संभल हादसे पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता

संभल ,05 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के हवाले से लिखा, संभल, उत्तर प्रदेश में दुर्घटना के कारण जानमाल के नुकसान से गहरा दुख हुआ है।

जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

दरअसल, शुक्रवार शाम थाना जुनावई क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो बेकाबू होकर जनता इंटर कॉलेज की दीवार से टकरा गई। सभी बोलेरो सवार संभल के ग्राम हरगोविंदपुर (थाना जुनावई) के रहने वाले थे। वे बिल्सी (जिला बदायूं) बारात लेकर जा रहे थे।

इसी दौरान गाड़ी अनियंत्रित होकर जनता इंटर कॉलेज की दीवार से जा टकराई और पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही दूल्हे समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घायल 5 लोगों को गंभीर अवस्था में अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही रवि, कोमल और मधु ने दम तोड़ दिया। अब तक कुल 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

घटना की सूचना मिलते ही संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और एएसपी अनुकृति शर्मा घटनास्थल पहुंचे। बोलेरो में फंसे घायलों को कड़ी मशक्कत करके गाड़ी से बाहर निकाला गया।

पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घायलों को प्राथमिक उपचार दिलवाया। प्राथमिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही को बताया गया है।

स्थानीय प्रशासन पीडि़त परिवारों के संपर्क में है और हरसंभव सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।

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बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका का मर्डर, बाइक सवार अपराधियों ने सिर में मारी गोली

6 साल पहले बेटे की भी हुई थी हत्या

पटना 05 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : बिहार की राजधानी पटना में एक सनसनीखेज वारदात हुई, जहां गांधी मैदान थाना क्षेत्र में जाने-माने व्यवसायी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 4 जुलाई की रात करीब 11 बजे की है।

 मिली जानकारी के अनुसार, गोपाल खेमका पनास होटल के पास स्थित अपने अपार्टमेंट के पास जैसे ही अपनी कार से उतरे, अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलीबारी कर दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

सूचना मिलते ही गांधी मैदान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और एक गोली और एक खोखा बरामद किया है।

पुलिस ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश जारी है। पटना एसपी दीक्षा ने बताया कि, “4 जुलाई की रात 11 बजे के करीब व्यवसायी गोपाल खेमका की गांधी मैदान के दक्षिणी इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटनास्थल को सुरक्षित किया गया है और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।”

गोपाल खेमका पटना के प्रमुख व्यवसायियों में से एक थे और मगध अस्पताल के मालिक भी थे। इससे पहले 6 साल पहले, उनके बेटे गुंजन खेमका की भी वैशाली जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र में अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

उस समय भी इस घटना को लेकर काफी बवाल मचा था। अब एक बार फिर से राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए हैं, जिससे शहर के व्यापारी वर्ग में दहशत का माहौल बन गया है।

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दलाई लामा मामले को लेकर भारत सरकार ने जारी किया बयान

नई दिल्ली 05 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  तिब्बती बौद्ध धर्म के सबसे बड़े आध्यात्मिक नेता दलाई लामा के हाल के बयान के संदर्भ में भारत ने स्पष्ट किया कि वह आस्था से संबंधित मामलों पर कोई रुख नहीं अपनाता है। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने दलाई लामा और उनके उत्तराधिकारी को लेकर चल रहे विवाद पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है।

इस मामले को लेकर भारत ने साफ लफ्जों में कहा है कि आस्था और धर्म की मान्यताओं और प्रथाओं से संबंधित मामलों पर भारत टिप्पणी नहीं करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दलाई लामा को लेकर मीडिया के सवालों के जवाब में कहा,”हमने दलाई लामा संस्था की निरंतरता के बारे में परम पूज्य दलाई लामा द्वारा दिए गए बयान से संबंधित रिपोर्ट देखी हैं।

भारत सरकार आस्था और धर्म की मान्यताओं और प्रथाओं से संबंधित मामलों पर कोई रुख नहीं अपनाती है और इस पर टिप्पणी नहीं करती है। सरकार ने हमेशा भारत में धर्म की स्वतंत्रता को बरकरार रखा है और ऐसा करना जारी रखेगी।”

हालांकि इससे पहले अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि दलाई लामा के सभी अनुयायी चाहते हैं कि तिब्बती आध्यात्मिक नेता को स्वयं अपना उत्तराधिकारी चुनना चाहिए। रिजिजू ने स्पष्ट किया था कि वह भारत सरकार की ओर से प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और न ही वह इस संबंध में चीन द्वारा दिये गए बयान पर कोई राय व्यक्त कर रहे हैं।

बता दें कि रिजिजू ने एक बयान में कहा था, ‘‘दलाई लामा मुद्दे पर किसी भ्रम की कोई जरूरत नहीं है। दुनिया भर में बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले और दलाई लामा को मानने वाले सभी लोग चाहते हैं कि अपने उत्तराधिकार पर फैसला वही करें।

मुझे या सरकार को कुछ कहने की कोई जरूरत नहीं है। अगला दलाई लामा कौन होगा, इसका फैसला वही करेंगे।’’ वहीं किरण रिजिजू की इस टिप्पणी पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई थी। चीन ने भारत से तिब्बत से संबंधित मुद्दों पर सावधानी से काम करने की अपील की है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार पर इसका प्रभाव न पड़े।

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दिल्ली-एनसीआर में 6 जुलाई को येलो अलर्ट, पूरे सप्ताह बरसात के आसार

पारा नहीं जाएगा 34 डिग्री के पार

नोएडा 05 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में मानसून ने दस्तक दे दी है और अब मौसम विभाग (आईएमडी) ने 6 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 6 जुलाई को दोपहर, शाम और रात में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। साथ ही तेज हवाएं चलेंगी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।

6 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी दी है कि दिन भर हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की घटनाएं दर्ज हो सकती हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक किसी प्रकार की गंभीर चेतावनी (रेड या ऑरेंज अलर्ट) नहीं दी गई है।

6 जुलाई को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। इस दिन ह्यूमिडिटी का स्तर सुबह 85 प्रतिशत और शाम को 65 प्रतिशत के आसपास रहेगा, जिससे मौसम में भारी उमस बनी रहेगी।

मौसम विभाग के मुताबिक 7 जुलाई को आसमान सामान्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम बारिश की संभावना है। कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं 8 से 10 जुलाई के बीच भी गरज के साथ बारिश या तूफानी वर्षा की संभावना है।

अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री के आसपास रहेगा। 11 जुलाई को बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम सुहावना बना रहेगा लेकिन नमी बनी रहेगी।

मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे खुले स्थानों पर बिजली चमकते समय सावधानी बरतें, बेवजह बाहर निकलने से बचें और वाहन चलाते समय सतर्कता रखें।

हालांकि एक तरफ बारिश होने के चलते लोगों को गर्मी और उमस से निजात मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था में भी व्यवधान उत्पन्न होगा।

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सांस्कृतिक संबंधों के लिए दूरी कोई बाधा नहीं,अर्जेंटीना में भव्य स्वागत पर बोले प्रधानमंत्री मोदी

New Delhi 05 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि सांस्कृतिक संबंधों के लिए दूरी कोई बाधा नहीं है। यह बात उन्होंने अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में अल्वियर पैलेस होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय द्वारा किए गए गर्मजोशी भरे और पारंपरिक स्वागत के बाद कही।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “सांस्कृतिक जुड़ाव के मामले में दूरी कोई बाधा नहीं है! ब्यूनस आयर्स में भारतीय समुदाय द्वारा किए गए शानदार स्वागत से सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह देखना वाकई बहुत अच्छा है कि कैसे घर से हज़ारों किलोमीटर दूर, भारत की भावना हमारे भारतीय समुदाय के माध्यम से चमकती है।”

अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स स्थित अल्वियर पैलेस होटल पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से ‘मोदी-मोदी’, ‘जय हिंद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।

इस दौरान पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन किया गया, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की छाप दिखी। वहां मौजूद लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी से ऑटोग्राफ भी लिया।

बता दें कि पीएम मोदी की यह अर्जेंटीना यात्रा 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती है। पीएम मोदी राष्ट्रपति जेवियर माइली के निमंत्रण पर अर्जेंटीना पहुंचे हैं। दोनों नेताओं के बीच आखिरी मुलाकात नवंबर 2024 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी अर्जेंटीना के राष्ट्रीय नायक जनरल जोस डी सैन मार्टिन की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा और राष्ट्रपति माइली के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी, जिसके बाद उनके सम्मान में दोपहर का भोजन आयोजित किया जाएगा।

यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की पांच देशों की यात्रा का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दक्षिण के साथ संबंधों को गहरा करना है। अर्जेंटीना की यात्रा के बाद पीएम मोदी ब्राजील जाएंगे, जहां वे ब्रासीलिया की द्विपक्षीय यात्रा करने से पहले रियो डी जेनेरियो में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद वे नामीबिया जाएंगे, जो उनकी यात्रा का अंतिम पड़ाव होगा।

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नीट-यूजी 2025 : रिवाइज्ड रिजल्ट की उम्मीद खत्म

सुप्रीम कोर्ट ने नतीजों में दखल देने से किया इनकार

नई दिल्ली  ,04 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  सुप्रीम कोर्ट ने आज नीट यूजी 2025 के संशोधित परिणामों और काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आर. महादेवन की अवकाश पीठ ने एक छात्र द्वारा फाइनल आंसर-की में कथित गड़बडिय़ों को लेकर दायर याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया।

परीक्षा में शामिल हुए छात्र शिवम गांधी रैना ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (हृञ्ज्र) द्वारा जारी फाइनल आंसर-की में तीन प्रश्नों के उत्तर गलत थे।

याचिकाकर्ता के वकील ने आज सुनवाई के दौरान दलील दी कि गलत उत्तरों के कारण कई छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा और यह एक व्यक्तिगत मामला नहीं है। उन्होंने 2024 के एक मामले का हवाला भी दिया, जिसमें शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप करते हुए आईआईटी दिल्ली की विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर परिणाम संशोधित करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता की दलीलों पर जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, हम व्यक्तिगत परीक्षाओं से नहीं निपट सकते। पीठ ने टिप्पणी की कि इसी तरह का एक मामला दो दिन पहले भी खारिज किया जा चुका है।

जब वकील ने जोर देकर कहा कि आंसर-की में स्पष्ट त्रुटि है, तो जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, आप सैद्धांतिक रूप से सही हो सकते हैं कि कई सही उत्तर हो सकते हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में किसी व्यक्तिगत मामले के आधार पर हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।

पीठ ने अपना रुख बदलने से इनकार करते हुए कहा, ठीक है, धन्यवाद, और याचिका पर विचार करने से मना कर दिया। याचिकाकर्ता ने विशेष रूप से प्रश्न संख्या 136 (कोड संख्या 47) के उत्तर में गलती का आरोप लगाया था। इस फैसले के साथ ही, नीट यूजी 2025 के घोषित नतीजों और आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया पर बना संशय फिलहाल समाप्त हो गया है।

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अमरनाथ यात्रा : जम्मू से 6411 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना

पहले दिन 12 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

श्रीनगर ,04 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अमरनाथ यात्रा के लिए शुक्रवार को जम्मू से एक और जत्था भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। इस जत्थे में 6411 तीर्थयात्री शामिल थे।

अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार सुबह भगवती नगर यात्रा निवास से 291 वाहनों के दो सुरक्षा काफिलों में कुल 6411 यात्री कश्मीर घाटी के लिए रवाना हुए। इनमें से 2789 यात्री बालटाल बेस कैंप की ओर जा रहे हैं, जबकि 3622 यात्री पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के पहले दिन, गुरुवार को 12300 यात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किए।
यात्रा के दौरान श्रद्धालु ‘बम बम भोले’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के साथ उत्साहपूर्वक तीर्थ कर रहे हैं।

सुरक्षा के विषय पर तीर्थयात्रियों ने कहा, उन्हें पाकिस्तान या उसके भाड़े के एजेंटों से कोई डर नहीं है। वो भगवान शिव के आह्वान पर यात्रा कर रहे हैं और उन्हीं की कृपा में सुरक्षित महसूस करते हैं।

इस साल की अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है, क्योंकि यह 22 अप्रैल के कायरतापूर्ण हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम में कथित तौर पर धर्म देखकर 26 पर्यटकों की हत्या की थी।

फिलहाल यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत को बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी शिविर और जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक का पूरा मार्ग सुरक्षाबलों की ओर से सुरक्षित है।

तीर्थयात्री बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा तक दो रास्तों से पहुंचते हैं, जिसमें एक पारंपरिक पहलगाम मार्ग है और दूसरा छोटा, लेकिन कठिन बालटाल मार्ग है।

पहलगाम रूट पर गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए चंदनवारी, शेषनाग और पंचतरणी से गुजरना पड़ता है, जिसमें कुल 46 किमी की दूरी तय करनी होती है।

बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किमी की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा करने के बाद उसी दिन बेस कैंप वापस लौटना पड़ता है।

