पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा के स्वास्थ्य की मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने ली जानकारी

स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी को दिया निदेश, श्री विमल लकड़ा को हर जरूरी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करवाते हुए करें सूचित

माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर अस्पताल जाकर इलाजरत पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा एवं उनकी पत्नी से की मुलाक़ात – श्री सुदिव्य कुमार ,पर्यटन एवं खेलकूद मंत्री

रांची,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इलाजरत पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफ़ान अंसारी को निदेश दिया कि इलाजरत पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा को हर जरूरी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करवाते हुए हुए उन्हें सूचित करें।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने एक्स में माध्यम से कहा कि झारखण्ड सरकार श्री विमल लकड़ा जी के साथ पूरी तरह खड़ी है। उनके परिवार को भरोसा दिलाया कि इलाज में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मंत्री श्री सुदिव्य कुमार को निदेश दिया था कि वे अस्पताल जाकर इलाजरत पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा से मुलाक़ात करें । मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने एक्स के माध्यम से बतलाया कि उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के निर्देश पर अस्पताल जाकर इलाजरत पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा एवं उनकी पत्नी से मुलाक़ात की।

उन्होंने डॉ. संजय से श्री विमल लकड़ा के स्वास्थ्य एवं इलाज की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मालूम हो कि पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी बिमल लकड़ा सोमवार को खेत मे बेहोश पाए गए. उन्हें इलाज के लिए रांची के क्यूरेसेटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. हॉकी झारखंड के उपाध्यक्ष और सिमडेगा हॉकी के अध्य्क्ष मनोज कोनबेगी ने बताया कि वे गांव में अपने खेत गए हुए थे जहां वह बेहोश हो गए थे.

45 साल के बिमल लकड़ा को प्राथमिक चिकित्सा के लिए कुरड़ेग ले जाया गया, जहां से उन्हें सिमडेगा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सिमडेगा में उनका सिटी स्कैन किया गया. उनके सिर में खून का थक्का दिखाई दिया. डॉक्टरों के परामर्श से उन्हें रांची ले जाया गया है. उन्हें क्यूरेसेटा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.

********************************

 

64वीं रांची जिला स्तरीय सुब्रतो फुटबॉल प्रतियोगिता का शानदार आगाज

सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट एक बड़ा मंच है, जो स्कूली बच्चों को अपनी प्रतिभा तराशने का अवसर प्रदान करता है

3 जुलाई 2025 को अंडर-17 बालिका वर्ग का फाइनल मुकाबला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बालिका, बारियातू में आयोजित होगा

रांची,02.07.2025 (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : 64वीं रांची जिला स्तरीय सुब्रतो फुटबॉल प्रतियोगिता का शानदार उद्घाटन आज मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बालिका, बारियातू, रांची में हुआ। इस अवसर पर अंडर-17 बालिका वर्ग के टूर्नामेंट का शुभारंभ अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री उत्कर्ष कुमार द्वारा किया गया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी राँची, श्री विनय कुमार, और जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बदल राज ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। उद्घाटन समारोह में रांची जिला फुटबॉल एसोसिएशन के महासचिव श्री आसिफ नईम, रांची रेफरी श्री एचओआर फरीद खान, और झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि श्री निशिकांत पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

ऐसे आयोजनों को देखकर मन प्रसन्न हो जाता है

उद्घाटन के दौरान गुब्बारे उड़ाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया गया। बारिश के बीच आयोजित इस समारोह ने फुटबॉल के प्रति खिलाड़ियों के जुनून को और बढ़ा दिया। अनुमंडल पदाधिकारी सदर राँची, श्री उत्कर्ष कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “ऐसे आयोजनों को देखकर मन प्रसन्न हो जाता है। बालिकाओं का फुटबॉल के प्रति प्रेम और उत्साह देखते ही बनता है। बारिश के बीच फुटबॉल का यह खेल और भी रोमांचक हो जाता है। आज ये बच्चियां यहां खेल रही हैं, कल ये बड़े-बड़े क्लबों और देश के लिए जरूर खेलेंगी।”

सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट एक बड़ा मंच है, जो स्कूली बच्चों को अपनी प्रतिभा तराशने का अवसर प्रदान करता है

जिला शिक्षा अधीक्षक राँची, श्री बदल राज ने कहा, “सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट एक बड़ा मंच है, जो स्कूली बच्चों को अपनी प्रतिभा तराशने का अवसर प्रदान करता है। इस तरह के आयोजन बच्चों का उत्साह बढ़ाते हैं और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। इस टूर्नामेंट की विजेता टीमें प्रमंडलीय स्तर पर सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट में रांची जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी।”

टूर्नामेंट नॉकआउट आधार पर खेला जा रहा है

64वीं सुब्रतो फुटबॉल प्रतियोगिता में अंडर-15 बालक, अंडर-17 बालक, और अंडर-17 बालिका वर्ग की टीमें हिस्सा ले रही हैं। अंडर-15 और अंडर-17 बालक वर्ग के मुकाबले खेल गांव के प्रैक्टिस ग्राउंड में आयोजित हो रहे हैं, जबकि अंडर-17 बालिका वर्ग के मैच मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बालिका, बारियातू में खेले जा रहे हैं। प्रत्येक वर्ग में 19-19 टीमें भाग ले रही हैं, और टूर्नामेंट नॉकआउट आधार पर खेला जा रहा है।

3 जुलाई 2025 को अंडर-17 बालिका वर्ग का फाइनल मुकाबला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बालिका, बारियातू में आयोजित होगा

गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को अंडर-17 बालिका वर्ग का फाइनल मुकाबला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय बालिका, बारियातू में आयोजित होगा। इसके पश्चात, उसी मैदान पर पहली बार लिटिल चैंप अंडर-12 बालक-बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा, जो युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

खेल और शिक्षा का संगम

सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल टूर्नामेंट न केवल खेल को बढ़ावा देता है, बल्कि यह बच्चों में अनुशासन, सहयोग, और नेतृत्व जैसे गुणों को भी विकसित करता है। यह प्रतियोगिता स्कूली बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अनूठा मंच प्रदान करती है।

सबकी भूमिका अहम रही

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में रांची जिला फुटबॉल एसोसिएशन, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, और विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी आयोजकों और प्रायोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

विजेता टीमें अब प्रमंडलीय स्तर पर होने वाली सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेंगी

विजेता टीमें अब प्रमंडलीय स्तर पर होने वाली सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेंगी, जहां वे रांची जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह आयोजन न केवल खेल के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को उभारने का अवसर देता है, बल्कि झारखंड के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रेरित करता है।

*******************************

 

‘रामायण’ अनाउंसमेंट प्रोमो 3 जुलाई को होगी जारी….!

02.07.2025 – नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज और 8 बार ऑस्कर जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो DNEG द्वारा एस के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर बनाई गई फिल्म ‘रामायण’ अनाउंसमेंट प्रोमो 3 जुलाई, गुरुवार को भारत के 9 शहरों मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, कोलकाता, पुणे और कोच्चि में एक साथ लॉन्च किया जाएगा।

यह प्रोमो न सिर्फ एक नई सिनेमाई यात्रा की शुरुआत है, बल्कि दर्शकों को इस महाकाव्य की शानदार दुनिया की पहली झलक भी दिखाएगा। ‘रामायण : द इंट्रोडक्शन’ नाम से तैयार किया गया यह अनाउंसमेंट प्रोमो भारतीय सिनेमा को ग्लोबल स्टेज पर एक नई और दमदार पहचान देने की तैयारी में है।

‘एनिमल’ की सफलता के बाद से रणबीर कपूर पिछले एक साल से एक ही फिल्म को लेकर तैयारी कर रहे थे और वह थी निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायण’। इस माइथोलॉजिकल फिल्म में रणबीर कपूर के साथ अभिनेत्री साई पल्लवी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत की धार्मिक गाथा को नए और भव्य अंदाज़ में पेश करने वाली यह फिल्म हर दिन बढ़ती उत्सुकता के साथ दर्शकों के दिलों में जगह बना रही है।

‘रामायण’ की यात्रा अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है और अब पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी है। भारतीय फिल्म जगत के चर्चित निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी ‘रामायण’ का पहला पार्ट इस वर्ष दिवाली के शुभ अवसर पर रिलीज़ की जाएगी, जबकि दूसरा पार्ट दिवाली 2027 के अवसर पर सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

******************************

 

यायावर दिवस” पर डॉ. श्याम सिंह ‘शशि’ को भावभीनी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 1 जुलाई 2025 (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टिट्यूट , चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में आज प्रसिद्ध साहित्यकार, समाजशास्त्री और संस्कृति-प्रेमी पद्मश्री डॉ. श्याम सिंह ‘शशि’ की स्मृति में “यायावर दिवस” का आयोजन भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ।

