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बसंत पंचमी को लेकर उपायुक्त ने किया बाबा मंदिर व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण

*देवतुल्य श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा के पुख्ता होंगे इंतजाम

 *सुरक्षित और सुलभ जलार्पण कराना हो प्राथमिकता

 

देवघर, (By Divya Rajan) बसंत पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा व सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने बाबा मंदिर व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उपायुक्त ने मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई के अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु स्पाईरल की व्यवस्था, बैरिकेटिंग, दंडाधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों की प्रतिनियुक्ति के साथ स्वच्छ शौचालय, पेयजल की दुरूस्थ सुविधा हेतु विभिन्न बिंदुओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया।

इसके अलावे उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने मंदिर प्रांगण का निरीक्षण करते हुए बसंत पंचमी को लेकर श्रद्धालुओं को हर संभव आवश्यक सुविधा के अलावा स्वास्थ्य-व्यवस्था व कोविड नियमों के अनुपालन और मास्क की अनिवार्यता को लागू करने व मंदिर प्रांगण में व्यापक प्रचार प्रसार करने का निदेश दिया। साथ हीं उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि आने वाले दिनों में बसंत पंचमी, महाशिवरात्री को लेकर देवतुल्य श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था एवं विधि व्यवस्था के अलावा कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों के साथ मास्क की अनिवार्यता मंदिर प्रांगण में पूर्ण रूप से लागू हो, ताकि सभी की बेहतरी का ख्याल रखा जा सके। आगे उपायुक्त ने संबंधित वरीय अधिकारियों को निदेशित किया गया कि कोविड नियमों के अनुपालन के साथ बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बसंत पंचमी के दिन क्यू काॅम्प्लेक्स के हाॅलों में स्पाईरल की व्यवस्था, सभी शौचालय की सफाई, पेयजल की दुरूस्थ व्यवस्था के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि आने वाले श्रद्धालु बाबा का जलार्पण के पश्चात एक सुखद अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर प्रास्थान करें।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे मुख्य प्रबंधक श्री रमेश परिहस्त प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं संबंधित पुलिस अधिकारी आदि उपस्थित थे।

ग्रामीण महिलाओं के मेट बनने के बाद बदल रहे आर्थिक हालत

*सरकारी योजनाओं ने बदली ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी

*हुईं आत्मनिर्भर  मिल रहा सम्मान

रांची ( By – Divya Rajan) राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इन योजनाओं से जुड़कर उन्होंने न सिर्फ अपनी आर्थिक हालत सुधारी, बल्कि गांव के लोगों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया। इन योजनाओं के तहत राज्य सरकार ग्रामीण महिलाओं को मेट बनाने का भी कार्य कर रही है।ये मेट गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, उन योजनाओं से जोडने की पहल, गांव में मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों में संलग्न करते हुए उन्हें पारिश्रमिक का भुगतान समेत अन्य कार्य करतीं हैं, जिसके एवज में राज्य सरकार उन्हें राशि का भुगतान करती है। अब ये मेट अपने आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त करते हुए गांव के लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं।

मेट बनने के बाद सुधरी अवेदा की आर्थिक हालत

लोहरदगा की 8वीं पास अवेदा खातून ने मेट बनने के बाद अपने अपने परिवार का भरण पोषण बेहतर ढंग से कर रही है। अवेदा कहती है मेट के रूप में उसका काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। गरीब ग्रामीणों को कार्य देकर उन्हें समय पर भुगतान करा कर काफी खुशी होती है। अवेदा मेट के रूप में चयन होने से पहले खेती-मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी। अब मेट बनने के बाद उसका परिवार आर्थिक रूप से अच्छा हो गया है। अवेदा की तरह ही, सिमडेगा के कोलेबिरा की शाहपुर पंचायत की सबिता कुमारी इंटर पास हैं। उन्हें मनरेगा में मेट का काम मिला। मेट में रजिस्टर होते ही सबिता आत्मनिर्भर हो गई। सरकारी पदाधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क होने के कारण उसे कई सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। इन जानकारियों को उसने ग्रामीणों के साथ बांटा और उन्हें भी सरकारी योजनाओं से जोड़ा।

मेट बुधनी ने बंजर जमीन में उगाई खुशहाली की फसल

बुधनी उरांव लोहरदगा के जोरी ब्लॉक की रहने वाली है। मेट बनने के बाद उसे मनरेगा से सिंचाई कूप दिया गया। जिससे उसने 2021 में सब्जी और आम की बागवानी शुरू की। बंजर जमीन को कृषि योग्य बनाया और किसानों को रोजगार मुहैया कराया। किसानों को कूप के लाभ के बारे में बताया। महिलाओं का समूह तैयार कर उन्हें मनरेगा समेत सरकार की अन्य लाभकारी योजनाओं के बारे में बताया, जिससे दूसरे ग्रामीण भी सब्जियों की खेती कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं।

मनरेगा योजना वर्तमान समय में ग्रामीणों के लिए वरदान बन गया है। इस बदलाव के पथ प्रदर्शक बने है मनरेगा के महिला मेट। ये मनरेगा योजना से जुड़कर अपने परिवार का भरण पोषण तो कर ही रही हैं। साथ ही, जीवन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

 

स्थानीय विस्थापितों को एक करोड़ रुपये तक का कॉन्ट्रैक्ट मिलने का मार्ग प्रशस्त

रांची,  मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय कोयला मंत्री के बीच नवंबर 2021 में हुई बैठक का प्रतिफल है कि कोल इंडिया द्वारा अधिग्रहण की गई भूमि से विस्थापित स्थानीय लोगों को अब एक करोड़ रुपये तक का कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा। केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने इसपर अपनी सहमति दे दी है। इससे विस्थापितों की आर्थिक आजीविका को मजबूत आधार मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने रखा था सरकार का पक्ष

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कोयला मंत्री से कहा था कि एक करोड़ तक का ठेका स्थानीय लोगों को देने की योजना बने।  इसके बाद समिति का गठन हुआ और स्थानीय विस्थापितों को कॉन्ट्रैक्ट देने की सिफारिश हुई है।

इन कार्यों में मिलेगी प्राथमिकता

कोयला परिवहन के तहत विभिन्न क्षेत्रों में कोयले की लोडिंग एवं परिवहन कार्य। सिविल कार्य के तहत अकुशल कार्यबल की व्यवस्था करना। साफ- सफाई, रखरखाव, बागवानी कार्य समेत अन्य कार्य। कोल इंडिया द्वारा स्थानीय लोगों से वाहन किराया पर लेने को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

https://twitter.com/JharkhandCMO/status/1488369725197348868?t=wrRWdyBaG6AyYh89XnqqFw&s=09

केंद्रीय बजट में सूक्ष्म आर्थिक स्तर पर सभी समेकित कल्याण पर ध्यान देने के साथ बृहद आर्थिक स्तर वृद्धि पर जोर देने की कल्पना की गई

केंद्रीय बजट 2022-23 की मुख्य बातें

New Delhi, केंद्रीय बजट में सूक्ष्म आर्थिक स्तर पर सभी समेकित कल्याण पर ध्यान देने के साथ बृहद आर्थिक स्तर वृद्धि पर जोर देने की कल्पना की गई है। केन्‍द्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केन्‍द्रीय बजट 2022-23 पेश किया।

बजट की मुख्य बातें निम्न हैं –

  • भारत की आर्थिक वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत अनुमानित है, जो सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे अधिक है।
  • 14 क्षेत्रों में उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत 60 लाख नए रोजगार का सृजन होगा।
  • पीएलआई योजना में 30 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाने की क्षमता है।
  • अगले 25 साल भारत@100 के अमृत काल में प्रवेश करते हुए बजट में 4 प्राथमिकताओं में विकास पर जोर दिया गया हैः
  • पीएम गतिशक्ति
  • समेकित विकास
  • उत्पाद संवर्धन एवं निवेश, सनराइज अवसर, ऊर्जा संक्रमण और जलवायु कार्य
  • निवेश को वित्तीय मदद

पीएम गतिशक्तिः

पीएम गतिशक्ति को बढ़ावा देने वाले 7 कारक  सड़क, रेल मार्ग, हवाई मार्ग, विमानपत्तन, माल परिवहन, जल मार्ग और लॉजिस्टिक अवसंरचना हैं।

पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान

  • पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के दायरे में आर्थिक बदलाव के सभी 7 कारक, निर्बाध बहुपक्षीय कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक के दायरे में आ जाएंगे।
  • राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन में इन 7 कारकों से जुड़ी परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति फ्रेमवर्क से जोड़ दिया जाएगा।

सड़क परिवहन

  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में 2022-23 में 25000 किलोमीटर का विस्तार दिया जाएगा।
  • राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में विस्तार के लिए 20000 रुपए जुटाए जाएंगे।

मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क

  • 2022-23 में 4 स्थानों पर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने के लिए पीपीपी प्रारूप के जरिए संविदाएं प्रदान की जाएंगी।

रेल मार्ग

  • स्थानीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ाने के लिए एक स्टेशन एक उत्पाद की संकल्पना।
  • 2022-23 में देसी विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी और क्षमता वृद्धि कवच के तहत रेल मार्ग नेटवर्क में 2000 किलोमीटर जोड़ा जाएगा।
  • अगले 3 साल के दौरान 400 उत्कृष्ट वंदे भारत रेलगाड़ियों का निर्माण होगा।
  • अगले 3 साल के दौरान मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक के लिए 100 पीएम गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे।

पर्वतमाला

  • राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम, पर्वतमाला को पीपीपी प्रारूप में लाया जाएगा।
  • 2022-23 में 60 किलोमीटर लंबी 8 रोपवे परियोजनाओं के लिए संविदाएं प्रदान की जाएंगी।

समेकित विकास

कृषि

  • गेहूं और धान की खरीद के लिए 1.63 करोड़ किसानों को 2.37 लाख करोड़ रुपए का सीधा भुगतान।
  • देशभर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। शुरू में गंगा नदी से सटे 5 किलोमीटर की चौड़ाई तक के गलियारे वाले किसानों की जमीनों पर ध्यान दिया जाएगा।
  • नाबार्ड कृषि और ग्रामीण उद्यम से जुड़े स्टार्टप्स को वित्तीय मदद के लिए मिश्रित पूंजी कोष की सुविधा देगा।
  • फसलों के आकलन, भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, कीटनाशकों एवं पोषक तत्वों के छिड़काव के लिए “किसान ड्रोन।“

 

  • केन बेतवा परियोजना
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के लिए 1400 करोड़ परिव्यय।
  • केन-बेतवा लिंक परियोजना से किसानों की 9.08 लाख हेक्टेयर जमीनों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

एमएसएमई

  • उद्यम, ई-श्रम, एनसीएस और असीम पोर्टलों को आपस में जोड़ा जाएगा।
  • 130 लाख एमएसएमई को इमरजेंसी क्रेडिट लिंक्ड गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत अतिरिक्त कर्ज दिया गया।
  • ईसीएलजीएस को मार्च 2023 तक बढ़ाया जाएगा।
  • ईसीएलजीएस के तहत गारंटी कवर को 50000 करोड़ रुपए बढ़ाकर कुल 5 लाख करोड़ कर दिया जाएगा।
  • सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के तहत 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त क्रेडिट दिया जाएगा।
  • रेजिंग एंड एसिलेरेटिंग एमएसएमई परफोर्मेंस (आरएएमपी) प्रोग्राम 6000 करोड़ रुपए के परिव्यय से शुरू किया जाएगा।

कौशल विकास

  • ऑनलाइन प्रशिक्षण के जरिए नागरिकों की कुशलता बढ़ाने के लिए डिजिटल इकोसिस्टम फॉर स्किलिंग एंड लिवलीहुड (डीईएसएच-स्टैक ई-पोर्टल) लॉन्च किया जाएगा।
  • ड्रोन शक्ति की सुविधा और सेवा के रूप में ड्रोन (डीआरएएएस) के लिए स्टार्टप्स को बढ़ावा दिया जाएगा।

शिक्षा

  • पीएम ई-विद्या के एक कक्षा एक टीवी चैनल कार्यक्रम को 200 टीवी चैनलों पर दिखाया जाएगा।
  • महत्वपूर्ण चिंतन कौशल और प्रभावी शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने के लिए वर्चुअल प्रयोगशाला और कौशल ई-प्रयोगशाला की स्थापना।
  • डिजिटल शिक्षकों के माध्यम से पढ़ाई के लिए उच्च गुणवत्ता वाली ई-कंटेंट विकसित किया जाएगा।
  • व्यक्तिगत तौर पर पढ़ाई करने के लिए विश्व स्तरीय शिक्षा के लिए डिजिटल विश्व विद्यालय की स्थापना की जाएगी।

स्वास्थ्य

  • राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम के लिए खुला मंच शुरू किया जाएगा।
  • गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और देखरेख सेवाओं के लिए राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • 23 टेली मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों का एक नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसका नोडल सेंटर निम्हांस (एनआईएमएचएएनएस) होगा और अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान बेंगलुरू (आईआईआईटीबी) इसे प्रौद्योगिकी सहायता देगा।

सक्षम आंगनबाड़ी

  • मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0 के जरिए महिलाओं और बच्चों को एकीकृत लाभ प्रदान किए जाएंगे।
  • दो लाख आंगनवाडि़यों को सक्षम आंगनवाडि़यों में उन्‍नयन

 

हर घरनल से जल

  • हर घर, नल से जल के तहत वर्ष 2022-23 में 3.8 करोड़ परिवारों को शामिल करने के लिए 60,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

 

सभी के लिए आवास

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022-23 में 80 लाख घरों को पूरा करने के लिए 48 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए।

 

