National Saras Mela 2026 to be held in Vijayawada starting October 13; 1,500 women entrepreneurs from over 30 states to participate.

विजयवाड़ा में 13 अक्टूबर से राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का आयोजन, 30 से अधिक राज्यों की 1,500 महिला उद्यमी लेंगी हिस्सा

विजयवाड़ा/नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2026। ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देने और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय पहली बार दिल्ली-एनसीआर से बाहर राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का आयोजन कर रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से यह मेला 13 से 31 अक्टूबर 2026 तक विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर आयोजित किया जाएगा। इसमें देश के 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी 1,500 से अधिक महिला उद्यमियों के भाग लेने की उम्मीद है।

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 15 अक्टूबर को मेले का उद्घाटन करेंगी। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने का कार्यक्रम है।

ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा राष्ट्रीय बाजार

राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को प्रदर्शित करने, उनकी बिक्री बढ़ाने और उन्हें नए ग्राहकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान स्थापित करने, विपणन कौशल विकसित करने और व्यवसाय का विस्तार करने के अवसर मिलेंगे।

यह आयोजन दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के उद्देश्यों के अनुरूप है। इसके जरिए ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह पहल वर्ष 2029 तक छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने के निर्धारित लक्ष्य से भी जुड़ी है।

मेले में सरस आजीविका गैलरी के माध्यम से विभिन्न राज्यों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही ई-सरस (eSARAS) डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्रामीण उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।

देशभर की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प होंगे आकर्षण

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 में भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला की झलक देखने को मिलेगी। विभिन्न राज्यों की महिला उद्यमी अपने क्षेत्र के विशिष्ट उत्पादों को प्रदर्शित करेंगी।

मेले में पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत और तेलिया वस्त्र तथा मिजोरम की पुआनचई जैसी पारंपरिक कलाएं आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके अलावा मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल के सामान, लकड़ी की कलाकृतियां, चित्रकला और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

देश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद उपलब्ध कराने के लिए 50 फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इससे आगंतुकों को एक ही स्थान पर देश की विविध खाद्य संस्कृति का अनुभव मिलेगा।

महिला उद्यमियों के लिए बनाए जाएंगे विशेष मंडप

महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, विपणन और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए मेले में कई विशेष मंडप स्थापित किए जाएंगे।

लखपति दीदी मंडप: इस मंडप में लखपति दीदी पहल और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक प्रगति और स्वरोजगार के अवसरों को सामने लाना है।

ज्ञान मंडप: यहां महिला उद्यमियों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग, व्यवसाय विकास और बाजार विस्तार से संबंधित जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपने उत्पादों को अधिक प्रभावी ढंग से ग्राहकों तक पहुंचा सकें।

समन्वय मंडप: इसके माध्यम से महिला उद्यमियों को सरकारी विभागों और विभिन्न संस्थानों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उन्हें उपलब्ध योजनाओं और सहायता सेवाओं का लाभ मिल सके।

डेमो मंडप: यहां पारंपरिक हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को तैयार करने की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इससे आगंतुकों को ग्रामीण कारीगरों के कौशल, मेहनत और पारंपरिक तकनीकों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

16 फुट ऊंची कलाकृति ‘शक्ति – द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ होगी खास आकर्षण

मेले में 16 फुट ऊंची विशेष कलाकृति ‘शक्ति – द स्पिरिट ऑफ लखपति दीदी’ भी प्रदर्शित की जाएगी। यह कलाकृति ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, परिश्रम, उद्यमशीलता और आर्थिक सशक्तीकरण की भावना को दर्शाएगी।

इस आयोजन में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) का भी सहयोग रहेगा। विभिन्न संस्थानों की भागीदारी से महिला उद्यमियों को बाजार और संस्थागत सहायता से जोड़ने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।

ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तीकरण को मिलेगी नई दिशा

राष्ट्रीय सरस मेला 2026 का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के कौशल को व्यावसायिक अवसरों में बदलना, उनके उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार करना और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।

विजयवाड़ा में आयोजित यह मेला विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। इसके साथ ही महिला उद्यमियों को नए खरीदारों से संपर्क स्थापित करने, उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और अपने व्यवसाय को आगे ले जाने का अवसर मिलेगा।

ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार की इस संयुक्त पहल के माध्यम से ग्रामीण महिला उद्यमिता, स्थानीय उत्पादों के विपणन और महिला नेतृत्व वाले आजीविका मॉडल को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।

Final Justice news | विजयवाड़ा

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