ऑपरेशन सिंदूर : भारत के एयरस्ट्राइक के बाद सहमा पाकिस्तान, आसमान में भी सन्नाटा

नई दिल्ली 07 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। पाकिस्तान ने बुधवार की सुबह कई प्रमुख हवाई अड्डों पर हाई सिक्योरिटी अलर्ट लागू कर दिया। ऐसी खबरें भी आईं कि पाकिस्तान ने कमोबेश सभी उड़ानें रद्द कर दीं।

मीडिया रिपोर्ट्स से सामने आया है कि पाकिस्तान ने कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जानी वाली सारी फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। वहीं, भारतीय सेना के एक्शन के बाद पाकिस्तान सहमा हुआ है और वहां के आसमान में भी सन्नाटा पसरा है।

फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट ‘फ्लाइटरडार24’ से पता चलता है कि बुधवार की सुबह 11 बजे पाकिस्तानी आसमान में खामोशी छाई रही। भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के आसमान में एकाध प्लेन ही उड़ते दिखे। इसमें बीजिंग से दुबई और लाहौर से कराची जाने वाली फ्लाइट शामिल थी। अमूमन सुबह के इस वक्त में पाकिस्तान के आसमान में विमानों की काफी आवाजाही होती है। लेकिन, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सहमे पाकिस्तान के आसमान में भी सन्नाटा छाया है।

माना जा रहा है कि भारत के एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने किसी अनहोनी की आशंका के लिहाज से तमाम फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है। इससे पहले पाकिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र को भारतीय विमानों के लिए बंद करने का फैसला किया था।

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। बताया गया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित उन आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया, जहां से भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जाती रही है। कुल मिलाकर नौ स्थानों को निशाना बनाया गया है।

भारत ने एयरस्ट्राइक पर कहा कि हमारी कार्रवाई केंद्रित, संतुलित और गैर-उत्तेजक रही है। किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है। भारत ने लक्ष्य चयन और कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय संयम दिखाया है। यह कदम बर्बर पहलगाम आतंकी हमले के बाद उठाए गए हैं, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की हत्या कर दी गई थी। हम अपने उस संकल्प पर कायम हैं कि इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

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ऑपरेशन सिंदूर: जम्‍मू-कश्‍मीर में लगे भारत माता की जय के नारे

बोले अब लाहौर में फहराएंगे तिरंगा

जम्‍मू-कश्‍मीर 07 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारतीय सेना की ओर से पाकिस्‍तान और पीओके में की गई कार्रवाई को लेकर जम्मू में स्‍वागत किया जा रहा है। जम्‍मू-कश्‍मीर में स्‍थानीय लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए। इस दौरान स्‍थानीय लोगो में काफी ज्यादा उत्साह दिखाई दिया।

स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा था, वह कर दिखाया। अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है। उत्साहित लोग बोले, “हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फैलाएंगे।”

स्थानीय लोगों ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल को बधाई देते हैं। पूरे देश की मांग थी कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सबक सिखाने का काम किया जाए। मंगलवार की रात लोग सोए रहे और भारत पाकिस्तान में तबाही मचाता रहा। सुबह पता चला कि आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया है। इस दौरान सैन्य कार्रवाई में आतंकियों के नौ ठिकाने ध्वस्त कर दिए गए।

स्थानीय लोगों ने कहा कि आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान के अंदर हाहाकार मचा हुआ है। पाकिस्तान को धराशायी करने का काम भारतीय सेना ने किया। वहीं, पुंछ के अंदर हमारी थल सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है। अभी मात्र 100 किलोमीटर तक घुसे हैं, 300 किलोमीटर तक जाना बाकी है। हम इस्लामाबाद और लाहौर तक तिरंगा फहराएंगे। अब विश्व के नक्शे में पाकिस्तान नहीं होगा। पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों का जवाब भारतीय सेना ने दे दिया है।

गौरतलब है कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सख्त जवाबी कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें आतंकवादी समूह लश्कर-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर भी शामिल है। पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने कायराना हमला कर 26 लोगों की गोलीमार कर हत्या कर दी थी।

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आपरेशन सिंदूर : पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक के बाद करतारपुर कोरिडोर बंद

491 श्रद्धालु बिना दर्शन लौटे

गुरदासपुर 07 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनातनी के बीच मंगलवार रात आपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके मद्देनजर देश भर के कई हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द कर दी गईं और सीमावर्ती जिलों के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया।

इसी सुरक्षा उपाय के तहत श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर भी बंद कर दिया गया। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे दर्शन हेतु पहुंचे 491 श्रद्धालु तीन घंटे तक प्रतीक्षा के बाद निराश लौट गए। अधिकारियों ने सुरक्षा परिस्थितियों का हवाला देते हुए कॉरिडोर अगले आदेश तक बंद रहने की घोषणा की है।

दर्शनों के लिए सुबह 8:30 बजे से शुरू होने वाली प्रक्रिया रद्द होने से श्रद्धालुओं को गुरुद्वारे के दर्शन नसीब नहीं हो सके। इससे पहले भी तनाव के दौर में सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद 11 एयरपोर्ट्स से ऑपरेशन बंद

Air India ने 9 शहरों में सभी उड़ानें रद्द कीं; हेल्पलाइन नंबर जारी

नई दिल्ली 07 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): भारतीय सेना ने बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के नौ ठिकानों पर सटीक हमला किया। इसके बाद देश के कई इलाकों से उड़ानों को रद्द या देर से चलाया गया।

11 सीमावर्ती हवाईअड्डों पर फ्लाइट ऑपरेशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए गए हैं। प्रभावित हवाईअड्डों में जम्मू, श्रीनगर, लेह, चंडीगढ़, बीकानेर, जोधपुर, राजकोट, धर्मशाला, अमृतसर, भुज और जामनगर शामिल हैं।

एयर इंडिया ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म X पर बताया कि जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट के लिए सभी उड़ानें दोपहर तक रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अमृतसर से दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया।

स्पाइसजेट और इंडिगो ने भी पुष्टि की है कि जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और अमृतसर हवाईअड्डों पर फिलहाल कोई परिचालन नहीं हो रहा है और इन रद्दीकरणों से व्यापक प्रभाव पड़ा है। एयरलाइन्स यात्रियों को रिडायरेक्शन और रिफंड विकल्प उपलब्ध करा रही हैं।

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तिलमिलाए पाकिस्तान ने की LoC पर फायरिंग, 3 भारतीय नागरिकों की मौत

भारतीय सेना ने भी दिया करारा जवाब

श्रीनगर/जम्मू  07 may, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारत ने मंगलवार रात 1:44 बजे पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। जवाब में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रातभर भारी गोलाबारी की। इसमें 3 नागरिकों की मौत हो गई और 10 से ज्यादा लोग घायल हुए।

भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बहावलपुर समेत 9 ठिकानों को निशाना बनाया। बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा अड्डा है। सेना ने X पर पुष्टि की कि भीमबेर गली सेक्टर में पाकिस्तान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया, जिसका जवाब दिया गया।

