पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून को लेकर हिंसा: मुर्शिदाबाद में 3 की मौत

इंटरनेट बंद

कोलकाता ,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के कम से कम 3 जिलों में वक्फ कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। सबसे ज्यादा खराब हालात मुर्शिदाबाद में है। इसके अलावा उत्तर 24 परगना, हुगली और मालदा में भी हिंसक प्रदर्शन हुए हैं।

राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और पुलिस ने 138 लोगों को गिरफ्तार किया है।

वहीं, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

केंद्र सरकार ने हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय बलों के 1,600 जवान तैनात किए हैं। हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में करीब 300 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवानों के अलावा 5 और कंपनियां तैनात की गई हैं।

हिंसाग्रस्त इलाकों में इंटरनेट बंद है और लोगों के जुटने पर भी पाबंदी है।

बीती रात राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार भी मुर्शिदाबाद पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने हिंसा प्रभावित शमशेरगंज में रूट मार्च भी किया।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति आने पर अदालत अपनी आंखें बंद नहीं रख सकती।

कोर्ट ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी।
ये आदेश पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

बीते दिन मुर्शिदाबाद के धुलियान में रहने वाले पिता-पुत्र की भीड़ ने हत्या कर दी। इनकी पहचान हरगोविंद दास और चंदन दास के तौर पर हुई है।

वहीं, तीसरा मृतक 17 साल का एजाज अहमद शेख है, जिसे शुक्रवार को सुती में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगी थी। शनिवार को उसे मृत घोषित कर दिया गया।

धुलियान में आज फिर गोली चलने की खबर है, जिसमें 2 बच्चे घायल हो गए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति की अपील की है।

उन्होंने लिखा, सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत और संयमित रहें। हर जान कीमती है, राजनीति के लिए दंगे मत भड़काओ। हमने यह कानून नहीं बनाया है, जिससे लोग नाराज हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए जो जवाब आप चाहते हैं, वह केंद्र से मांगा जाना चाहिए। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते हैं।

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दलित युवक की हत्या पर भड़कीं मायावती, बोलीं- सरकार कानून का राज करे कायम

लखनऊ ,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करछना क्षेत्र में दलित युवक की हुई हत्या पर दुख जताया है, जिसे जिंदा जला दिया गया।

साथ ही उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान करने की घनाओं को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंन इन दोनों मामलों में सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मायावती ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक के बाद एक दो ट्वीट कर प्रदेश में बढ़ते अपराध और सामाजिक तनाव को लेकर चिंता जाहिर की।

उन्होंने पोस्ट किया, यूपी के प्रयागराज के करछना में सामंती तत्वों द्वारा एक दलित की की गई नृशंस हत्या की घटना अति-दुखद व चिंतनीय। प्रदेश में बेलगाम हो रहे ऐसे आपराधिक, असमाजिक व सामंती तत्वों के खिलाफ सरकार जरूर सख्त कार्रवाई करके कानून के राज को कायम करे।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, साथ ही, संविधान निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अनादर की घटनाओं को भी सरकार पूरी गंभीरता से लेकर समाज में तनाव एवं हिंसा पैदा करने वाले ऐसे गुनहगारों के विरुद्ध सरकार सख्त कार्रवाई करे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रूक सके।

बता दें कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं उत्तर प्रदेश के कई जिलों से सामने आती रही हैं। इसे लेकर दलित समाज में आक्रोश है। बाबा साहेब अंबेडकर संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि दलितों और पिछड़ों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया है।

वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती, दलित समाज की सबसे प्रबल राजनीतिक आवाज मानी जाती हैं, ऐसे में वे इन मामलों को बेहद गंभीरता से उठाती रही हैं। मायावती ने हमेशा मांग की है कि सरकार जातिगत हिंसा और सामाजिक भेदभाव की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाए।

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श्रीमद् भागवत कथा एवं छात्र सम्मान समारोह में 3000 मेधावी छात्र एवं छात्राओं को किया गया सम्मानित

13.04.2025 – दुबई पिंकलाइन ग्रुप,(दुबई) के संचालक बिज़नेसमेन नरपत राम सुथार द्वारा ब्रह्मलीन साध्वी रामजोत बाईसा की चतुर्थ बरसी के उपलक्ष पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा एवं छात्र सम्मान समारोह में 3000 मेधावी छात्र एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया।

संत चेतन राम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस सात दिवसीय समारोह में मुंबई व अन्य निकटवर्ती इलाकों में संचालित सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र छात्राओं को जिन्होंने आठवीं, दसवीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80% या अधिक अंक प्राप्त किए हैं.

ऐसे लगभग 3000 मेधावी छात्रों छात्राओं को झलोड़ा हेमावास जैसलमेर (राजस्थान) के मूल निवासी श्री अमरा राम जी कुलरिया के पुत्र समाजसेवी नरपत राम सुथार ने सम्मानित किया। समाजसेवी व चर्चित बिज़नेसमेन नरपत राम सुथार समय समय पर समाज के लिए सेवा योगदान करते रहते है, नरपत राम सुथार अध्यात्म और धर्म से जुड़े रहते है वो संतो के माध्यम कथा के माध्यम से भी समाज में सेवा में लगे रहते हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी ने सामाजिक परंपराओं और विविधता में एकता के प्रतीक बैसाखी की दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली 13 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशवासियों को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। नेताओं ने इसे एकता, समृद्धि और नई शुरुआत का पर्व बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने एक्स हैंडल पर किए पोस्ट में लिखा- वैशाखी, विषु, बोहाग बिहू, पोयला बोइशाख, मेषादी, वैशाखादि और पुतादुं पिरापु के शुभ अवसर पर मैं भारत और अन्य देशों में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में इन त्योहारों को सांस्कृतिक एकता और खुशी का प्रतीक बताया। लिखा- देश के विभिन्न भागों में फसल कटाई के समय मनाए जाने वाले ये पर्व हमारी सामाजिक परम्पराओं और विविधता में एकता के प्रतीक हैं।

इन त्योहारों के द्वारा हम अन्नदाताओं के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करते हैं । ये पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण और भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रसार का भी संदेश देते हैं। मैं कामना करती हूं कि ऊर्जा और उल्लास से भरपूर ये त्योहार हमें अपने राष्ट्र के विकास में दृढ संकल्प के साथ योगदान देने के लिए प्रेरित करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “सभी को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं! यह त्यौहार आपके जीवन में नई आशा, खुशियां और समृद्धि लेकर आए। हम हमेशा एकजुटता, कृतज्ञता और नवीनीकरण की भावना का जश्न मनाएं।

