रांची में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 64 हजार 628 लाभुकों को पेंशन राशि का भुगतान

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था/विधवा/दिव्यांग पेंशन योजना के लाभुकों को राशि का भुगतान

योजना अंतर्गत लाभुकों को प्रत्येक माह की दर से एक-एक हजार की पेंशन राशि का भुगतान

लाभुकों को आधार बेस्ड सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभुकों को अप्रैल से मई 2025 तक का भुगतान

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा/दिव्यांग पेंशन योजना के लाभुकों को अप्रैल से जून 2025 तक का भुगतान

रांची,02.08.2025 – रांची जिला में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत कुल 64,628 लाभुकों को उनके बैंक खातों में आधार आधारित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पेंशन राशि का भुगतान किया गया है।सभी लाभुकों को पेंशन राशि का भुगतान उनके आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे किया गया है।

भुगतान विवरण इस प्रकार है :-

1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
कुल लाभुक :- 52,653

भुगतान अवधि:- अप्रैल 2025 से मई 2025 तक

प्रति माह Rs. 1,000 की दर से भुगतान

2. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना

कुल लाभुक:- 11,623

भुगतान अवधि: अप्रैल 2025 से जून 2025 तक

प्रति माह Rs.1,000 की दर से भुगतान

3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना

कुल लाभुक:- 352

भुगतान अवधि:- अप्रैल 2025 से जून 2025 तक

प्रति माह Rs.1,000 की दर से भुगतान

जिनका भुगतान लंबित, कराएं आधार सीडिंग की जांच

जिन लाभुकों को पेंशन राशि प्राप्त नहीं हो रही है, उनसे आग्रह किया गया है कि वे अपने बैंक खाते की आधार सीडिंग की स्थिति अवश्य जांच लें। इसके लिए वे अपने संबंधित प्रखंड, अंचल कार्यालय अथवा जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग से संपर्क कर सकते हैं।

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अनिवार्य

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था/विधवा/दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रहे सभी लाभुकों के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाना अनिवार्य है।

रांची जिला में अब तक कुल 65,142 लाभुकों में से 13,497 लाभुकों का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बन चुका है।

रांची जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र पेंशनधारियों से आग्रह किया गया है कि वे शीघ्रता से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा लें, ताकि पेंशन वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए और निरंतर लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

कहां बनवाएं डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट

ग्रामीण क्षेत्र: पंचायत सचिव के माध्यम से अथवा संबंधित प्रखण्ड कार्यालयों से।

शहरी क्षेत्र: अंचल कार्यालय या जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग, रांची से।

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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को समन जारी

28 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश

नई दिल्ली,02 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में वाड्रा को समन जारी किया है.

स्पेशल जज सुशांत चंगोट्रा ने वाड्रा को 28 अगस्त को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. कोर्ट ने वाड्रा को समन जारी करने के मामले में 24 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

बता दें कि 17 जुलाई को ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर भूमि से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल किया था. इसमें वाड्रा और 10 अन्य लोगों के नाम हैं.

उनकी कंपनी, मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी शामिल है. ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी की 37.64 करोड़ की 43 संपत्तियों को मनी लाऊंड्रिंग के मामले में जब्त किया है.

इस मामले की शुरुआत 2008 में हुई थी. गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन का सौदा हुआ था. स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढ़े तीन एकड़ जमीन मात्र साढ़े सात करोड़ रुपये में खरीदी थी.

वाड्रा इस कंपनी में डायरेक्टर थे. यह जमीन ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से खरीदी गई थी. इस जमीन का मालिकाना हक सिर्फ 24 घंटे में ही वाड्रा की कंपनी के नाम पर हो गया.

कोर्ट के सामने ईडी ने तर्क दिया कि लाइसेंस की फाइलों को जल्दबाजी में निपटायाा गया और वित्तीय क्षमता की जांच नहीं की गई. लाइसेंस अनुचित प्रभाव और पूर्व-आवश्यकताओं को दरकिनार करके प्राप्त किया गया.

ईडी ने वाणिज्यिक लाइसेंस जारी करने के लिए जि़म्मेदार सरकारी अधिकारियों के बयान भी पेश किए.कंपनी ने चार स्तर पर पैसे लिए.

स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने 2012 में वही जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी. इससे कंपनी को बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ. इस मामले में 2018 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी.

ईडी ने कोर्ट में कहा कि जांच में पता चला है कि वाड्रा की कंपनी को 42.62 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है, जो दिल्ली में स्तरीकृत थे, जिसके कारण इस न्यायालय का अधिकार क्षेत्र समाप्त हो गया.

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इंडिगो फ्लाइट में एक यात्री ने दूसरे यात्री को जड़ा जोरदार थप्पड़

नई दिल्ली,02 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई से कोलकाता जाने वाली फ्लाइट में अभद्रता का एक मामला सामने आया है. दरअसल विमान में एक यात्री को अचानक घबराहट हुई. एयरहोस्टेस उसे शांत कराने की कोशिश करते हुए उसे दूसरी जगह ले जाने लगी. तभी एक सह यात्री ने उसे थप्पड़ मार दिया.

रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को मुंबई से कोलकाता जाने वाली इंडियो एयरलाइंस की उड़ान में एक यात्री अचानक घबराहट हुई. तभी एयर होस्टेस ने उसकी मदद की. इस दौरान विमान में बैठे एक साथी यात्री ने उसे थप्पड़ मार दिया.

रिपोर्ट के अनुसार यह घटना उड़ान संख्या 6ई138 में घटी और विमान उतरने के बाद अपराधी को कोलकाता हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों को सौंप दिया गया. बताया जाता है कि एयरलाइन ने आरोपी को भी उपद्रवी घोषित कर दिया. विस्तृत विवरण दिए बिना, इंडिगो ने कहा कि उसे अपनी एक उड़ान में हुई मारपीट की घटना की जानकारी है.

एयरलाइन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमारे चालक दल ने स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार काम किया. संबंधित व्यक्ति की पहचान उपद्रवी के रूप में की गई और आगमन पर उसे सुरक्षा अधिकारियों को सौंप दिया गया. प्रोटोकॉल के अनुसार सभी उपयुक्त नियामक एजेंसियों को विधिवत सूचित कर दिया गया है.

यात्री द्वारा साथी यात्री को थप्पड़ मारने का कारण तुरंत पता नहीं चल पाया है. इंडिगो ने यह भी कहा कि इस तरह का अभद्र व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है. यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा और सम्मान से समझौता करने वाली किसी भी कार्रवाई की कड़ी निंदा की जाती है.