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री की विकास पहल

  • पूर्वोत्‍तर में बुनियादी ढांचे एवं सामाजिक विकास परियोजनाओं और वित्‍त पोषण के लिए नई योजना पीएम-डीईवीआईएनई शुरू की गई।
  • इस योजना के तहत युवा और महिलाओं को आजीविका गतिविधियों में समर्थ बनाने के लिए 1500 करोड़ रुपये का शुरूआती आवंटन।

 

जीवंत ग्राम कार्यक्रम

  • उत्‍तर सीमा पर छिटपुट आबादी, सीमित सम्‍पर्क और बुनियादी ढांचे वाले सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए जीवंत ग्राम कार्यक्रम।

 

बैंकिंग

  • शत-प्रतिशत 1.5 लाख डाकघरों को मुख्‍य बैंकिंग प्रणाली में शामिल किया जाएगा।
  • अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक 75 जिलों में 75 डिजि‍टल बैंकिंग इकाइयां (डीबीयू) स्‍थापित करेंगे।

 

ई-पासपोर्ट

  • इम्‍बेडेड चिप और भावी प्रौद्योगिकी वाले ई-पासपोर्ट शुरू किए जाएंगे।

 

शहरी नियोजन

  • भवन उपनियमों शहरी नियोजन योजना, पारगमन उन्‍मुखी विकास का आधुनिकीकरण लागू किया गया जाएगा।
  • शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्‍टेशन स्‍थापित करने के लिए बैट्री अदला-बदला नीति लाई जाएगी।

 

भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन

  • भूमि के रिकॉर्ड के आईटी आधारित प्रबंधन के लिए विशिष्‍ट भूमि पार्सल पहचान संख्‍या।

 

त्‍वरित कॉरपोरेट बहिर्गमन

  • कंपनियों को तेजी से बंद करने के लिए सेन्‍टर फॉर प्रोसेसिंग एक्सिलरेटिड कॉरपोरेट एक्जिट (सी-पीएसी) स्‍थापित।

 

एवीजीसी संवर्द्धन कार्य बल

  • इस क्षेत्र की संभावना का पता लगाने के लिए एक एनीमेशन, विजुअल प्रभाव, गेमिंग और कॉमिक (एवीजीसी) संवर्द्धन कार्य बल की स्‍थापना।

 

दूरसंचार क्षेत्र

  • उत्‍पादन से जुड़ी प्रोत्‍साहन योजना के एक हिस्‍से के रूप में 5जी के लिए एक मजबूत इको-सिस्‍टम स्‍थापित करने के लिए डिजाइन जनहित विनिर्माण के लिए योजना।

 

निर्यात संवर्द्धन

  • उद्यम एवं सेवा केन्‍द्रों के विकास में भागीदारी बनने के लिए राज्‍यों को समर्थ बनाने हेतु विशेष आर्थिक जोन अधिनियम को एक नए विधान से प्रतिस्‍थापित किया जाएगा।

 

रक्षा में आत्‍मनिर्भरता

  • 2022-23 में घरेलू उद्योग के लिए निर्धारित पूंजीगत खरीदारी बजट का 68 प्रतिशत निर्धारित किया गया, जो 2021 में 58 प्रतिशत के मुकाबले अधिक है।
  • 25 प्रतिशत रक्षा अनुसंधान विकास बजट के साथ उद्योग स्‍टार्टअप्‍स और शिक्षा के लिए रक्षा अनुसंधान विकास खोला जाएगा।
  • जांच और प्रमाणीकरण जरूरतों को पूरा करने के लिए स्‍वतंत्र नोडल अम्‍ब्रेला निकाय स्‍थापित किया जाएगा।

 

सनराइज अवसर

  • आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, भू-स्‍थानिक प्रणालियों और ड्रोनों, सेमीकंडक्‍टर और इसके इको-सिस्‍टम अंतरिक्ष अर्थव्‍यवस्‍था, जीनोमिक्‍स और फार्मास्‍युटिकल्‍स हरित ऊर्जा और स्‍वच्‍छ गतिशीलता प्रणालियों जैसे सनराइज अवसरों में अनुसंधान और विकास के लिए सरकारी योगदान उपलब्‍ध कराया जाएगा।

 

ऊर्जा पारगमन और जलवायु कार्रवाई

  • वर्ष 2030 तक स्‍थापित सौर विद्युत का 280 गीगावॉट लक्ष्‍य हासिल करने के लिए उच्‍च दक्षता के सौर मॉड्यूल्‍स के निर्माण के लिए उत्‍पादन से जुड़े प्रोत्‍साहन के लिए 19,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त आवंटन।
  • ताप‍ विद्युत संयंत्रों में 5 से 7 प्रतिशत बायोमास पैलेट्स फॉयर किए जाएंगे।
  • वार्षिक रूप से 38 एमएमटी कार्बनडाई ऑक्‍साइड की बचत।
  • किसानों के लिए अतिरिक्‍त आय और स्‍थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर।
  • खेतों में पराली जलाने से रोकने में मदद मिलेगी।

कोयला गैसीकरण करने तथा उद्योग के लिए कोयले को रसायनों में परिवर्तित करने के लिए चार पायलट परियोजनाओं की स्‍थापना की जाएगा।

 

कृषि वानिकी अपनाने वाले अनुसूचित जाति और जनजातियों से संबंधित किसानों को वित्‍तीय सहायता।

 

सार्वजनिक पूंजीगत निवेश

  • 2022-23 में निजी निवेश और मांग को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक निवेश को जारी रखना।
  • वर्ष 2022-23 में पूंजीगत व्‍यय के लिए परिव्‍यय 35.4 प्रतिशत तेजी से बढ़कर 7.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो मौजूदा वर्ष में 5.54 लाख करोड़ रुपये था।  
  • वर्ष 2022-23 में परिव्‍यय सकल घरेलू उत्‍पाद का 2.9 प्रतिशत रहेगा।
  • केन्‍द्र सरकार का प्रभावी पूंजीगत व्‍यय 2022-23 में 10.68 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जीडीपी का लगभग 4.1 प्रतिशत है।

 

जीआईएफटी-आईएफएससी 

  • जीआईएफटी शहर में विश्‍वस्‍तरीय विदेशी विश्‍वविद्यालयों और संस्‍थानों को अनुमति दी जाएगी।
  • अंतर्राष्‍ट्रीय अधिकांश क्षेत्र के तहत विवादों के समय पर निपटान के लिए एक अंतर्राष्‍ट्रीय मध्‍यस्‍थता केन्‍द्र की स्‍थापना की जाएगी।

 

संसाधनों को जुटाना 

  • डेटा केन्‍द्रों और ऊर्जा भंडार प्रणालियों को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया जाएगा।
  • उद्यम पूंजी और निजी इक्विटी ने पिछले साल 5.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया और एक सबसे बड़े स्‍टार्टअप और विकास इको-सिस्‍टम में सुविधा प्रदान की। इस निवेश को बढ़ाने के लिए उपाय किये जा रहे हैं।
  • सनराइज क्षेत्रों के लिए बलेंडिंड निधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • हरित बुनियादी ढांचे के लिए संसाधन जुटाने के लिए सॉवरिन ग्रीन बॉण्‍ड जारी किए जाएंगे1

 

डिजिटल रूपया

  • भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रूपए की शुरूआत 2022-23 में की। 

 

राज्‍यों को वृहद राजकोषीय स्‍पेस उपलब्‍ध कराना

  • पूंजीगत निवेश के लिए राज्‍यों को वित्‍तीय सहायता की योजना के लिए अधिक परिव्यय :
  • यह परिव्‍यय बजट अनुमानों में 10 हजार करोड़ रुपये था, जो वर्तमान वर्ष के लिए संशोधित अनुमानों में 15 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया।

 

अर्थव्‍यवस्‍था में समग्र प्रोत्‍साहन के लिए राज्‍यों को सहायता के लिए वर्ष 2022-23 में एक लाख करोड़ रुपये का आवंटन, 50 वर्षीय ब्‍याज मुक्‍त ऋण प्रदान करना, जो सामान्‍य ऋण के अतिरिक्‍त है।

2022-23 में राज्‍यों को जीएसडीपी के 4 प्रतिशत का वित्‍तीय घाटे की अनुमति होगी, जिसका 0.5 प्रतिशत विद्युत क्षेत्र सुधारों में उपयोग किया जाएगा।

 

राजकोषीय प्रबंधन

बजट अनुमान 2021-22 : 34.83 लाख करोड़ रुपये

संशोधित अनुमान 2021-22 : 37.70 लाख करोड़ रुपये

वर्ष 2022-23 में कुल अनुमानित व्‍यय : 39.45 लाख करोड़ रुपये

वर्ष 2022-23 में उधारी के अलावा कुल प्राप्तियां : 22.84 लाख करोड़ रुपये

चालू वित्‍त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.9 प्रतिशत (बजट अनुमानों में 6.8 प्रतिशत की तुलना में)

वर्ष 2022-23 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 6.4 प्रतिशत अनुमानित।

 

प्रत्यक्ष कर

स्थिर एवं संभावित कर व्यवस्था संबंधी नीति को आगे बढ़ाया जाएगा :

  • विश्वसनीय कर व्यवस्था स्थापित करने का दृष्टिकोण।
  • कर प्रणाली को सरल बनाना और मुकदमेबाजी को कम करना।

 

नई अद्यतनीकृत विवरणी का चलन शुरू करना

  • अतिरिक्त कर की अदायगी करके अद्यतन विवरणी दाखिल करने के लिए नया प्रावधान।
  • करदाता को आय के आकलन में की गई गलतियों को सुधार कर अद्यतन विवरणी दाखिल करने का अवसर मिलेगा।
  • अद्यतन विवरणी संबंधित आकलन वर्ष के अंत से दो वर्षों के भीतर दाखिल की जा सकती है।

 

सहकारी समितियां

  • सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम कर भुगतान को 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया।
  • सहकारी समितियों और कंपनियों के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे।
  • उन सहकारी समितियों के लिए अधिभार की मौजूदा दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत किया गया, जिनकी कुल आमदनी एक करोड़ रुपये से अधिक और 10 करोड़ रुपये तक है।

दिव्यांगजनों को कर राहत

  • दिव्यांग आश्रितों को उनके माता-पिता/अभिभावकों के जीवनकाल के दौरान यानी माता-पिता/अभिभावकों के साठ वर्ष की आयु प्राप्त करने पर भी बीमा योजनाओं से वार्षिकी और एकमुश्त राशि की अदायगी की अनुमति।

राष्ट्रीय पेंशन योजना के योगदान में समानता

  • राज्य सरकार के कर्मचारियों के एनपीएस खाते में नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव।
  • इससे राज्य सरकार के कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों के समान सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी।
  • राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

 

स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहन

  • कर प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए पात्र स्टार्टअप के निगमन की अवधि को एक साल बढ़ाकर 31.03.2023 तक करने का प्रस्ताव।
  • पहले निगमन की अवधि 31.03.2022 तक वैध।

रियायती कर व्यवस्था के अंतर्गत प्रोत्साहन

  • धारा 115बीएबी के तहत विनिर्माण एवं उत्पादन शुरू करने की अंतिम तिथि को एक साल के लिए यानी 31 मार्च, 2023 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2024 कर दिया गया है।

वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों के कराधान के लिए योजना

  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों के लिए विशेष कर प्रणाली लागू की गई।
  • किसी भी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय पर कर दी दर 30 प्रतिशत होगी।
  • इस प्रकार की आय की गणना करते समय अधिग्रहण लागत को छोड़कर को किसी भी खर्च अथवा भत्ते के लिए कटौती नहीं होगी।
  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण से हुए नुकसान की भरपाई किसी अन्य आय से नहीं की जा सकती।
  • लेन-देन के विवरण के लिए वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण के संबंध में किए गए भुगतान पर एक निश्चित मौद्रिक सीमा से ऊपर की रकम के लिए 1 प्रतिशत की दर से टीडीएस देय होगा।
  • वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के उपहार पर भी प्राप्तकर्ता के यहाँ कर देय होगा।

 

मुकदमा प्रबंधन

  • यदि किसी मामले में कानून उसी तरह का हो जिससे संबंधित कोई मामला उच्च न्यायालय अथवा सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हो तो विभाग द्वारा अपील दायर करने की प्रक्रिया को अदालय द्वारा उस कानून के संबंध में फैसला दिये जाने तक टाल दिया जाए
  • करदाताओं और विभाग के बीच दोहरायी जाने वाली मुकदमेबाजी को कम करने में इससे काफी मदद मिलेगी।

 

आईएफएससी को कर प्रोत्साहन

  • निम्नलिखित को निर्धारित शर्तों के साथ कर से छूट प्रदान की गई :
  • विदेशी डेरीवेटिव प्रपत्रों से किसी प्रवासी को कोई आमदनी।
  • किसी विदेशी बैंकिंग इकाई द्वारा जारी काउंटर डेरीवेटिव्स से होने वाली आय।
  • जहाज के पट्टे से मिली रायलटी एवं ब्याज आय।
  • आईएफएससी में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं से प्राप्त आय।

 

अधिभार का यौक्तिकीकरण

  • एओपी (अनुबंध के निष्पादन के लिए गठित कंसोर्टियम) पर अधिभार की उच्चतम सीमा 15 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
  • व्यक्तिगत कंपनियों और एओपी के बीच अधिभार में अंतर को कम किया गया है।
  • किसी भी प्रकार की परिसंपत्ति के हस्तांतरण से होने वाले दीर्घावधि पूंजीगत लाभ पर अधिभार की अधिकतम सीमा 15 प्रतिशत होगी।
  • इससे स्टार्ट-अप समुदाय को नुकसान मिलेगा।

 

स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर

  • आय और मुनाफे पर किसी भी अधिभार अथवा उपकर को कारोबारी खर्च की श्रेणी में रखने की अनुमति नहीं होगी।

