आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत, स्वास्थ्य आधार पर मिली सशर्त जमानत

जोधपुर ,29 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राजस्थान हाईकोर्ट ने बुधवार को आसाराम को बड़ी राहत देते हुए रेगुलर जमानत मंजूर कर दी है।

यह फैसला कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की डिवीजन बेंच ने सुनाया। आसाराम की ओर से स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए नियमित जमानत याचिका दायर की गई थी।

इस याचिका पर आज जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आसाराम को उपचार और स्वास्थ्य संबंधी कारणों को देखते हुए राहत दी।

ज्ञात हो कि आसाराम इस समय जोधपुर की जेल में यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे हैं। इससे पहले भी उन्हें कई बार अस्थायी जमानत  दी गई थी और कई बार जमानत देने से इनकार किया था। लेकिन लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य और चिकित्सीय रिपोर्टों को देखने के बाद अदालत ने इस बार रेगुलर जमानत को मंजूरी दी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला शर्तों के साथ जमानत  के रूप में लागू किया जाएगा, जिसके तहत आसाराम को इलाज के दौरान अदालत द्वारा तय नियमों का पालन करना होगा।

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51 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, 66 लाख का इनाम था घोषित

बीजापुर 29 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सरकार की महत्वपूर्ण ‘पूना नारगेम’ योजना और नक्सली पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कंपनी नंबर 01 के पीपीसीएम और 8 लाख के इनामी सहित कुल 51 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 20 नक्सली ऐसे हैं जिन पर कुल 66 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी विभिन्न फायरिंग, आईईडी ब्लास्ट और आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। यह आत्मसमर्पण बीजापुर पुलिस लाइन में किया गया, जहां सीआरपीएफ डीआईजी बी.एस. नेगी, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलेण्डन यार्क, डीएसपी शरद जायसवाल, उप पुलिस अधीक्षक विनीत साहू समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की और उन्हें मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक कुल 461 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 485 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 138 माओवादी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए हैं।

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21 नक्सलियों ने AK-47 समेत अन्य हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण, रेड कारपेट बिछाकर किया गया स्वागत

कांकेर 29 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी). जिले में सक्रिय रहे 21 नक्सलियों ने आज पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।

जंगलवार कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में सभी नक्सलियों का रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया गया। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को संविधान की प्रति भेंट कर मुख्यधारा में उनका स्वागत किया।

नक्सलवाद के खात्मे को लेकर जारी अभियान के बीच पुलिस ने हाल ही में अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब मुठभेड़ की जगह आत्मसमर्पण को प्राथमिकता दी जा रही है।

पुलिस ने नक्सलियों को साफ संदेश दिया था कि यदि वे आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं तो उनका स्वागत होगा अन्यथा फोर्स कार्रवाई के लिए तैयार है।

इस नई रणनीति का असर भी दिखने लगा है। इसी माह जगदलपुर में 208 नक्सलियों ने 109 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। अब कांकेर जिले के दो एरिया कमेटियों के 21 नक्सलियों ने 18 हथियार पुलिस को सौंपे हैं।

आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि एक समय था जब नक्सल संगठन के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी में 45 सदस्य थे, जो अब घटकर केवल 6 से 7 रह गए हैं।

उन्होंने दक्षिण बस्तर के जंगलों में छिपे नक्सलियों से अपील करते हुए कहा कि वे आत्मसमर्पण कर शांति का रास्ता अपनाएं अन्यथा सुरक्षा बलों की कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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पाक की नापाक हरकत : कुपवाड़ा में किया सीजफायर का उल्लंघन, भारतीय सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब

श्रीनगर 29 oct,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के टंगडार सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर मंगलवार को पाकिस्तान ने युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय चौकियों पर गोलाबारी की। भारतीय जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई में नियंत्रण रेखा के पार लीपा घाटी में पाकिस्तानी ठिकानों को निशाना बनाया।

हालांकि रक्षा मंत्रालय ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना अपने क्षेत्र में कुछ निर्माण कार्य कर रही थी। इसी दौरान पाकिस्तान की ओर से काम रुकवाने के उद्देश्य से गोलाबारी की गई।

भारतीय सैनिकों ने भी तत्परता से जवाब देते हुए पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों पर निशाना साधा। इस गोलाबारी के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, हालांकि किसी प्रकार के जनहानि या नुकसान की सूचना नहीं है।

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दीपावली के बाद गन्ना किसानों को सरकार का उपहार, बढ़ाए गए दाम

लखनऊ 29 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को दिवाली के बाद बड़ा उपहार दिया है। सरकार ने गन्ने के मूल्य में 30 प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की है।

मुख्यमंत्री योगी के फैसले के अनुसार, अब अगैती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 प्रति क्विंटल होगा, जबकि सामान्य प्रजाति के लिए यह दर 390 प्रति क्विंटल तय की गई है।

सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, गन्ने के मूल्य में 30 प्रति कुन्तल की वृद्धि की गई है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का मूल्य निर्धारण भी किया गया है।

अगेती प्रजाति 400 प्रति कुन्तल और सामान्य प्रजाति 390 प्रति कुन्तल की दर तय की गई है। इससे किसानों के चेहरों पर खुशहाली की मिठास घुली है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि गन्ना मूल्य वृद्धि से किसानों को 3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा।

उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने गन्ना मूल्य में लगातार बढ़ोतरी की, 2017 से अब तक चार बार समर्थन मूल्य को बढ़ाया गया है। साढ़े 08 वर्षों में गन्ना किसानों को 2,90,225 करोड़ का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है।

2007 से 2017 तक मात्र 1,47,346 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान हो सका था। 2017 से अब तक साढ़े आठ वर्षों में 2,90,225 करोड़ का गन्ना मूल्य अकेले भुगतान हुआ है।

पिछली सरकारों के 10 वर्षों की तुलना में 1,42,879 करोड़ अधिक भुगतान योगी सरकार में हुआ। प्रदेश में अब 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जो देश में दूसरा स्थान है। पूर्ववर्ती सरकारों ने चीनी उद्योग को पहुंचाई थी भारी क्षति, 21 मिलें औने-पौने दामों पर बेची गईं हैं।

योगी सरकार के पारदर्शी प्रबंधन से उद्योग में 12,000 करोड़ का निवेश आया है। आठ वर्षों में चार नई चीनी मिलें स्थापित हुईं, 6 बंद मिलें पुनः शुरू हुईं, और 42 मिलों में क्षमता का विस्तार हुआ। आठ नई बड़ी मिलों के बराबर उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई, और 2 मिलों में सीबीजी संयंत्र स्थापित किया गया।

‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली से गन्ना पर्ची व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है, और बिचौलियों का राज खत्म हो गया है। गन्ना मूल्य भुगतान सीधे डीबीटी से किसानों के बैंक खाते में किया गया। गन्ना क्षेत्रफल, गन्ना सट्टा, गन्ना कलेंडरिंग एवं गन्ना पर्ची की ऑनलाइन व्यवस्था हेतु विकसित की गई।

सेंट्रलाइज्ड वेब-बेस्ड “स्मार्ट गन्ना किसान” प्रणाली, भारत सरकार ने इसे “मॉडल सिस्टम” बताया है। एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम है। उत्पादन: 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर, आसवनियां: 61 से बढ़कर 97 हुआ। गन्ना क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि, 20 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.51 लाख हेक्टेयर, उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।

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कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मोदी कैबिनेट ने आठवें वेतन आयोग को दी मंजूरी

नई दिल्ली 29 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  केंद्र सरकार ने सोमवार को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) के गठन की औपचारिक घोषणा कर दी है।

साथ ही आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस (ToR) को भी मंजूरी दे दी गई है। इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति रंजन प्रकाश देसाई करेंगे।

18 महीनों में देनी होगी रिपोर्ट

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर सरकार को सौंपनी होंगी। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं, जिससे करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।

आयोग किन बातों का ध्यान रखेगा?

वेतन आयोग अपनी सिफारिशें बनाते समय नीचे दी गई इन 5 बातों को खास ध्यान में रखेगा-

1. देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन की आवश्यकता।

2. यह सुनिश्चित करना कि विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध रहें।

3. गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं की लागत पर विचार।

4. राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय असर, क्योंकि राज्य सरकारें भी आमतौर पर केंद्र की सिफारिशों को अपनाती हैं।

5. केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन, भत्तों और कार्य परिस्थितियों की तुलना।

कब हुआ था गठन का ऐलान

बता दें कि केंद्रीय वेतन आयोगों का गठन समय-समय पर किया जाता है ताकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों की समीक्षा की जा सके और उनमें आवश्यक बदलाव की सिफारिश की जा सके। आमतौर पर, हर 10 साल में नया वेतन आयोग गठित किया जाता है।

इसी क्रम में, 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना है। सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी, ताकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की जा सके।

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सहारा इंडिया की मुश्किलें बढ़ीं, EPFO ने थमाया कुर्की का नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली 29 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सहारा इंडिया ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। संगठन ने कंपनी पर 1,180 करोड़ रुपये के पीएफ और पेंशन बकाया को लेकर उसकी संपत्तियों की कुर्की का नोटिस जारी किया है।

ईपीएफओ का कहना है कि सहारा ने लाखों कर्मचारियों के लिए अनिवार्य भविष्य निधि अंशदान जमा नहीं किया है, जिसके चलते अब सख्त कदम उठाना आवश्यक हो गया है।

 लखनऊ स्थित ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालय ने सहारा इंडिया को निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर पूरी बकाया राशि जमा की जाए। यह बकाया मुख्य रूप से 2010 से 2012 के बीच कंपनी के उन एजेंटों से जुड़ा है, जिन्हें ईपीएफओ ने कर्मचारी की श्रेणी में माना है।

संगठन का तर्क है कि इन एजेंटों को कंपनी का हिस्सा होने के कारण पीएफ का लाभ मिलना चाहिए था। अगर सहारा तय समय में भुगतान नहीं करता, तो ईपीएफओ कानून की धारा 8बी से 8जी के तहत वसूली की कार्रवाई शुरू करेगा। इसमें ब्याज और जुर्माना जोड़ने के बाद कुल देनदारी लगभग 3,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

यह मामला 2013 से चल रही जांच से जुड़ा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पिछले वर्ष चार महीने की समय सीमा तय की थी, जिसके बाद 15 फरवरी को ईपीएफओ ने आदेश जारी किया।

सहारा ने लंबे समय तक यह दावा किया था कि उसके एजेंट कर्मचारी नहीं, बल्कि सदस्य हैं, लेकिन अदालत ने उन्हें कंपनी के कर्मचारी के रूप में मान्यता दी। अधिकारियों के अनुसार, सहारा के लगभग 10 लाख से अधिक कर्मचारियों के पीएफ दावे अब भी लंबित हैं।

सहारा इंडिया ग्रुप पहले से ही कई वित्तीय विवादों में उलझा हुआ है, जिनमें सेबी बॉन्ड घोटाला, भूमि सौदेबाजी और निवेशकों के लगभग 9,000 करोड़ रुपये की वापसी का मामला शामिल है। हाल ही में झारखंड सीआईडी ने 400 करोड़ रुपये के लैंड स्कैम में सुब्रत रॉय के बेटों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

ईपीएफओ के इस नोटिस से कंपनी की रियल एस्टेट और वित्तीय संपत्तियों पर कुर्की का खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई, तो इससे सहारा की नकदी स्थिति और संपत्तियों की बिक्री क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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नौकरी के बहाने इंजीनियर युवती को थाईलैंड में बेचा, साइबर स्लेवरी के नर्क से बचकर ऐसे लौटी वतन

संभाजीनगर 29 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : महाराष्ट्र के संभाजीनगर से ‘साइबर स्लेवरी’ का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक इंजीनियर युवती को नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड ले जाया गया और वहां उसे डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया गया। पीड़िता को वहां बंधक बनाकर जबरन साइबर धोखाधड़ी का काम करवाया जा रहा था।

युवती किसी तरह अपनी जान बचाकर भारतीय दूतावास की मदद से 21 अक्टूबर को भारत लौटी है। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, यह घिनौना काम अविनाश रामभाऊ उढाण नाम के एक कंपनी मालिक ने किया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी अविनाश उढाण ने पीड़िता को थाईलैंड में मार्केटिंग मैनेजर की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया और इसके लिए उससे पैसे भी लिए। इसी साल अगस्त में युवती को थाईलैंड भेजा गया। लेकिन वहां पहुंचते ही उसके होश उड़ गए, क्योंकि उसे किसी नौकरी पर नहीं रखा गया, बल्कि एक दूसरी कंपनी को सौंप दिया गया।

लड़की को जब पता चला कि उसे बेच दिया गया है, तो वह समझ ही नहीं पाई कि उसके साथ क्या हो गया है। उसे बंधक बनाकर जबरन साइबर फ्रॉड का काम करने के लिए मजबूर किया गया।

पीड़िता ने हिम्मत नहीं छोड़ी और लगातार भारत लौटने की कोशिश करती रही। उसने किसी तरह उस कंपनी को 2,000 अमेरिकी डॉलर (करीब 1.66 लाख रुपये) चुकाकर अपनी रिहाई हासिल की। इसके बाद, उसने कंबोडिया में स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा।