सोशल मीडिया पर साझा की गई घटना की वीडियो क्लिप में दिखाया गया है कि अपनी सीट पर बैठे एक यात्री ने अचानक घबराए हुए यात्री को थप्पड़ मार दिया. इसके बाद वह रोने लगा और उसे मौके से दूर ले जाया गया.

इसके अलावा, केबिन क्रू का एक सदस्य सीट पर बैठे यात्री से यह कहता सुनाई देता है कि ऐसा मत करो, जबकि एक अन्य यात्री यह पूछता सुनाई देता है कि उसने थप्पड़ क्यों मारा और उसे किसी को भी मारने का कोई अधिकार नहीं है.

एक यात्री यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि जिस व्यक्ति को थप्पड़ लगी थी, उसे पैनिक अटैक आया. यह तुरंत पता नहीं चल सका कि यह घटना विमान के उड़ान भरने की तैयारी के दौरान हुई या हवा में ही. विमान में सवार लोगों की संख्या के बारे में भी तुरंत जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई.

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान, 50,000 गरीब परिवारों का पूरा होगा सपना

नई दिल्ली,02 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गरीबों और झुग्गीवालों के लिए बड़ा ऐलान किया है.

उन्होंने कहा है कि 50 हजार जर्जर फ्लैट्स को ठीक किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो नए मकान बनाए जाएंगे और गरीबों को दिए जाएंगे.

इसके अलावा सीएम ने इस बात पर जोर देकर कहा कि अब किसी भी झुग्गी को बिना वैकल्पिक आवास दिए नहीं हटाया जाएगा. उन्होंने रेलवे, डीडीए और सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि विकास कार्यों के दौरान भी झुग्गीवासियों के अधिकार सुरक्षित रहें.

सीएम रेखा गुप्ता ने ऐलान किया कि दिल्ली के बाहरी इलाकों में वर्षों पहले जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन के तहत बने करीब 50,000 फ्लैट्स को पुनर्निर्मित कर झुग्गीवासियों को दिया जाएगा. इन फ्लैट्स का उपयोग पहले सही तरीके से नहीं हो पाया था.

अब इन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित किया जाएगा. केंद्र सरकार ने नवीनीकरण के लिए सहमति दी है. इससे करीब 732 करोड़ रुपये का बजट आवंटित कर फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा.

उन्होंने उत्तर-पश्चिम दिल्ली के सुल्तानपुरी में आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए बनाए गए सरकारी फ्लैटों का निरीक्षण किया.

इस दौरान सीएम ने कहा कि हमने हजारों पुराने फ्लैटों की उचित मरम्मत और सभी सुविधाएं प्रदान करने के बाद, उनके दो किलोमीटर के दायरे में रहने वाले झुग्गीवासियों को बसाने की योजना बनाई है.

उन्होंने कहा कि न तो कांग्रेस और न ही आम आदमी पार्टी सरकार ने ये फ्लैट गरीब लोगों को दिए. उन्होंने झुग्गीवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा और मूलभूत सुविधाएं देने में नाकाम रहीं.

अब हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर झुग्गी परिवार को साफ पानी, सीवर, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलें. हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि मरम्मत के बाद ये फ्लैट झुग्गीवासियों को आवंटित किए जाए.

अगर पुराने फ्लैटों की मरम्मत नहीं हो पाती है, तो जरूरत पडऩे पर हम उन्हें तोड़ देंगे और उन्हें नए घर उपलब्ध कराएंगे.
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि झुग्गी बस्तियां दिल्ली का अभिन्न हिस्सा हैं. जरूरत पड़ी तो सरकार मौजूदा झुग्गी नीति में बदलाव करेगी और अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट तक जाएगी.

यह सिर्फ आवास योजना नहीं बल्कि झुग्गीवासियों को जीवन की गरिमा लौटाने का अभियान है.

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पहाड़ी राज्यों में नहीं थम रहा बारिश का कहर, मैदानी इलाकों में रहेगी राहत

नईदिल्ली,02 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मानसूनी बारिश पहाड़ी राज्यों के साथ ही मैदानी इलाकों में भी कहर बनकर बरस रही है।

हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश से हुए भूस्खलन के कारण चंडीगढ़-मनाली फोरलेन बंद हो गया, जिससे कई वाहन फंस गए। अगले 1-2 दिनों तक कुछ राज्यों में भारी बारिश से राहत मिल सकती है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 2-3 अगस्त 2025 तक राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

हिमाचल प्रदेश के लाहुल घाटी में शुक्रवार को 3 जगह बादल फटने से बाढ़ आ गई। प्रदेश में शनिवार को 8 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कई जगहों पर बादल फटने का भी खतरा है।

जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा 3 अगस्त तक के लिए स्थगित है। उत्तराखंड में मार्ग अवरुद्ध होने से केदारनाथ यात्री फंसे हैं। साथ ही राज्य के 10 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

मानसून राजस्थान में खूब मेहरबान हुआ है, जिसके चलते जुलाई में पिछले साल की तुलना में 77 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जिससे 67 फीसदी बांध लबालब हो गए। शुक्रवार को श्रीगंगानगर से छत्तरगढ़ जाने वाली सड़क पानी के तेज बहाव में बह गई।

मौसम विभाग ने 2 अगस्त को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चुरू, झुंझनूं, सीकर और बीकानेर में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश से राहत मिल सकती है।

बुंदेलखंड में केन, चंद्रावल, बागेन रंज, बेतवा और यमुना नदी का जलस्तर बढऩे से खेत और गांव जलमग्न होने के साथ सड़क पर पानी बह रहा है।

उत्तर प्रदेश में 2 अगस्त को कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है, जबकि 3 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है। साथ ही गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।

बिहार में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं मध्य प्रदेश के सभी जिलों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।

पिछले 2 दिनों से दिल्ली में बारिश का दौर जारी है, जिससे तापमान में कुछ हद तक गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को दिन में निकली धूप के कारण मौसम में एक बार फिर उमस बढऩे के आसार बन गए हैं।

देश की राजधानी में 2 अगस्त को रोहिणी, पीतमपुरा, लक्ष्मीनगर, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 डिग्री के आस-पास रह सकता है।

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जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में एक आतंकी ढेर, 2-3 घिरे; रातभर से चल रहा ऑपरेशन

श्रीनगर,02 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया है और 2-3 आतंकियों को घेर लिया है। कुलगाम के अखल जंगल में सुबह से ही सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी जारी है।

एक अधिकारी ने कहा कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद बीती रात से ही सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इस दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू की और मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया।

भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स ने बताया, कुलगाम के अखल क्षेत्र में आतंकियों से संपर्क स्थापित हो गया है। रात भर रुक-रुक कर और तीव्र गोलीबारी जारी रही। सतर्क सैनिकों ने संतुलित गोलीबारी की और संपर्क बनाए रखते हुए घेराबंदी कड़ी कर दी।