 

कर-वंचन की रोकथाम

  • तलाशी एवं सर्वेक्षण कार्रवाइयों के दौरान पता लगे और प्रकट आए के संबंध में किसी भी प्रकार की हानि के प्रति समंजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

टीडीएस प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाना

  • कारोबार को बढ़ावा देने की रणनीति के तहत हित लाभ एजेंटों के हाथों में कर योग्य होते है, इसलिए लाभ एजेंटों तक अग्रसारित किया जाएगा।
  • हित लाभ देने वाले व्यक्ति द्वारा कर कटौती के लिए उपबंध करने का प्रस्ताव होगा, बशर्ते वित्त वर्ष के दौरान ऐसे हितलाभों का कुल मूल्य 20,000 रुपये से अधिक न हो।

अप्रत्यक्ष कर

जीएसटी में असाधारण प्रगति

  • वैश्विक महामारी के बावजूद जीएसटी राजस्व में उछाल है। इस बढ़ोतरी के लिए करदाता सराहना के पात्र है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र

  • एसईजेड का सीमा शुल्क प्रशासन पूरी तरह आईटी से संचालित होगा और कस्टम्स नेशनल पोर्टल पर कार्य करेगा, जिसे 30 सितंबर, 2022 से क्रियान्वित किया जाएगा।

सीमा शुल्क सुधार एवं शुल्क दर में बदलाव

  • फेसलेस सीमा शुल्क पूरी तरह स्थापित कर दिया गया है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान सीमा शुल्क संगठनों ने चपलता और संकल्प प्रदर्शित करते हुए सभी मुश्किलों के प्रति असाधारण फ्रंट लाइन कार्य किया है।

परियोजनागत आयात एवं पूंजीगत वस्तुएं

  • पूंजीगत वस्तुओं और परियोजनागत आयातों में रियायती दरों को क्रमिक रूप से हटाने और 7.5 प्रतिशत असाधारण शुल्क लगाने का प्रस्ताव। इससे घरेलू क्षेत्र और ‘मेक इन इंडिया’ के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
  • उन उन्नत मशीनरियों के लिए कतिपय छूट बनी रहेंगी, जिनका देश के भीतर विनिर्माण नहीं किया जाता है।
  • विशेषीकृत कॉस्टिंग्स, बॉल स्क्रू और लीनियर मोशन गाइड पर कुछेक छूट देने का चलन शुरू किया जा रहा है ताकि पूंजीगत वस्तुओं के घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके।

सीमा शुल्क छूट एवं शुल्क सरलीकरण की समीक्षा

  • 350 से अधिक प्रस्तावित छूट प्रविष्टियों को धीरे-धीरे हटाए जाने का प्रस्ताव है। इनमें कई कृषि उत्पाद, रसायन, वस्त्र, चिकित्सा उपकरण और दवाएं शामिल हैं जिनके लिए पर्याप्त घरेलू क्षमता मौजूद है।

विशेषकर रसायन, कपड़ा और धातु जैसे क्षेत्रों के लिए सीमा शुल्क दर एवं शुल्क दर संरचना सरल हो जाएंगी और विवाद कम हो जाएगा। जो वस्तुएं भारत में विनिर्मित की जाती है या की जा सकती है उनके लिए छूट हटाने से और अर्धनिर्मित उत्पादों के विनिर्माण में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल पर रियायती शुल्क लगाने से ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के हमारे लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

 

क्षेत्र विशेष प्रस्‍ताव

इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स क्षेत्र

  • देश में पहनने वाले उपकरणों, सुने जा सकने वाले उपकरणों और इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स स्‍मार्ट मीटरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने हेतु श्रेणीबद्ध दरें तय करने के लिए सीमा शुल्‍क दरों में संशोधन किया जाएगा।
  • देश में ज्‍यादा वृद्धि दर वाले इलेक्‍ट्रॉनिक वस्‍तुओं का निर्माण करने के लिए मोबाइल फोन के चार्जर के ट्रांसफॉर्मर के कलपुर्जों और मोबाइल कैमरा मॉड्यूल के कैमरा लेंस और कुछ अन्‍य वस्‍तुओं पर शुल्‍क में छूट दी जाएगी।

रत्‍न एवं आभूषण

  • रत्‍न व आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए तराशे एवं पॉलिश किए गए हीरों और रत्‍न पत्‍थरों पर सीमा शुल्‍क घटाकर 5 प्रतिशत किया जा रहा है; केवल तराशे गए हीरे पर कुछ भी सीमा शुल्‍क नहीं लगेगा।
  • ई-कॉमर्स के जरिए आभषूण निर्यात को सुविधाजनक बनाने के लिए एक सरल नियामकीय रूपरेखा इस वर्ष जून तक लागू की जाएगी।
  • कम मूल्‍य वाले इमिटेशन आभूषण का आयात हतोत्‍साहित करने के लिए इमिटेशन आभूषण के आयात पर प्रति किलो कम-से-कम 400 रुपये का सीमा शुल्‍क लगाया जाएगा।

 

रसायन

  • कुछ महत्‍वपूर्ण रसायनों यथा मेथानॉल, एसि‍टिक एसिड और पेट्रोलियम शोधन से जुड़े हेवी फीड स्‍टॉक पर सीमा शुल्‍क घटाया जा रहा है; देश में पर्याप्‍त क्षमता वाले सोडियम साइ‍नाइड पर सीमा शुल्‍क बढ़ाया जा रहा है- इससे देश में मूल्‍यवर्धन करने में मदद मिलेगी।

एमएसएमई

  • छतरी पर सीमा शुल्‍क बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जा रहा है। छतरी के कलपुर्जों पर दी जा रही शुल्‍क छूट को वापस लिया जा रहा है।
  • भारत में निर्मित किए जाने वाले कृषि क्षेत्र से जुड़े कलपुर्जों पर दी जा रही शुल्‍क छूट को तर्कसंगत बनाया जा रहा है।
  • पिछले साल स्‍टील स्‍क्रैप पर दी गई सीमा शुल्‍क छूट अब एक साल और दी जाएगी, ताकि एमएसएमई से जुड़े द्वितीयक इस्‍पात उत्‍पादकों को राहत मिल सके।
  • स्‍टेनलेस स्‍टील एवं इस्‍पात के कोटेड चौरस उत्‍पादों, एलॉय स्‍टील एवं हाई-स्‍पीड स्‍टील की छड़ों पर कुछ एंटी-डंपिंग शुल्‍क एवं सीवीडी को वापस लिया जा रहा है, ताकि जन हित में इस धातु की मौजूदा ऊंची कीमतों से निपटा जा सके।

निर्यात

  • निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ वस्‍तुओं जैसे कि फास्‍टनर्स, बटन, जि‍पर, लाइनिंग मैटेरियल, विशेष चमड़ा, फर्नीचर फिटिंग्स एवं पैकेजिंग बॉक्‍स पर छूट दी जा रही हैं।
  • झींगा जलीय कृषि के लिए आवश्‍यक कुछ कच्‍चे माल पर शुल्‍क घटाया जा रहा है, ताकि इसके निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।

ईंधन के मिश्रण को बढ़ावा देने के लिए शुल्‍क संबंधी उपाय

गैर-मिश्रित ईंधन पर 1 अक्‍टूबर, 2022 से प्रति लीटर 2 रुपये का अतिरिक्‍त विभेदक उत्‍पाद शुल्‍क लगेगा, ताकि ईंधन के मिश्रण को बढ़ावा दिया जा सके।

श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा के साथ सुरक्षित जलार्पण कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता – उपायुक्त

*बसंत पंचमी को लेकर उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने किया रुटलाइन

क्यू कॉम्प्लेक्स, बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण

*मास्क व साफ-सफाई का अनुपालन को हर हाल में करें लागू

*सेवा भाव व आपसी समन्वय के साथ कार्यों को तय समय के अनुरूप कर लें पूर्ण

*शीघ्र दर्शनम सुविधा को व्यवस्थित और कतारबद्ध करने का दिया निर्देश

*उपायुक्त ने बीएड कॉलेज परिसर में होल्डिंग पॉइंट और रुटलाइन को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्देश

Deoghar (Divya Rajan)

उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री व पुलिस अधीक्षक श्री धनंजय कुमार सिंह द्वारा पैदल भर्मण कर आगामी बसंत पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य-व्यवस्था को लेकर रुटलाइन, बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर की जाने वाली तैयारियों का जायजा लिया गया। इस दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा सरकार भवन मोड़, बीएड कॉलेज, तिवारी चैक, नेहरू पार्क, क्यू कॉम्प्लेक्स, फुट ओवरब्रिज, बाबा मंदिर प्रांगण व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर विधि-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशानिर्देश दिया गया।

इसके अलावे रूटलाइन निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री द्वारा बीएड कॉलेज परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु होल्डिंग पॉइंट बनाने के अलावा रुटलाइन में अतिक्रमण, साफ-सफाई, सड़क किनारे नालों की सफाई व स्लैब की आवश्यकताओं को दुरुस्त करने का निर्देश नगर निगम के अधिकारियों को दिया। साथ ही बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु क्यू काॅम्प्लेक्स के हाॅलों में स्पाईरल की व्यवस्था, सभी शौचालय की सफाई, शुद्ध पेयजल की व्यापक व्यवस्था के साथ स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश नगर निगम के वरीय अधिकारियों को दिया, ताकि आने वाले श्रद्धालु बाबा का जलार्पण के पश्चात एक सुखद अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर प्रास्थान करें। साथ ही उपायुक्त ने रुटलाइन, क्यू कॉम्प्लेक्स, मानसिंघी फुट ओवर ब्रिज, मंदिर प्रांगण का निरीक्षण कर विद्युत एवं जलापूर्ति संबंधी कार्यों का अवलोकन कर उसे समेकित ढंग से सम्पादित कराते हुए इधर-उधर दिख रहे बिजली के तारों को सुव्यवस्थित कराने का निर्देश कार्यपालक अभियन्ता विद्युत को दिया गया।

*मनसिंघी तालाब व आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई को रखें दुरुस्त

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजुनाथ भजंत्री ने मनसिंघी तालाब व आसपास के क्षेत्रों की सफाई और मनसिंघी तालाब को स्वच्छ रखने के संबंध में नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के साथ-साथ मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता पर विशेष रूप से ध्यान रखें। इसके अलावे बाबा मंदिर में साफ-सफाई, सुरक्षा-व्यवस्था, सुलभ जलार्पण, शीघ्र दर्शनम व्यवस्था को लेकर दण्डाधिकारियों व पुलिस प्रतिनियुक्ति के साथ मंदिर प्रांगण व आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की उपलब्धता एवं अन्य सुरक्षा मानकों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया गया।
इसके अलावे निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि आने वाले दिनों में बसंत पंचमी, महाशिवरात्री को लेकर देवतुल्य श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। ऐसे में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों के साथ मास्क की अनिवार्यता मंदिर प्रांगण में पूर्ण रूप से लागू हो, ताकि सभी की बेहतरी का ख्याल रखा जा सके। साथ हीं उपायुक्त ने शीघ्र दर्शन कूपन काउंटर की व्यवस्था व मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को दिन प्रतिदिन और भी बेहतर करने का निर्देश दिया गया। साथ ही उपायुक्त ने शीघ्र दर्शनम सुविधा हेतु व्यवस्थित कतार को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया।

*श्रद्धालुओं को न हो पेयजल व शौचालय से जुड़ी समस्या

इस दौरान विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि क्यू काॅम्प्लैक्स, रूट लाईन, बीएड काॅलेज क्षेत्र में पेयजल व साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ शौचालय में हाथ धोने हेतु साबुन की समुचित व्यवस्था करने का निदेश दिया। इसके अलावे निरीक्षण के क्रम में पुलिस अधीक्षक श्री धनंजय कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। साथ ही आवश्यक सुरक्षा बिंदुओं की वस्तुस्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने अतिरिक्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति को लेकर विभाग को पत्राचार करने का निर्देश दिया।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे नगर आयुक्त श्री शैलेंद्र कुमार लाल, बाबा मंदिर प्रभारी सह अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिनेश यादव, प्रशिक्षु आईएएस श्री अनिकेत सच्चान, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री पवन कुमार, एनडीसी श्री परमेश्वर मुंडा, गोपनीय प्रभारी श्री विवेक मेहता, संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, सहायक नाजिर समीर चैबे एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

 श्री अमित शाह ने गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर मिट्टी के कुल्हड़ों से बने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के भित्ति चित्र का अनावरण किया

New Delhi, 2975 लाल रंग की ग्लेज्ड मिट्टी के कुल्हड़ों से दीवार पर बना 100 वर्ग मीटर भित्ति चित्र भारत में अपनी तरह का केवल दूसरा और गुजरात में पहला है

स्मारक भित्ति चित्र देशभर से एकत्र की गई मिट्टी से बनाया गया है और इसमें इस्तेमाल किए गए कुल्हड़ KVIC की “कुम्हार सशक्तिकरण योजना” के तहत प्रशिक्षित 75 कुम्हारों द्वारा बनाए गए हैं

30 जनवरी को, 1857 से लेकर 1947 तक आज़ादी के आंदोलन में जिन लोगों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी स्मृति में पूरा राष्ट्र आज शहीद दिवस मनाता है

यह वर्ष हमारी आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है और 75वें साल को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अत्यंत उत्साह के साथ मनाने का निर्णय लिया

इस निर्णय के पीछे दो उद्देश्य हैं- पहला, नई पीढ़ी को आज़ादी के संग्राम – 1857 से 1947 तक की लड़ाई के हर संघर्ष के महत्व के बारे में बताया जाए और आज़ादी के लिए जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, अपार यातनाएं सहीं, उनके संघर्ष की जानकारी भी नई पीढ़ी तक पहुंचा कर राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक संकल्प नई पीढ़ी के मन में जागृत किया जाए