पाकिस्तानी गोलाबारी से पुंछ के मनकोट में महिला की मौत हुई, उसकी 13 साल की बेटी घायल हो गई। पुंछ, राजौरी, कुपवाड़ा और उरी सेक्टर में मोर्टार और तोप से हमले हुए। लोगों को बंकरों में छिपना पड़ा। हालात को देखते हुए जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों में आज सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। तब से यह जम्मू-कश्मीर में गोलीबारी की लगातार 13वीं रात रही।

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9 आतंकी ठिकाने, 25 मिनट की एयर स्ट्राइक और सब बर्बाद…

कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका ने ऑपरेशन सिंदूरकी दी पूरी जानकारी

नई दिल्ली 07 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी):  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारतीय सेना, वायुसेना और विदेश मंत्रालय ने संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग की, जिसमें विदेश सचिव विक्रम मिस्री, वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की लेफ्टिनेंट कर्नल सोफिया कुरैशी शामिल हुईं। सैन्य अधिकारियों ने आतंकी ठिकानों पर किए गए हमले की क्लिप भी दिखाई।

प्रेस ब्रीफिंग में कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, “पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया। पाकिस्तान में पिछले तीन दशकों से आतंकवादी इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो रहा था, जो पाकिस्तान और पीओके दोनों में फैला हुआ है।”

कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा, “मैं आपको बताना चाहूंगी कि पीओजेके में पहला लक्ष्य मुजफ्फराबाद में सवाई नाला कैंप था, जो नियंत्रण रेखा से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह लश्कर-ए-तैयबा का प्रशिक्षण केंद्र था। 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग, 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग और 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमलों में शामिल आतंकवादियों ने यहीं से प्रशिक्षण प्राप्त किया था।”

वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, “रात 1 बजकर पांच मिनट से 1 बजकर 30 मिनट के बीच हमला किया गया। पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक की जान को नुकसान से बचाने के लिए स्थानों का चयन किया गया था।”

इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त ब्रीफिंग में बताया, “22 अप्रैल 2025 को लश्कर और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों ने कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला किया और 25 भारतीय नागरिकों और 1 नेपाली नागरिक की हत्या कर दी। आतंकियों ने पर्यटकों को उनके परिवार के सदस्यों के सामने सिर में गोली मार दी। इस दौरान परिवार को धमकाया गया और उस बर्बरता का संदेश देने को कहा गया। चूंकि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन फिर से बढ़ रहा था, इसलिए हमले का मुख्य उद्देश्य उसे नुकसान पहुंचाना और दंगा भड़काना था।”

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “पहलगाम में हमला अत्यंत बर्बरतापूर्ण था, जिसमें पीड़ितों को बहुत नजदीक से सिर में गोली मारकर और उनके परिवार के सामने मारा गया। परिवार के सदस्यों को जानबूझकर इस तरह से मारा गया कि उन्हें संदेश वापस ले लेना चाहिए। यह हमला स्पष्ट रूप से कश्मीर में सामान्य स्थिति को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया था।”

उन्होंने आगे कहा, “रेजिस्टेंस फ्रंट नामक एक समूह ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली है। यह समूह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ होने की पुष्टि हुई है। पहलगाम पर हुआ हमला कायराना था और पहलगाम हमले की जांच से पाकिस्तान के आतंकवादियों से संबंध उजागर हुए हैं।”

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, “आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखने वाली हमारी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि भारत पर और हमले हो सकते हैं और उन्हें रोकना और उनसे निपटना आवश्यक समझा गया।”

उन्होंने कहा, “आज सुबह, भारत ने सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। हमारी कार्रवाई नपी-तुली और गैर-बढ़ी हुई, आनुपातिक और जिम्मेदाराना थी। हमने आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे को नष्ट करने पर ध्यान केंद्रित किया।”

इस प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत में भारत पर हुए कई हमलों से जुड़ी एक क्लिप भी दिखाई गई थी, जिसमें 2001 का संसद हमला, 2008 का मुंबई आतंकी हमला, उरी, पुलवामा और पहलगाम हमला शामिल है

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टोकन व्यवस्था के जरिए बाबा के दर्शन से श्रद्धालु संतुष्ट

इस बार पैदल मार्ग पर रैन शेल्टर बढ़ाए जाने से मिल रही है राहत

देहरादून,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।   विगत 2 मई शुक्रवार से केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो चुकी हैं, गत वर्ष की तरह इस बार भी यात्रा में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए लगने वाली भीड़ की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर प्रशासन ने इस साल टोकन प्रणाली लागू की है। जिससे सभी यात्रियों को आसानी से बाबा के दर्शन हो रहे हैं।

देहरादून से केदारनाथ आए शुभ कुमार ने कहा कि टोकन व्यवस्था से भीड़ काबू में रही जिससे वे आसानी से दर्शन कर पाए। छत्तीसगढ़ से आई डॉ. दीपिका ने बताया कि टोकन व्यवस्था होने से उन्हें सुबह से लाइन में नहीं लगना पड़ा और निर्धारित टाइम स्लॉट पर वे आसानी से दर्शन कर पाए। गाजियाबाद और मुरादाबाद से आए श्रद्दालुओं ने भी टोकन व्यवस्था पर प्रशासन की तारीफ की।

जिला पर्यटन अधिकारी राहुल चौबे ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन बाबा केदारनाथ के दर्शनों के देश दुनिया से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का यात्रा अनुभव सुखद एवं सुगम बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में मंदिर परिसर के प्रवेश से पहले ही हेलीपैड के समीप टोकन सिस्टम लगाया गया है, ताकि दर्शनों से पहले ही यात्री को उसके नंबर की जानकारी मिल जाए, इस बीच यात्री केदारपुरी घूम सकेंगे।

पैदल मार्ग पर रैन शेल्टर से राहत

इस बार प्रशासन ने गौरीकुंड से शुरु होने वाले पैदल मार्ग पर जगह जगह रैन शेल्टर बनाए हैं। जिससे यात्रियों को बारिश से राहत मिल रही है। इसी तरह

केदारपुरी में श्रद्धालुओं को अब फ्री वाईफाई की सुविधा भी उपलब्ध हो गई है।

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झारखंड के सीएम हेमंत ने रांची में खडग़े और वेणुगोपाल के साथ देश-राज्य के मुद्दों पर की चर्चा

रांची ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में मंगलवार को कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ में भाग लेने आए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े से एक होटल में मुलाकात कर कई मुद्दों पर चर्चा की।

इस दौरान कांग्रेस के संगठन महासचिव एवं सांसद केसी वेणुगोपाल और हेमंत सोरेन की पत्नी विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद रहीं।
इस मुलाकात के बाद हेमंत सोरेन ने मीडिया से कहा कि खडग़े जी झारखंड में पार्टी के कार्यक्रम में आए थे। हम गठबंधन में एक-दूसरे के सहयोगी हैं। इस नाते यह औपचारिक मुलाकात थी। उनके साथ देश-राज्य के वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री सोरेन ने कांग्रेस अध्यक्ष खडग़े एवं महासचिव केसी वेणुगोपाल को झारखंड की सरना आदिवासी संस्कृति से जुड़ा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने झारखंड के सोहराई आर्ट की एक कलाकृति भी कांग्रेस अध्यक्ष को भेंट स्वरूप दी।