दूतावास की मदद से वह 21 अक्टूबर को सुरक्षित भारत वापस लौट सकी।

वतन लौटते ही पीड़िता ने संभाजीनगर के पुंडलिकनगर पुलिस स्टेशन में आरोपी अविनाश उढाण के खिलाफ धोखाधड़ी और मानव तस्करी (Human Trafficking) की गंभीर धाराओं में शिकायत दर्ज कराई है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई में इमिग्रेशन अधिकारियों ने भी इस अवैध गतिविधि को लेकर सहारा पुलिस थाने में एक अलग शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है।

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चक्रवात मोंथा पहुंचा काकीनाडा, तमिलनाडु में छह दिनों तक बारिश की संभावना

चेन्नई  29 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : चक्रवात ‘मोंथा’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के काकीनाडा पहुंचा, जिससे तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने लगी।

मौसम विभाग (आईएमडी) ने पुष्टि की है कि इस सप्ताह की शुरुआत में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना यह चक्रवात मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच 110 किमी प्रति घंटे की गति से टकराया।

आईएमडी अधिकारियों के अनुसार, ‘मोंथा’ के कारण कृष्णा और मछलीपट्टनम जिलों के कई हिस्सों में गरज और बिजली के साथ तेज बारिश हुई, जिससे पेड़ उखड़ गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

अल्लूरी जिले में, तूफान के दौरान एक पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रभावित क्षेत्रों में गिरे हुए पेड़ों को हटाने और बिजली बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा भीषण चक्रवाती तूफान तट पार करने के बाद थोड़ा कमजोर पड़ गया, लेकिन इसके दक्षिण भारत में व्यापक वर्षा लाने की उम्मीद है।

आईएमडी ने कहा कि मोंथा के प्रभाव के कारण, तमिलनाडु में अगले छह दिनों तक मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

बुधवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी गई है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कन्याकुमारी सागर के तटीय क्षेत्रों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।

मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे हालात सुधरने तक समुद्र तट पर न जाएं। चेन्नई में, आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन और तमिलनाडु आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संभावित वर्षा संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए सभी आपातकालीन नियंत्रण कक्षों को अलर्ट पर रखा है।

तमिलनाडु के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को नदियों और जलाशयों में जल स्तर की निगरानी करने और निचले व बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में निवारक कदम सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।

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भारत ने यूएन में पहलगाम आतंकी हमले के बाद रोहिंग्याओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों को किया खारिज

New Delhi ,  29 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत ने म्यांमार पर मानवाधिकार रिपोर्ट को पक्षपातपूर्ण और सांप्रदायिक बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। दरअसल, इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी नरसंहार ने रोहिंग्या प्रवासियों के साथ व्यवहार को प्रभावित किया है।

इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी के सांसद दिलीप सैकिया ने मंगलवार को कहा, “मैं अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के निर्दोष पीड़ितों के प्रति विशेष प्रतिवेदक (एसआर) द्वारा पक्षपातपूर्ण सांप्रदायिक दृष्टिकोण अपनाए जाने की कड़ी निंदा करता हूं।”

भाजपा सांसद सैकिया ने म्यांमार में मानवाधिकारों पर एक ब्रीफिंग में कहा, “यह आरोप बिल्कुल भी तथ्यात्मक नहीं है कि इस आतंकवादी हमले ने म्यांमार के विस्थापितों को प्रभावित किया है।”

वह म्यांमार में मानवाधिकारों के विशेष प्रतिवेदक, अमेरिकी डेमोक्रेट राजनेता से हार्वर्ड के शिक्षाविद बने थॉमस एंड्रयूज ने भारत पर आरोप लगाया। इसके जवाब में सैकिया ने कहा, “मेरा देश विशेष प्रतिवेदक द्वारा किए गए ऐसे पूर्वाग्रही और संकीर्ण ‘विश्लेषण’ को अस्वीकार करता है।”

बता दें, दिलीप सैकिया महासभा में भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों में से एक हैं। भारत में रोहिंग्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “मेरा देश विस्थापितों के बीच कट्टरपंथ के खतरनाक स्तर को देख रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कानून-व्यवस्था की स्थिति पर दबाव और प्रभाव पड़ रहा है।”

म्यांमार में संकट के पीछे रोहिंग्या संगठन अराकान रोहिंग्या साल्वेशन आर्मी (एआरएसए) है, जिसका नेतृत्व कराची में जन्मे रोहिंग्या अताउल्लाह अबू अम्मार जुनूनी कर रहे हैं।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, अगस्त 2017 में, एआरएसए ने म्यांमार में हिंदुओं पर सांप्रदायिक हमले किए, जिनमें 99 महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की मौत हो गई। इसके अलावा, कई लोगों को किडनैप कर लिया गया।

म्यांमार को लेकर भारत के दृष्टिकोण के बारे में सैकिया ने कहा कि भारत हिंसा की तत्काल समाप्ति, राजनीतिक कैदियों की रिहाई, मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति, और समावेशी राजनीतिक संवाद के पक्ष में है।

उन्होंने आगे कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि स्थायी शांति केवल समावेशी राजनीतिक संवाद और विश्वसनीय एवं सहभागी चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की शीघ्र बहाली के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है।”

थॉमस एंड्रयूज ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, “म्यांमार के शरणार्थी भारत में भारी दबाव में हैं, जबकि इस हमले में म्यांमार का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था।”

एंड्रयूज ने इसे सांप्रदायिक रंग देते हुए कहा कि आतंकवादी हमला “हिंदू पर्यटकों” पर किया गया था, जबकि आतंकवादियों का मकसद गैर-मुसलमानों को मारना था और उनके पीड़ितों में एक ईसाई भी शामिल था।

इसपर भाजपा सांसद सैकिया ने एंड्रयूज से कहा, “ऐसी असत्यापित और पूर्वाग्रही मीडिया रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, जिनका एकमात्र उद्देश्य मेरे देश को बदनाम करना प्रतीत होता है, जहां सभी धर्मों के लोग रहते हैं, जिनमें 20 करोड़ से ज्यादा मुसलमान शामिल हैं, जो दुनिया की मुस्लिम आबादी का लगभग 10 प्रतिशत है।”

एंड्रयूज अमेरिकी कांग्रेस के पूर्व डेमोक्रेटिक पार्टी सदस्य हैं और अब हार्वर्ड विश्वविद्यालय के दक्षिण-पूर्व एशिया मानवाधिकार परियोजना के निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों ने उन्हें बताया कि हाल के महीनों में उन्हें “भारतीय अधिकारियों द्वारा तलब किया गया, हिरासत में लिया गया, पूछताछ की गई और निर्वासन की धमकी दी गई।”

उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 40 रोहिंग्या शरणार्थियों को समुद्र के रास्ते म्यांमार के तट पर छोड़ दिया गया, जबकि अन्य को बांग्लादेश भेज दिया गया। रोहिंग्याओं का पलायन अगस्त 2017 में आतंकवादी समूह एआरएसए द्वारा म्यांमार की सुरक्षा चौकियों पर हमले के बाद शुरू हुआ, जिसके बाद बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई हुई।

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NCR में ठंड का असर बढ़ा, अब स्मॉग और फॉग से भी होगा सामना

नोएडा 29 oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने करवट ले ली है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नवंबर के पहले हफ्ते तक तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

मौसम विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री तक गिरने की संभावना है। हवा में नमी का स्तर भी 50 से 90 प्रतिशत के बीच रहेगा, जिसके चलते सुबह और शाम के समय लोगों को स्मॉग और फॉग दोनों का सामना करना पड़ेगा।

भारतीय मौसम विभाग की वेबसाइट पर दर्ज पूर्वानुमान के अनुसार, 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जबकि मौसम में शैलो फॉग (हल्का कोहरा) दर्ज किया गया। 30 अक्टूबर को भी हल्के कोहरे का असर बना रहेगा और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तथा 18 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम दर्ज होगा।

31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मौसम विभाग ने मिस्ट की स्थिति बताई है। इन दिनों अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से घटकर 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर पहले से ही गंभीर श्रेणी में है। तापमान में गिरावट और हवा की गति में कमी के चलते स्मॉग (धुंध और प्रदूषण का मिश्रण) और भी घना हो सकता है।

हवा में बढ़ते प्रदूषक तत्वों के कारण सुबह और देर शाम के समय दृश्यता प्रभावित होगी, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि स्मॉग के कारण सांस से जुड़ी बीमारियां, अस्थमा और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई है। आने वाले हफ्ते तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है।

नमी और प्रदूषण के मेल से सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध छाई रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह की सैर पर जाने वाले बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें। जरूरत पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें और प्रदूषण से बचाव के उपाय अपनाएं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर के पहले सप्ताह के बाद ठंड का असर और बढ़ेगा और न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी।

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बंगाल के लगभग 2 करोड़ मौजूदा मतदाताओं एसआईआर के लिए पेश करना होगा निर्दिष्ट दस्तावेज

कोलकाता 28 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में लगभग 2 करोड़ मौजूदा मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम फिर से दर्ज कराने के लिए भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान निर्दिष्ट दस्तावेजों में से कोई एक प्रदान करना होगा, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के एक अनुमान में कहा गया है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि इन मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में शामिल नहीं थे, जब राज्य में पिछली बार एसआईआर आयोजित की गई थी। पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में मतदाता सूची का 2002 की मतदाता सूची से मिलान और मानचित्रण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, उत्तर बंगाल के दो जिलों दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी को छोड़कर, क्योंकि इस महीने की शुरुआत में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने इन दोनों जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया था।

जिन जिलों में “मानचित्रण और मिलान” का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, वहां से प्राप्त जानकारी और अभिलेखों तथा दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी के लिए अनुमानित अनुमानों के आधार पर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने निष्कर्ष निकाला है कि लगभग दो करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम बरकरार रखने के लिए ईसीआई द्वारा निर्दिष्ट दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध कराना होगा।

सीईओ कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि इनमें से अधिकांश मतदाता, जिन्हें ईसीआई द्वारा अनिवार्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा, वे पड़ोसी बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा वाले जिलों से हैं। एसआईआर प्रोटोकॉल के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम 2002 की सूची में हैं, उनके नाम स्वतः ही नई मतदाता सूची में पंजीकृत हो जाएंगे, तथा ऐसे मतदाताओं को मतदाता के रूप में अपनी पात्रता साबित करने के लिए कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करना होगा।

हालांकि, जिन लोगों का नाम 2002 की सूची में नहीं है, उन्हें चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे। हालांकि आधार कार्ड को ऐसे दस्तावेजों की सूची में शामिल किया गया है, लेकिन चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल आधार कार्ड ही पर्याप्त नहीं होगा और संबंधित मतदाता को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए आयोग द्वारा निर्दिष्ट 11 अन्य दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। उल्लेखनीय बात यह है कि आधार को न तो नागरिकता का प्रमाण माना जाता है और न ही आयु का।

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अखिलेश यादव बोले — भाजपा सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को तबाह कर दिया, अस्पतालों में न दवा, न डॉक्टर, न एम्बुलेंस

लखनऊ 28 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि योगी सरकार के नौ साल के कार्यकाल में अस्पतालों की हालत दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में न तो जरूरी उपकरण हैं, न दवाएं, न ही पर्याप्त डॉक्टर।

आम मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज तक नहीं मिल पा रहा है और हालत यह है कि मरीजों को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस तक नहीं मिल रही। भाजपा सरकार के स्वास्थ्य सुधारों के सभी दावे झूठे साबित हुए हैं।अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में हर दिन स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की खबरें सामने आ रही हैं। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी अपने चरम पर है। दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति में गड़बड़ी आम हो चुकी है, जिसका खामियाजा गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।

कई जिलों में डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी है तो कहीं ऑक्सीजन प्लांट तक बंद पड़े हैं।उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के बड़े शहरों के अस्पतालों की हालत भी बेहतर नहीं है। मेडिकल कॉलेजों और बड़े संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रहीं। भाजपा सरकार इन संस्थानों को जरूरी बजट देने में भी असफल रही है।

समाजवादी सरकार के समय बनाए गए मेडिकल कॉलेज और लखनऊ कैंसर संस्थान तक को यह सरकार सुचारू रूप से नहीं चला पा रही।अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह पंगु बना दिया है। अब स्थिति यह है कि प्रसूताओं को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिल पा रही, और तीमारदार उन्हें कभी बैलगाड़ी तो कभी निजी साधनों से अस्पताल ले जाने पर मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि घटिया और जानलेवा सिरप की आपूर्ति के बावजूद सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय ने चुप्पी साधे रखी, जिससे स्पष्ट है कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रही है।पूर्व मु

ख्यमंत्री ने कहा कि जनता अब निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर है क्योंकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। भाजपा सरकार जनता को न तो आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दे पा रही है और न ही बिजली, शिक्षा या किसानों को खाद-बीज जैसी जरूरतें। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए समाज में नफरत फैलाने का काम कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नाकामी और जनता की पीड़ा अब चरम पर है। प्रदेश की जनता भाजपा के कारनामों से तंग आ चुकी है और 2027 में उसे सत्ता से हटाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा को हटाने के बाद ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार संभव हो सकेगा।

