रांची, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने एवं हर हाल में अपराध रोकने का निर्देश पुलिस पदाधिकारियों को दिया है। उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुलिस पेशेवर अपराधियों को चिन्हित कर उनसे सख्ती से निपटने का कार्य करे। राज्य में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस संवेदनशील और तत्पर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधि व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की अहम जिम्मेदारी है। अपराध नियंत्रण एवं कानून व्यवस्था के सख्त होने से राज्य में चल रहे विकास कार्यों की गति बढ़ेगी तथा योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने रांची के मोरहाबादी मैदान में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी की घटना को लेकर चिंता जताई। मुख्यमंत्री ने पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि मोरहाबादी घटना में शामिल अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नही जाना चाहिए जाए। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी-कार्रवाई सुनिश्चित हो।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, डीजीपी श्री नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव-सह-गृह विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, नगर आयुक्त श्री मुकेश कुमार, एसएसपी रांची श्री सुरेंद्र कुमार झा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
*साहेबगंज के बरहेट स्थित चपेल पहाड़, बास्को पहाड़ और टेंगरा पहाड़ गांव हुए रोशन
*हजारीबाग का इचाक, चतरा के सिमरिया के एक-एक गांव एवं सिमडेगा के चार गांवों को सौर ऊर्जा से
आच्छादित करने का कार्य जारी
रांची, सौर ऊर्जा से झारखण्ड के सुदूर और दुर्गम स्थानों पर स्थित गांव अब रोशनी से जगमग हो रहे हैं। झारखण्ड राज्य के ये वैसे गांव हैं, जहां ग्रिड के माध्यम से विद्युतीकरण संभव नहीं हो पाया था। अंततः कुल 246 गांवों में सोलर पावर प्लॉट (मिनी और माइक्रो), सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम से विद्युतीकरण किया गया है। वहीं वैसे अविद्युतीकृत घर, जिसके रहवासी विद्युत से वंचित रह गये थे, ऐसे 209 गांवों में क्रमश: 3494 एवं 4245 अविद्युतीकृत घरों अर्थात कुल 7740 घरों को सोलर स्टैण्ड ऍलोन सिस्टम से विद्युतीकृत किया गया है।
चिह्नित हुए गांव, पहुंची बिजली
झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा वैसे सुदूरवर्ती गांवों को चिह्नित किया गया, जहां अबतक पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति या दुर्गम पहाड़ियों एवं वनों से आच्छादित होने के कारण पारंपरिक ऊर्जा स्रोत से विद्युत आपूर्ति बहाल करना वित्तीय एवं भौगोलिक दृष्टिकोण से व्यवहार्य नहीं था। ऐसी स्थिति में वैसे गांवों को सोलर एनर्जी के माध्यम से विद्युतीकृत किया गया, जिससेे न सिर्फ उक्त ग्रामों की ऊर्जा की आवश्यकता को पूर्ण किया जा सका, बल्कि ऐसे गांवों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने हेतु ग्रामीण औधोगिकीकरण की संभावनाओं को देखते हुए विद्युत की आवश्यकता को पूर्ण किया जा रहा है।
इस लक्ष्य से कार्य कर रही सरकार
राज्य सरकार का लक्ष्य हरेक गांव, कस्बों, टोलों का विद्युतीकरण करना है। कई गांवों में दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण परंपरागत विद्युत आपूर्ति तकनीकी और व्यावहारिक रूप से सहज नहीं है। ऐसे में सरकार का मानना है कि वहां अक्षय ऊर्जा परियोजना स्थानीय जरूरतों के अनुरूप एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। ऐसे गांवों या कस्बों को 100 प्रतिशत सब्सिडी के तहत स्थापित मिनी ग्रिड अथवा सोलर स्टैंड एलोने होम लाइटिंग सिस्टम के जरिए विद्युतीकृत करने की योजना पर कार्य हो रहा है, जिससे हर गरीब के घर तक बिजली पहुंच सके।
दो माध्यम से हो रहा विद्युतीकरण