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संदेश में बैसाखी, बोहाग बिहू, पुथांडु, पोइला बैसाख, बिजू और महा बिशुबा पाना संक्रांति के अवसर पर सभी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि ये त्योहार नए साल की शुरुआत का प्रतीक हैं और इनमें उम्मीद, नई शुरुआत और समृद्धि का वादा छिपा है। खड़गे ने यह भी बताया कि कुछ त्योहार आज मनाए जा रहे हैं, जबकि कुछ कल धूमधाम से मनाए जाएंगे। उन्होंने कामना की कि ये पर्व देश में खुशी, समृद्धि और आपसी भाईचारे को और मजबूत करेंगे।

ये सभी त्योहार देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाए जाते हैं। बैसाखी जहां पंजाब में सिख समुदाय का प्रमुख पर्व है, वहीं बोहाग बिहू असम में, पुथांडु तमिलनाडु में और पोइला बैसाख पश्चिम बंगाल में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। विषु केरल में और मेषादी कर्नाटक में धूमधाम से मनाया जाता है। इन त्योहारों में लोग नए कपड़े पहनते हैं, स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ उत्सव मनाते हैं।

देश भर में इन त्योहारों का उत्साह देखते ही बनता है। लोग मंदिरों, गुरुद्वारों और घरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बाजारों में रौनक है और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर खुशियां बांट रहे हैं।

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उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में गलंतिका अभिषेक शुरू

भगवान को मिलेगी शीतल जलधारा

उज्जैन 13 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख और ज्येष्ठ माह के दौरान भगवान महाकालेश्वर पर विशेष अभिषेक की परंपरा शुरू हो गई है। 13 अप्रैल (वैशाख कृष्ण प्रतिपदा) से 11 जून 2025 (ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा) तक भगवान पर 11 मिट्टी के कलशों से सतत शीतल जलधारा प्रवाहित की जाएगी। इसके लिए मंदिर में गलंतिका बांधी गई है, जो गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करेगी।

श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार, हर साल वैशाख और ज्येष्ठ माह में यह विशेष व्यवस्था की जाती है। इन दो महीनों में ग्रीष्म ऋतु के कारण तापमान बहुत अधिक रहता है। ऐसे में भगवान महाकालेश्वर को ठंडक देने के लिए मिट्टी के 11 कलशों से जलधारा प्रवाहित की जाती है। इन कलशों पर प्रतीकात्मक रूप से पवित्र नदियों के नाम अंकित हैं, जैसे गंगा, सिंधु, सरस्वती, यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी, सरयू, क्षिप्रा, गंडकी और अलकनंदा। ये कलश रोजाना सुबह भस्मारती के बाद से शाम की संध्या पूजा तक जलधारा प्रवाहित करते हैं।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह जलधारा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवाहित होगी। इस दौरान सामान्य अभिषेक के लिए उपयोग होने वाले रजत कलश के साथ-साथ मिट्टी के ये विशेष कलश भी लगाए जाएंगे। गलंतिका की यह व्यवस्था भगवान को गर्मी से राहत देने और भक्तों की आस्था को और गहरा करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वैशाख और ज्येष्ठ माह में उज्जैन में भीषण गर्मी पड़ती है। इस दौरान भक्तों की संख्या भी मंदिर में बढ़ जाती है। गलंतिका से जलधारा का प्रवाह न केवल भगवान को शीतलता देता है, बल्कि मंदिर के वातावरण को भी सुकून भरा बनाता है। भक्तों का मानना है कि इस विशेष अभिषेक के दर्शन से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां की परंपराएं अनूठी हैं। गलंतिका बांधने की यह प्रथा भी मंदिर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का हिस्सा है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु इस दौरान भस्मारती और अन्य पूजाओं में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर दर्शन के लिए आएं और परंपराओं का सम्मान करें।

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राजीव प्रताप रुडी ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। । सारण सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  राजीव प्रताप रुडी ने भारत सरकार के रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की।

राजीव प्रताप रुडी ने इस अवसर पर बाबू वीर कुँवर सिंह विजयोत्सव समारोह के अंतर्गत पटना में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन की अनुमति प्रदान करने के लिए रक्षा मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। इस अवसर को चिह्नित करते हुए उन्होंने बाबू वीर कुँवर सिंह और सूर्यकिरण टीम की एक सुंदर साझा तस्वीर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भेंट की।

राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि सूर्यकिरण टीम, भारतीय वायुसेना की “राजदूत” टीम के रूप में जानी जाती है और यह हॉक डा-132 विमानों के माध्यम से अत्यंत करीबी दूरी पर उड़ते हुए कलात्मक और प्रेरणादायक प्रदर्शन प्रस्तुत करती है। इनके लूप, बैरल रोल, उल्टा उड़ान और डीएनए फॉर्मेशन जैसे करतब युवाओं में देशभक्ति की भावना भरने वाले हैं। उन्होंने इसे बाबू वीर कुँवर सिंह की वीरता को आधुनिक युग से जोड़ने वाला ऐतिहासिक क्षण बताया।

मालूम हो कि टीम के विमानों में हाल ही में स्वदेशी तकनीक से बने स्मोक पॉड्स जोड़े गए हैं, जो आकाश में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएँ से तिरंगे की भव्य छवि बनाते हैं। यह न केवल दृश्य सौंदर्य का अद्भुत अनुभव कराएगा, बल्कि भारतीय तकनीकी नवाचार की भी मिसाल होगा।

राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि देश की नई पीढ़ी को अपनी सैन्य परंपरा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

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गुरु काशी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आइडियाथॉन 2025 में ग्लोबल टॉप 10 में बनाई जगह

नई दिल्ली/ बठिंडा, 12 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय शैक्षणिक जगत के लिए गर्व का क्षण है कि गुरु काशी यूनिवर्सिटी (जीकेयू) की एक छात्र-शिक्षक टीम ने अमेरिका की फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित आइडियाथॉन 2025 में दुनिया की टॉप 10 टीमों में अपनी जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता हर साल दुनिया भर के युवाओं को एक साथ लाकर आज की बड़ी चुनौतियों के लिए नए और बेहतर समाधान खोजने का मौका देती है।

जीकेयू की टीम—डॉ. मनीता पनेरी, डॉ. विकास गुप्ता, सुरज कुमार और श्री राजेंद्र कुमार—ने हेल्थ टेक और वेल-बीइंग कैटेगरी में हिस्सा लिया, जहाँ उनके प्रोजेक्ट को इसकी प्रैक्टिकल  इनोवेशन और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए चुना गया। टीम ने ऐसा समाधान तैयार किया है जो विशेष रूप से वंचित समुदायों के लिए डिज़ाइन की गई डिजिटल हेल्थकेयर तकनीकों के ज़रिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री एस. गुरलाभ सिंह सिद्धू ने टीम को बधाई देते हुए कहा, “ये हमारी यूनिवर्सिटी के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हमारे छात्र और फैकल्टी अब न सिर्फ देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। वाइस चांसलर डॉ. रमेश्वर सिंह ने भी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, “इस सफलता ने साबित कर दिया है कि हम जो सीखते हैं, वो अगर समाज के काम आए तो उसका असर कितना बड़ा हो सकता है।