दूसरा उद्देश्य- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने एक विचार रखा है कि हम आज आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और जब आज़ादी के 100 साल होंगे, तब हर क्षेत्र में भारत कहां होगा, उसका लक्ष्य तय करना है और उसका संकल्प लेना है

आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष संकल्प लेने का वर्ष है और 75वें साल से 100 साल तक की हमारी यात्रा, संकल्प यात्रा है जिसमें हमें अपने लक्ष्य तय करने हैं और भारत की जनता को उन लक्ष्यों की सिद्धि के लिए तैयार भी करना है

बापू ने ना सिर्फ आज़ादी की लड़ाई की शुरूआत की, बल्कि आज़ादी की लड़ाई में, स्वराज की लड़ाई के दौरान कई ऐसे विचार रखे जो आज़ादी पाने के लिए तो ज़रूरी थे ही, परंतु आज़ादी के बाद भारत के पुनर्निर्माण के लिए भी आवश्यक है

स्वदेशी, स्वभाषा, सत्याग्रह, प्रार्थना, उपवास, साधनशुद्धि, अपरिग्रह, सादगीयह सिद्धांत गांधीजी ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान देश की जनता के भीतर सींचे और इनके आधार पर ही भारत के पुनर्निर्माण की शुरूआत हुई

दुर्भाग्य की बात थी कि अनेक सालों तक बापू की तस्वीर को तो श्रद्धांजलि दी गई, प्रवचनों में बापू का जिक्र तो हुआ, किंतु खादी, हस्तशिल्प, स्वभाषा के उपयोग और स्वदेशी की बात को भुला दिया गया

श्री नरेन्द्र मोदी ने देश का प्रधानमंत्री बनने के बाद बापू के इन सारे सिद्धांतों को पुनर्जीवित करने का काम किया

आज़ादी के अमृत महोत्सव में नई शिक्षा नीति लाई गई, जिसने ये बताया कि ज्ञान पाने के लिये स्वभाषा से मजबूत और कोई साधन नहीं हो सकता, भारतीय भाषाएं सदैव विश्व के विकास में योगदान दे सकें, ऐसी व्यवस्था नई शिक्षा नीति में भारत के प्रधानमंत्री ने की

मेक इन इन्डिया, आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकलस्वदेशी की नई परिभाषा है, भारत के आर्थिक उत्थान के लिए आत्मनिर्भरता की कल्पना, भारत को विश्व में उत्पादन का केन्द्र बनाने की कल्पना और 130 करोड़ भारतीय, भारतीय उत्पादों का ही इस्तेमाल करें, ऐसा आग्रहयह तीनों बातें बापू के स्वदेशी के सिद्धांत से ही निकली हुई हैं

खादी को पुनर्जीवित करने का काम भी देश के प्रधानमंत्री ने किया है, जब श्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तभी से उन्होंने खादी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने का काम शुरू किया

मैं गुजरात की जनता से अपील करता हूं कि आप अपने घर और जीवन में ज़्यादा से ज़्यादा खादी का इस्तेमाल करें

खादी का उपयोग सिर्फ गरीब व्यक्ति के रोजगार का साधन है, बल्कि देश के स्वाभिमान का प्रतीक है और महात्मा गांधी ने आज़ादी के आंदोलन के समय खादी का विचार, विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार से शुरू किया था और वो विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है

खादी के इस विचार को, स्वदेशी के विचार को और स्वभाषा को सम्मान देने का कार्य देश के प्रधानमंत्री और गुजरात के सुपुत्र श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया, विश्व के किसी भी मंच पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी हिन्दी में ही बोलते हैं

अपनी भाषा को जानते ही बच्चा अपनी संस्कृति और भारत के इतिहास के साथ अपना नाता जोड़ लेता है और जब एक बच्चा अपनी भाषा से रिश्ता तोड़ लेता है, तब भारतीय संस्कृति और भारत के इतिहास से भी उसका रिश्ता तूट जाता है

स्वभाषा को मजबूत बनाने की नींव श्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में रखी है और मुझे विश्वास है कि देश जब आज़ादी की शताब्दी मना रहा होगा, तब निश्चय ही हर भारतीय भाषा का गौरव शीर्ष पर होगा

आज महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का एक बहुत सुंदर कार्यक्रम खादी ग्रामोद्योग आयोग ने किया है जिसमें कुल्हड़ों से बना महात्मा गांधी का भित्ति चित्र दर्शाया गया है और इसके लिए जगह भी ऐसी चुनी गई है कि ज्यादा से ज्यादा युवा और बच्चे यहां आते हैं और महात्मा गांधी के संदेश के साथ ही खादी और स्वदेशी का संदेश भी उन तक पहुंचेगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए संबद्ध व्यवसाय किस तरह से बढ़ाने हैं, इस पर काफी जोर दिया है

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवरफ्रंट पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के कुल्हड़ों से बने भित्तिचित्र का अनावरण किया। श्री अमित शाह ने प्रशिक्षित कुम्हारों और मधुमक्खी पालकों को 200 इलेक्ट्रिक पॉटर व्हील और 400 मधुमक्खी बक्से भी वितरित किए। स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 74वीं शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) द्वारा ये भित्ति चित्र तैयार किया गया है। 2975 लाल रंग की ग्लेज्ड मिट्टी के कुल्हड़ों से दीवार पर बना 100 वर्ग मीटर भित्ति चित्र भारत में अपनी तरह का केवल दूसरा और गुजरात में पहला है। स्मारक भित्ति चित्र देशभर से एकत्र की गई मिट्टी से बनाया गया है और इसमें इस्तेमाल किए गए कुल्हड़ KVIC द्वारा “कुम्हार सशक्तिकरण योजना” के तहत प्रशिक्षित 75 कुम्हारों द्वारा बनाए गए हैं। इस अवसर पर केन्‍द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री नारायण राणे, केन्‍द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री श्री भानु प्रताप सिंह वर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र पटेल समेत अनेक गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।


इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज 30 जनवरी बापू का भी स्मृति दिन है, इसीलिए 30 जनवरी को 1857 से लेकर 1947 तक आज़ादी के आंदोलन में जिन लोगों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उनकी स्मृति में पूरा राष्ट्र आज शहीद दिवस मनाता है। आज के दिन ही साबरमती के जिस तट पर बापू ने आज़ादी के आंदोलन का आयोजन किया, उसी तट से आज उनके दिए आत्मनिर्भरता के मंत्र को साकार करते हुए मिट्टी के कुल्हड़ों से तैयार भित्ति चित्र के उदघाटन का कार्यक्रम आयोजित हुआ है और बापू को इससे बड़ी श्रद्धांजलि नहीं हो सकती। श्री शाह ने कहा कि इस स्मृति दिन पर इस श्रद्धांजलि का एक और भी महत्व है कि यह वर्ष हमारी आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है। देश की आज़ादी का 75वां साल है और 75वें साल को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अत्यंत उत्साह के साथ मनाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के पीछे दो उद्देश्य हैं- पहला, नई पीढ़ी, जो भविष्य के भारत की रचना करेगी, उन्हें आज़ादी के समग्र संग्राम – 1857 से 1947 तक की लड़ाई के हर संघर्ष के महत्व के बारे में बताया जाए और आज़ादी के लिए जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया और अपार यातनाएं भुगतीं, उनके संघर्ष की जानकारी भी नई पीढ़ी तक पहुंचा कर राष्ट्र के पुनर्निर्माण का एक संकल्प नई पीढ़ी के मन में जागृत किया जाए। दूसरा उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने एक विचार रखा है कि हम आज आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और जब आज़ादी के 100 साल होंगे, तब हर क्षेत्र में भारत कहां होगा, उसका लक्ष्य तय करना है और उसका संकल्प लेना है। 25 साल बाद आज़ादी के 100 साल पूरे होने पर आर्थिक, रोजगार, शिक्षा के क्षेत्रों में कौन-कौन से लक्ष्य सिद्ध करने हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रमें भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान पर स्थापित करने के लिए क्या संकल्प लेना है, पर्यावरण जागरुकता और  पूरी पृथ्वी

के वातावरण को अच्छा रखने के लिए भारत का क्या योगदान रहेगा, इन सारे क्षेत्रों में भारत की आज़ादी के  100 साल पूरे होने पर हम कहां

होंगे और वहां पहुंचने के लिए हमें आज क्या संकल्प करना है, उसका निर्णय करना है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि ये आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष संकल्प लेने का वर्ष है और 75वें साल से 100 साल तक की हमारी यात्रा, संकल्प यात्रा है जिसमें हमें अपने लक्ष्य तय करने हैं और भारत की जनता को उन लक्ष्यों की सिद्धि के लिए तैयार भी करना है। महात्मा गांधी के स्मृति दिन पर साबरमति रिवरफ्रन्ट पे साबरमति नदी में बहते हुए नर्मदा के जल को देखते हुए ये विचार आ रहा है कि बापू ने उस जमाने में कैसे माहौल में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई शुरू की होगी। एक निशस्त्र व्यक्ति जब अंग्रेजों के पूरे साम्राज्य को उखाड़ फेंकने का संकल्प करता है, उस संकल्प की शक्ति कहां से आई होगी, वह हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत है। बापू ने ना सिर्फ आज़ादी की लड़ाई की शुरूआत की, बल्कि आज़ादी की लड़ाई में, स्वराज की लड़ाई के दौरान कई ऐसे विचार रखे जो आज़ादी पाने के लिए तो ज़रूरी थे ही, परंतु आज़ादी के बाद भारत के पुनर्निर्माण के लिए भी आवश्यक है। स्वदेशी, स्वभाषा, सत्याग्रह, प्रार्थना, उपवास, साधनशुद्धि, अपरिग्रह, सादगी – यह सिद्धांत गांधीजी ने आज़ादी की लड़ाई के दौरान देश की जनता के भीतर सींचे और इनके आधार पर ही भारत के पुनर्निर्माण की शुरूआत हुई।

 

 

प्रधानमंत्री ने महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया

New Delhi,प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने महात्मा गांधी को उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। आज शहीद दिवस पर, प्रधानमंत्री ने उन सभी महान लोगों को भी श्रद्धांजलि दी है,जिन्होंने साहसपूर्वक हमारे देश की रक्षा की।

प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा;

“बापू को उनकी पुण्य तिथि पर स्मरण कर रहा हूँ। उनके महान आदर्शों को और लोकप्रिय बनाना, हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए।

आज शहीद दिवस पर, उन सभी महान लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, जिन्होंने साहसपूर्वक हमारे देश की रक्षा की। उनकी सेवा और बहादुरी को हमेशा याद किया जाएगा।”

राज्यपाल श्री रमेश बैस एवं मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया

रांची  (Divya Rajan) – 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर सर्वोदय आश्रम (तिरिल, धुर्वा) स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर राज्यपाल श्री रमेश बैस एवं मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित की।  राज्यपाल श्री रमेश बैस ने कहा कि देश की आजादी के लिए कई आंदोलन हुए , लेकिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य एवं अहिंसा के रास्ते पर चलकर  देश को आज़ादी दिलाई।  बापू ने सत्य एवं अहिंसा के रास्ते पर चलने का मंत्र पूरा विश्व को दिया । उन्होंने कहा कि आज हम  खुले आसमां में सांस ले रहे हैं, इसमें  बापू का सबसे अहम योगदान  है।

 मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि समाज में हिंसा का कोई स्थान नहीं है, इसकी प्रेरणा बापू ने देशवासियों को दी है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की बदौलत दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र वाला देश भारत  है। ऐसे महापुरुषों का मार्गदर्शन निश्चित रूप से किसी भी राष्ट्र के लिए वरदान होता है। आज हमसभी बापू को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन कर रहे हैं।

 मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त श्री नितिन मदन कुलकर्णी, उपायुक्त रांची श्री छवि रंजन, एसएसपी रांची श्री सुरेंद्र कुमार झा, सर्वोदय आश्रम के संरक्षक श्री अभय कुमार चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सभी बिरसा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराएँ – श्री बादल, कृषि मंत्री

*हर दो पंचायत पर एक लैम्प-पैक्स की उपलब्धता करें सुनिश्चित

रांची,   माननीय कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि राज्य के सभी बिरसा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराना  है। सभी बिरसा कृषक चाहे वे पी.एच कार्ड, हरा राशन कार्ड, सफेद राशन कार्ड धारक हों अथवा बटाईदार हों उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़कर लाभांवित कराना हमारा लक्ष्य है। श्री बादल ने कहा कि बैंक से सामंजस्य स्थापित कर अधिक से अधिक जरूरतमंद कृषकों को इसका लाभ दिलवाएं, बेवजह किसी का आवेदन बैंक द्वारा रिजेक्ट न किया जाए। वे आज नेपाल हाउस में आयोजित प्रमण्डलस्तरीय समीक्षा बैठक में दक्षिण छोटानागपुर प्रमण्डल के विभिन्न जिलों के उपायुक्तों के साथ कृषि विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

श्री बादल ने कहा कि राज्य में हर दो पंचायत पर एक धान अधिप्राप्ति केंद्र खोला जाए तथा उसे लैंप्स पैक्स से जोड़ा जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था कराई जाए जिससे किसानों को उनके आवास के निकट ही धान के सैंपल को चेक किया जा सके। श्री बादल ने कहा कि मत्स्य उत्पादन के लिये तालाबों की नीलामी में पारदर्शिता लाई जाए जिससे इसमें अधिक लोग शामिल हो सकें। अधिक लोगों के शामिल होने से सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी ।