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अयोध्या में प्रचार ज्यादा और काम कम, हो रहा भ्रष्टाचार : अवधेश प्रसाद

अयोध्या ,04 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अवधेश प्रसाद ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या में विकास नहीं हो रहा, वहां प्रचार का शोर सुनाई दे रहा है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि रामनगरी अयोध्या का जो विकास दिखाया जा रहा है वह केवल दिखावा है। जमीनी हकीकत यह है कि हल्की बारिश में राम पथ पर पानी भर जाता है, रेलवे स्टेशन की दीवारें गिर रही हैं। ये कैसा विकास है? अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार जब सत्ता में आएगी तो अयोध्या का विकास किया जाएगा जिससे यहां की जनता को राहत मिलेगी।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में अयोध्या जैसे पवित्र स्थल पर भ्रष्टाचार के चलते बुनियादी ढांचे की हालत खस्ताहाल हो चुकी है।
जब अवधेश प्रसाद से पूछा गया कि भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव एक दूसरे की तारीफ कर रहे हैं, क्या बृजभूषण सिंह सपा में शामिल होंगे, तब उन्होंने कहा कि यह हम नहीं बता सकते हैं कि वह समाजवादी पार्टी में आएंगे या नहीं, लेकिन यह साफ है कि जो भी व्यक्ति देश में भाईचारा, सद्भावना और विकास चाहता है, वह अखिलेश यादव की सोच और नेतृत्व से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में समाजवादी पार्टी ने जिस तरह से 37 सीटें जीतीं, वह जनता के विश्वास का प्रमाण है। अगर वोटों की गिनती में धांधली न हुई होती, तो हमारी संख्या 50 से 55 तक हो सकती थी। प्रदेश की जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ रहा है जबकि भाजपा के प्रति अविश्वास गहराता जा रहा है।

चुनाव आयोग पर राहुल गांधी के आरोपों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब यह सीट उपचुनाव में खाली हुई तो लोकतंत्र की सबसे बड़ी डकैती यहां हुई।

सरकारी अधिकारियों ने खुलेआम वोट लूटे। हमने चुनाव आयोग से लिखित और प्रेस के माध्यम से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग का रवैया सरकार के दबाव में झुकने वाला था और मिल्कीपुर का चुनाव इस बात का उदाहरण है कि निष्पक्ष चुनाव कराना किस हद तक मुश्किल हो गया है। राहुल गांधी जो कह रहे हैं, वह सही कह रहे हैं। चुनाव आयोग को निष्पक्ष रहना चाहिए लेकिन ऐसा हो नहीं रहा।

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सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 9 हाईकोर्ट के 15 नए जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी

नई दिल्ली 04 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली और पटना समेत देश के नौ उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के रूप में न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर. गवई की अध्यक्षता में 1 और 2 जुलाई को आयोजित कॉलेजियम की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

कॉलेजियम ने दिल्ली उच्च न्यायालय में तीन न्यायिक अधिकारियों और पटना उच्च न्यायालय में दो अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई है। इसके अतिरिक्त, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के लिए दस न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति को भी स्वीकृति दी गई है।

इनमें वीरेंद्र अग्रवाल, मंदीप पन्नू, प्रमोद गोयल, शालिनी सिंह नागपाल, अमरिंदर सिंह ग्रेवाल, सुभाष मेहला, सूर्य प्रताप सिंह, रूपिंदरजीत चहल, आराधना साहनी और यशवीर सिंह राठौर शामिल हैं।

तेलंगाना उच्च न्यायालय के लिए चार अधिवक्ताओं के नामों को भी कॉलेजियम ने मंजूरी दी है। ये अधिवक्ता गौसे मीरा मोहिउद्दीन, चलपति राव सुड्डाला, वक्ति रामकृष्ण रेड्डी और गादी प्रवीण कुमार हैं।

कॉलेजियम में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और विक्रम नाथ भी शामिल थे, जिन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में एक न्यायिक अधिकारी और एक अधिवक्ता के नामों पर सहमति व्यक्त की।

बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जुलाई, 2025 को हुई अपनी बैठक में अधिवक्ता तुहिन कुमार गेडेला को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

एक अन्य निर्णय में, कॉलेजियम ने न्यायमूर्ति बिस्वदीप भट्टाचार्जी, जो वर्तमान में मेघालय उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश हैं, को उसी उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके अलावा, दो न्यायिक अधिकारियों प्रांजल दास और संजीव कुमार शर्मा, और दो अधिवक्ताओं अंजन मोनी कलिता और राजेश मजूमदार को गुवाहाटी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 1 जुलाई, 2025 को आयोजित अपनी बैठक में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पांच अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। ये अधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव, आनंद सिंह बहरावत, अजय कुमार निरंकारी, जय कुमार पिल्लई और हिमांशु जोशी हैं।

इसके साथ ही, पांच न्यायिक अधिकारियों राजेश कुमार गुप्ता, आलोक अवस्थी, रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन, भगवती प्रसाद शर्मा और प्रदीप मित्तल को भी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

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दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर बैन हटा, मनजिंदर सिंह सिरसा ने ईओएल नियमों की गिनाईं कमियां

नई दिल्ली 04 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पुरानी गाड़ियों पर लगा बैन हटा लिया गया है। इसे लेकर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को पत्र लिखा और राजधानी में एक जुलाई से लागू हुए एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों के नियमों की कमियां गिनाईं। साथ ही उन्होंने पुरानी गाड़ियों को फ्यूल न देने के निर्देश पर रोक लगाने को कहा।

दरअसल, दिल्ली में ‘एंड ऑफ व्हीकल’ वाहनों के नियमों के तहत की जा रही पुरानी गाड़ियों की जब्ती पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अभी इस नियम को इंप्लीमेंट नहीं कर रहे हैं।

गाड़ियों को उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि पॉल्यूशन स्तर के हिसाब से बंद किया जाएगा। इस पर सरकार काम कर रही है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पत्र लिखकर डायरेक्शन नंबर 89 के क्रियान्वयन पर रोक लगाने को कहा है, जिसके तहत दिल्ली में एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों को फ्यूल देने से मना किया गया है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि हम सीएक्यूएम से आग्रह करते हैं कि डायरेक्शन नंबर 89 के क्रियान्वयन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, जब तक कि ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली पूरे एनसीआर में एकीकृत नहीं हो जाती। हमें विश्वास है कि दिल्ली सरकार के चल रहे बहुआयामी प्रयासों से वायु गुणवत्ता में पर्याप्त सुधार आएगा।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने मीडिया से बातचीत कर कहा कि उन्होंने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को पत्र लिखकर दिल्ली में एंड-ऑफ-लाइफ (ईओएल) वाहनों को ईंधन न देने के निर्देश पर रोक लगाने को कहा है। उन्होंने कहा कि हमने उन्हें बताया है कि जो ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं, वे मजबूत सिस्टम नहीं हैं और उनमें अभी भी कई खामियां हैं।