सरकार दो माध्यम से सुदूरवर्ती गांवों को रोशन कर रही है।पहला सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम के जरिये 50 से कम घर होने अथवा गांव की भौगोलिक स्थिति में गांव का विस्तार, ग्रामीण जनसंख्या का घनत्व विभिन्न टोलों में बांटकर दूर दूर होने की स्थिति में उस ग्राम को सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम के माध्यम से विद्युतीकृत किया जाना प्रस्तावित है। इसके तहत प्रत्येक घर में 200-250 वाट का मॉड्यूल 9 वाट के 4 अदद एल.ई.डी. लाईट, 1 अदद डी०सी० पंखा उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही एक मोबाईल चार्जिंग प्वाइंट एवं 1 एल.ई.डी. टी०वी० हेतु उपयुक्त क्षमता के पावर प्वाईंट की व्यवस्था के साथ विद्युतकृत किया जायेगा। उक्त के अतिरिक्त यदि ग्राम में सामुदायिक भवन अथवा विद्यालय उपलब्ध है, तो उसमें भी उपयुक्त क्षमता के अनुसार सोलर स्टैण्ड एलोन सिस्टम के माध्यम से विद्युत आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है। प्रत्येक 10 घरों की आबादी पर एक अदद 12 वाट एल.ई.डी. सोलर स्ट्रीट लाईट लगाकर गांव की गलियों को रोशन किया जायेगा। दूसरा, मिनी/माईक्रो ऑफ ग्रिड सोलर पावर प्लांट के तहत घरों की संख्या 50 से अधिक होने पर एवं ग्राम का वास्तविक फैलाव, आबादी का घनत्व सघन होने की स्थिति में उस ग्राम को मिनी, माईक्रो ग्रिड सोलर पावर प्लांट के माध्यम से प्रत्येक घर में 200-250 वाट क्षमता का विद्युत लोड निर्धारित करते हुए पोल एवं तार के माध्यम से प्रत्येक घर में विद्युत आपूर्ति किया जाना प्रस्तावित है।
ये गांव हुए रोशन
साहेबगंज के बरहेट स्थित चपेल पहाड़, बास्को पहाड़ और टेंगरा पहाड़ स्थित गांव सौर ऊर्जा से रोशन हो चुके हैं। वहीं पतना प्रखंड के छः गांवों में सौर ऊर्जा का कार्य जारी है। जबकि हजारीबाग के इचाक, चतरा के सिमरिया के एक-एक गांव एवं सिमडेगा के चार गांवों को सौर ऊर्जा से आच्छादित करने का कार्य जारी है।
नई दिल्ली (आरएनएस) । पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा विवादित बयान दिए जाने को लेकर भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी विरोध अब देश विरोध में बदल चुका है। जो लोग अल्पसंख्यक वोटों का फायदा उठाते थे वे अब देश में मौजूदा सकारात्मक माहौल को लेकर चिंतित है। बुधवार को 26 जनवरी के मौके पर हामिद अंसारी ने एक अमेरिकी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाए और कहा कि देश में नागरिक राष्ट्रवाद को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद में बदलने की कोशिश हो रही है। हामिद अंसारी के इन बयानों पर भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने पलटवार करते हुए कहा कि मोदी का विरोध करते करते देश विरोधी हो गए।अमेरिकी संस्था भारतीय अमेरिकी मुस्लिम परिषद द्वारा आयोजित वर्चुअल पैनल चर्चा में भाग लेते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने हिंदू राष्ट्रवाद के उदय के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हाल के वर्षो में हमने देखा है कि नागरिक राष्ट्रवाद को ख़त्म कर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और एकाधिकार वाली राजनीतिक शक्ति की आड़ में चुनावी बहुमत पेश करने की कोशिश हो रही है। इन्हीं वजहों से असहिष्णुता, अन्याय, अशांति और असुरक्षा को बढ़ावा देने का भी प्रयास किया जा रहा है और ये लोग चाहते हैं कि नागरिकों को उनकी आस्था के आधार पर बांट दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे ट्रेंड्स से क़ानूनी और राजनीतिक रूप से लडऩे की जरूरत है।अमेरिकी संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हामिद अंसारी के द्वारा दिए गए इन बयानों को लेकर भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने जोरदार पलटवार करते हुए हमला बोला। नकवी ने कहा कि मोदी विरोध अब देश विरोध में बदल चुका है। जो लोग अल्पसंख्यक वोटों का फायदा उठाते थे, वे अब देश में मौजूदा सकारात्मक माहौल को लेकर चिंतित हैं।वहीं बिहार सरकार के मंत्री शाहनवाज हुसैन ने भी निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी से बड़ा इंसान मुसलमानों के लिए नहीं हो सकता, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पहले से कई विवादित बयान देते रहे हैं, जिस देश के लोगों ने बड़ा पद दिया उसके खिलाफ बात बर्दाश्त नहीं।
*बोकारो को एजुकेशन हब बनाने में सहयोग करे सेल – हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से भारतीय इस्पात प्राधिकरण (स्टील अथॉरिटी ऑफ इण्डिया लिमिटेड, SAIL) की चेयरमैन श्रीमती सोमा मण्डल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल इंडिया की तर्ज पर सेल प्रबंधन भी स्थानीय विस्थापितों को एक करोड़ रुपये तक की निविदा में प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा राज्य सरकार बोकारो को एजुकेशन हब बनाना चाहती है। ऐसे में सेल पुराने स्कूल की आधारभूत संरचनाओं को राज्य सरकार को हस्तांतरित कर दें। ताकि इस दिशा में सरकार आगे कदम बढ़ा सके। सेल की चेयरपर्सन ने इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की बात मुख्यमंत्री से कही। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, उद्योग सचिव श्रीमती पूजा सिंघल उपस्थित थे।
