Ministry of Women and Child Development hosted the delegation of the FEMM Committee of the European Parliament

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने यूरोपीय संसद की एफईएमएम समिति के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की

नई दिल्ली – भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 16-20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के आधिकारिक मिशन पर आए यूरोपीय संसद की महिलाओं के अधिकार और लैंगिक समानता समिति (एफईएमएम समिति) के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एफईएमएम समिति की अध्यक्ष सुश्री लीना गाल्वेज़ (एस एंड डी, स्पेन) ने किया।

प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि भारत यूरोपीय संघ के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को महत्व देता है और लैंगिक समानता को भारत-ईयू संयुक्त रणनीतिक एजेंडा 2030 के एक मुख्य स्तंभ के रूप में देखता है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह बैठक पहले के उच्च-स्तरीय जुड़ाव के दौरान शुरू हुई चर्चाओं पर आधारित है और महिलाओं के अधिकारों तथा समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

भारत के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण भारत के संवैधानिक और नीतिगत ढांचे में मजबूती से स्थापित हैं और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के केंद्र में हैं।

उन्होंने मुख्य प्रगति की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की:

  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एकतिहाई आरक्षण प्रदान करता है, साथ ही स्थानीय निकायों में महिला प्रतिनिधियों की संख्या लगभग 46% है।
  • बड़े पैमाने पर छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा और स्टेम  क्षेत्रों में भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
  • वित्तीय समावेशन का विस्तार हुआ है, जिसमें लगभग 70% मुद्रा ऋण और 31 करोड़ से अधिक जन धन खातों का लाभ महिलाओं को मिला है।
  • मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर, फास्टट्रैक अदालतों और समर्पित हेल्पलाइन के माध्यम से सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और यूरोपीय संघ समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने में स्वाभाविक भागीदार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर संवाद से जेंडर-रिस्पॉन्सिव ट्रेड, डिजिटल समावेशन, जलवायु कार्रवाई और जन-दर-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होगा।

बैठक का समापन दोनों पक्षों द्वारा लैंगिक समानता को आगे बढ़ाने और महिलाओं तथा बच्चों के सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के लिए सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के साथ हुआ।

 

*********************