चंडीगढ़ ,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी। पंजाब में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मान सरकार ने फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल की शुरुआत की हुई है।इस पोर्टल से निवेशकों को 45 दिनों के भीतर सभी मंजूरियां प्रदान करना सुनिश्चित होगा। यह राज्य में औद्योगिक मॉडल शासन की रीढ़ है।
पोर्टल से इन्वेस्टमेंट को नए पंख लगेंगे। पांच करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स को ऑनलाइन मंजूरी मिलेगी। यह राज्य में ई-गवर्नेंस व औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा परिवर्तन है।
पंजाब को देश के औद्योगिक केंद्र के रूप में उभारने के लिए उद्योगपतियों को फास्ट ट्रैक पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल पंजाब सरकार का एक दूरदर्शी एवं निवेशक अनुकूल पहल है। मैन्युफैक्चरिंग से लेकर आईटी तक, अब उद्योगों को सिंगल विंडो क्लियरेंस सुविधा मिलेगी।
फास्ट ट्रैक पोर्टल से निवेश की तस्वीर बदलेगी तथा पारदर्शिता व गति से पंजाब उद्योग हब बन रहा है।मुख्यमंत्री भगवंत मान का साफ कहना है कि पंजाब को उद्योग जगत में अग्रणी राज्य बनाना है। मान कहते हैं कि हम स्किल डेवल्पमेंट के लिए भी प्रयास कर रहे हैं ताकि उद्योग जगत को पंजाब से ही कुशल श्रमिक मिल सकें।
मान साफ कहते हैं ये सुधार अंत नहीं हैं, बल्कि ये एक आंदोलन की शुरुआत हैं – एक ऐसा आंदोलन जहां व्यापार करने में आसानी एक नारा नहीं बल्कि एक संस्कृति बन जाती है। इस क्रांतिकारी कदम का उद्देश्य राज्य में अपनी इकाइयाँ स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों के लिए व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना है।
पंजाब सरकार के इस कदम से हजारों उद्यमियों के लिए राहतभरा कदम है जो पहले फाइलों के ढेरों और बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से परेशान रहते थे।अब उन्हें ऐसी समस्याओं से राहत मिली है। उद्योगपतियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो और सिंगल पेन सिस्टम शुरू किया गया है ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। यहां काम करने वाले उद्योगपति रोजगार के अधिक अवसर पैदा करते हैं, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलती है।
नई दिल्ली ,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हुए अटैक के बाद दिल्ली पुलिस में बड़ा बदलाव हुआ है। सतीश गोलचा को नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है।
पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे एसबीके सिंह को इस पद से फिलहाल हटा दिया गया है।
सतीश गोलचा वर्तमान में दिल्ली में जेल निदेशक के पद पर तैनात हैं। इससे पहले डीजी होमगार्ड्स एसबीके सिंह को दिल्ली पुलिस आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था।
बता दें, 1992 बैच के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा ने दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त इंटेलीजेंस के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
22.08.2025 के प्रातः 08:00 बजे से दिनांक 28.08.2025 के रात्रि 10:00 तक के लिए निषेधाज्ञा लागू
झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 1000 मीटर के दायरे में (माननीय उच्च न्यायालय झारखंड, रांची को छोड़कर) निषेधाज्ञा
रांची,21.08.2025 – विधानसभा भवन में षष्ठम झारखंड विधानसभा का तृतीय (मानसून) सत्र रांची में दिनांक 22.08.2025 से 28.08.2025 तक आहूत है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, राँची एवं अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था, राँची के संयुक्तादेश मैं निहित निर्देश के आलोक में विधानसभा परिसर के 1000 मीटर के दायरे में किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे।
इसके मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टिकोण से अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बी०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखंड विधानसभा (नया विधानसभा) परिसर के 1000 मीटर के दायरे में (माननीय उच्च न्यायालय झारखंड, रांची को छोड़कर) निषेधाज्ञा जारी की गई है, जो निम्न है :-
1- उक्त क्षेत्र में पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।
2- किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे बंदूक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।
3- किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे-लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर)।
4- किसी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली या आम सभा का आयोजन करना।
5- किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोडकर)।
यह निषेधाज्ञा दिनांक 22.08.2025 के प्रातः 08:00 बजे से दिनांक 28.08.2025 के रात्रि 10:00 तक के लिए तक प्रभावी रहेगा।
नईदिल्ली,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । 21 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन है। विपक्ष के हंगामे के चलते आज लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
हंगामे को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को फटकार भी लगाई। इस सत्र में बिहार में एसआईआर को लेकर खूब विवाद हुआ, जिसने दोनों सदनों की कार्यवाही को प्रभावित किया।
सत्र के दौरान लोकसभा से 12 और राज्यसभा से 14 विधेयक पारित हुए। लोकसभा से मर्चेंट शिपिंग विधेयक, मणिपुर जीएसटी संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, आयकर विधेयक, टैक्सेशन लॉज (संशोधन) विधेयक, भारतीय बंदरगाह विधेयक, खनन और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक और आईआईएम संशोधन विधेयक पारित हुए। राज्यसभा में मणिपुर से जुड़े 2 विधेयक, मर्चेंट शिपिंग विधेयक बिल और गोवा विधानसभा से जुड़ा प्रतिनिधित्व संशोधन विधेयक समेत कुछ और विधेयक पारित हुए।
लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा विधेयक पारित किया गया। इसमें मनी आधारित गेमों को विनियमित करने के प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाने वाले 3 विधेयक भी पेश किए गए।
इनमें प्रावधान हैं कि अगर मुख्यमंत्री और मंत्री को 30 दिन तक लगातार हिरासत में रखा गया तो उन्हें पद से इस्तीफा देना होगा। विपक्ष ने इन विधेयकों की प्रति फाड़कर उसकी टुकड़े गृह मंत्री अमित शाह की ओर फेंक दिए।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि सदन में केवल 37 घंटे ही चर्चा हो सकी, जबकि 120 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। साथ ही 2 बार स्थगन के बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
उन्होंने बताया कि सत्र में 419 सवाल किए गए, जिनमें से 55 के उत्तर दिए गए। स्पीकर ने हंगामे पर नाराजगी भी जताई। संसद के दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल नहीं हो सका।
संसद में सबसे ज्यादा हंगामा बिहार में चुनाव आयोग के एसआईआर के मुद्दे पर हुआ। इसे लेकर विपक्षी सांसदों ने लगभग हर दिन सदन परिसर में प्रदर्शन किया।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विशेष चर्चा भी हुई। इसके बाद कथित वोट चोरी के मुद्दे पर विपक्ष ने खूब हंगामा किया। हंगामे के बीच कई अहम विधेयक बिना चर्चा के ध्वनिमत, आंशिक चर्चा या विपक्ष के वॉकआउट के बीच ही पारित हो गए।
संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ था और 21 अगस्त तक चला। पहले इसे 12 अगस्त को ही खत्म होना था। इस दौरान 18 बैठकें प्रस्तावित की गई थीं।
सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार रही और शुरू के कुछ दिनों में तो लगातार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। इसके बाद वरिष्ठ सांसदों और स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें संसद सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी।
श्रीनगर,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सीबीआई ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एक पुलिसकर्मी को कथित तौर पर हिरासत में प्रताडि़त करने के मामले में छह पुलिसकर्मियों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारियां सुप्रीम कोर्ट के 21 जुलाई के निर्देश के बाद की गई है जिसमें जम्मू-कश्मीर में एक पुलिस कांस्टेबल के साथ क्रूर और अमानवीय यातना को गंभीरता से लिया गया था.
