मेरठ/मुजफ्फरनगर 28 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । खालापार पुलिस ने फर्जी ई-वे बिल और अन्य कागजातों के आधार पर 1300 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी किए जाने का मामला पकड़ा है। दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं।
फर्जी ई-वे बिल, कागजात तैयार करने में प्रयुक्त लैपटॉप, प्रिंटर, मोबाइल, फर्जी मुहर, धर्मकांटे की फर्जी पर्ची अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए।
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि मेरठ रोड स्थित जेके कॉम्पलेक्स में फर्जी फर्मों के बिल, फर्जी जीएसटी बिल व धर्म कांटों की फर्जी रसीदों से ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी चोरी किए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने कॉम्पलेक्स में छापा मारा।
आरोपी मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी मोहम्मद नदीम सैफी और थाना सिविल लाइन के सरवट निवासी मोहम्मद समीर को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ के बाद पता चला कि यहां पर कंपनियों के नाम से फर्जी ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी के रूप में राजस्व चोरी करने का काम करते हैं।
पुलिस ने मौके से फर्जी कागजातों से तैयार 120 बिलों की फाइलें बरामद की। जीएसटी विभाग टीम ने जांच कर 116 फाइल कब्जे में ली हैं। चार फाइल पुलिस ने अपने पास रखी हैं।
एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह ने 1300 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की है। अभी और भी गिरफ्तारी की जा सकती हैं। जीएसटी टीम ने जांच शुरू की है।
एसआईबी के संयुक्त कमिश्नर सिद्धेश चंद्र दीक्षित ने कहा कि उन्होंने पहले भी अक्शा रिसाइकिलिंग एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम वाली फर्म पर 101.28 लाख का जुर्माना लगाया था।
अब एक बार फिर जीएसटी चोरी का मामला सामने आया है। उन्होंने जांच शुरू कराई है। अधिकारियों को भी बताया गया है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि जानसठ रोड पर शादाब नाम का युवक अक्शा रिसाइकिलिंग एंड वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्म चलाता है।
गिरफ्तार आरोपी शादाब के लिए काम करते थे। आरोपियों ने जानकारी दी है कि शादाब उन्हें ई-वे बिल भेजता था। उनका कुछ कम्पनियों से संपर्क है, इन कम्पनियों की मोहरें भी उनके पास हैं।
वह कम्पनियों के माल की खरीददारी व परिवहन के फर्जी ई-वे बिल, बिल के अनुसार फर्जी धर्म कांटा पर्ची तैयार करते हैं, उनकी ट्रांसपोर्ट पर्ची भी फर्जी तैयार करते हैं। धर्म कांटा पर्ची और ट्रांसपोर्ट पर्ची पर उन गाड़ियों का नंबर डालते हैं, जिनकी लिस्ट उन्हें पहले से ही मिली होती है।
जीएसटी चोरी के लिए टैक्स बिल, ई- वे बिल, बिल्टी, ट्रांसपोर्ट रशीद व धर्म कांटे की पर्ची के साथ एक बोगस फाइल तैयार करते हैं। इन फाइलों को फिर आगे भेज देते हैं।
बोगस फाइल व बिल का इस्तेमाल कर शादाब सरकार से 18 प्रतिशत जीएसटी के रुपये वापस ले लेता है। यह पैसा उसके खाते में आता है, जिसे सभी बांटते थे।
आरोपियों ने यह भी जानकारी दी कि वह माल कही नहीं भेजते। यह सब जीएसटी चोरी करने के लिए किया जाता है। यह लोग काफी समय से यह काम कर रहे हैं।
एसएसपी ने बताया कि जीएसटी विभाग अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी चोरी की रकम अभी बढ़ भी सकती है। टीम ने जांच के लिए एक माह का समय मांगा है। खालापार थाना पुलिस को 25 हजार का इनाम दिया जा रहा है।
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