Heavy rain wreaks havoc in Sikkim, search for missing people suspended

सिक्किम में भारी बारिश का कहर, लापता लोगों की तलाश स्थगित

गंगटोक ,01 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। सिक्किम में रविवार को लगातार बारिश हुई, जिससे तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ गया, जबकि इस सप्ताह की शुरुआत में हुई एक दुखद दुर्घटना के बाद नौ लापता लोगों की तलाश अभी भी स्थगित है।

शुक्रवार को मंगन जिले के चुबोम्बु के पास 11 लोगों को ले जा रहा एक पर्यटक वाहन सड़क से उतरकर करीब 1,000 फीट नीचे तीस्ता नदी में जा गिरा। उस रात दो यात्रियों को बचा लिया गया, जबकि चालक सहित शेष नौ लोगों का अभी भी पता नहीं चल पाया है।

पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोनम देचू भूटिया ने शनिवार को पुष्टि की कि बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है, जिसमें आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान शामिल हैं।

एसपी भूटिया ने मीडिया को बताया, वाहन मलबे में फंसा हुआ है और उसे निकाला नहीं जा सका है। आस-पास कोई शव नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि खराब मौसम के कारण अभियान में बाधा आ रही है।

रात भर हुई भारी बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में बादल फटने से हालात और खराब हो गए हैं।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगन जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। अगले 24 घंटों के लिए ग्यालशिंग, नामची, सोरेंग, गंगटोक और पाकयोंग के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

जिला अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से उत्तरी सिक्किम के थींग और चुंगथांग क्षेत्रों में कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

मंगन के पुलिस अधीक्षक सोनम देचू भूटिया के अनुसार, 115 पर्यटक वर्तमान में लाचेन में और लगभग 1,350 लाचुंग में फंसे हुए हैं। भूटिया ने कहा, कई भूस्खलनों के कारण दोनों दिशाओं से पहुंच अवरुद्ध होने के कारण, पर्यटकों को अपने होटलों में रहने की सलाह दी गई है। एक बार सड़कें पूरी तरह से साफ हो जाने के बाद निकासी शुरू हो जाएगी।

पूरे दिन क्षेत्र में भारी बारिश जारी रही, जिसका खास तौर पर चुंगथांग उप-विभाग पर असर पड़ा। शुक्रवार दोपहर को बाधित हुई बिजली आपूर्ति शनिवार शाम तक बहाल हो गई। करीब 24 घंटे से बंद मोबाइल कनेक्टिविटी शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बहाल हुई।

अधिकारी रविवार तक पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए भी काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में बादल फटने से तीस्ता नदी में उफान आया है, जिससे बचाव और राहत कार्यों में चुनौतियां बढ़ गई हैं।

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