इसके पहले रांची के पुराना विधानसभा मैदान में कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ के दौरान खडग़े ने हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज की तारीफ की। खास तौर पर ‘मंईयां सम्मान योजना’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य भर की गरीब, दलित और आदिवासी महिलाओं को ताकत मिली है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने रांची में अपने भाषण में हेमंत सोरेन के खिलाफ ईडी की कार्रवाई और उन्हें जेल भेजने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासी समझकर उन्हें प्रताडि़त करने और डराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पता नहीं कि आदिवासी कभी जेल से नहीं डरते। जो लोग खेत-मिट्टी में संघर्ष करते हैं और मेहनत की कमाई करते हैं, उन्हें कोई सरकार जेल भेजकर नहीं डरा सकती।

खडग़े ने रांची में रैली के बाद झारखंड के सभी जिलों के कांग्रेस अध्यक्षों के साथ बैठक की और उनसे पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘संविधान बचाओ अभियान’ के तहत जिला, प्रखंड और बूथ लेवल पर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

खडग़े ने रांची में झारखंड प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी की बैठक में भी भाग लिया। उन्होंने प्रदेश इकाई के नेताओं को पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों एवं रणनीतियों से अवगत कराया और जनता से जमीनी स्तर पर जुडऩे की सलाह दी।

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उत्तर प्रदेश में सात जिलों के एसपी समेत 14 आईपीएस अधिकारियों का तबादला

लखनऊ ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश में कई पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए। 14 आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर किया गया। मोहित गुप्ता पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी से सचिव गृह उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ बनाए गए हैं।

इस तबादला सूची में महाकुंभ मेले के डीआईजी रहे वैभव कृष्ण का नाम भी शामिल है। वाराणसी जोन के आईजी मोहित गुप्ता को लखनऊ का गृह सचिव बनाया गया। वहीं, राज करण नैयर गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किए गए। पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर 14 आईपीएस अधिकारियों को इधर-उधर किया। साथ ही 7 जिलों के कप्तान भी बदल दिए। वैभव कृष्ण जिन्हें उपमहानिरीक्षक महाकुंभ मेला प्रयागराज की जिम्मेदारी सौंप गई थी, अब पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र बनाए गए हैं। एसएसपी राज करण नैयर अयोध्या से गोरखपुर भेजे गए और गोरखपुर के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को अयोध्या की जिम्मेदारी मिली।

सेनानायक 35वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ अनूप कुमार सिंह फतेहपुर के एसपी बनाए गए। कौशांबी के एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव इटावा के एसएसपी नियुक्त किए गए, जबकि उनके स्थान पर पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद राजेश कुमार द्वितीय को कौशांबी भेजा गया है। फतेहपुर के एसपी धवल जायसवाल को पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद की कमान मिली।

गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में भी प्रशासन और पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ था। उस समय 16 आईएएस अधिकारियों और 11 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया था।

इसी क्रम में अयोध्या के जिलाधिकारी भी बदले गए थे और निखिल टीकाराम फूंडे को अयोध्या का नया डीएम बनाया गया था। इसी साल मार्च के महीने में सात आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया था। इस दौरान आईपीएस बबलू कुमार को जॉइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) लखनऊ नियुक्त किया गया था।

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नारी वंदना का ढोंग रचने वाली भाजपाइयों की सोच महिला विरोधी : अखिलेश यादव

लखनऊ ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिलाओं को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी से पहले ही भाजपा के पूर्व रूप का ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ ऐसा नहीं था कि वह सामने आकर मुंह दिखा सके, क्योंकि वे ऐसे काम, वारदात और साजिश-षड्यंत्र करते थे, जो देशभक्ति, नैतिकता और सामाजिकता के पैमाने पर नकारात्मक और अपराधात्मक माने जाते थे। इसलिए इनकी गतिविधियां हमेशा भूमिगत रहकर मुखबिरी के रूप में ही दबे-छिपे चलती रहीं।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट में लिखा, भाजपा ने कई बार रूप बदला, जिससे ये पहचाने न जा सकें। यही परंपरा आज भी जारी है। जब इनके समर्थक पीठ पीछे से कई अनाम नाम रखकर अपनी भूमिगत नकारात्मक भूमिका निभाते हैं और उनका विरोध करते हैं, जो इनकी सत्ता के लिए खतरा हैं।

उन्होंने कहा कि मूल रूप से भाजपाई और उनके संगी-साथी, वे लोग रहे हैं, जो सत्ता पर परंपरागत रूप से अपनों को काबिज करवाए रखना चाहते थे। इसलिए राजनीति और अर्थव्यवस्था पर जिन लोगों का सदियों से वर्चस्व रहा है, उन लोगों ने परदे के पीछे से भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों का हमेशा से ‘बल-धन’ और ‘धन-बल’ से साथ दिया। भाजपाइयों ने कभी नहीं चाहा कि कोई और वर्ग या तबका राजनीतिक और आर्थिक रूप से शक्तिशाली हो। इसके साथ ही भाजपाइयों ने कभी ये भी नहीं चाहा कि जनता के अधिकार की बात हो। इसलिए ये जनता को शक्ति देने वाले संविधान के भी विरोधी रहे।

सपा मुखिया ने कहा, भाजपाई ‘जिसकी शक्ति, उसके अधिकार’ की रूढि़वादी सोच के लोग हैं, इसलिए सामाजिक क्षेत्र तक में ये शोषित, दमित, वंचित, पीडि़त के साथ-साथ महिलाओं को भी हमेशा हेय दृष्टि से देखते हैं। पुरुषवादी सामंती सोच आज भी नारी को मान, सम्मान या अभिव्यक्ति की आजादी नहीं देना चाहती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाइयों की यही पुरुषवादी घिसी-पिटी पुरानी सोच ‘आधी आबादी’ अर्थात महिलाओं का मान नहीं करती है, बल्कि बालिका, युवती या नारी के रूप में, जब भी वे कुछ कहना-करना चाहती हैं, तो भाजपाई और उनके संगी-साथी सदैव वो मौका ढूंढते हैं, जब वे स्त्रियों का पारिवारिक, सामाजिक, सार्वजनिक अपमान कर सकें और उनके चरित्र तक पर कीचड़ उछालकर उनका मानसिक उत्पीडऩ करके, नारी के विरोध करने की शक्ति के मनोबल को तोड़ सकें। भारतीय नारी का इतिहास इन रूढि़वादी भाजपाई और उनके संगी-साथियों को इस महापाप के लिए कभी माफ नहीं करेगा।