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प्रशांत किशोर का नाम बंगाल व बिहार के वोटर लिस्ट में

चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

कोलकाता 28 Oct, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। तमाम राजनेताओं पर सवाल उठाने वाले जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर खुद सवालों के घेरे में हैं। चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के अध्यक्ष प्रशांत किशोर दो राज्यों के मतदाता हैं। एक मतदाता बिहार में है और दूसरा पश्चिम बंगाल में। चुनाव अधिकारियों ने आज यह खुलासा किया।

इससे अब प्रशांत किशोर मुश्किल में पड़ गए हैं। प्रशांत किशोर कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं, जो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का गृह क्षेत्र है। उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस पार्टी मुख्यालय को अपना पता बताया है। अधिकारियों ने बताया कि उनका वोट बी. रानी शंकर रोड स्थित सेंट हेलेन मतदान केंद्र पर है।

प्रशांत किशोर ने 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के लिए रणनीतिकार के रूप में काम किया था। तब से वह मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। प्रशांत किशोर बिहार के सासाराम निर्वाचन क्षेत्र के भी मतदाता हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनका वोट कोनार के मध्य विद्यालय मतदान केंद्र पर है। चुनाव अधिकारियों ने बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 17 के अनुसार, देश में किसी भी व्यक्ति को एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का अधिकार नहीं है।

हालांकि, प्रशांत किशोर के दो राज्यों में वोट मिलने से उन्हें परेशानी हो रही है। विश्लेषकों का कहना है कि इससे उन्हें कुछ राजनीतिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि वे बिहार चुनाव अपनी पार्टी के साथ लड़ रहे हैं। प्रशांत को  2 वोटर आईडी कार्ड रखने के आरोप में चुनाव आयोग ने 3 दिन में जवाब मांगा है।

बहरहाल बता दे कि, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-17 के अनुसार एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में किसी व्यक्ति रजिस्ट्रीकृत नहीं किया जायेगा, उल्लंघन की स्थिति में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा-31 के तहत एक वर्ष का करावास या जुर्माना या दोनो का प्रावधान है। सुनिश्चित करें। अतः एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में अपने नाम की प्रविष्टि के संबंध में तीन दिनों के अंदर अपना पक्ष रखना सुनिश्चित करें।”

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जिला प्रशासन द्वारा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के प्रभाव से फसलों की सुरक्षा हेतु किसानों को दिशा-निर्देश एवं राहत उपाय बताए गए

रांची, 28.10.2025 – जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने एवं इसके जिले पर संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी किसानों से अपील की है कि वे सतर्क रहें एवं फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं (60-110 किमी/घंटा) एवं भारी बारिस की स्थिति पैदा कर सकता है

अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय में जिला कृषि पदाधिकारी मोबाइल संख्या-9431427940 से संपर्क करें या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टॉल फ्री न.- 14447 शिकायत कर बीमा का दावा करें

जिला प्रशासन ने चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न होने एवं इसके जिले पर संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी किसानों से अपील की है कि वे सतर्क रहें एवं फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाव के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, यह तूफान 28 से 31 अक्टूबर तक जिले में भारी वर्षा, तेज हवाओं (60-110 किमी/घंटा) एवं भारी बारिस की स्थिति पैदा कर सकता है, जिससे धान, सब्जी एवं अन्य खरीफ फसलों को भारी क्षति पहुंचने का खतरा है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह एवं दिशा-निर्देश

किसानों को निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी है, ताकि फसलों एवं संपत्ति को अधिकतम बचाया जा सके:

1. जिन खेतों में धान, मक्का या अन्य फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, उन्हें तुरंत ना काटे कटी फसल को खेतों से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि फसल हवा से गिर गई हो, तो उसे ढककर रखें ताकि वर्षा से सुरक्षित रहे। प्लास्टिक शीट या तिरपाल का उपयोग करें।

2. फसलों की सुरक्षा
सब्जियां) के लिए हल्के डंडों से सहारा दें ताकि हवा से न गिरें। नदी-नालों के किनारे लगी फसलों को विशेष सतर्कता बरते। सब्जी उत्पादकों को सलाह दी जाती है कि पॉलीहाउस या नेट हाउस को मजबूत करें एवं रस्सी एवं लोहे के तार से अतिरिक्त सहारा दें।

3. पशुधन एवं संसाधनों की सुरक्षा

पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें एवं चारा भंडारण सुनिश्चित करें। वर्षा से भीगने से बचाने का प्रयास करें। सिंचाई पंप, ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्रों को ऊंचे स्थानों पर ले जाएं।

4.सब्जियों की बुआई रोक दे। आलू की बुआई अगर कर दी गई है, तो मेढ को कई जगह काट दे, ताकि पानी का जमाव न हो।

सरकारी सहायता एवं राहत योजनाएं

जो किसान बिरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (B-PMFBY) के अंतर्गत पंजीकृत हैं, वे तत्काल नुकसान का फोटो/वीडियो प्रमाण सहित विभाग को सूचित करें।

चुकी किसान हमारे जिले की रीढ़ हैं एवं यह तूफान चुनौतीपूर्ण है। लेकिन सामूहिक प्रयासों से हम सामना कर लेंगे। जिला प्रशासन एवं जिला कृषि कार्यालय पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है, कि किसी भी किसान को राहत में कोई कमी न रहे। सभी से अपील है कि पैनिक ना हो।

अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि कार्यालय या जिला कृषि पदाधिकारी राँची, मोबाइल संख्या-9431427940 से संपर्क करें या प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टॉल फ्री न.- 14447 शिकायत कर 72 घंटो के अंदर अगर धान या मक्का का फसल कटनी करके खेतो में रखा गया है, तो प्रधानमंत्री फ़सल बीमा योजना के टॉल फ्री न. पर बीमा का दावा करें।

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खतरनाक होता जा रहा चक्रवात मोंथा, 9 राज्यों में दिखेगा असर

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात मोंथा के कारण देश के कई राज्यों के मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ दिख रहा है। इसी के साथ अरब सागर के ऊपर बन रहे गहरे दबाव के कारण बारिश का साया मंडरा रहा है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 9 राज्यों- आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और झारखंड में अगले 3 दिनों तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात मोंथा मंगलवार शाम या रात तक आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकिनाडा के पास तट से टकराएगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 90-100 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