सुरक्षाबलों ने अब तक एक आतंकवादी को मार गिराया है। अभियान जारी है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं।

इससे पहले 28 जुलाई को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत लिडवास के जंगलों में 3 आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक पहलगाम आतंकी हमले का मुख्य आरोपी सुलेमान शाह उर्फ हाशिम मूसा भी था।

30 जुलाई को पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास 2 आतंकी घुसपैठ के दौरान मारे गए थे। सेना ने इसे ऑपरेशन शिवशक्ति नाम दिया था। इनके पास से कई हथियार भी बरामद किए गए थे।

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तेजस्वी यादव का बड़ा दावा, कहा-एसआईआर के बाद मतदाता सूची से कट गया मेरा नाम

पटना,02 अगस्त  (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बिहार में चुनाव आयोग ने नई मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है।

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के घर आकर सत्यापन करने के बाद भी उनका नाम मतदाता सूची से गायब है। इतना ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका और उनकी पत्नी का मतदाता पहचान पत्र भी नहीं बना है।

तेजस्वी ने कहा, मेरा नाम मतदाता सूची से कट गया है। बीएलओ आए थे और हमारा सत्यापन करके गए, फिर भी नाम नहीं है। उन्होंने कहा, हर विधानसभा से 30,000 नाम काटे हैं।

कुल 65 लाख यानी 8.5 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने हमें जो सूची उपलब्ध करवाई है उसमें किसी मतदाता का पता, बूथ नंबर और ईपीआईसी नंबर नहीं दिया है। इससे हम हटाए गए नामों का पता नहीं लगा सकते हैं।

तेजस्वी ने कहा, हमें जो सूची दिया गया है उससे वोटर की स्थिति की कोई जानकारी नहीं मिलती। निर्वाचन आयोग गोदी आयोग बन गया है। विधानसभा अनुसार कई जगह बूथ के अनुसार डाटा क्यों नहीं दिया गया।

आईपीआईसी नंबर डालने पर कोई रिकॉर्ड नहीं बता रहा है। मैंने एसआईआर में फॉर्म भरा था। चिंता यह है कि मैं चुनाव कैसे लडूंगा। चुनाव लडऩे के लिए नागरिक होना जरूरी है। मैंने तो बीएलओ को फॉर्म भी भरकर दिया था।

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शाहरुख़ खान को ‘जवान’ के लिए मिला पहला नेशनल अवॉर्ड…….!

02.08.2025 – भारत सरकार की तरफ से 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड का ऐलान हो गया है और 35 साल में पहली बार बॉलीवुड के ‘किंग खान’ शाहरुख खान ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड अपने नाम किया है।

उन्हें ‘जवान’ फिल्म के लिए ये सम्मान मिला है। ‘किंग खान’ और ‘बादशाह ऑफ बॉलीवुड’ के नाम से मशहूर अभिनेता शाहरुख़ खान (SRK) की स्टारडम पूरी दुनिया में फैली हुई है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े सम्मान और अवॉर्ड जीतने वाले शाहरुख़ खान अपने करिश्मे, चतुराई और बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं।

‘जवान’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने के साथ ही ये सही वक्त है शाहरुख़ खान की इस फिल्म में दी गई मस्ती और धमाल को याद करने का। शाहरुख़ खान ने नेशनल अवॉर्ड जीतकर अपने नाम एक और बड़ा सम्मान जोड़ लिया है।

लेकिन इससे पहले भी उन्हें दुनिया के कई बड़े और खास अवॉर्ड मिले हैं।

भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया है और फ्रांस सरकार ने उन्हें ऑर्डर द आर्ट्स एट लेटर्स और लीजन ऑफ ऑनर जैसे बड़े सम्मान दिए हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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परिशोधन पोर्टल में पंजी-2 सुधार संबंधी शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए जिला प्रशासन की एक और पहल

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने हल्कावार शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने के दिए निर्देश

विशेषकर जिला के ग्रामीण अंचलों में किया जाएगा हल्कावार शिविर का आयोजन

शिविर में पंजी-2 सुधार से संबंधित आवेदन प्राप्त कर किया जाएगा निष्पादन

दिनांक 01-10 अगस्त 2025 तक हल्कावार शिविर आयोजित कर प्राप्त किया जाएगा आवेदन

दिनांक 11-20 अगस्त 2025 तक प्राप्त आवेदनों का होगा भौतिक सत्यापन

दिनांक 21-25 अगस्त 2025 तक भौतिक सत्यापन के उपरांत वांछित सुधार कर आवेदन का होगा निष्पादन

शिविर में दिनांक 26-30 अगस्त 2025 को होगा प्रमाण पत्र वितरण

रांची,01.08.2025 – परिशोधन पोर्टल में पंजी-2 सुधार संबंधी शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए जिला प्रशासन की ओर से एक और पहल की गई है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा परिशोधन पोर्टल से प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन हेतु अंचलवार (विशेषकर ग्रामीण अंचलों में) शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य सरकार द्वारा आम जनता की भूमि से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से परिशोधन पोर्टल प्रारंभ किया गया है। रांची जिला में इस पोर्टल पर पंजी-2 सुधार से संबंधित कई ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार रांची जिले में अंचलवार विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसकी समय सारणी निम्न प्रकार है :-

दिनांक 01-10 अगस्त 2025 तक हल्कावार शिविर आयोजित कर प्राप्त किया जाएगा आवेदन

दिनांक 11-20 अगस्त 2025 तक प्राप्त आवेदनों का होगा भौतिक सत्यापन

दिनांक 21-25 अगस्त 2025 तक भौतिक सत्यापन के उपरांत वांछित सुधार कर आवेदन का होगा निष्पादन

शिविर में दिनांक 26-30 अगस्त 2025 को होगा प्रमाण-पत्र का वितरण

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा सभी अंचल अधिकारियों को उपरोक्त तिथि-सारणी अनुसार अपने-अपने हल्कों में शिविर आयोजित कर आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही शिविर की व्यापक जानकारी आम जनता तक पहुंचे इस हेतु व्यापक प्रचार प्रसार का भी निर्देश दिया गया है।

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वज्रपात से बचाव हेतु ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ ऐप को डाउनलोड करें

अपने तथा अपने परिवार की इन आपदा से बचाव करें।

यह ऐप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी Yellow, Orange और Red Alert को मोबाइल नोटिफिकेशन और SMS के माध्यम से उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाता है

दामिनी’ ऐप 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होने पर उपयोगकर्ताओं को तुरंत सचेत करता है।