अखिलेश यादव ने कहा, पहलगाम के शहीद सैनिक की पत्नी द्वारा देशहित में ‘शांति और सौहार्द’ की अपील करने पर जिस तरह का दुर्व्यवहार और अपशब्द कहे जा रहे हैं, उससे हर महिला और सच्चा देशप्रेमी बहुत दुखी, आहत और शर्मिंदा है। अगर कोई साहसी महिला नैनीताल में भाईचारा बनाए रखने की कोशिश कर रही है या कोई गीत के माध्यम से भाजपाइयों का भंडाफोड़ कर रही है या कोई खोजी महिला पत्रकार कोई खुलासा कर रही है तो उसे अभद्रता व अनैतिकता की हर सीमा पार करके धमकाया जा रहा है, उसका लिखा दबाव डालकर हटवाया जा रहा है। भाजपा समर्थकों का ये कुकृत्य किसी भी माफी के योग्य नहीं है। ‘निंदनीय’ शब्द भी ऐसे भाजपाइयों और उनके नकारात्मक संगी-साथियों की निंदा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा कि ‘नारी वंदना’ का ढोंग रचने वाली भाजपाई सोच वस्तुत: नारी विरोधी है। जिन्होंने अपनों को खोया है, असीम दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े होने का समय है, जो साहस दिखा रही हैं, ऐसी महिलाओं के समर्थन में खुलकर सामने आने का समय है। भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की ‘नारी विरोधी’ सोच और संकीर्ण विचारधारा को उजागर करने का वक्त आ गया है। आज देश की हर बालिका, युवती का यही ऐलान है कि हम भाजपा का महिला विरोधी चेहरा सबके सामने लाएंगे। सच्चाई तो ये है कि जो नारी के मान, गरिमा व प्रतिष्ठा का सम्मान नहीं करता है वो और उसका व्यवहार न तो ‘भारतीय’ हो सकता है, न ही ‘मानवीय’। भाजपा को अपने नाम में ‘भारतीय’ लगाने का नैतिक अधिकार भी नहीं है।

सपा मुखिया ने कहा कि हमारी पुरजोर अपील है कि महिला आयोग शाब्दिक औपचारिकता न निभाए और अगर कहीं है तो अपनी शक्ति दिखाए।

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पहलगाम हमले का असर : वुलर झील का पर्यटन ठप, संकट में शिकारा मालिक

श्रीनगर  ,06 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कश्मीर के सोपोर में स्थित एशिया की दूसरी सबसे बड़ी मीठे पानी की झील वुलर झील हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पर्यटन के लिहाज से सूनी पड़ी है।

22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले ने कश्मीर घाटी के पर्यटन उद्योग को गहरा झटका दिया है। वुलर झील के किनारे शिकारा मालिक और पर्यटन पर निर्भर परिवार अब आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि पर्यटकों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है।

आजीविका के लिए पर्यटकों पर निर्भर रहने वाले शिकारा मालिक हसन ने कहा, हम पूरे दिन इंतजार करते हैं, लेकिन कोई नहीं आता। कश्मीर अपने आतिथ्य के लिए जाना जाता है। हम शांति और पर्यटन की बहाली की मांग करते हैं। पहलगाम हमले की हम कड़ी निंदा करते हैं, यह मानवता पर हमला है।

वहीं स्थानीय निवासी मंजूर अहमद, जो पहले प्रतिदिन 1500 रुपये तक कमा लेते थे, अब मुश्किल से 100 रुपये कमा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम पर्यटकों से अपील करते हैं कि वे घाटी में फिर से आएं और वुलर झील सहित कश्मीर की छिपी प्राकृतिक सुंदरता को देखें।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन उद्योग पर गहरा असर पड़ा है। अप्रैल-मई में वुलर झील और अन्य पर्यटन स्थलों पर रोजाना हजारों पर्यटक आते थे, लेकिन हमले के बाद पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। जिससे शिकारा मालिकों, टैक्सी चालकों और होटल मालिकों को भारी नुकसान हुआ है।

वहीं होटल, रेस्तरां और स्थानीय हस्तशिल्प व्यवसायों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।

इस बीच, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने श्रीनगर की डल झील में मॉक ड्रिल का आयोजन किया, ताकि आपातकालीन तैयारियों को परखा जा सके।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का निर्देश दिया है। दूसरी ओर, नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा 12 दिनों तक संघर्ष विराम उल्लंघन के बाद, पुंछ जिले में सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस, सीआरपीएफ और स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने नाकेबंदी, वाहन जांच और गश्त तेज कर दी है, ताकि सीमा पार से संभावित आतंकी घुसपैठ को रोका जा सके।

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एनसीआर में पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर एक महीने में लगाया जाए पूर्ण प्रतिबंध : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पटाखे जलाने के कारण होने वाले वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में पटाखों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब एनसीआर में शामिल अन्य राज्यों को एक महीने के भीतर प्रतिबंध लगाना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आतिशबाजी की स्थिति में शिकायत निवारण और शिकायत तंत्र बनाना होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि दिल्ली ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (ईपीए) की धारा पांच के तहत यह निर्देश जारी किए हैं, ताकि जुर्माना लगाया जा सके और अन्य राज्यों को भी इसका पालन करना चाहिए।

जस्टिस अभय एस. ओक की बेंच ने अपने आदेश में कहा कि हमने दिल्ली तथा एनसीआर में पटाखों के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध के मामले में सुनवाई के दौरान तीन अप्रैल को आदेश जारी कर निर्देश दिए थे।

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा आदेश के अनुपालन का हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि पटाखों का निर्माण, भंडारण आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

कोर्ट ने कहा कि इस आधार पर हम एनसीआर के क्षेत्रों में राजस्थान, यूपी और हरियाणा को ईपीए की धारा 5 के तहत इसी तरह के निर्देश जारी करने का निर्देश देते हैं और इसे एक महीने के भीतर जारी किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 3 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को सही ठहराया था। अदालत ने कहा था कि जब तक यह स्पष्ट रूप से साबित नहीं हो जाता कि ग्रीन पटाखों से जीरो प्रदूषण होता है, तब तक प्रतिबंध के पुराने आदेश में बदलाव करने का कोई औचित्य नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा था कि स्वच्छ वातावरण में जीना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरों को देखते हुए पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि हर व्यक्ति एयर प्यूरीफायर नहीं खरीद सकता और सड़कों-गलियों में काम करने वाले लोगों पर प्रदूषण का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है।

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एसवाईएल नहर विवाद का समाधान मिलजुलकर निकालें पंजाब-हरियाणा सरकार : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हरियाणा और पंजाब के बीच एसवाईएल (सतलुज-यमुना लिंक कैनाल) नहर विवाद को लेकर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा कि दोनों राज्य सौहार्दपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए केंद्र का सहयोग करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर समाधान नहीं निकला तो पीठ इस मामले पर 13 अगस्त को सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से एएसजी ने कहा कि जल शक्ति मंत्री ने बैठक की और जल बंटवारे पर विचार करने के लिए समिति गठित की गई है। दोनों राज्यों के मुख्य सचिव समिति के अध्यक्ष हैं और 1 अप्रैल 2025 को इस मामले में एक अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया गया है।

इस पर हरियाणा सरकार के वकील श्याम दीवान ने कहा कि बातचीत से कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। जहां तक नहर के निर्माण की बात है, तो हरियाणा ने अपने इलाके का काम पूरा कर लिया है। एक अहम मुद्दा है कि पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।

पंजाब सरकार के एडवोकेट जनरल गुरमिंदर सिंह ने कहा कि डिक्री अतिरिक्त पानी के लिए थी, लेकिन नहर का निर्माण अभी होना बाकी है। हरियाणा को अतिरिक्त पानी मिलना चाहिए या नहीं, यह मुद्दा ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित है। इसके अलावा, केंद्र सरकार की तरफ से एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि हमने मध्यस्थता के लिए प्रयास किए थे।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में कहा गया है कि दोनों मध्यस्थता के लिए सहमत हो गए हैं। वहीं, हरियाणा के वकील ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि हम सहयोग नहीं करने जा रहे हैं, इसलिए वार्ता विफल हो गई है।