यह कार्यक्रम  अंतर -राष्ट्रीय सहयोग परिषद, ऑथर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, भारतीय आदिम जाति सेवक संघ, चाणक्य वार्ता,  सी. एस. आर.  रिसर्च फाउंडेशन, इंटरनेशनल गुडविल सोसाइटी ऑफ इंडिया, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेचर व्यू, नागिरी लिपि  तथा देशज फाउन्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

डॉ शशि के 1 जुलाई 2025 को 90 वे जन्मदिवस के अवसर  पर  यायावर दिवस मनाते हुए दीपप्रज्वलन के उपरांत ऑथर्स गिल्ड ऑफ़ इंडिया के महासचिव श्री शिव शंकर अवस्थी ने डॉ  शशि को याद करते हए अपने संस्मरण सुनाए I अत्यंत भावुक स्वर में  श्री अवस्थी ने बताया कि उनकी लगभग रोज  फ़ोन पर चर्चा होती थी I

यद्यपि  डॉ शशि 19 फरवरी 2025 को संसार से विदा हो गए मगर उन्हें  आज  भी महसूस होता है कि डॉ शशि का फ़ोन आएगा I जहाँ इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स आर्गेनाईजेशन के अध्यक्ष डॉ नेम सिंह प्रेमी ने डॉ शशि के व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार रखे, वहीँ अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद के श्री श्याम परांडे ने डॉ शशि के रोमा साहित्य और भारतीय संस्कृति पर अमूल्य योगदान का उल्लेख किया I

समारोह में डॉ ऋचा सिंह द्वारा संपादित ‘सभ्यता संस्कृति’ पत्रिका सभी आमंत्रित अतिथियों  को वितरित की गईI श्री परांडे ने इस  पत्रिका के सन्दर्भ में ख़ुशी जाहिर करते कहा कि यह पत्रिका डॉ शशि की विरासत है I उन्होंने सम्पादकीय टीम को बधाई दी I इस अवसर पर लेखक श्री लक्ष्मी नारायण भाला ने डॉ शशि की ‘भारतीय संविधान संस्कृति एवं रामराज्य’ पुस्तक पर चर्चा करते हुए कहा कि यह पुस्तक भारतीय साहित्य, संस्कृति,कला और इतिहास के प्रति अमूल्य योगदान है I

समारोह के मुख्य वक्ताओं में राज्य सभा  के पूर्व सचिव डॉ. योगेन्द्र नारायण ने कहा कि डॉ. शशि का  रोमाओं पर किया गया  कार्य बेमिसाल अतुलनीय है I डॉ शशि की यायावर शोध यात्रा एक देश तक ही सीमित नहीं थी उन्होंने 80 से ज़्यादा देशों की यात्राएं  की थी जो सब के लिए  आसान नहीं होता है I

उन्होंने डॉ शशि के कार्य को एक जीवंत विरासत बताया, जो आने वाली पीढ़ियों को दिशा प्रदान करती रहेगी। इसी दौरान  कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति रही  ‘डीवाइन डाटरस् ऑफ़ फायर’ “Divine Daughters of Fire” पुस्तक का लोकार्पण – जिसे डॉ. शशि की पौत्री सुश्री संस्कृति सिंह ने अपने दादा की स्मृति को समर्पित करते हुए लिखा है।

डॉ योगेन्द्र ने आशीर्वाद दे कर, इस पुस्तक की प्रशंसा करते हुए युवा लेखिका का प्रोत्साहन तो किया ही, वहीं उम्मीद भी जताई की ‘लिगेसी’ की यात्रा जारी रहेगी I उन्होंने कहा कि महिलाएं आज परुषों से कम नहीं हैं बल्कि कई क्षेत्रों में तो  वें परुषों से भी आगे हैं I  युवा लेखिका संस्कृति ने भी अपनी  पुस्तक की प्रेरणा, बाल्य अवस्था से वृधावस्था तक नारी-संघर्ष, और स्त्री-सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए I

अनेक वक्ताओं में श्री नारायण कुमार  ने डॉ. शशि के योगदान, यायावरी दृष्टिकोण, और आदिवासी संस्कृति पर उनके शोध को भावनात्मक श्रद्धांजलि के साथ स्मरण किया। कार्यक्रम के समापन में डॉ शशि के बचपन के मित्र श्री बी एल गौड ने शशि परिवार की ओर से सभी आमंत्रित अतिथियों का आभार व्यक्त किया I

कार्यक्रम में डॉ शशि की पत्नी श्रीमती लीलावती अपने पुत्र डॉ आलोक व परिवार सहित उपस्थित रहीं I गरिमामयी कार्यक्रम में  डॉ हरी सिंह पाल, श्री अरुण पासवान प्रोफ़ेसर एस एस भाकरी, श्री राम मेहरोत्रा, सुश्री अनुभूति चतुर्वेदी, श्री दीनदयाल अग्रवाल, श्री योगेश श्री ज़मीर अनवर, व अनेक प्रबुद्ध श्रोतागण की उपस्थिति सराहनीय रही I कार्यक्रम का संचालन डॉ अमित जैन ने किया I

****************************

 

भाजपा कर्मी अभिजीत सरकार हत्याकांड में सीबीआई की चार्जशीट दाखिल

विधायक परेश पाल, दो पार्षद सहित 18 लोगों के नाम

कोलकाता 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021 में बेलेघाटा भाजपा कर्मी अभिजीत सरकार हत्याकांड के बाद हुए चुनाव हिंसा मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट यानी एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।

आरोपपत्र में तृणमूल विधायक परेश पाल समेत कुल 18 लोगों के नाम हैं। सूची में तृणमूल के दो पार्षद पापिया घोष और स्वपन समाद्दार भी शामिल हैं।

सोमवार को आरोपपत्र दाखिल होने से एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार, नए मिले साक्ष्यों के आधार पर तृणमूल विधायक परेश पाल और दो पार्षदों समेत 15 अन्य लोगों के नाम चार्जशीट में शामिल किए गए हैं। आरोपियों की कुल संख्या 18 है। सीबीआई की चार्जशीट पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

भाजपा ने दावा किया है, “तृणमूल सरकार ने राजनीतिक प्रतिशोध को पूरा करने के लिए निर्दोष कार्यकर्ताओं पर हमला किया। अब एक-एक करके सच्चाई सामने आ रही है।” हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने पूरी घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया है। सत्तारूढ़ दल का दावा है, “भाजपा शुरू से ही 2021 की हिंसा के बारे में झूठा प्रचार कर रही है।

सीबीआई के जरिए उद्देश्यपूर्ण जांच की जा रही है। हम अदालत में इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।” हालांकि, राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अभिजीत सरकार के परिवार की आंखों में एक बार फिर न्याय की उम्मीद जगी है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2021 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद जब चुनावी नतीजे आए तो कुछ ही घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में राजनीतिक हिंसा भड़क उठी। आधिकारिक रूप से इस हिंसा में 8 लोगों की जान गई। इनमें से एक बीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की भी हत्या की गई थी।

*******************************

 

गुप्तारघाट का बढ़ेगा आकर्षण, ओपन एयर थियेटर लगाएगा चार चांद

तीसरे चरण के अंतर्गत प्रस्तवित सौंदर्यीकरण का कार्य हुआ तेज

अगस्त रखा गया है लक्ष्य, 78 फीसदी कार्य पूरा, प्रोजेक्ट पर खर्च हो रहे हैं तकरीबन 16.57 करोड़

अयोध्या 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में रामनगरी अयोध्या को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव का केंद्र बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

अयोध्या के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को और अधिक निखारने के लिए गुप्तारघाट के सौंदर्यीकरण को और भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यह परियोजना निश्चित ही पर्यटकों को अपनी ओर  यहां

राम दरबार का स्ट्रक्चर और ओपन एयर थियेटर लोगों को खूब भाएगा।

गुप्तारघाट भगवान श्रीराम के जल समाधि लेने की पौराणिक कथा से जुड़ा है। अयोध्या के प्रमुख घाटों में से एक है। योगी सरकार ने इस घाट को एक आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए तीसरे चरण के सौंदर्यीकरण कार्य को गति दी है। इस परियोजना पर लगभग 16.57 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है, जिसमें से 78 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।

अगस्त 2025 तक इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे गुप्तारघाट का आकर्षण और भी बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत राम दरबार स्ट्रक्चर और ओपन एयर थियेटर जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं, जो न केवल सौंदर्य को बढ़ाएंगे, बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन देंगे।

पार्किंग एवं पाथवे का कार्य पूर्ण। टिकट घर/गार्ड रूम, किचन एवं टायलेट ब्लक के फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर। इण्टरप्रीटेशन वाल, जटायू स्ट्रक्चर, रावण वध स्ट्रक्चर, राम दरबार स्ट्रक्चर, सीता कुटिया स्ट्रक्चर, राम सेतु, बाउण्ड्रीवाल एवं ऑपन एयर थियेटर का कार्य प्रगति पर।

