्रा व किसी धार्मिक स्थल पर जाने का आयोजन हो सकता है। लेखनकार्य एवं बौद्धिक क्षेत्र में आप सक्रिय रहेंगे।

वृश्चिक : आज का दिन शांतिपूर्वक व सावधानीपूर्वक रूप से बिताने की गणेशजी की सलाह है। नए कार्यों में असफलता प्राप्त होने के योग हैं, इसलिए कोई नया काम प्रारंभ न कीजिएगा। क्रोध पर संयम रखिएगा। सरकार विरोधी प्रवृत्तियों से दूर रहिएगा। खर्च के बढ़ जाने से आर्थिक संकट भी खड़ा हो सकता है।

धनु : आज का दिन आनंदपूर्वक बीतेगा। मनोरंजन के प्रसंग से आपका मन प्रफुल्लित रहेगा। विपरीत लिंगीय व्यक्तियों के सहवास से आपको आनंद मिलेगा। मित्रों के साथ प्रवास, पर्यटन का आयोजन हो सकता है। लेखनकार्य के लिए दिन बहुत अनुकूल है।

मकर : व्यापार में विकास के लिए आज का दिन बहुत लाभकारी रहेगा। व्यावसाय में आप अपने आयोजन के अनुसार कार्य कर सकेंगे। धन की लेन-देन में भी सफलता मिलेगी। व्यापार से संबंधित कार्यों में बाधा आएगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।

कुंभ : आप के वाणी तथा विचारों में शीध्र परिवर्तन होगा। बौद्घिक चर्चा में आप जुड़ेंगे। लेखनकार्य तथा सर्जनात्मक प्रवृत्तियों से आनंद मिलेगा। आकस्मिक खर्च की संभावना है। पाचन न होने की व अजीर्ण जैसी बीमारियों से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

मीन : आज आप में उत्साह तथा स्फूर्ति की कमी दिखाई देगी। परिवारजनों के साथ विवाद में न उतरने की सलाह है। शारीरिक तथा मानसिक अस्वस्थता का अनुभव होगा। कई अप्रिय घटनाओं से आपका मन खिन्न रह सकता है। नौकरी में चिंता रहेगी।

रोजमर्रा के कई कामों को आसान बना सकते हैं स्किन टोनर से जुड़े ये हैक्स

स्किन टोनर एक तरह का स्किन केयर प्रोडक्ट है, जो त्वचा को गहराई से साफ करने और त्वचा के रोमछिद्रों को टाइट करने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, आप चाहें तो स्किन टोनर का इस्तेमाल त्वचा के साथ-साथ अपनी रोजमर्रा की कई छोटी-मोटी समस्याओं को हल करने के लिए कर सकते हैं। चलिए फिर आज हम आपको स्किन टोनर से जुड़े कुछ ऐसे बेहतरीन हैक्स के बारे में बताते हैं, जिनके बारे में आपको शायद ही पता हो।
दीवार से इंक और मार्कर के निशान हटाएं
अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं तो आपको आए दिन घर की दीवारों से इंक और मार्कर के निशान साफ करने के लिए मेहनत करनी पड़ती होगी। आप चाहें तो इस काम को आसान बनाने के लिए स्किन टोनर की मदद ले सकते है। इसके लिए एक कपड़े के थोड़े से हिस्से पर स्किन टोनर लगाएं और फिर इसे इंक और मार्कर के निशान पर रगड़ें। इससे इंक और मार्कर के निशान तुरंत गायब हो जाएंगे।
शीशों को साफ करने में करें मदद
बाथरूम या फिर ड्रेसिंग टेबल के शीशे पर लगे जिद्दी दागों को कुछ ही मिनट दूर करने के लिए भी स्किन टोनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बस इसके लिए आप एक कटोरी में सफेद सिरके के साथ स्किन टोनर को बराबर मात्रा में मिलाएं, फिर एक खाली स्प्रे बोतल में घोल डालें और इसे अपने बाथरूम या फिर ड्रेसिंग टेबल के शीशों पर अच्छे से छिड़कें। 10 मिनट बाद एक नम कपड़े का इस्तेमाल करके इन्हें पोंछें।
मेकअप साफ करने के आए काम
रात को सोने से पहले अगर मेकअप न साफ किया जाए तो इससे त्वचा का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। अगर आपके पास मेकअप रिमूवर नहीं है तो आप मेकअप हटाने के लिए स्किन टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए मेकअप वाले चेहरे पर थोड़ा सा स्किन टोनर लगाकर थोड़ी मसाज करें। इसके बाद अपने चेहरे को टिश्यू पेपर से पोंछ लें और अंत में अपना चेहरा पानी से धो लें।
लैपटॉप को साफ और सैनिटाइज करें
लैपटॉप को साफ-सुथरा न रखने की वजह से इसकी ऑपरेटिंग में समस्या आने लगती है। इसलिए समय-समय पर लैपटॉप की सफाई आवश्यक हो जाती है। इसके लिए आप स्किन टोनर का इस्तेमाल कर सकते हैं। सफाई लिए पहले रूई पर थोड़ा सा स्किन टोनर लगाएं, फिर इससे अपने पूरे लैपटॉप को साफ करें। इसके बाद लैपटॉप को एक साफ माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछे। आप चाहें तो ऐसे ही अपने मोबाइल को भी साफ कर सकते हैं। (एजेंसी)

प्राइवेट प्रेक्टिस में लगे सरकारी डाक्टरों पर कार्रवाई करें सरकार – रामप्रकाश तिवारी

रांची, स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राम प्रकाश तिवारी ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता से मांग करते हुए कहा है कि झारखंड राज्य के तमाम जिलों,प्रखंडो, अनुमंडल स्थित सभी सरकारी अस्पतालों और राजधानी राॅंची के सदर अस्पताल,रिम्स अस्पताल, रिस्पांस अस्पताल में कार्यरत अधिकांश डाक्टर प्राइवेट प्रेक्टिस कर रहे हैं जिसके कारण सरकारी अस्पतालों में ईमानदारी से अपनी सेवा नहीं दे रहे हैं उल्टे मरीजों को समय पर जिम्मेदारी से इलाज न करके अपने द्वारा संचालित प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मरीजों को बुलाने और मोटी रकम फीस वसुलते रहते हैं सरकारी वेतन,भत्ता लेने के साथ प्राइवेट प्रेक्टिस से हजारों लाखों रूपए की कमाई करते हैं उनके विरुद्ध तत्काल जांच करवाकर नौकरी से बर्खास्त करने और नए डाक्टरों की बहाली के लिए झारखंड सरकार जरूरी कदम उठाये।
प्रदेशाध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा है कि झारखंड की लाखों गरीब जनता को सरकारी अस्पतालों में अच्छी इलाज,दवा की सुविधा नहीं मिलने से  गरीब मरीजों की मृत्यु होने के मामले आ रहे हैं। गरीब मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध नहीं किया जा रहा है करोड़ों रूपए के दवाओं के खरीद, वितरण में भारी घोटालों की खबरें मिल रही है।पांच सौ करोड़ में बने सदर अस्पताल,राॅंची मे दवाओं की भारी  कमी और गंदगी फैला हुआ है सरकार तत्काल सदर अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करें, विशेष पुरे परिसर, अस्पताल के सभी कमरों,फर्नीचरों की रख-रखाव, सफाई की व्यवस्था ठीक करें।
रामप्रकाश तिवारी ने मांग करते हुए कहा है कि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज कि सुविधा देने के लिए सभी डाक्टरों ,नर्सो, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें।ताकि गरीब जनता को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सके।
श्री तिवारी ने चेतावनी देते हुए कहा है किअगर स्वास्थ्य मंत्री,अपर मुख्य सचिव सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार नहीं करते हैं और गरीब मरीजों को दवाओं को उपलब्ध नहीं कराती है साथ ही प्राइवेट प्रेक्टिस में लगे सरकारी डाक्टरों को नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जाता है तो स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी आंदोलन करेगी।
इसकी जानकारी रामप्रकाश तिवारी  प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र राष्ट्रवादी पार्टी  झारखंड,राॅंची  ने दी

लेगिंग्स पहनते समय न करें ये गलतियां, बिगड़ सकता है लुक

लेगिंग्स एक स्टाइलिश और कंफर्टेबल बॉटम वियर है जिसे महिलाएं अपने हर तरह के अपर वियर के साथ पहन सकती हैं। हालांकि कई बार ऐसा होता है कि महिलाएं लेगिंग पहनते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं जिनके कारण उनका लुक बिगड़ जाता है। आइए आज हम आपको कुछ ऐसी ही सामान्य गलतियों के बारे में बताते हैं जिनसे महिलाओं को लेगिंग पहनते समय बचना चाहिए ताकि उनका लुक खूबसूरत लगे।

लो वेस्ट लेगिंग्स पहनना

आजकल मार्केट में कई तरह की लेगिंग्स मौजूद हैं जिनमें लो-वेस्ट लेगिंग्स भी शामिल हैं, लेकिन इस तरह की लेगिंग्स को पहनने से बचें। खासकर अगर आप टॉप या शर्ट पहन रही हैं तो इनके साथ लो-वेस्ट लेगिंग पहनने की गलती न करें, बल्कि इनके साथ हाई वेस्ट लेगिंग्स को चुनें। यह न केवल आपके कूल्हों को अच्छी तरह से कवर करेगी बल्कि इसे पहनने से आपको अधिक स्लिम लुक भी मिलेगा।

