Union Minister H.D. Kumaraswamy expanded the global acceptance of Hindustan Machine Tools (HMT) by flagging off an export machine bound for South Afri

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्यात मशीन को रवाना करके हिंदुस्तान मशीन टूल्स (एचएमटी) की वैश्विक स्वीकार्यता का विस्तार किया

नई दिल्ली – केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने आज एचएमटी मशीन टूल्स लिमिटेड (एचएमटी), कलामासेरी का व्यापक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संयंत्र की विनिर्माण क्षमताओं की समीक्षा की, दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्यात खेप को रवाना किया, एचएमटी, एफसीआरआई और इंस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड (आईएल) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कीं तथा श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों तथा कर्मचारियों के साथ बातचीत की।

इस दौरे की विशेष बात एचएमटी कलामासेरी में विनिर्मित एनएच सीरीज़ की एक मशीन को दक्षिण अफ्रीका निर्यात करने के लिए रवाना करना था। यह भारत की स्वदेशी इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं पर दुनिया के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि एचएमटी को लगातार सटीक इंजीनियरिंग वाले मशीन टूल्स और औद्योगिक प्रणाली (इंडस्ट्रियल सिस्टम) के लिए अंतरराष्ट्रीय निर्यात ऑर्डर मिल रहे हैं।

इस अवसर पर एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा कि, “एचएमटी में विनिर्मित स्वदेशी मशीन टूल्स का अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निर्यात भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है। यह भारतीय इंजीनियरिंग की उत्कृष्टता और तकनीकी क्षमता के प्रति बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।”

मंत्री ने संयंत्र के दौरे के दौरान, मशीन टूल अनुभाग, फाउंड्री डिवीज़न और इसके सामरिक विनिर्माण अनुभागों में चल रहे कार्यों और बुनियादी ढांचे की समीक्षा की। उन्होंने सीएनसी सिस्टम, सटीक मशीन टूल्स, विशेष इंजीनियरिंग उपकरणों और भारतीय नौसेना के प्लेटफ़ॉर्म के लिए स्वदेश में  विकसित सोनार डायरेक्टिंग गियर सिस्टम के विनिर्माण, असेंबली और परीक्षण प्रक्रियाओं का भी अवलोकन किया।

मंत्री जी को एचएमटी के रक्षा, रेलवे, एयरोस्पेस, भारी इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण सहित सामरिक क्षेत्रों में दिए गए योगदान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने नौसेना और रक्षा कार्यों के लिए विकसित स्वदेशी प्रणालियों की समीक्षा भी की। केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा, “एचएमटी जैसे संस्थान भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के इंजीनियरिंग परितंत्र की ताकत को दर्शाते हैं। यहां की तकनीकी विशेषज्ञता, विनिर्माण क्षमता और कर्मचारियों का समर्पण रणनीतिक आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।”

बाद में, केंद्रीय मंत्री ने एचएमटी मशीन टूल्स लिमिटेड, फ्लूइड कंट्रोल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफसीआरआई) और इंस्ट्रूमेंटेशन लिमिटेड (आईएल) की शीर्ष टीमों के साथ विस्तार से समीक्षा बैठकें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र परिचालन निष्पादन, प्रौद्योगिकी उन्नयन, विनिर्माण क्षमताएं, आधुनिकीकरण, नवाचार-आधारित विकास और सामरिक क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाना रहा।

बैठकों में स्वदेशी विनिर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने, परिचालन दक्षता में सुधार लाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के भविष्य के अवसरों की भी समीक्षा की गई।

इस दौरान, एच.डी. कुमारस्वामी ने एचएमटी के विभिन्न श्रमिक संघों और कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। उन्होंने कर्मचारियों के कल्याण, आधुनिकीकरण और संस्थान के भविष्य के विकास से संबंधित उनकी चिंताओं, सुझावों और अनुरोधों को धैर्यपूर्वक सुना।

कर्मचारियों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए मंत्री ने कहा: “सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विकास और सफलता के लिए श्रमिकों और कर्मचारियों का कल्याण सर्वोपरि है। भारत के औद्योगिक विकास में उनका अमूल्य योगदान है।”

पीएसयू  को मज़बूत करने के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कहा: “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, पूरे देश में पीएसयू को मज़बूत करने, बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और विकास, नवाचार तथा रोज़गार के अधिक अवसर सृजित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।”

इस दौरे से सामरिक विनिर्माण को मज़बूत करने, स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को आगे बढ़ाने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को बल मिला है।

****************************