रांची,01.08.2025 – झारखण्ड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा वज्रपात से होने वाली जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने के उद्देश्य से आम जनता से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की गई है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा विकसित सचेत’ ऐप एक CAP आधारित एकीकृत चेतावनी प्रणाली है, जो वज्रपात से बचाव, सावधानी और सुरक्षा संबंधी भू-लक्षित चेतावनी प्रदान करता है। यह ऐप भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी Yellow, Orange और Red Alert को मोबाइल नोटिफिकेशन और SMS के माध्यम से उपयोगकर्ताओं तक पहुँचाता है।

वहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विकसित दामिनी’ ऐप 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होने पर उपयोगकर्ताओं को तुरंत सचेत करता है।

राज्य में इन दोनों ऐप्स के उपयोगकर्ताओं की संख्या कम है, जिसके कारण वज्रपात से संबंधित महत्वपूर्ण चेतावनियाँ जन-जन तक नहीं पहुंच पा रही है।

आम जनता से अनुरोध है कि वे Google Play Store या iOS App Store से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ ऐप डाउनलोड करें* ताकि समय पर प्राप्त चेतावनियों के माध्यम से वज्रपात से होने वाले खतरों से बचा जा सके। इस पहल से राज्य में जानमाल की हानि को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी।

लिंक में जा कर डाउनलोड करें

https://play.google.com/store/apps/details?id=de.wetteronline.wetterapp

https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cdotindia.capsache

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अरगोड़ा स्थित निजी अस्पताल में नवजात की मृत्यु प्रकरण पर जिला प्रशासन गंभीर

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने दिए जांच के आदेश

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री के आदेश पर जांच समिति का गठन

समिति में कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम शामिल

जांच के उपरांत अस्पताल प्रबंधन या संबंधित किसी भी व्यक्ति की लापरवाही या दोष सिद्ध होने पर होगी नियमसंगत कठोर कार्रवाई

रांची,01.08.2025 – रांची के अरगोड़ा स्थित निजी अस्पताल में नवजात की मृत्यु के बाद भी वेंटिलेटर पर रखने के परिजनों के आरोप को जिला प्रशासन द्वारा गंभीरता से लिया गया है।

समाचार माध्यमों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार नवजात को कथित रूप से उसकी मृत्यु के बाद भी वेंटिलेटर पर रखा गया था।

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

उनके आदेश पर एक जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम शामिल है।

यह जांच समिति विभिन्न बिंदुओं पर जांच करेगी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच के उपरांत अस्पताल प्रबंधन या संबंधित किसी भी व्यक्ति की लापरवाही या दोष सिद्ध होता है, तो उनके विरुद्ध नियमसंगत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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पत्नी को है पति को नपुंसक बोलने का अधिकार; बॉम्बे हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

मुंबई ,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि अगर कोई पत्नी वैवाहिक विवाद के दौरान अपने आरोपों को साबित करने के लिए पति को ‘नपुंसक कहती है, तो इसे मानहानि का अपराध नहीं माना जाएगा।

अदालत ने कहा कि पत्नी को यह अधिकार कानून के तहत मिला है और यह भारतीय दंड संहिता (ढ्ढक्कष्ट) की धारा 499 (मानहानि) के नौवें अपवाद के अंतर्गत संरक्षित है। न्यायमूर्ति एस.एम. मोडक की पीठ ने यह फैसला एक पति द्वारा अपनी पत्नी के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत को खारिज करते हुए सुनाया।

यह मामला एक पति-पत्नी के बीच चल रहे तलाक और भरण-पोषण के विवाद से जुड़ा है। पति ने अपनी पत्नी, ससुर और साले के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।

उसका आरोप था कि पत्नी ने तलाक, भरण-पोषण की याचिका और एक स्नढ्ढक्र में उसकी यौन अक्षमता (नपुंसकता) को लेकर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए, जिससे उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।

अप्रैल 2023 में, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पति की शिकायत यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ये आरोप वैवाहिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। लेकिन बाद में, अप्रैल 2024 में सत्र न्यायालय ने इस फैसले को पलट दिया और मामले में आगे की जांच का आदेश दिया।

सत्र न्यायालय के इसी फैसले के खिलाफ पत्नी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पत्नी की ओर से दलील दी गई कि ये आरोप न्यायिक कार्यवाही में लगाए गए थे और मानसिक उत्पीडऩ व उपेक्षा को साबित करने के लिए प्रासंगिक थे, इसलिए यह कानून के तहत संरक्षित हैं।

हाईकोर्ट ने पत्नी की दलीलों को स्वीकार करते हुए सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया और मजिस्ट्रेट के फैसले को बहाल रखा। न्यायमूर्ति मोडक ने कहा, जब कोई मुकदमा पति-पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद से संबंधित होता है, तो पत्नी को अपने पक्ष में ऐसे आरोप लगाने का अधिकार है।

अदालत ने यह भी कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत जब कोई पत्नी मानसिक उत्पीडऩ साबित करना चाहती है, तब नपुंसकता जैसे आरोप प्रासंगिक और आवश्यक माने जाते हैं।

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उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित, 9 सितंबर को होगा मतदान

नई दिल्ली ,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव को लेकर प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान आगामी 9 सितंबर को कराया जाएगा।

चुनाव आयोग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, 7 अगस्त को चुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी की जाएगी। इसके बाद इच्छुक उम्मीदवार 21 अगस्त तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि यदि विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जाता है, तो सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवार का निर्विरोध चुना जाना तय माना जाएगा। हालांकि, उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान गुप्त होता है, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना बनी रहती है।

ऐसे में राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हैं। इसके साथ ही, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की सूची तैयार कर ली है।

ईसीआई के मुताबिक, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के नियम 40 के अनुपालन में, आयोग ने निर्वाचक मंडल की सूची तैयार की है, जिसमें सभी सदस्यों के नवीनतम पते भी शामिल हैं। यह सूची राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के आधार पर वर्णमाला क्रम में व्यवस्थित की गई है।

भारत निर्वाचन आयोग में सहायक निदेशक अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि यह सूची अधिसूचना की तारीख से भारत निर्वाचन आयोग में स्थापित एक काउंटर पर खरीद के लिए उपलब्ध होगी।

बता दें कि जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव की तैयारी शुरू की। हाल ही में आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति की थी।

ईसीआई ने बयान में बताया था कि पिछले उपराष्ट्रपति निर्वाचन के दौरान लोकसभा के महासचिव को रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया था।

इसलिए, निर्वाचन आयोग ने विधि और न्याय मंत्रालय से परामर्श करके तथा राज्यसभा के उपसभापति की सहमति से राज्यसभा के महासचिव को आगामी उपराष्ट्रपति निर्वाचन के लिए रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है।

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मोदी सरकार के पांच झटकों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद किया, कांग्रेस का बड़ा आरोप

नई दिल्ली,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मोदी सरकार के पांच बड़े झटकों से पूरी तरह से प्रभावित और बर्बाद हो चुकी है.