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार पुलिसकर्मियों में एक पुलिस उपाधीक्षक, एक निरीक्षक और एक सहायक उप-निरीक्षक शामिल हैं. आरोपी पुलिसकर्मियों को अपने हथियार और अन्य सरकारी सामान संबंधित जिला पुलिस लाइन में जमा करने का निर्देश दिया गया है.
आरोपी पुलिसकर्मियों में से एक – जो मानदेय पर काम करने वाला एक विशेष पुलिस अधिकारी है – को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) की सूची से हटा दिया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि आगे की जानकारी का इंतजार है. 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जम्मू-कश्मीर में एक पुलिस कांस्टेबल को हिरासत में क्रूर और अमानवीय यातना दिए जाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन को उसे 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया.
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि अवैध हिरासत के दौरान कांस्टेबल को आई चोटें. विशेष रूप से उसके जननांगों को पूरी तरह से विकृत करना, उसके जननांगों पर काली मिर्च पाउडर डालना और बिजली के झटके देना, उसे दी गई अमानवीय गंभीर यातना की याद दिलाते हैं.
पीठ ने कहा, इन सभी तथ्यों का संयुक्त प्रभाव इस न्यायालय की अंतरात्मा को बहुत अधिक झकझोर देने वाला है. पीठ ने आगे कहा कि अनुच्छेद 21 का उल्लंघन न केवल स्पष्ट है, बल्कि गंभीर भी है. पीठ ने कहा कि कांस्टेबल को साथी सरकारी अधिकारियों की हिरासत में जानलेवा चोटें आई और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी निवारण नहीं किया गया.
सीबीआई ने 29 जुलाई को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था. उन पर आपराधिक साजिश, हत्या के प्रयास, गलत तरीके से बंधक बनाने और खतरनाक हथियारों से जानबूझकर चोट पहुँचाने के आरोप लगाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए एक महीने और जांच पूरी करने के लिए तीन महीने का समय दिया था.
अदालत का यह आदेश पीडि़त की पत्नी की शिकायत पर आया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति को मादक पदार्थों के एक मामले में तलब किए जाने के बाद छह दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और प्रताडि़त किया गया.
उन्होंने दावा किया कि आरोपी अधिकारियों ने लोहे की छड़ों और लकड़ी के डंडों का इस्तेमाल किया, बिजली के झटके दिए, उनके गुप्तांगों को विकृत किया, यहां तक कि उनके मलाशय में लाल मिर्च भी डाल दी.
गुवाहाटी,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। एक ऐतिहासिक फैसले में गुवाहाटी में एक विशेष टाडा (आतंकवादी और विघटनकारी गतिविधियां) अदालत ने गैरकानूनी यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम (उल्फा) के 38 पूर्व नेताओं और सदस्यों को बरी कर दिया. इनमें अरबिंद राजखोवा, अनुप चेतिया, शशधर चौधरी, प्रदीप गोगोई, सुनील नाथ, कल्पज्योति नियोग, राजू बरुआ, मुनिन नोबिस और अनादर ठाकुरिया शामिल हैं.
यह मामला मूल रूप से असम के दिसपुर पुलिस स्टेशन में जबरन वसूली, आतंक फैलाने और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के आरोपों में केस संख्या 1/1991 के रूप में दर्ज किया गया था.
बाद में टाडा केस में बदल दिया गया. मुकदमे की कार्यवाही 2001 में शुरू हुई और लगभग 25 साल तक चली. इसके बाद बुधवार को फैसला आया.
इस मामले के 45 आरोपियों में से उल्फा (स्वतंत्र) कमांडर-इन-चीफ परेश बरुआ सहित तीन अभी भी फरार हैं, जबकि चार अन्य की पिछले कुछ वर्षों में मृत्यु हो चुकी है. फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उल्फा के पूर्व महासचिव अनूप चेतिया ने कहा, सरकार वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, इसलिए हमें बरी कर दिया गया.
हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और आज के फैसले से हमें बड़ी संतुष्टि मिली है. हम लोकतांत्रिक तरीके से देश और जनता की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. एक और टाडा मामला अभी बाकी है, जिसमें हमारे 11-12 सदस्य शामिल हैं.
उल्फा के पूर्व अध्यक्ष अरबिंद राजखोवा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, हमारे कई साथियों को न्याय की प्रतीक्षा में गंभीर आर्थिक और भावनात्मक कष्टों का सामना करना पड़ा.
आज का फैसला उस लंबे इंतजार का अंत करता है और हम न्याय देने के लिए अदालत का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं.
इस बरी होने को असम के राजनीतिक और न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में देखा जा रहा है. इससे तीन दशक से भी अधिक समय पहले उल्फा उग्रवाद के चरम पर शुरू हुआ एक अध्याय समाप्त हो गया है.
नई दिल्ली,21 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए नामांकन का दौर जारी है. विपक्षी दलों (इंडिया ब्लॉक) के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी ने आज गुरुवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया. उन्होंने अब से कुछ देर पहले ही नामांकन किया.
इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राज्यसभा सदस्य और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत तमाम विपक्षी दलों के नेता उपस्थित रहे. वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के कैंडीडेट और महाराष्ट्र के गवर्नर सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया था.
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने नामांकन के बाद जोर देकर कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक व्यक्ति के बारे में नहीं है, बल्कि उस भारत के विचार की पुष्टि करता है जहां संसद ईमानदारी से काम करे, असहमति का सम्मान हो और संस्थाएँ स्वतंत्रता और निष्पक्षता के साथ लोगों की सेवा करें.
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी ने संकल्प लिया कि अगर वे निर्वाचित होते हैं, तो उपराष्ट्रपति पद की भूमिका निष्पक्षता, गरिमा और संवाद व शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे.
