Strengthening of Gram Panchayats through Financial Transfers

वित्तीय अंतरण के माध्यम से ग्राम पंचायतों का सुदृढ़ीकरण

नई दिल्ली – ‘पंचायत’, ‘स्थानीय सरकार’ होने के नाते, राज्य का विषय है और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची का हिस्सा है। पंचायतेँ संबंधित राज्य के पंचायती राज अधिनियमों के माध्यम से स्थापित की जाती हैं और संचालित होती हैं, जो संविधान के प्रावधानों के अधीन, हर राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं। पंचायतों का प्रदर्शन और विकास, संबंधित राज्यों द्वारा उन्हें हस्तांतरित किए गए अधिकारों और संसाधनों की मात्रा पर निर्भर करता है। तदनुसार, पंचायतों से संबंधित सभी विषय, जिनमें पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) का प्रभावी कार्य निष्पादन, पीआरआई की जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु संस्थागत तंत्र को सुदृढ़ करना, तथा उनके प्रदर्शन की निगरानी एवं मूल्यांकन शामिल हैं, राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। हालाँकि, भारत के संविधान का अनुच्छेद 280(3)(ख ख) केंद्रीय वित्त आयोगों को यह आधार प्रदान करता है कि वे राज्य के पंचायतों के संसाधनों को पूरक करने के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ाने हेतु अनुदान की सिफारिश कर सकें।

चौदहवें वित्त आयोग (FFC) के अवॉर्ड अवधि वित्तीय वर्ष2015-16 से 2019-20के अंतर्गत, 26 राज्यों (केरल सहित)में संविधान के भाग IX के तहत गठित ग्राम पंचायतों के लिए ₹2,00,292.20 करोड़ आवंटित किए गए थे। इन निधियों का उपयोग मूलभूत सेवाओं की आपूर्ति, जिनमें जलापूर्ति, स्वच्छता (सेप्टिक प्रबंधन सहित), सीवरेज और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वर्षा जल निकासी, सड़कों और फुटपाथों का रखरखाव आदि शामिल हैं के लिए किया जाना था। इस कुल आवंटन में से ₹ 1,83,248.54 करोड़ जारी किए जा चुके हैं। इसमें केरल को जारी किए गए ₹ 3774.20 करोड़ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत ₹ 60,750 करोड़ की राशि अंतरिम अवधि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आवंटित की गई तथा ₹ 2,36,805 करोड़ की राशि वित्तीय वर्ष 2021-26 की अवधि के लिए पंचायतों (सभी तीन स्तरों पर), पारंपरिक स्थानीय निकायों तथा छठी अनुसूची क्षेत्रों में 28 राज्यों (केरल सहित) को आवंटित की गई। कुल आवंटन में से ₹ 2,67,250.78 करोड़ (दिनांक 11.03.2026 तक) जारी किए जा चुके हैं। इसमें केरल को जारी किए गए ₹ 7,321.50 करोड़ शामिल हैं।इस अनुदान को आगे दो भागों में विभाजित किया गया है—मूल (अबंधित) अनुदान, जिसे भारत के संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के अंतर्गत मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, परंतु वेतन और अन्य स्थापना व्यय के लिए नहीं। बंधित अनुदान, जिसका उपयोग विशेष रूप से पेयजल और स्वच्छता क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के लिए किया जाना है।

पंचायतों में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए, डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) ने विभिन्न डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और अनुप्रयोग विकसित किए हैं, ताकि देश के ग्रामीण स्थानीय शासन (केरल राज्य सहित) में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता लाई जा सके। इस मंत्रालय ने ई-ग्रामस्वराज (https://egramswaraj.gov.in) नामक एक उपयोगकर्ता-अनुकूल वेब-आधारित पोर्टल शुरू किया है, जिसका उद्देश्य विकेन्द्रीकृत योजना, प्रगति रिपोर्टिंग, वित्तीय प्रबंधन, कार्य-आधारित लेखांकन और निर्मित परिसंपत्तियों के विवरण में बेहतर पारदर्शिता लाना है। इस अनुप्रयोग को आगे सार्वजनिक निधि प्रबंधन प्रणाली (PFMS), सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM), और ऑडिटऑनलाइन अनुप्रयोगों के साथ एकीकृत किया गया है, ताकि भुगतान में आसानी, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और पंचायत खातों का लेखा-परीक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