ड्रेसेस के नीचे लेगिंग पहनना

अधिकतर महिलाएं शॉर्ट ड्रेसेस या फिर स्कर्ट के नीचे लेगिंग पहन लेती हैं, लेकिन यह उनकी सबसे बड़ी गलती है। बेशक कुछ सालों पहले तक यह ट्रेंड में था, लेकिन अब ऐसा करना अच्छा नहीं माना जाता है। अगर आप आउटिंग के दौरान या केजुअल्स में लेगिंग्स को एक स्मार्ट तरीके से पहनना चाहती हैं तो इसे ड्रेसेस के नीचे पहनने की बजाय टी-शर्ट और जैकेट के साथ पहनें।

क्रॉप टॉप के साथ लेगिंग पहनना

क्रॉप टॉप के साथ लेगिंग पहनना भी एक गलती है क्योंकि इससे आपका लुक देखने में काफी अजीब लग सकता है। दरअसल, लेगिंग बहुत सॉफ्ट मटीरियल से बनाई जाती हैं, इसलिए यह आपके शरीर और त्वचा से चिपक जाती हैं। क्रॉप टॉप के साथ लेगिंग पहनने से आपके कूल्हें जरूरत से ज्यादा दिखेंगे, जिसके कारण शायद आप खुद को कंफर्टेबल महसूस न करें।

प्रिंटेड लेगिंग पहनना

यूं तो मार्केट में कई तरह के प्रिंट्स वाली लेंगिंग्स मौजूद हैं और आपने कई महिलाओं को ऐनिमल प्रिंट वाली लेगिंग पहने भी देखा होगा। हालांकि, आप इन्हें खरीदने की गलती बिलकुल न करें क्योंकि ये देखने में अच्छी नहीं लगती हैं। अगर आपने अब तक लेगिंग ट्राई नहीं की हैं तो काले या सफेद रंग की लेगिंग को चुनें क्योंकि इसे आप हर रंग की कुर्ती से लेकर लूज टॉप तक के साथ पहनकर खूबसूरत लग सकती हैं।(एजेंसी)

आज का राशिफल

मेष : कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मन दुविधाग्रस्त होगा, परन्तु आवेश में लिया गया निर्णय हानिकारक हो सकता है। कार्य क्षेत्र में समुचित उर्जा की अनुभूति होगी। आर्थिक प्रगति के लिए मन प्रयत्नशील होगा।

बृषभ : कोई इच्छित कार्य की पूर्ति अपेक्षित है। नई रुचि नए व्यक्तित्व के निर्माण में सहायक होगी। घर में कुछ नये दायित्व मन पर सार्थकता हेतु दबाव बनाएंगी। भौतिक आकांक्षाएं मन प्रभावी होंगी।

मिथुन : नई आशंकाएं मन को परेशान कर सकती हैं। दूसरों में कमियां ढूंढऩे के बजाय खुद में सुधार लाएं। नयी योजनाओं को अंजाम देने के लिए उच्च मनोबल के साथ आप ऊर्जावान होंगे।

ककर् : आकस्मिक कोई यात्रा की योजना बन सकती है। रचनात्मक व सामाजिक कायरे में रुचि बढ़ेगी। उच्च महत्वाकांक्षा जल्द ऊंची प्रगति के लिए आपको प्रेरित करेगी। मित्रवत संबंधों का लाभ प्राप्त होगा।

सिंह : किसी सहकर्मी के खराब व्यवहार से कष्ट संभव। वाकपटुता व व्यवहारकुशलता से सम्बन्धों में प्रगाढ़ता बढ़ाएंगे। किसी महत्पूर्ण कार्य के परिणाम के प्रति जिज्ञासा प्रबल होगी।

कन्या : कुछ आर्थिक प्रगति के लिए मन में नई-नई युक्तियां उत्पन्न होंगी। अपने कद व गरिमा के अनुरुप व्यावहारिक जीवन में चलने का प्रयत्न करें। आकस्मिक कोई सुखद समाचार से मन प्रसन्न होगा।

तुला : नए कायरे की तलाश जारी रहेगी। किसी महत्वपूर्ण दायित्व के प्रति सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ति के मन चिन्तित होगा। अपनी भावुकता पर नियत्रंण करें अन्यथा भावनात्मक शोषण के शिकार हो सकते हैं।

वृश्चिक : रोजगार में नए लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। सामाजिक मान-सम्मान व वर्चस्व में वृद्धि होगी। राजकीय कर्मचारियों के लिए नौकरी का वातावरण सुखद होगा।

धनु : संबंधों में छोटी-छोटी बातों को दिल से न लगाएं। सन्तान संबंधी दायित्वों की पूर्ति के लिए प्रयत्नशील होंगे। स्वास्थ्य व परिवार दोनों को लेकर मन परेशान होगा। आपकी क्रियाशीलता प्रगति की ओर अग्रसर करेगी।

मकर : संबंधों में बड़पन व त्याग के परिचायक बनें। कुछ सुन्दर भावनाएं मन पर प्रभावी होंगी, परन्तु संबंधों में अत्यधिक भावनात्मक अपेक्षाएं कष्टकारी होंगी। नये कायरे में पूंजी निवेश हेतु धनाभाव अवरोधक हो सकता है।

कुंभ : पूर्वाग्रह वश दूसरों की आलोचना करना व्यक्तित्व पर कुप्रभावी होगा। भौतिक आकांक्षाएं मन पर प्रभावी होंगी। अत्यधिक व्यस्तता व परिश्रम से मन में नीरसता संभव। शासन-सत्ता का लाभ प्राप्त होगा।

मीन : आर्थिक सुधार के अवसर बनेंगे। राजनीतिज्ञों की तीव्र सक्रियता उनके प्रयासों को सार्थक करेगी। सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति से संबंधों में मधुरता लाएं। हर क्षेत्र में अड़चन व संघर्ष से मन परेशान होगा।