रेड्डी ने एक बयान में कहा कि आज, मुझे विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने का सम्मान मिला. मैंने यह काम विनम्रता, जि़म्मेदारी और हमारे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ किया.
उन्होंने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, विधि के छात्र और इस गणराज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं में निहित एक नागरिक के रूप में, जनसेवा के मेरे जीवन ने मुझे सिखाया है कि भारत की असली ताकत प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा, संवैधानिक नैतिकता की रक्षा और हमारी विविधता में एकता में निहित है.
उन्होंने कहा कि राज्यसभा के सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति पर संसदीय लोकतंत्र की सर्वोच्च परंपराओं की रक्षा करने की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचित होता हूं, तो मैं निष्पक्षता, गरिमा और संवाद एवं शिष्टाचार के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इस भूमिका का निर्वहन करने का वचन देता हूं.
रेड्डी ने विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा उन पर भरोसा जताने के लिए और उन अनगिनत नागरिकों के प्रति भी गहरा आभार व्यक्त किया जो न्याय, समानता और सद्भाव के इस सामूहिक संघर्ष को प्रेरित करते रहते हैं.
रेड्डी ने आगे कहा कि हमारे संविधान में आस्था और अपने लोगों में आशा के साथ, मैं इस यात्रा पर निकल रहा हूं. हमारी लोकतांत्रिक भावना हम सभी का मार्गदर्शन करती रहे. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं.
राज्यसभा के मनोनीत सदस्य भी मतदान के पात्र होते हैं. निर्वाचक मंडल की प्रभावी संख्या 781 है और बहुमत का आंकड़ा 391 है. गोवा के पहले लोकायुक्त रेड्डी, हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं.
नामांकन दाखिल करने से पहले सुदर्शन रेड्डी ने प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उसके बाद उन्होंने कहा कि बेशक, संख्याएं मायने रखती हैं, लेकिन मुझे उम्मीद है. उन्होंने कहा कि चूंकि मैं किसी राजनीतिक दल से नहीं हूं, इसलिए मुझे विश्वास है कि सभी दल मेरा समर्थन करेंगे. मैंने कल बुधवार को यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर दी थी. यह सिर्फ विचारधारा की लड़ाई है.
बता दें, दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत राज्यों से आते हैं. ऐसे में जो भी उम्मीदवार जीतेगा, वह दक्षिण का प्रतिनिधित्व करेगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को बी सुदर्शन का घटक दलों के सभी नेताओं से परिचय कराया.
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रेड्डी को इस हफ्ते की शुरुआत में विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में घोषित किया गया था. उनका मुकाबला एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से होगा. सुदर्शन के नामांकन के समय संसद में दौरान विपक्षी दलों के नेताओं के भी उनके साथ रहने की उम्मीद है.
इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने बुधवार को कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी का नामांकन राज्यसभा के कामकाज में निष्पक्षता, निष्पक्षता और गरिमा बहाल करने के लिए विपक्ष की दृढ़ प्रतिबद्धता है.
संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के सदस्यों को संबोधित करते हुए खडग़े ने कहा कि विपक्षी सदस्यों को उच्च सदन में महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंता के मामलों को उठाने का अवसर नहीं दिया गया है और इस उल्लंघन से बचने के लिए सुदर्शन रेड्डी का निर्वाचित होना महत्वपूर्ण है.
जमशेदपुर,20.08.2025 – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज अपनी धर्मपत्नी एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन संग स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे दिवंगत रामदास सोरेन जी के घोड़ाबांधा, जमशेदपुर स्थित आवास पहुंचे। यहां उन्होंने दिवंगत रामदास सोरेन जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री शोकाकुल परिजनों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना जताई। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से कामना की। विदित हो कि शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन जी का 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के बाद रामदास सोरेन जी का निधन इस राज्य के साथ मेरे लिए अपूरणीय क्षति
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिशोम गुरु और मेरे बाबा शिबू सोरेन जी के निधन के एक पखवाड़े के अंदर ही रामदास सोरेन जी के इस तरह चले जाने की पीड़ा मेरे लिए असहनीय है। मन व्याकुल और व्यथित है। उनका निधन इस राज्य के साथ मेरे लिए अपूरणीय क्षति है। इस वजह से जो शून्यता आई है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है।
संघर्ष से बनाई थी पहचान, झारखंड आंदोलन में था अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिवंगत रामदास सोरेन जी ने संघर्ष से अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने स्मृति शेष दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के नेतृत्व में अलग झारखंड की खातिर हुए आंदोलन में अहम योगदान दिया था। उनका व्यवहार काफी सरल और सहज था। एक आंदोलनकारी के साथ उनका व्यापक सामाजिक सरोकार था। वे अपने सार्वजनिक जीवन में आम लोगों के दुःख -दर्द और समस्याएं दूर करने के लिए हमेशा खड़े रहे। वे अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका व्यक्तित्व और कार्य सदैव उर्जा प्रदान करता रहेगा।
बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, लगातार कर रहे थे प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री के रूप में रामदास सोरेन जी काफी बेहतर कार्य कर रहे थे। सरकारी विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए उन्होंने कई नई पहल की थी। सरकारी विद्यालयों में आधारभूत संरचना मजबूत करने का काम तेज गति से हो रहा था। गांव- देहात के गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ उनका समग्र विकास हो, इसपर उनका विशेष जोर था।
बंगाल की सीएम ने किया 130वें संविधान संशोधन बिल का विरोध
कोलकाता 20 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए 130वें संविधान संशोधन बिल का बंगाल की सत्तारुढ़ तृणमूल के द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। ऐसे में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संशोधन बिल का
विरोध करते हुए इसे ‘गणतंत्र की मौत की घंटा’ करार दिया है। उन्होंने इसे हिटलरी बिल बताया और कहा कि इसके माध्यम से जनता के मूल अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर खतरा है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि यह “आपातकाल से भी बड़ा” कदम है और भारत में लोकतांत्रिक युग को हमेशा के लिए “खत्म” कर देगा।
ममता बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार ने आज संसद में तीन संविधान संशोधन विधेयक पेश किए है।
इस विधेयक के तहत किसी प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार या हिरासत में रखने पर पद से हटाया जा सकेगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉरम एक्स पर तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने एक पोस्ट शेयर कर दावा किया कि प्रस्तावित कानून देश की न्यायपालिका की स्वतंत्रता को खत्म कर देगा।
उन्होंने कहा कि मैं भारत सरकार द्वारा आज पेश किए जाने वाले 130वें संविधान संशोधन विधेयक की निंदा करती हूं। मैं इसे एक ऐसे कदम के रूप में निंदा करती हूं जो किसी आपातकाल से भी बढ़कर है और भारत के लोकतांत्रिक युग को हमेशा के लिए समाप्त करने वाला कदम है। यह कठोर कदम भारत में लोकतंत्र और संघवाद के लिए मृत्यु-घंटा है।
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया, इस विधेयक का उद्देश्य ‘एक व्यक्ति-एक दल-एक सरकार’ की व्यवस्था को मजबूत करना है। यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे को कुचलता है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए इस विधेयक का हर कीमत पर विरोध किया जाना चाहिए।
नई दिल्ली,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाले सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में 14 अधिवक्ताओं की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
मुख्य न्यायाधीश गवई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की मंगलवार को बैठक हुई. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक बयान में कहा गया, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 19 अगस्त, 2025 को हुई अपनी बैठक में निम्नलिखित अधिवक्ताओं को बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
कॉलेजियम ने अधिवक्ता नंदेश शंकरराव देशपांडे, अमित सत्यवान जामसांडेकर, आशीष सहदेव चव्हाण, वैशाली निंबाजीराव पाटिल-जाधव, अबासाहेब धर्मजी शिंदे और फरहान परवेज दुबाश को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.
शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक अलग बयान में कॉलेजियम ने वकील सिद्धेश्वर सुंदरराव थोम्ब्रे, मेहरोज अशरफ खान पठान, रंजीतसिंह राजा भोंसले, संदेश दादासाहेब पाटिल, श्रीराम विनायक शिरसाट, हितेन शामराव वेनेगावकर, रजनीश रत्नाकर व्यास और राज दामोदर वाकोडे को बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. कॉलेजियम जजों की नियुक्ति और ट्रांसफर की एक प्रणाली है. ये सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों से गठित हुई है.
मुंबई ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बहुप्रतीक्षित गठबंधन की शुरुआत निराशाजनक रही है।
मुंबई में हुए बीईएसटी क्रेडिट सोसायटी के चुनाव परिणामों ने ठाकरे बंधुओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों दलों ने ‘उत्कर्ष पैनल’ के तहत मिलकर 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उनमें से एक भी उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका।
इस चुनाव में बीईएसटी वर्कर्स यूनियन के नेता शशांक राव के पैनल ने एकतरफा जीत हासिल करते हुए 21 में से 14 सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित पैनल ने भी 7 सीटें जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
इन परिणामों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने ठाकरे बंधुओं पर कटाक्ष करते हुए कहा, यह एक सरल गणित है कि दो शून्यों का जोड़ हमेशा शून्य ही होता है। वहीं, इस करारी हार पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने इसे एक स्थानीय चुनाव बताकर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
यह चुनाव इसलिए भी खास माना जा रहा था क्योंकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (क्चञ्ज) और राज ठाकरे की मनसे ने दशकों पुरानी राजनीतिक दुश्मनी भुलाकर पहली बार एक साथ चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन ने 18 उम्मीदवार शिवसेना (यूबीटी) से, दो मनसे से और एक संबद्ध संघ से मैदान में उतारे थे, लेकिन परिणाम पूरी तरह से उनके खिलाफ रहे।
नई दिल्ली ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनमें दागी प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को पद से हटाने का सख्त प्रावधान शामिल है।
इस प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होता है और 30 दिनों तक जेल में रहता है, तो 31वें दिन उसे इस्तीफा देना होगा या उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा।
गृह मंत्री द्वारा पेश किए गए इन तीन विधेयकों में संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025, केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025, और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक शामिल हैं।
जैसे ही अमित शाह ने इन बिलों को सदन के पटल पर रखा, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष इन सख्त प्रावधानों को अलोकतांत्रिक बता रहा है।
विपक्षी हंगामे के बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि दागी मुख्यमंत्रियों, प्रधानमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने से संबंधित इस विधेयक को विचार-विमर्श के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा जाएगा। इसके बावजूद सदन में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
अमरावती ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। विश्व प्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर में एक भक्त ने आस्था की मिसाल पेश करते हुए 121 किलोग्राम सोना दान किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 140 करोड़ रुपये है। इस महादान की जानकारी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने खुद सोशल मीडिया पर साझा की।
मुख्यमंत्री नायडू ने गुंटूर जिले के मंगलागिरी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इस भक्त की कहानी सुनाई। उन्होंने बताया, एक भक्त ने तिरुपति बालाजी से अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रार्थना की थी।
भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की कृपा से उन्हें अपने कारोबार में बड़ी सफलता मिली और उन्होंने अपनी कंपनी के शेयर बेचकर 6,000 से 7,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
सीएम नायडू ने आगे बताया कि जब उस भक्त को यह पता चला कि मंदिर में भगवान की मूर्ति को प्रतिदिन लगभग 120 किलो सोने के आभूषणों से सजाया जाता है, तो उसने कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए 121 किलो सोना दान करने का संकल्प लिया। भक्त का मानना था कि यह धन उन्हें भगवान वेंकटेश्वर ने ही दिया है, इसलिए वह इसे उन्हीं के चरणों में अर्पित कर रहे हैं।
तिरुपति मंदिर में बड़े दान की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि यहाँ महादान की एक लंबी परंपरा रही है। अंबानी परिवार जैसे देश के शीर्ष उद्योगपतियों से लेकर आम श्रद्धालु तक, सभी अपनी श्रद्धा के अनुसार सोना, हीरे और नकदी अर्पित करते हैं।
इसी साल (2025) की बात करें तो, जनवरी में एक सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी वाईवीएसएस भास्कर राव ने 3.66 करोड़ रुपये की संपत्ति दान की थी, तो वहीं मई में उद्योगपति संजीव गोयनका ने 3.63 करोड़ रुपये का हीरा जडि़त सोने का हार चढ़ाया था।
इसी तरह, जुलाई में चेन्नई स्थित सुदर्शन एंटरप्राइजेज ने भी 2.4 करोड़ रुपये कीमत का 2.5 किलो सोना भगवान वेंकटेश्वर के चरणों में अर्पित किया था।
नई दिल्ली ,20 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा है कि भारत अब पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए पहला कदम नहीं उठाएगा। बार-बार धोखा और विश्वासघात झेलने के बाद भारत का धैर्य जवाब दे चुका है।
पूर्व राजदूत सुरेंद्र कुमार की किताब “Whither India-Pakistan Relations Today?”के लोकार्पण अवसर पर थरूर ने कहा कि भारत ने हमेशा अमन की पहल की, लेकिन हर बार पाकिस्तान ने दुश्मनी से जवाब दिया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू का 1950 का समझौता, अटल बिहारी वाजपेयी की 1999 की लाहौर बस यात्रा और नरेंद्र मोदी का 2015 का लाहौर दौरा—हर बार भारत की दोस्ती की कोशिशों को पाकिस्तान ने धोखा दिया।
थरूर ने सख्त लहजे में कहा, अब जिम्मेदारी पाकिस्तान की है। उसे अपनी जमीन पर चल रहे आतंकी ढांचे को खत्म करके अपनी नीयत साबित करनी होगी।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पाकिस्तान आतंकी कैंप बंद करने में गंभीर क्यों नहीं है। संयुक्त राष्ट्र की कमेटी के पास 52 आतंकी व्यक्तियों, संगठनों और ठिकानों की लिस्ट है, पाकिस्तान को भी ये सब मालूम है। फिर कार्रवाई क्यों नहीं होती?