साल 2016 से हम प्रयास कर रहे हैं, लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ। दरअसल, हरियाणा और पंजाब के बीच पानी का विवाद बहुत पुराना है। एसवाईएल विवाद 1966 में हरियाणा के पंजाब से अलग होने के बाद 1981 के जल-बंटवारे समझौते से जुड़ा है। हरियाणा में खेतों की सिंचाई के लिए पानी की बेहद कमी थी। केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद सतलुज-यमुना लिंक नहर को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच जल संधि हुई थी।

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योगी सरकार की बड़ी पहल, सस्ती दरों पर बिजली खरीदेगा उत्तर प्रदेश

लखनऊ ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी और दूरदर्शी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को 1,600 मेगावाट क्षमता की तापीय परियोजना से कुल 1,500 मेगावाट ऊर्जा बिड प्रॉसेस के माध्यम से 25 वर्षों तक खरीदने का निर्णय लिया गया है।

बिडिंग प्रक्रिया में सबसे कम टैरिफ दर (5.38 रुपए प्रति यूनिट) की पेशकश करने वाली निजी कंपनी को परियोजना के लिए चुना गया है। इससे यूपी पावर कॉर्पोरेशन (यूपीपीसीएल) को 25 वर्षों में लगभग 2,958 करोड़ रुपए की बचत होगी।

योगी सरकार की इस नई पहल से उत्तर प्रदेश को साल 2030-31 से 1,500 मेगावाट बिजली बेहद सस्ती दर पर मिलने लगेगी। यह नई परियोजना मौजूदा और आगामी तापीय परियोजनाओं की तुलना में कहीं ज्यादा किफायती है, जहां जवाहरपुर, ओबरा, घाटमपुर, पनकी जैसी परियोजनाओं से बिजली 6.6 रुपए से लेकर 9 रुपए प्रति यूनिट तक मिल रही है, वहीं डीबीएफओओ के तहत प्रस्तावित इस परियोजना के तहत 2030-31 में प्लांट के कमीशन होने के बाद बिजली सिर्फ 6.10 रुपए प्रति यूनिट की दर से प्राप्त होगी।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कैबिनेट के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा की मांग को पूरा करने और उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमने कुछ ऊर्जा बिडिंग प्रोसेस से खरीदने का निर्णय किया है। उसी कड़ी में 1,600 मेगावाट पावर प्लांट को लेकर हम आगे बढ़े हैं। हमारी शर्त थी कि जब प्लांट उत्तर प्रदेश में लगेगा तभी बिजली खरीदेंगे। प्रक्रिया के तहत जुलाई 2024 में रिक्वेस्ट फॉर क्वालिफिकेशन इश्यू किया था, जिसमें 7 कंपनियां आई थीं।

इनमें से 5 कंपनियों ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (फाइनेंशियल बिड) में हिस्सा लिया। पांचों कंपनियों में जिस निजी कंपनी का कोटेशन सबसे कम था, उसके साथ निगोशिएन के बाद उन्होंने फिक्स्ड चार्ज में 3.727 रुपए प्रति यूनिट और फ्यूल चार्ज में 1.656 रुपए प्रति यूनिट समेत कुल टैरिफ 5.38 प्रति यूनिट की न्यूनतम बिड पेश की, जिसे स्वीकार कर लिया गया। इसी टैरिफ पर 25 वर्षों की अवधि के लिए पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) हस्ताक्षरित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसी निजी कंपनी ने पिछले साल अगस्त में महाराष्ट्र के साथ भी इसी प्रकार की प्रक्रिया की थी। उसकी अपेक्षा भी हमारी डील उससे कुछ सस्ती है। यही नहीं, इससे पहले भी हमारे बड़े पावर परचेज एग्रीमेंट्स हुए हैं, उसकी अपेक्षा भी मौजूदा डील सस्ती है।

सार्वजनिक क्षेत्र के जो हमारे पावर प्लांट्स हैं, उनकी भी बिजली का जो अनुबंध हुआ है, उनकी अपेक्षा भी यह वर्तमान प्रक्रिया की बिजली काफी सस्ती पड़ेगी। 2030-31 में जब पावर प्लांट तैयार होगा तब भी टैरिफ 6.10 रुपए पड़ेगा, जो हमारे सार्वजनिक संयंत्रों की बिजली से सस्ता होगा।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्ययन के अनुसार, राज्य को वर्ष 2033-34 तक लगभग 10,795 मेगावाट अतिरिक्त तापीय ऊर्जा की जरूरत होगी। इसके साथ ही 23,500 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा के लिए भी रोडमैप तैयार किया गया है। तापीय ऊर्जा की मांग को पूरा करने के लिए डीबीएफओओ मॉडल के तहत बिड प्रक्रिया शुरू की गई।

यह तापीय परियोजना वित्तीय वर्ष 2030-31 में शुरू हो जाएगी। इससे न सिर्फ बेस लोड ऊर्जा की जरूरत पूरी होगी, बल्कि राज्य में उद्योगों और घरेलू उपभोक्ताओं को भी स्थिर और सस्ती बिजली मिल सकेगी।

डीबीएफओओ यानी डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें निजी कंपनी परियोजना का निर्माण, वित्त पोषण, स्वामित्व और संचालन खुद करती है। सरकार सिर्फ कोयला लिंकेज देती है और बिजली खरीदती है।

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गृह मंत्रालय ने बढ़ाई मॉक ड्रिल की रेंज 244 नहीं,अब 295 जिलों में नागरिकों को दी जाएगी ट्रेनिंग

नई दिल्ली ,06 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ लगातार बढ़ रहे तनाव और संभावित खतरों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कल, बुधवार को देश के 295 जिलों में एक बड़े पैमाने पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने का फैसला किया है। शुरुआत में यह संख्या 244 बताई गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 295 कर दिया गया है।

यह संख्या में बदलाव इसलिए हुआ है क्योंकि साल 2010 के बाद हुए जिलों के पुनर्गठन और नए जिलों के बनने से सिविल डिफेंस के लिए तैयार जिलों की संख्या में 51 का इजाफा हुआ है। इसी के मद्देनजर अब 295 जिलों में यह मॉक ड्रिल कराई जा रही है।

यह अभ्यास पांच दशकों से भी अधिक समय के बाद इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले आखिरी बार साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय ही इतने बड़े स्तर पर सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी युद्ध से पहले का अब तक का सबसे बड़ा मॉक ड्रिल साबित हो सकता है।

इस विशाल मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस कर्मियों के साथ-साथ विभिन्न संगठन और स्वयं सहायता समूह भी अपने-अपने स्तर पर भाग ले रहे हैं। इसके लिए उन्होंने संबंधित स्थानीय और राज्य स्तरीय अधिकारियों को सूचित कर दिया है।

इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी अपने सांसदों से इस ड्रिल में आम नागरिक के तौर पर हिस्सा लेने का आग्रह किया है। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्य भी इस महत्वपूर्ण अभियान का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति, खासकर हवाई या आतंकी हमले की सूरत में, नागरिकों और संबंधित एजेंसियों की तैयारी और प्रतिक्रिया तंत्र को परखना और सुधारना है।

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कांग्रेस देश की मर्यादा खत्म कर रही है : शाहनवाज हुसैन

