Union Minister Shri Pralhad Joshi concluded his visit to Abu Dhabi, focusing on clean energy investment and cooperation.

केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने स्वच्छ ऊर्जा निवेश और सहयोग पर फोकस के साथ अबू धाबी का दौरा पूरा किया

नई दिल्ली – केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (आईआरईएनए) की 16वीं असेंबली में हिस्सा लेना और भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश को मजबूत करने के लिए अन्य उच्च-स्तरीय बैठकें शामिल थीं।

 

केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) आधारित और वैश्विक वित्तीय संस्थानों, निवेशकों और रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर के साथ एक रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टमेंट राउंडटेबल की अध्यक्षता की। चर्चा में डिस्ट्रीब्यूटेड सोलर, ईपीसी, क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, वेस्ट-टू-एनर्जी और सस्टेनेबल फाइनेंस जैसे स्वच्छ ऊर्जा के कई खंड शामिल थे। श्री जोशी ने भारत में अक्षय ऊर्जा के विकास की गाथा को साझा किया और मेक इन इंडिया पहल के तहत परियोजना विकास, वित्त पोषण और विनिर्माण के क्षेत्र में उपलब्ध महत्वपूर्ण अवसरों पर प्रकाश डाला, जिससे भारत दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा में निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक गंतव्यों में से एक बन गया है।

 

श्री जोशी ने अबू धाबी सस्टेनेबिलिटी वीक में भी हिस्सा लिया। यह संयुक्त अरब अमीरात का एक वैश्विक मंच है। यह मंच सरकार, व्यापार, वित्त और नागरिक समाज के दिग्गजों को एक साथ लाता है ताकि सतत विकास को आगे बढ़ाया जा सके और आपस में जुड़े सेक्टर में भविष्य के लिए तैयार समाधानों को बढ़ावा दिया जा सके। इस दौरान, उन्होंने ग्लोबल क्लीन एनर्जी इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ बातचीत की और एक न्यायसंगत, समावेशी तथा मापनयोग्य ऊर्जा परिवर्तन के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

 

संयुक्त अरब अमीरात में अपने कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में श्री जोशी ने भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की, जिसमें जीवंत कन्नड़ समुदाय भी शामिल था। उन्होंने कन्नड़ पाठशाला जैसी पहलों के जरिए भाषा और संस्कृति को बनाए रखने के उनके प्रयासों की सराहना की, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ में भी किया था।

इस दौरे के अवसर पर श्री जोशी ने अबू धाबी में बीएपीएस हिंदू मंदिर, दुबई के जेबेल अली गांव में हिंदू मंदिर और दुबई में गुरुनानक दरबार गुरुद्वारे जैसे प्रमुख सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थलों का भी दौरा किया और प्रार्थना की। इन मुलाकातों से भारत और संयुक्त अरब अमीरात में जन-जन के बीच मजबूत संबंध और सद्भाव, समावेशिता और आपसी सम्मान के साझा मूल्यों की झलक मिली।

इससे पहले, अबू धाबी में इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी (आईआरईएनए) की 16वीं असेंबली के प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए, केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने दोहराते हुए कहा था कि भारत का ऊर्जा परिवर्तन वसुधैव कुटुंबकम – एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के सिद्धांत पर आधारित है, जो समानता, समावेशिता और दीर्घकालिक स्थायी नीति पर टिका है। इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी एजेंसी और खाद्य तथा कृषि संगठन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कृषि-खाद्य प्रणालियों में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ाने पर अंतर-मंत्रालयी संवाद में, श्री जोशी ने जलवायु-अनुकूल कृषि और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में विकेन्द्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका पर बल दिया।

केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी हस्तियों और प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों के साथ बातचीत भी की। इस यात्रा ने नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास और स्वच्छ इन्फ्रास्ट्रक्चर में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सहयोग को और मजबूत किया। इतना ही नहीं, इस यात्रा ने नवाचार, निवेश और दीर्घकालिक सहयोग के माध्यम से वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए वैश्विक भागीदारों के साथ काम करने की भारत की तत्परता को भी दर्शाया।

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