थरूर ने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान आतंकी ढांचे को ध्वस्त करता है और आतंकियों को गिरफ्तार कर गंभीर इरादा दिखाता है, तो भारत भी सकारात्मक जवाब देगा। मगर अब पहला कदम पाकिस्तान को ही उठाना होगा।
मुंबई ,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र के कई इलाकों में लगातार बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। मुंबई, ठाणे, नांदेड़, रायगढ़, रत्नागिरी और संभाजी नगर समेत कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
मुंबई में सड़कों, घरों और दुकानों में पानी भर गया है। इस वजह से हवाई यातायात से लेकर रेल यातायात भी प्रभावित हुई है। करीब 250 विमानों ने या तो देरी से उड़ान भरी या रद्द कर दी गई हैं। मुंबई लोकल ट्रेनों पर भी असर पड़ा है।
अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में भारी बारिश के कारण कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग विस्थापित हुए हैं। नेपियन सी रोड पर दीवार गिरने से 75 वर्षीय चौकीदार की मौत हो गई।
कांजुरमार्ग में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नांदेड़ जिले में बादल फटने जैसी स्थिति के कारण आई बाढ़ में 8 लोगों की मौत हो गई है।
18 अगस्त सुबह 8 बजे से 19 अगस्त की सुबह 8 बजे तक मुंबई में 300 मिलीमीटर बारिश हुई।
रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में 84 घंटों में 500 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 19 अगस्त सुबह 8 बजे तक विक्रोली में सबसे ज्यादा 255.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके बाद बायकुला में 241.0, सांताक्रूज में 238.2, जुहू में 221.5, बांद्रा में 211.0, कोलाबा में 110.4 और महालक्ष्मी में 72.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने जरूरी सेवाओं से जुड़े कार्यालयों को छोड़कर सभी सरकारी, अर्ध-सरकारी और बीएमसी कार्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मुंबई महानगर क्षेत्र के सभी निजी कार्यालयों को भी सलाह दी गई है कि वे जहां तक संभव हो सके कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दें।
मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग सहित कई इलाकों में भी कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है।
सड़कों पर पानी भरने के कारण कुछ जगहों पर बेस्ट बसों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। अंधेरी पश्चिम का एसवी रोड जलभराव के बाद पूरी तरह बंद हो गया है।
सायन के गांधी मार्केट, मुंबई सेंट्रल और दादर टीटी सहित कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं। दादर, माटुंगा, परेल और सायन के निचले इलाकों में रेल पटरियों पर जलभराव हो गया है। हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।
नांदेड़ सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक है। यहां राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ ही भारतीय सेना को भी तैनात किया गया है। नांदेड़ कलेक्टर राहुल कर्दिले ने कहा, भारी बारिश के कारण मुखेड़ तहसील के 4 गांवों को भारी नुकसान पहुंचा।
एसडीआरएफ की टीम ने 300 लोगों को बचाया लेकिन हसनद गांव में 5-6 लोगों की मौत हो गई। उनके शव आज बरामद किए गए। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि अगले 48 घंटे मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए महत्वपूर्ण है, जो हाई अलर्ट पर हैं। मौसम विभाग ने मुंबई, रायगढ़, पुणे और नासिक के घाट क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई है।
नई दिल्ली,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने के मामले पर ईडी के वकील से स्पष्टीकरण मांगा है.
स्पेशल जज विशाल गोगने ने कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों का निरीक्षण करते हुए ईडी से स्पष्टीकरण मांगा है. इस मामले की अब अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी. कोर्ट ने 18 अगस्त को ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर शिव कुमार गुप्ता की मौजूदगी में दस्तावेजों का परीक्षण किया था.
इसके पहले 7 अगस्त को कोर्ट ने जांच अधिकारी से पूछा था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का इस मामले से क्या लेना-देना है. इससे पहले कोर्ट ने 14 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था.
मामले में सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को जिन लोगों ने दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गई. कुछ दानदाताओं को टिकट भी दिए गए.
राजू ने गांधी परिवार की उस दलील का विरोध किया कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था. उन्होंने कहा कि एजेएल ही मूल रुप से नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक थी.
इस मामले में 5 जुलाई को लोकसभा में विपक्ष और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आरएस चीमा ने कहा था कि कांग्रेस ने एजेएल को बेचने की कोशिश नहीं की थी बल्कि वो इस संस्था को बचाना चाहती थी, क्योंकि वो स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी.
चीमा ने कहा था कि ईडी एजेएल का मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन क्यों नहीं दिखा रही है. एजेएल की स्थापना जवाहर लाल नेहरु, जेबी कृपलानी, रफी अहमद किदवई और दूसरे कांग्रेस नेताओं ने 1937 में की थी. चीमा ने कहा था कि एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएएशन में कहा गया है कि उसकी सभी नीतियां कांग्रेस की होगी.
बता दें कि 4 जुलाई को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने एक आश्चर्यजनक और अप्रत्याशित मामला बनाया. उन्होंने कहा था कि ईडी ने आश्चर्यजनक से भी ज्यादा मामला बनाया है. ये मनी लांड्रिंग का ऐसा मामला है जिसमें संपत्ति का कोई जिक्र नहीं है.
सिंघवी ने कहा था कि यंग इंडियन ने पूरी कार्रवाई एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड को कर्ज मुक्त करने के लिए किया. उन्होंने कहा था कि हर कंपनी अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए कानून के मुताबिक कदम उठाती है.
कंपनियां अपने को कर्ज मुक्त करने के लिए दूसरी कंपनी को दे देती हैं. उन्होंने कहा था कि यंग इंडियन लाभ कमाने वाली कंपनी नहीं है. सिंघवी ने कहा था कि ईडी ने सालों तक कुछ नहीं किया और किसी निजी शिकायत को आधार बनाकर कार्रवाई शुरु की.