पार्टी ने कहा कि सरकार और उसके समर्थक अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को छुपा रहे हैं और जनता से सच्चाई छिपा रहे हैं.

कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि पिछले दशक में भारत की अर्थव्यवस्था को मोदी सरकार के पांच झटकों ने पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है.

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इन झटकों के लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है. रमेश ने सबसे पहले नोटबंदी का जिक्र किया, जो देश की विकास गति को बाधित करने के साथ-साथ करोड़ों लोगों की रोजग़ार और आजीविका को नुकसान पहुंचाने वाला था.

रमेश ने कहा कि जीएसटी एक ऐसा टैक्स है जो न तो अच्छा है और न ही सरल, जिससे देश के हजारों छोटे व्यवसाय प्रभावित हुए हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि केवल बड़ी कंपनियां ही जीएसटी के खर्च और अनुपालन को बर्दाश्त कर सकती हैं, जबकि छोटे और मध्यम उद्यम इस बोझ के कारण तबाह हो रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि चीन से बढ़ते हुए आयात ने देश भर में लाखों एमएसएमई को बंद कर दिया है. गुजरात में स्टेनलेस स्टील उद्योग के करीब एक तिहाई एमएसएमई बंद हो चुके हैं.

साथ ही, भारत के कई प्रमुख निर्यात क्षेत्रों की कच्ची सामग्री और औद्योगिक घटकों की निर्भरता चीन पर बनी हुई है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हुआ है.

रमेश ने कहा कि निजी निवेश अब पहले जैसी तेजी नहीं दिखा रहा है. राजनीतिक दबाव और लगातार हो रहे छापों (रेड राज) ने उद्योग जगत का आत्मविश्वास तोड़ दिया है. इसका परिणाम यह हुआ कि भारतीय उद्योगपति दूसरे देशों की नागरिकता लेने लगे हैं.

कांग्रेस ने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों में अधिकांश भारतीयों की मजदूरी स्थिर रही है, खासकर ग्रामीण इलाकों में. घरेलू बचत घटती जा रही है, जबकि परिवारों का कर्ज बढ़ रहा है.

निजी उपभोग में गिरावट के कारण आर्थिक विकास में रुकावट आ रही है, जबकि लक्जरी खर्च जारी है, जो बढ़ती आर्थिक असमानता को दर्शाता है.

राहुल गांधी ने भी इस मामले में मोदी सरकार पर कड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था, रक्षा और विदेश नीति को तबाह कर दिया है.

गांधी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को “मृत” कहकर एक सच्चाई को स्वीकार किया है, जिसे प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को भी मान लेना चाहिए.

कांग्रेस का मानना है कि मोदी सरकार और उसके समर्थक एक काल्पनिक दुनिया में जी रहे हैं और वे अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को जनता से छुपा रहे हैं.

पार्टी ने सरकार से अर्थव्यवस्था की गंभीर स्थिति को स्वीकार करने और सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर भाषण के लिए लोगों से मांगा सुझाव

नईदिल्ली,01 अगस्त नईदिल्ली,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी की 79वीं वर्षगांठ पर लाल किले से ऐतिहासिक भाषण देने के लिए लोगों से सुझाव मांगा है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, जैसे-जैसे हम इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस के करीब पहुंच रहे हैं, मैं अपने साथी भारतीयों से सुनने के लिए उत्सुक हूं! इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस भाषण में आप किन विषयों या विचारों को प्रतिबिंबित होते देखना चाहेंगे? मायजिओ और नमो ऐप पर ओपन फोरम पर अपने विचार साझा करें।

नमो ऐप पर लोगों ने शुक्रवार से अपने विचार साझा करना शुरू कर दिए हैं। इसमें लिखा है, आपके विचार प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का हिस्सा हो सकते हैं, इन्हें अभी साझा करें! दोनों वेबसाइट में देखने पर पता चलता है कि लोग कई मुद्दों पर अपने विचार दे रहे हैं और उस पर प्रधानमंत्री मोदी से भाषण में कुछ सुनना चाहते हैं।

अभी तक सैकड़ों लोगों ने अपने विचार साझा कर दिए हैं।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी की 79वीं वर्षगांठ पर लाल किले से ऐतिहासिक भाषण देने के लिए लोगों से सुझाव मांगा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, जैसे-जैसे हम इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस के करीब पहुंच रहे हैं, मैं अपने साथी भारतीयों से सुनने के लिए उत्सुक हूं!

इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस भाषण में आप किन विषयों या विचारों को प्रतिबिंबित होते देखना चाहेंगे? मायजिओ और नमो ऐप पर ओपन फोरम पर अपने विचार साझा करें।

नमो ऐप पर लोगों ने शुक्रवार से अपने विचार साझा करना शुरू कर दिए हैं। इसमें लिखा है, आपके विचार प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण का हिस्सा हो सकते हैं, इन्हें अभी साझा करें! दोनों वेबसाइट में देखने पर पता चलता है कि लोग कई मुद्दों पर अपने विचार दे रहे हैं और उस पर प्रधानमंत्री मोदी से भाषण में कुछ सुनना चाहते हैं। अभी तक सैकड़ों लोगों ने अपने विचार साझा कर दिए हैं।

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रेप कांड में प्रज्वल रेवन्ना दोषी करार, फैसला सुन कोर्ट में रो पड़े जेडीएस पूर्व सांसद

बेंगलुरु,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जन प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के निष्कासित नेता और पूर्व लोकसभा सांसद प्रज्वल रेवन्ना को हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित एक फार्महाउस में डोमेस्टिक वर्कर से रेप के मामले में दोषी ठहराया है.

सुनवाई के दौरान दोषी ठहराए जाने के बाद रेवन्ना कोर्ट में रो पड़े। उन्हें कोर्ट रूम से बाहर निकलते समय रोते देखा गया।

इससे पहले 30 जुलाई को एक विशेष अदालत ने हासन के पूर्व सांसद के खिलाफ दर्ज चार यौन शोषण और बलात्कार के मामलों में से एक में फैसला 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया था. ताजा जानकारी के मुताबिक कोर्ट कल शनिवार को सजा का ऐलान करेगा.

वर्तमान और पूर्व सांसदों/विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत के जज संतोष गजानन भट ने गूगल मैप्स डेटा, तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण मांगा था.

बता दें कि प्रज्वल पर अपने फार्महाउस में पूर्व डोमेस्टिक वर्कर के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप था. पीडि़ता ने 28 अप्रैल, 2024 को हसन के होलेनरसीपुरा टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी.