इंसानियत की कसौटी पर खरे उतरे जितेंद्र शंटी

अरुण नैथानी –
सचमुच वह भयावह काल था जब अपने अपनों से बचने लगे थे। पड़ोसी और रिश्तेदार तो दूर, खून के रिश्ते भी अपनों से मुंह फेरने लगे थे। एक अनजानी महामारी से भय का वातावरण। महामारी के दायरे से सामान्य दिनों में चरमराने वाली चिकित्सा व्यवस्था कहां इन लाखों मरीजों का बोझ उठाती। ऐसे में मरीजों को अस्पताल ले जाना और लाना भी मुश्किल काम था। फिर जब महामारी पूरी लय में आई तो लाशों तक की बेकद्री शुरू हुई। गाल बजाने वाले नेता कहीं नहीं दिखाई दिये। जनप्रतिनिधि अपनी सुरक्षित मांदों में थे। उस वक्त कुछ संस्थाएं और इंसानियत के जुनूनी लोग मदद को निकले भी। ऐसा नहीं अस्पताल से लेकर सार्वजनिक जीवन में तमाम ऐसे लोग कोरोना योद्धा देश में काम कर रहे थे। इन्हीं में उल्लेखनीय हैं जितेंद्र शंटी। शहीद भगत सिंह के समाज उत्थान के लिये जुनून से प्रेरित होकर करीब पच्चीस साल से सेवा का लंगर चला रहे हैं शंटी। उनके और उनकी टीम के योगदान को पिछले दिनों नागरिक सम्मान दिया गया। यूं तो घोषणा पिछली जनवरी में हो गई थी, लेकिन फिर कोरोना की दूसरी लहर आ गई। पद्मश्री की घोषणा हुई तो उन्हें लगा उनकी जिम्मेदारी फिर कसौटी पर आई है। कुछ सतही सोच के लोगों ने कहा भी कि अब तो पद्मश्री मिल गया है क्यों श्मशान घाट के चक्कर लगा रहे हो। तब शंटी का कहना था कि भगत सिंह ने 23 साल की उम्र में शहादत दे दी, तो हम इस उम्र में क्यों नहीं कुछ कर गुजरते।
वैसे तो पहली कोरोना की लहर में भी शहीद भगत सिंह सेवा दल ने सेवा का जुनून दिखाया। लेकिन दूसरी लहर ज्यादा मारक थी। महामारी का दायरा बड़ा था। शुरुआत में शंटी की संस्था रक्तदान शिविर लगाती थी। वे खुद भी 102 बार रक्तदान कर चुके हैं। फिर मरीजों को ले जाने और अस्पताल से लाने के लिये एंबुलेंस सेवा की शुरुआत हुई। कारवां बढ़ता गया। कोरोना की दूसरी लहर में तो उनकी 18 एंबुलेंस दौड़ रही थी। महामारी ने शंटी को भी नहीं बख्शा वे खुद, उनका बच्चा और पत्नी भी कोरोना की चपेट में आये। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ठीक होकर भी सेवा में जुट गये। उनके एक जांबाज एंबुलेंस चालक पचपन वर्षीय आरिफ खान की मौत कोरोना से हो गई। लेकिन उनका व टीम का उत्साह कम नहीं हुआ। करीब उन्नीस हजार लोगों को उनकी एंबुलेंस ने अस्पताल व घर पहुंचाया।
ऐसे वक्त में जब अपने रक्त संबंध के लोग भी अपनों के शवों को अंतिम विदाई देने से कतरा रहे थे या पूरा परिवार ही कोरोना संक्रमण की चपेट में था, तो शहीद भगत सिंह सेवा दल के जांबाज मैदान में डटे थे। उन्हें रोज चालीस-पचास फोन मदद के लिये आते। कभी-कभी तो कनाडा, अमेरिका, आस्ट्रेलिया से लोगों के फोन आते कि हमारे परिजनों को अस्पताल पहुंचा दो, अंतिम संस्कार कर दो, हम पैसे देने को तैयार हैं। शंटी बताते हैं कि उनकी संस्था ने करीब चार हजार लोगों का अंतिम संस्कार किया। इस कार्य में संगठन के स्वयं सेवकों के साथ उनका बेटा व पत्नी भी शामिल होते। पीपीए किट व कई मास्क लगाकर वे अनजान लोगों को अंतिम विदाई देते। सैकड़ों ऐसे लोग भी थे, जिनका कोई आगे-पीछे न था। वे दुख जताते हैं कि करीब 967 शव ऐसे थे जिन्हें लोग श्मशान घाट के गेट पर छोड़ गये। यह बड़ा मुश्किल वक्त था, बेटे-बेटियां संक्रमित न हो जायें, इस भय से अपने मृत परिजनों को दूर से नमस्कार करके खिसक जाते थे। कई संतानें तो ऐसी थीं कि वे शव से कीमती सामान, नकदी, मोबाइल और जेवर निकालने को प्राथमिकता देते थे। क्या इन सामानों के जरिये संक्रमण नहीं फैल सकता था?
इस दौरान कई ऐसे घटनाक्रमों से शंटी रूबरू हुए कि उन्होंने बार-बार मानवता को मरते देखा। कई घरों में लाशें पड़ी होती थीं और डर के मारे कोई रिश्तेदार व पड़ोसी उन्हें अंतिम संस्कार के लिये नहीं ले जाते थे। हमें उठाने के लिये फोन आते। कभी विदेशों से कि हमारे परिजनों को अंतिम विदाई दे दो। हमारा मानना था कि व्यक्ति की अंतिम विदाई गरिमामय होनी चाहिए। इतना ही नहीं शंटी की टीम का दावा है कि उनकी संस्था ने चौदह हजार लोगों की अस्थियां सम्मान के साथ विसर्जित की। एक घटना का जिक्र करते हुए शंटी बताते हैं कि जब वे एक शव को लेकर उसके घर गये तो बच्चों ने उनकी जेब से सारे पैसे निकाल लिये। उन्होंने मुझे ड्राइवर समझकर पैसे देने चाहे, तो मैंने उनसे कहा कि हम तो ये काम सेवा के लिये करते हैं, पैसे नहीं लेते। तब एक भाई दूसरे से बोला ये तो पागल है, ये पैसे हम बांट लेते हैं। एक किस्सा वे और बयां करते हैं कि दिल्ली में 800 गज की कोठी में रहने वाले एक धनी व्यक्ति की मौत हुई तो उनका शव लेने कोई परिवार का सदस्य नहीं आया। जब उनसे संपर्क किया गया तो कहा कि इसने कोठी तो सामाजिक संस्थाओं के नाम कर दी है, हम क्यों आयें उठाने, उन्हीं लोगों को कहो, जिन्हें प्रापर्टी मिली है। इंसानियत की मौत के ऐसे कई किस्से शंटी बयां करते हैं। लेकिन इसके बावजूद शहीद भगत सिंह सेवा दल के जांबाज इंसानियत के भरोसे को कायम रखे हुए हैं। पिछले दिनों राष्ट्रपति ने जितेंद्र शंटी को चौथा बड़ा नागरिक सम्मान पद्मश्री कोरोना में मानवता की सेवा के लिए प्रदान किया। ऐसे लोगों को जब पद्म पुरस्कार मिलता है तो लगता है पुरस्कार की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

आज का राशिफल

मेष : आज आप का दिन अनुकूल है। स्वस्थ तन-मन से आज सारे कार्य कर पाएंगे, परिणामस्वरूप आपमें ऊर्जा एवं उत्साह छलकेगा। लक्ष्मीजी की कृपा आप पर रहेगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ आनंद में समय बीतेगा। मित्र एवं स्नेहीजनों के मिलने से घर में खुशी का वातावरण रहेगा।

वृषभ: आपको सूचित करते हैं कि आज का दिन सावधानीपूर्वक बिताएं। आप का मन अनेक प्रकार की चिंताओं से ग्रस्त होगा। स्वास्थ्य बिगड़ सकता है एवं आँखों में पीड़ा होने की संभावना है। आत्मजनों एवं परिवारजनों से विरोध होगा। फिजूल खर्ची हो सकती है। दुर्घटना से सावधान रहें। गहन परिश्रम के बाद भी आज फल प्राप्ति कम रहेगी।

मिथुन: आज का दिन आप के लिए बहुत लाभप्रद है। अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी मिल जाए ऐसे योग हैं। धन प्राप्ति के लिए शुभ दिन है। मित्रों से मुलाकात आनंदप्रद होगी और उनसे लाभ भी हो सकता है। पत्नी एवं पुत्र की ओर से लाभ रहेगा। उत्तम भोजन सुख है। संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलेंगे।

ककर्: आज आप धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ आदि में व्यस्त रहेंगे। धार्मिक स्थान की मुलाकात से आनंद प्राप्त होगा। परिवारजनों के साथ आनंदपूर्वक समय बीतेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन भी चिंता रहित होगा। आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। आज आपके भाग्य में अच्छा परिवर्तन योग है।

सिंह: आज आपको संभलकर चलने की सलाह देते हैं। आज आप को विपरित संयोग का प्रतिकार करना पड़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। स्वास्थ्य बिगडऩे से आकस्मिक खर्च का प्रसंग आ सकता है। परिवारजनो के साथ संयमपूर्वक व्यवहार करें। अनैतिक कार्य से दूर रहें।

कन्या: सामाजिक तथा अन्य क्षेत्रों में ख्याति या सम्मान प्राप्त होगा। सुंदर वस्त्राभुषण की खरीदी भी हो सकती है। वाहनसुख प्राप्त होगा। भागीदारों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। पति-पत्नी के बीच अगर तकरार हुआ होगा तो वह दूर होगा तथा घनिष्ठता भी बढ़ेगी।

तुला: आज घर में सुख-शांति का वातावरण बने रहने से आपकी प्रसन्नता में वृद्घि होगी। कार्यालय में सहकर्मियों के साथ सहकारपूर्वक कार्य कर सकेंगे। कार्य में यश की प्राप्ति होगी। माता-पिता की ओर से कोई अच्छे समाचार मिलेंगे।

वृश्चिक: आपका दिन मध्यम फलदायी होगा। विद्यार्थियों को अभ्यास में सफलता मिल सकती है। नए कार्यों का प्रारंभ आज न करें। आर्थिक आयोजन के लिए अनुकूल दिन होने से आपका परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। फिर भी शेर-सट्टे से दूर रहिएगा। प्रवास भी संभवत: टालें।.

धनु: आज के दिन मन में उदासीनता छाई रहेगी। शरीर में स्फूर्ति तथा मन में प्रफुल्लितता का अभाव रहेगा। परिवारजनों के साथ तनाव के प्रसंग बनने से घर का वातावरण कलुषित रहेगा। आपका स्वभिमान भंग न हो इसका ध्यान रखें।

मकर: आज का दिन नए कार्यों का प्रारंभ करने के लिए शुभ है। नौकरी, व्यापार तथा दैनिक हर कार्य में अनुकूल परिस्थिति रहने से मन मे प्रसन्नता बनी रहेगी। भाई-बंधुओं से लाभ तथा सहकार मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। विद्यार्थी अपना अभ्यास सरलता पूर्वक कर सकेंगे।

कुंभ: धार्मिक कार्य में खर्च हो सकता है। पारिवारिक वातावरण बिगड़ सकता है। कार्य में असफलता मन में असंतोष तथा निराशा जगाएगी। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। निर्णयशक्ति का अभाव होगा।

मीन: आप का दिन शुभ फलदायी है। उत्साह तथा स्वस्थता बनी रहेगी। नए कार्य के प्रारंभ के लिए दिन अच्छा है। परिवार के सदस्यों तथा मित्रो के साथ भोजन का अवसर प्राप्त होगा। धन लाभ होगा, फिर भी अधिक खर्च न हो जाए इसका ध्यान रखें। धार्मिक कार्य तथा यात्रा का योग है।

 