माननीय मंत्री ने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिये नए तालाबों के निर्माण के साथ-साथ पुराने तालाबों के जिर्णोद्धार पर भी विशेष ध्यान देना है। डोभा निर्माण एवं डीप बोरिंग सिस्टम की व्यवस्था भी किसानों को कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पशुधन योजना से लोगों को जोड़ें जिससे कृषकों के सर्वांगीण विकास में सहायता प्राप्त होगी।

उपायुक्तों द्वारा कृषि विभाग में मैन पावर की कमी कि ओर विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया गया जिस वजह से योजनाओं को मूर्त रूप देने में समस्या आ रही है। इसपर कृषि सचिव ने कहा कि नियमावली के अनुसार ऑऊटसोर्स से भी मैनपॉवर बहाल कर लें एवं झारखण्ड बनने के बाद के जो नए जिले बने हैं वे कृषि विभाग के सैंक्सन पद हेतु आवेदन मुख्यालय को उपलब्ध करा दें।

समीक्षा बैठक में कृषि निदेशक श्रीमती निशा उरांव, पशुपालन निदेशक श्री शशिप्रकाश झा, मत्स्य निदेशक श्री एच.एन.द्विवेदी, सहकारिता निबंधक श्री मृंत्यजंय वर्णवाल, समिति निदेशक श्री सुभाष सिंह एवं विशेष सचिव श्री प्रदीप हजारे सहित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

अपर समाहर्ता ने टीबी जागरूकता रथ को किया रवाना

पिरामल स्वास्थ्य द्वारा 100 दिनों तक रामगढ़ जिले के गोला एवं

पतरातू प्रखंड में चलाया जाएगा  जागरूकता एवं जांच अभियान

 

रामगढ़, भारत सरकार के निर्देश पर टीबी रोग उन्मूलन हेतु देशभर के 100 अनुसूचित जनजाति बहुल जिलों में संचालित 100 दिन का 100 जिला अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिले के अपर समाहर्ता श्री नेल्सम एयोन बागे द्वारा समाहरणालय परिसर से फीता काटकर के उपरांत जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

100 दिन 100 जिला अभियान के तहत पीरामल स्वास्थ्य द्वारा रामगढ़ जिले के गोला एवं पतरातू प्रखंड में बृहद रूप से लोगों को टीवी रोग एवं कोरोना टिकाकरण के फायदों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस दौरान टीम के द्वारा गांव स्तर पर टीबी के संभावित मरीजों की सक्रिय खोज अभियान के माध्यम से पहचान करने के उपरांत संबंधित मरीज के लक्षणों के आधार पर बलगम की जांच की जाएगी। रोग की पुष्टि होने के उपरांत मरीज को स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क रूप से टीबी का उपचार प्रदान किया जाएगा एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।

टीबी जैसे संक्रामक रोग को फैलने से रोकने हेतु पिरामल स्वास्थ्य द्वारा विशेष पहल करते हुए मरीज के घर पर ही उसके जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही जागरूकता वाहन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच कोरोना टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का कार्य किया जा रहा है एवं उन्हें अनिवार्य रूप से कोरोना का टीका लेने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पिरामल स्वास्थ्य से डॉक्टर अजय नारायण दुबे द्वारा बताया गया कि जागरूकता कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावशाली लोगों, जनप्रतिनिधियों एवं परंपरागत चिकित्सकों की भी सहायता ली जाएगी।

गौरतलब हो कि भारत सरकार द्वारा 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। इसी उद्देश्य से देशभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों एवं अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए लोगों को जागरूक एवं संभावितों की जांच की जा रही है।

इस दौरान सिविल सर्जन रामगढ़ डॉ प्रभात कुमार, जिला यक्ष्मा नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर स्वराज, डीपीएम एनएचएम श्री देवेंद्र भूषण श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम समन्वयक श्री रंजीत कुमार, पिरामल स्वास्थ्य से जिला समन्वयक डॉ अजय नारायण दुबे, श्री अनूप सिंह, श्री सुभाष कुमार एवं कीर्ति कुमार वार्ष्णेय सहित अन्य उपस्थित थे।

किसानों के लिये चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ससमय दिलाना प्राथमिकता – श्री बादल

कृषि मंत्री ने की प्रमण्डीय स्तरीय समीक्षा बैठक

केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिये चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं को ससमय पूरा करायें ताकि किसानों को उन योजनाओं का लाभ मिल सके। इन योजनाओं को धरातल पर उतराने हेतु विभिन्न आयामों का प्रयोग करते हुये योजनाओ को पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उक्त निदेश कृषि मंत्री श्री बादल ने वीडियो कॉन्फ्रसिंग के माध्यम से पलामू, लातेहार एवं गढ़वा उपायुक्त एवं कृषि विभाग के पदाधिकारियों को दी। वे आज नेपाल हाउस में आयोजित प्रमण्डीय स्तरीय समीक्षा बैठक में पलामू प्रमण्डल में कृषि विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

कृषि ऋण माफी सरकार की प्राथमिकता

कृषि मंत्री श्री बादल ने अधिकारियों निदेश दिया कि कृषि ऋण माफी योजना में लाभुकों के चयन में तेजी लायें ताकि अधिक से अधिक किसानों का ऋण माफ किया जा सके। उन्होंने निदेश दिया कि इस कार्य को अभियान चलाकर पूरा करें।

योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें

कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी किसानों तक पंहुचे, इस हेतु प्रयास करें। प्रत्येक प्रखण्ड में योजनाओं की जानकारी दें। इसके लिये प्रखण्ड के प्रमुख स्थानों को चिहिन्त करें एवं वहां पर फ्लैक्स लगाकर सरकार द्वारा किसानों के लिये चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओ की जानकारी दें। जिला,प्रमण्डल एवं प्रखण्ड स्तर पर कृषि विभागों के भवनों के दीवारों पर दीवार लेखन कर योजनाओं की जानकारी दे सकतें हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि कोविड गाईडलाईन का पालन करते हुये  स्थानीय कलाकारों का सहयोग लेकर नुक्कड़-नाटक के माध्यम से भी लोगों को योजनाओं की जानकारी दे सकते हैं। इस तरह से प्रचार-प्रसार होने से अधिक से अधिक किसान योजनाओं के प्रति जागरुक होकर उन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

बीज वितरण का कार्य ससमय सुनिश्चित करें

समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि बीज वितरण का कार्य ससमय सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन प्रमण्डल में जिस बीज की मांग अधिक है उसे ध्यान में ही रखकर बीज वितरण कार्य किया जाये। बैठक में बतलाया गया कि लातेहार में 7 दाल मिल, पलामू में 8 और गढ़वा मे 7 दाल मिल लगाया जायेगा। कृषि मंत्री ने पलामू उपायुक्त को निदेश दिया कि पलामू का दाल कॉफी प्रसिद्ध है इसे विदेशों तक पंहुचायें और इस कार्य में विभाग पूरी मदद करेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना को धरातल पर उतारने के जिसे उसके विभिन्न आयामों को पूराकर इस योजना को शत-प्रतिशत पूरा करायें।

केसीसी कार्ड बनाने में तेजी लायें

कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि राज्य के सभी किसानों का केसीसी कार्ड बनना हैं। उन्होंने पलामू प्रमण्डल के सभी उपायुक्तों को निदेश दिया कि पलामू प्रमण्डल में सभी किसानों का केसीसी कार्ड बनना है इसे सुनिश्चित करें। इस कार्य के लिये बैंक के साथ बात करें साथ ही उन्हें जल्द से जल्द इस कार्य मे तेजी लाने का निदेश दें।

कृषि विभाग सुझावों पर करेगा अमल

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में तीनों जिले ने लक्ष्य के विरुद्ध काफी कम प्रगति की है इसे जल्द से जल्द पूरा करायें। मिट्टी संरक्षण योजना में तालाबों के जीर्णोंद्धार का काम जल्द से जल्द पूरा करायें साथ ही डीप बोरिंग का काम पूरा करायें। बैठक में कृषि मंत्री ने तीनों जिलों के उपायुक्तों से सुझाव मांगा कि तालाब जीर्णोंद्धार योजना के लक्ष्य को बढ़ाया जाये या नहीं। सभी उपायुक्तों ने कहा कि जितने तालाब मिले है उससे ज्यादा लाभुक हो जाते हैं, अतः लक्ष्य बढ़ाने से ही अधिक से अधिक लाभुकों को ही इसका लाभ मिलेगा।

प्रत्येक पंचायत स्तर पर बनाई जाये मत्स्य सहयोग समिति

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं फीड बेस्ड फिशरीज योजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई जिसमें केज कल्चर को बढ़ावा देने पर विचार किया गया। इस चर्चा में कृषि मंत्री ने निदेश दिया कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर मत्स्य सहयोग समिति बनाई जाये  साथ ही माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता एवं विभागीय मंत्री की उपाध्यक्षता में राज्य में वन एवं कृषि उपज को बढ़ाव देने एवं उचित बाजार उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तरीय सिदो-कान्हू सहकारी समिति एवं जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सहकारी समिति के गठन का निर्णय लिया। जिला स्तरीय सहकारी समिति के सदस्यों का चयन मनोनयन/चुनाव हेतु अविलंब आवश्यक कार्रवाई करने का निदेश सभी उपायुक्तों को दिया।

पलामू एवं लातेहार पशुपालन पदाधिकारी को शॉ-काज

मुख्यमंत्री पशुधन योजना की समीक्षा में पलामू एवं लातेहार जिला द्वारा लक्ष्य के विरुद्ध कम लाभुकों को गाय वितरित करने पर कृषि मंत्री ने दोनो जिलों के जिला पशुपालन पदाधिकारी को शॉ-काज करने का निदेश दिया। साथ ही पलामू प्रमण्डल के तीनों जिलों के जिला पशुपालन पदाधिकारी को निदेश दिया कि सुकर पालन,बकरा पालन,ब्रायलर-कुकुक्ट पालन, बत्तख पालन में शत-प्रतिशत लाभुकों का चयन कर येाजना को पूर्ण करें ।

अधिक से अधिक लाभुकों को लाभ दिलाना प्राथमिकता

कृषि सचिव श्री अबु बकर सिद्दकी ने पलामू प्रमण्डल के उपायुक्तों एवं कृषि विभाग के पदाधिकारियों को निदेश दिया कि कृषि विभाग चलाई जा रही योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लेकर इसे पूर्ण करायें ताकि अधिक से अधिक लाभुकों को इसका लाभ मिल सके। इस दिशा में विभाग का पूरा सहयोग मिलेगा। हमारी प्राथमिकता अधिक से अधिक लाभुकों को लाभ दिलाना हैं ।

समीक्षा बैठक में कृषि निदेशक श्रीमती निशा उरांव, पशुपालन निदेशक श्री शशिप्रकाश झा,मत्स्य निदेशक श्री एच.एन.द्विवेदी, सहकारिता निबंधक श्री मृंत्यजंय वर्णवाल, समिति निदेशक श्री सुभाष सिंह एव विशेष सचिव श्री प्रदीप हजारे सहित विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कानून व्यवस्था परअधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रांची, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं हर हाल में अपराध रोकने का निर्देश पुलिस पदाधिकारियों को दिया है। उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस पेशेवर अपराधियों को चिन्हित कर उनसे सख्ती से निपटने का कार्य करे। राज्य में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस संवेदनशील और तत्पर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की अहम जिम्मेदारी है। अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था के सख्त होने से राज्य में चल रहे विकास कार्यों की गति बढ़ेगी तथा योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने रांची के मोरहाबादी मैदान में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मोरहाबादी घटना में शामिल अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नही जाना चाहिए जाए। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी-कार्रवाई सुनिश्चित हो।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, डीजीपी श्री नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव-सह-गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, नगर आयुक्त श्री मुकेश कुमार, एसएसपी रांची श्री सुरेंद्र कुमार झा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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सोलर पावर प्लांट के माध्यम से रोशन हो रहे दुर्गम गांव

*246 गांवों में सोलर पावर प्लांट से पहुंची बिजली

*साहेबगंज के बरहेट स्थित चपेल पहाड़, बास्को पहाड़ और टेंगरा पहाड़ गांव हुए रोशन

*हजारीबाग का इचाक, चतरा के सिमरिया के एक-एक गांव एवं सिमडेगा के चार गांवों को सौर ऊर्जा से

आच्छादित करने का कार्य जारी

रांची, सौर ऊर्जा से झारखण्ड के सुदूर और दुर्गम स्थानों पर स्थित गांव अब रोशनी से जगमग हो रहे हैं। झारखण्ड राज्य के ये वैसे गांव हैं, जहां ग्रिड के माध्यम से विद्युतीकरण संभव नहीं हो पाया था। अंततः  कुल 246 गांवों में सोलर पावर प्लॉट (मिनी और माइक्रो), सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम से विद्युतीकरण किया गया है। वहीं वैसे अविद्युतीकृत घर, जिसके रहवासी विद्युत से वंचित रह गये थे, ऐसे 209 गांवों में क्रमश: 3494 एवं 4245 अविद्युतीकृत घरों अर्थात कुल 7740 घरों को सोलर स्टैण्ड ऍलोन सिस्टम से विद्युतीकृत किया गया है।

चिह्नित हुए गांव, पहुंची बिजली

झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा वैसे सुदूरवर्ती गांवों को चिह्नित किया गया, जहां अबतक पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति या दुर्गम पहाड़ियों एवं वनों से आच्छादित होने के कारण पारंपरिक ऊर्जा स्रोत से विद्युत आपूर्ति बहाल करना वित्तीय एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से व्यवहार्य नहीं था। ऐसी स्थिति में वैसे गांवों को सोलर एनर्जी के माध्यम से विद्युतीकृत किया गया, जिससेे न सिर्फ उक्त ग्रामों की ऊर्जा की आवश्यकता को पूर्ण किया जा सका, बल्कि ऐसे गांवों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने हेतु ग्रामीण औधोगिकीकरण की संभावनाओं को देखते हुए विद्युत की आवश्यकता को पूर्ण किया जा रहा है।