नईदिल्ली (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के 73वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए दुनियाभर के नेताओं को धन्यवाद दिया। नेपाल के प्रधानमंत्री के एक ट्वीट के जवाब में पीएम ने कहा कि आपके गर्मजोशी भरे अभिनंदन के लिए धन्यवाद पीएम शेर बहादुर देउबा। हमारी सदियों पुरानी मित्रता को और मजबूती देने के लिए हम मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
भूटान के पीएम के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाओं के लिए भूटान के प्रधानमंत्री को धन्यवाद। भारत भूटान के साथ अपनी अनूठी और पुरानी मित्रता को बहुत महत्व देता है। भूटान की सरकार और वहां के लोगों को ताशी डेलेक। हमारे संबंध और मजबूत बनें। श्रीलंका के पीएम के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि धन्यवाद प्रधानमंत्री राजपक्षे। यह साल विशेष है क्योंकि दोनों देश अपनी स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। हमारे लोगों के बीच संबंध और मजबूत हों, यही कामना है।
इजराइल के पीएम के एक ट्वीट के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम नफ्ताली बेनेट, भारत के गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाओं के लिए आपका धन्यवाद। मुझे पिछले साल नवंबर में हुई मुलाकात याद है। मुझे विश्वास है कि भारत-इजराइल रणनीतिक साझेदारी भविष्य में भी आगे बढ़ती रहेगी।
प्राकृतिक सौंदर्य एवं खनिज सम्पदा से सुशोभित, वीर सपूतों के संघर्ष एवं बलिदान से सिंचित संथाल परगना की इस सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक भूमि से मैं समस्त झारखण्डवासियों को 73 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देता हूँ तथा अभिनन्दन करता हूँ।
इस पावन अवसर पर मैं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेदकर, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल सदृश्य राष्ट्र निर्माताओं के साथ-साथ झारखण्ड के सभी महान विभूतियों भगवान बिरसा मुण्डा, तिलका मांझी, वीर शहीद सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव, बहन फूलो-झानो, बीर बुधु भगत, जतरा टाना भगत, नीलाम्बर-पीताम्बर, शेख भिखारी, पाण्डेय गणपत राय एवं शहीद विश्वनाथ शाहदेव को श्रद्धासुमन अर्पित करता हूँ।
आज के दिन मैं सेना के सभी जवानों तथा देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात अन्य सुरक्षा बलों को भी गणतंत्र दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूँ। यह उनके राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं बलिदान का ही प्रतिफल है कि आज हम अमन और चैन की सांस ले पा रहे हैं।
आजादी की लड़ाई के समय हमारे पूर्वजों ने एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण का सपना देखा था, जो अपनों के द्वारा गणतांत्रिक पद्धति से शासित हो, जिसमें न तो आर्थिक विषमता हो और न ही सामाजिक पिछड़ापन। एक ऐसा राष्ट्र जहां सामाजिक न्याय, धार्मिक सद्भाव एवं सहिष्णुता जैसी उदार भावनायें प्रचलित हों। इन सपनों को साकार करने के लिए आज ही के दिन सन् 1950 में हमने अपने संविधान को लागू किया था और भारत एक गणतंत्र देश के रूप में विश्व के मानचित्र पर स्थापित हुआ था।
हमारी सरकार संविधान की भावनाओं के अनुरूप राज्य के सर्वांगीण विकास एवं जनता का अधिकतम कल्याण सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा, लगन एवं तत्परता के साथ काम कर रही है।
हमने एक ऐसे झारखण्ड के निर्माण का सपना देखा है जो भय, भूख एवं भ्रष्टाचार के साथ-साथ अपराध एवं उग्रवाद से मुक्त हो, जहाँ कमजोर से कमजोर व्यक्ति की बातंे भी सत्ता के उच्च स्तर तक पहुँचे। जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर व्यक्ति का अधिकार सुरक्षित हो सके और कोई भी व्यक्ति पिछड़ा न रहे तथा सबों को विकास का समान अवसर एवं अधिकार प्राप्त हो सके। विकास की इस यात्रा में हम सभी झारखण्ड वासियों की सहभागिता चाहते हैं।
हमारी सरकार ने अल्प समय में ही राज्य के कई क्षेत्रों में विकास के लिए गंभीर एवं सार्थक प्रयास किये हैं। सरकार द्वारा राज्य में बेरोजगारी दूर करने, आर्थिक सबलता प्रदान करने, प्रशासन एवं विकास की प्रक्रिया में आमजनों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। हम आप सबों के सहयोग से स्वच्छ, पारदर्शी एवं संवेदनशील प्रशासन प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