फ्लोर स्लैब का कार्य पूर्ण एवं अग्रेतर कार्य प्रगति पर। हार्टिकल्चर कार्य के लिए बाहर से वूड अर्थ कार्यस्थल स्थल पर उपलब्ध करा दी गयी है, जिसकी लेबलिंग का कार्य प्रगति पर है।

राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और गुप्तारघाट का सौंदर्यीकरण इस बढ़ती भीड़ को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अभी तक वहां हुई व्यवस्थाएं भी कम नहीं है। चाहे सैर सपाटा की बात हो या फिर बच्चों के लिए एडवेंचर की।

यहां सभी उम्र के लोगो को देखते हुए इंतजाम किए गए हैं। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि सरकार ने अयोध्या को एक स्मार्ट और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने की दृष्टि से कई महत्वाकांक्षी योजनाएं शुरू की हैं। गुप्तारघाट के प्रोजेक्ट को तैयार करने की जिम्मेदारी यूपीपीसीएल को दी गई है। पूरा प्रयास है कि लक्ष्य रहते ही प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाए।

**************************

 

बिजली के झटके से तिलमिलाई जनता, इनेलो का सड़कों पर हल्ला बोल

अभय चौटाला बोले, ये बढ़ोतरी नहीं, अन्याय है

चंडीगढ़ ,02 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हरियाणा में इन दिनों गर्मी लोगों के बिजली के बिलों को जलाने के साथ-साथ धूप की तपिश भी बढ़ा रही है। महंगाई, बेरोजगारी और घटती आमदनी ने पहले ही आम आदमी को परेशान कर रखा है, अब बिजली की दरों में बढ़ोतरी ने उस पर एक और मार कर दी है। आज इनेलो पार्टी सड़कों पर इस पीड़ा की आवाज बनकर उभरी। नेता और कार्यकर्ता आम लोगों के हक की आवाज बुलंद करते हुए पंचकूला की सड़कों पर डटे रहे; न लाठी चली, न भाषणबाजी।

जाट भवन बना विरोध की जमीन

इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सदस्य मंगलवार सुबह 10 बजे पंचकूला के सेक्टर-6 स्थित जाट भवन में एकत्र हुए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अभय सिंह चौटाला ने खुद किया। हालांकि उनके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था, लेकिन उनकी आवाज में लोगों की चिंता ज्यादा थी। क्योंकि इस समय बात दरों की नहीं बल्कि नीतियों और योजनाओं की हो रही है।

चौटाला का हमला , मिडिल क्लास के घर में घुसा अंधकार

मीडिया से बातचीत करते हुए इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि बिजली के दाम बढ़ाकर सरकार ने गरीब व मध्यम वर्ग के घरों में अंधेरा कर दिया है। जो लोग पहले से ही भोजन, दवा व बच्चों के खर्च से जूझ रहे हैं, उन्हें अब बिजली बिल भरने का डर सता रहा है। उन्होंने दावा किया कि इनेलो जनता के लिए संघर्ष करती रहेगी और हर स्तर पर दबाव बनाएगी ताकि प्रशासन इस जनविरोधी फैसले को वापस ले।

कांग्रेस की चुप्पी पर उठे सवाल

अभय चौटाला ने आगे कहा कि: ये लड़ाई कांग्रेस को लडऩी चाहिए थी, लेकिन अफसोस कि ये भाजपा के हाथ में है. जनता के मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी भी संदेह के घेरे में है. राजनीतिक गलियारों में इस टिप्पणी ने एक बार फिर बवाल मचा दिया.

थोड़ी बढ़ोतरी के दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया

जब पत्रकारों ने चौटाला से गृह मंत्री अनिल विज के इस दावे के बारे में पूछा कि बिजली की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी ही हुई है, तो उन्होंने दर्द भरे लहजे में जवाब दिया: मुझे उनसे ऐसी उम्मीद नहीं थी. वो आम जनता से जुड़े नेता रहे हैं. शायद अब कुर्सी की ऊंचाई ने उन्हें धरती से अलग कर दिया है.

मामला कानून का नहीं, भरोसे का है

वैसे तो हरियाणा की जनता बिजली चाहती है, लेकिन वह भरोसेमंद, समझदार और महंगी नहीं चाहती। सरकार के इस फैसले ने न सिर्फ मीटरों की रफ्तार बढ़ा दी है, बल्कि लोगों की भावनाओं को भी झकझोर दिया है। गांवों से लेकर शहरों तक लोगों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं, अभी बिल कैसे हैंडल करें? स्कूल की फीस भरें या बिजली का बिल?

क्या अब सड़कों पर गरजेंगे चौटाला

प्रदर्शन तो महज शुरुआत है, लेकिन इनेलो का अगला कदम जनता पर क्या होगा? इस दबाव में क्या सरकार बिजली की दरें वापस लेगी? और सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि क्या कांग्रेस इस चुप्पी पर बोलेगी या भाजपा की छत्रछाया में बैठी रहेगी?

बिजली बढ़ी, उम्मीदें गिरी

बिजली का झटका मीटर तक सीमित न होकर सीधे जनता के जीवन स्तर पर असर डालता है। इस झटके के खिलाफ इनेलो विपक्ष ने आवाज उठाई है। अब सरकार की बारी है। क्या वह जनता के साथ खड़ी होगी या फिर ऐसे फैसलों पर अड़ी रहेगी, जिससे उनकी जेब ढीली हो जाए.

******************************

 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के नवनिर्मित भवनों का लोकार्पण एवं न्यू गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास किया

लखनऊ 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज गोरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के नवनिर्मित ऑडिटोरियम, अकादमिक भवन और पंचकर्म केंद्र का लोकार्पण किया तथा न्यू गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित थे।

राष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय की ‘फॉर्मुलरी’ और ‘संकल्पसिद्धि-एम0जी0यू0जी0 पॉलिसी कम्पेण्डियम’ का विमोचन किया। इसके अतिरिक्त, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत परिसर में पौधरोपण भी किया गया।राष्ट्रपति ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को श्री गोरखनाथ मंदिर से निकली गौरवशाली शाखाओं में एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि पंचकर्म क्रिया शरीर को दोषमुक्त करने वाली प्रभावी चिकित्सा पद्धति है, जिससे अनेक असाध्य रोगों का सफल उपचार संभव हुआ है।

विश्वविद्यालय के नए एकेडमिक भवन में बेहतर सुविधाओं से विद्यार्थी और शिक्षक निष्ठा से अपना कार्य करेंगे और पंचकर्म केंद्र से अधिकाधिक लोग लाभान्वित होंगे।राष्ट्रपति ने कहा कि बेटियों की उच्च शिक्षा में सुरक्षित आवास की कमी बड़ी चुनौती है, इसलिए न्यू गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास शिक्षा एवं नारी सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों की भूमिका की सराहना करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बताया।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखनाथ गुरु की तपोभूमि गोरखपुर को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कर-कमलों से हुए लोकार्पण स्वास्थ्य और सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को देश की मातृशक्ति के लिए प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अपने जीवन में संघर्ष और समर्पण की मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति को प्रदेश के विकास की कहानी बताया और कहा कि आयुष मंत्रालय के गठन एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मिली मान्यता से प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा में मजबूती आई है।मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के एलोपैथी, आयुर्वेद, नर्सिंग, फार्मेसी, पैरामेडिकल और कृषि क्षेत्रों में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद और गोरक्षपीठ के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने क्षेत्र के शिक्षा और स्वास्थ्य विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति और गैलेण्ट इंडिया के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश अग्रवाल उपस्थित थे।

इस कार्यक्रम के माध्यम से महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की शिक्षा, चिकित्सा, अनुसंधान और सामाजिक विकास के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका स्पष्ट हुई, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।

******************************

 

संसद सुरक्षा चूक का मामला : हाईकोर्ट ने दो आरोपियों को दी जमानत

दिल्ली पुलिस ने किया विरोध

नई दिल्ली 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : संसद की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में दो आरोपियों नीलम आज़ाद और महेश कुमावत को बुधवार को जमानत दे दी है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने इनकी जमानत याचिका का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने दोनों को ज़मानत दे दी।

गौरतलब है कि साल 2023 में संसद (लोकसभा) के अंदर सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए कुछ लोग घुस आए थे। उन्होंने पीली गैस छोड़ी और नारेबाजी की थी, जिससे संसद भवन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।

यह घटना उस समय काफी सुर्खियों में रही थी और पूरे देश में इसे लेकर चिंता जताई गई थी। अब कोर्ट के इस फैसले के बाद यह देखना होगा कि आगे इस मामले में कानूनी कार्यवाही किस दिशा में बढ़ती है।

*********************

 

मेरा उत्तराधिकारी चीन नहीं…तिब्बती परंपराएं तय करेंगी’, धर्मगुरु दलाई लामा का बड़ा बयान

