Shouldn't forget our mother tongue Former CJI NV Ramana

अपनी मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए : पूर्व सीजेआई एनवी रमना

हैदराबाद 17 अपै्रल,(एजेंसी)। भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश एन.वी. रमना ने कहा है कि किसी को अपनी मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए, लेकिन साथ ही अंग्रेजी जैसी संपर्क भाषा सीखना भी जरूरी है। उन्होंने तेलुगू लोगों से आह्वान किया कि वे अपनी भाषा और संस्कृति को न भूलें। उन्होंने कहा, मैंने स्नातक तक तेलुगु माध्यम में पढ़ाई की और बाद में अंग्रेजी में पढ़ाई की। हमें अपनी परंपराओं और संस्कृति को किसी भी कीमत पर बचाना चाहिए, भले ही हम यूएसए जाकर डॉलर कमा लें।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैदराबाद में सुचिरइंडिया फाउंडेशन की 30वीं वर्षगांठ समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, मैं एक साधारण किसान पृष्ठभूमि से आता हूं। मेरे गांव में केवल मैं और मेरी बहन ही स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करने वाले पहले व्यक्ति थे। बाद में, हम उच्च अध्ययन के लिए चले गए। आप जिस भी पृष्ठभूमि से आते हैं वह महत्वपूर्ण नहीं है, लेकिन आपके लक्ष्यों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर सर सी.वी. रमन यंग जीनियस पुरस्कार विभिन्न शैक्षणिक श्रेणियों जैसे राष्ट्रीय रैंकर्स और स्टेट रैंकर्स, डिस्ट्रिक्ट रैंकर्स और जोनल रैंकर्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूली छात्रों को प्रदान किए गए। सुचिरइंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष लायन डॉ. किरोन ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से वे विभिन्न शैक्षणिक श्रेणियों में बच्चों को प्रेरित और प्रोत्साहित कर रहे हैं। उन्होंने कहा, बच्चों को खुद को सशक्त बनाना और पहले समाज और अपनी मातृभूमि की सेवा करना सिखाया जाना चाहिए। यह सही समय है कि माता-पिता अपने बच्चों की देखभाल करें और उनकी निगरानी करें।

अभिनेता अदिवि शेष ने कहा कि पदक केवल लोगों को प्रेरित करने और प्रेरित करने के लिए दिए जाते हैं, लेकिन वहां रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें खुद को साबित करने के लिए जो भी प्रतिभा और कौशल है, उसके साथ कड़ी मेहनत जारी रखनी चाहिए। मुझे अपनी फिल्म ‘मेजरÓ के लिए वास्तव में कड़ी मेहनत करनी पड़ी और सफलता मेरे पीछे-पीछे आई। यदि आप खुद पर विश्वास करते हैं तो आपको किसी गॉडफादर की जरूरत नहीं है।

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