तबादला नीति को पारदर्शी बनाने की जरूरत

अनूप भटनागर
अधिक न्यायाधीशों वाले बड़े उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का तबादला न्यूनतम न्यायाधीशों की क्षमता वाले सिक्किम और मेघालय जैसे उच्च न्यायालयों में करने के कॉलेजियम के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह के फैसले निश्चित ही न्यायपालिका में पारदर्शिता के अभाव की ओर संकेत कर रहे हैं। अक्सर यह कहा जाता है कि अमुक मुख्य न्यायाधीश को सजा के रूप में न्यूनतम न्यायाधीशों वाले उच्च न्यायालय में भेजा जाता है। मद्रास उच्च न्यायालय, जिसके न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 75 है, के मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी का मेघालय उच्च न्यायालय, जिसमे दो न्यायाधीश ही हैं, तबादला भी ऐसे ही सवाल उठा रहा है।
न्यायमूर्ति ताहिलरमानी के बाद न्यायमूर्ति बनर्जी और न्यायमूर्ति माहेश्वरी के तबादलों की घटनाओं ने सहसा राष्ट्रीय न्यायिक आयोग कानून, को असंवैधानिक घोषित करने की संविधान पीठ की अक्तूबर, 2015 की व्यवस्था में अल्पमत के न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर के फैसले में कॉलेजियम की कार्यशैली के बारे में टिप्पणियों की याद ताजा कर दी। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने कॉलेजियम की बैठक और नामों के चयन की प्रक्रिया पर असहमति जाहिर की थी। मद्रास उच्च न्यायालय के वकील इस तबादले को लेकर आंदोलित हैं और उन्होंने प्रधान न्यायाधीश को इस संबंध में पत्र भी लिखा है।
पहले भी अधिक न्यायाधीशों वाले उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का सिक्किम उच्च न्यायालय तबादला होने की खबरें आती थीं। लेकिन पूर्वोत्तर राज्यों में उच्च न्यायालयों के सृजन के बाद बड़े उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का तबादला मेघालय किये जाने की खबरें सामने आ रही हैं। आमतौर पर ऐसे तबादले को सजा के रूप में भी देखा जाता है। यह सही है कि प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की कॉलेजियम उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के तबादले की अनुशंसा करती है और इस पर केन्द्र सरकार के माध्यम से राष्ट्रपति निर्णय लेते हैं। मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी के तबादले को उनकी अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा 26 अप्रैल को निर्वाचन आयोग के बारे में की गयी सख्त टिप्पणी से भी जोड़ा जा रहा है। इस पीठ ने कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के लिए निर्वाचन आयोग को जिम्मेदार ठहराने संबंधी मौखिक टिप्पणी की थी और कहा था कि आयोग पर हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का तबादला मेघालय उच्च न्यायालय करने की यह लगातार दूसरी घटना है। इससे पहले, शीर्ष अदालत की कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने सितंबर, 2019 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजया ताहिलरमाणी का भी मेघालय उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश के पद पर तबादला किया गया था। हालांकि, न्यायमूर्ति ताहिलरमानी ने मेघालय जाने की बजाय अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
आंध्र प्रदेश में 37 सदस्यीय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी का दिसंबर, 2020 में तीन सदस्यीय सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद पर किया गया था। इस तबादले को राज्य के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी सरकार के साथ टकराव की स्थिति से जोड़ा जा रहा था। लेकिन चंद महीनों बाद ही न्यायमूर्ति माहेश्वरी की पदोन्नति हो गयी और उन्हें उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बना दिया गया।
इसी तरह की घटना 85 सदस्यीय पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बीके राय के साथ हुई थी। न्यायमूर्ति राय का पहले 24 सदस्यीय गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर तबादला किया गया और इसके बाद 2005 में उन्हें तीन न्यायाधीशों वाले सिक्किम उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बना दिया गया था। न्यायमूर्ति राय ने न्यायाधीश पद से इस्तीफा देने की बजाय सिक्किम उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश का पद ग्रहण किया जहां से वह दिसंबर, 2006 में सेवानिवृत्त हुए।
इसी तरह, भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे न्यायमूर्ति पीडी दिनाकरन को भी 62 सदस्यीय कर्नाटक उच्च न्यायालय से तीन सदस्यीय सिक्किम उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया था। इसके बाद उन्हें उच्चतम न्यायालय भेजने की कवायद चल रही थी लेकिन इसी बीच न्यायमूर्ति दिनाकरण को न्यायाधीश के पद से हटाने की महाभियोग प्रक्रिया शुरू हो गयी थी जिस वजह से उन्होंने जुलाई, 2011 में इस्तीफा दे दिया था।
न्यायमूर्ति गीता मित्तल पदोन्नति के साथ 17 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की पहली मुख्य न्यायाधीश बनीं जबकि इससे पहले न्यायमूर्ति गीता मित्तल 60 सदस्यीय दिल्ली उच्च न्यायालय की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश थीं।
जरूरी है कि उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति और उनके तबादले की नीति अधिक पारदर्शी बनायी जाये और तबादले के मामले में किसी भी प्रकार का विवाद उठने पर ऐसा करने की वजह सार्वजनिक की जाए ताकि मुख्य न्यायाधीशों के तबादलों को लेकर वकीलों को आंदोलन का सहारा नहीं लेना पड़े।

आज का राशिफल

मेष : आज आप का दिन अनुकूल है। स्वस्थ तन-मन से आज सारे कार्य कर पाएंगे, परिणामस्वरूप आपमें ऊर्जा एवं उत्साह छलकेगा। लक्ष्मीजी की कृपा आप पर रहेगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ आनंद में समय बीतेगा। मित्र एवं स्नेहीजनों के मिलने से घर में खुशी का वातावरण रहेगा।

वृषभ : आपको सूचित करते हैं कि आज का दिन सावधानीपूर्वक बिताएं। आप का मन अनेक प्रकार की चिंताओं से ग्रस्त होगा। स्वास्थ्य बिगड़ सकता है एवं आँखों में पीड़ा होने की संभावना है। आत्मजनों एवं परिवारजनों से विरोध होगा। फिजूल खर्ची हो सकती है। दुर्घटना से सावधान रहें। गहन परिश्रम के बाद भी आज फल प्राप्ति कम रहेगी।

मिथुन : आज का दिन आप के लिए बहुत लाभप्रद है। अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी मिल जाए ऐसे योग हैं। धन प्राप्ति के लिए शुभ दिन है। मित्रों से मुलाकात आनंदप्रद होगी और उनसे लाभ भी हो सकता है। पत्नी एवं पुत्र की ओर से लाभ रहेगा। उत्तम भोजन सुख है। संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलेंगे।

ककर् : आज आप धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ आदि में व्यस्त रहेंगे। धार्मिक स्थान की मुलाकात से आनंद प्राप्त होगा। परिवारजनों के साथ आनंदपूर्वक समय बीतेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन भी चिंता रहित होगा। आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। आज आपके भाग्य में अच्छा परिवर्तन योग है।

सिंह : आज आपको संभलकर चलने की सलाह देते हैं। आज आप को विपरित संयोग का प्रतिकार करना पड़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। स्वास्थ्य बिगडऩे से आकस्मिक खर्च का प्रसंग आ सकता है। परिवारजनो के साथ संयमपूर्वक व्यवहार करें। अनैतिक कार्य से दूर रहें।

कन्या : सामाजिक तथा अन्य क्षेत्रों में ख्याति या सम्मान प्राप्त होगा। सुंदर वस्त्राभुषण की खरीदी भी हो सकती है। वाहनसुख प्राप्त होगा। भागीदारों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। पति-पत्नी के बीच अगर तकरार हुआ होगा तो वह दूर होगा तथा घनिष्ठता भी बढ़ेगी।

तुला : आज घर में सुख-शांति का वातावरण बने रहने से आपकी प्रसन्नता में वृद्घि होगी। कार्यालय में सहकर्मियों के साथ सहकारपूर्वक कार्य कर सकेंगे। कार्य में यश की प्राप्ति होगी। माता-पिता की ओर से कोई अच्छे समाचार मिलेंगे।

वृश्चिक : आपका दिन मध्यम फलदायी होगा। विद्यार्थियों को अभ्यास में सफलता मिल सकती है। नए कार्यों का प्रारंभ आज न करें। आर्थिक आयोजन के लिए अनुकूल दिन होने से आपका परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। फिर भी शेर-सट्टे से दूर रहिएगा। प्रवास भी संभवत: टालें।.