हम चाहते हैं कि हमारे छात्र न सिर्फ पढ़ाई करें, बल्कि दुनिया को बेहतर बनाने में भी योगदान दें। आइडियाथॉन अपनी कठोर चयन प्रक्रिया और विविध प्रतिभागियों के लिए जाना जाता है, जिसमें विश्वभर की प्रतिष्ठित संस्थाओं की टीमें भाग लेती हैं। इस साल का थीम था—हेल्थ, सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल वेल-बीइंग को नए नजरिए से देखना।

टीम की सदस्य डॉ. मनीता पनेरी ने कहा कि “हमारे लिए ये सिर्फ एक पुरस्कार नहीं है—ये एक संदेश है कि हेल्थकेयर में बदलाव लाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें या भारी इंफ्रास्ट्रक्चर ज़रूरी नहीं, एक नई सोच और सही टीम ही काफी है। डॉ. विकास गुप्ता ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “एक क्लासरूम में शुरू हुई बातचीत अब दुनिया के टॉप आइडियाज में गिनी जा रही है—इससे बड़ा मोटिवेशन और क्या हो सकता है?”

जीकेयू के लिए यह केवल एक जीत नहीं है, बल्कि एक प्रेरणा है कि जब छात्र और शिक्षक एक समान उद्देश्य के साथ मिलकर काम करते हैं, तो असाधारण परिणाम सामने आ सकते हैं। यह विश्वविद्यालय की बढ़ती हुई प्राथमिकता को भी दर्शाता है जो अनुप्रयुक्त अनुसंधान, सामाजिक नवाचार और कक्षा से परे व्यावहारिक शिक्षण पर केंद्रित है।

विश्वविद्यालय ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए टीम को पूरा समर्थन देने की घोषणा की है और यूनिवर्सिटी का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले और भी छात्रों को न केवल बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें ऐसे आइडियाज पर काम करने का हौसला भी देगी, जो असल दुनिया में बदलाव ला सकें।

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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक. इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल

नई दिल्ली ,12 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिमालय की ऊंचाइयों में जहां बादल धरती से मिलते हैं और घाटियां रहस्य बुनती हैं। वहीं भारतीय रेल का सपना हकीकत बना है। यह सपना है उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का जो अब पूरे यथार्थ के साथ साकार हो गया है। इस परियोजना की असली शान इसकी सुरंगें हैं। जो सिर्फ पथ नहीं बनातीं बल्कि पहाड़ों के साथ भविष्य की दिशा तय करती हैं। 272 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग में करीब 119 किलोमीटर का सफर सुरंगों से होकर गुजरता है। इनमें 36 प्रमुख सुरंगें हैं जिनमें कुछ इतनी लंबी और जटिल हैं कि वे इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल बन चुकी हैं। यह कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाली देश की सबसे लंबी परिवहन सुरंग है। इसे न्यू टनलिंग मेथड से बनाया गया। जिसमें क्वार्ट्जाइट, ग्नीश और फिल्लाइट जैसी कठिन चट्टानों को पार किया गया। इसमें मुख्य सुरंग के साथ-साथ समानांतर बचाव सुरंग भी है। जिसे हर 375 मीटर पर क्रॉस-पैसेज से जोड़ा गया है। इसकी खुदाई को अस्थिर चट्टानें, तेज़ पानी का रिसाव, शीयर ज़ोन, और ज्वालामुखीय स्तर की जॉइंटेड रॉक ने अत्यंत जोखिम भरा बनाया था।  इन कठिनाइयों से निपटने के लिए परियोजना टीम ने तीन ऐडिट बनाए, जिससे खुदाई के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ काम हो सके और काम की गति बढ़ सके। इस सुरंग के निर्माण ने एक इंजीनियरिंग चमत्कार को जन्म दिया। पीर पंजाल के नीचे बनी यह सुरंग जम्मू और कश्मीर के बीच सालभर संपर्क बनाए रखती है। यह हिमपात और ऊंचाई की बाधाओं को पार कर यातायात और व्यापार को गति देती है। इसे USBRL की ‘मेरुदंड’ कहा जा सकता है। यह एक जुड़वां सुरंग है जिसमें ट्रेन संचालन और आपातकालीन निकासी के लिए दो अलग-अलग टनल हैं। इसे सिरबन डोलोमाइट चट्टानों में बनाया गया। यह सुरंग भारत के पहले केबल-स्टे ब्रिज से जुड़ती है और इसमें हर 375 मीटर पर क्रॉस-पैसेज बनाए गए हैं।  मेन बाउंड्री थ्रस्ट जैसे जटिल भूगर्भीय क्षेत्र से गुजरने के कारण यह सुरंग चुनौतीपूर्ण रही। भारी जल रिसाव और ढहती चट्टानों के चलते ‘आई-सिस्टम टनलिंग’ अपनाया गया। यह सुरंग इंजीनियरिंग कौशल और धैर्य की मिसाल है। यह इस खंड की सबसे लंबी सुरंग है और इसमें बैलेस्ट-लेस ट्रैक बिछाया गया है। वर्ष 2008 में इसमें भारी दवाब और उभार की समस्या आई। जिसके बाद सुरंग के लगभग 1.8 किमी हिस्से को फिर से डिज़ाइन कर रूट बदला गया। सुरंग में मेन बाउंड्री थ्रस्ट क्षेत्र के कारण यहां कीचड़ और पानी की समस्या थी। ‘आई-सिस्टम टनलिंग’ की मदद से इसे सफलतापूर्वक पार किया गया। जिसमें गहरे ड्रेनेज पाइप, छतरीनुमा पाइप रूफिंग और केमिकल ग्राउटिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया। 2006 में खुदाई के दौरान भूमिगत जलधारा मिली, जिससे 500–2000 लीटर प्रति सेकंड पानी बहने लगा। इस जल संकट को नियंत्रित करने में छह वर्ष लगे। यह सुरंग झज्जर नदी पर बने ब्रिज 186 से जुड़ती है। यूएसबीआरएल की सुरंगें हिमालय के सीने में बसी वे धमनियां हैं, जो कश्मीर को देश के दिल से जोड़ रही हैं। हर सुरंग एक कहानी है- संघर्ष की, नवाचार की और जीत की। ये पत्थरों को तोड़ने वाली मशीनों की गूंज के साथ एक नए युग की आहट हैं। हिमालय की ये सुरंगें यात्रियों की मंजिल भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक हैं।