नई दिल्ली 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता 14वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो ने अपने उत्तराधिकारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मृत्यु के बाद अगला दलाई लामा तिब्बती बौद्ध परंपराओं के अनुसार चुना जाएगा, और इस प्रक्रिया में चीन की कोई भूमिका नहीं होगी। दलाई लामा ने यह भी बताया कि उत्तराधिकारी की पहचान और मान्यता की जिम्मेदारी उन्होंने अपने आधिकारिक ट्रस्ट ‘गादेन फोडरंग ट्रस्ट’ को सौंपी है। उन्होंने यह बयान एक आधिकारिक वक्तव्य के ज़रिए जारी किया।

 दलाई लामा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी संस्था, यानी ‘दलाई लामा का संस्थान’, भविष्य में भी जारी रहेगा। उन्होंने 2011 में किए गए उस वादे की याद दिलाई, जब उन्होंने कहा था कि 90 वर्ष की उम्र के करीब पहुंचने पर वे तिब्बती धर्मगुरुओं और जनता से विचार-विमर्श कर तय करेंगे कि इस परंपरा को जारी रखना है या नहीं।

अब जब वे 6 जुलाई 2025 को 90 वर्ष के हो रहे हैं, उन्होंने कहा कि बीते 14 वर्षों में उन्हें तिब्बती बौद्ध नेताओं, तिब्बती संसद, केंद्र सरकार (धर्मशाला स्थित), हिमालयी क्षेत्रों, मंगोलिया, रूस और यहां तक कि तिब्बत के भीतर से भी लगातार यह अनुरोध मिला है कि यह परंपरा जारी रहनी चाहिए। इन्हीं अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए दलाई लामा ने औपचारिक रूप से घोषणा की, “मैं घोषित करता हूं कि दलाई लामा की परंपरा जारी रहेगी।”

दलाई लामा ने दोहराया कि अगले दलाई लामा की पहचान और मान्यता का अधिकार केवल ‘गादेन फोडरंग ट्रस्ट’ को होगा। उन्होंने बिना नाम लिए चीन के हस्तक्षेप की संभावना को खारिज किया और कहा कि कोई भी सरकार या संस्था इस प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि अगला दलाई लामा तिब्बती परंपरा के अनुसार चुना जाएगा, जिसमें तिब्बती बौद्ध परंपराओं के वरिष्ठ लामा और “धर्म रक्षक” शामिल होंगे।

अपनी हालिया पुस्तक “Voice for the Voiceless” (मार्च 2025) में दलाई लामा ने लिखा है कि उनका अगला जन्म (पुनर्जन्म) भारत या किसी अन्य स्वतंत्र देश में होगा, जहां तिब्बती बौद्ध धर्म स्वतंत्र रूप से फल-फूल सके।

“पुनर्जन्म का उद्देश्य मेरे कार्यों को आगे बढ़ाना है। इसलिए अगला दलाई लामा स्वतंत्र दुनिया में जन्म लेगा, ताकि वह तिब्बती बौद्ध धर्म और तिब्बती जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक बन सके।”

दलाई लामा के इस बयान पर चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “दलाई लामा एक राजनीतिक निर्वासित हैं, जिन्हें तिब्बती लोगों का प्रतिनिधित्व करने का कोई अधिकार नहीं है। उत्तराधिकारी का चयन चीन के कानून और परंपराओं के अनुसार होगा।” चीन का दावा है कि 1793 में किंग वंश द्वारा शुरू की गई ‘गोल्डन अर्न’ प्रक्रिया के तहत उत्तराधिकारी को मंजूरी देने का अधिकार चीन को है।

चीन यह संकेत देता रहा है कि दलाई लामा की मृत्यु के बाद वह खुद से एक नया (15वां) दलाई लामा घोषित कर सकता है, जिसे दुनिया मान्यता दे। लेकिन दलाई लामा पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि राजनीतिक कारणों से पैदा किए गए किसी “दलाई लामा” को तिब्बती लोग और बौद्ध धर्म कभी नहीं मानेंगे।

***************************

 

सुरक्षा में बड़ी चूक: टेकऑफ के बाद हवा में 900 फीट नीचे आ गया Air India का विमान

सेफ्टी चीफ तलब; दोनों पायलट सस्पेंड

नई दिल्ली 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : एअर इंडिया की एक उड़ान में सुरक्षा को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली से वियना के लिए उड़ान भरने वाला बोइंग 777 विमान टेकऑफ के कुछ ही देर बाद हवा में करीब 900 फीट तक नीचे आ गया। इस घटना के बाद, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को उड़ान भरने से रोक दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 14 जून की है, जब एअर इंडिया की फ्लाइट AI-187 ने सुबह 2:56 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से वियना के लिए उड़ान भरी थी। टेकऑफ के तुरंत बाद विमान ने अचानक अपनी ऊंचाई खो दी, जिससे कॉकपिट में स्टॉल (विमान के गिरने की स्थिति) और ग्राउंड प्रॉक्सिमिटी वॉर्निंग सिस्टम सक्रिय हो गए। इस दौरान पायलटों को बार-बार ‘डोन्ट सिंक’ (नीचे मत जाओ) के अलर्ट मिल रहे थे।

हालांकि, एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने बताया कि पायलटों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विमान को स्थिर कर लिया और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद उड़ान को सुरक्षित रूप से जारी रखा। विमान नौ घंटे और आठ मिनट की यात्रा के बाद वियना में सुरक्षित उतर गया।

डीजीसीए की सख्त कार्रवाई

एअर इंडिया ने बताया कि पायलट की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद नियमों के अनुसार डीजीसीए को सूचित कर दिया गया था। बाद में विमान के रिकॉर्डर से डेटा मिलने पर आगे की जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीसीए ने भी विस्तृत जांच शुरू कर दी है और एअर इंडिया के सेफ्टी चीफ को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है।

एअर इंडिया की सुरक्षा पर लगातार उठ रहे सवाल

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एअर इंडिया की सुरक्षा प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह मामला 12 जून को अहमदाबाद में हुए एक घातक हादसे के ठीक बाद हुआ, जिसमें लंदन जा रही एअर इंडिया की ड्रीमलाइनर फ्लाइट क्रैश हो गई थी और लगभग 270 लोगों की जान चली गई थी।

इसके अलावा, डीजीसीए द्वारा हाल ही में किए गए एक सुरक्षा ऑडिट में एअर इंडिया के बेड़े के रखरखाव में बार-बार लापरवाही की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वियना उड़ान की घटना के पीछे मौसम की खराबी, कोई तकनीकी दिक्कत या पायलट की गलती जिम्मेदार थी। इस जांच के बाद एयरलाइन के सुरक्षा प्रोटोकॉल में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।

****************************

AIIMS-ICMR ने कहा-19 वैक्सीन को अचानक मौतों से जोड़ने वाली बातें बेबुनियाद और गलत हैं

नई दिल्ली 02 Jully(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): देशभर में कोविड-19 वैक्सीन को लेकर चल रही तमाम अफवाहों को खारिज करते हुए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ने अपनी गहन पड़ताल में साफ कर दिया है कि कोविड वैक्सीन का युवाओं में अचानक होने वाली मौतों से कोई ताल्लुक नहीं है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने इस बात को जोर देकर कहा है कि वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और इससे किसी तरह का खतरा नहीं। मंत्रालय ने साफ किया कि वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है जो वैक्सीन को अचानक मौतों का जिम्मेदार ठहराए।

ICMR और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की जांच ने भी यही साबित किया है कि भारत में इस्तेमाल होने वाली कोविड वैक्सीन न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि बीमारी से बचाव में भी कारगर है। गंभीर साइड इफेक्ट्स के मामले इतने कम हैं कि उन्हें नजरअंदाज किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि वैक्सीन को अचानक मौतों से जोड़ने वाली बातें बेबुनियाद और गलत हैं।

****************************

 

अमरनाथ यात्रा : बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजा जम्मू, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना

जम्मू 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू ‘बम-बम भोले’ के नारों से गूंज रहा है। भगवान शिव शंकर के जयकारों के बीच भगवती नगर बेस कैंप से बुधवार सुबह अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू से पहला जत्था रवाना हुआ। पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शामिल हुए। पूजा के बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पहले चरण में लगभग 4500 श्रद्धालुओं का जत्था अमरनाथ यात्रा पर रवाना हुआ। उपराज्यपाल ने कहा, “एक बार फिर जम्मू में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन देखने को मिल रहा है। यह आतंकवाद पर एक बहुत बड़ा तमाचा है कि देशभर से श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए जम्मू पहुंच रहे हैं।”

एलजी मनोज सिन्हा ने सभी श्रद्धालुओं को भगवान शिव के पवित्र निवास तक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के लिए शांति और आशीर्वाद के लिए बाबा अमरनाथ से प्रार्थना की।

पहले जत्थे में शामिल एक महिला ने कहा कि बहुत ही अच्छा लगा है। हमें इस बात की भी खुशी है कि हम पहले जत्थे के साथ रवाना हो रहे हैं।