धनु : आज के दिन मन में उदासीनता छाई रहेगी। शरीर में स्फूर्ति तथा मन में प्रफुल्लितता का अभाव रहेगा। परिवारजनों के साथ तनाव के प्रसंग बनने से घर का वातावरण कलुषित रहेगा। आपका स्वभिमान भंग न हो इसका ध्यान रखें।

मकर: आज का दिन नए कार्यों का प्रारंभ करने के लिए शुभ है। नौकरी, व्यापार तथा दैनिक हर कार्य में अनुकूल परिस्थिति रहने से मन मे प्रसन्नता बनी रहेगी। भाई-बंधुओं से लाभ तथा सहकार मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। विद्यार्थी अपना अभ्यास सरलता पूर्वक कर सकेंगे।

कुंभ : धार्मिक कार्य में खर्च हो सकता है। पारिवारिक वातावरण बिगड़ सकता है। कार्य में असफलता मन में असंतोष तथा निराशा जगाएगी। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। निर्णयशक्ति का अभाव होगा।

मीन : आप का दिन शुभ फलदायी है। उत्साह तथा स्वस्थता बनी रहेगी। नए कार्य के प्रारंभ के लिए दिन अच्छा है। परिवार के सदस्यों तथा मित्रो के साथ भोजन का अवसर प्राप्त होगा। धन लाभ होगा, फिर भी अधिक खर्च न हो जाए इसका ध्यान रखें। धार्मिक कार्य तथा यात्रा का योग है।

व्यक्ति को अमृत करती आचरण की महानता

योगेंद्र नाथ शर्मा ‘अरुण’ –
इस संसार में असंख्य लोगों ने जन्म लिया, जीवन जिया और उन असंख्य लोगों में से कुछ लोग ऐसे हुए, जिन्हें इतिहास ने अपना अंग बनाकर अमृत कर दिया है। पर अकसर एक प्रश्न बार-बार मनुष्य के मस्तिष्क में कौंधता रहता है कि इस संसार में जन्मे असंख्य लोगों में, जिन्हें इतिहास ने सदा- सदा के लिए अपना अंग बनाकर महानता से अलंकृत किया, क्या वे इसलिए महान बने कि वे उच्च कुल में जन्मे थे या वे बहुत धनवान थे या उन्होंने संसार पर राज किया है? हर व्यक्ति अपनी सोच और जीवन के अनुभव के अनुरूप इसकी व्याख्या कर सकता है।
कुछ अंशों में यह बात मान भी लें, तो प्रश्न उठता है कि? श्रीराम क्या अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र होने के कारण ही पूजे गए? ऐसा होता तो फिर उनके भ्राता भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न को भी राम के बराबर ही पूजा जाता। तब उत्तर यही मिलता है कि व्यक्ति का आचरण ही उसकी महानता का आधार बनता है। राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, गांधी, विनोबा भावे, रानी लक्ष्मी बाई, महाराणा प्रताप और वीर शिवाजी जैसे अनेक महापुरुष इसीलिए महानता की श्रेणी में गिने जाते हैं, चूंकि उनके आचरण पूरे संसार के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बन गए हैं। उनके आचरण का अनुकरण आज भी जनमानस द्वारा किया जाता है।?
कबीर ने तो स्पष्ट शब्दों में साफ-साफ कह भी दिया है :-

ऊंचे कुल का जनमिया, करनी ऊंच न होइ।
सुवरण कलश सूरा भरा, साधुन निंदत सोइ।

कबीर के कहने का अभिप्राय यह है कि उच्च कुल में जन्म लेकर यदि किसी व्यक्ति के कर्म ऊंचे न हों तो निश्चित रूप से वह निंदित ही होता है, जैसे सोने के कलश में यदि सुरा या विष भरा हो तो वह अमृत नहीं होता। सज्जन पुरुष उसको अस्वीकार ही करेंगे।
सही मायनों में आचरण ही व्यक्ति के चरित्र का परिचायक होता है, यही हमारे महान चिंतकों और ऋषि-मुनियों ने बताया भी है। आज भी हम कितनी ही भौतिक समृद्धि प्राप्त कर लें, किन्तु महानता तो संसार में आचरण से ही मिलती है। सदियों से इसी बात को ही स्वीकार किया जाता रहा है।
एक ऐसा प्रेरक प्रसंग भारत के दो महान पुरुषों का भी है। जब डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत के राष्ट्रपति थे, तब वे कुन्नूर की यात्रा पर गए। वहां पहुंच कर उन्हें पता चला कि भारत के वीर सपूत पूर्व फील्ड मार्शल मानेकशॉ अस्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। डॉ. कलाम बिना पूर्व कार्यक्रम के उन्हें देखने अस्पताल पहुंचे और हालचाल पूछने के बाद बोले-आपको कोई कष्ट तो नहीं है? कोई बात हो तो मुझे बताइए। अस्वस्थता के चलते बिस्तर पर लेटे मानेकशॉ बोले-मुझे एक बात का बहुत दु:ख है, तो डॉ. कलाम ने आश्चर्यचकित होकर पूछा-मुझे बताइए, क्या दु:ख है आपको? तो फील्ड मार्शल का उत्तर था-दु:ख है कि मैं अपने देश के राष्ट्रपति और सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर को सेल्यूट नहीं कर पा रहा हूं। और दोनों की आंखें छलछला उठीं।
भावुक होकर अब्दुल कलाम ने फिर पूछा-सरकार से कोई शिकायत हो तो बताइए? तो फील्ड मार्शल बोले-मुझे बीस वर्ष बाद भी सरकार से फील्ड मार्शल रैंक की पेंशन नहीं मिली है। डॉ. कलाम ने दिल्ली लौटते ही फील्ड मार्शल की बीस वर्षों से रुकी हुई पेंशन रुपए 1.25 करोड़ की स्वीकृति दी और इस राशि का चेक मानेकशॉ को पहुंचाने के लिए रक्षा सचिव को वेलिंगटन, ऊटी भेजा। लेकिन यह बात यहीं खत्म नहीं हुई। महत्वपूर्ण बात यह कि जब रुकी हुई पेंशन का चेक पूर्व फील्ड मार्शल मानेकशॉ को मिला तो तुरंत उन्होंने यह सारी राशि राष्ट्रीय रक्षा-कोष में दान कर दी।
यहां अब प्रश्न यह है कि इस घटनाक्रम के बाद हम किसे सैल्यूट करें? भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को, जो बीमार पूर्व फील्ड मार्शल को देखने बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के ही कुन्नूर के अस्पताल में पहुंचे और बीस वर्षों से रुकी हुई पेंशन का चेक उन्हें भिजवाया या उन फील्ड मार्शल को नमन करें जो राष्ट्रपति को सैल्यूट न कर पाने से दुखी हुए और मिलते ही पेंशन के रुपयों को दान करते हैं?
निस्संदेह इस बात में कोई दो राय नहीं हो सकती है कि इन दोनों ही महान पुरुषों को इनके आचरण ने इतनी महानता दे दी है कि हम और इतिहास उन्हें कभी भुला ही नहीं पाएगा।
हम, इन दोनों की महानता को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए यह संकल्प तो ले ही लें कि अपने लिए जीने के साथ ही समाज व किसी और के लिए भी जीएंगे, ताकि इतिहास का न सही, कुछ लोगों की यादों का अंग तो हम बन ही सकें। याद रखिए :-
धरा तो क्षमाशील है आदि से ही,

गगन भी अगर दे सुधा, तब तो जानें।
स्वयं के लिए तो जगत सांस लेता,
जगत के लिए सांस लो,तब तो जानें।

आज का राशिफल

मेष : आज आप का दिन अनुकूल है। स्वस्थ तन-मन से आज सारे कार्य कर पाएंगे, परिणामस्वरूप आपमें ऊर्जा एवं उत्साह छलकेगा। लक्ष्मीजी की कृपा आप पर रहेगी। पारिवारिक सदस्यों के साथ आनंद में समय बीतेगा। मित्र एवं स्नेहीजनों के मिलने से घर में खुशी का वातावरण रहेगा।

वृषभ : आपको सूचित करते हैं कि आज का दिन सावधानीपूर्वक बिताएं। आप का मन अनेक प्रकार की चिंताओं से ग्रस्त होगा। स्वास्थ्य बिगड़ सकता है एवं आँखों में पीड़ा होने की संभावना है। आत्मजनों एवं परिवारजनों से विरोध होगा। फिजूल खर्ची हो सकती है। दुर्घटना से सावधान रहें। गहन परिश्रम के बाद भी आज फल प्राप्ति कम रहेगी।

मिथुन : आज का दिन आप के लिए बहुत लाभप्रद है। अविवाहितों को योग्य जीवनसाथी मिल जाए ऐसे योग हैं। धन प्राप्ति के लिए शुभ दिन है। मित्रों से मुलाकात आनंदप्रद होगी और उनसे लाभ भी हो सकता है। पत्नी एवं पुत्र की ओर से लाभ रहेगा। उत्तम भोजन सुख है। संतान की तरफ से शुभ समाचार मिलेंगे।

ककर् : आज आप धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ आदि में व्यस्त रहेंगे। धार्मिक स्थान की मुलाकात से आनंद प्राप्त होगा। परिवारजनों के साथ आनंदपूर्वक समय बीतेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन भी चिंता रहित होगा। आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। आज आपके भाग्य में अच्छा परिवर्तन योग है।

सिंह : आज आपको संभलकर चलने की सलाह देते हैं। आज आप को विपरित संयोग का प्रतिकार करना पड़ेगा। स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। स्वास्थ्य बिगडऩे से आकस्मिक खर्च का प्रसंग आ सकता है। परिवारजनो के साथ संयमपूर्वक व्यवहार करें। अनैतिक कार्य से दूर रहें।

कन्या : सामाजिक तथा अन्य क्षेत्रों में ख्याति या सम्मान प्राप्त होगा। सुंदर वस्त्राभुषण की खरीदी भी हो सकती है। वाहनसुख प्राप्त होगा। भागीदारों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे। पति-पत्नी के बीच अगर तकरार हुआ होगा तो वह दूर होगा तथा घनिष्ठता भी बढ़ेगी।
तुला: आज घर में सुख-शांति का वातावरण बने रहने से आपकी प्रसन्नता में वृद्घि होगी। कार्यालय में सहकर्मियों के साथ सहकारपूर्वक कार्य कर सकेंगे। कार्य में यश की प्राप्ति होगी। माता-पिता की ओर से कोई अच्छे समाचार मिलेंगे।

वृश्चिक : आपका दिन मध्यम फलदायी होगा। विद्यार्थियों को अभ्यास में सफलता मिल सकती है। नए कार्यों का प्रारंभ आज न करें। आर्थिक आयोजन के लिए अनुकूल दिन होने से आपका परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। फिर भी शेर-सट्टे से दूर रहिएगा। प्रवास भी संभवत: टालें।.