इससे आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। कई जगह स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं, वहीं इन राज्यों में आपदा राहत दलों भी मुस्तैद कर दिए हैं।

दक्षिण-पश्चिमी मानसून भले ही 15 अक्टूबर को विदा हो गया है, लेकिन 3 मौसमी सिस्टम- चक्रवात, अरब सागर में बना निम्न दवाब का क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ से 15 राज्यों में फिर से बारिश होने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों से देश के 90 फीसदी इलाके में बादल छाए रहे और कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश भी हुई। सोमवार को केरल, झारखंड़ और गुजरात में भारी बारिश हुई, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र के कई जिले भी भीगे।

पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मंगलवार (28 अक्टूबर) को दिल्ली एनसीआर में बादल छाए रहने के साथ ठंडी हवाएं चल सकती हैं।कई हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में 28-30 अक्टूबर के बीच पूर्वांचल में बारिश होने की संभावना है। बिहार में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 30-31 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा राजस्थान में भी 6 जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पश्चिमी विक्षोभ सोमवार को उत्तरी हिमालय के पहाड़ी राज्यों में दस्तक दे चुका है। इससे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ ही नवंबर के पहले सप्ताह में 3-4 डिग्री तापमान गिर सकता है।

इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जबकि हमीरपुर, कांगड़ा, बिलासपुर में आंशिक रूप से बादल छाये रहने की संभावना है।

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चक्रवात मोंथा तूफान : भारी बारिश के चलते दर्जनों ट्रेनें रद्द, फ्लाइट के लिए एडवाइजरी जारी

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । चक्रवाती तूफान मोंथा के चलते आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवा के मद्देनजर ट्रेन सेवा बुरी तरह से प्रभावित हुई है. दक्षिण मध्य रेलवे ने 27, 28, 29 और 30 अक्टूबर को चलने वाली दर्जनों ट्रेन कैंसिल कर दी गई है.

इसमें प्रमुख रूप से 29 अक्टूबर को ओडिशा के चलने वाली ट्रेन नंबर 18464 केएसआर बेंगलुरु भुवनेश्वर प्रशांति एक्सप्रेस भी शामिल है. पटना के लिए जाने वाली ट्रेन एर्नाकुलम एक्सप्रेस, एर्नाकुलम हावड़ा एक्सप्रेस, कन्याकुमारी डिब्रुगढ़ एक्सप्रेस को डायवर्ट कर दिया गया. एयरलाइंस की ओर से यात्रियों के लिए भी एडवाइजरी की गई है.

दक्षिण मध्य रेलवे ने 27, 28, 29 और 30 अक्टूबर के लिए निर्धारित 72 ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा की. इसके साथ ही कई ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दक्षिण मध्य रेलवे तथा दक्षिण मध्य रेलवे के महाप्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव और पूर्व तटीय रेलवे, दक्षिण रेलवे और मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच के साथ बैठक की. इस दौरान यात्रियों की सुविधाओं पर चर्चा की गई. उड़ान संचालन भी प्रभावित हुआ है. यात्रियों को हवाई अड्डे पर जाने से पहले उड़ान की स्थिति की जाँच करने के लिए कहा गया है.

चक्रवाती तूफान मोंथा आंध्र प्रदेश में तबाही मचा रहा है, जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. ट्रेनें रद्द की जा रही है. उड़ानों के लिए एडवाइजरी जारी की जा रही है. तटीय जिलों में भारी बारिश और तेज हवा का सामना करना होगा. आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं.

चक्रवाती तूफान मोंथा एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दे रहा है. तटीय जिलों में तेज हवा और बारिश शुरू हो गई है. प्रशासन ने प्रभावित होने वाले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा सलाह का पालन करने का आग्रह किया है.

जिले के अधिकारियों ने सभी आपातकालीन सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है. राहत बचाव को लेकर कई टीमें तैनात की गई हैं. मौसम की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए गए. बता दें कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने कई तटीय और आंतरिक जिलों में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया.

तूफान से विमानों के परिचालन पर भी असर पडऩे वाला है. इससे विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और राजमुंदरी सबसे अधिक प्रभावित होने वाले हैं. इंडियो एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

एक्स पर जारी बयान में कहा है कि चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका के कारण प्रभावित शहरों से आने-जाने वाली उड़ानें प्रभावित होगी.

यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से उड़ान की स्थिति का पता कर लें. साथ ही हवाई अड्डे के लिए अतिरिक्त समय लेकर चले क्योंकि जलभराव और यातायात जाम की आशंका है. उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को सूचित किया जाएगा.

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दिल्ली हाई कोर्ट में 3 नए न्यायाधीशों ने ली शपथ, कुल जजों की संख्या हुई 44

नई दिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आज दिल्ली हाईकोर्ट को तीन नये जज मिल गए. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय ने तीनों जजों को शपथ दिलाई. चीफ जस्टिस ने जिन जजों को शपथ दिलाई उनमें जस्टिस दिनेश मेहता, जस्टिस अवनीश झींगन और जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा शामिल हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट में इन तीन जजों के साथ ही कुल जजों की संख्या 44 हो गई है. दिल्ली हाईकोर्ट में जजों की कुल स्वीकृत संख्या 60 है. जस्टिस मेहता और जस्टिस झींगन इसके पहले राजस्थान हाईकोर्ट में जज थे. जस्टिस सुधा इसके पहले केरल हाईकोर्ट में जज थीं.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इन जजों के ट्रांसफर का आदेश 14 अक्टूबर को जारी किया था. इसके पहले अगस्त में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने विभिन्न हाईकोर्ट के 14 जजों का ट्रांसफर करने का आदेश दिया था जिनमें इन तीनों जजों का नाम शामिल था.

जस्टिस मेहता को 16 नवंबर 2016 को राजस्थान हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. जस्टिस झींगन को जुलाई 2017 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था. बाद में जस्टिस झींगन को 1 नवंबर 2023 को राजस्थान हाईकोर्ट में जज के रुप में ट्रांसफर किया गया था. जस्टिस सुधा 20 अक्टूबर 2021 को केरल हाईकोर्ट का जज नियुक्त किया गया था.

इससे पहले एक अन्य समारोह में दिल्ली हाई कोर्ट में तीन नव नियुक्त न्यायाधीशों शैल जैन, मधु जैन और विनोद कुमार ने गुरुवार को औपचारिक रूप से शपथ ग्रहण की. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने तीनों न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. यह नियुक्तियां केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद की गईं थीं.

शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली हाई कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश, नव नियुक्त न्यायाधीशों के परिजन, दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य और अन्य प्रतिष्ठित कानूनी विशेषज्ञ उपस्थित रहे थे.