तकनीकी गड़बड़ियां, सेंसर का काम न करना और स्पीकर का खराब होना, ये सभी कमियां हैं। इसे अभी तक एनसीआर डेटा के साथ एकीकृत नहीं किया गया है। यह हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेटों (एचएसआरपी) की पहचान करने में सक्षम नहीं है। हमने यह भी कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद और बाकी एनसीआर में अभी तक ऐसा कानून लागू नहीं किया गया है।

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सी-डॉट के इंजीनियरों का काम केवल तकनीक नहीं, राष्ट्र-निर्माण से भी जुड़ा : डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर

नई दिल्ली 04 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा है कि सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) को 2047 तक नोकिया, एरिक्सन और हुआवेई जैसे ग्लोबल टेक लीडर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होना चाहिए।

डॉ. चंद्रशेखर ने आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 25.6 टेराबिट प्रति सेकंड थ्रूपुट के साथ उच्च क्षमता वाला सक्षम-3000 स्विच-कम-राउटर लॉन्च किया है। इसे डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) द्वारा विकसित किया गया है।

सक्षम-3000 एक स्टेट-ऑफ द आर्ट डेटा सेंटर स्विच-कम-राउटर है, जिसे नेक्स्ट जनरेशन के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डिजाइन किया गया है।

डॉ. चंद्रशेखर ने सी-डॉट इंजीनियरों की सराहना करते हुए उनके काम को केवल तकनीकी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण बताया।

डॉ. चंद्रशेखर ने स्वदेशी 4जी/5जी (एनएसए) कोर, एडवांस्ड डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम, साइबर सुरक्षा समाधान और क्वांटम संचार जैसी भारत की हाल की सफलताओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सी-डॉट ने वितरण, परिनियोजन और वैश्विक महत्वाकांक्षा के एक नए चरण में प्रवेश किया है।

उन्होंने इंजीनियरों से दैनिक समयसीमाओं से परे सोचने और यह कल्पना करने का आग्रह किया।

डॉ. चंद्रशेखर ने कहा, “महत्वाकांक्षा भीतर से आनी चाहिए। आइए सफलता से प्रतिष्ठा की ओर बढ़ें। आइए एक ऐसा सी-डॉट बनाएं जिस पर न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में विश्वास किया जाए। देश आपके साथ है।”

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत को न केवल उत्पादन करना चाहिए बल्कि नेतृत्व भी करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार स्वायत्तता, वित्त पोषण और साझेदारी के साथ इस महत्वाकांक्षा का समर्थन करेगी।”

उन्होंने 3जीपीपी, आईटीयू और ईटीएसआई जैसे अंतरराष्ट्रीय मानक निकायों में अधिक भागीदारी का भी आह्वान किया।

सक्षम-3000 विरासत और क्लाउड-नेटिव नेटवर्क दोनों के लिए एक फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म है, जो लेयर-2, आईपी और एमपीएलएस प्रोटोकॉल का समर्थन करता है, जबकि यह ऊर्जा-कुशल है और पीटीपी और सिंक-ई के माध्यम से समय-संवेदनशील एप्लीकेशन के लिए सुसज्जित है।

फ्लेक्सिबल लाइसेंसिंग, हॉट-स्वैपेबल पावर और फैन यूनिट के माध्यम से उच्च विश्वसनीयता और वेटेड राउंड रॉबिन और डब्ल्यूआरईडी जैसे एडवांस क्यूओएस फीचर्स के साथ प्लेटफॉर्म का उद्देश्य बड़े उद्यमों, दूरसंचार ऑपरेटरों और हाइपरस्केल डेटा केंद्रों की उभरती जरूरतों को पूरा करना है।

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पीएम मोदी का पोर्ट ऑफ स्पेन में हुआ स्वागत ऐतिहासिक: अमित मालवीय

नई दिल्ली 04 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद एंड टोबैगो की अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे, जहां उनका स्वागत अभूतपूर्व तरीके से हुआ। इसे लेकर भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक्स हैंडल पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

इस अवसर पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक्स हैंडल पर लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी का पोर्ट ऑफ स्पेन में ऐतिहासिक स्वागत हुआ। त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पर्साद-बिसेसर और उनकी पूरी कैबिनेट ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। 38 मंत्रियों और 4 सांसदों ने पीएम मोदी के स्वागत में हिस्सा लिया, जो भारत के प्रति वैश्विक सम्मान और गर्मजोशी का स्पष्ट प्रमाण है।”

भाजपा पंजाब के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने एक्स पोस्ट में लिखा, “पीएम मोदी ऐतिहासिक स्वागत के लिए पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे। अभूतपूर्व भाव से, प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर और त्रिनिदाद और टोबैगो की पूरी कैबिनेट उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने के लिए 38 मंत्री और 4 सांसद मौजूद थे, जो उनके नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत के प्रति अपार सम्मान और गर्मजोशी को दर्शाता है।”

वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पीएम मोदी की एक वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन दिया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोर्ट ऑफ स्पेन, त्रिनिदाद एंड टोबैगो में सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान।”

सुधांशु त्रिवेदी के पोस्ट में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री कमला के पूर्वज बिहार के बक्सर में रहा करते थे। पीएम कमला स्वयं वहां जाकर भी आई हैं। लोग इन्हें बिहार की बेटी मानते हैं। बिहार की विरासत भारत के साथ ही दुनिया का भी गौरव है। लोकतंत्र हो, राजनीति हो, कूटनीति हो या हायर एजुकेशन हो, बिहार ने दुनिया को ऐसे अनेक विषयों में नई दिशा दिखाई थी।

जबकि पीएम मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा, “पोर्ट ऑफ स्पेन में रात्रिभोज के दौरान श्री राणा मोहिप से मुलाकात हुई, जिन्होंने कुछ साल पहले महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर ‘वैष्णव जन तो’ गाया था। भारतीय संगीत और संस्कृति के प्रति उनका जुनून सराहनीय है।”

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झारखंड में कांग्रेस की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के करीबियों के आठ ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

रांची 04 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): ED ने झारखंड के बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र की पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के करीबियों के कई ठिकानों पर शुक्रवार से छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई कोल ट्रांसपोर्टिंग, इन्फ्रा और पावर सेक्टर से जुड़ी एक चर्चित कंपनी की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में की जा रही है।