सुरक्षा के मसले पर श्रद्धालुओं ने कहा कि जब तक हमारी सेना और प्रधानमंत्री मोदी हैं, तब तक कोई हमारा ‘बाल भी बांका’ नहीं कर सकता है। हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है। एक व्यक्ति ने कहा, “हम लोगों को यही संदेश देंगे कि बिना डर के यहां आएं। बिंदास होकर इस यात्रा के लिए पहुंच सकते हैं।”

पुरानी मंडी मंदिर के महंत रामेश्वर दास ने कहा कि यात्रा में लोगों के मन में उत्साह है। लोगों में निडरता है, भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। बाबा के दर्शन के लिए सरकार ने बहुत अच्छी सुविधाएं दी हैं। पहले के मुकाबले इस बार यात्रा अच्छी होगी।

निडरता के साथ भक्त यात्रा के लिए निकलकर आ रहे हैं। लोगों में किसी तरह का कोई डर नहीं है। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन लोगों के लिए मुंहतोड़ जवाब है, जो इसे कमजोर करने के प्रयास करते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि यात्रा इस बार और भी अच्छी होने वाली है।

**************************

 

वैश्विक नेताओं से बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं, पांच देशों की यात्रा पर बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को घाना की राजधानी अकरा के लिए रवाना हुए। यह उनकी पांच देशों की यात्रा का पहला चरण है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के वैश्विक साझेदारी को ग्लोबल साउथ और अटलांटिक के दोनों पक्षों के साथ संबंधों को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री की इस यात्रा में घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरा शामिल हैं। पीएम मोदी ने इन देशों को भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण साझेदार बताया, जो ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े हैं।

अपने बयान में पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा के निमंत्रण पर मैं 2-3 जुलाई को घाना का दौरा करूंगा। घाना ग्लोबल साउथ में एक मूल्यवान साझेदार है और अफ्रीकी संघ और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।” उन्होंने निवेश, ऊर्जा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास साझेदारी जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि घाना की संसद में बोलना मेरे लिए सम्मान की बात होगी।

इसके बाद, पीएम मोदी 3-4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह भारत के साथ ‘गहरी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव’ साझा करता है। उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू से मिलूंगा, जो इस साल के प्रवासी भारतीय दिवस की मुख्य अतिथि थीं और दूसरी बार कार्यभार संभालने वालीं प्रधानमंत्री कमला परसाद-बिसेसर से मुलाकात करूंगा।”

प्रवासी समुदाय के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “180 साल पहले भारतीय पहली बार त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे थे। यह दौरा हमारे पुश्तैनी और रिश्तेदारी के विशेष बंधनों को नया जीवन देने का अवसर देगा।” पीएम मोदी पोर्ट ऑफ स्पेन से ब्यूनस आयर्स जाएंगे, जो 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का अर्जेंटीना का पहला द्विपक्षीय दौरा होगा।

अर्जेंटीना को “लैटिन अमेरिका में एक प्रमुख आर्थिक साझेदार और जी20 में निकट सहयोगी” बताते हुए उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रपति जेवियर माइली से मुलाकात का इंतजार कर रहा हूं, जिनसे मैं पिछले साल भी मिला था। हम कृषि, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, व्यापार, पर्यटन, प्रौद्योगिकी और निवेश जैसे क्षेत्रों में पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को बढ़ाने पर ध्यान देंगे।”

अर्जेंटीना के बाद, पीएम मोदी 6-7 जुलाई को रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत की ब्रिक्स में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “एक संस्थापक सदस्य के रूप में भारत ब्रिक्स को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच मानता है। हम मिलकर एक अधिक शांतिपूर्ण, समान, न्यायपूर्ण, लोकतांत्रिक और संतुलित बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए प्रयास करते हैं।”

उन्होंने पुष्टि की है कि वह शिखर सम्मेलन के दौरान कई विश्व नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। ब्राजील की यात्रा ब्रासीलिया में एक द्विपक्षीय राजकीय दौरे के साथ जारी रहेगी, जो लगभग छह दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा। उन्होंने कहा, “यह दौरा ब्राजील के साथ हमारी निकट साझेदारी को मजबूत करने और मेरे मित्र राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का अवसर देगा।”

पीएम मोदी की यात्रा का अंतिम पड़ाव नामीबिया होगा, जिसे उन्होंने “एक भरोसेमंद साझेदार” बताया। पीएम मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवा से मुलाकात और “हमारे लोगों, हमारे क्षेत्रों और व्यापक ग्लोबल साउथ के लाभ के लिए सहयोग का एक नया रोडमैप तैयार करने” के लिए उत्सुक हैं। वह नामीबियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित करेंगे।

पीएम मोदी ने अपनी बहु-देशीय यात्रा के परिणामों के बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे विश्वास है कि पांच देशों की मेरी यात्राएं ग्लोबल साउथ में हमारी दोस्ती के बंधनों को मजबूत करेंगी, अटलांटिक के दोनों पक्षों पर हमारी साझेदारी को और गहरा करेंगी और ब्रिक्स, अफ्रीकी संघ, इकोवास और कैरीकॉम जैसे बहुपक्षीय मंचों में हमारी भागीदारी को बढ़ाएंगी।”

************************

 

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, SC-ST कर्मचारियों के लिए सीधी भर्ती और प्रमोशन में आरक्षण लागू

नई दिल्ली 02 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अपनी सीधी भर्ती और प्रमोशन प्रक्रियाओं में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 15 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए 7.5 प्रतिशत आरक्षण की औपचारिक नीति को मंजूरी दे दी है।

यह जानकारी 24 जून को सुप्रीम कोर्ट के सभी कर्मचारियों को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर के माध्यम से दी गई। यह नई आरक्षण व्यवस्था 23 जून, 2025 से प्रभावी हो गई है।

यह महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों पर लागू नहीं होगा। इसके दायरे में रजिस्ट्रार, वरिष्ठ निजी सहायक, सहायक लाइब्रेरियन, जूनियर कोर्ट असिस्टेंट और चेंबर अटेंडेंट जैसे विभिन्न गैर-न्यायिक पद शामिल होंगे।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (तत्कालीन) गवई ने इस फैसले पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा था कि जब देश के अन्य सरकारी संस्थानों और कई उच्च न्यायालयों में पहले से ही एससी और एसटी वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान मौजूद है, तो सुप्रीम कोर्ट को इससे अलग क्यों रखा जाना चाहिए.

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णयों में सकारात्मक कार्रवाई का समर्थन किया है, और अब एक संस्था के रूप में हमें इसे अपने यहां भी लागू करना चाहिए। हमारे कार्य हमारे सिद्धांतों के अनुरूप होने चाहिए।

नई आरक्षण नीति के संबंध में जारी सर्कुलर में सभी कर्मचारियों और रजिस्ट्रारों को सूचित किया गया है कि मॉडल आरक्षण रोस्टर और रजिस्टर सुप्रीम कोर्ट के आंतरिक नेटवर्क ‘Supnet’ पर अपलोड कर दिया गया है और यह 23 जून से प्रभावी हो गया है।

सर्कुलर में यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि किसी कर्मचारी को रोस्टर या रजिस्टर में कोई त्रुटि या कमी नजर आती है, तो वे तुरंत संबंधित रजिस्ट्रार को सूचित करें।

मॉडल रोस्टर में विभिन्न पदनामों, जैसे वरिष्ठ निजी सहायक, सहायक लाइब्रेरियन, जूनियर कोर्ट असिस्टेंट, जूनियर कोर्ट असिस्टेंट कम जूनियर प्रोग्रामर, जूनियर कोर्ट अटेंडेंट और चेंबर अटेंडेंट (आर) के लिए आरक्षित श्रेणियों के लिए सीधी भर्ती नीति का विस्तृत विवरण दिया गया है। इस नीति के अनुसार, एससी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 15% और एसटी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 7.5% पद आरक्षित होंगे।

****************************

 

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मिली गर्मी से राहत

अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज

दिल्ली 01 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । दिल्ली-एनसीआर में अगले एक हफ्ते तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और मौसम सुहाना रहेगा, लेकिन ह्यूमिडिटी के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

मौसम विभाग के मुताबिक 1 से 6 जुलाई तक बारिश की संभावना है। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 जुलाई से लेकर 4 जुलाई तक हर दिन ‘थंडरस्टॉर्म विथ रेन’ यानी गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। 1 जुलाई को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहेगा। जबकि नमी (ह्यूमिडिटी) 90 प्रतिशत से 75 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई है। 2 जुलाई को तापमान 34 डिग्री और 26 डिग्री और 3 जुलाई को 33 डिग्री और 27 डिग्री रहेगा।

मौसम विभाग ने बताया कि 5 और 6 जुलाई को मौसम ‘रेन और थंडरशावर’ यानी बारिश या गरज-चमक के साथ हल्की फुहारों के रूप में रहेगा।

5 जुलाई को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री, जबकि 6 जुलाई को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहेगा। इस दौरान ह्यूमिडिटी की दर 70 से 85 प्रतिशत तक बनी रहेगी। हालांकि, बारिश से मौसम कुछ हद तक राहत देगा, लेकिन वातावरण में अधिक नमी के कारण उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