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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शराबबंदी से लेकर भूमि अधिकार संरक्षण विधेयक की गूंज

श्रीनगर,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । जम्मू-कश्मीर में शराब की बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध सहित 41 निजी विधेयक आज विधानसभा में पेश किए जाने हैं.

विधानसभा सचिवालय के अनुसार आज का दिन निजी विधेयकों के लिए रिजर्व रखा गया है. इनमें केंद्र शासित प्रदेश में लोकायुक्त की स्थापना से लेकर मानवाधिकार मंच और घाटी में फ्रोजन फूड के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध तक शामिल हैं.

ये विधेयक सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों द्वारा पेश किए गए हैं. शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के दो विधायकों सहित चार विधायकों ने पेश किया है.

एनसी विधायक अली मोहम्मद सागर उनमें से एक हैं जिन्होंने क्षेत्र में शराब की बिक्री, विज्ञापन और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है.

पीडीपी के मोहम्मद फैयाज मीर पिछले बजट सत्र में सबसे पहले इस विधेयक को पेश करने वाले व्यक्ति थे. उनके बाद एनसी के अहसान परदेसी और अवामी इत्तेहाद पार्टी के विधायक शेख खुर्शीद ने इस प्रतिबंध के लिए सामाजिक, धार्मिक और सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता का हवाला दिया.

ये विधेयक तब पारित नहीं हो सके और इन्हें आज के विधायी एजेंडे में रखा गया है. इस क्षेत्र में शराब पीने पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन मुस्लिम बहुल क्षेत्र में सार्वजनिक रूप से इसका सेवन वर्जित माना जाता है. इसके अलावा निवासियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भूमि अधिकार विधेयक भी आज के विधायी एजेंडे में शामिल हैं.

एनसी विधायक मुबारिक गुल जो विधानसभा में एनसी के प्रमुख हैं ने सदन में बहुमत दल के मुख्य सचेतक के वेतन और भत्तों की मांग के लिए एक विधेयक पेश किया है.

निजी सदस्यों के विधेयकों के पारित होने की संभावना कम है क्योंकि रिकॉर्ड बताते हैं कि 1980 के बाद से सदन में केवल तीन विधेयक ही पारित हुए हैं, जिनमें से आखिरी विधेयक 2007 में पारित हुआ था.

इसका कारण समर्थन की कमी बताया जा रहा है. कोई विधेयक किसी मंत्री या विधायक द्वारा प्रस्तुत किया जा सकता है. पहले मामले में इसे सरकारी विधेयक और दूसरे मामले में इसे निजी सदस्य का विधेयक कहा जाता है.

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दिल्ली में आज हो सकती है पहली कृत्रिम बारिश, मौसम से हरी झंडी मिलने का इंतजार

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। धुंध भरे प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली को बारिश ही साफ कर सकती है। इसलिए दिल्ली सरकार मंगलवार को पहली कृत्रिम बारिश के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि, इसके लिए मौसम का अनुकूल होना जरूरी है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि जब कानपुर में दृश्यता 2,000 मीटर से बढ़कर 5,000 मीटर हो जाएगी, तब विशेष विमान दिल्ली आएगा। उन्होंने कहा कि सब कुछ मौसम पर निर्भर करता है, जिसके बाद क्लाउड सीडिंग परीक्षण होगी।

पिछले दिनों दिल्ली के बुराड़ी में कृत्रिम बारिश के लिए प्रयुक्त सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड यौगिकों की अल्प मात्रा विमान से छोड़ी गई थी। हालांकि, उस समय वायुमंडल में नमी 20 प्रतिशत से भी कम थी, जिससे क्लाउड सीडिंग नहीं हो सकी।

यह नमी 50 प्रतिशत होनी चाहिए थी। आईआईटी कानपुर ने परीक्षण को लेकर अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह क्लाउड सीडिंग की क्षमताओं और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय की जांच के लिए एक परीक्षण उड़ान थी।

कृत्रिम बारिश के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने  आईआईटी कानपुर को 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 5 परीक्षण करने के लिए अधिकृत किया है।

इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण, रक्षा और गृह मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश सरकार सहित 10 से अधिक केंद्रीय और राज्य एजेंसियों से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त कर लिए गए हैं।

परियोजना पर 3.21 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसका बजट दिल्ली कैबिनेट ने पास कर दिया है। परियोजना में देरी भी हुई है।

दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश की योजना बना रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण दिल्ली- एनसीआर के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मौसम विभाग के हवाले से बताया था कि 28 से 30 अक्टूबर के बीच दिल्ली में बादल बनने पर कृत्रिम बारिश कराई जा सकती है। दिल्ली में मौसम अनुकूल रहने पर आज शाम तक कृत्रिम बारिश हो सकती है।

कृत्रिम बारिश को क्लाउड सीडिंग भी कहते हैं, जो मौसम परिवर्तन तकनीक है। यह बादलों में विशिष्ट रसायनों को डालकर बारिश बुलाती है। आमतौर पर इसमें सिल्वर आयोडाइड, कैल्शियम क्लोराइड या सूखी बर्फ का उपयोग होता है।

नमी से भरे बादलों में छोड़े जाने पर ये कण बीज का काम करते हैं, जिनके चारों ओर पानी की बूंदें जमा हो जाती हैं। जैसे-जैसे ये बूंदें भारी होती जाती हैं और अंतत: बारिश के रूप में जमीन पर गिरती हैं।

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अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा, ट्रस्ट ने बताया

अयोध्या,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने दी है।

उन्होंने मंगलवार को बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। अब केवल वही कार्य चल रहा है, जिसका सीधा सरोकार श्रद्धालुओं से नहीं है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में 10 एकड़ का पंचवटी भी बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

ट्रस्ट सचिव राय ने बताया कि नागरशैली में बने राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। भूतल पर रामलला और पहली मंजिल पर राम परिवार विराजित है। मंदिर के चारों ओर 800 मीटर लंबा आयताकार परकोटा बन चुका है।

इसके कोनों पर शिव, गणेश, सूर्यदेव, देवी भगवती विराजमान हैं। दक्षिण में हनुमान और उत्तर में देवी अन्नपूर्णा मंदिर है। सभी पर ध्वजदंड लग चुके हैं। दक्षिणी-पश्चिमी कोने पर लक्ष्मण जी का शेषावतार मंदिर तैयार है।

राय ने बताया कि सप्त मंडप में महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य का मंदिर तैयार है। निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या मंदिर भी बन चुका है।

