Review Meeting Held for Schemes of the Chief Minister's Small and Cottage Industries Development Board and JSLPS

मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड एवं JSLPS योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक

रांची,13.05.2026 – बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन करना तथा स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों एवं उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ना था

“मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर” अभियान के तहत प्रतिदिन अंडा उत्पादन से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही लाभुकों को अधिकाधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया

बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति, लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि तथा क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए

समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाकर अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी:- जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए सभागार में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं एवं झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से संबंधित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रभारी विकास आयुक्त राँची, श्री संजय भगत, प्रभारी DPM JSLPS राँची, श्री अभिषेक चाँद, JSLPS के विभिन्न डोमेन प्रबंधक, जिले के 18 प्रखंडों के BPMs तथा मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बोर्ड द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों एवं आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में लघु एवं कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन करना तथा स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों एवं उद्यमियों को मुख्यधारा से जोड़ना था।

बैठक के प्रमुख बिंदु:

मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की विभिन्न योजनाओं जैसे SFURTI योजना, कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम, विपणन सहायता, तकनीकी हस्तक्षेप एवं वित्तीय सहायता योजनाओं की समीक्षा की गई।

राज्यभर में लघु उद्यमों की स्थापना, क्लस्टर विकास, हस्तशिल्प संवर्धन तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को योजनाओं से जोड़ने के प्रयासों की प्रगति पर चर्चा हुई।

JSLPS एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत महिलाओं एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण, SHGs की क्षमता निर्माण एवं उद्यमिता विकास पर विशेष जोर दिया गया।

JSLPS डोमेनवार समीक्षा के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश:

1. SMIB (Social Mobilisation and Institution Building):

फूलो-झानो आशीर्वाद योजना के लाभुकों से संबंधित अद्यतन डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से यह जानकारी मांगी गई कि कितने लाभुक योजना से बाहर हुए हैं तथा उन्हें पुनः योजना से जोड़ने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही SHGs की प्रभावी मैपिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

2. मंईयां सम्मान योजना:

“मंईयां सम्मान से स्वावलंबन की ओर” अभियान के तहत प्रतिदिन अंडा उत्पादन से संबंधित आंकड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही लाभुकों को अधिकाधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया।

3. FPO (Farmer Producer Organization):

उपायुक्त महोदय द्वारा FPO के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की गई। इसके लिए पदाधिकारियों की सूची, उनकी भूमिकाओं एवं FPO द्वारा संचालित व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रस्तुति तैयार करने का निर्देश दिया गया।

4. प्रशिक्षण एवं प्रचार-प्रसार:

प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं अन्य गतिविधियों से संबंधित प्रेस विज्ञप्तियों को नियमित रूप से साझा एवं प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आमजन JSLPS के कार्यों से अवगत हो सकें।

5. Financial Inclusion (वित्तीय समावेशन):

10 मुद्रा लोन लाभुकों की पहचान कर उद्यमिता प्रोत्साहन हेतु उपायुक्त महोदय के साथ बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही साइबर फ्रॉड की निगरानी एवं क्लेम सेटलमेंट सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।

6. Non-Farm गतिविधियाँ:

DC Office B Block एवं सदर अस्पताल परिसर में “दीदी आजीविका कैफे” खोलने हेतु संभावित स्थानों का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।

7. Self Enumeration एवं Pre-SIR:

संबंधित प्रतिवेदन तैयार करने एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति, लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि तथा क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

इस बैठक उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि,“समीक्षा बैठकों के माध्यम से योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाकर अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। JSLPS के साथ बेहतर समन्वय से ग्रामीण आजीविका में सकारात्मक एवं व्यापक बदलाव आएगा।”

बैठक में सभी योजनाओं की मासिक प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया तथा आगामी तीन माह बाद लक्ष्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की जाएगी।

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