Indians are investing heavily in American stocks, most of them are investing in these companies

अमेरिकी शेयरों में जमकर पैसा लगा रहे भारतीय, इन कंपनियों में कर रहे सबसे ज्यादा निवेश

नई दिल्ली ,17 जुलाई (एजेंसी) । घरेलू शेयर बाजार के साथ-साथ अमेरिकी बाजार में भी भारतीय जमकर पैसा ला रहे हैं। घरेलू निवेशकों ने सबसे ज्यादा ट्रेड यूएस की चिप कंपनी एनवीडिया में किया है, जिसने हाल ही में चार ट्रिलियन डॉलर की मार्केटकैप की उपलब्धि हासिल की है। यह जानकारी बुधवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

वेस्टेड फाइनेंस की ‘ग्लोबल इन्वेस्टिंग बिहेवियर रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून की अवधि में भारतीयों की ओर से अमेरिकी शेयरों में एनवीडिया को सबसे ज्यादा ट्रेड किया गया। कुल बाय वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी 6.4 प्रतिशत थी, जबकि सेल वॉल्यूम में इसकी हिस्सेदारी 8.3 प्रतिशत थी।

रिपोर्ट में बताया गया कि सबसे ज्यादा नेट इनफ्लो गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट में दर्ज किया गया। यूनिक निवेशकों में 113 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा भारतीयों ने अन्य दिग्गज अमेरिकी कंपनियों जैसे टेस्ला, एडवांस्ड माइक्रो डिवाइस (एएमडी) और एप्पल आदि में भी निवेश किया है।

इसके अतिरिक्त, अन्य अमेरिकी कंपनी डुओलिंगो में निवेशकों की संख्या में 2,255 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि यूनाइटेडहेल्थ ग्रुप और नोवो नॉर्डिस्क जैसी स्वास्थ्य सेवा की दिग्गज कंपनियों के निवेशक आधार में 500 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में खुदरा निवेशकों ने अमेरिकी टैरिफ के झटके और एसएंडपी 500 में उतार-चढ़ाव के बीच दूसरी तिमाही में वैश्विक निवेश दोगुना कर दिया।

वेस्टेड प्लेटफॉर्म पर खरीदारी की मात्रा में तिमाही-दर-तिमाही 20.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (एयूएम) में तिमाही-दर-तिमाही 35.4 प्रतिशत और साल-दर-साल 140 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष की दूसरी तिमाही में ईटीएफ में भी अच्छी तेजी देखी गई।

रिपोर्ट में कहा गया, निवेशकों ने इन्वेस्को नैस्डैक 100 ईटीएफ (क्यूक्यूक्यूएम), आईशेयर्स सेमीकंडक्टर ईटीएफ (एसओएक्सएक्स), और वैनगार्ड एसएंडपी 500 ईटीएफ (वीओओ) जैसे फंडों के माध्यम से विविधीकरण की ओर रुख किया, जिससे निवेशकों की संख्या में क्रमश: 131 प्रतिशत, 101 प्रतिशत और 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ और केंद्रीय बैंक की नीतियां अलग-अलग हुई हैं, भारतीय निवेशकों ने ईटीएफ के माध्यम से यूरोप, चीन और ब्राजील में निवेश अवसर खोजे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय निवेशक केवल समाचारों की सुर्खियों पर प्रतिक्रिया देने के बजाय दृढ़ विश्वास से प्रेरित पोर्टफोलियो बना रहे हैं क्योंकि स्वास्थ्य सेवा, सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे उद्योग मुख्यधारा में आ रहे हैं और वैश्विक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) गति पकड़ रहे हैं।

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