सुबह और शाम के समय लोगों को सुहाना मौसम महसूस हो सकता है। लेकिन, दिन में गर्मी से राहत मिलने में थोड़ा समय लग सकता है।

*****************************

 

निशिकांत दुबे ने फिर कांग्रेस को घेरा, सीआईए-केजीबी फंडिंग मामले में जांच के लिए न्यायिक आयोग की मांग

नई दिल्ली ,01 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला करते हुए दावा किया है कि पार्टी को कई दशकों तक अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और सोवियत संघ की केजीबी से फंडिंग मिलती रही।

दुबे ने इस मामले की न्यायिक जांच आयोग से जांच कराने की मांग की और इसे भारतीय लोकतंत्र और संप्रभुता पर एक गंभीर हमला करार दिया।निशिकांत दुबे ने कहा 1947 से लेकर 2014 के बीच, कांग्रेस ने अपने शासनकाल में विदेशी ताकतों के इशारों पर काम किया।

केजीबी और सीआईए जैसे विदेशी खुफिया संगठनों से पार्टी के शीर्ष नेता फंडिंग लेते रहे और उन्हीं के अनुसार देश की नीतियां बनती रहीं। केवल अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार (1998-2004) को छोड़ दें तो यह देश हमेशा विदेशी फंडिंग और एजेंडे पर चला।

अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए दुबे ने बताया कि उन्होंने हाल ही में दो ‘एक्स’ पोस्ट किए थे जिनमें कांग्रेस और उसके नेताओं की कथित विदेशी फंडिंग से जुड़ी जानकारी साझा की गई।

अपने एक्स पोस्ट में दुबे ने दावा किया कि ‘आयरन लेडी’ इंदिरा गांधी ने शिमला समझौते के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को पत्र लिखकर अमेरिका से संबंध सुधारने का आग्रह किया था।

उन्होंने यह भी दावा किया कि निक्सन और उनके सुरक्षा सलाहकार हेनरी किसिंजर के बीच एक फोन वार्तालाप में करीब 300 करोड़ रुपए की सहायता की चर्चा हुई थी।

उन्होंने आगे कहा कि 10 मई 1979 को राज्यसभा में हुई बहस में तत्कालीन गृह मंत्री चंपत पटेल ने अमेरिकी राजदूत डेनियल मोयनिहान की किताब का हवाला देते हुए स्वीकार किया था कि अमेरिका ने कांग्रेस को दो बार चंदा दिया।

एक बार केरल में कम्युनिस्ट सरकार को हटाने के लिए और दूसरी बार लोकसभा चुनाव लड़ाने के लिए। दुबे ने कहा कि यह उस समय के फेरा (अब पीएमएलए) कानून का स्पष्ट उल्लंघन था।

इस पूरे नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण कड़ी रॉ अधिकारी रविंद्र सिंह को बताया गया, जो दुबे के अनुसार सीआईए के भी एजेंट थे। दुबे ने आरोप लगाया कि 2004 में जब मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई, तो उसी वर्ष रविंद्र सिंह को अमेरिका भगा दिया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि 2005 से 2014 तक भारत सरकार ने उसे वापस लाने के लिए कोई प्रयास क्यों नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि रविंद्र सिंह की सीआईए और अमेरिकी राजदूत मोयनिहान से बातचीत के सबूत मौजूद हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि कांग्रेस को फंडिंग इसी चैनल से मिलती रही।

भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने जब नरेंद्र मोदी की सरकार 2014 में बनी, तब रविंद्र सिंह की अमेरिका में मौजूदगी आखिरी बार दर्ज हुई। लेकिन 2015-16 में उसकी मौत हो गई, जिसे मैं एक साजिश मानता हूं। उन्हें डर था कि अगर मोदी सरकार ने रविंद्र सिंह को भारत बुलाया, तो पूरी सच्चाई उजागर हो जाएगी।

दुबे ने यह भी दावा किया कि सोवियत संघ ने भारत में 16 हजार से ज्यादा खबरें अपने एजेंडे के अनुसार प्रकाशित करवाईं, मीडिया संस्थानों को खरीदा गया और पत्रकारों, नौकरशाहों व व्यापारिक संगठनों को भी फंडिंग दी गई।

यहां तक कि महिला प्रेस क्लब का निर्माण भी सोवियत एजेंडे का हिस्सा था। यहां के नौकरशाहों के बच्चे विदेशों में पढ़ते थे और खुद अधिकारी सरकारी खर्चे पर घूमने जाते थे।

अपनी बातचीत में दुबे ने एक और उदाहरण दिया कि सुभद्रा जोशी, जो कांग्रेस की नेता थीं, उन्हें जर्मन फंडिंग के तहत 5 लाख रुपए दिए गए थे। जब वे चुनाव हार गईं तो उन्हें इंडो जर्मन फोरम का अध्यक्ष बना दिया गया।

वहीं, कांग्रेस की ओर से भाजपा पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में दुबे ने कहा कि हमें सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। सबको पता है कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरे स्थान पर होगा। लेकिन सवाल यह है कि कांग्रेस ने कैसे देश को विदेशियों के हाथों गिरवी रखा और उसके बदले में फंडिंग ली?

भाजपा सांसद ने आगे कहा कि अब वक्त आ गया है कि एक स्वतंत्र न्यायिक आयोग गठित किया जाए जो 1947 से लेकर 2014 तक कांग्रेस की कथित विदेशी फंडिंग की पूरी जांच करे।

उन्होंने कहा कि इस आयोग को यह भी जांच करनी चाहिए कि कौन-कौन नेता, अधिकारी और सांसद इसमें शामिल थे, और इस विदेशी पैसे के दम पर किस प्रकार भारत की नीति, मीडिया, और शासन प्रणाली को प्रभावित किया गया।

********************************

 

वक्फ कानून किसी धर्म के विरुद्ध नहीं, तेजस्वी यादव के बयान पर जीतन राम मांझी का पलटवार

नई दिल्ली ,01 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने मंगलवार को राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्होंने तेजस्वी के ‘महागठबंधन की सरकार बनने पर वक्फ कानून को कूड़ेदान में डाल देंगे’ वाले बयान पर कहा कि ये कानून किसी धर्म के विरुद्ध नहीं हैं।
वक्फ कानून पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता इसलिए वक्फ बिल का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि यह एक खास धर्म को निशाना बनाता है। मैं बताना चाहता हूं कि ये कानून किसी धर्म और व्यक्ति के विरुद्ध नहीं हैं। यह पूरी तरह से मैनेजमेंट का मामला है। आज तक कुछ लोगों ने वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है, जिससे गरीबों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं, वे सिर्फ राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, बिहार में तेजस्वी यादव के पिता को 15 साल का समय जनता ने दिया था, लेकिन उन्होंने बिहार में जंगलराज बनाकर रख दिया। वे भी अपने पिता के बेटे हैं, उन्हें कोई अनुभव नहीं है।
क्या चिराग पासवान सीट बंटवारे से पहले एनडीए पर दबाव बना रहे हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, आपने 2020 में भी यही देखा। चिराग पासवान ने 2020 में जो किया, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। अगर इस बार भी वे यही दोहराते हैं, तो नतीजा भी वैसा ही होगा, क्योंकि अभी बिहार में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार है। चाहे वह सड़क हो, बिजली हो, कानून-व्यवस्था हो या समन्वय, हर क्षेत्र में अच्छा काम हो रहा है। अगर कोई अपनी आकांक्षा के लिए जाना चाहता है, तो इस पर कोई रोक नहीं है। मैं इतना ही कहूंगा कि बिहार में नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार के रहते अभी किसी और की वहां जरूरत नहीं है।

52 के हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, सीएम योगी और मायावती ने दी जन्मदिन की बधाई

लखनऊ ,01 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव मंगलवार को 52 साल के हो गए। इस 52वें जन्मदिन पर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी है। अखिलेश यादव की तरफ से भी इसको लेकर धन्यवाद दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जन्मदिन की हार्दिक बधाई!