ईडी की ओर से 3 जुलाई को दलीलें पूरी कर ली गयी थी. ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि यंग इंडियन दो हजार करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त करने का एक साधन था और यह मनी लांड्रिंग का एक क्लासिक मामला है.
राजू ने कहा था कि शेयरहोल्डिंग सिर्फ नाम के लिए है और अन्य आरोपी गांधी परिवार की कठपुतली है.
ईडी ने कहा था कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी कांग्रेस को नियंत्रित करते हैं, उनका उद्देश्य 92 करोड़ प्राप्त करना नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य दो हजार करोड़ रुपये प्राप्त करना था.
ईडी ने कहा था सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने दो हजार करोड़ की संपत्ति के लिए मात्र 50 लाख रुपये ही दिए. ईडी ने कहा था कि एसोसिएटेड जनरल्स लिमिटेड का स्वामित्व लेने के बाद गांधी परिवार के नियंत्रण वाली यंग इंडियन लिमिटेड ने घोषणा की कि वो नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन नहीं करेगा.
कोर्ट ने 2 मई को इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत सात आरोपियों को नोटिस जारी किया था. ईडी ने 15 अप्रैल को कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल की थी.
ईडी ने इस मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सैम पित्रोदा को आरोपी बनाया है. ईडी ने मनी लांड्रिंग कानून की धारा 44 और 45 के तहत शिकायत दाखिल किया है.
इस मामले में शिकायतकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की 16 सौ करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को एजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया.
स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाज से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
रांची, 19.08.2025 – को राँची समाहरणालय में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य, कक्षा 6-8 के भाषा शिक्षक पद हेतु कुल 111 अभियार्थियों की काउंसलिंग आयोजित की गई।
पूरी काउंसलिंग की प्रक्रिया उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची, श्री मंजुनाथ भजन्त्री द्वारा नियुक्त नोडल पदाधिकारी श्री सुदर्शन मुर्मू, अपर समाहर्ता, नक्सल की अध्यक्षता में की गई।
जिसमें कुल 111 अभ्यर्थियों को काउन्सलिंग के लिए बुलाया गया था। जिसमे सभी 111 अभ्यर्थी उपस्थित हुए।
पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया दो पाली में पूर्ण की गई। इस पूरी प्रक्रिया में जिला शिक्षा अधीक्षक, श्री बादल राज उपस्थित रहे तथा काउंसलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाये रखने में अपना योगदान दिया ।
जयपुर,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजस्थान की धरती ने एक और बार इतिहास रच दिया है. श्रीगंगानगर की बेटी मनिका विश्वकर्मा को मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 का ताज पहनाया गया.
अब वह इस साल के अंत में थाईलैंड में आयोजित होने वाली 74वीं मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. उन्होंने कहा कि यह राजस्थान के लिए यह एक गौरवपूर्ण पल है.
जाहिर है कि मनिका ने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है. उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों से भी सपनों की बड़ी उड़ान भरी जा सकती है.
ताज जीतने के बाद जयपुर में मीडिया से बात करते हुए मनिका विश्वकर्मा ने कहा कि उनकी यात्रा शहर गंगानगर से शुरू हुई. इसके बाद वो दिल्ली आई और प्रतियोगिता की तैयारी की.
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हमें अपने अंदर आत्मविश्वास और साहस जगाने की जरूरत है. सभी की इसमें बड़ी भूमिका थी. उन सभी का धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने मेरी मदद की और मुझे इस योग्य बनाया.
यह प्रतियोगिता सिर्फ एक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह अपनी ही एक दुनिया है, जो व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करती है. मनिका विश्वकर्मा अब मिस यूनिवर्स 2025 में भारत का परचम लहराने की तैयारी करेंगी.
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बॉलीवुड अभिनेत्री और पूर्व मिस यूनिवर्स इंडिया उर्वशी रौतेला भी जूरी सदस्य के रूप में मौजूद थीं. उन्होंने कहा, प्रतियोगिता बहुत कठिन थी, लेकिन विजेता हमारे साथ हैं.
यह मेरी 10वीं वर्षगांठ भी है. हमें बहुत खुशी है कि हमें हमारी विजेता मिल गई हैं. वह निश्चित रूप से मिस यूनिवर्स में हमें गौरवान्वित करेंगी.
हैदराबाद ,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) 40 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई वाले रॉकेट पर काम कर रहा है, जो 75,000 किलोग्राम पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करेगा।
इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने उस्मानिया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते इस योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अंतरिक्ष एजेंसी ने एक नया नेविगेशन विद इंडिया कांस्टेलेशन सिस्टम (नाविक) उपग्रह और एन1 रॉकेट जैसी परियोजनाओं की योजना बनाई है।
इसरो प्रमुख ने कहा, आप जानते हैं, रॉकेट की क्षमता क्या है? पहला लांचर अब्दुल कलाम जी ने बनाया था, जिसका भार 17 टन था और यह 35 किलोग्राम भार को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने में सक्षम था।
उन्होंने आगे कहा कि आज, हम 75,000 किलोग्राम भार को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने वाले रॉकेट पर विचार कर रहे हैं। यह रॉकेट 40 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई का है।
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने इस वर्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रह और भारतीय नौसेना के लिए डिजाइन किया गया जीसैट-7आर को लॉन्च करने की योजना बनाई है, जो मौजूदा जीसैट-7आर (रुक्मिणी) उपग्रह को प्रतिस्थापित करेगा।
इसरो प्रमुख बताया कि आगामी योजना में भारतीय रॉकेटों का उपयोग करके 6,500 किलोग्राम वजनी अमेरिकी संचार उपग्रह का लॉन्च भी शामिल है। उन्होंने कहा कि अभी भारत के 55 उपग्रह कक्षा में हैं और अगले 3-4 सालों में यह संख्या 3 गुना तक बढ़ जाएगी।
रांची,19.08.2025 – मुम्बई ग्लोबल की ओर से दुबई में आयोजित एशिया वर्ल्ड अवार्ड शो में मॉडल और एक्ट्रेस शाहीन परवीन को एशिया वर्ल्ड डायमंड विनर का खिताब मिला। मुम्बई ग्लोबल ने शाहीन परवीन को अपना ब्रांड एंबेसडर भी नियुक्त किया है।
हाल ही में गुजरात के वडोदरा में हुए एपिक शो फैशन रनवे शो में शाहीन परवीन को बेस्ट कॉन्फिडेंस अवार्ड से नवाजा गया। इस अवार्ड का चयन कई प्रतिभागियों के बीच वोटिंग सिस्टम से हुआ। साथ ही मुम्बई में हुए फैशन रनवे शो ‘द विनिंग क्राउन विनर’ में वह शो ओपनर भी रहीं।
