The historic Mudma Jatra begins today in Mandar;

मांडर में आज से शुरू होगा ऐतिहासिक मुड़मा जतरा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम; NH-75 पर रूट डायवर्ट

मांडर। झारखंड की आदिवासी परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक ऐतिहासिक मुड़मा जतरा आज, 27 अक्टूबर से शुरू होगा। दो दिवसीय इस जतरा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं।

शक्ति खूंटा की पूजा के साथ होगा जतरा का शुभारंभ

मुड़मा जतरा का विधिवत शुभारंभ 27 अक्टूबर को अपराह्न सरना धर्मगुरु बंधन तिग्गा की अगुवाई में होगा। इस दौरान 40 पड़हा के पाहन-पुजार और धार्मिक अगुवाओं द्वारा जतरा स्थल पर स्थित शक्ति खूंटा की पूजा-अर्चना की जाएगी। धार्मिक अनुष्ठान के साथ ही दो दिवसीय ऐतिहासिक मेले की शुरुआत होगी।

जतरा स्थल पर मनोरंजन और खरीदारी के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेले में बिजली से चलने वाले झूले, मौत का कुआं, सर्कस, जादू के खेल और अन्य मनोरंजन के साधनों के साथ सैकड़ों दुकानें लगाई गई हैं। इनमें पारंपरिक वाद्य यंत्र, कृषि उपकरण, अस्त्र-शस्त्र, श्रृंगार प्रसाधन, खाने-पीने की वस्तुएं और खिलौने की दुकानें शामिल हैं।

चार सेक्टरों में बांटा गया जतरा स्थल, ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी

मुड़मा जतरा में उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से संयुक्त आदेश जारी किया गया है। जतरा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा और प्रशासनिक इंतजाम की जिम्मेदारी ग्रामीण एसपी और सदर अनुमंडल पदाधिकारी संभालेंगे। 26 अक्टूबर की दोपहर से ही जतरा स्थल पर विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो मेले की समाप्ति तक दिन-रात काम करेगा। नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।

सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे जतरा स्थल को चार बड़े सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक सेक्टर में पुलिस अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुरुष और महिला लाठी बल तैनात रहेंगे। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा जतरा स्थल और आसपास के रास्तों पर निगरानी के लिए 21 गश्ती दल तैनात किए गए हैं, जो मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों से लगातार गश्त करेंगे।

पुलिस असामाजिक तत्वों, छेड़खानी करने वालों और अफवाह फैलाने वालों पर विशेष नजर रखेगी। वहीं, राजी पड़हा जतरा समिति की ओर से प्रशासन को सहयोग देने के लिए करीब दो हजार स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी।

समापन के दिन दिखेगी आदिवासी परंपरा और संस्कृति की झलक

मुड़मा जतरा का सबसे खास आकर्षण समापन के दिन देखने को मिलता है। इस दौरान 40 पड़हा के लोग अपने पारंपरिक पड़हा निशान के साथ जतरा में शामिल होते हैं। पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते लोग रम्पा-चम्पा, लकड़ी के हाथी-घोड़े, मगरमच्छ, मछली, कंडसा और विभिन्न झंडों के साथ पहुंचते हैं।

यह आयोजन आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और सामुदायिक एकता का प्रतीक माना जाता है। हर साल इस ऐतिहासिक जतरा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर परंपराओं का उत्सव मनाते हैं।

NH-75 पर 27 और 28 अक्टूबर को रूट डायवर्जन

मुड़मा जतरा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-75 (NH-75) पर 27 से 28 अक्टूबर तक वाहनों के मार्ग में बदलाव किया है।

  • लोहरदगा से रांची आने वाले वाहन: टांगरबसली मोड़ से बेड़ो होते हुए रांची की ओर जाएंगे।
  • रांची से लोहरदगा की ओर जाने वाले वाहन: काठीटांड़ से ठाकुरगांव और बुढ़मू होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।

प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

 

ऐतिहासिक मुड़मा जतरा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और जतरा समिति संयुक्त रूप से तैयार हैं।

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