इस लक्ष्य से कार्य कर रही सरकार

राज्य सरकार का लक्ष्य हरेक गांव, कस्बों, टोलों का विद्युतीकरण  करना है। कई गांवों में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण परंपरागत विद्युत आपूर्ति तकनीकी और व्यावहारिक रूप से सहज नहीं है। ऐसे में सरकार का मानना है कि वहां अक्षय ऊर्जा परियोजना स्थानीय जरूरतों के अनुरूप एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। ऐसे गांवों या कस्बों को 100 प्रतिशत सब्सिडी के तहत स्थापित मिनी ग्रिड अथवा सोलर स्टैंड एलोने होम लाइटिंग सिस्टम के जरिए विद्युतीकृत करने की योजना पर कार्य हो रहा है, जिससे हर गरीब के घर तक बिजली पहुंच सके।

दो माध्यम से हो रहा विद्युतीकरण

सरकार दो माध्यम से सुदूरवर्ती गांवों को रोशन कर रही है।पहला सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम के जरिये 50 से कम घर होने अथवा गांव की भौगोलिक स्थिति में गांव का विस्तार, ग्रामीण जनसंख्या का घनत्व विभिन्न टोलों में बांटकर दूर दूर होने की स्थिति में उस ग्राम को सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम के माध्यम से विद्युतीकृत किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत प्रत्येक घर में 200-250 वाट का मॉड्यूल 9 वाट के 4 अदद एल.ई.डी. लाईट, 1 अदद डी०सी० पंखा उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही एक मोबाईल चार्जिंग प्वाइंट एवं 1 एल.ई.डी. टी०वी० हेतु उपयुक्त क्षमता के पावर प्वाईंट की व्यवस्था के साथ विद्युतकृत किया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त यदि ग्राम में सामुदायिक भवन अथवा विद्यालय उपलब्ध है, तो उसमें भी उपयुक्त क्षमता के अनुसार सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम के माध्यम से विद्युत आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है। प्रत्येक 10 घरों की आबादी पर एक अदद 12 वाट एल.ई.डी. सोलर स्ट्रीट लाईट लगाकर गांव की गलियों को रोशन किया जायेगा। दूसरा, मिनी/माईक्रो ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट के तहत घरों की संख्या 50 से अधिक होने पर एवं ग्राम का वास्तविक फैलाव, आबादी का घनत्व सघन होने की स्थिति में उस ग्राम को मिनी, माईक्रो ग्रिड सोलर पावर प्लांट के माध्यम से प्रत्येक घर में 200-250 वाट क्षमता का विद्युत लोड निर्धारित करते हुए पोल एवं तार के माध्यम से प्रत्येक घर में विद्युत आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है।

ये गांव हुए रोशन

साहेबगंज के बरहेट स्थित चपेल पहाड़, बास्को पहाड़ और टेंगरा पहाड़ स्थित गांव सौर ऊर्जा से रोशन हो चुके हैं।  वहीं पतना प्रखंड के छः गांवों में सौर ऊर्जा का कार्य जारी है। जबकि हजारीबाग के इचाक, चतरा के सिमरिया के एक-एक गांव एवं सिमडेगा के चार गांवों को सौर ऊर्जा से आच्छादित करने का कार्य जारी है।

पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मोदी विरोध करते-करते देश विरोधी हो गए – नकवी

नई दिल्ली (आरएनएस) । पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा विवादित बयान दिए जाने को लेकर भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी विरोध अब देश विरोध में बदल चुका है। जो लोग अल्पसंख्यक वोटों का फायदा उठाते थे वे अब देश में मौजूदा सकारात्मक माहौल को लेकर चिंतित है। बुधवार को 26 जनवरी के मौके पर हामिद अंसारी ने एक अमेरिकी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाए और कहा कि देश में नागरिक राष्ट्रवाद को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में बदलने की कोशिश हो रही है। हामिद अंसारी के इन बयानों पर भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने पलटवार करते हुए कहा कि मोदी का विरोध करते करते देश विरोधी हो गए।अमेरिकी संस्था भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद द्वारा आयोजित वर्चुअल पैनल चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हिंदू राष्ट्रवाद के उदय के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के वर्षो में हमने देखा है कि नागरिक राष्ट्रवाद को ख़त्म कर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और एकाधिकार वाली राजनीतिक शक्ति की आड़ में चुनावी बहुमत पेश करने की कोशिश हो रही है। इन्हीं वजहों से असहिष्णुता, अन्याय, अशांति और असुरक्षा को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया जा रहा है और ये लोग चाहते हैं कि नागरिकों को उनकी आस्था के आधार पर बांट दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे ट्रेंड्स से क़ानूनी और राजनीतिक रूप से लडऩे की जरूरत है।अमेरिकी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हामिद अंसारी के द्वारा दिए गए इन बयानों को लेकर भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने जोरदार पलटवार करते हुए हमला बोला। नकवी ने कहा कि मोदी विरोध अब देश विरोध में बदल चुका है। जो लोग अल्पसंख्यक वोटों का फायदा उठाते थे, वे अब देश में मौजूदा सकारात्मक माहौल को लेकर चिंतित हैं।वहीं बिहार सरकार के मंत्री शाहनवाज हुसैन ने भी निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी से बड़ा इंसान मुसलमानों के लिए नहीं हो सकता, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पहले से कई विवादित बयान देते रहे हैं, जिस देश के लोगों ने बड़ा पद दिया उसके खिलाफ बात बर्दाश्त नहीं।

स्थानीय विस्थापितों को एक करोड़ रुपये तक की निविदा दे सेल – मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन

*बोकारो को एजुकेशन हब बनाने में सहयोग करे सेल – हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से भारतीय इस्पात प्राधिकरण (स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड, SAIL) की चेयरमैन श्रीमती सोमा मण्डल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल इंडिया की तर्ज पर सेल प्रबंधन भी स्थानीय विस्थापितों को एक करोड़ रुपये तक की निविदा में प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा राज्य सरकार बोकारो को एजुकेशन हब बनाना चाहती है। ऐसे में सेल पुराने स्कूल की आधारभूत संरचनाओं को राज्य सरकार को हस्तांतरित कर दें। ताकि इस दिशा में सरकार आगे कदम बढ़ा सके। सेल की चेयरपर्सन ने इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की बात मुख्यमंत्री से कही। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, उद्योग सचिव श्रीमती पूजा सिंघल उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने भारत के 73वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए दुनिया के नेताओं को धन्यवाद दिया

नईदिल्ली (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के 73वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए दुनियाभर के नेताओं को धन्यवाद दिया। नेपाल के प्रधानमंत्री के एक ट्वीट के जवाब में पीएम ने कहा कि आपके गर्मजोशी भरे अभिनंदन के लिए धन्यवाद पीएम शेर बहादुर देउबा। हमारी सदियों पुरानी मित्रता को और मजबूती देने के लिए हम मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
भूटान के पीएम के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं के लिए भूटान के प्रधानमंत्री को धन्यवाद। भारत भूटान के साथ अपनी अनूठी और पुरानी मित्रता को बहुत महत्व देता है। भूटान की सरकार और वहां के लोगों को ताशी डेलेक। हमारे संबंध और मजबूत बनें। श्रीलंका के पीएम के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि धन्यवाद प्रधानमंत्री राजपक्षे। यह साल विशेष है क्योंकि दोनों देश अपनी स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। हमारे लोगों के बीच संबंध और मजबूत हों, यही कामना है।
इजराइल के पीएम के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम नफ्ताली बेनेट, भारत के गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए आपका धन्यवाद। मुझे पिछले साल नवंबर में हुई मुलाकात याद है। मुझे विश्वास है कि भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी भविष्य में भी आगे बढ़ती रहेगी।

माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर संबोधन

प्यारे भाइयों एवं बहनों !

जोहार !

प्राकृतिक सौंदर्य एवं खनिज सम्पदा से सुशोभित, वीर सपूतों के संघर्ष एवं बलिदान से सिंचित संथाल परगना की इस सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक भूमि से मैं समस्त झारखण्डवासियों को 73 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देता हूँ तथा अभिनन्दन करता हूँ।

इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेदकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल सदृश्य राष्ट्र निर्माताओं के साथ-साथ झारखण्ड के सभी महान विभूतियों भगवान बिरसा मुण्डा, तिलका मांझी, वीर शहीद सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव, बहन फूलो-झानो, बीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, पाण्डेय गणपत राय एवं शहीद विश्वनाथ शाहदेव को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ।

आज के दिन मैं सेना के सभी जवानों तथा देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात अन्य सुरक्षा बलों को भी गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। यह उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं बलिदान का ही प्रतिफल है कि आज हम अमन और चैन की सांस ले पा रहे हैं।

आजादी की लड़ाई के समय हमारे पूर्वजों ने एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण का सपना देखा था, जो अपनों के द्वारा गणतांत्रिक पद्धति से शासित हो, जिसमें न तो आर्थिक विषमता हो और न ही सामाजिक पिछड़ापन। एक ऐसा राष्ट्र जहां सामाजिक न्याय, धार्मिक सद्भाव एवं सहिष्णुता जैसी उदार भावनायें प्रचलित हों। इन सपनों को साकार करने के लिए आज ही के दिन सन् 1950 में हमने अपने संविधान को लागू किया था और भारत एक गणतंत्र देश के रूप में विश्व के मानचित्र पर स्थापित हुआ था।

हमारी सरकार संविधान की भावनाओं के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास एवं जनता का अधिकतम कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा, लगन एवं तत्परता के साथ काम कर रही है।

हमने एक ऐसे झारखण्ड के निर्माण का सपना देखा है जो भय, भूख एवं भ्रष्टाचार के साथ-साथ अपराध एवं उग्रवाद से मुक्त हो, जहाँ कमजोर से कमजोर व्यक्ति की बातंे भी सत्ता के उच्च स्तर तक पहुँचे। जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति का अधिकार सुरक्षित हो सके और कोई भी व्यक्ति पिछड़ा न रहे तथा सबों को विकास का समान अवसर एवं अधिकार प्राप्त हो सके। विकास की इस यात्रा में हम सभी झारखण्ड वासियों की सहभागिता चाहते हैं।

हमारी सरकार ने अल्प समय में ही राज्य के कई क्षेत्रों में विकास के लिए गंभीर एवं सार्थक प्रयास किये हैं। सरकार द्वारा राज्य में बेरोजगारी दूर करने, आर्थिक सबलता प्रदान करने, प्रशासन एवं विकास की प्रक्रिया में आमजनों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। हम आप सबों के सहयोग से स्वच्छ, पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

 शिक्षा विकास का आधार है। मानव विकास एवं समाज में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम शिक्षा के प्रति सजग एवं संवेदनशील हंै। मुझे आप सबों को यह जानकारी देने में प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार द्वारा जारी किये गये शैक्षणिक सूचकांक में विगत एक वर्ष में राज्य को 29 अंको का फायदा हुआ है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है।

राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक विशेष पहल की गयी है। इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा 80 उत्कृष्ट विद्यालय, 325 प्रखण्ड स्तरीय लीडर स्कूल तथा 4,091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। संथाल परगना प्रमण्डल में 20 उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण हेतु लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इन विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी।

विगत 02 वर्षों से कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण हमंे विद्यालयों को बंद रखने हेतु बाध्य होना पड़ा है। महामारी में कमी होने की स्थिति में कक्षा 06 से 12 के विद्यालय खोले गये थे, परन्तु महामारी बढ़ने के कारण विद्यालयों को पुनः बन्द करना पड़ा है। महामारी की इस घड़ी में भी हमने अपने विद्यार्थियों के लिए  आॅनलाईन शिक्षा की व्यवस्था डीजी-साथ कार्यक्रम के तहत की है। इसके अतिरिक्त दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से भी पठन-पाठन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। लेकिन इससे काम नहीं चलेगा, हमें आॅन-लाईन शिक्षा को और सुगम एवं कारगर बनाने की आवश्यकता है।

राज्य में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा का परिणाम उत्साहवर्द्धक रहा है। मैट्रिक बोर्ड में 96 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की है, जबकि संथाल परगना प्रमण्डल में कुल 95 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है। यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्रतिशत रहा है। महामारी की कठिन घड़ी में इस बेहतरीन उपलब्धि के लिए मैं राज्य के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को बधाई देता हूं।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भाषाओं को ध्यान में रखते हुए मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था हेतु सामग्रियों को विकसित किया गया है। हमने विभिन्न जिलों के 250 विद्यालयों को विशेष रूप से चिन्ह्ति करते हुये प्रायोगिक तौर पर मातृभाषा आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की है। इस योजना के फलाफल के आधार पर अन्य विद्यालयों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जायेगा। इसका सीधा लाभ हमारे राज्य के उन बच्चों को मिलेगा जो मातृभाषा में पढ़ाई नहीं होने के कारण विद्यालय जाना छोड़ देते थे।

आप सब अवगत हैं कि संथाल परगना से मजदूरों का पलायन होता है। इन मजदूरों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ब्वअपक स्वबाकवूद के दौरान इन पर जो बीती वह पूरा देश जानता है। हम सब जानते हैं कि पलायन को पूर्णतः समाप्त नहीं किया जा सकता है। हम इनकी बेहतरी के लिए कुछ करना चाहते हैं। झारखण्ड के प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित प्रवास एवं प्रवासन हेतु “Safe and Responsible Migration Initiative”कार्यक्रम द्वारा प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पायलट-प्रोजेक्ट के रूप में दुमका, गुमला एवं पश्चिमी सिंहभूम में चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अगले 18 माह के अन्दर झारखण्ड से मजदूरों के प्रवास से जुड़ी सभी समस्याओं का अध्ययन करके एक ‘समग्र प्रवासन नीति’ तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं का निदान करने में सुविधा होगी।