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मुर्शिदाबाद में हो केंद्रीय बलों की तैनाती’, हिंसा के बाद कलकत्ता HC का बड़ा फैसला

कोलकाता 12 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश जारी कर दिया है।

हालांकि, राज्य सरकार ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा था कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। जानकारी के अनुसार, बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अगले दो घंटे में मुर्शिदाबाद पहुंचेंगे।

मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आज हिंसा और भड़क गई, जिसमें दो और लोगों की जान चली गई। पुलिस के मुताबिक, उन्मादी भीड़ ने एक पिता और पुत्र की निर्मम हत्या कर दी।

हिंसा से प्रभावित शमशेरगंज इलाके के जाफराबाद में भीड़ ने घर में घुसकर पिता-पुत्र पर कई बार चाकुओं से हमला किया। दोनों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर में लूटपाट की और फिर पिता-पुत्र को बेरहमी से चाकू मारकर घायल कर दिया।

समाचार एजेंसी के अनुसार, शनिवार सुबह शमशेरगंज ब्लॉक के ही धूलियान इलाके में एक अन्य व्यक्ति को गोली लगी थी। गौरतलब है कि शुक्रवार को वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद के सूती और शमशेरगंज क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और दोषियों की तलाश जारी है। इस बीच, इलाके में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।

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वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में 3 की मौत, 110 गिरफ्तार

केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग पर HC पहुंची BJP

कोलकाता 12 April,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पश्चिम बंगाल के कई जिलों में वक्फ कानून के विरोध में शुक्रवार को उग्र प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें सबसे ज्यादा हिंसा मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में हुई। इस हिंसा में तीन लोगों की जान चली गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज इलाके में एक घर से पिता और पुत्र के रक्तरंजित शव बरामद हुए हैं। उनके शरीरों पर कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। वहीं, सूती नामक स्थान पर एक किशोर की गोली लगने से मौत हो गई है।

मुर्शिदाबाद में हुई इस हिंसक घटना के संबंध में पुलिस ने शनिवार को 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हुए उपद्रव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक वैन सहित कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी भी की गई और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। इस हिंसा में 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई अन्य लोग भी जख्मी बताए जा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद के हालातों को बेकाबू बताते हुए चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्थिति अत्यंत गंभीर है और राज्य प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गई है। अधिकारी ने हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिस पर आज शाम दो न्यायाधीशों की विशेष बेंच सुनवाई करेगी।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार के उकसावे में न आने की सलाह दी है।

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वक्फ बिल पर संसद में नेता प्रतिपक्ष की चुप्पी से मुस्लिम समाज में आक्रोश: मायावती

लखनऊ,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने वक्फ कानून को लेकर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के दौरान वक्फ बिल पर जिस तरह चुप्पी नेता प्रतिपक्ष ने साध रखी थी, इसे लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश है।

बसपा मुखिया मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में हुई लंबी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा कुछ नहीं बोलना, अर्थात सीएए की तरह संविधान उल्लंघन का मामला होने के विपक्ष के आरोप के बावजूद इनका चुप्पी साधे रहना क्या उचित है? इसे लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश और इनके इंडी गठबंधन में भी बेचैनी स्वाभाविक है।

उन्होंने आगे कहा कि वैसे भी देश में बहुजनों के हित, कल्याण एवं सरकारी नौकरी व शिक्षा आदि में इन वर्गों के आरक्षण के अधिकार को निष्प्रभावी व निष्क्रिय बनाकर उन्हें वंचित बनाए रखने के मामले में कांग्रेस, भाजपा आदि ये पार्टियां बराबर की दोषी हैं। धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी इनके छलावे से बचना जरूरी है।

मायावती ने कहा कि इनके ऐसे रवैयों के कारण उत्तर प्रदेश में भी बहुजनों की स्थिति हर मामले में काफी बदहाल व त्रस्त है जबकि भाजपाइयों को कानून हाथ में लेने की छूट है। साथ ही, बिजली व अन्य सरकारी विभागों में बढ़ते हुए निजीकरण से हालात चिंतनीय हैं। सरकार जनकल्याण का संवैधानिक दायित्व सही से निभाए।

ज्ञात हो कि वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 कानून बन गया है। संसद के दोनों सदनों से पारित विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। वहीं, नए कानून को कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (आप) ने अलग-अलग याचिकाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। यूपी में प्रदर्शन को लेकर पुलिस काफी अलर्ट है। धर्मगुरु भी अपील कर रहे हैं कि उग्र प्रदर्शन न करें। कुछ विपक्षी दल भी प्रदर्शन में सहयोग की बात कर रहे हैं।

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पी चिदंबरम ने की मोदी सरकार की तारीफ, तहव्वुर राणा की भारत वापसी को सराहा

नईदिल्ली,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड 16 साल बाद भारत आ गया है. आतंकी तहव्वुर राणा के सफल प्रत्यर्पण के लिए पूर्व गृह मंत्री ने मोदी सरकार की प्रशंसा की है.

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में इस प्रक्रिया में तेजी आई थी. 2008 में जब मुंबई में आतंकी हमला हुआ था, तब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम भारत के गृह मंत्री थे.

तत्कालीन गृहमंत्री ने कहा कि उस वक्त के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और विदेश सचिव रंजन मथाई ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के लिए अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि इसकी प्रक्रिया साल 2009 में शुरू हो गई थी.

इसके बाद 2011 में प्रक्रिया में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी खूफिया एजेंसियों ने राणा की पहचान की. चिदंबरम ने कहा कि मैं भारत के विदेश मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों और एनआईए को बधाई देता हूं कि वे लंबी लड़ाई के बाद राणा को भारत लाने में सफल हुए.

उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि वर्तमान की मोदी सरकार के साथ-साथ कई मंत्रियों और अधिकारियों की अहम भूमिका के कारण ही राणा भारत आ सका है. मैं भारत सरकार को बधाई देता हूं. चिदंबरम ने अमेरिका की सरकार को भी धन्यवाद दिया है.

बता दें, दो दिन पहले यानी गुरुवार को एनआईए और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम तहव्वुर राणा को लेकर भारत पहुंची थी. दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग हुई थी. एयरपोर्ट पर ही राणा का मेडिकल करावाया गया. इसके बाद एनआईए ने उसे दिल्ली की अदालत में पेश किया. एनआईए ने राणा की 20 दिनों की रिमांड मांगी. हालांकि, अदालत ने राणा को 18 दिनों के लिए एनआईए को सौंप दिया.