संत तुलसीदास का मंदिर बन चुका है। कुबेर टीला पर जटायु और अंगद टीला पर गिलहरी की प्रतिमाएं हैं। साथ ही भक्तों के लिए शौचालय परिसर का निर्माण हो चुका है। उन्होंने बताया कि तीर्थ यात्रियों की सुगमता के लिए आवश्यक सभी चीजों का निर्माण पूरा हो चुका है।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में सड़कें और पत्थर लगाने कार्य, भूमि सौन्दर्य, हरियाली और लैंड स्केपिंग कार्य सहित 10 एकड़ में पंचवटी निर्माण का काम तेजी से हो रहा है।

उन्होंने बताया कि कुछ ऐसे भवन हैं, जिनका सीधा संबंध श्रद्धालुओं से नहीं है, जिसमें सभागार, ट्रस्ट ऑफिस, अतिथि गृह, दिशाओं के गेट और 3.5 किलोमीटर लम्बी चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। अभी 3 गेट बन चुके हैं। बाकी काम जल्द पूरा होगा।

राम मंदिर में ध्वजारोहण कार्यक्रम 25 नवंबर को होना है, जिसके लिए अनुष्ठान 21 नवंबर से शुरू होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सर संघचालक मोहन भागवत भी शामिल होंगे। परिसर में मंच बनेगा और 8,000 से अधिक अतिथियों के लिए कुर्सियां लगेंगी।

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कर्नाटक हाई कोर्ट से सिद्धारमैया सरकार को झटका

आरएसएस कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश रोका

बेंगलुरु,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने निजी संगठनों की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। यह आदेश न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया है।

साथ ही राज्य सरकार, गृह विभाग और हुबली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को करेगा। यह आदेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ बताया जा रहा था।

पुनश्चैतन्य सेवा संस्था ने सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका दायर कर कोर्ट में तर्क दिया कि सरकार का कदम निजी संगठनों के वैध गतिविधियों के संचालन के अधिकारों का उल्लंघन करता है।

इस पर कोर्ट ने कहा कि सरकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत गारंटीकृत अधिकारों को कम नहीं कर सकती है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा की रक्षा करते हैं। अंतरिम रोक से संगठन को आगे सुनवाई तक अस्थायी राहत मिलती है।

कर्नाटक सरकार ने इस महीने आदेश जारी कर सार्वजनिक और सरकारी स्वामित्व वाली संपत्तियों के उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।

इसमें निजी-सामाजिक संगठन को संबंधित विभागाध्यक्षों की लिखित अनुमति के बिना सरकारी स्कूलों, कॉलेज परिसर, संस्थागत स्थानों पर कार्यक्रम, बैठक या सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की मनाही थी।

सरकार ने आदेश के उल्लंघन पर जिला प्रशासन को कार्रवाई को कहा था। आदेश को आरएसएस पर सीधा हमला बताया गया, क्योंकि सार्वजनिक स्थानों पर उनकी शाखाएं लगती हैं।

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भारत अब रूस के साथ मिलकर बनाएगा नागरिक विमान, अमेरिका और यूरोप को झटका

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारत और रूस मिलकर अब नागरिक विमान बनाने की ओर कदम बढ़ाएंगे। मंगलवार को इसकी शुरूआत हो गई है।

मास्को में सरकारी स्वामित्व वाली एयरोस्पेस दिग्गज हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (यूएसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

समझौते के तहत घरेलू उपयोग के लिए रूसी डिज़ाइन वाला एक यात्री जेट विमान बनाया जाएगा। अभी तक नागरिक उड्डयन बाजार में यूरोप के एयरबस और अमेरिकी की बोइंग कंपनी का लगभग एकाधिकार है।

समझौते के तहत एचएएल को सुखोई सुपरजेट 100 या छोटी दूरी के मार्गों के लिए उपयुक्त दोहरे इंजन वाला क्षेत्रीय जेट एसजे-100 को असेंबल करने का अधिकार किया गया है।

इस कदम को नागरिक उड्डयन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एसजे-100 की 200 से ज्यादा इकाइयां दुनिया भर में एक दर्जन से ज्यादा एयरलाइनों द्वारा निर्मित और संचालित की जा चुकी हैं। अब यह भारत की उड़ान क्षेत्रीय संपर्क योजना को मजबूत करेगा।

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चक्रवात मोंथा में आई तेजी, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश

नईदिल्ली,28 अक्टूबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान मोन्था मजबूत हो गया और तेजी से आगे बढ़ रहा है। चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा हाई अलर्ट पर है।

करीब 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ आ रहे इस तूफान ने तटीय क्षेत्र में भारी बारिश शुरू कर दी है। यहां से लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश को हरसंभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया है।

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात मोन्था रविवार देर रात आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम से करीब 280 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और विशाखापत्तनम से 410 किलोमीटर दक्षिण में केंद्रित था।

चक्रवात मंगलवार शाम या रात तक एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच पार कर जाएगा। हालांकि, तूफान पहले ही कई तटीय जिलों में पहुंच चुका है, जिससे चित्तूर, तिरुपति और काकीनाडा में अत्यधिक बारिश हो रही है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

चक्रवात मोन्था आंध्र प्रदेश में दस्तक देगा, लेकिन ओडिशा भी तैयार है। सरकार ने मंगलवार से भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए मलकानगिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, रायगढ़, गजपति, गंजम, कालाहांडी और कंधमाल में रेड अलर्ट जारी किया है।

राज्य में 1,445 चक्रवात आश्रय स्थल खुले हैं और 140 बचाव दल तैयार है। गजपति जिले के पहाड़ी इलाकों पर भूस्खलन की संभावना को देखते हुए सतर्क हैं। निचले इलाकों से 32,000 लोगों को निकालने का काम जारी है।

चक्रवात का हल्का असर पश्चिम बंगाल में दिखेगा। यहां के कोलकाता, हावड़ा, हुगली, दक्षिण 24 परगना, पूर्व-पश्चिम मेदिनीपुर में भारी बारिश की संभावना है और 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।

चक्रवात के आगे बढऩे पर उत्तर बंगाल में 29 अक्टूबर से बारिश बढऩे की संभावना है। तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और रानीपेट में सोमवार को भारी बारिश हुई है। मोन्था चेन्नई से 480 किलोमीटर पूर्व में है। यहां असर कम दिखेगा।

खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम और चेन्नई के बीच करीब 6 उड़ानें रद्द कर दी गईं हैं। इंडिगो ने यात्रियों से हवाई अड्डा निकलने से पहले उड़ान की स्थिति जानने को कहा है। कुछ ट्रेनों को भी रोक दिया गया है।

भारी बारिश को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 3 दिन के लिए स्कूलों में छुट्टी की है। आंध्र प्रदेश में 27-31 अक्टूबर तक कई जिलों में छुट्टी रहेगी। ओडिशा में 28-29 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे।

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