धनु : आज के दिन मन में उदासीनता छाई रहेगी। शरीर में स्फूर्ति तथा मन में प्रफुल्लितता का अभाव रहेगा। परिवारजनों के साथ तनाव के प्रसंग बनने से घर का वातावरण कलुषित रहेगा। आपका स्वभिमान भंग न हो इसका ध्यान रखें।

मकर : आज का दिन नए कार्यों का प्रारंभ करने के लिए शुभ है। नौकरी, व्यापार तथा दैनिक हर कार्य में अनुकूल परिस्थिति रहने से मन मे प्रसन्नता बनी रहेगी। भाई-बंधुओं से लाभ तथा सहकार मिलेगा। आर्थिक लाभ के योग हैं। विद्यार्थी अपना अभ्यास सरलता पूर्वक कर सकेंगे।

कुंभ : धार्मिक कार्य में खर्च हो सकता है। पारिवारिक वातावरण बिगड़ सकता है। कार्य में असफलता मन में असंतोष तथा निराशा जगाएगी। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति ध्यान दें। निर्णयशक्ति का अभाव होगा।

मीन : आप का दिन शुभ फलदायी है। उत्साह तथा स्वस्थता बनी रहेगी। नए कार्य के प्रारंभ के लिए दिन अच्छा है। परिवार के सदस्यों तथा मित्रो के साथ भोजन का अवसर प्राप्त होगा। धन लाभ होगा, फिर भी अधिक खर्च न हो जाए इसका ध्यान रखें। धार्मिक कार्य तथा यात्रा का योग है।

संसद में मोदी, बिरला ने बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि

Modi, Birla pay tribute to Birsa Munda in Parliament

नई दिल्ली ,15 नवंबर (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज यहां संसद भवन परिसर में महान आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोदी करीब पौने 11 बजे संंसद भवन परिसर में पहुंचे जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल एवं राष्ट्रीय जनजातीय आयोग के अध्यक्ष फग्गन सिंह कुलस्ते भी उपस्थित थे। मोदी और बिरला ने झारखंड के आदिवासी समुदाय में भगवान की तरह पूज्य बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन किया। इस मौके पर आदिवासी कलाकारों के एक दल ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्रधानमंत्री ने कलाकारों के समीप जाकर उनसे बातचीत की और उत्साहवर्द्धन किया।

आज का राशिफल

मेष : मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन धन के मामले में काफी भाग्यशाली हो सकता है। आज आप पैसे बचाने में सफल रहेंगे। बच्चों की एजुकेशन से संबंधित बड़ा खर्च सामने आ सकता है। कोई भी कार्य करने में जल्दबाजी न करें। दूसरों की बातों को भी तसल्ली से सुनेंगे, तो बेहतर ढंग से काम को पूरा कर पाएंगे। मित्रों के साथ अच्छा वक्त बीतेगा।

वृषभ : वृष राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा सा प्रतिकूल हो सकता है। वे जातक जो घर बैठ कर काम करने की सोच रहे थे। उन्हें बॉस का बुलावा आ सकता है और उनके आराम में खलल पड़ सकती है। कमाई के लिए दिन बहुत अच्छा है और आपको पूरा लाभ होगा। व्यर्थ खर्चों की वजह से भविष्य में आर्थिक तंगी हो सकती है।

मिथुन : मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन और इंतजार करने वाला हो सकता है। सरकारी विभागों में कार्य करवाने के आज आपके प्रयास व्यर्थ जा सकते हैं। आज ऑफिस में आपका कोई काम गड़बड़ा सकता है। प्रयास जारी रखें, धन लाभ भी हो सकता है।

ककर् : कर्क राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा से कार्य करने का है। आज आपको भाग्य का साथ प्राप्त होगा। आपके काम करने के तौर-तरीकों की वजह से बहुत पसंद किया जाएगा। नजदीकी लोगों के साथ भ्रम की स्थिति से बचने का प्रयास करें। बेहतर होगा कि अपनी क्षमता के अनुसार बातचीत करें। झूठा दिखास करने से फंस सकते हैं।इन 6 राशियों के लिए शुक्र नहीं रहता शुभ, लाभ के लिए आजमाने चाहिए ये उपाय

सिंह : सिंह राशि के जातक आज समय निकालकर अपने अधूरे पड़े कार्यों को पूरा करने की कोशिश करेंगे। किसी भी तरह की लापरवाही या आज्ञा का पालन ना करना आपको बर्दाश्त नहीं होगा। ज्यादा तनाव सेहत को भी प्रभावित कर सकता है। हर कार्य को बिना तनाव लिए पूरा करें। दूसरों की भलाई के कार्यों पर धन खर्च करें।

कन्या : कन्या राशि के जातकों को आज लाभ होगा और भाग्य आपका साथ देगा। गलत कार्यों की तरफ आप बढ़ सकते हैं। इससे तुरंत भले ही फायदा हो जाए, लेकिन आगे जाकर तो आपको नुकसान हो सकता है। आप जिस प्रॉजेक्ट पर कार्य कर रहे थे, उसके परिणाम आपकी इच्छा के अनुरूप नहीं आने से तनाव हो सकता है। भ्रम की स्थितियां पैदा हो सकती हैं। महत्वपूर्ण निर्णय कुछ समय के लिए टालने पड़ सकते हैं।

तुला : तुला राशि के जातक आज अपने काम का स्वयं बखान करने की कोशिश करेंगे। ऐसा करने से उनका समय और ऊर्जा दोनों ही नष्ट होंगे। असलियत में अपने वादों को पूरा करने में मुश्किल होगी और भाग्य भी आपका साथ नहीं देगा। इसलिए बिना सोचे समझे कोई भी वादा करने से बचें। वित्तीय मामलों में समय अच्छा है। ग्रह नक्षत्रों की वजह से धन कमाने में लाभ हो सकता है।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि के जातकों को उनके गलत कामों की वजह से उच्च अधिकारियों की बातें सुननी पड़ सकती हैं। ध्यानपूर्वक काम करें तो सही रहेगा और आपके कार्य भी समय से पूर्ण होंगे। एकाग्रता बनाएं और सही ढंग आगे बढ़ें तो सफलता प्राप्त होगी।चने की दाल का इनमें से कोई एक उपाय, दूर कर देगा आपकी आर्थिक तंगी

धनु : धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन क्रिएटिविटी वाला हो सकता है। अपरंपरागत तरीकों के प्रयोग से लाभ होगा। मीटिंग में आपके विचारों को तरजीह दी जाएगी। शुरुआती दौर में आपको भी यह सब अजीब लगेगा लेकिन सब की तरफ से तारीफ मिलने से आप में आत्मविश्वास का संचार होगा। आपके कार्य पूर्ण होंगे।

मकर : मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन धन वृद्धि वाला है। कलात्मक अभिव्यक्ति में वृद्धि होगी। कुछ कामों को समय पर पूरा कराने के लिए बाहर से आउटसोर्सिंग भी करनी पड़ सकती है। प्रॉपर्टी से जुड़े हुए मामलों में सोचकर फैसला लें।

कुंभ : कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन थोड़ा सा मुश्किल वाला हो सकता है। किसी गलतफहमी की वजह से पारिवारिक मुश्किलों में पड़ सकते हैं पार्टनर का सहयोग गलतफहमी को दूर करेगा। आज आपको ऐसा मुश्किल काम सौंपा जा सकता हैं जिसे अकेले करना मुश्किल होगा।

मीन : मीन राशि के जातक आज खुश रहेंगे। अधिक काम को साहसपूर्वक पूरा कर पाएंगे। निर्धारित लक्ष्य हासिल कर पाने से मान सम्मान में बढ़ेगा और लोग आपके काम में बाधा डालने का प्रयास करेंगे, परंतु ऐसे लोगों को सही जवाब भी मिलेगा। वित्तीय लाभ देने वाला दिन है।मिसरी हर दिन खाने के इन फायदों को आपने आजमाया क्या.

