हस्ताक्षर किए गए दस्तावेजों में शामिल हैं: (i) भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग और जर्मनी के संघीय गणराज्य के आर्थिक मामलों एवं ऊर्जा के संघीय मंत्रालय के बीच एक संयुक्त आशय घोषणा (जेडीओआई); और (ii) डाक विभाग और डॉयचे पोस्ट एजी, जो जर्मनी का नामित डाक संचालक है, के बीच एक आशय पत्र (एलओआई)।
संयुक्त आशय घोषणा पर भारत सरकार की ओर से सचिव (डाक) सुश्री वंदिता कौल और जर्मनी सरकार की ओर से भारत में जर्मनी के संघीय गणराज्य के राजदूत डॉ. फिलिप एकरमैन ने हस्ताक्षर किए। आशय पत्र पर डाक विभाग की ओर से महानिदेशक डाक सेवाएं श्री जितेंद्र गुप्ता और डॉयचे पोस्ट की ओर से डॉयचे पोस्ट एजी / डीएचएल ग्रुप के सीईओ श्री टोबियास मेयर ने हस्ताक्षर किए।
इस सहयोग में डाक, एक्सप्रेस एवं लॉजिस्टिक्स सेवाओं को कवर करने वाली एक व्यवस्थित साझेदारी की कल्पना की गई है, जिसमें सीमा-पार ई-कॉमर्स और निर्धारित समय पर अंतरराष्ट्रीय डिलीवरी पर खास ध्यान दिया जाएगा। यह संयुक्त उत्पाद एवं सेवाओं को विकसित करने, नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अंतिम-छोर तक सहयोग को मजबूत करने और पत्र एवं पार्सल के लिए द्विपक्षीय दर व्यवस्था के निर्धारण हेतु एक फ्रेमवर्क प्रदान करता है। यह साझेदारी डिजिटलीकरण, संचालन संबंधी दक्षता, स्थिरता और हरित लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान पर भी जोर देती है।
इस सहयोग का एक मुख्य अपेक्षित परिणाम संयुक्त प्रीमियम अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस उत्पाद का शुभारंभ है, जिसमें एक निश्चित समय आधारित अंतरराष्ट्रीय एक्सप्रेस सेवा शामिल है। यह सेवा इंडिया पोस्ट की बड़े पैमाने पर अंतिम छोर तक पहुंच और डॉयचे पोस्ट-डीएचएल समूह के वैश्विक एक्सप्रेस एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का फायदा उठाएगी। उम्मीद है कि यह समन्वित तरीका भारत से भेजे जाने वाले अंतरराष्ट्रीय खेपों के लिए ट्रांजिट टाइम, विश्वसनीयता और एक छोर से दूसरे छोर तक दृश्यता में उल्लेखनीय सुधार करेगा।
यह पहल भारत सरकार के निर्यात को बढ़ावा देने के विजन के अनुरूप है। खासकर एमएसएमई, स्टार्टअप, कारीगरों एवं छोटे निर्माताओं को भरोसेमंद, किफायती एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करके, अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाकर और भारत के लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करके, इस सहयोग से अधिक निर्यात, गुणवत्तापूर्ण सेवा और वैश्विक मूल्य श्रृंखला में भारतीय व्यवसायों की अधिक भागीदारी होने की उम्मीद है।
इन समझौतों पर हस्ताक्षर भारत और जर्मनी की आर्थिक सहयोग को घनिष्ठ बनाने, डाक एवं और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में नवाचार को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थायी विकास का समर्थन करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं,
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