सूचना के अनुसार, ईडी की टीमों ने रांची, हजारीबाग और बड़कागांव में कुल आठ जगहों पर एक साथ दबिश दी है। अंबा प्रसाद के करीबी संजीत के रांची के किशोरगंज इलाके में स्थित आवास, उनके निजी सहायक संजीव साव, मनोज दांगी और पंचम कुमार के बड़कागांव स्थित ठिकानों पर भी तलाशी ली जा रही है। जिन स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, वहां सुरक्षा बलों की व्यापक तैनाती की गई है।

इसके पहले 12-14 मार्च, 2024 को ईडी ने अंबा प्रसाद, उनके पिता पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, भाई अंकित राज सहित कई रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज बरामद किए थे।

इस छापेमारी में 35 लाख रुपये, डिजिटल उपकरण, सर्किल कार्यालयों, बैंकों के नकली टिकट, हाथ से लिखी रसीदें, डायरियां, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे। माना जा रहा है कि इस बार की छापेमारी उन्हीं दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर की जा रही है, जो पहले की जांच में सामने आए थे।

ईडी की टीमें वित्तीय लेन-देन, जमीन और खनन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। अंबा प्रसाद और उनके रिश्तेदारों के नाम पर बनी 10 कंपनियां ईडी की जांच के दायरे में हैं।

पूर्व में ईडी ने अंबा प्रसाद, उनके पिता योगेंद्र साव और भाई अंकित राज से रांची स्थित जोनल कार्यालय में पूछताछ भी की थी। अंबा प्रसाद हजारीबाग जिले के बड़कागांव क्षेत्र से वर्ष 2019 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं। इसी विधानसभा क्षेत्र से उनकी मां निर्मला देवी और उनके पिता योगेंद्र साव भी पूर्व में विधायक रह चुके हैं।

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नोएडा : साइबर ठगों ने महिला अधिवक्ता से डिजिटल गिरफ्तारी के नाम पर 3.29 करोड़ ठगे

नोएडा ,03 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। साइबर ठगों की ठगी लगातार बढ़ती जा रही है और एक के बाद साइबर अपराधी खास तौर से पढ़े-लिखे समझदार लोगों को डिजिटल गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे ठगी कर रहे हैं। ताजा मामला नोएडा के सेक्टर 47 निवासी 72 वर्षीय महिला अधिवक्ता के साथ हुआ है।

ठगों ने उन्हें कथित रूप से डिजिटल गिरफ्तारी के जाल में फंसाकर कुल 3 करोड़ 29 लाख 70 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीडि़ता ने इस संबंध में थाना साइबर क्राइम सेक्टर-36 में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक पीडि़ता को 10 जून 2025 को लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आया।

कॉल करने वाले ने बताया कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके चार फर्जी बैंक खाते खोले गए हैं, जिनका इस्तेमाल हथियारों की तस्करी, ब्लैकमेलिंग और गैंबलिंग जैसे अपराधों में किया गया है।

पीडि़ता से कहा गया कि वह इस मामले में क्लीन चिट के लिए एक नंबर पर संपर्क करें। जब उन्होंने दिए गए नंबर पर कॉल किया तो उन्हें डराया गया कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं और गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद पीडि़ता को व्हाट्सएप कॉल और फर्जी पुलिस स्टेशन से संपर्क किया गया।

एक आरोपी ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रवीण सूद बताया। पीडि़ता को एक डिजिटल गिरफ्तारी वारंट भी भेजा गया और यह यकीन दिलाया गया कि वह एक गंभीर अपराध में शामिल हैं। डर के मारे उन्होंने किसी से बात नहीं की और ठगों के कहने पर अपना फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर दो खातों में राशि ट्रांसफर कर दी।

पीडि़त ने 16 जून से 24 जून 2025 के बीच केनरा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक खातों से कुल 5 बार आरटीजीएस के जरिए विभिन्न खातों में राशि ट्रांसफर की गई। जिनमें 63 लाख राजस्थान के वीपुल नगर, गोविंदगढ़ स्थित एक खाते में, 71 लाख कनारा बैंक खाते में, 93 लाख एमपी ग्लोबल और सिंग ट्रेडर्स के खातों में 87 लाख और 15.70 लाख आईसीआईसीआई बैंक खाते से आइस्वाल एंटरप्राइज और टीआर मोहन कुमार के खातों में भेजे गए हैं।

पुलिस को दी गई शिकायत में पीडि़ता ने दो व्यक्तियों – शिवा प्रसाद और प्रदीप सावंत के नाम दिए हैं। साथ ही एक व्यक्ति ने खुद को प्रवीण सूद बताकर उनसे संपर्क किया था। इन सभी ने पीडि़ता से तथ्यों को छुपाकर ठगी की। पुलिस ठगी में जिन बैंक खातों का इस्तेमाल हुआ है, उनकी जांच कर रही है।

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अखिलेश यादव की सुरक्षा में चूक, सुरक्षा चक्र तोडकऱ युवक ने की मंच पर चढऩे की कोशिश

आजमगढ़ ,03 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के कार्यक्रम में सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है।एक युवक उनके कार्यक्रम के मंच के पास पहुंच गया।हालांकि पुलिसकर्मियों ने तत्काल युवक को रोका और हिरासत में लिया।

अखिलेश यादव आजमगढ़ में पार्टी दफ्तर के उद्घाटन के लिए गए थे, लेकिन अखिलेश यादव के यहां पहुंचने से पहले ही एक शख्स ने सुरक्षा घेरा तोडकऱ मंच की ओर जाने की कोशिश की, यानी जिस समय यह घटना हुई, उस समय अखिलेश वहां पर मौजूद नहीं थे।

युवक की इस हरकत पर हडक़ंप मच गया। आनन फानन में सुरक्षाकर्मियों ने युवक को आगे जाने से रोका।?प्राथमिक जानकारी के मुताबिक युवक के पास कोई?संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है लेकिन मंच पर क्यों जाना चाहता था इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

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स्पाइसजेट विमान का हवा में उखड़ा विंडो फ्रेम