जानकारी के मुताबिक फैसला सुनाने से पहले अदालत ने दोनों पक्षों के वकीलों से मोबाइल लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा था.

न्यायाधीश ने कहा था कि चूंकि स्पष्टीकरण आवश्यक है, इसलिए फैसला 30 जुलाई को नहीं सुनाया जा सका और इसे 1 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया.

गौरतलब है कि जेडीएस सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को अदालत में पेश किया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें वापस बेंगलुरु केंद्रीय कारागार ले जाया गया था.

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राहुल गांधी का बड़ा दावा,हमारे पास एटम बम है, फटेगा तो हिंदुस्तान में चुनाव आयोग कहीं नहीं दिखेगा

नई दिल्ली ,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि चुनाव आयोग वोट चोरी करवा रहा है और मैं 100 प्रतिशत सबूतों के साथ ये बोल रहा हूं।

राहुल गांधी ने कहा कि हमारे पास एटम बम है और ये फटेगा तो हिंदुस्तान में चुनाव आयोग कहीं नहीं दिखेगा। उन्होंने ये भी कहा कि अधिकारी रिटायर भी हो जाएंगे तो छोड़ेंगे नहीं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमारे पास सबूत है कि चुनाव आयोग वोट चोरी करवा रहा है, और मैं ये हल्के में नहीं बोल रहा हूं।

मैं 100 प्रतिशत सबूतों के साथ ये बात कह रहा हूं। हम जैसे ही ये सबूत सबके सामने रखेंगे, पूरे देश को पता चल जाएगा कि चुनाव आयोग वोट चोरी करा रहा है। किसके लिए करा रहा है—भाजपा के लिए करा रहा है। ये ओपन एंड शट है; इस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता।

उन्होंने कहा कि हमें मध्य प्रदेश में संदेह था, लोकसभा चुनाव में संदेह था, और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में संदेह था। हमें स्टेट लेवल पर लगा कि चोरी हुई है। एक करोड़ वोटर ऐड हुए थे, फिर हम थोड़ा डिटेल में गए। चुनाव आयोग हमारी मदद नहीं कर रहा था, इसलिए हमने अपनी तरफ से जांच करवाई।

इस जांच में 6 महीने लगे और जो हमें मिला है, वो एटम बॉम्ब है, और ये फटेगा तो आप हिंदुस्तान में इलेक्शन कमीशन कहीं नहीं देखेंगे। राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं सिरियसली बोल रहा हूं, चुनाव आयोग में जो भी वोट चुराने का काम कर रहे हैं, उन्हें हम छोड़ेंगे नहीं। क्योंकि आप हिंदुस्तान के खिलाफ काम कर रहे हैं, जो देशद्रोह है। आप कहीं भी हों, चाहे आप रिटायर ही क्यों न हो जाएं, हम आपको ढूंढ निकालेंगे।

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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को फंसाने का था आदेश,मालेगांव ब्लास्ट केस में पूर्व एटीएस अफसर का सनसनीखेज खुलासा

मुंबई ,01 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  साल 2008 के मालेगांव बम धमाका मामले में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित समेत सभी 7 आरोपियों के बरी होने के ठीक एक दिन बाद, महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (्रञ्जस्) के एक पूर्व अधिकारी ने सनसनीखेज खुलासा किया है।

धमाके की शुरुआती जांच करने वाली टीम का हिस्सा रहे रिटायर्ड इंस्पेक्टर महबूब मुजावर ने दावा किया है कि उन पर तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (क्रस्स्) के प्रमुख मोहन भागवत को इस केस में फंसाने का दबाव बनाया गया था, ताकि “भगवा आतंकवाद” की थ्योरी को गढ़ा जा सके।

गुरुवार को हृढ्ढ्र की स्पेशल कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बाद महबूब मुजावर ने एक के बाद एक कई चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने कहा, “भगवा आतंकवाद की पूरी संकल्पना एक झूठ थी।

मुझे इस केस में इसलिए शामिल किया गया था ताकि इसे साबित किया जा सके। मुझे सीधे तौर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को फंसाने के निर्देश दिए गए थे।”

मुजावर ने आरोप लगाया कि ये आदेश तत्कालीन मालेगांव धमाके के प्रमुख जांच अधिकारी परमबीर सिंह और उनके ऊपर के अधिकारियों ने दिए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार और एजेंसियों का मकसद मोहन भागवत और अन्य निर्दोष लोगों को इस मामले में फंसाना था।

पूर्व अधिकारी ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जिन संदिग्धों, संदीप डांगे और रामजी कलसंगरा, की मौत हो चुकी थी, उन्हें चार्जशीट में जानबूझकर जिंदा दिखाया गया। मुजावर ने कहा, “मुझे आदेश दिया गया कि उनकी लोकेशन ट्रेस करो, जबकि वो मर चुके थे।”

महबूब मुजावर ने बताया कि जब उन्होंने इन “भयावह” और गैर-कानूनी आदेशों को मानने से इनकार कर दिया, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी।

उन्होंने कहा, “मैंने आदेशों का पालन नहीं किया, इसलिए मेरे खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर दिया गया और इसने मेरे 40 साल के बेदाग करियर को बर्बाद कर दिया।

हालांकि, बाद में मैं उन झूठे मुकदमों से निर्दोष साबित हुआ।” उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं।

मुजावर ने सभी आरोपियों के बरी होने पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे खुशी है कि सभी निर्दोष बरी हुए और इसमें मेरा भी छोटा सा योगदान है। अदालत के फैसले ने एटीएस के किए गए फर्जी कामों को रद्द कर दिया है।”

गौरतलब है कि 29 सितंबर, 2008 को हुए मालेगांव धमाके में 6 लोगों की मौत हुई थी और 101 लोग घायल हुए थे। मामले की जांच पहले ्रञ्जस् ने की थी, जिसके बाद इसे हृढ्ढ्र को सौंप दिया गया था। 17 साल बाद आए इस फैसले ने अब कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देवघर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में शिरकत करने के बाद रांची पहुंची

राँची। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू झारखण्ड के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

गुरुवार को देवघर एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में शिरकत करने के बाद रांची पहुंची।

वे राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगी और शुक्रवार यानि एक अगस्त को धनबाद के लिए रवाना होंगी।

धनबाद के लिए रवाना होंगी, जहां वे 45वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर निर्धारित है।

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भगवा आतंकवाद कहनेवाले कांग्रेस नेता माफी मांगें

मालेगांव ब्लास्ट केस में एनआईए कोर्ट के फैसले पर बोलीं उमा भारती

नई दिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मालेगांव ब्लास्ट मामले में एनआईए कोर्ट के फैसले पर उमा भारती ने कहा कि भगवा आतंकवाद कहने वाले कांग्रेस नेताओं को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को कलंकित करने का प्रयास किया गया था।

