सुरक्षा देने का दिया आदेश
नई दिल्ली,18 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार की 16 वर्षीय लड़की का बचाव किया किया. लड़की ने अपनी शादी रद्द कराने की मांग की है. उसने आरोप लगाया है कि उसकी शादी उसकी उम्र से दोगुनी उम्र के व्यक्ति से जबरन करा दी गई. साथ ही शादी के बाद उसे शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रताडि़त किया गया.
यह मामला न्यायमूर्ति उज्जल भुयान और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ के समक्ष आया. पीठ ने लड़की और उसके दोस्त को सुरक्षा देने का आदेश दिया, जिसने उसे शादी से बचने में मदद की थी. हालांकि बचाने वाले पर अब अपहरण का आरोप है.
पीठ ने बिहार के पुलिस महानिदेशक और दिल्ली पुलिस आयुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि लड़की और लड़का दोनों सुरक्षित रहे. पीठ ने पुलिस से उन्हें आपातकालीन संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराने को कहा, जिसका इस्तेमाल किसी आपात स्थिति में किया जा सके.
पीठ ने पुलिस प्रमुखों को मामले में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. पीठ ने लड़की की मां जिसने लड़के के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था और सिविल ठेकेदार जिसके बारे में लड़की का दावा है कि उसकी जबरन शादी कर दी गई से भी जवाब मांगा है. लड़की ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका में अपनी मां और उस व्यक्ति दोनों को पक्षकार बनाया है. सुप्रीम कोर्ट जुलाई में इस मामले पर सुनवाई करने वाला है.
लड़की ने अपने दोस्त के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. उसने बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत विवाह को रद्द करने और किसी भी प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई से सुरक्षा की मांग की. लड़की ने दावा किया कि उसके पति और ससुराल वाले उसे विवाह में बने रहने के लिए मजबूर कर रहे हैं, और विवाह पर खर्च किए गए धन के बारे में शिकायत कर रहे हैं.
याचिका में लड़की ने दावा किया कि उसने कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा दी थी, जब दिसंबर 2024 में उसके परिवार के दबाव में उसकी शादी कर दी गई. याचिका में दावा किया गया है कि दूल्हे ने कथित तौर पर उसके परिवार को दी गई वित्तीय सहायता के भुगतान के रूप में शादी पर जोर दिया. दूल्हा एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर है.
याचिका में कहा गया है कि लड़की को बताया गया था कि उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही उसने पति द्वारा बार-बार शारीरिक और भावनात्मक शोषण का भी आरोप लगाया, खासकर जब उसने शारीरिक अंतरंगता का विरोध किया.
मार्च में लड़की ने अपना घर छोड़ दिया और अपने दोस्त से मदद मांगी जो बाद में उसके साथ वाराणसी जाने के लिए तैयार हो गया. वे तब से फरार हैं. उनका दावा है कि उनकी जान को खतरा है. लड़की की मां ने पटना के पिपलावन नौबतपुर थाने में दोस्त के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया है.
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