पटना ,05 मई(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भाजपा के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कांग्रेस नेता अजय राय की राफेल को लेकर की गई टिप्पणी को शर्मनाक बताया है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस देश की मर्यादा को खत्म कर रही है।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि देश में विदेशी मुद्दे पर एक रहने की बात है, लेकिन कांग्रेस उस मर्यादा को तोड़ रही है। पहले चरणजीत सिंह चन्नी कुछ कहते हैं और अब अजय राय राफेल विमान को खिलौना बताकर मिर्ची-नींबू टांग रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब भारत के लोग कांग्रेस पर मिर्ची, नींबू टांग देंगे, यह बात कांग्रेस को याद रखनी चाहिए।

पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा नेता और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन की बैठक को लेकर कहा कि यह कितनी भी बैठकें कर ले, कोई फर्क पडऩे वाला नहीं है। इंडिया ब्लॉक नाम की चीज अब धरती पर ही नहीं है, यह तो समाप्त हो गया है।

भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में चुनाव आया है, तो कुछ लोग इक_े हो गए हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकलने वाला है। महागठबंधन की हार तय है और नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की जीत तय है।

उन्होंने कहा कि जब चुनाव आता है तो कांग्रेस के नेताओं को बिहार की याद आती है, चुनाव समाप्त होने के बाद बोरिया बिस्तर लपेट के फिर चले जाते हैं। दिल्ली में कांग्रेस को शून्य मिला था, यहां भी शून्य मिलेगा।

कांग्रेस के बड़े नेताओं के लगातार बिहार दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि रणदीप सुरजेवाला जब हरियाणा में ही रिजल्ट नहीं ला पाए, तो बिहार में क्या लाएंगे? उन्होंने कहा कि एनडीए में सीट बंटवारे को किसी प्रकार के विवाद को नकारते हुए कहा कि हम लोग मिलकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगा और जीतेगा।

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बिहार दौरे पर भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि उनका काम लोगों को भड़काना है। चुनाव आएगा, लोगों को भड़काएंगे और चले जाएंगे। वे भड़काऊ भाई जान हैं।

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सुप्रीम कोर्ट ने सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर अवमानना याचिका की खारिज

नई दिल्ली ,05 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सुप्रीम कोर्ट और चीफ जस्टिस के बारे में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर अवमानना याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि हमारे कंधे चौड़े हैं और हम याचिका पर विचार नहीं करना चाहते।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के खिलाफ दायर रिट याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। याचिका में सुप्रीम कोर्ट और सीजीआई संजीव खन्ना पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए दुबे पर अवमानना कार्यवाही करने की मांग की गई थी।

सुनवाई के दौरान सीजीआई ने कहा- हमारे कंधे मजबूत हैं, हम याचिका पर विचार नहीं करना चाहते हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि यह अदालत और जजों की गरिमा का सवाल है। याचिका में विशाल तिवारी ने निशिकांत दुबे के बयान को कोर्ट के लिए अपमानजनक और निंदनीय बताया था। पीठ ने याचिकाकर्ता विशाल तिवारी की दलीलों पर कहा कि हम फिलहाल कोई दलील या बहस नहीं सुनना चाहते लेकिन हम एक शॉर्ट ऑर्डर पास करेंगे।

वकील विशाल तिवारी की तरफ से दाखिल याचिका में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बयान को न्यायपालिका के लिए अपमानजनक और निंदनीय बताया गया है। साथ ही याचिका में उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन कानून के विरोध में भड़की हिंसा के बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, अगर सुप्रीम कोर्ट कानून बनाता है तो संसद को बंद कर देना चाहिए।

हालांकि, भाजपा ने सांसद निशिकांत दुबे और पार्टी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा की ओर से सुप्रीम कोर्ट और देश के मुख्य न्यायाधीश पर दिए गए बयान से किनारा कर लिया था।

पार्टी ने उनके बयानों को उन नेताओं की व्यक्तिगत राय करार दी थी और ऐसी टिप्पणियों से बचने का निर्देश जारी किया था।

वहीं, जस्टिस बीआर गवई ने एक अन्य याचिका की सुनवाई के दौरान कार्यपालिका के अधिकारों में दखल देने के आरोप को लेकर बड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, हम पर आरोप लग रहा है कि हम कार्यपालिका के अधिकारों में दखल दे रहे हैं।

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योगी सरकार की बड़ी सफलता, राशन कार्ड वितरण में प्रयागराज ने मारी बाजी

लखनऊ ,05 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गरीबों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत योगी सरकार एक-एक पात्र गरीब को चिन्हित कर राशन कार्ड जारी कर रही है।

प्रदेश में अंत्योदय कार्ड लाभार्थियों की संख्या 1.29 करोड़ से अधिक है। अब तक प्रदेश में 3.16 करोड़ से अधिक परिवारों के सामान्य राशन कार्ड और 40.73 लाख से अधिक परिवारों के अंत्योदय राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद तक राशन पहुंचाना है और इसके लिए अभियान चलाकर पात्रता की पहचान की जा रही है।

खाद्य एवं रसद विभाग से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, राशन कार्ड वितरण में प्रयागराज जिला सबसे आगे है। इस जिले में 9,34,677 सामान्य राशन कार्ड और 40,29,226 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। इसके बाद दूसरे स्थान पर सीतापुर जिला है, जहां 7,74,576 राशन कार्ड और 31,60,253 लाभार्थी हैं। आगरा ने तीसरा स्थान हासिल किया है, यहां 7,38,939 राशन कार्ड बनाए गए, जिनसे 30,80,875 लाभार्थी जुड़े हैं।

चौथे स्थान पर लखनऊ है, जहां 7,01,070 राशन कार्ड के जरिए 29,08,145 लाभार्थी जुड़े हैं, जबकि जौनपुर पांचवें स्थान पर है, जहां 6,91,216 राशन कार्ड और 30,56,416 लाभार्थी हैं। छठे स्थान पर गोरखपुर है, जहां 6,72,749 राशन कार्ड बनाए गए, जिनसे 26,79,692 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। सातवें स्थान पर आजमगढ़ है, जहां 6,70,679 राशन कार्ड और 30,86,602 लाभार्थी हैं।

राशन कार्ड वितरण में बरेली ने आठवां स्थान हासिल किया है। यहां 6,70,677 राशन कार्ड के जरिए 29,19,581 लाभार्थियों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। वहीं, नौवें स्थान पर सिद्धार्थनगर है। यहां 5,89,160 राशन कार्ड और 16,97,709 लाभार्थी हैं, जबकि 10वें स्थान पर लखीमपुर खीरी है, जहां 5,86,592 राशन कार्ड और 23,95,374 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। ये आंकड़े योगी सरकार की इस योजना की सफलता को दर्शाते हैं।

अंत्योदय राशन कार्ड वितरण में भी कई जिले शीर्ष पर हैं। आंकड़े के अनुसार, गोरखपुर ने अत्यंत गरीबों को चिन्हित कर उनको राशन कार्ड जारी करने में बाजी मारी है। यहां 1,26,392 अंत्योदय राशन कार्ड बनाए गए, जिनसे 4,56,750 लाभार्थी जुड़े हैं। दूसरे स्थान पर सीतापुर है, जहां 1,11,714 अंत्योदय राशन कार्ड और 3,09,470 लाभार्थी हैं।

