Defence Minister Shri Rajnath Singh visited the Defence Materials and Stores Research and Development Establishment, a DRDO laboratory in Kanpur.

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कानपुर स्थित डीआरडीओ प्रयोगशाला के अंतर्गत रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान का दौरा किया

नई दिल्ली – रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 30 नवंबर, 2025 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की कानपुर स्थित प्रयोगशाला के अंतर्गत रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई) का दौरा किया। उन्होंने प्रयोगशाला में चल रहे अत्याधुनिक रक्षा सामग्री अनुसंधान और नवाचारों का अवलोकन किया।

 

रक्षा मंत्री श्री सिंह को रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के निदेशक द्वारा प्रयोगशाला के विज़न, मिशन, चार्टर, चल रही परियोजनाओं और प्रौद्योगिकी केंद्रित क्षेत्रों के बारे में जानकारी दी गई। रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान द्वारा सिरेमिक और सिरेमिक मैट्रिक्स कंपोजिट, स्टील्थ और कैमोफ्लेज सामग्री, नैनो सामग्री, कोटिंग्स, पॉलिमर और रबर, ईंधन और लुब्रीकेन्‍ट्स, तकनीकी वस्त्र और व्यक्तिगत सुरक्षा प्रणालियों में विकसित सामग्री, प्रौद्योगिकियों और उत्पादों का भी प्रदर्शन किया गया।

श्री राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादों, विशेष रूप से बुलेटप्रूफ जैकेट (स्तर-6), ब्रह्मोस मिसाइल के लिए नैफ्थिल ईंधन, भारतीय तटरक्षक जहाजों के लिए उच्च दाब पॉलीमेरिक मेंब्रेन, सिलिकॉन कार्बाइड फाइबर, सक्रिय कार्बन फैब्रिक-आधारित रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु सूट तथा विभिन्न अन्य स्टील्थ उत्पादों के सफल निर्माण में प्रयोगशाला के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी विकास को अंतिम उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने के लिए पिछले दो वर्षों में बड़ी संख्या में प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण के लिए रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान की सराहना की। उन्होंने विकसित रक्षा उत्पादों/प्रौद्योगिकियों की निर्यात संभावनाओं का पता लगाने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डीटीटीसी, लखनऊ में एमएसएमई और उद्योगों के बीच बातचीत बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के विकसित भारत@2047 के सपने को साकार करने में उद्योग और शिक्षा क्षेत्र के साथ प्रयोगशाला के बढ़ते तालमेल की सराहना की।

श्री राजनाथ सिंह ने इससे पहले परिसर में पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। रक्षा विभाग (अनुसंधान एवं विकास) के सचिव एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने उनका स्वागत किया।

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