सीएम योगी के पोस्ट के बाद अखिलेश यादव ने उन्हें धन्यवाद दिया। सपा प्रमुख ने ‘एक्स’ पर ही अपने जवाब में लिखा, आपकी शुभकामनाओं के लिए हार्दिक धन्यवाद।

उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती ने अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई देते हुए दीर्घायु की कामना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई। उनके सुखी और दीर्घायु जीवन की भी ढेरों शुभकामनाएं।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में अखिलेश को बधाई देते हुए कहा, सपा अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। भगवान प्रभु श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और देवों के देव महादेव की कृपा से आपका स्वास्थ्य उत्तम और आप दीर्घायु हों।

1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गांव में जन्मे अखिलेश यादव वर्तमान में लोकसभा में कन्नौज का प्रतिनिधित्व करते हैं। अखिलेश यादव को सियासत विरासत के तौर पर मिली।

उनके पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री रहे। देश के सबसे बड़े राजनीतिक परिवारों में अखिलेश का परिवार भी गिना जाता है।

अखिलेश उत्तर प्रदेश के अब तक के सबसे युवा मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले वो लगातार तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके थे। 2012 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी का नेतृत्व किया और पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिलाया। इसके बाद 15 मार्च 2012 को उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

****************************

 

बंगाल को जल्द मिलेगा राज्य का पहला एआई हब

सीएम ममता ने कहा- पांच हजार लोगों मिलेगा रोजगार

कोलकाता 01 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । एआई का दौर है और कहा जा रहा है कि आने वाले दौर में युद्ध भी एआई की मदद से हो सकता है। यानी जो देश एआई में आगे होगा उसका डंका तकनीक के दौर में बजेगा। ऐसे में बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की माने तो

राज्य की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज घोषणा की है कि न्यू टाउन के एक अत्याधुनिक आईटी हब के लिए ‘ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट’ जारी कर दिया गया है। यह एआई सेंटर आईटीसी इन्फोटेक द्वारा न्यू टाउन के एक्शन एरिया-थ्री में 17 एकड़ जमीन पर विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से सीधे तौर पर पांच हजार पेशेवरों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, “मैं खुशी के साथ साझा कर रही हूं कि न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (एनकेडीए) ने एक्शन एरिया-थ्री में स्थित आईटीसी लिमिटेड के विश्वस्तरीय आईटी और आईटीईएस परिसर के लिए ‘ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट’ जारी कर दिया है। यह सेंटर हिडको द्वारा आवंटित 17 एकड़ जमीन पर बनाया गया है।

” आईटीसी के इस परिसर में तीन प्रमुख भवन शामिल हैं। एक गगनचुंबी ऑफिस टावर, एक बिजनेस सपोर्ट सेंटर और एक नॉलेज कैंपस। कुल मिलाकर 14.5 लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में फैला यह एआई सेंटर पश्चिम बंगाल में तकनीकी निवेश का नया केंद्र बन रहा है। परियोजना पर लगभग 1200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है।

सीएम ममता बनर्जी ने इसे बंगाल के लिए एक मील का पत्थर बताया और कहा कि “यह परियोजना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के डिजिटल और तकनीकी निवेश के लिए पश्चिम बंगाल को एक नई दिशा देगी और राज्य की प्रगति को और तेज करेगी।” उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष फरवरी में आयोजित बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट 2025 में मुख्यमंत्री ने ग्लोबल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्घाटन किया था।

इसी केंद्र को अब राज्य का पहला एआई हब घोषित किया गया है। उन्होंने बताया था कि यह एआई सेंटर 40 देशों के क्लाइंट्स को सेवाएं देगा, जिससे राज्य के आईटी सेक्टर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

आईटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने भी शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बताया था कि उनकी कंपनी का अधिकांश निवेश पश्चिम बंगाल में ही है। उन्होंने कहा था कि “यहां का ऑपरेशन कॉस्ट कम है, कार्य के लिए अनुकूल वातावरण है और प्रशासनिक स्तर पर सहयोग भी मिलता है।”

**************************

 

युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ मिलेगी आर्थिक सहायता भी

श्रम संसाधन विभाग के अंतर्गत नई योजना- मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना की हुई शुरुआत

पांच वर्ष में 1 लाख छात्रों को लाभ दिलाने का लक्ष्य

इस वर्ष 5 हजार छात्रों को मिलेगा इसका लाभ

पटना, 01 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री-प्रतिज्ञा योजना की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत युवाओं को उन्नत कौशल, बेहतर रोजगार क्षमता, नेतृत्व विकास, सशक्त नेटवर्किंग और करियर संवर्धन के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कार्य अनुभव प्राप्त करने में सहायक होगी। इसका लाभ 18 से 28 वर्ष की आयु के युवा ले सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत प्रथम वर्ष 2025-26 में 5 हजार लाभार्थी के अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 20230-31 तक पांच वर्ष में एक लाख युवाओं को इससे लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।

इस योजना के तहत 12वीं पास, आईटीआई एवं डिप्लोमा पास छात्रों को मासिक इंटर्नशिप की रशि दी जाएगी। कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित एवं 12वीं पास को प्रति महीने 4 हजार रुपये, आईटीआई एवं डिप्लोमा पास को 5 हजार रुपये और स्नातक एवं स्नातकोत्तर वालों को 6 हजार रुपये प्रति महीने इंटर्नशिप राशि मिलेगी। इसके अलावा अपने गृह जिले के अतिरिक्त दूसरे जिलों में कार्य करने के लिए आजीविका सहयोग राशि 2 हजार रुपये मासिक और राज्य के बाहर इंटर्नशिप करने वालों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी।

आजीविका सहयोग राशि तीन महीने तक दी जाएगी। सभी लाभुकों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पैसे ट्रांसफर ।कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत राज्य के वरिष्ठ एवं आजीविका संकट से जुझ रहे उत्कृष्ट कलाकारों को प्रत्येक महीने 3 हजार रुपये की पेंशन दी जाएगी। इसे मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना नाम दिया गया है।

इसका लाभ उन्हीं कलाकारों को मिलेगा, जिनकी आयु 50 वर्ष या इससे अधिक और सालाना आय 1.20 लाख से अधिक नहीं हो। संबंधित कलाकार को चाक्षुस कला में 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए।

इसके अतिरिक्त राज्य के दुर्लभ एवं विलुप्त कलाओं, लोक कलाओं, नाट्य, वाद्य यंत्र, पेंटिंग समेत अन्य के समुचित संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना शुरू की गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.11 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत युवा प्रतिभाओं को इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों और गुरुओं के मार्गदर्शन में योजना शुरू की है ।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में बदलाव किया गया है। इसमें बियाडा के अंतर्गत एकल कारखानों के लिए औसत भूमि हानि 41.8 प्रतिशत से घटकर 30.9 प्रतिशत, गैर-प्रदूषित उद्योगों के लिए अधिकतम एफएआर 1.5 से बढ़ाकर 2.0 और फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए पार्किंग क्षेत्र को घटाकर 30 फीसदी से 14 फीसदी हो जाएगी।

इसके अलावा गैर-प्रदूषित उग्योगों के लिए हॉस्टल और डोरमेटरी के निर्माण का प्रावधान किया गया है।कैबिनेट के एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के बाद राज्य के त्रिस्तरीय पंचायती राज जन प्रतिनिधि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के जरिए इलाज करवा सकेंगे। इसके अनुसार, कैंसर से पीड़ित जनप्रतिनिधि उन्हें 80 हजार से 1.30 लाख रुपये शल्य चिकित्सा के लिए मिलेगी। ह्रदय रोगियों को 60 हजार से 1.80 लाख रुपये दी जाएगी, यह विभिन्न तरह की ह्रदय रोग के इलाज के लिए दिया जाएगा।

इसी तरह मस्तिष्क की सर्जरी के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सुविधा दी जाएगी। नेत्र रोग की सर्जरी के लिए 20 से 40 हजार रुपये दी जाएगी। किडनी प्रत्यारोपण के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये, कुल्हा प्रत्यारोपण के लिए 1.70 लाख, घुटना बदलने के लिए 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इन रोगों के साथ कुल 16 तरह के रोगों के लिए राशि मुहैया कराई जाएगी।

सेवानिवृत न्यायाधीशों को टेलिफोन, घरेलू सहायता भत्ता

राज्य सरकार अब पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश को 55 हजार से 60 हजार रुपये प्रति महीने घरेलू सहायत भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये टेलिफोन एवं इंटरनेट भत्ता के तौर पर दिया जाएगा।

***************************

 

बस्तर में जंगल कटाई पर केंद्रीय राज्य मंत्री आठवले का तुकबंदी वाला जवाब

कहा- अगर कोई कर रहा कटाई है, तो करनी पड़ेगी पिटाई…

कहा-राहुल गांधी कितना भी अटैक कर ले उससे कुछ नहीं होता

रायपुर 01 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बस्तर में जंगलों की कटाई को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने तुकबंदी वाले अंदाज में कहा कि अगर जंगल में कोई कर रहा कटाई है, तो करनी पड़ेगी पिटाई… इसके साथ ही अवैध कटाई नहीं होने की बात कहते हुए इस विषय पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से चर्चा करने की बात कही. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय में राज्य मंत्री रामदास आठवले संत कबीर सत्संग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रायपुर पहुंचे हैं.

इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की समीक्षा करेंगे. इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की जाएगी अपने प्रवास के दौरान राज्य अतिथि गृह पहुना में पत्रकारों से चर्चा में रामदास आठवले ने प्राइवेट सेक्टर में भी गवर्नमेंट सेक्टर की ही तरह रिजर्वेशन की वकालत की. उन्होंने कहा कि गवर्मेंट सेक्टर अब प्राइवेट होते जा रहे हैं, ऐसे में प्राइवेट सेक्टर में भी रिजर्वेशन मिलना चाहिए.