असंगठित श्रमिकों का निबंधन कराने हेतु ई-श्रम पोर्टल Launch किया गया है। इस पोर्टल पर झारखण्ड राज्य  के कुल 80 लाख से अधिक श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है। इसके तहत निमार्ण कार्य करने वाले श्रमिक, घरेलु मजदूर, कृषि श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले एवं अन्य सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर सम्मिलित हो सकेंगे।

राज्य सरकार द्वारा वर्षों से लम्बित रहे रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने हेतु विभिन्न नियुक्ति नियमावलियों एवं परीक्षा संचालन नियमावलियों के गठन/संशोधन की कार्रवाई की गयी है। राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी में अधिक-से-अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न नियुक्ति/परीक्षा संचालन नियमावली अन्तर्गत अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थियों का मैट्रिक/10वीं कक्षा तथा इंटरमीडिएट/10$2 कक्षा झारखण्ड राज्य में अवस्थित मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों को स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा एवं परिवेश का ज्ञान होना भी अनिवार्य किया गया है। झारखण्ड राज्य की आरक्षण नीति से आच्छादित अभ्यर्थियों के मामले में इस प्रावधान को शिथिल किया गया है ताकि राज्य के आरक्षण नीति से आच्छादित होने वाले छात्रों का सरकार के अधीन नियोजन में दावा सुरक्षित रह सके। सेवा शत्र्त नियमावलियों के गठन एवं संशोधन के उपरांत अबतक 4,142 (चार हजार एक सौ बयालीस) रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है।

युवाओं को प्रशिक्षण देकर निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने HCL कम्पनी के साथ MOU किया है। इसके तहत् 12वीं पास छात्र एवं छात्राओं को आई॰टी॰ सेक्टर में रोजगार देने के लिए Placement Linked Training Programme TECHBEE से जोड़ा जाएगा। TECHBEE HCL में योग्य छात्र/छात्राओं का चयन कर उन्हें एक वर्ष की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के उपरांत प्रशिक्षित युवाओं को HCL में ही नौकरी मिल सकेगी।

झारखण्ड के आदिवासी युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करने हेतु राज्य सरकार द्वारा मरङ गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृति योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जनजाति के 10 (दस) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर इंग्लैंड और नाॅर्थन आयरलैण्ड में अवस्थित विश्वविद्यालयों/संस्थानों में कतिपय कोर्स में उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस वर्ष अनुसूचित जनजाति समुदाय के 07 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। भविष्य में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। एक छात्र पर लगभग एक करोड़ रुपये की राशि सरकार खर्च कर रही है।

राज्य अन्तर्गत निजी क्षेत्र में स्थापित कारखानों/उद्योगों/संयुक्त उद्यमों तथा पी॰पी॰पी॰ के तहत् संचालित परियोजनाओं में होने वाली नियुक्तियों में 75% आरक्षण स्थानीय युवाओं के लिए करने हेतु झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021 लागू किया गया है। हमारा यह प्रयास बेरोजगारी तथा पलायन की समस्या को कम करने में अत्याधिक सार्थक भूमिका निभाएगा।

हमने सर्वजन पेंशन योजना की शुरूआत की है, जो सरकार के कल्याणकारी दायित्वों के निर्वहन में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में मुझे यह जानकारी मिलती थी कि सीमित लक्ष्य के कारण लाखों की संख्या में जरूरतमंद वृद्धजनों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। यह देखकर मुझे पीड़ा होती थी और मैंने दो वर्ष पूर्व यह संकल्प लिया था कि अगर हमारी पार्टी की सरकार बनेगी तो हम इसका स्थायी निदान करेंगे। अब हमने यह निर्णय लिया है कि Tax-Net की श्रेणी में आने वालों को छोड़कर शेष सभी वृद्धजन इस योजना का लाभ पाने के पात्र होंगे। राज्य स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रारंभ किये गये “आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान इस योजना का लाभ तीन लाख से अधिक लोगों को दिया गया है।

क्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने एवं स्थानीय कलाकारों को मंच सुलभ कराने के उद्देश्य से दुमका में तेईस करोड़ रुपए की लागत से कंवेन्शन सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे मार्च, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। गोड्डा में अड़तीस करोड़ की लागत से नए समाहरणालय भवन का निर्माण पूर्णता की ओर है। जामताड़ा में ई0वी0एम0 मशीनों के उचित रख-रखाव हेतु वेयर हाउस के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

हमारा देश कृषि प्रधान देश है और कृषि इसकी अर्थव्यवस्था की नींव भी है। यहाँ कृषि केवल खेती करना नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक कला है।  राज्य में फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने एवं उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करने के लिए राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों की भूमि में कृषक पाठशाला स्थापित करने एवं इनकी परिधि में अवस्थित ग्रामों को बिरसा ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु  61 करोड़ रुपये की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना लागू की गयी है।

खरीफ विपणन मौसम 2020-21 के दौरान धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत  छः लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध छः लाख पच्चीस हजार मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है। विपणन मौसम 2021-22 में धान अधिप्राप्ति 15 दिसम्बर, 2021 से प्रारंभ कर दी गई है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसानों से अधिप्राप्त धान के 50 प्रतिशत मूल्य का भुगतान धान अधिप्राप्ति के साथ ही किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा किसानों को 110 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में मनरेगा अंतर्गत 885 लाख अनुमोदित मानव दिवस के विरूद्ध अब तक कुल 927 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। मनरेगा मजदूरों को दैनिक मजदूरी के रूप में 225/- रुपए का भुगतान किया जा रहा है। दैनिक मजदूरी के रूप में बढ़ी हुई राशि 27/- रुपए प्रति मानव दिवस के भुगतान हेतु अब तक राजकोष से कुल  250 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।

राज्य के करीब एक लाख अस्सी हजार सखी मंडलों को तीन हजार दो सौ करोड़ रुपए की राशि क्रेडिट लिंकेज के रूप में बैंक से उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्त हो रही है। सखी मंडल के 62 प्रकार के उत्पादों को विशेषकर सरसों तेल, साबुन, मसाले, हनी इत्यादि की बिक्री ‘‘पलाश ब्रांड‘‘ के रूप में की जा रही है। इस पहल से करीब 2 लाख ग्रामीण महिलाओं को लाभ हो रहा है। राज्य में अब तक 159 पलाश मार्ट स्थापित किए जा चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष में करीब 17 करोड़ का टर्न ओवर दर्ज किया गया है।

महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उनके कल्याण हेतु प्रतिबद्ध हमारी सरकार ने राज्य में हड़िया-दारू निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराकर समाज के मुख्य धारा में जोड़ने हेतु फूलो-झानो आशीर्वाद योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना अन्तर्गत चिन्हित् महिलाओं को आजीविका सशक्तिकरण के लिए 10 हजार रूपये ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। अब तक 14,000 से अधिक महिलाओं को हड़िया-दारू निर्माण एवं बिक्री कार्य से मुक्त कराकर आजीविका के अन्य साधनों से जोड़ा गया है।

हमारी सरकार द्वारा सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 तथा मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित राज्य के सभी लाभुक परिवारों को वर्ष में दो बार एक धोती/लुंगी तथा एक साड़ी दस रूपये प्रति वस्त्र की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक 51 लाख परिवारों को लाभान्वित किया गया है।

हमने कोरोना महामारी से निबटने के लिए पहले दिन से ही सतर्कता की नीति अपनाई और COVID-19 से बचाव हेतु सभी संभव कदम उठाये। राष्ट्रव्यापी LOCK DOWNके दौरान राज्य से बाहर फंसे अपने प्रवासी मजदूरों, कामगारों, छात्रों को सुरक्षित निकालने को प्राथमिकता दी। हमारी सरकार के लिए राज्य की जनता एवं उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। वर्तमान में कोरोना का नया स्वरूप ओमिक्रोन समस्त मानव जाति को फिर से चुनौती दे रहा है। लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना हमने सीखा ही नहीं है। सतर्क रहते हुए कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए हम तैयार हैं। हमने कोरोना के इस तीसरी लहर में समय से आवश्यक कदम उठाये हैं और राज्य की जनता की सुरक्षा हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किये हैं। कोरोना के इस तीसरी लहर के प्रसार को रोकने हेतु हमने सभी आवश्यक व्यवस्था की है।

राज्य के सभी चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी सम्पूर्ण समर्पण एवं सेवा भाव के साथ राज्य की जनता को इस आपदा से निजात दिलाने हेतु दिन-रात एक किये हुए हैं। उनके सेवा भाव का ही परिणाम है कि अब तक हमारा राज्य कोरोना के इस लहर को रोकने में कामयाब रहा है। कोरोना के विरूद्ध इस लड़ाई में हम तभी सफल हो सकते हैं, जब आपका सम्पूर्ण सहयोग सरकार को प्राप्त हो। आपसे अपेक्षा है कि कोरोना से बचाव हेतु सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पालन करंे और इस लड़ाई में हमारा साथ दें। आप लोगों को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने की हमारी कोशिशें लगातार जारी रहेंगी।

झारखण्ड को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने हेतु हमारी सरकार नई पर्यटन नीति, 2021 ले कर आई है। इस नीति का उद्देश्य राज्य को देश के पर्यटन मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि कराना, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए राज्य के लोगों के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदार बनाना है।  दुमका में 31 करोड़ रुपये की लागत से Cultural Museum के स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है।

दुमका जिलान्तर्गत सुन्दर जलाशय योजना के मुख्य नहर का लाईनिंग सहित पुनरूद्धार कार्य हेतु लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण हो जाने से लगभग 3,600 हेक्टयर खरीफ एवं 2,000 हेक्टेयर रब्बी फसल की सिंचाई क्षमता पुनर्बहाल हो जाएगी। मसलिया एवं रानेश्वर प्रखण्ड में अपेक्षित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु करीब बारह सौ करोड़ की लागत से मसलिया रानेश्वर मेगा लिफ्ट योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। शीघ्र ही इस योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।

जल ही जीवन है। राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प पर सरकार सतत् प्रयत्नशील है। वर्ष 2024 तक जल जीवन मिशन के तहत् राज्य के लगभग 59 लाख ग्रामीण परिवारों को कार्यरत नल (FHTC) के द्वारा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के लक्ष्य तय हैं। इस योजना के तहत हमारी सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में ग्रामीण जलापूर्ति हेतु कुल  पन्द्रह हजार करोड़ रुपए की लागत से करीब एकसठ हजार योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की है।

राज्य के विकास में पथों के महत्व को ध्यान में रखते हुए पथों का उन्नयन एवं विकास पर बल दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत 850 कि0मी0 पथ एवं 20 पुल निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में लगभग बाईस सौ कि0मी0 पथों के राईडिंग क्वालिटी में सुधार तथा मजबूतीकरण एवं लगभग छः सौ कि0मी0 पथों के चैड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य की स्वीकृति दी गई है।

ग्रामीण पथों के निर्माण एवं सुदृढीकरण की दिशा मे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। राज्य संपोषित सड़क निर्माण योजना एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-3 के अन्तर्गत लगभग पाँच हजार कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण करने का लक्ष्य है, जिसके विरूद्ध करीब अठारह सौ कि0मी0 की स्वीकृति दी जा चुकी है। दुर्गम एवं वन-आच्छादित जिलों में 776 कि0मी0 के अतिरिक्त सड़कों को स्वीकृत किया गया है। इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में 231 पुलों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 51 पुल अबतक पूर्ण किये जा चुके हैं।

क्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने एवं स्थानीय कलाकारों को मंच सुलभ कराने के उद्देश्य से दुमका में तेईस करोड़ रुपए की लागत से कंवेन्शन सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे मार्च, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। गोड्डा में अड़तीस करोड़ की लागत से नए समाहरणालय भवन का निर्माण पूर्णता की ओर है। जामताड़ा में ई0वी0एम0 मशीनों के उचित रख-रखाव हेतु वेयर हाउस के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

हमारे राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने एवं स्थापित इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु नई झारखण्ड औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन नीति- 2021 लागू की गई है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लाॅजिस्टिक्स, खनिज तथा वस्त्र आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से लगभग 48 करोड़ रूपये की लागत से TIES Scheme के अन्तर्गत रांची में World Trade Centre की स्थापना की जायेगी।

भगवान बिरसा के जन्मदिवस के पावन अवसर पर प्रारम्भ किये गये             “आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान सम्पूर्ण राज्य में कुल 6,727 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 35 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, इनमें से 24.51 लाख आवेदनों का निष्पादन शिविर में ही निर्धारित समयावधि में कर दिया गया शेष आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया भी जारी है।

शासन को जबावदेह बनाये रखकर आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मीडिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था का चैथा स्तम्भ माना गया है। लोकतंत्र के इस चैथे स्तम्भ को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने झारखण्ड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली, 2021 का गठन किया है।  इसके माध्यम से बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि सहित उनके पति/पत्नी एवं 21 वर्ष तक की आयु के दो अविवाहित एवं निर्भर संतान को ग्रुप मेडिक्लेम के रूप में कुल 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा-खर्च की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

राज्य में न्याय और कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए हमारी सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने भीड़ हिंसा रोकथाम और माॅब लिंचिंग विधेयक, 2021 पारित किया है। प्रदेश में फैले विभिन्न माफियाओं और अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार के इन प्रयासों से आमजनों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा हुआ है।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल लगभग 1200 युवक/युवती सहायता प्राप्त कर उद्यमी बनने का सपना साकार किये हैं। आज ये लोग 4795 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। इस योजना की सफलता को देखते हुए हमने इसमें बजट बढ़ाने का निर्णय लिया है। 100 करोड़ अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की जा रही है।