अब एनआईए राणा से पूछताछ करेगी. एनआईए को शक है कि देश के अन्य शहरों में भी आतंक फैलाने के लिए ऐसी साजिश रची गई थी. एनआईए राणा को हमले से जुड़ी जगहों पर लेकर जा सकती है. कहा जा सकता है कि एनआईए ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की जांच फिर से शुरू कर दी है. एनआईए हर एक पहलू की जांच करेगी. एनआईए राणा के साथियों, उसके ठिकानों के बारे में भी जांच करेगी.

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नागपुर में एल्युमीनियम फॉयल फैक्ट्री में ब्लास्ट

पांच लोगों की मौत

नागपुर,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के नागपुर में एल्युमीनियम फॉयल और पाउडर बनाने वाली एक कंपनी में जबरदस्त विस्फोट हुआ. उमरेड की एमआईडीसी की एक कंपनी में विस्फोट के बाद आग लग गई. इस घटना में पांच लोगों की मौत हो गयी. कई कर्मचारी घायल हैं. उनका इलाज चल रहा है. शुक्रवार शाम की घटना बतायी जा रही है.

इस घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गयी. विस्फोट के बाद इलाके में दहशत का माहौल था. लोगों को पहले समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या हुआ. विस्फोट में कई कर्मचारी घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि इनमें से पांच लोगों की मौत हो गई. कंपनी में एल्युमिनियम पाउडर होने के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतें आईं.

आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची. विस्फोट की सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची. घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. उमरेड पुलिस इंस्पेक्टर धनजी जलाक ने बताया कि सारा पाउडर जलने के बाद आग पर काबू पाया जा सका.

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दिल्ली में 6 लेन फ्लाईओवर के निर्माण को मंजूरी

लोगों को जाम से मिलेगी मुक्ति

नई दिल्ली,12 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सिविल लाइंस ट्रॉमा सेंटर और डीआरडीओ के पास, मेटकॉफ हाउस टी-जंक्शन पर 183 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन फ्लाईओवर के निर्माण की परियोजना को मंज़ूरी दी है.

यह परियोजना लंबे समय से जारी ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने और आउटर रिंग रोड कॉरिडोर पर यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है.

यह फ्लाईओवर सिविल लाइंस और आसपास के इलाकों के निवासियों के लिए आवागमन को आसान बनाएगा, साथ ही हिमाचल प्रदेश, पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों की ओर जाने वाले इंटर-स्टेट ट्रैफिक को भी सुचारु बनाएगा.

परियोजना के पूर्ण होने पर यह हजारों दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी और सड़क सुरक्षा तथा स्मूथ ट्रैफिक में सुधार करेगी.

दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि, ‘यह फ्लाईओवर दिल्ली में एक आधुनिक, कुशल और यात्री-अनुकूल सड़क नेटवर्क के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है.

दिल्ली में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे’ और ‘जन-जीवन को सरल बनाने’ के विजन के अनुरूप यह परियोजना उत्तर दिल्ली के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक को डीकंजेस्ट करेगी. इसका उद्देश्य है यात्रा का समय कम करना, प्रमुख सड़कों पर दबाव घटाना और पूरे दिल्ली में यातायात की गतिशीलता को बेहतर बनाना है.

दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर सलीमगढ़ किले से सिग्नेचर ब्रिज तक लगातार ट्रैफिक जाम की समस्या देखी जा रही है. स्थानीय निवासियों, मार्केट एसोसिएशन और अन्य हितधारकों द्वारा यह मुद्दा बार-बार उठाया था.

इसके बाद पीडब्ल्यूडी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की तरफ से संयुक्त निरीक्षण किया था. पीडब्ल्यूडी मंत्री के निर्देश पर इस मामले को प्राथमिकता दी गई और गत 25 मार्च को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल कार्रवाई पर सहमति बनी थी.

पीडब्ल्यूडी को इस परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है. साथ ही निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से वैकल्पिक यातायात मार्ग और जनता को समय-समय पर सूचना देने की व्यवस्था की जा रही है.

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किश्तवाड़ एनकाउंटर में अब तक 3 आतंकी मारे गए

एम-4 और एके 47 रायफल बरामद

जम्मू,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में दहशतगर्दों के साथ सुरक्षाकर्मियों की मुठभेड़ में अब तक तीन टेरेरिस्ट मारे गए हैं. मारे गए ये तीनों आतंकी पाकिस्तानी हैं. इनमें से दो आज मारे गए, वहीं तीसरा पाक आतंकी मुठभेड़ में कल मारा गया था.

जानकारी के मुताबिक गुप्त सूचना मिलने के बाद किश्तवाड़ के चटरू इलाके में 9 अप्रैल से सुरक्षा बलों के ये अभियान चल रहा है. सुरक्षा बलों के इस अभियान में शुक्रवार को एक पाकिस्तानी दहशतगर्द मारा गया था. वहीं आज इन आतंकियों से हुई मुठभेड़ में दो टेरेरिस्ट ढेर हुए.

किश्तवाड़ के चटरू इलाके में हुई इस मुठभेड़ के बाद आतंकियों के पास से भारी मात्रा में युद्धक हथियार मिले हैं. इन हथियारों में एम 4 कार्बाइन और एके 47 रायफल शामिल है.

आर्मी का कहना ही कि भारतीय सेना का कॉंबिंग अभियान जारी है. इस आतंकी हमले में कल से आज तक तीन पाकिस्तानी आतंकवादी ढेर कर दिए गए हैं.

सेना का कहना है कि किश्तवाड़ का दुर्गम क्षेत्र और खराब मौसम के बावजूद जवानों का ऑपरेंशन चटरू जारी है. इस कड़ी में अब तक तीन पाकिस्तानी मिलिटेंट मारे गए हैं. इनमें से आज दो और कल एक दहशतगर्द मारा गया. इनके पास से भारी मात्रा में हथियार मिले हैं. वहीं सुरक्षाबलों का अभियान जारी है.

गौर करें तो 9 अप्रैल को इन आतंकियों के खिलाफ 9 अप्रैल को सेना ने ये कार्रवाई शुरू की थी. इसके लिए पैराशूट के जरिए पुलिस, आर्मी और पैरा मिलिट्री फोर्स को इस दुर्गम इलाके में उतारा गया था. चटरू इलाके से तीन आतंकियों को मौत के घाट उतारने के बाद सुरक्षा बलों का इलाके में अभियान जारा है.

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दिल्ली में आंधी बारिश ने मचाई आफत, 50 से अधिक उड़ानें लेट

एयरपोर्ट पर यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल

नई दिल्ली ,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। शुक्रवार शाम को दिल्ली एयरपोर्ट पर धूल भरी आंधी के कारण विमान परिचालन बाधित हुआ, जिससे शहर से आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह तक इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से संचालित होने वाली 50 से अधिक घरेलू उड़ानों में देरी हुई, करीब 25 उड़ानों का मार्ग परिवर्तित किया गया और सात को धूल भरी आंधी के कारण रद्द कर दिया गया.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों और एयरपोर्ट अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखी और यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, धूल भरी आंधी के बाद कई उड़ानों का मार्ग परिवर्तित किया गया और उन्हें रद्द कर दिया गया, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट पर अपनी उड़ानों का इंतजार कर रहे यात्रियों को असुविधा हुई.