इसके अलावा, वडोदरा में निधि फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘ब्यूटी सेलिब्रिटी अवार्ड’ शो में टीवी सीरियल अनुपमा और साराभाई वर्सेस साराभाई फेम अभिनेत्री रुपाली गांगुली के हाथों शाहीन परवीन को बेस्ट मॉडल अवार्ड मिल चुका है।
शाहीन अब तक कई विज्ञापन फिल्मों में काम कर चुकी हैं, जिनमें साड़ी, ज्वेलरी, घरेलू सामान और बड़े ब्रांड शामिल हैं। जिम, योगा, कुकिंग और ट्रैवलिंग की शौकीन शाहीन परवीन के पसंदीदा अभिनेता शाहरुख खान और सलमान खान हैं, जबकि अभिनेत्री काजोल का अभिनय उन्हें बेहद पसंद है।
विदित हो कि शाहीन ने अपने करियर की शुरुआत कोलकाता से बतौर मॉडल की। बिहार में जन्मी और पली-बढ़ी शाहीन की प्रारंभिक शिक्षा वहीं हुई। बाद में वह झारखंड और फिर शादी के बाद कोलकाता आ गईं।
उन्होंने आगे की शिक्षा के साथ ब्यूटीशियन और मेकअप आर्टिस्ट का कोर्स किया, लेकिन अभिनय के प्रति जुनून ने उन्हें मॉडलिंग और एक्टिंग की ओर मोड़ दिया। उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया। शाहीन का मानना है कि महिलाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए समाज की सोच बदलने का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि खुद आगे बढ़कर उदाहरण पेश करना चाहिए।
उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशन में जनता दरबार का आयोजन
“जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है:- उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री
जनता दरबार में कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन
आवेदक इस त्वरित सुधार को लेकर जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते इस जनता दरबार को सार्थक पहल बताया
आवेदक ने कहा की जनता दरबार से लोगों की समस्या का समाधान सही मायने में हो रहा है। इससे लोगों का विश्वास झारखण्ड सरकार और जिला प्रशासन में काफ़ी बढ़ा है
रांची, 19.08.2025 – राँची जिला प्रशासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिले के सभी अंचलों में प्रत्येक मंगलवार को जनता दरबार* का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची के कुशल मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों और समस्याओं को सुनना, उनका त्वरित निवारण करना और प्रशासनिक सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाना है।
जनता दरबार में मुख्य रूप से आवासीय, जाति, आय एवं स्थानीय प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन, दाखिल-खारिज एवं भूमि विवाद निवारण, पंजी-2 में सुधार एवं भूमि अभिलेख संबंधी कार्य, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र निर्गत करने हेतु आवेदन, वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से जुड़ी शिकायतें, मनरेगा एवं कृषि ऋण माफी, केसीसी से संबंधित मामले, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लंबित भुगतान आदि से संबंधित शिकायतें आयीं जिनमें कइयों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया जबकि जटिल मामलों को संबंधित विभाग/कार्यालय को अग्रसारित किया गया।
जनता दरबार का उद्देश्य
जनता दरबार का आयोजन जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के लिए किया जा रहा है। इस मंच के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएँ, जैसे भूमि विवाद, सरकारी योजनाओं का लाभ, प्रमाण पत्रों से संबंधित मुद्दे, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, और अन्य प्रशासनिक शिकायतें सीधे अधिकारियों के समक्ष रखा। यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-केंद्रित प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
“जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, राँची ने कहा, “जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है। हमारा प्रयास है कि प्रशासन जनता के और करीब आए और प्रत्येक नागरिक को उसका हक समय पर मिले। मैं सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि वे इस मंच का उपयोग करें और अपनी समस्याओं को बेझिझक हमारे समक्ष रखें।”
विशेष श्रेणी के लिए प्राथमिकता
उपायुक्त राँची के निर्देशानुसार राँची जिला के सभी प्रखंड़ों/अंचलों में वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, और महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए। जिसको लेकर राँची जिला के सभी प्रखंड़ों अंचलों में विशेष रूप से उनकी समस्या को सुनते हुए कुछ शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया।
नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन, राँची सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे अपने अंचल में आयोजित होने वाले जनता दरबार में भाग लें और अपनी समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुँचाएँ। यह पहल न केवल समस्याओं के समाधान में सहायक होगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करेगी।
जनता दरबार में कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन
अंचल अनगड़ा, ग्राम – सालहन, खाता – 142, प्लाट – 1222, रकबा – 20 डिसमिल का राजस्व लगान रसीद बीस वर्षो से नहीं कट रहा था आवेदक परेशान था। जिसपर त्वरित संज्ञान लेते हुए ऑनलाइन सुधार कर लगान रसीद अद्यतन कर दिया गया जिससे रसीद कटना प्रारम्भ हो गया। इस त्वरित समाधान से आवेदक ने खुशी जाहिर करते हुए जिला प्रशासन की इस सार्थक पहल की प्रशंसा की।
तत्काल पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया
संगीता देवी पति स्व निवास सिंह मुंडा पंचायत हेसाडीह ग्राम चौकाहातु आज अंचल कार्यालय सोनाहातु में पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु आई थी। जिसपर त्वरित समाधान कराते हुए आवेदिका को तत्काल पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया। जिससे आवेदिका काफ़ी खुश नजर आई, इस पहल पर आवेदिका ने कहा की ये सही मायने में गाँव की सरकार है, जिससे लोगों की समस्या का समाधान मिल रहा है।
आवेदक इस त्वरित सुधार को लेकर जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते इस जनता दरबार को सार्थक पहल बताया
अंचल अनगड़ा, ग्राम – चीलदाग
खाता – 139, प्लाट – 1423, 1432 रकबा- 1.76 एकड़ एवं अंचल – अनगड़ा, ग्राम – महेशपुर, खाता – 96
प्लाट- 1327, रकबा – 20 डिसमिल, अंचल – अनगड़ा, ग्राम सोसो, खाता – 37, प्लाट – 893 रकबा- 14 डिसमिल सुधार का प्रकार – प्लॉट/पंजीII सुधार के लिए आवेदन दिया जिसपर तत्काल पंजीII में सुधार करा दिया गया। आवेदक इस त्वरित सुधार को लेकर जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा करते इस जनता दरबार को सार्थक पहल बताया।
रसीद निर्गत कर दिया गया जिसकी खुशी आवेदक के चेहरे पर साफ झलक रही थी।आवेदक ने कहा की ये पहल कुशल प्रशासन को प्रदर्शित कर रही है
अंचल नगड़ी, मौजा- सपारोम,खाता संख्या-7, प्लॉट संख्या- 1192, 1193, रकबा-9.5 डिसमिल, दाखिल खारिज के उपरांत लगान रसीद निर्गत नही हो पा रहा था। जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए इनका लगान रसीद निर्गत कर दिया गया। जिसकी खुशी आवेदक के चेहरे पर साफ झलक रही थी। आवेदक ने कहा की ये पहल कुशल प्रशासन को प्रदर्शित कर रही है।
