The Department of Social Justice and Empowerment and the National Institute for Entrepreneurship and Small Business Development provided entrepreneurship training to 25 transgender individuals.

सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान ने 25 ट्रांसजेंडरों को उद्यमिता प्रशिक्षण दिया

नई दिल्ली – 25 ट्रांसजेंडरों को उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का समापन हो गया है। यह प्रशिक्षण सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा प्रायोजित और कौशल एवं उद्यमिता विकास मंत्रालय के स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) द्वारा आयोजित किया गया। नई दिल्ली के शास्त्री भवन स्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सम्मेलन कक्ष में आज इसके समापन समारोह की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव श्री सुधांश पंत ने और सह-अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री मोनाली पी. ढाकाटे और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान की महानिदेशक डॉ. पूनम सिन्हा ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सामुदायिक संगठन ट्वीट फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री अभिना अहेर भी समापन समारोह में उपस्थित रहीं।

 एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक श्री बृजेश कुमार ने राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (एनआईईएसबीयूडी) द्वारा दिये गये प्रशिक्षण के बारे में जानकारी दी। इसमें भाग लेने वाली प्रतिभागियों मानवी, ज़िया खान, आर्यन, राहत सिंह और कथा ने अपने प्रशिक्षण अनुभव सुनाए। नौकरी चाहने की बजाय रोजगार देने वाले बनने के लिए उद्यमिता को जीवन वृत्ति के रूप में अपनाने में रुचि दिखाते हुए, प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण मॉड्यूल के बाद दिए गए मार्गदर्शन की सराहना की। कुछ प्रतिभागी पहले से ही बेकरी, कृत्रिम आभूषण आदि के लघु व्यवसाय में शामिल हैं और वे इस प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्राप्त कौशल द्वारा इसे और आगे ले जाने की योजना बना रहे हैं। ट्वीट फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी सुश्री अभिना अहेर ने एनआईईएसबीयूडी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के इस संयुक्त प्रशिक्षण के लिए धन्यवाद देते हुए सुझाव दिया कि ऐसे प्रशिक्षण को अन्य मंत्रालयों और विभागों की कल्याणकारी योजनाओं में भी शामिल किया जाना चाहिए।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता सचिव श्री सुधांश पंत ने उद्यमिता को करियर के रूप में अपनाने और भारत सरकार द्वारा ट्रांसजेंडरों के सामाजिक स्तर को मुख्यधारा में लाने तथा उनके उत्थान के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में यह छोटा लेकिन काफी अहम प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण पूरे देश में आयोजित होने चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षित ट्रांसजेंडरों का डेटा एनआईईएसबीयूडी के पास रखने का सुझाव दिया और कहा कि प्रशिक्षित उम्मीदवारों की नौकरी या स्वरोजगार में प्रगति की समय-समय पर निगरानी रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसजेंडरों के उद्यमिता विकास प्रशिक्षण का अगला बैच मुंबई में आयोजित करने की योजना है।

समापन समारोह में एनआईएसईबीयूडी की निदेशक डॉ. शिवानी डे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। समारोह में डीओएसजेई, एनआईएसईबीयूडी और ट्वीट फाउंडेशन के अधिकारी उपस्थित हुए।

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