परिवर्तित की गई उड़ान को दिल्ली पहुंचने में समय लगा और इससे एयरपोर्ट पर भीड़भाड़ हो गई.

एयरपोर्ट सूत्रों ने पुष्टि की कि विमानों की भीड़ के कारण बोर्डिंग गेट पर भारी भीड़ थी, हालांकि यात्रियों की संख्या किसी भी अन्य दिन की तुलना में कम थी.

एयरलाइंस ने कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की भीड़ के कारण उड़ानों में देरी हुई. कई यात्रियों ने बोर्डिंग गेट पर अव्यवस्था की शिकायत की और एयरलाइन कर्मचारियों को देरी के बारे में कुछ भी पता नहीं था.

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अंधड़-बारिश और ओलावृष्टि से हो जाएं सावधान

मौसम विभाग ने दी यह चेतावनी

नईदिल्ली ,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर भारत के कई राज्यों में अंधड़ और बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया है। तापमान में लगातार हो रहे इजाफे पर ब्रेक लगने से लोगों को थोड़ी राहत नसीब हुई है।

भारतीय मौसम विभाग ने आज दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में अंधड़, बिजली गिरने के साथ बारिश और कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

पिछले 2 दिनों से आंधी-बारिश के कारण बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा में तबाही मची हुई है। खराब मौसम के कारण बिहार में 80 लोगों की जान चली गई, जबकि उत्तर प्रदेश में 22 की मौत हो चुकी है।

इसी के साथ झारखंड़ में 4,हरियाणा और उत्तराखंड में 2-2 लोगों की मौत की जानकारी है।

बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उत्तराखंड के चमोली में भारी बारिश से नुकसान हुआ है।

आईएमडी के अनुसार, आज बिहार के 12 जिलों में तेज हवा चलने, मूसलाधार बारिश और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है।

साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटा की गति से हवा चल सकती है, वहीं कुछ जगह ओलावृष्टि होने के आसार हैं।
राजस्थान में भी अंधड़, बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना है।

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प. बंगाल: हिंसा के बीच शुभेंदु ने अनुच्छेद 355 लागू करने की मांग की

कोलकाता,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में कथित रूप से बड़े पैमाने पर हिंसा और अराजकता के बारे में चिंता जताई.

उन्होंने इसके लिए एक समूह के विरोध प्रदर्शन को जिम्मेदार ठहराया, जिसे उन्होंने संविधान और देश के कानून का विरोध करने वाला कट्टरपंथी कहा.

एक्स पर एक पोस्ट में अधिकारी ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. अनियंत्रित भीड़ की कार्रवाइयों के कारण सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, पश्चिम बंगाल में एक खास समूह के कट्टरपंथियों द्वारा विरोध प्रदर्शन के नाम पर बड़े पैमाने पर हिंसा, अराजकता और अराजकता देखी जा रही है. ये लोग जिन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे भारत के संविधान के खिलाफ हैं. देश के कानून का विरोध करेंगे, वे सड़कों पर उतर आए हैं.

सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को मनमाने ढंग से नुकसान पहुंचाया जा रहा है. आम लोगों की सुरक्षा से समझौता किया गया है, क्योंकि वे इन क्रूर कट्टरपंथियों की दया पर हैं. अधिकारी ने कहा कि राज्य प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुर्शिदाबाद में बीएसएफ की तैनाती की मांग की है.

उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह विभाग के सचिव से केंद्रीय गृह मंत्रालय से सहायता मांगने का आग्रह किया. उन्होंने मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, हुगली, मालदा और बीरभूम जिलों के कुछ हिस्सों में धारा 355 लागू करने का सुझाव दिया जिसमें कहा गया कि स्थिति हाथ से निकल रही है.

प्रशासन ने मुर्शिदाबाद जिले में उत्पात को नियंत्रित करने के लिए अनिच्छा से बीएसएफ कर्मियों की तैनाती की मांग की है.

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पूरे पूर्वांचल के युवाओं को यहां के विकास का लाभ मिलता है : पीएम मोदी

मैं काशी का हूं और काशी मेरी है

वाराणसी ,11 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। काशीवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने 3,900 करोड़ रुपए की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

उन्होंने मेहंदीगंज में आयोजित विशाल जनसभा में भोजपुरी में भी काशीवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने बार-बार काशी के प्रति अपने गहरे लगाव को दोहराया। उन्होंने कहा, काशी मेरी है और मैं काशी का हूं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में काशी के बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में काशी ने विकास की नई गति पकड़ी है। काशी अब केवल पुरातन नहीं, बल्कि प्रगतिशील भी है।

इसने आधुनिकता को अपनाया है, विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने काशी को पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे का केंद्र बताया और कहा, जौने काशी के स्वयं महादेव चलावेलन, आज उहे काशी पूर्वांचल के विकास के रथ के खींचत हौ।

उन्होंने काशी की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक बुनियादी ढांचे के सामंजस्य को भारत के विकास का एक अनूठा मॉडल करार दिया।
उन्होंने काशी और पूर्वांचल के लिए 3,900 करोड़ रुपए की 44 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इनमें कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, गांव-गांव तक नल से जल पहुंचाने की योजनाएं, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार एवं खेल के क्षेत्र में नई पहल शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं पूर्वांचल को विकसित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से लाभ मिलेगा।

इन परियोजनाओं में लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के विस्तार, भिखारीपुर और मंडुआडीह में फ्लाईओवर और बनारस-सारनाथ को जोडऩे वाले नए पुल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आयुष्मान वय वंदना कार्ड का भी वितरण किया। इस योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि आज बुजुर्गों के चेहरों पर संतोष का भाव मेरे लिए इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है। अब इलाज के लिए न जमीन बेचनी पड़ेगी, न कर्ज लेना पड़ेगा।

आपके इलाज का खर्च अब सरकार उठाएगी। काशी में अब तक 50 हजार आयुष्मान वय वंदना कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली है।

प्रधानमंत्री ने रमेश कुमार, अनिल कुमार और छिद्दु को जीआई पंजीकृत प्रमाणपत्र सौंपे। उन्होंने बताया कि वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के 30 से अधिक उत्पादों को जीआई टैग प्रदान किया गया है, जिनमें तबला, शहनाई, ठंडई, लाल भरुआ मिर्च, लाल पेड़ा और तिरंगा बर्फी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि जीआई टैग केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि हमारी मिट्टी की पहचान का पासपोर्ट है। ये काशी के हुनर को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाएगा। उन्होंने यूपी को जीआई टैगिंग में देश में नंबर वन बताया और कहा कि यह स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों के लिए गर्व का क्षण है।

