The 9th meeting of the National Traders' Welfare Board was held in New Delhi.

राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की 9वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई

नई दिल्ली –   राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (एनटीडब्ल्यूबी) की 9वीं बैठक श्री सुनील जे. सिंघी की अध्यक्षता में वाणिज्य भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई।

अध्यक्ष ने जन विश्वास संशोधन का स्वागत किया और व्यवसाय करने में आसानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किये गये कई महत्वपूर्ण सुधारों और पहलों पर प्रकाश डाला:

जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026: जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2026 में 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जिसमें 717 प्रावधानों को अपराध से मुक्त करना शामिल है, ताकि अनुपालन का बोझ कम हो और व्यवसाय करने की आसानी को बढ़ावा मिले।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई): खाद्य व्यवसायों के लिए लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे विशेष रूप से छोटे व्यापारियों के लिए अनुपालन आसान हो गया है।

राजस्थान व्यापार प्रोत्साहन नीति, 2025: ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए प्लेटफ़ॉर्म शुल्क (शिपिंग शुल्क को छोड़कर) की 75% वापसी के जरिये समर्थन दिया जा रहा है, जो एक वर्ष के लिए ₹50,000 तक है।

उद्यम पंजीकरण और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: ये पहलें व्यापारियों और छोटे व्यवसायों को बिना गिरवी के ऋण प्रदान कर रही हैं, जिससे उद्यमिता और व्यापार विस्तार को प्रोत्साहन मिल रहा है।

डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में, ओएनडीसी टीम द्वारा “डिजीदुकान” पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जो एक बी 2 बी प्लेटफार्म है और वर्तमान में हैदराबाद में संचालित हो रहा है। इसकी योजना जयपुर और बेंगलुरु में विस्तार करने की है। इस प्लेटफ़ॉर्म का उद्देश्य छोटे खुदरा विक्रेताओं और किराना स्टोरों को उनकी डिजिटल क्षमताओं और बाजार पहुँच बढ़ाने के जरिये सशक्त बनाना है।

इस बात पर भी जोर दिया गया कि, व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर आउटरीच और राज्य सरकारों, उद्योग विभागों और व्यापार संघों के साथ समन्वय के माध्यम से, राज्य-स्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्डों की स्थापना की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से सुदृढ़ किया गया है। पश्चिम बंगाल में पहले ही एक राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर तथा अन्य राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में प्रयास जारी हैं।

विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ निरंतर समन्वय के माध्यम से, बोर्ड देश भर के व्यापारियों और व्यापार निकायों से प्राप्त प्रस्तुतियों का समयबद्ध और परिणामोन्मुख समाधान सुनिश्चित कर रहा है। व्यापक लक्ष्य व्यापार को आसान बनाना, व्यापारियों को सशक्त करना और सहभागी एवं समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है।

बैठक में विभिन्न व्यापार संघों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-आधिकारिक सदस्य तथा भारत सरकार के नौ मंत्रालयों और विभागों के पदेन सदस्य उपस्थित थे।

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