राज्य निर्माण के 20 से ज्यादा वर्षों के बाद भी झारखण्ड अपने आन्दोलनकारियों की सुध नहीं ले पाया यह कष्टप्रद है। जिनके कारण आज हम एक राज्य के रूप में पहचान बना पाए उनके अधिकार और सम्मान के प्रति मैं संकल्पित हूँ। झारखण्ड अलग राज्य निर्माण में शामिल आन्दोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के लिए पेंशन के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में 5ः का क्षैतिज आरक्षण की योजना को हमने लागू कर दिया है। आन्दोलनकारी चिन्हीतिकरण आयोग के सदस्य राज्य के विभिन्न हिस्सों का अपना दौरा भी बलिदानी धरती ‘पीरटांड’ से प्रारंभ कर दिए हैं।

हमने ‘ट्राइबल यूनिवर्सिटी’ के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा दिया है। इसके माध्यम से मुख्य रूप से झारखंडी भाषा संस्कृति, लोक कल्याण, शोध से सम्बंधित विषय को बढ़ावा दिया जाएगा। उम्मीद है कि इससे आदिवासी समाज एवं झारखण्ड से जुड़े प्राचीन ज्ञान को संरक्षित रखने के साथ-साथ इनकी विशिष्ट समस्याओं के समाधान को भी बल मिलेगा।

सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर मैंने वादा किया था कि गरीब एवं जरुरतमंद दू-पहिया वाहन धारकों को महंगाई से राहत देने के लिए 26 जनवरी से 25 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल पर अनुदान दिया जायेगा।

आज मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आज से पुरे राज्य में CM-SUPPORTS योजना के माध्यम से प्रत्येक गरीब एवं जरुरतमंद दू-पहिया वाहन मालिकों को प्रतिमाह 10 लीटर पेट्रोल के लिए 25 रुपये प्रति लीटर की दर से 250 रूपये की राशि उनके खाते में सीधे भेज दी जायेगी।

इसके अलावे बहुत सारी कल्याणकारी योजनाओं को हमारी सरकार ने लागू किया है। जिन सबका उल्लेख करना संभव नहीं है। साथ ही साथ अभी बहुत कुछ करना है।

अंत में मैं, आप सभी को गणतंत्र दिवस की पुनः बधाई देता हूँ और आह्वान करता हँू कि इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम एक ऐसा झारखण्ड बनाने का संकल्प लें, जो उन स्वप्नों एवं आशाओं के अनुरूप हो, जिसके लिए काफी त्याग और बलिदान के बाद इस राज्य का सृजन हुआ। मैं एक ऐसे झारखण्ड की परिकल्पना करता हँू, जो गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा एवं भ्रष्टाचार आदि से मुक्त हो, जिसको साकार करने में आप सभी अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें तथा हमारे साथ-साथ आप भी अपनी वचनबद्धता दिखाएँ।

आइये, हम सब मिल कर राज्य में स्थिरता, शान्ति और समरसता का माहौल बनायें और अपनी सृजनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा से राज्य की सर्वांगीण प्रगति और उन्नति को अभूतपूर्व गति और ऊँचाई प्रदान करें।

जय हिन्द !                जय झारखण्ड!

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से दुमका में आम जनता ने अपनी परेशानियों और समस्याओं को साझा किया ।

दुमका, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज राजभवन, दुमका में आम जनता ने अपनी परेशानियों और समस्याओं को साझा किया । लोगों ने सरकार के द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की । उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी जो भी समस्याएं हैं, उसका यथोचित निराकरण होगा । इस दिशा में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मंत्री हफीजुल हसन अंसारी , विधायक श्री बसंत सोरेन और उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद थे ।

आधी हो जाएगी इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत! आईआईटी ने विकसित किया ऑन बोर्ड चार्जर

नईदिल्ली, (आरएनएस) देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए आईआईटी बीएचयू ने ऑन बोर्ड चार्जर की नई तकनीक विकसित की है। इसकी मदद से सभी दो पहिया व चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत आधी रह जाएगी।
बीएचयू में कार्यरत टीम ने लैब स्तर पर तकनीक का सफल परीक्षण कर लिया है। बस सुधार और व्यवसाय के स्तर पर काम चल रहा है। तकनीक में आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी भुवनेश्वर के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। वहीं देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों ने तकनीक में रुचि दिखाई है।
अभी कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल में ऑन बोर्ड चार्जर को शामिल करती हैं। देश में उच्च शक्ति की बोर्ड चार्जिंग सुविधा की कमी होने से वाहनों को आउटलेट पर ही चार्ज करना पड़ता है। ऐसे में ये वाहन काफी महंगे हो जाते हैं। नई तकनीक से वाहन में अभी भी ऑन बोर्ड चार्जर होगा, लेकिन उसकी चार्जिंग क्षमता कम शक्ति की होगी। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत 50 फीसदी तक कम हो जाएगी।
आईआईटी बीएचयू के मुख्य परियोजना अन्वेषक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि पेट्रोल के बढ़ते दाम और प्रदूषण स्तर में वृद्धि को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल एक बेहतर विकल्प है। इस तकनीक से ऑन बोर्ड चार्जर की कीमत अपने आप 40 से 50 फीसदी तक कमी हो जाएगी। इसका प्रभाव यह पड़ेगा कि ईंधन पर निर्भरता कम होगी। अभी व्यावसायिक उत्पाद तैयार करके इसे मौजूदा इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाने की बात चल रही है।

दीदी बगिया योजना से उद्यमी बन रहे किसान

*पौधों की नर्सरी तैयार कर सरकार से प्राप्त कर रहे हैं सुनिश्चित आमदनी

रांची, राज्य में चलाई जा रही दीदी बगिया योजना पौधे से पेड़ बनने की ओर अग्रसर होने लगा है।प्रगतिशील किसान माइकल एक्का खुद खेती करने के साथ अन्य किसानों को खेती के लिए प्रेरित भी करते हैं। गुमला के रायडीह स्थित सिलम गांव निवासी माइकल कड़ी मेहनत और राज्य सरकार के सहयोग से अपने क्षेत्र के किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ अपने परिवार को विकास के नए आयाम तक ले जाने की डगर पर अग्रसर हैं।

ऐसै हो रहा दीदी बगिया का क्रियान्वयन

2021 में राज्य सरकार ने नरेगा योजनाओं में पौधे की मांग एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे की राज्य में अपर्याप्तता के मद्देनजर नरेगा के तहत दीदी बगिया योजना को धरातल पर उतारा। इसके माध्यम से सरकार राज्य के किसानों को एक उद्यमी के रूप में भी तैयार करने काी मंशा रखती थी। इस योजना के तहत राज्य के प्रशिक्षित किसानों को पौधा तैयार करने का अवसर मिला और सरकार ने पौधे की खरीदारी नरेगा योजना के तहत सुनिश्चित की। इससे किसान इस कार्यक्रम से जुड़े और उनके आत्मविश्वास को बल मिला। किसान इमारती पौधों शीशम, गम्हार, सागवान एवं आम के फलदार पौधे  आम्रपाली, मालदा, मल्लिका एवं अन्य प्रजाति के पौधे तैयार कर सरकार को उपलब्ध कराने लगे।

माइकल की कड़ी मेहनत का मिला परिणाम

राज्य के अन्य किसानों के साथ माइकल एक्का को बागवानी एवं पौधा तैयार करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। ताकि वह प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने लिए आय का जरिया बना सके। माइकल एक्का ने वर्ष 2021-22 में दीदी नर्सरी योजना के जरिये अपनी नर्सरी में शीशम, गम्हार, सागवान और आम के 8000 पौधे उगाया। इन पौधों को नरेगा के आम बागवानी योजना के तहत सरकार द्वारा क्रय कर लिया गया। इससे माइकल को 25 हजार रुपये की आमदनी हुई। दीदी बगिया योजना के माध्यम से माइकल एक्का के लिए अतिरिक्त आजीविका का साधन उपलब्ध हुआ, जिससे उन्हें घर की जरुरतों को पूरा करने में सहयोग मिल रहा है।

बिना टीका लगे लोगों और 15 साल से कम के बच्चों को गणतंत्र दिवस समारोह में जाने की अनुमति नहीं

*दिल्ली पुलिस की दिशा-निर्देश जारी

नईदिल्ली, (आरएनएस)। दिल्ली पुलिस ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में कोविड रोधी पूर्ण टीकाकरण करा चुके लोगों को ही शिरकत करने की इजाजत है तथा 15 साल से कम उम्र के बच्चों को कार्यक्रम में आने की अनुमति नहीं है।
पुलिस ने यह भी कहा कि लोगों को 26 जनवरी को राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मास्क लगाने, एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखने समेत कोविड संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
पुलिस ने ट्वीट किया कि समारोह में शामिल होने के लिए “जरूरी है कि कोविड रोधी टीके की दोनों खुराक लगवाई गई हों। आंगुतकों से आग्रह है कि वे अपना टीकाकरण प्रमाण पत्र लेकर आएं।
उसने कहा कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों को समारोह में आने की इजाजत नहीं है। गौरतलब है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था और इस महीने से यह 15-18 साल के उम्र के किशोरों के लिए भी शुरू कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने दिशा-निर्देशों में कहा कि आंगुतकों के बैठने के लिए खंड सुबह सात बजे खोल दिए जाएंगे और वे इसके हिसाब से पहुंचे।
उसने कहा कि पार्किंग का स्थान सीमित है, लिहाज़ा आंगुतकों को सलाह दी जाती है कि वे कार पूल करें या टैक्सी का इस्तेमाल करें। पुलिस ने लोगों से वैध पहचान पत्र लाने और सुरक्षा जांच में सहयोग करने का भी आग्रह किया है।
पुलिस ने ट्वीट किया कि हर पार्किंग क्षेत्र में रिमोट नियंत्रित कार लॉक की चाबियों को जमा कराने की भी व्यवस्था है।

पूरे उत्तर भारत में सर्दी की मार, बारिश ने तोड़ा 121 साल का रिकॉर्ड

नईदिल्ली,  (आरएनएस)। रिकॉर्ड तोड़ बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी ने पूरे उत्तर भारत को शीत की चादर से ढ़क दिया है। दिल्ली-एनसीआर व उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो ये हाल है कि सारा दिन अलाव के सामने बैठकर गुजर रहा है। उधर, दिल्ली के आसपास कोहरे की चादर भी छाने लगी है। हालत यह हो गए हैं कि दिन के समय दृश्यता शून्य के बराबर भी पहुंच जाती है। इसके अलावा कश्मीर, शिमला, उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी ने भी जीना मुहाल किया हुआ है।
इस बार जनवरी के महीने में बारिश ने 121 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, साल के पहले महीने में इससे पहले इतनी बारिश 1901 में हुई थी। आईएमडी के मुताबिक, अब तक 88.2 मिलीमीटर बारश हो चुकी है। पालम में 110 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 1989, जनवरी में 73.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक हिमालय के इलाके में हल्ली से मध्यम बारिश के कारण से दिल्ली-एनसीआर में आज भी हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार से पश्चिम बंगाल तक के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण औसतन तापमान में तीन से चार डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। इससे गलन व ठंड और भी ज्यादा बढ़ेगी। वहीं छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।

गरीब और मध्यम वर्ग के लोग मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी के शिकार – राहुल

नईदिल्ली,  (आरएनएस)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि कोरोना वायरस महामारी पूरे देश ने झेली, लेकिन गरीब एवं मध्य वर्ग के लोग नरेंद्र मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी के भी शिकार हुए। उन्होंने एक खबर हवाला देते हुए ट्वीट किया, ”कोविड महामारी पूरे देश ने झेली, लेकिन गऱीब वर्ग व मध्यम वर्ग मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी के भी शिकार हैं। अमीर-गऱीब के बीच बढ़ती ये खाई खोदने का श्रेय केंद्र सरकार को जाता है।
राहुल गांधी ने जो खबर साझा की, उसमें एक ताजा अध्ययन के हवाला से कहा गया है कि गत पांच वर्षों में सबसे गरीब 20 प्रतिशत भारतीय परिवारों की सालाना घरेलू आय करीब 53 प्रतिशत कम हो गई। इसी तरह निम्न मध्यम वर्ग के 20 प्रतिशत लोगों की घरेलू आय भी 32 प्रतिशत घट गई। इस खबर के अनुसार, गत् 5 वर्षों के दौरान देश के सबसे अमीर 20 प्रतिशत लोगों की आय 39 प्रतिशत बढ़ गई। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस खबर को लेकर ट्वीट किया, ”मोदी सरकार सिफऱ् अमीरों के लिए है! यह अब सामने है – गरीब और गरीब – ‘हम दो हमारे दो की चांदी। पिछले 5 साल में – सबसे गरीब लोगों की आय 53 प्रतिशत कम, निम्न मध्यम वर्ग की आय 32 प्रतिशत कम, अमीरों की आय 39 प्रतिशत बढ़ी। गरीब-मध्यम वर्ग पर मार, मोदी सरकार है अमीरों की सरकार!

पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को किया नमन

नईदिल्ली, (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर रविवार को उन्हें नमन किया है और कहा कि देश के लिए उनके योगदान पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है।
मोदी ने ट्वीट कर कहा, सभी देशवासियों को पराक्रम दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। प्रत्येक भारतीय को हमारे राष्ट्र के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है।
उल्लेखनीय है कि नेताजी सुभाष चंद्रबोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में कटक में हुआ था। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया था।