International drug smuggling racket busted in Hyderabad, two including a Nigerian arrested

हैदराबाद में ड्रग्स तस्करी के इंटरनेशनल रैकेट का भंडाफोड़, नाइजीरियाई समेत दो गिरफ्तार

हैदराबाद,24 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। तेलंगाना एंटी-नारकोटिक्स ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद और गोवा में सक्रिया एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इसके तार विदेशों से जुड़े हैं. जांच एजेंसी ने रविवार को एक नाइजीरियाई नागरिक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया.

अधिकारियों ने पकड़े गए आरोपियों के पास से 30 लाख रुपये की कीमत की 107 ग्राम कोकीन और छह मोबाइल फोन जब्त किए. राजेंद्रनगर के डीसीपी चिंतामनेनी श्रीनिवास ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी.

पुलिस के अनुसार नाइजीरियाई नागरिक मैक्स उर्फ प्रिंसवेल उर्फ गेब्रियल इस सिंडिकेट के पीछे का मास्टरमाइंड है. वह विदेशों से भारत में ड्रग्स लाने और उन्हें आजीविका के अवसरों की तलाश में देश में आने वाले नाइजीरियाई और अफ्रीकियों को सौंपने के लिए जाना जाता है. 2022 में मैक्स ने एक अन्य नाइजीरियाई, चुकुमेका विजडम ओनेका उर्फ मेजर कार्टेल (22) को छात्र वीजा पर भारत भेजा. ओनेका ने गोवा में ड्रग्स ऑपरेशन का आधार बनाया.

अगले साल विक्टर एक और नाइजीरियाई हैदराबाद में मादक पदार्थों की बढ़ती मांग के बारे में जानने के बाद भारत आया. उसे साइबराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया और उसके पास से 303 ग्राम कोकीन जब्त की गई. उसके बाद उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया. जेल से रिहा होने के बाद भी विक्टर ने शहर में ड्रग्स सप्लायर्स और उपयोगकर्ताओं के साथ संपर्क बनाए रखा.

रायदुर्गम पुलिस ने मई 2023 में विक्टर को फिर से पकड़ा. इस बार एक स्थानीय रियल एस्टेट व्यवसायी और कार डीलर से उसके संबंध सामने आए. मणिकोंडा का व्यवसायी बोम्मादेवरा वीरराजू (32) कथित तौर पर अपने सहयोगी गोपीसेट्टी राजेश (40) के साथ ड्रग्स वितरण में शामिल था. वो मणिकोंडा का ही रहने वाला था.

31 मई को राजेश ने कथित तौर पर मंगलगिरी में फणीराज नाम के एक व्यक्ति को 15 ग्राम कोकीन बेची. गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखने वाली टीजीएएनबी की टीमों ने मणिकोंडा में राजेश और वीरराजू को ड्रग्स सौंपते हुए विक्टर को रंगे हाथों पकड़ लिया.

जांच एजेंसी की पूछताछ के दौरान ड्रग्स तस्करी के जाल में फणीराज, पवित्र रेड्डी, सतीश, सदाशिव, सुधीर और भानु सहित कई अन्य नाम सामने आए. इन व्यक्तियों पर गिरोह से ड्रग्स खरीदने का संदेह है. विशेष टीमों ने उनके ठिकानों का पता लगाने के लिए तलाशी शुरू कर दी है, और उनके मोबाइल फोन वर्तमान में फोरेंसिक जांच के अधीन हैं.

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