एक्सपायर हो चुके क्रेडिट कार्ड का इन बेहतरीन तरीको से करें इस्तेमाल

जब क्रेडिट कार्ड एक्सपायर हो जाता है, तब यह किसी का काम का नहीं रहता और नए क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने के बाद कई लोग उसे यूं ही इधर-उधर रख देते हैं। ऐसे में अगर आप चाहें तो इस एक्पायर्ड क्रेडिट कार्ड को कई बेहतरीन तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं। चलिए आज हम आपको एक्सपायर क्रेडिट कार्ड को दोबारा इस्तेमाल करने के कुछ बेहतरीन आईडियाज के बारे में बताते हैं, जो यकीनन आपको भी काफी पसंद आएंगे।

बुक मार्क की तरह करें इस्तेमाल

अगर आपके पास एक्सपायर क्रेडिट कार्ड है तो आप इसका इस्तेमाल बुक मार्क की तरह कर सकते हैं। अगर आप किताबें पढऩे के शौकीन हैं तो आप एक बार में पूरी किताब न पढ़ पाने पर पन्ने को मोड़ देते होंगे या फिर उसे मार्कर आदि से हाइलाइट कर देते होंगे, लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है। आप जहां पर भी अपनी रीडिंग खत्म करें, वहां पर क्रेडिट कार्ड को रख दें।

स्क्रैपर की तरह करें इस्तेमाल

आप चाहें तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल एक स्क्रैपर के तौर पर भी कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर फर्श पर पेंट जैसा कुछ चिपक गया है या फिर आपको फ्रिज से बर्फ को खुरचना है या फिर प्लेट पर खाना चिपक गया है तो ऐसे में क्रेडिट कार्ड आपके बेहद काम आ सकता है। बस आपको इतना करना है कि आप उस जगह पर इसे अच्छी तरह उस स्थान पर स्क्रैप करें।

ईयरफोन से लेकर चार्ज को व्यवस्थित करके रखने में करे मदद

ईयरफोन से लेकर चार्जर का इस्तेमाल करना आसान होता है, लेकिन जब इन्हें स्टोर करने की बात आती है तो इनकी तारें आपस में उलझ जाती हैं और कभी-कभी तो इससे वह अंदर से कमजोर हो जाती हैं और जल्द ही खराब हो जाती हैं। ऐसे में आप तारों को व्यवस्थित करके रखने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। बस हर बार इन तारों का इस्तेमाल करने के बाद आप उसे क्रेडिट कार्ड पर लपेटें।

बन जाए रूलर

अगर आपको कोई भी आर्ट एंड क्राफ्ट का कुछ काम कर रहे हैं और आपको उस दौरान एक सीधी रेखा खींचनी है, लेकिन आपके पास रूलर नहीं है तो ऐसे में आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। चूंकि इसके कार्नर एकदम सीधे होते हैं तो ऐसे में उसे बतौर रूलर इस्तेमाल करना एक अच्छा आईडिया है। यकीनन इससे एकदम सीधी रेखा खींचने में काफी मदद मिलेगी।(एजेंसी)

बच्चों में भरपूर पानी पीने की आदत डालने के लिए अपनाएं ये तरीके

अगर आपके बच्चे को कम पानी पीने की आदत है तो जल्द से जल्द अपने बच्चे की इस आदत को सुधारने की कोशिश करें। दरअसल, इससे बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिसके कारण उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स देते हैं जिन्हें अपनाकर माता-पिता अपने बच्चों में भरपूर पानी पीने की आदत डाल सकते हैं।
बच्चे के पास हमेशा पानी से भरी बोतल रखें
अगर आपका बच्चा कम पानी पीता है तो उसे रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन कराने के लिए उसके पास हमेशा पानी से भरी एक बोतल रखें। बेहतर होगा कि आप इस काम के लिए रंगीन बोतल चुनें क्योंकि इससे बच्चा आकर्षित होगा और खुद ही बार-बार बोतल से पानी पीता रहेगा। यकीन मानिए बच्चों को यह तरीका बहुत पसंद आता है। आप भी अपने बच्चे को रोजाना भरपूर पानी पिलाने के लिए इसे अपना सकते हैं।
पानी को आकर्षक बनाएं
आकर्षक पानी की मदद से भी बच्चे को रोजाना भरपूर पानी पिलाया जा सकता है। पानी को आकर्षक बनाने के लिए इसमें स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और पुदीने की पत्तियां मिलाएं। अगर आपके बच्चे को सिर्फ फलों का जूस पसंद है तो उसे पानी से पतला करके अपने बच्चे को पिलाएं। इसके अतिरिक्त आप चाहें तो जूस को आइस ट्रे में फ्रीज कर सकते हैं और क्यूब्स को सादे पानी में मिलाकर बच्चे को दे सकते हैं।
पानी से भरपूर फल और सब्जियां दें
कुछ फल और सब्जियों का सेवन बच्चों को आवश्यक पोषक तत्वों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में पानी देने में भी मदद कर सकता है, इसलिए इन्हें बच्चे की डाइट में शामिल करना फायदेमंद सिद्ध हो सकता है। उदाहरण के लिए, कीवी, संतरा, खीरा और टमाटर जैसे खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में पानी मौजूद होता है। इसके अलावा आप कुछ सूप और जूस आदि को बच्चों की डाइट में शामिल करके भी उन्हें पानी की कमी से बचा सकते हैं।
बच्चों में पानी पीने की होड़ लगाएं
अगर आपका बच्चा पानी पीने में नखरे करता है तो आप उसे खेल-खेल में भरपूर पानी का सेवन करा सकते हैं। इसके लिए खुद के सामने और अपने बच्चे के आगे पानी से भरे गिलास रखें, फिर उसके साथ पानी पीने की होड़ लगाएं। इसके अलावा आप अपने घर के बच्चों में या बच्चों के दोस्तों के बीच में पानी पीने की होड़ लगवा सकते हैं।(एजेंसी)

फिल्म राम सेतु के सेट पर लौटीं जैकलीन फर्नांडिज

जैकलीन फर्नांडिज काफी समय से फिल्म राम सेतु को लेकर चर्चा में हैं। अब सात महीने बाद फिर उन्होंने इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। जैकलीन ने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर कर यह जानकारी दी है। इससे पहले अयोध्या में फिल्म को शूट किया जा रहा था, जहां टीम के कई सदस्य कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। लिहाजा फिल्म की शूटिंग रोक दी गई थी।
जैकलीन फर्नांडिज ने अपनी दो तस्वीरें ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, राम सेतु के सेट पर वापसी। इसके साथ उन्होंने एक हार्ट का इमोजी भी बनाया। उनकी इस तस्वीर पर राम सेतु में उनकी को-स्टार नुसरत भरूचा ने लिखा, बेहद खूबसूरत, वहीं, प्रशंसक भी जैकलीन की तस्वीरों पर खूब प्यार लुटा रहे हैं और उन्हें शूट के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। जैकलीन फेस्टिव मूड से बाहर आ चुकी हैं और काम पर फोकस करने के लिए तैयार हैं।
अभिषेक शर्मा के निर्देशन में बन रही फिल्म राम सेतु में भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी कहानी को पर्दे पर लाया जाएगा। इस फिल्म में अक्षय कुमार पुरातत्त्वविद् का किरदार निभाएंगे। फिल्म में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की कहानी दिखाई जाएगी। इसमें अक्षय के साथ जैकलीन फर्नांडिज और नुसरत भरूचा नजर आएंगी। नुसरत इसमें उनकी पत्नी की भूमिका में होंगी और जैकलीन, अक्षय की टीम मेंबर होंगी, जो मिशन राम सेतु में अक्षय की मदद करती हैं।
इस फिल्म की घोषणा पिछले साल दीवाली के असवर पर हुई थी। अक्षय ने फिल्म का पोस्टर शेयर किया था। इसके साथ उन्होंने लिखा था, इस दीपावली, भारत राष्ट्र के आदर्श और महानायक भगवान श्री राम की पुण्य स्मृतियों को युगों-युगों तक भारत की चेतना में सुरक्षित रखने के लिए एक ऐसा सेतु बनाया, जो आने वाले पीढिय़ों को राम से जोड़ कर रखे। इसी प्रयास में हमारा भी एक छोटा संकल्प है राम सेतु। आपको दीपाध्वली की शुभकामनाएं।
जैकलीन जल्द ही फिल्म अटैक में जॉन अब्राहम के साथ नजर आएंगी। इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्य राज आनंद कर रहे हैं। वह निर्देशक रोहित शेट्टी की फिल्म सर्कस का भी हिस्सा हैं। इस फिल्म में उनके साथ रणवीर सिंह और पूजा हेगड़े दिखाई देंगी। इसके अलावा जैकलीन फिल्म बच्चन पांडे में भी नजर आएंगी। इस फिल्म में भी वह अक्षय कुमार के साथ नजर आने वाली हैं। हॉलीवुड फिल्म वुमेन्स स्टोरीज को लेकर भी जैकलीन चर्चा में हैं।(एजेंसी)