पीएम मोदी ने बनास डेयरी के पशुपालकों को 106 करोड़ रुपए की बोनस राशि हस्तांतरित की। उन्होंने इसे पशुपालकों की मेहनत का पुरस्कार बताया और कहा कि ये कोई उपहार नहीं, बल्कि आपकी तपस्या का फल है।

बनास डेयरी ने काशी में हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति को बदला है, खासकर महिलाओं को सशक्त बनाकर। पूर्वांचल की अनेक बहनें अब लखपति दीदी बन चुकी हैं। पहले गुजारे की चिंता थी, अब उनके कदम खुशहाली की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, जिसमें पिछले 10 वर्षों में 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बनास डेयरी काशी संकुल के 1 लाख किसानों से दूध संग्रह कर रहा है और गिर गायों का वितरण कर पशुपालकों को सशक्त बना रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में इस क्षेत्र में 45 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। इनमें फुलवरिया फ्लाईओवर, रिंगरोड और गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर जैसे क्षेत्रों को जोडऩे वाले चौड़े रास्ते शामिल हैं।

पहले छोटे-छोटे त्योहारों पर भी जाम लग जाता था। अब रास्ते चौड़े हुए हैं, समय बच रहा है। लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट के विस्तार के साथ-साथ 6 लेन का अंडरग्राउंड टनल, भिखारीपुर और मंडुआडीह में फ्लाईओवर और बनारस-सारनाथ को जोडऩे वाला नया पुल जैसे प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं। उन्होंने काशी में शुरू होने वाले सिटी रोपवे का भी जिक्र किया, जो इसे दुनिया के चुनिंदा शहरों में शामिल करेगा।

उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती को याद किया और उनके नारी सशक्तीकरण और सामाजिक चेतना के प्रयासों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महात्मा फुले और सावित्री बाई फुले ने नारी शक्ति के आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए जीवन समर्पित किया।

हम उनके संकल्पों को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सरकार के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को दोहराया और इसे परिवारवाद की राजनीति से अलग बताया।

उन्होंने कहा कि जो लोग केवल सत्ता हथियाने के लिए दिन-रात खेल खेलते हैं, उनका सिद्धांत है परिवार का साथ परिवार का विकास। प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल की मेहनतकश महिलाओं की प्रशंसा की जो बनास डेयरी के माध्यम से नई मिसाल बन रही हैं।

उन्होंने काशी के युवाओं को खेल में आगे बढऩे के लिए प्रेरित किया और कहा कि भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार है और काशी के नौजवानों को अभी से मेहनत शुरू करनी होगी। काशी में नए स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण की सुविधा मिले। काशी के युवा ओलंपिक में मेडल चमकाकर देश का गौरव बढ़ाएंगे।

उन्होंने काशी को भारत की आत्मा और विविधता की सबसे खूबसूरत तस्वीर बताया। उन्होंने कहा कि काशी के हर मोहल्ले में भारत का अलग रंग और संस्कृति दिखती है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजनों ने एकता के सूत्र को मजबूत किया है। उन्होंने प्रस्तावित एकता मॉल का जिक्र किया, जहां भारत के सभी जिलों के उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे।

उन्होंने यूपी के बदलते आर्थिक नक्शे की भी चर्चा की और कहा कि यूपी अब केवल संभावनाओं की धरती नहीं, बल्कि सामर्थ्य और सिद्धियों की संकल्प भूमि है। यूपी के उत्पाद अब ग्लोबल ब्रांड बन रहे हैं।

जीआई टैग ने स्थानीय उत्पादों को नई बुलंदियों तक पहुंचाया है। यूपी देश में जीआई टैगिंग में पहले स्थान पर है। जौनपुर की इमरती, मथुरा की सांझी कला, पीलीभीत की बांसुरी और लखीमपुर खीरी की थारू जरदोजी जैसे उत्पादों को जीआई टैग मिला है। यूपी की मिट्टी की खुशबू अब सरहदों के पार जाएगी।

उन्होंने काशी को विकास और विरासत के संगम का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि काशी की पुरातन आत्मा को आधुनिक काया से जोड़ते रहना हमारा दायित्व है। काशी न केवल आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, बल्कि अब यह आर्थिक और सामाजिक प्रगति का भी नेतृत्व कर रही है।

उन्होंने काशीवासियों से विकास की इस यात्रा में साथ देने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि काशी पूरे भारत के लिए प्रेरणा बनेगी। उन्होंने कहा कि जो काशी को सहेजता है, वो भारत की आत्मा को सहेजता है। हमें काशी को निरंतर सशक्त और स्वप्निल बनाए रखना है।

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हुर्रियत से जुड़े 12 संगठनों ने तोड़ा अलगाववाद से नाता

पीएम मोदी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत सपने की जीत : अमित शाह

नई दिल्ली ,11 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठन हुर्रियत को बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से खुद को अलग कर लिया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी। उन्होंने दावा किया कि अब 12 संगठनों ने अलगाववाद से नाता तोड़ लिया है। इसके साथ ही उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के दृष्टिकोण की जीत बताया।

गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, मोदी सरकार के तहत जम्मू-कश्मीर में एकता की भावना व्याप्त है। हुर्रियत से जुड़े एक अन्य संगठन जम्मू-कश्मीर मास मूवमेंट ने अलगाववाद को खारिज करते हुए भारत की एकता के लिए पूरी प्रतिबद्धता जताई है। मैं उनके इस कदम का तहे दिल से स्वागत करता हूं।

उन्होंने आगे बताया, अब तक हुर्रियत से जुड़े 12 संगठन अलगाववाद से अलग हो चुके हैं और भारत के संविधान पर भरोसा जता रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के एक भारत, श्रेष्ठ भारत के सपने की जीत है।

इससे पहले घाटी में तीन बड़े संगठनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ लिया था। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट जैसे तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है।

यह घाटी के लोगों में भारत के संविधान के प्रति विश्वास का एक प्रमुख प्रदर्शन है। पीएम मोदी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है और इसके लिए अटूट समर्थन की घोषणा की है।

कुछ दिनों पहले गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर थे, जहां उन्होंने शहीद डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट के परिवारवालों से मुलाकात भी की थी।

उन्होंने इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा था, जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता और देशभक्ति की अमर मिसाल कायम की। आज श्रीनगर में शहीद के परिवार से मुलाकात की और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

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तमिलनाडु में बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन का ऐलान