साध्वी प्रज्ञा और अन्य आरोपियों के बरी होने पर मैं राहत महसूस कर रही हूं। बता दें कि एनआईए कोर्ट ने बीजेपी की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सातों आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई ”विश्वसनीय और ठोस सबूत नहीं हैं।

उमा भारती ने कहा कि मुसलमानों में हिंदुओं के प्रति खौफ पैदा करने के लिए यह कांग्रेस द्वारा साजिश की गई थी। साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित जैसे आर्मी ऑफिसर को प्रताडि़त करना, ये सब तत्कालीन कांग्रेस सरकार की साजिश थी। जिस तरह की यातनाएं साध्वी प्रज्ञा को दी गई वे बेहद अमानवीय थी।

उमा भारती ने आरोप लगाया कि यह साजिश इसलिए की गई ताकि पूरा का पूरा हिंदू समाज आतंकी घोषित हो जाए और अल्पसंख्यक लोग डरकर कांग्रेस को वोट देने लगें। हम भी एक प्रकार से पिछले 17 वर्षों से मानसिक यातना की जेल में कैद थे।

लेकिन आज कोर्ट के फैसले से काफी राहत मिली है। उमा भारती ने कहा कि आज साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित और अन्य साथियों की रिहाई हम सबकी रिहाई है लेकिन कांग्रेस के नेताओं को माफी मांगनी चाहिए।

वहीं इस फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी के इस रिएक्शन पर कि सबूत कमजोर थे, उमा भारती ने कहा-असदुद्दीन ओवैसी को मैं कहूंगी कि जो सबूत रखे गए थे वो कमजोर नहीं किए जा सकते थे।

उस समय कांग्रेस की सरकार ने वे सबूत रखे थे। उन्हीं सबूतों के आधार पर यह कोर्ट का फैसला आया है। उन्होंने कहा कि ओवैसी साहब से मैं अपील करूंगी कि वे भी उसी तरह से हो जाएं जैसे ऑपरेशन सिंदूर के बाद हो गए थे। इससे देश में उनका सम्मान और बढ़ेगा।

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कर्नाटक धर्मस्थल मामला: छठी जगह खुदाई में मिले मानव अवशेष

एसआईटी को बड़ी सफलता मिली

बेंगलुरु,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक के धर्मस्थल से जुड़े कथित सामूहिक बलात्कार और हत्याकांड में विशेष जांच दल (एसआईटी) को बड़ी सफलता मिली है।

मामला का खुलासा करने वाले व्यक्ति और मंदिर के पूर्व सफाई कर्मी की निशानदेही पर आज छठे स्थान पर खुदाई की गई। यहां एसआईटी को मानव कंकाल के अवशेष मिले हैं। मामले में इसे निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, क्योंकि अब तक 5 जगहों की खुदाई में कुछ नहीं मिला था।

सूत्रों ने एसआईटी सूत्रों के हवाले से कहा है कि छठे स्थान पर कंकाल के अवशेष मिले हैं। एसआईटी ने इन्हें बरामद कर लिया है और माना जा रहा है कि इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।

यहां कल से खुदाई की जा रही थी और करीब 4 फीट की खुदाई के बाद कुछ हड्डियां मिली हैं।

एक सूत्र ने कहा, हमें आंशिक कंकाल के अवशेष मिले हैं। यह संभवत: किसी पुरुष के हैं।

इससे पहले व्हिसलब्लोअर की निशानदेही पर एसआईटी ने 5 जगहों पर खुदाई की थी। हालांकि, इनमें से किसी भी जगह पर कुछ नहीं मिला था।

हालांकि, चौथी जगह पर खुदाई में एसआईटी को एक पुरुष का पैन कार्ड और एक महिला के नाम से एटीएम कार्ड मिला था। बता दें कि इस व्हिसलब्लोअर ने 15 संदिग्ध जगहें एसआईटी को बताई हैं। इनमें से 8 नेत्रवती नदी के किनारे, जबकि बाकी नदी के पास राजमार्ग के किनारे घने जंगलों में हैं।

दरअसल, मंदिर में 16 साल तक सफाईकर्मी रहे एक शख्स ने दावा किया कि उसे कई महिलाओं और बच्चियों की लाशें जलाने और दफनाने के लिए मजबूर किया गया।

कथित तौर पर इनके साथ बलात्कार कर हत्या की गई थी। ये सब मंदिर से जुड़े ताकतवर लोगों के कहने पर हुआ। अब सालों बाद इस सफाईकर्मी ने घटना का खुलासा किया है और इसके कुछ सबूत भी पुलिस को सौंपे हैं। एसआईटी मामले की जांच कर रही है।

धर्मस्थल मंदिर कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में नेत्रवती नदी के किनारे बसा बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव का रूप माने जाने वाले श्री मंजुनाथ का है।

खास बात है कि मंदिर में पूजा हिंदू पंडित करते हैं, लेकिन संचालन जैन धर्म के पास है। यहां रोजाना करीब 2,000 श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में मुफ्त भोजन, शिक्षा और इलाज की सुविधाएं भी दी जाती हैं।

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राहुल गांधी का ट्रंप को समर्थन, कहा-भाजपा ने अडाणी के लिए अर्थव्यवस्था को खत्म किया

नईदिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को मरी हुई अर्थव्यवस्था कहा था।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा कि ट्रंप ने बिल्कुल सही कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था खत्म हो चुकी है और इससे पूरी दुनिया वाकिफ है।

उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि भाजपा ने भारत की अर्थव्यवस्था को अडाणी (गौतम अडाणी) के लिए खत्म किया है।

राहुल ने कहा, ट्रंप सही हैं। ये बात सभी जानते हैं, सिर्फ प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर। सभी जानते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था मरी हुई अर्थव्यवस्था है।

मुझे खुशी है कि ट्रंप ने एक तथ्य रखा है। यह प्रश्न क्यों पूछा जा रहा है। क्या लोग जानते नहीं हैं? पूरी दुनिया जानती है कि भाजपा ने अर्थव्यवस्था को खत्म किया है। भाजपा ने अडाणी की मदद करने के लिए अर्थव्यवस्था को खत्म किया है।

राहुल ने आगे कहा, विदेश मंत्री कहते हैं कि हमारे पास शानदार विदेश नीति है। एक तरफ अमेरिका आपको गाली दे रहा है, दूसरी तरफ चीन आपके पीछे पड़ा है।

आप विदेश प्रतिनिधि पूरी दुनिया में भेजते हैं, तो एक भी देश पाकिस्तान की निंदा नहीं करता है। इन्हें देश चलाना नहीं आता? भाषण में ट्रंप और चीन का नाम नहीं लिया। पाकिस्तान के सेना प्रमुख को ट्रंप लंच दे रहे हैं और ये कह रहे कि हमें सफलता मिली।

ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट लिखकर भारतीय अर्थव्यस्था को मरा हुआ बताया। उन्होंने लिखा, मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि भारत रूस के साथ क्या करता है।

वे मिलकर अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को कैसे गिरा सकते हैं, मुझे इसका भी फर्क नहीं। अमेरिका ने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है क्योंकि उसके टैरिफ दुनिया में सबसे अधिक हैं। अमेरिका-रूस भी व्यापार नहीं करते।

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जब तक चिदंबरम रहे, अफजल गुरु को फांसी नहीं हुई

शाह के दावों का पूर्व गृह मंत्री ने किया खंडन

नई दिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को आतंकवादी अफजल गुरु की फांसी के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दावों का खंडन किया है. उन्होंने कहा कि शाह का आरोप, झूठ और तोड़-मरोड़ का मिश्रण है.