वित्तीय वर्ष 2025–26 के दौरान देशभर के कुल 2,64,211 ग्राम पंचायतों और समकक्ष निकायों में से 2,54,604 (96.36%) ने अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएँ ई-ग्रामस्वराज पर अपलोड की हैं और 2,42,871 (91.92%)ने ई-ग्रामस्वराज–पीएफएमएस इंटरफ़ेस के माध्यम से विक्रेताओं को ₹38,491 करोड़ का भुगतान किया है। वित्तीय वर्ष 2024–25 में2.58 लाख से अधिक पंचायती राज संस्थाओं ने अपने अनंतिम खातों को बंद किया है और 1.63 लाख पंचायती राज संस्थाओं ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट तैयार की है।

पिछले तीन वर्षों के दौरान सभी राज्यों (केरल सहित) को आवंटित और जारी की गई निधियों का विवरण अनुबंध में प्रस्तुत किया गया है।

अनुबंध

पिछले तीन वर्षों के दौरान (दिनांक11.03.2026 तक) ग्रामीण स्थानीय निकायों को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत अनुशंसित और जारी किए गए अनुदानों का राज्यवार विवरण

(रुकरोड़ में)

क्रसं राज्य 2023-24 2024-25 2025-26
आवंटन जारी आवंटन जारी आवंटन जारी
1 आंध्र प्रदेश 2031.00 1997.45 2152.00 2109.97 2099.00 2053.81
2 अरूणाचल प्रदेश 179.00 0.00 189.00 0.00 185.00 0.00
3 असम 1241.00 1241.00 1315.00 1315.00 1283.00 1283.00
4 बिहार 3884.00 3855.33 4114.00 4109.01 4012.00 2806.31
5 छत्तीसगढ़ 1125.00 1125.00 1192.00 1185.25 1163.00 802.06
6 गोवा 58.00 36.13 62.00 0.00 61.00 0.00
7 गुजरात 2473.00 2473.00 2619.00 2619.00 2555.00 1782.04
8 हरियाणा 979.00 953.59 1036.00 1012.51 1011.00 988.14
9 हिमाचल प्रदेश 332.00 318.04 352.00 352.00 343.00 341.50
10 झारखण्ड 1307.00 1307.00 1385.00 962.94 1351.00 0.00
11 कर्नाटक 2490.00 2086.59 2637.00 2133.25 2572.00 0.00
12 केरल 1260.00 1260.00 1334.00 1334.00 1301.00 650.50
13 मध्य प्रदेश 3083.00 2923.89 3265.00 3262.75 3185.00 630.65
14 महाराष्ट्र 4510.00 3629.21 4776.00 3169.72 4659.00 2507.25
15 मणिपुर 137.00 0.00 145.00 0.00 142.00 0.00
16 मेघालय 141.00 0.00 149.00 0.00 146.00 0.00
17 मिजोरम 72.00 72.00 76.00 76.00 74.00 37.00
18 नागालैंड 97.00 0.00 102.00 0.00 99.00 0.00
19 ओड़िशा 1747.00 1746.91 1851.00 1851.00 1805.00 1712.98
20 पंजाब 1074.00 1058.35 1138.00 1127.86 1110.00 555.00
21 राजस्थान 2989.00 2847.96 3166.00 3166.00 3087.00 757.60
22 सिक्किम 33.00 33.00 35.00 32.78 33.00 22.85
23 तमिलनाडु 2791.00 2791.00 2957.00 2957.00 2884.00 637.93
24 तेलंगाना 1430.00 1430.00 1514.00 640.07 1477.00 0.00
25 त्रिपुरा 148.00 148.00 157.00 156.31 153.00 153.00
26 उत्तर प्रदेश 7547.00 7547.00 7994.00 7994.00 7797.00 5441.38
27 उत्तराखण्ड 445.00 444.13 471.00 470.30 458.00 89.41
28 पश्चिम बंगाल 3415.00 3415.00 3617.00 3472.22 3528.00 3403.92
  कुल 47018.00 44739.57 49800.00 45508.95 48573.00 26656.33

 

यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने 18 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

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