कंपनी का दावा ‘यात्रियों की सुरक्षा कभी भी खतरे में नहीं आई

नई दिल्ली 03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : स्पाइसजेट के क्यू400 विमान में उड़ान के दौरान एक घटना घटी, जब एक कॉस्मेटिक विंडो फ्रेम ढीला हो गया और उखड़ भी गया। इसके बाद स्पाइसजेट की तरफ से औपचारिक बयान सामने आया है। बयान में बताया गया है कि यह फ्रेम एक गैर-संरचनात्मक घटक था, जिसका उद्देश्य खिड़की पर छांव प्रदान करना था, और इसका विमान की सुरक्षा या संरचना पर कोई असर नहीं पड़ा। फ्लाइट के दौरान केबिन का प्रेशर सामान्य रहा और यात्रियों की सुरक्षा कभी भी खतरे में नहीं आई।

बता दें, क्यू400 विमान में कई सुरक्षात्मक विंडो पैनल होते हैं, जिनमें से बाहरी पैनल का कार्य दबाव सहन करना होता है। यह सुनिश्चित करता है कि विमान के किसी भी कॉस्मेटिक या सतही घटक के ढीले होने पर भी यात्रियों की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता। इस घटक का ढीला होना सिर्फ एक मामूली समस्या थी, जो विमान की संरचना और उड़ान की सुरक्षा को प्रभावित नहीं करती।

यह घटना सामने आने के बाद, स्पाइसजेट की तकनीकी टीम ने विमान को सही तरीके से जांचा और विमान के अगले स्टेशन पर उतरते ही इस विंडो फ्रेम की मरम्मत की गई। यह मरम्मत सामान्य रखरखाव प्रक्रिया का हिस्सा थी, और विमान के संचालन में कोई रुकावट नहीं आई।

स्पाइसजेट ने इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दावा किया कि विमान की सामान्य उड़ान स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटक सिर्फ एक कॉस्मेटिक हिस्सा था, जिसका उद्देश्य सिर्फ खिड़की की सुंदरता बढ़ाना था और विमान की सुरक्षा प्रणाली में कोई भूमिका नहीं थी।

बता दें, इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी थी। सोशल मीडिया यूजर्स इस वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे थे।

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CBI की बड़ी कार्रवाई: 6 राज्यों में 40 से अधिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 6 लोग गिरफ्तार

नई दिल्ली 03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के एक बड़े मामले में छह राज्यों में बड़ी कार्रवाई की है। कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश में 40 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है। इस दौरान तीन डॉक्टरों सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर रिश्वत लेकर मेडिकल कॉलेजों को अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट देने का आरोप है।

सीबीआई ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ की। आरोप है कि इन लोगों ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता के लिए होने वाले वैधानिक निरीक्षण में हेरफेर किया। निरीक्षण करने वाले डॉक्टरों ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर अनुकूल रिपोर्ट दी। सीबीआई को सूचना मिली थी कि संस्थान के पदाधिकारी निरीक्षकों को प्रभावित कर रहे थे। इसके आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और 55 लाख रुपये की रिश्वत के लेन-देन के दौरान छह लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

मध्य प्रदेश के इंदौर में इंडेक्स कॉलेज के प्रबंधक के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई। यह कार्रवाई सुबह 3 बजे शुरू हुई और 8 बजे तक चली। सीबीआई ने इस ऑपरेशन को पूरी तरह गुप्त रखा और जानकारी को एक्स पर पोस्ट करके सार्वजनिक की।

गिरफ्तार आरोपियों को संबंधित अदालतों में पेश किया जाएगा। सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने निरीक्षकों को रिश्वत देकर निरीक्षण प्रक्रिया में हेरफेर किया। रिश्वत की राशि बेंगलुरु में पहुंचाई गई थी। इस मामले में विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान जारी है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक जांच अभी चल रही है और जल्द ही महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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कांवड़ यात्रा’ पर संग्राम: सपा ने नेम प्लेट पर उठाए सवाल

भाजपा बोली- प्रदेश को दंगों की आग में झोंकना चाहते हैं

लखनऊ  03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला किया है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी दुकानों को अपने साइनबोर्ड पर मालिक का नाम और पहचान दिखाना अनिवार्य होगा।

इस फैसले पर सपा समेत विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, यूपी सरकार में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर पलटवार किया और समाजवादी पार्टी पर प्रदेश में तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, “समाजवादी पार्टी के लोग हमेशा प्रदेश में तुष्टिकरण की राजनीति करते रहे हैं। उनका तुष्टिकरण का पुराना इतिहास है।

हमारी प्रतिबद्धता कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करना है और हर स्थिति में कानून व्यवस्था को मेंटेन करेंगे। धर्म-कर्म के लिए कांवड़ यात्रा पर जाने वाले हमारे भाइयों को कोई दिक्कत न हो, इसकी व्यवस्था की जाएगी। साथ ही व्रत के दौरान खाने-पीने की दुकान शुद्ध मिले, इसकी भी व्यवस्था करेंगे।”

उन्होंने कहा, “हर खरीदार का अधिकार है कि वो जाने कि विक्रेता कौन है और वह किससे सामग्री खरीद रहा है। इस मुद्दे को उठाकर समाजवादी पार्टी सिर्फ राजनीति कर रही है। हमने सपा नेताओं के बयान को सुना है। उनका उद्देश्य देश और प्रदेश में शरिया कानून लागू करना है।

सपा प्रदेश को आतंक और दंगों की आग में झोंकना चाहती है। मैं पूछता हूं कि अगर कोई खाने-पीने का सामान बेच रहा है तो उसे नाम लिखने में क्या दिक्कत है? समाजवादी पार्टी के लोगों के बयान निंदनीय हैं और प्रदेश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।”

यूपी सरकार में मंत्री दयाशंकर ने कहा, “मुझे लगता है कि किसी को पहचान बताने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मैं खुद मंत्री हूं और जहां भी जाता हूं या रहता हूं, मुझसे भी पहचान पत्र मांगा जाता है और मैं दिखाता भी हूं। इसमें अपमानजनक कुछ नहीं है। पहचान छिपाना गलत है, क्योंकि जब लोग अपनी पहचान छिपाते हैं तो गलत तत्व भी घुस आते हैं।”

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन के ‘कांवड़ यात्रियों’ पर दिए गए बयान पर मंत्री अनिल राजभर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर सरकार सावन के पवित्र महीने में पवित्र कांवड़ यात्रा में भाग लेने वाले हमारे भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है, तो इससे किसी को क्या परेशानी हो रही है. हमें इस बात की निगरानी क्यों नहीं करनी चाहिए कि उन्हें क्या परोसा जा रहा है. मैं पूछता हूं कि नाम छुपाने के पीछे कौन सी मजबूरी है. आतंकवाद की यह मानसिकता ऐसे लोगों को कभी नहीं छोड़ती है, वे हमेशा आतंकवादियों की तरह बोलते हैं।”

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मंडी में भारी तबाही से जानमाल का नुकसान, अब तक 13 की मौत