अमित शाह बोले- एनडीए को मिलेगी मजबूती

चेन्नई ,11 अपै्रल(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा फेरबदल होते हुए नजर आ रहा है.भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटने के तुरंत बाद, राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी (अन्नाद्रमुक) के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन  में वापसी का ऐलान भी हो गया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा भाजपा के नेताओं ने मिलकर तय किया है कि आने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव  भाजपा और सभी साथी दल मिलकर  एक साथ लड़ेंगे

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ये चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और राज्य स्तर पर नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा परिसीमन का मुद्दा ये(विपक्ष) लोग ध्यान भटकाने के लिए खड़ा कर रहे हैं।

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए, गठबंधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, की एआईएडीएमके कोई शर्त और मांग नहीं है… एआईएडीएमके के आंतरिक मामलों में हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होगा… यह गठबंधन दोनों के लिए फायदेमंद होने वाला है।

शाह ने कहा, हम जनता के असली मुद्दों को लेकर जनता के बीच में जाएंगे और मैं मानता हूं कि तमिलनाडु की जनता असली मुद्दों को जानती है और जवाब भी चाहती है.

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दिल्ली के पश्चिम विहार में प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या

10 राउंड फायरिंग से दहशत का माहौल

दिल्ली 11 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में शुक्रवार सुबह एक प्रॉपर्टी डीलर की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान राजकुमार दलाल के रूप में हुई है, जो फॉर्च्यूनर कार से जिम जा रहे थे।

हमलावरों ने करीब 8 से 10 राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल अवस्था में राजकुमार को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल से पुलिस को कई खोखे बरामद हुए हैं।

परिजनों का कहना है कि राजकुमार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वह प्रतिदिन की तरह सुबह जिम जाने के लिए निकले थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान व हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है, जबकि स्थानीय लोग दहशत में हैं।

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CM योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार, बोले 11 साल में काफी बदली काशी

वाराणसी 11 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 11 साल में काशी काफी बदली है। मुख्यमंत्री योगी ने वाराणसी में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि महाकुंभ के दौरान वाराणसी में हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली के ऐतिहासिक विजय और दिव्य भव्य कुंभ के आयोजन के उपरांत पीएम की यह काशी यात्रा है।

उन्होंने कहा कि कुंभ के आयोजन में काशी भी इसका साक्षी बना। देश और दुनिया से आने वाला श्रद्धालु पिछले 11 वर्ष में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में इस नई काशी और बाबा विश्वनाथ की धरा को नए कलेवर के रूप में देखने को उतावला दिखाई दे रहा था।

45 दिनों के आयोजन के इस अवसर पर काशी में भी एक श्रद्धालुओं और बाबा के भक्तों का दृश्य दिखाई दे रहा था। इस दौरान तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु यहां आकर बाबा विश्वनाथ के पावन धाम में दर्शन करके पुण्य के भागीदार बने थे।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में काशी एक नई ऊंचाई को छूता दिखाई दिया है। स्वच्छता के प्रति पीएम द्वारा जो पहले दिन से दी गई गाइडलाइन थी.

सुरक्षा के प्रति सतर्कता के बारे में पीएम के निर्देशों का पालन करके और नमामि गंगे परियोजना के बाद वह हर श्रद्धालु जिसने मां गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी में डुबकी लगाई, अपने आपको अभिभूत पा रहा था। नमामि गंगे परियोजना की सफलता के कारण महाकुंभ आज सफल हुआ है। इसके लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि काशी ने पिछले 11 वर्षों में अपने को बदलते हुए देखा है। यह वही काशी है जो अपनी संकरी गलियों के लिए जानी जाती थी, अपने जाम के लिए जानी जाती थी। काशी शिक्षा का सबसे प्राचीन केंद्र थी, लेकिन यह पहले बहुत अस्त-व्यस्त थी। अब स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ी है।

पिछले 11 वर्षों में आपके नेतृत्व में 50 हजार करोड़ से अधिक की परियोजना काशी के लिए आई हैं। काशी में आज आपके कर कमलों से लगभग चार हजार करोड़ की परियोजना का लोकार्पण और शिलान्यास होगा। काशी में यूपी के प्रोडक्ट को मान्यता प्रदान करने के लिए काशी और उसके आसपास के जिले को सर्वाधिक जीआई टैग प्राप्त हुआ है। यूपी इस मामले में नंबर एक पर है।

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने वाराणसी दौरे के दौरान शहर में कुछ दिन पूर्व घटी सामूहिक बलात्कार की घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए त्वरित और कड़ा रुख अपनाया है। वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने पुलिस आयुक्त, मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से इस मामले में विस्तृत जानकारी ली।

प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस जघन्य अपराध के सभी दोषियों को चिन्हित कर उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए व्यापक और प्रभावी व्यवस्थाएं करने पर जोर दिया।

बता दें कि बीते दिनों वाराणसी में 19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने 12 नामजद सहित 11 अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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बिहार में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से गई 80 लोगों की जान

पटना  11 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । बिहार में आई आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने के कारण विभिन्न जिलों में अब तक 80 लोगों की जान चली गई है।

इसके अलावा, फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। बिहार सरकार में आपदा प्रबंधन मंत्री विजय कुमार मंडल ने शुक्रवार को मामले की जानकारी देते हुए आईएएनएस को बताया कि जिन लोगों की जान गई है, हम उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।

पिछले 48 घंटे में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 80 लोगों की मौत हुई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुआवजे का भी ऐलान किया है, सभी मृतकों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा, जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, सरकार की तरफ से उनकी मदद की जाएगी।

दरअसल, बिहार के कई जिलों में मौसम में अचानक आए बदलाव ने कहर बरपाया है। कई लोगों की मौत के साथ-साथ फसलों और संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है। भयंकर तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से आई इस आपदा ने जीवन और आजीविका दोनों को प्रभावित किया है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा है कि आपदा की इस घड़ी में वह प्रभावित परिवारों के साथ हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम में पूरी सतर्कता बरतें। खराब मौसम होने पर आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए गए सुझावों का अनुपालन करें। घरों में रहें और सुरक्षित रहें।

इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि 12 अप्रैल तक पूरे बिहार में बारिश, बिजली और गरज के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र से उत्पन्न होने वाला चक्रवाती परिसंचरण गंभीर मौसम पैटर्न को प्रभावित कर रहा है। आईएमडी ने अगले पांच दिन के लिए अलर्ट भी जारी किया है, जिसमें संवेदनशील जिलों के निवासियों को सावधान किया गया है।

गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया, बांका, मुंगेर, जमुई, शेखपुरा, बेगूसराय, पटना, नालंदा, नवादा, जहानाबाद और गया जिलों के प्रभावित होने की संभावना है।

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