वहीं कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकर वरिष्ठ नेता आठवले ने कहा कि राहुल गांधी को कभी पीएम बनने का मौका नहीं मिलेगा. राहुल गांधी कितना भी अटैक कर ले उससे कुछ नहीं होता. वो लगातार पीएम मोदी के ऊपर अटैक करते हैं, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी की बॉडी बहुत मजबूत है.

***********************

 

डिजिटल इंडिया के 10 वर्ष, पीएम मोदी ने कहा – ये सशक्तीकरण के नए युग की शुरुआत

नई दिल्ली 01 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ के 10 वर्ष पूरे होने के साथ ही अगला दशक और भी अधिक परिवर्तनकारी होगा, क्योंकि देश ‘डिजिटल शासन’ से ‘ग्लोबल डिजिटल लीडरशिप’ की ओर बढ़ेगा। जहां भारत, इंडिया-फर्स्ट से इंडिया-फॉर-द-वर्ल्ड की ओर रुख करेगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि हम डिजिटल इंडिया के 10 वर्ष मना रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “दस वर्ष पहले, डिजिटल इंडिया की शुरुआत हमारे देश को डिजिटल रूप से सशक्त और तकनीकी रूप से उन्नत समाज में बदलने की पहल के रूप में हुई थी।”

पीएम मोदी के अनुसार, ‘डिजिटल इंडिया’ केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, यह लोगों का आंदोलन बन गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा, “यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण और भारत को दुनिया के लिए एक विश्वसनीय इनोवेशन पार्टनर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। सभी इनोवेटर्स, उद्यमियों और सपने देखने वालों के लिए दुनिया अगली डिजिटल सफलता के लिए भारत की ओर देख रही है।”

पीएम मोदी ने कहा कि जहां दशकों तक भारतीयों की तकनीक का उपयोग करने की क्षमता पर संदेह किया जाता रहा, वहीं हमने इस दृष्टिकोण को बदल दिया और भारतीयों की तकनीक का उपयोग करने की क्षमता पर भरोसा किया।

उन्होंने कहा, “जबकि दशकों तक यह सोचा जाता रहा कि टेक्नोलॉजी का उपयोग संपन्न और वंचितों के बीच की खाई को गहरा करेगा, हमने इस मानसिकता को बदला और संपन्न और वंचितों के बीच की खाई को खत्म करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग किया। जब इरादा सही हो, तो इनोवेशन कम सशक्त लोगों को सशक्त बनाता है। जब दृष्टिकोण समावेशी होता है, तो टेक्नोलॉजी हाशिये पर रहने वालों के जीवन में बदलाव लाती है।”

इस विश्वास ने डिजिटल इंडिया की नींव रखी, जो कि पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने, समावेशी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और सभी के लिए अवसर प्रदान करने का मिशन है।

2014 में भारत में करीब 25 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन थे, जो कि बढ़कर अब 97 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। 42 लाख किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर केबल अब सबसे दूरदराज के गांवों को भी जोड़ती है।

पीएम मोदी ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत में 5जी की शुरुआत दुनिया में सबसे तेज गति से हुई है। केवल दो वर्ष में 4.81 लाख बेस स्टेशन स्थापित किए गए हैं। हाई-स्पीड इंटरनेट अब शहरी केंद्रों और गलवान, सियाचिन और लद्दाख सहित अग्रिम सैन्य चौकियों तक पहुंच गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डिजिटल आधार इंडिया स्टैक ने यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म को सक्षम किया है, जो अब सालाना 100 बिलियन से ज्यादा लेनदेन को संभालता है। सभी रियल टाइम के डिजिटल लेनदेन में से लगभग आधे भारत में होते हैं।”

पीएम मोदी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से, 44 लाख करोड़ रुपए से अधिक सीधे नागरिकों को हस्तांतरित किए गए हैं, जिससे बिचौलियों को हटाने में मदद मिली और 3.48 लाख करोड़ रुपए की लीकेज की बचत हुई है।

स्वामित्व जैसी योजनाओं ने 2.4 करोड़ से अधिक संपत्ति कार्ड जारी किए हैं और 6.47 लाख गांवों का मानचित्रण किया है, जिससे भूमि से संबंधित अनिश्चितता के वर्षों का अंत हुआ है।

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था एमएसएमई और छोटे उद्यमियों को पहले से कहीं ज्यादा सशक्त बना रही है। ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) एक क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म है, जो खरीदारों और विक्रेताओं के विशाल बाजार के साथ सहज कनेक्शन प्रदान कर नए अवसरों को पेश करता है।

पीएम मोदी ने कहा, ” गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस आम आदमी को सरकार के सभी विभागों को सामान और सेवाएं बेचने में सक्षम बनाता है। यह न केवल आम आदमी को एक विशाल बाजार के साथ सशक्त बनाता है बल्कि सरकार के पैसे भी बचाता है।”

पीएम मोदी ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कहा कि आधार, कोविन, डिजिलॉकर और फास्टैग से लेकर पीएम-वाणी और वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन तक भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को अब वैश्विक स्तर अपनाया जा रहा है।

कोविन ने दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को सक्षम बनाया, 220 करोड़ क्यूआर-वेरिफाइड सर्टिफिकेट जारी किए। 54 करोड़ यूजर्स के साथ डिजिलॉकर 775 करोड़ से अधिक दस्तावेजों को सुरक्षित और निर्बाध रूप से होस्ट करता है।

प्रधानमंत्री ने आगे बताया, “हमारे जी20 प्रेसीडेंसी के माध्यम से, भारत ने ग्लोबल डीपीआई रिपॉजिटरी और 25 मिलियन डॉलर का सोशल इम्पैक्ट फंड लॉन्च किया, जिससे अफ्रीका और दक्षिण एशिया के देशों को समावेशी डिजिटल इकोसिस्टम अपनाने में मदद मिली।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत अब 1.8 लाख से अधिक स्टार्टअप के साथ दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप इकोसिस्टम में शुमार है। लेकिन यह स्टार्टअप आंदोलन से कहीं अधिक है; यह एक तकनीकी पुनर्जागरण है। जब बात युवाओं में एआई स्किल पेनिट्रेशन और एआई प्रतिभा की आती है, तो भारत बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।”

पीएम मोदी ने लिखा, “1.2 बिलियन डॉलर के इंडिया एआई मिशन के माध्यम से भारत ने 1 डॉलर/जीपीयू घंटे से भी कम कीमत पर वैश्विक स्तर पर बेजोड़ कीमतों पर 34,000 जीपीयू तक पहुंच को सक्षम किया है, जिससे भारत न केवल सबसे सस्ती इंटरनेट अर्थव्यवस्था बन गया है, बल्कि सबसे सस्ता कंप्यूटिंग गंतव्य भी बन गया है। भारत ने ह्युमैनिटी-फर्स्ट एआई का समर्थन किया है।”

*******************************

 

हिंदी को लेकर फडणवीस सरकार ने पहले ही मारा सिक्सर

भाषा विवाद पर रामदास आठवले का बयान

रायपुर 01 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): महाराष्ट्र में ‘हिंदी’ विवाद पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में हिंदी भाषा लागू होनी चाहिए, लेकिन इसकी पहली क्लास से जरूरत नहीं है। इस दौरान रामदास आठवले ने विपक्ष के आंदोलन से पहले सरकार की ओर से लिए गए फैसले पर भी जवाब दिया।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। रायपुर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने ‘हिंदी’ विवाद पर कहा, “राज्य में हिंदी को लेकर कुछ लोगों ने कहा कि 5वीं क्लास के बाद हिंदी को लागू किया जा सकता है, लेकिन उसके पहले राज्य में इसे तीसरी भाषा के रूप में अनिवार्य न किया जाए। हिंदी को लेकर महाराष्ट्र के लोगों ने विरोध का रास्ता लिया। सरकार ने आंदोलन से पहले ही ‘सिक्सर’ मारा है। हिंदी भाषा को लेकर जो विरोध होने वाला था, उसे खत्म करने का काम किया।”

आठवले ने कहा, “हिंदी भाषा को अनिवार्य किया जाना चाहिए, लेकिन प्राइमरी स्तर पर नहीं, क्योंकि वहां 6 साल के छोटे बच्चे होते हैं। सरकार ने महाराष्ट्र की जनता की भावनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है।”

केंद्रीय मंत्री ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “एनडीए सरकार ने जातीय जनगणना का फैसला लिया है, जो ऐतिहासिक है। लोगों की तरफ से इस विषय पर मांग उठ रही थी। यह एक महत्वपूर्ण विषय है और समाज के समावेशी विकास के लिए जरूरी है।”

उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी का मन ठीक नहीं है, इसलिए वो लगातार तंज कसती है। कांग्रेस के समय में ऐसा फैसला नहीं हुआ है। राहुल गांधी लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अपनी सरकार में पहले क्यों नहीं कराया?” अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना से वंचित वर्गों को योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।

**************************