मंडी  03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। मंडी जिले में इस आपदा के कारण अब तक 13 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 29 लोग अभी भी लापता हैं।

जानकारी के अनुसार, मंडी जिले के थुनाग, करसोग, जोगिंद्रनगर और गौहर इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। थुनाग में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि करसोग में एक और गौहर में सात लोगों की जान गई है। इसके अलावा, जोगिंद्रनगर के स्यांज से दो शवों को बरामद किया गया है। साथ ही थुनाग, करसोग और गौहर के 29 लोग लापता हैं।

इसके अलावा, इस आपदा के कारण मंडी जिले में 148 मकान, 104 गौशालाएं और 162 मवेशियों की हानि हुई है। साथ ही 14 पुल को भी आपदा में नुकसान पहुंचा है। 154 लोगों को बचाया गया है।

मंडी प्रशासन ने आपदा से प्रभावित लोगों के लिए कई राहत शिविर भी बनाए हैं, जिनमें 357 लोगों ने आश्रय लिया है।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होम गार्ड और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं।

बता दें कि मंडी जिले में सोमवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। करसोग और धर्मपुर उपमंडल में बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा, गोहर और सदर उपमंडल में भी भूस्खलन और जलभराव की कई घटनाएं सामने आई हैं।

वहीं, प्रशासन ने लोगों से जरूरी न होने पर यात्रा से बचने और आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है। बचाव कार्यों में तेजी लाने और लापता लोगों का पता लगाने के लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं।

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दिल्ली में डबल मर्डर से दहशत : मालकिन ने डांटा तो नौकर ने मां-बेटे को काट डाला

आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली 03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दोहरे हत्याकांड से लोग दहशत में है। लाजपत नगर में एक महिला और उसके बेटे की घर में घुसकर हत्या की गई है। कातिल ने मां-बेटे का गला रेत दिया, जिससे मौत हो गई। इस डबल मर्डर केस में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की।

फिलहाल मृतकों की पहचान लाजपत नगर-1 इलाके की रहने वाली 42 वर्षीय रुचिका सेवानी और उसके 14 वर्षीय बेटे कृष सेवानी के रूप में हुई है। रुचिका सेवानी अपने पति के साथ लाजपत नगर मार्केट में गारमेंट की दुकान चलाती थी। बेटा कृष सेवानी कक्षा 10वीं का छात्र था। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि एक आरोपी को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वो दूसरी जगह भागने की कोशिश कर रहा था।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, लाजपत नगर के रहने वाले 44 वर्षीय कुलदीप ने बुधवार रात करीब पौने 10 बजे पुलिस को कॉल किया था। कुलदीप ने पुलिस से कहा कि उनकी पत्नी और बेटा कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं। दरवाजा बंद है। गेट और सीढ़ियों पर खून के धब्बे हैं। कुलदीप की सूचना पर दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने जबरन घर के गेट खोला, जहां अंदर महिला और बच्चे के शव पड़े हुए थे।

लाश खून से लथपथ थी। पुलिस ने पहले दोनों शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच के समय दिल्ली पुलिस को नौकर के बारे में पता चला था, जो उस समय गायब था।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 24 वर्षीय मुकेश गारमेंट की दुकान पर सहायक के तौर पर काम करता था। वो बिहार के हाजीपुर का रहने वाला है। दिल्ली में वो अमर कॉलोनी में रह रहा था। हत्याकांड के बीच उसे भागते समय गिरफ्तार कर लिया गया। अभी पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

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महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर राहुल गांधी ने पूछे सवाल

नई दिल्ली 03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 767 किसानों की आत्महत्या को लेकर किया गया। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट के जरिए सरकार से कुछ सवाल पूछे तो भाजपा आईटी सेल के हेड ने इतिहास याद दिला दिया।

मालवीय ने राहुल गांधी के पोस्ट पर लिखा, “मृतकों की गिनती की राजनीति घिनौनी होती है, लेकिन राहुल गांधी जैसे लोगों को आईना दिखाना जरूरी होता है।”

इसके साथ ही मालवीय ने एक इन्फोग्राफिक भी शेयर किया। जिसमें राहुल गांधी और शरद पवार की तस्वीर लगी हुई है और सवाल किया गया है कि ‘पहले ये बताएं कि महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी (शरद पवार) सरकार के 15 सालों में 55,928 किसानों ने आत्महत्या क्यों की?’

इतना ही नहीं, इस इन्फोग्राफिक में कांग्रेस-एनसीपी (शरद पवार) के पिछले 15 सालों के कार्यकाल में किसानों की आत्महत्या का पूरा डिटेल दिया हुआ है। पोस्टर के अंत में लिखा हुआ है, “अब भाजपा-महायुति सरकार किसानों के हित में कार्यरत है।”

इससे पहले राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट पर किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाते हुए प्रदेश और केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “सोचिए, सिर्फ 3 महीनों में महाराष्ट्र में 767 किसानों ने आत्महत्या कर ली।

क्या ये सिर्फ एक आंकड़ा है? नहीं। ये 767 उजड़े हुए घर हैं। 767 परिवार जो कभी नहीं संभल पाएंगे। और सरकार? चुप है। बेरुखी से देख रही है। किसान हर दिन कर्ज में और गहराई तक डूब रहा है – बीज महंगे हैं, खाद महंगी है, डीजल महंगा है। लेकिन एमएसपी की कोई गारंटी नहीं।

जब वो कर्ज माफी की मांग करते हैं, तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन जिनके पास करोड़ों हैं. उनके लोन मोदी सरकार आराम से माफ कर देती है। सिस्टम किसानों को मार रहा है – चुपचाप।”

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भारत की वैश्विक पहचान: घाना में पीएम मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान

अब तक 24 देशों ने किया सम्मानित

नई दिल्ली  03 Jully (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती साख और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीतिक कुशलता ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इसका ताजा उदाहरण जुलाई में घाना की राजधानी अक्रा में देखने को मिला, जहां पीएम मोदी को घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से नवाजा गया।

यह सम्मान विदेशी नेताओं को बहुत कम दिया जाता है और यह भारत-घाना के मजबूत रिश्तों का प्रतीक है।

30 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना यात्रा ने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को और गहरा किया।

घाना की संसद को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत और घाना का रिश्ता सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास और साझा मूल्यों की नींव पर टिका है। यह सम्मान भारत की जनता के लिए गर्व का क्षण है।”

उन्होंने भारत-अफ्रीका सहयोग, सांस्कृतिक जुड़ाव और विकास की साझा यात्रा पर जोर दिया।