लखीमपुर खीरी ने तीसरा स्थान हासिल किया है, जहां 1,09,395 अंत्योदय राशन कार्ड और 2,95,862 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं। चौथे स्थान पर आजमगढ़ है। यहां 1,05,782 अंत्योदय राशन कार्ड के जरिए 41,4,541 लाभार्थियों को राशन का लाभ मिल रहा है। पांचवें स्थान पर बरेली में 97,996 अंत्योदय राशन कार्ड और 2,97,077 लाभार्थी हैं। छठे स्थान पर प्रयागराज है, जहां 86,613 अंत्योदय राशन कार्ड और 2,61,220 लाभार्थी दर्ज किए गए हैं।

सातवें स्थान पर सिद्धार्थनगर है, जहां 82,334 अंत्योदय राशन कार्ड से 2,46,418 लाभार्थियों को राशन मिल रहा है। अभी तक के प्राप्त आंकड़े में जौनपुर ने आठवां स्थान हासिल किया है, जिसमें 1,25,472 अंत्योदय राशन कार्ड और 4,14,788 लाभार्थी हैं। नौवें स्थान पर लखनऊ है, जहां 48,903 अंत्योदय राशन कार्ड और 1,48,216 लाभार्थी दर्ज हैं। व

हीं, अब तक के आंकड़े के अनुसार, 10वें स्थान पर फिरोजाबाद है। यहां पर 32,231 अंत्योदय राशन कार्ड और 99,599 गरीब लाभार्थी राशन का लाभ ले रहे हैं। इन जिलों ने अंत्योदय योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया है। अभी राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी है।

योगी सरकार ने पात्र गरीबों की पहचान के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। आधार-लिंक्ड सत्यापन और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली के जरिए यह प्रक्रिया पारदर्शी बनाई गई है। जिला प्रशासन को नियमित निगरानी और समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र परिवार राशन से वंचित न रहे।

राशन दुकानों को डिजिटल करने और पीओएस मशीनों के उपयोग से वितरण प्रणाली को और मजबूत किया गया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर महीने पात्र परिवारों को गेहूं, चावल, दाल और अन्य आवश्यक वस्तुएं मुफ्त में मिलें।

योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश के करीब 15 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। अंत्योदय कार्ड धारकों की संख्या 1.29 करोड़ से अधिक है, जो सबसे गरीब परिवारों को लक्षित करती है। सरकार का मकसद है कि कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे। इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में राशन वितरण को प्रभावी बनाया गया है।

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लीजेंड दादासाहेब फाल्के अवार्ड 2025 समारोह संपन्न

05.05.2025 – कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कृष्णा चौहान ने अपने जन्मदिन के अवसर परमुम्बई महानगर के प्रसिद्ध उपनगर अंधेरी पश्चिम स्थित क्लासिक क्लब में 4 मई को ‘छठे लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2025’ का आयोजन किया।

केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में उन हस्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने फिल्मी दुनिया मे अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। दीप प्रज्वलित किए जाने के बाद स्टेज पर शानदार केक काटकर डॉ कृष्णा चौहान का जन्मदिन भी मनाया गया।

समारोह के चीफ गेस्ट उदित नारायण, सुदेश भोसले, दिलीप सेन, प्रतिमा कनन, एसीपी संजय पाटिल, अली खान, दीपक पराशर, रमेश गोयल, रेखा राव, सानंद वर्मा, अभिषेक खन्ना, डॉ मुस्तफा यूसुफअली गोम, ब्राइट आउटडोर मीडिया की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया।

अपनी पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए डॉ कृष्णा चौहान ने सभी अतिथियों को अवार्ड दे कर सम्मानित किया साथ ही साथ समारोह के दौरान पवन तोडी, सिंगर नरेश, शिरीन फरीद, कबीना महराजन, पिंकी खिमनानी, दीप गोस्वामी, सीडी शेट्टी, रंजुला रॉय चौधरी, सोनू श्रीवास्तव, कुलदीप शर्मा, संगीता जोशी, गौरी तन्क, एंकर आरजे आरती सजवान, दीपक देसाई, सनी कपूर, बैले ग्रोवर, जिग्ना सेठ, महिमा गुप्ता, वैशाली भौर्जर, श्री राजपूत, मैल्कम भाया, समद अज़ीज़ शेख, आदित्य शुक्ला, गिफ्ट पार्टनर जैडियन परफ्यूम, फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय और अन्य कई पत्रकारों, फोटोग्राफर को भी सम्मानित किया गया।

विदित हो कि डॉ कृष्णा चौहान न सिर्फ एक सफल बॉलीवुड डायरेक्टर हैं, एक्टिव सोशल वर्कर हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन्स करने के मामले में नम्बर वन माने जाते हैं।

उनका एक अवार्ड फंक्शन सम्पन्न होता है और वह अपने अगले पुरुस्कार समारोह की तैयारियों में लग जाते हैं। डॉ कृष्णा चौहान की हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘आत्मा डॉट कॉम’ बहुत जल्द ही फ्लोर पर जाने वाली है। इस फिल्म में बॉलीवुड के चर्चित संगीतकार दिलीप सेन का संगीत है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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अदाकारा महिमा गुप्ता को मिला लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

05.05.2025 – हिंदी वेब सीरीज़ के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए अदाकारा व चर्चित मॉडल महिमा गुप्ता को कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कृष्णा चौहान के जन्मदिन (4 मई) के अवसर पर अंधेरी,(मुंबई) के क्लासिक क्लब में आयोजित लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2025 समारोह में बॉलीवुड के मशहूर सिंगर उदित नारायण, अभिनेता अली खान, सानंद वर्मा, संगीतकार दिलीप सेन और एसीपी संजय पाटिल की मौजूदगी में अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया गया।

मध्य प्रदेश के भोपाल में एक मध्यमवर्गीय हिंदू परिवार में जन्मी महिमा ने शुरुआत में विभिन्न टेलीविज़न धारावाहिकों और फ़िल्मों में बैकग्राउंड आर्टिस्ट के रूप में काम किया। उनकी अभिनय यात्रा 2020 में ‘द केज ऑफ़ लाइफ़’ प्रोजेक्ट से शुरू हुई। कई चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने के बावजूद, उन्होंने ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर कदम रखा, जहाँ उन्हें काफी लोकप्रियता मिली।

‘आई लव अस 3’, ‘तू मेरी आशिकी है’, ‘द डेविल इनसाइड’, ‘शुक्ला द टेरर’, और ‘भूतियापा’ जैसी लगभग 50 से ज़्यादा वेब सीरीज़ प्रोजेक्ट में अपने अभिनय का जलवा बिखेर चुकी है।

बॉलीवुड की चर्चित अदाकारा व मॉडल महिमा गुप्ता को खास तौर पे एलटी बालाजी की वेब सीरीज़ ‘गंदी बात’ में सारिका के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है, जिसने उन्हें व्यापक पहचान और प्रशंसा दिलाई।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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टी आइकन वैशाली भाऊरज़ार को मिला लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

