Raising the voice of women empowerment, the film 'Anokhi - The Journey of a Woman'

महिला सशक्तिकरण की आवाज बुलंद करती फिल्म ‘अनोखी-द जर्नी ऑफ अ वुमन’

फिल्म समीक्षा

*अनोखी – द जर्नी ऑफ अ वुमन’

*कलाकार : राहुल रॉय, कशिश दुग्गल, कल्पना शाह, जरीना वहाब, राजू खेर, पुष्पा वर्मा, अमायरा भारद्वाज, केशु राहुल, बृजेश कुमारार, मनीष चतुर्वेदी, रूपा सिंह, ओम कपूर, पूजा वर्मा, प्रिया सिंह, मास्टर अभिनव और बेबी पूजा।

* बैनर : परम मां विंध्यवासिनी फिल्म्स

*कथा, परिकल्पना और निर्माता : बी बी के सिन्हा

*निर्देशक: संजय कुमार सिन्हा *छायाकार: शानू सिन्हा *पटकथा और संवाद लेखक: जितेंद्र सुमन *गीतकार: कुकू प्रभाष, फरीद साबरी, विवेक बख्शी, राजेश मिश्रा *संगीतकार : अमन श्लोक *कोरियोग्राफर : पप्पू खन्ना, *संपादक : गोविंद दुबे *सह-निर्मात्री : रेणु सिन्हा

*वितरक : परम मां विंध्यवासिनी फिल्म्स द्वारा दोस्ती फिल्म्स एंटरटेनमेंट के सौजन्य से।

*प्रदर्शन तिथि : 23.12. 2023

*रेटिंग : 3.5/5

महिला सशक्तिकरण की आवाज बुलंद करती फिल्म ‘अनोखी-द जर्नी ऑफ अ वुमन’ समाज में गिरते पारिवारिक मूल्यों, आत्मीय संबंधों पर चिंता व्यक्त करती मार्मिक कहानी बनकर उभरी है। इस फिल्म के सभी कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं के साथ पूरी ईमानदारी से न्याय किया है. निर्देशक संजय कुमार सिन्हा ने अपनी निर्देशन क्षमता का परिचय दिया है।

प्रस्तुतिकरण की सराहना की जा सकती है। यह अलग बात है कि फिल्म का टेम्पू तेज न होने के कारण दर्शकों की एकाग्रता बिखरती है लेकिन जिज्ञासा बनी रहती है। फिल्म के गीत संगीत पर गौर करें तो औसतन ठीक ही है।

चुनौतियों के बीच संघर्ष करती एक महिला की कहानी बयां करती यह फिल्म ‘बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ’ श्लोगन का समर्थन करती नजर आती है और साथ ही वृद्धाश्रमों और अनाथालयों पर ध्यान देने की जरूरत पर जोर देती है। कुल मिलाकर देखने लायक इमोशनल फिल्म है ‘अनोखी – द जर्नी ऑफ अ वुमन’ ।

* समीक्षक : काली दास पाण्डेय

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