पीएम मोदी को अब तक 24 देशों से सर्वोच्च सम्मान मिल चुके हैं, जो किसी भी भारतीय नेता के लिए रिकॉर्ड है।

इनमें रूस का ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रू’, यूएई का ‘जायद मेडल’, फ्रांस का ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’, मालदीव का ‘रूल ऑफ इज्जुद्दीन’ और नाइजीरिया, साइप्रस, फिजी जैसे देशों के प्रतिष्ठित पुरस्कार शामिल हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने भी उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘चैंपियन ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार से सम्मानित किया था। ये सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव का परिचायक हैं।

पीएम मोदी की अगुवाई में भारत ने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को अपनाते हुए वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत किया है। उनकी विदेश यात्राएं नए व्यापारिक अवसर, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बनी हैं।

घाना का यह सम्मान भारत के वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित करता है। पीएम मोदी ने न केवल भारत को एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, बल्कि वे विकासशील देशों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

उनकी कूटनीति ने भारत को वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद और प्रभावशाली साझेदार बनाया है। यह सम्मान भारत के उभरते कद और विश्वास की गवाही है, जो आने वाले समय में और सशक्त होगा।

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सीएम ममता बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था से कर रही हैं खिलवाड़ : अमित मालवीय

कोलकाता ,02 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। एक बार फिर बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा ने ममता सरकार पर हमला किया है। भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी के केंद्रीय प्रभारी अमित मालवीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ ‘खिलवाड़’ करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने दावा किया कि राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ में भारी भ्रष्टाचार और सरकारी अस्पतालों से निजी क्लीनिकों तक मरीजों को भेजने के ‘रेफरल रैकेट’ के कारण आम लोग पीडि़त हो रहे हैं। मालवीय ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जारी एक बयान में उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी इलाके की एक घटना का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि वहां एक मरीज को पानीहाटी स्टेट जनरल अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने इलाज करने की बजाय अपने निजी क्लीनिक में आने को कहा।

आरोप है कि डॉक्टर ने उस मरीज का गलत तरीके से ‘एपेंडिक्स’ का ऑपरेशन कर दिया, जबकि वह केवल हर्निया ऑपरेशन के लिए गया था, ताकि स्वास्थ्य साथी योजना के तहत फर्जी बिल बनाकर पैसे वसूले जा सकें। मालवीय ने कहा, एक व्यक्ति सामान्य हर्निया ऑपरेशन के लिए पानीहाटी राज्य अस्पताल गया था, लेकिन सरकारी डॉक्टर बिश्वजीत दास ने उसे अपने निजी क्लीनिक में आने को कहा। पैसे वसूलने के लिए झूठा एपेंडिसाइटिस का निदान कर दिया गया और गलत ऑपरेशन कर दिया गया!

उन्होंने आगे कहा कि यह कोई एकल मामला नहीं है, बल्कि बंगाल की स्वास्थ्य व्यवस्था की एक कड़वी सच्चाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ मरीजों को जानबूझकर रेफर किया जा रहा है जिससे उनकी जान खतरे में पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ ‘स्वास्थ्य साथी’ कार्ड असली बीमारियों को कवर नहीं करता और बेईमान डॉक्टर इसी का फायदा उठाकर मासूम जानों से खेल रहे हैं।

मालवीय ने सवाल उठाया, और कितनी जानें बर्बाद होंगी, तब जाकर इस व्यवस्था की जवाबदेही तय होगी? गौरतलब है कि ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना लंबे समय से विवादों में रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर यह आरोप भी लगता रहा है कि उन्होंने केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को जानबूझकर बंगाल में लागू नहीं होने दिया, ताकि अपनी योजना को प्राथमिकता दी जा सके।

बीते महीने कोलकाता के सिंथी इलाके में स्थित ‘सरजू नर्सिंग होम’ को लेकर भी विवाद हुआ था, जहां एक मरीज को ‘स्वास्थ्य साथी’ कार्ड होने के बावजूद मुफ्त इलाज देने से इनकार कर दिया गया था। खास बात यह है कि यह नर्सिंग होम हुगली जिले के श्रीरामपुर से तृणमूल कांग्रेस विधायक डॉ. सुदीप्तो रॉय का है।

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2000 करोड़ की संपत्ति हड़पने की साजिश, नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया-राहुल पर ईडी का आरोप

नई दिल्ली ,02 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की एक विशेष अदालत में आज (बुधवार) को नेशनल हेराल्ड मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कांग्रेस की धोखाधड़ी के आरोपों की परतें खोल दीं। ईडी ने बताया कि यंग इंडिया नाम की नई कंपनी को बस इसलिए बनाया गया ताकि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की करोड़ों की संपत्ति को बस चंद पैसों में हथिया लिया जाए।

प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वी राजू ने दावा किया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने ही 2000 करोड़ की संपत्ति हड़पने की साजिश रची थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्ति को हड़पना चाहती थी, जिसकी कीमत करीब 2,000 करोड़ रुपये थी।

इसके बाद एएसजी ने कहा कि यह साजिश सोनिया और राहुल गांधी द्वारा रची गई थी। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बेटे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई सीबीआई के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने कर रहे हैं। बता दें कि ्रछ्वरु नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित करता था, जिसकी स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी।

राजू ने सुनवाई के दौरान कहा कि यंग इंडियन बनाने की साजिश रची गई थी, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के 76त्न शेयर थे, ताकि कांग्रेस से लिए गए 90 करोड़ रुपये के कर्ज के लिए 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति हड़पी जा सके। ईडी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर एजेएल को विज्ञापन के पैसे भी दिए गए थे और इस फर्जी कंपनी से जो भी आय हुई, वह अपराध की कमाई थी।

21 मई को पिछली सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कथित नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े 142 करोड़ रुपये के अपराध की आय अर्जित की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (क्करूरु्र) के तहत दायर अभियोजन शिकायत में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य 78 वर्षीय सोनिया गांधी को आरोपी नंबर वन और उनके बेटे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को आरोपी नंबर दो के रूप में नामित किया है।

इसके अलावा पांच अन्य को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। नेशनल हेराल्ड-एजेएल-यंग इंडियन मामला यंग इंडियन के ‘लाभकारी मालिकों’ और अधिकांश शेयर धारकों (सोनिया और राहुल) द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति अवैध रूप से हासिल करने के लिए रची गई कथित साजिश से जुड़ा हुआ है। एजेएल ‘नेशनल हेराल्ड’ समाचार मंच (खबर और वेब पोर्टल) का प्रकाशक है और इसका मलिकाना हक यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है।

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