मंज़िल क्रीक और अमादल्ली के पूर्व में स्थित आवासीय परिसर में विवाहित वरिष्ठ नौसैनिकों के लिए भी एक आवासीय टावर है जिसमें 60 आवास इकाइयां (डीयू) हैं और नौसेना रक्षा नागरिकों के लिए चार टावर हैं जिनमें 240 आवास इकाइयां हैं। इन भवनों का निर्माण मेसर्स एनसीसी लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा किया गया है।
ये बुनियादी ढांचागत विकास परियोजना सीबर्ड के जारी चरण आईआईए का हिस्सा हैं, जो कारवार में बड़ी संख्या में पोत और पनडुब्बियों के ठहराव में सहायता प्रदान करेगी। इस परियोजना में एक नौसैन्य हवाई अड्डा, एक पूर्ण विकसित नौसेना गोदी, चार ढके हुए शुष्क बर्थ और जहाजों और विमानों के लिए रसद व्यवस्था भी शामिल है। इसमें लगभग 10,000 वर्दीधारी और नागरिक कर्मियों को उनके परिवारों के साथ आवास प्रदान किया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यटन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और भारतीय हरित भवन परिषद (आईजीबीसी) के वर्तमान मानदंडों के अनुरूप है और पूर्ण होने पर इसे ‘आईजीबीसी गोल्ड रेटेड प्रोजेक्ट’ का दर्जा प्राप्त होगा। यह परियोजना ‘आत्मनिर्भर भारत’ की अवधारणा के अनुरूप है, जिसमें 90 प्रतिशत से अधिक सामग्री और उपकरण घरेलू स्तर पर ही प्राप्त किए गए हैं।
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