दुल्हन बनने वाली हैं कुंडली भाग्य फेम श्रद्धा आर्या

धारावाहिक कुंडली भाग्य से घर-घर में लोकप्रिय हुईं अभिनेत्री श्रद्धा आर्या भी जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएंगी। इन दिनों बॉलीवुड और छोटे पर्दे से जुड़े तमाम सितारों के शादी के बंधन में बंधने की खबरें आ रही हैं। अब भले ही श्रद्धा ने खुद अपनी शादी की खबरों पर कुछ नहीं कहा है, लेकिन कहा जा रहा है कि 16 नवंबर को उनके घर पर शहनाई बजने वाली है।
इस समय अंकिता लोखंडे की शादी को लेकर कई खबरें सामने आ रही हैं। अंकिता अपने बॉयफ्रेंड विक्की जैन संग अगले महीने सात फेरे लेने वाली हैं। उनकी खास दोस्त श्रद्धा आर्या भी शादी करने की प्लानिंग कर चुकी हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा 16 नवंबर को शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि श्रद्धा ने राहुल नाम के एक शख्स से शादी करने का फैसला किया है, जो नेवी ऑफिसर हैं।
कुंडली भाग्य से जुड़े सूत्र ने बताया कि श्रद्धा अपनी शादी से जुड़ी हर जानकारी सीक्रेट रखना चाहती हैं। कइयों को तो पता भी नहीं है कि वह किससे शादी कर रही हैं। उन्होंने दो हफ्ते की छुट्टी ली हुई है। शादी से पहले श्रद्धा ने हमारे साथ कल ही अपना आखिरी एपिसोड शूट किया है। शादी में सिर्फ कुछ खास लोग ही शामिल होने वाले हैं। श्रद्धा एक निजी समारोह में दुल्हनिया बनने वाली हैं।
श्रद्धा ने 2019 में नच बलिए में खुलासा किया था कि वह जालंधर के बिजनेसमैन आलम मक्कर को डेट कर रही हैं। हालांकि, नच बलिए 9 में आने के दो महीने बाद ही दोनों का ब्रेकअप हो गया था।
34 साल की श्रद्धा आर्या टीवी की उन अदाकाराओं में से हैं, जिनकी फैन फॉलोइंग जबरदस्त है। कुंडली भाग्य से पहले वह मैं लक्ष्मी तेरे आंगन की, तुम्हारी पाखी और ड्रीम गर्ल जैसे कई धारावाहिकों में दिख चुकी हैं, लेकिन कुंडली भाग्य में प्रीता के रोल में लोगों ने उन्हें भरपूर प्यार दिया। आज श्रद्धा आर्या का नाम टीवी की सबसे महंगी अदाकाराओं की लिस्ट में शामिल हैं। श्रद्धा पाठशाला और निशब्द जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं।(एजेंसी)

संगीत की नि:स्वार्थ सेवा और समर्पण के प्रतीक हैं – पद्म मदन चौहान

परेश कुमार राव –
भारत सरकार अपने नागरिकों को उनके अद्वितीय योगदान के लिए विभिन्न सम्मान प्रदान करती है । विगत कुछ वर्षों में पद्मसम्मान भारत सरकार द्वारा ऐसे कुछ महत्वपूर्ण और बिरले लोगों को प्रदान किया गया है, जिन्होंने अपनी मिट्टी से जुड़कर, ह्रदयतल की गहराइयों से, नि:स्वार्थ, निष्काम भाव से अपना कर्म किया है, साधना की है, सेवा की है ।
इसी कड़ी में भारत सरकार द्वारा वर्ष-2020 के लिए प्रदत्त पद्मसम्मानों में एक नाम छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय संगीतकार मदन चौहान का भी है । मदन चौहान जी की गायकी एक उन्मुक्त बहते झरनें की तरह है, जिसमें प्रवाह है, सादगी है, मौलिकता है, फकीराना अंदाज है, तो साधना की बानगी भी । संगीत का हर रंग फिर चाहे वो भजन हो, गजल या कव्वाली मदन चौहान जी उसे अपने अंदाज में ढाल लेते है ।
अपनी संगीत यात्रा की शुरुआत का जिक्र करते मदन जी कहते है कि 10 वर्ष की उम्र में वे डब्बे बजाते थे, गरीबी का दौर था, डब्बे से शुरु हुआ सिलसिला ढोलक तक आ पहुंचा, ढोलर बजाते-बजाते आर्केस्ट्रा की तरफ आकर्षित हुए, उम्र का तकाजा था । इसके बाद कुछ लोगों ने सलाह दी कि अगर तबला बजाएं तो बेहतर होगा । तो फिर वहां से तबले की शुरुवात हुई । तबले की आरंभिक शिक्षा आपने आकाशवाणी के कन्हैया लाल भट्ट से और जगन्नाथ भट्ट से ली । आप अजराड़ा घराने के ख्याति लब्ध उस्ताद काले खां को गंड़ाबंध शागिर्द बने । तबला सीखने और सिद्धहस्त होने के बावजूद मदन जी के अंतस में एक गायक कंठ छिपा था, जिसमें गायकी के प्रति निश्चल इच्छा शक्ति थी । पहले-पहल दूसरे लोगों की तरह उन्हें भी फिल्मी संगीत ने प्रभावित किया । महान संगीतकार नौशाद, हेमन्त कुमार की धुनों से वे बंध से गए थे । उसके बाद उन्हें शंकर जयकिशन, मदनमोहन रोशन, सरदार मलिक आदि संगीतकारों ने भी काफी प्रभावित किया ।
मुलत: रायपुर शहर से ताल्लुक रखने वाले मदन जी उस दौर को याद करते कहते हैं कि काफी पिछड़ा व देहाती इलाका था । बिजली भी नहीं थी, सिर्फ रेडियों में सुकर संगीता का आनंद मिलता था । अपनी शिक्षा के बारें में बताते मदन जी कहते हैं कि उन्होंने मैट्रिक तक पढ़ाई की और फिर नौकरी की तलाश में लग गए, लेकिन साथ ही संगीत के शौक ने उन्हें एक मुकाम दिया । मदन जी ने आरम्भिक दौर में संगीत में संगत की फिर रुख किया आर्केस्ट्रा का । आर्केस्ट्रा और फिर तमाम संगीत समूहों के साथ संगत करते-करते आकाशवाणी में भी अपनी जगह बनाई । पुराने दौर को याद करते मदन जी रोचक संस्मरण सुनाते कहते है कि खमतराई में स्थित ट्रांसमीटर से ही प्रसारण होता था आकाशवाणी का । स्टूडियों नहीं बना था । उस दौर में साजों सामान भी कम था, फिर भी रेडियो की अपनी दुनिया थी, लोग रेडियों में आने को लालायित रहते थे ।
मदन जी गर्व से कहते है कि उन्हें सही पहचान रेडियो से ही मिली । अपनी पहली रिकार्डिंग को याद करते वे कहते हैं कि उन्होंने लोकगायक स्व. शेख हुसैन, रहमान शरीफ और निर्मला इंगले जी के साथ संगत की थी और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में अपनी प्रस्तुति दी है । उन्होंने अपने लोगों के बीच अपना संगीत प्रस्तुत कर गर्व का अनुभव किया, नि:स्वार्थ भाव से लोगों का मनोरंजन करते रहे । लोक संगीत में मदन जी ने काफी काम किया पर सुगम संगीत में नामचीन कलाकारों के साथ संगत की जैसे- राहत अली, चंद्रकांत गधर्व, पुष्पा हंस और अहमद हुसैन मोहम्मद हुसैन अच्छे और बड़े कलाकारों के साथ संगत करते-करते मदन जी का मन गायकी की तरफ मुड़ गया । गाना तो ह्रदय की गहराइयों में था ही, रुहानियत सी की अच्छा संगीत सुनते थे तो बस वही से शुरुवात हुई गाने की । तबले के साथ-साथ अब गाना सुकुन देने लगा, गजलों की तरफ उनका रुझान काफी था । गायन, वादन के साथ-साथ मदन जी अपने साजो कि रख-रखाव के लिए भी जाने जाते हैं, वे कहते हैं कि साज को बेहतर ढंग से रखना और उसके बारे में जानना बेहद जरुरी है ।
संगीत में साधना, तपस्या, समर्पण के साथ मदन जी ने समाज को बहुत कुछ दिया । धर्म-निरपेक्षता की मिसाल पेश करते भजन भी गाए, कव्वाली भी गाई, गुरुवाणी भी सुनाई । बच्चों को संगीत की तालीम लगातार देते रहे । 74 वर्ष की आयु में भी सक्रिय मदन जी कहते है कि क्षेत्र की प्रतिभाएं आगे आएं और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें, इसके लिए सदैव तत्पर रहते हैं । संगीत में निर्गुण रंग को अपनी अनोखी अभिव्यक्ति देते मदन जी ने सूफीयाना अंदाज को भी अपनाया । कबीर, अमीर खुसरों और मध्यकालीन संत कवियों की रचनाओं का निरंतर गायन किया । अपने बंदिशे खुद तैयार की, अपनी मौलिकता और सादगी के साथ पद्मजैसे उच्च सम्मान के अतिरिक्त आपको कला रत्न, सूफी तारीख, संगीत विभूति जैसे प्रादेशिक सम्मान भी मिले । आपके प्रतिष्ठित दाउ रामचंद्र देशमुख सम्मान भी मिला । सन् 2017 में गायन में आजीवन उपलब्दियों के लिए उन्हें चक्रधर सम्मान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के करकमलों से प्राप्त हुआ ।
नि:संदेह मदन चौहान ने अपने संगीत साधना से सुरों को, साजों को, संगीत को नए आयाम दिए हैं । संगीत की निस्वार्थ सेवा और समर्पण से उन्होंने नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा प्रदान की है ।
(लेखक वरिष्ठ उद्घोषक, आकाशवाणी केन्द्र, रायपुर)