एक्स पोस्ट में चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु की फांसी से संबंधित कार्यवाही भारत के गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान नहीं हुई थी.

चिदंबरम ने आगे कहा कि, गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बयान दिया कि, जब कि, पी चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब तक अफजल गुरु को फांसी नहीं दी जा सकती थी. चिदंबरम ने कहा कि, अमित शाह ने तोड़-मरोड़कर बयान पेश किया है.

घटनाक्रम का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने आगे कहा, अदालतों द्वारा दोषसिद्धि और सजा सुनाए जाने के बाद अफजल गुरु की पत्नी ने उसकी ओर से अक्टूबर 2006 में भारत के राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की.

राष्ट्रपति ने 3 फरवरी 2013 को दया याचिका खारिज कर दी. अफजल गुरु को छह दिन बाद 9 फरवरी 2013 को फांसी दे दी गई. चिदंबरम ने कहा कि, वे 1 दिसंबर 2008 और 31 जुलाई 2012 के दौरान गृह मंत्री थे.

चिदंबरम ने आगे कहा कि, इस पूरी अवधि के दौरान, अफजल गुरु की दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित रही. कानून यह है कि जब तक दया याचिका का निपटारा नहीं हो जाता, तब तक मृत्युदंड की सजा पर अमल नहीं किया जा सकता.

चिदंबरम की यह टिप्पणी अमित शाह के राज्यसभा में पूर्व गृह मंत्री की ऑपरेशन सिंदूर पर की गई सबूत वाली टिप्पणी की आलोचना के बाद आई है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि, जब तक चिदंबरम गृह मंत्री थे, तब तक अफजल गुरु को फांसी की सजा नहीं दी गई थी. उन्होंने कांग्रेस नेता पर यह सवाल उठाने के लिए निशाना साधा कि आतंकवादी देशी थे या पाकिस्तान से आए थे.

शाह ने कहा कि, चिदंबरम ने उनके इस्तीफे की मांग की और ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाए. उन्होंने बार-बार इस सबूत को चुनौती दी कि पहलगाम हमले में शामिल लोग पाकिस्तानी आतंकवादी थे.

शाह ने सवाल किया, आज, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वह किसे बचाने की कोशिश कर रहे थे…पाकिस्तान को.. लश्कर-ए-तैयबा को.. या फिर आतंकवादियों को..क्या आपको इस पर शर्म नहीं आती.शाह ने कहा कि, लेकिन ईश्वर की कृपा से, जिस दिन उन्होंने ये सवाल उठाए, उसी दिन तीनों आतंकवादी मारे गए.

यूपीए कार्यकाल में गृह मंत्री रहे चिदंबरम ने हाल ही में कहा था कि सरकार यह बताने को तैयार नहीं है कि एनआईए ने इतने हफ्तों में क्या किया है.

क्या उन्होंने आतंकवादियों की पहचान की है, वे कहां से आए थे? मेरा मतलब है, जहाँ तक हम जानते हैं, वे स्थानीय आतंकवादी हो सकते हैं. आप यह क्यों मान रहे हैं कि वे पाकिस्तान से आए थे. इसका कोई सबूत नहीं है. वे नुकसान भी छिपा रहे हैं.

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मालेगांव विस्फोट के आरोपियों के बरी होने पर भड़के ओवैसी, सरकार पर साधा निशाना

कहा- आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया 

नई दिल्ली,31 जुलाई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने पर निराशा व्यक्त की. उन्होंने इसे जानबूझकर की गई घटिया जांच और प्रॉसिक्यूशन का नतीजा करार दिया.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख ने एक्स पर लिखा, मालेगांव विस्फोट मामले का फैसला निराशाजनक है. विस्फोट में छह नमाजी मारे गए और लगभग 100 घायल हुए.

उन्हें उनके धर्म के कारण निशाना बनाया गया. जानबूझकर की गई घटिया जांच/अभियोजन आरोपियों को बरी किए जाने के लिए जिम्मेदार है.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, विस्फोट के 17 साल बाद अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया. क्या मोदी और फडणवीस सरकारें इस फैसले के खिलाफ उसी तरह अपील करेंगी जैसे उन्होंने मुंबई ट्रेन विस्फोटों में आरोपियों को बरी करने के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी?

क्या महाराष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दल जवाबदेही की मांग करेंगे? उन 6 लोगों की हत्या किसने की?

हैदराबाद के सांसद ने आगे कहा, याद कीजिए 2016 में मामले की तत्कालीन अभियोजक रोहिणी सालियान ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि एनआईए ने उनसे आरोपियों के प्रति नरम रुख अपनाने को कहा था.

याद कीजिए, 2017 में एनआईए ने साध्वी प्रज्ञा को बरी करवाने की कोशिश की थी. वही व्यक्ति 2019 में भाजपा सांसद बनीं.

करकरे ने मालेगांव में साजिश का पर्दाफाश किया था और दुर्भाग्य से 26/11 के हमलों में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उन्हें मार डाला था. भाजपा सांसद ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्होंने उन्हें श्राप दिया था और उनकी मृत्यु उसी श्राप का परिणाम थी.

क्या एनआईए/एटीएस अधिकारियों को उनकी दोषपूर्ण जांच के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा? मुझे लगता है कि हमें इसका जवाब पता है. यह आतंकवाद पर सख्त मोदी सरकार है. दुनिया याद रखेगी कि इसने एक आतंकवाद के आरोपी को सांसद बनाया था.

बता दें एनआईए कोर्ट ने गुरुवार को 2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले सभी आरोपियों को सबूतों के आभाव में बरी कर दिया.अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह तो साबित कर दिया कि मालेगांव में विस्फोट हुआ था, लेकिन यह साबित नहीं कर पाया.

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