The Prime Minister shared special moments from the inauguration of the National Inspiration Site in Lucknow, Uttar Pradesh.

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लोकार्पण के विशेष क्षण साझा किए

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और आदर्शों को सम्मान देने के लिए नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के उद्घाटन की झलकियां साझा कीं। श्री वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लखनऊ की यह पावन धरती एक नई प्रेरणा की साक्षी बन रही है। इस दौरान उन्होंने देश और दुनिया को क्रिसमस की शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि 25 दिसंबर का दिन देश की दो महान विभूतियों की जयंती का एक अद्भुत अवसर लेकर आता है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी और भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय जी ने अपना संपूर्ण जीवन भारत की पहचान, एकता और गौरव की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि इन दोनों महान हस्तियों ने अपने योगदान के माध्यम से राष्ट्र निर्माण पर एक अमिट छाप छोड़ी है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट की एक श्रृंखला में उल्लेख किया:

“राष्ट्र प्रेरणा स्थल में कमल पुष्प के आकार का अत्याधुनिक संग्रहालय निस्वार्थ नेतृत्व और सुशासन की भावना को सजीव रूप में सामने लाता है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे जननायकों के आदर्शों को आत्मसात कर जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता रहेगा।”

“राष्ट्र प्रेरणा स्थल में कमल पुष्प के आकार का अत्याधुनिक संग्रहालय निस्वार्थ नेतृत्व और सुशासन की भावना को सजीव रूप में सामने लाता है। यह आने वाली पीढ़ियों को हमारे जननायकों के आदर्शों को आत्मसात कर जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता रहेगा।”

“लखनऊ के मेरे परिवारजनों का उत्साह और उमंग इस बात का प्रमाण है कि देश की महान विभूतियों के आदर्श, मूल्य और राष्ट्रसेवा की भावना आज भी जन-जन का मार्गदर्शन कर रही है।”

“राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है, जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है। यहां डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमाएं हमें संदेश देती हैं कि हमारा हर कदम और हर प्रयास राष्ट्र-निर्माण के लिए समर्पित हो।”

“डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव रखी थी। उनकी प्रेरणा से आज हम उसे और सशक्त बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं।”

“पंडित दीनदयाल जी का विजन था कि कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक हर सुविधा पहुंचे। आज जब हम हर जरूरतमंद तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रहे हैं, तो अंत्योदय का उनका ये सपना साकार हो रहा है।”

“अटल जी की जयंती सुशासन का उत्सव मनाने का भी दिन है। भाजपा-NDA सरकार ने सुशासन की जो विरासत बनाई है, उसे आज हम एक नया विस्तार दे रहे हैं।”

“कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने राजनीतिक रूप से भाजपा को हमेशा अछूत बनाए रखा। लेकिन भाजपा के संस्कार ने हमें सबका सम्मान करना सिखाया है, जिसके एक नहीं अनेक उदाहरण हैं…”

“राष्ट्र प्रेरणा स्थल हमारे देश की महान विभूतियों के जीवन, उनके आदर्शों और अमूल्य विरासत को समर्पित एक प्रेरणादायी स्मारक है। आज सुशासन दिवस पर लखनऊ में इसका लोकार्पण कर अपार गौरव और आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई।”

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