CM Yogi launched 'Developed Agriculture Resolution Campaign' in Uttar Pradesh

CM योगी ने विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का उत्तर प्रदेश में शुभारंभ किया

किसानों को दी आधुनिक कृषि की नई दिशा

लखनऊ 29 मई (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में कृषि एवं किसान कल्याण के क्षेत्र में हुए व्यापक सुधारों का संक्षिप्त विवरण देते हुए कहा कि विगत 11 वर्षों में खेती-किसानी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज किसान आधुनिक तकनीक के साथ जुड़े हैं और कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीक एवं सलाह उपलब्ध करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह बातें लोक भवन में उत्तर प्रदेश में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर कही।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह अभियान ‘लैब टू लैण्ड’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें कृषि वैज्ञानिक खेतों तक पहुंचकर किसानों को नई-नई कृषि तकनीक एवं जानकारी देंगे, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस पहल के लिए आभार जताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘पीएम कुसुम’ योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि वैज्ञानिक स्थानीय जलवायु और भूगोल के अनुसार किसानों को उपयुक्त बीज, फसल एवं बुआई के सही समय की जानकारी देंगे।

उन्होंने बताया कि 2014-15 में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1000 रुपये प्रति क्विंटल से कम था, जो अब बढ़कर 2425 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है और बाजार में किसानों को 2800 रुपये प्रति क्विंटल तक कीमत मिल रही है। प्रदेश में डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में खेती-किसानी के विकास के लिए कई बड़े अभियान शुरू किए गए हैं।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाया गया है, लगभग 15 लाख ट्यूबवेल के विद्युत कनेक्शन किसानों को नि:शुल्क दिए गए हैं।

सरयू नहर, बाणसागर और अर्जुन परियोजनाओं के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्रदेश में वर्तमान में 89 कृषि विज्ञान केंद्र सक्रिय हैं और पांचवा कृषि विश्वविद्यालय महात्मा बुद्ध के नाम से कुशीनगर में स्थापित किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर नहीं मिलता था, परंतु अब 8 वर्षों में 2 लाख 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य सीधे किसानों के खाते में पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि नई और आधुनिक चीनी मिलों की स्थापना की गई है और उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन के साथ-साथ एथेनॉल उत्पादन में भी अग्रणी राज्य बना है।योगी आदित्यनाथ ने फसल विविधीकरण, सहफसली खेती तथा प्राकृतिक खेती के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर सही बीज और तकनीक उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि देर से बुआई करने से उत्पादन में 30 प्रतिशत तक कमी हो सकती है, इसलिए किसानों को उपयुक्त सलाह देना आवश्यक है।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही है। ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देना, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना तथा जैविक कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, सहकारिता राज्य मंत्री जेपीएस राठौर, उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह ओलख, गो-सेवा आयोग अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद अध्यक्ष कैप्टन विकास गुप्ता, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और किसान उपस्थित रहे।

यह अभियान 12 जून तक चलेगा, जिसके दौरान प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्र, विकासखंड मुख्यालय और किसान कल्याण केंद्र किसानों को आधुनिक कृषि ज्ञान से अवगत कराएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश की कृषि को एक नई ऊंचाई पर ले जाने वाली है और प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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