आवेदक ने कहा की जनता दरबार से लोगों की समस्या का समाधान सही मायने में हो रहा है। इससे लोगों का विश्वास झारखण्ड सरकार और जिला प्रशासन में काफ़ी बढ़ा है
आवेदक गंदूरा मुंडा ग्राम – सिंगरसाय खाता संख्या – 3 का काफी दिनों से रसीद नहीं कट रहा था। जिसको लेकर ये आज अंचल में आयोजित जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर अंचल अधिकारी के पास पहुचें उन्होंने शिकायत का तत्काल समाधान करते हुए रसीद निर्गत कर दिया। जिसको लेकर आवेदक ने कहा की जनता दरबार से लोगों की समस्या का समाधान सही मायने में हो रहा है। इससे लोगों का विश्वास झारखण्ड सरकार और जिला प्रशासन में काफ़ी बढ़ा है।
पिछले 3 वर्ष से ऑनलाइन सुधार के लिए प्रयासरत थे
बैजनाथ ठाकुर ग्राम आरा प्रखंड बुढ़मू का निवासी पिछले 3 वर्ष से ऑनलाइन सुधार के लिए प्रयासरत थे। कल उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के आयोजित जनता दरबार में आए जिसपर उनके द्वारा अंचल अधिकारी से मिलने के लिए कहा गया जिस पर तुरंत कागजात की जांच कर ऑनलाइन सुधार कर दिया गया और उन्हें रसीद उपलब्ध करा दिया गया। जिसको लेकर आवेदक द्वारा उपायुक्त को तहे दिल से बधाई दिया।
मुंबई,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार हो रही बारिश की वजह से लोग परेशान हो गए हैं। उपनगरों में पिछले 24 घंटे में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई है।
बारिश को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के रूप में कार्यरत बृहन्मुंबई नगर निगम (क्चरूष्ट) ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालय बंद करने को कहा है।
निजी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारियों से घर से काम कराएं। स्कूल भी बंद हैं।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई के अलग-अलग क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
विक्रोली में सबसे अधिक 255.5 मिमी, सांताक्रूज़ में 238.2 मिमी, कोलाबा में 110.4 मिमी, बायकुला में 241 मिमी, जुहू में 221.5 मिमी और बांद्रा में 211 मिमी बारिश दर्ज हुई है। पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के कॉलेजों में अवकाश घोषित है।
इंडिगो एयरलाइंस ने भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए मुंबई से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। इसमें कहा गया है कि बारिश के कारण हवाई अड्डे के कई मार्गों पर जलभराव और यातायात धीमा हो गया है, जिससे चुनौतियां पैदा हुई हैं।
एयरलाइंस ने यात्रियों को समय से पहले निकलने और ऐप या वेबसाइट से उड़ान की स्तिथि पर नजर रखने को कहा है। मुंबई में बसों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
आईएमडी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली के लिए कोई चेतावनी नहीं है। हालांकि, हल्की बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश होगी।
महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और गुजरात के कई इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी है। छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना के कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय में भारी बारिश की संभावना है।
कोलकाता 18 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ‘द फाइल्स’ फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर सुर्खियों में हैं। ये फिल्म रिलीज से पहले ही न सिर्फ विवादों में आ गई है बल्कि, इसे लेकर विवेक अग्निहोत्री पर कई एफआईआर भी दर्ज कराए जा चुके हैं। यह एफआईआर बंगाल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोपाल मुखर्जी के परिवार ने दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि फिल्म में गोपाल मुखर्जी की छवि गलत तरीके से दिखाई गई है।
ट्रेलर में उन्हें कथित तौर पर ‘कसाई गोपाल पाठा’ के रूप में दिखाया गया है। गोपाल मुखर्जी के पोते शांतनु मुखर्जी का कहना है कि उनके दादा कसाई नहीं थे, बल्कि एक पहलवान और अनुशीलन समिति के प्रमुख थे। दंगों को रोकने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। परिवार का आरोप है कि निर्देशक ने उनके दादा की छवि धूमिल की है। विवेक अग्निहोत्री ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, “मैंने गोपाल मुखर्जी को फिल्म में हीरो के तौर पर दिखाया है।
मैंने उनके पुराने इंटरव्यू से तथ्य लिए हैं और उसी आधार पर फिल्म बनाई है। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं।” निर्देशक का कहना है कि यह विवाद राजनीतिक दबाव में खड़ा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतनु मुखर्जी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हैं और उनसे राजनीतिक कारणों की वजह से एफआईआर दर्ज कराई गई है।
विवेक ने कहा, “हम अदालत में अपना पक्ष रखेंगे और कानूनी तौर पर जवाब देंगे।” फिल्म की रिलीज डेट 5 सितंबर 2025 तय है। विवाद के बीच जब विवेक अग्निहोत्री से पूछा गया कि क्या फिल्म की रिलीज टल सकती है, तो उन्होंने कहा, “अगर हमें बंगाल में फिल्म रिलीज करने की इजाजत नहीं मिली, तो हम घर-घर जाकर लोगों को यह फिल्म दिखाएंगे।” फिल्म की स्टारकास्ट फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ में अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, मिथुन चक्रवर्ती, उमंग कुमार और शाश्वत चटर्जी जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
नईदिल्ली,19 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) भारत के उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्षी इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के सामने खड़ा किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। रेड्डी का फैसला मंगलवार को इंडिया गठबंधन की बैठक में लिया गया है, जो खडग़े के आवास पर हुई थी।
खडग़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेड्डी को भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक बताया। उन्होंने कहा, रेड्डी का एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश, गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है। वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी चैंपियन रहे हैं।
खडग़े ने आगे कहा, वह एक भले आदमी हैं और यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि कैसे उन्होंने गरीब लोगों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा भी की।
खडग़े ने कहा, हम सभी जानते हैं कि उन्होंने गरीबों के लिए कैसे खड़े होकर संविधान की रक्षा की। यह एक वैचारिक लड़ाई है। हमने मिलकर उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एक साझा उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।