एनईएसडीए, द्विवार्षिक आकलन ढांचा है, जिसे डीएआरपीजी ने नागरिकों के दृष्टिकोण से मौजूदा ई-गवर्नेंस सेवा आपूर्ति तंत्र की कुशलता और प्रभावशीलता को आंकने के लिए विकसित किया है। संयुक्त राष्ट्र के ई-गवर्नमेंट सर्वेक्षण के ऑनलाइन सेवा सूचकांक (ओएसआई) पर आधारित और भारत की संघीय संरचना के अनुरूप तैयार किए गए, एनईएसडीए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में ऑनलाइन सेवा आपूर्ति की उपलब्धता, पहुंच और संपूर्णता का आकलन करता है।
एनईएसडीए पूरे देश में ऑनलाइन सेवा आपूर्ति को बेहतर बनाने और राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के बीच सर्वोत्तम तरीकों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण तुलनात्मक आकलन प्रक्रिया के रूप में कार्य करता है। इससे सरकारों को अपनी कमियों को चिह्नित करने, सेवा आपूर्ति तंत्र को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों के लिए ऑनलाइन सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच के अनुभव को बेहतर बनाने में सहायता मिलती है।
एनईएसडीए 2025 ढ़ांचे के आयाम और वृद्धि:
- पोर्टल कवरेज: एनईएसडीए के तहत आकलन किए गए सभी सरकारी पोर्टलों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है, अर्थात्: (i) राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, शहर और केंद्रीय मंत्रालय के पोर्टल; और (ii) राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, शहर और केंद्रीय मंत्रालय के सेवा पोर्टल।
- फोकस क्षेत्र और अनिवार्य सेवाओं का कवरेज: एनईएसडीए ढ़ांचा, प्रमुख क्षेत्रों जैसे—वित्त, श्रम और रोज़गार, शिक्षा, स्थानीय शासन और उपयोगिता सेवाएं, सामाजिक कल्याण (स्वास्थ्य, कृषि और गृह सुरक्षा सहित), पर्यावरण (अग्नि शमन सेवा सहित), पर्यटन, जन शिकायत, परिवहन और यात्रा क्षेत्र में सरकार से नागरिक (जी2सी) और सरकार से व्यवसाय (जी2बी) सेवाओं को कवर करता है। एनईएसडीए 2025 ढ़ांचे में कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सेवाओं को जोड़ने के साथ ही फोकस क्षेत्रों को बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। एनईएसडीए 2025 में, प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए कुल 59 अनिवार्य सेवाओं का आकलन करने का प्रस्ताव है और केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों से संबंधित 43 सेवाओं का आकलन किया जाएगा।
- आकलन के मानदंड: इस आकलन में ऑनलाइन सेवा आपूर्ति की संपूर्णता और प्रभावशीलता से संबंधित कई मानदंड शामिल हैं। इनमें पहुंच, सामग्री की उपलब्धता, उपयोग में सुगमता, सूचना सुरक्षा और गोपनीयता, अंतिम सेवा आपूर्ति, एकीकृत सेवा आपूर्ति, स्थिति और ट्रैकिंग का अनुरोध, ओपन गवर्नमेंट डेटा (ओजीटी), ई-भागीदारी और उभरती हुई तकनीकों का लाभ उठाना शामिल हैं।
एनईएसडीए 2025 पोर्टल राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा को ऑनलाइन इकट्ठा करने के एक माध्यम के रूप में काम करेगा। डीएआरपीजी, एनईएसडीए 2025 आकलन साइकल के दौरान हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करेगा, परामर्श, क्षमता निर्माण सत्र आयोजित करेगा तथा केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करेगा।
केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी नोडल अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि वे आकलन प्रक्रिया के दौरान डेटा को समय पर जमा करना और डीएआरपीजी के साथ सक्रिय समन्वय सुनिश्चित करें। प्रतिभागियों को यह भी सलाह दी गई कि वे आकलन दिशानिर्देशों की अच्छी तरह से समीक्षा करें और आकलन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए एनईएसडीए 2025 पोर्टल का प्रभावी तरीके से उपयोग करें।
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