जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में बैठक
पेयजल शिकायतों के त्वरित समाधान का निर्देश
अबुआ ग्रुप सहित सभी माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर करें निपटारा – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री
रांची,20.05.2026 – जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आज दिनांक 20.05.2026 को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में कार्यपालक अभियंता/सहायक एवं कनीय अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पूर्वी एवं पश्चिमी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समन्वयक, प्रखंड समन्वयक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने योजनाओं के बेहतर संचालन एवं रख-रखाव को लेकर सभी कनीय अभियंताओं एवं प्रखंड वॉश को-ऑर्डिनेटर्स को निर्देशित किया कि प्रत्येक माह ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की नियमित बैठक आयोजित कर योजनाओं की स्थिति, संचालन एवं रख-रखाव पर विस्तृत चर्चा करें।
पेयजल संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि “अबुआ ग्रुप”, मुखिया, झारजल, विभागीय कॉल सेंटर तथा कनीय अभियंताओं के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि नए शौचालय निर्माण अभियान के तहत सरकार से जुड़े जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों जैसे मुखिया, जलसहिया, स्वास्थ्य सहिया, सेविका, सहायिका, ग्राम संगठन/एसएचजी सदस्य एवं पारा शिक्षकों के यहां शौचालय की उपलब्धता का सत्यापन किया जाए। जहां सुविधा उपलब्ध नहीं हो, वहां उन्हें स्वयं शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित एवं निर्देशित किया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये।
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