05.05.2025 – नवोदित मॉडल व ब्यूटी आइकन वैशाली भाऊरज़ार को कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कृष्णा चौहान द्वारा अंधेरी, मुंबई स्थित क्लासिक क्लब में आयोजित लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2025 समारोह में बॉलीवुड के मशहूर सिंगर उदित नारायण ने अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर सिंगर सुदेश भोसले, संगीतकार दिलीप सेन, अभिनेता अली खान, सानंद वर्मा और एसीपी संजय पाटिल के अलावा बॉलीवुड के कई नामचीन शख्सियत मौजूद थे। नेहरू युवा केन्द्र मुम्बई द्वारा महाराष्ट्र मिनिस्ट्री ऑफ युथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स सम्मान चिन्ह दिए जाने के बाद से राष्ट्रीय स्तर पर ग्लैडरैग्स मेगामॉडल अचीवर रही मॉडल/ नेशनल ब्यूटी आइकन वैशाली भाऊरज़ार ने अपनी प्रतिभा और कला कौशल से कई राज्यस्तरीय और राष्ट्रीय सौंदर्य प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है।

जहाँ से उसे मॉडलिंग और विज्ञापन की दुनिया में जाने का मौका मिला। वह कोविड प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग के विज्ञापन किये हैं। उन्होंने कई विज्ञापन किये हैं जिनमें लोगों को जागरूक करने वाले विज्ञापन हैं जैसे ‘डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव के प्रति सतर्कता’ आदि। साथ ही बीएसएनएल और कई छोटे बड़े विज्ञापन भी उन्होंने किये हैं। कुछ प्रोडक्ट की ब्रांड एम्बेसडर बनने का वैशाली को ऑफर मिला है।

टेलीविजन जगत और फ़िल्म जगत में भी वह अपनी पहचान बनाती जा रही हैं। वैशाली अभी कई ब्रांड्स की मॉडल हैं और फेस्टीवल पर परफॉर्मेंस भी करती हैं। वैशाली भाऊरज़ार को सुपर ह्यूमन एक्सीलेंस अवार्ड 2024 का सम्मान चिन्ह भी मिला चुका है।

छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई शहर की मूल निवासी वैशाली भाऊरज़ार ने जब मुंबई में कदम रखा तो उनके सामने कई चुनौतियां सामने आई जिसे झेलते हुए अपनी प्रतिभा के बदलत अपनी अलग पहचान बनाने में वो कामयाबी भी पा रही है।

ये अलग बात है कि वैशाली एयरहोस्टेस बनना चाहती थी और उसने ट्रेनिंग भी ली लेकिन किस्मत उसे किसी और दरवाजे भेजना चाहती थी, प्रतिफल स्वरूप अब वो मॉडलिंग और विज्ञापन के क्षेत्र में एक्टिव रहते हुए कर्मपथ पर अग्रसर हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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वरिष्ठ अधिवक्ता / फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय सम्मानित

05.05.2025 – अंधेरी (वेस्ट), मुम्बई स्थित क्लासिक क्लब में कृष्णा चौहान फाउंडेशन के संस्थापक डॉ कृष्णा चौहान द्वारा 4 मई को आयोजित लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2025 समारोह में बॉलीवुड के मशहूर सिंगर सुदेश भोसले, उदित नारायण, अभिनेता अली खान, सानंद वर्मा और संगीतकार दिलीप सेन की उपस्थिति में वरिष्ठ फिल्म पत्रकार/ अधिवक्ता काली दास पाण्डेय को अवॉर्ड दे कर सम्मानित किया गया।

बॉलीवुड के चर्चित फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय ने अपना करियर 1981 में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में जमशेदपुर (झारखंड) से प्रकाशित हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘उदित वाणी’ से किया था।

80 के दशक से वर्तमान समय तक बतौर फिल्म पत्रकार बॉलीवुड में उनकी सक्रियता जारी है।

 

हजारीबाग (झारखंड) बार एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण कर 1992 से वकालत के पेशे में क्रियाशील काली दास पाण्डेय को यह सम्मान फिल्म पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।

संवाद प्रेषक : अभिषेक कुमार पाण्डेय

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पीरियड एक्शन फिल्म ‘केसरी वीर : लेजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ 16 मई को रिलीज होगी…..!

04.05.2025 – चौहान स्टूडियोज के बैनर तले कनु चौहान द्वारा निर्मित और प्रिंस धिमान द्वारा निर्देशित पीरियड एक्शन फिल्म ‘केसरी वीर : लेजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ में अभिनेता सुनील शेट्टी एक निडर योद्धा, वेगड़ा जी की भूमिका में नजर आएंगे। इस महाकाव्य ड्रामा में वह पहली बार विवेक ओबेरॉय, सूरज पंचोली और नवोदित आकांक्षा शर्मा के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए दिखाई देंगे।

हाल ही में आयोजित ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम के दौरान, दिग्गज अभिनेता ने इस फिल्म के मेकिंग की विस्तृत चर्चा करते हुए भारत के ऐतिहासिक योद्धा के बारे में एक कहानी बताने के बारे में बात की और कहा कि भारतीय योद्धाओं से जुड़ी जकारियां हमारे देश के प्रचलित पाठ्यक्रमों में शामिल नहीं की गई है जबकि औरंगजेब, अकबर और अन्य के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है। मुझे लगता है कि अब उन अनकही कहानियों को बताने का समय आ गया है। दर्शक बदल गए हैं।

ऐसे कई माध्यम हैं जिनके माध्यम से ये कहानियाँ उन तक पहुँच सकती हैं। केसरी वीर में हमीरजी गोहिल की कहानी की ओर उन्हें आकर्षित करने वाली बात का खुलासा करते हुएअभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा, ‘हमारे पास 28 राज्य और 9 केंद्र शासित प्रदेश हैं और प्रत्येक राज्य और प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश की अपनी कहानी है। भारतीय योद्धाओं के जीवन गाथा पर आधारित फिल्मों का निर्माण होना चाहिए ताकि भारतीय जन मानस भारतीय योद्धाओं के बारे में जान सके। पीरियड एक्शन फिल्म ‘केसरी वीर : लेजेंड्स ऑफ सोमनाथ’ 16 मई को पैनोरमा स्टूडियोज द्वारा वर्ल्डवाइड रिलीज़ की जाने वाली है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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पहलगाम अटैक के 11 दिन बाद PM मोदी से मिले CM उमर अब्दुल्ला

करीब 20 मिनट तक हुई बातचीत

नई दिल्ली 04 May, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज दिल्ली पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। हाल ही में पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली औपचारिक बैठक मानी जा रही है। प्रधानमंत्री आवास पर हुई यह बैठक करीब 20 मिनट तक चली।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू-कश्मीर के मौजूदा सुरक्षा हालात, विशेषकर पहलगाम हमले के बाद बनी स्थिति से अवगत कराया। बैठक में स्थानीय जनता की चिंताओं, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों और आतंकवाद के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार द्वारा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGW) की धरपकड़, संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद जैसे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी।

यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब घाटी में एक बार फिर सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से यह भेंट न केवल सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग और समन्वय को भी दर्शाती है।

सूत्रों के अनुसार, उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री से जम्मू-कश्मीर में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, पर्यटन क्षेत्र को और सुरक्षित बनाने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे विकास से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की।

हालांकि, प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग में किन विशिष्ट मुद्दों पर बात हुई, इसे लेकर मुख्यमंत्री की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आधिकारिक रूप से केवल दोनों नेताओं की मुलाकात होने की पुष्टि ही की गई है।

गौरतलब है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से तो मुलाकात की थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी भेंट नहीं हो पाई थी। हमले के 11 दिन बाद आज मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री से मुलाकात की।

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