शिक्षा विकास का आधार है। मानव विकास एवं समाज में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हम शिक्षा के प्रति सजग एवं संवेदनशील हंै। मुझे आप सबों को यह जानकारी देने में प्रसन्नता हो रही है कि भारत सरकार द्वारा जारी किये गये शैक्षणिक सूचकांक में विगत एक वर्ष में राज्य को 29 अंको का फायदा हुआ है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है।
राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक विशेष पहल की गयी है। इस निमित्त राज्य सरकार द्वारा 80 उत्कृष्ट विद्यालय, 325 प्रखण्ड स्तरीय लीडर स्कूल तथा 4,091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। संथाल परगना प्रमण्डल में 20 उत्कृष्ट विद्यालयों के निर्माण हेतु लगभग 72 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इन विद्यालयों में सभी आवश्यक मूलभूत संरचनाओं के विकास के साथ-साथ पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था भी की जाएगी।
विगत 02 वर्षों से कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण हमंे विद्यालयों को बंद रखने हेतु बाध्य होना पड़ा है। महामारी में कमी होने की स्थिति में कक्षा 06 से 12 के विद्यालय खोले गये थे, परन्तु महामारी बढ़ने के कारण विद्यालयों को पुनः बन्द करना पड़ा है। महामारी की इस घड़ी में भी हमने अपने विद्यार्थियों के लिए आॅनलाईन शिक्षा की व्यवस्था डीजी-साथ कार्यक्रम के तहत की है। इसके अतिरिक्त दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के माध्यम से भी पठन-पाठन का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। लेकिन इससे काम नहीं चलेगा, हमें आॅन-लाईन शिक्षा को और सुगम एवं कारगर बनाने की आवश्यकता है।
राज्य में माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक बोर्ड परीक्षा का परिणाम उत्साहवर्द्धक रहा है। मैट्रिक बोर्ड में 96 प्रतिशत छात्रों ने सफलता प्राप्त की है, जबकि संथाल परगना प्रमण्डल में कुल 95 प्रतिशत छात्रों ने सफलता हासिल की है। यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्रतिशत रहा है। महामारी की कठिन घड़ी में इस बेहतरीन उपलब्धि के लिए मैं राज्य के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को बधाई देता हूं।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भाषाओं को ध्यान में रखते हुए मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षण व्यवस्था हेतु सामग्रियों को विकसित किया गया है। हमने विभिन्न जिलों के 250 विद्यालयों को विशेष रूप से चिन्ह्ति करते हुये प्रायोगिक तौर पर मातृभाषा आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की योजना तैयार की है। इस योजना के फलाफल के आधार पर अन्य विद्यालयों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जायेगा। इसका सीधा लाभ हमारे राज्य के उन बच्चों को मिलेगा जो मातृभाषा में पढ़ाई नहीं होने के कारण विद्यालय जाना छोड़ देते थे।
आप सब अवगत हैं कि संथाल परगना से मजदूरों का पलायन होता है। इन मजदूरों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ब्वअपक स्वबाकवूद के दौरान इन पर जो बीती वह पूरा देश जानता है। हम सब जानते हैं कि पलायन को पूर्णतः समाप्त नहीं किया जा सकता है। हम इनकी बेहतरी के लिए कुछ करना चाहते हैं। झारखण्ड के प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित प्रवास एवं प्रवासन हेतु “Safe and Responsible Migration Initiative”कार्यक्रम द्वारा प्रारंभ किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पायलट-प्रोजेक्ट के रूप में दुमका, गुमला एवं पश्चिमी सिंहभूम में चलाया जाएगा। इसके माध्यम से अगले 18 माह के अन्दर झारखण्ड से मजदूरों के प्रवास से जुड़ी सभी समस्याओं का अध्ययन करके एक ‘समग्र प्रवासन नीति’ तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं का निदान करने में सुविधा होगी।
असंगठित श्रमिकों का निबंधन कराने हेतु ई-श्रम पोर्टल Launch किया गया है। इस पोर्टल पर झारखण्ड राज्य के कुल 80 लाख से अधिक श्रमिकों का निबंधन किया जा चुका है। इसके तहत निमार्ण कार्य करने वाले श्रमिक, घरेलु मजदूर, कृषि श्रमिक, रेहड़ी-पटरी वाले एवं अन्य सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूर सम्मिलित हो सकेंगे।
राज्य सरकार द्वारा वर्षों से लम्बित रहे रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने हेतु विभिन्न नियुक्ति नियमावलियों एवं परीक्षा संचालन नियमावलियों के गठन/संशोधन की कार्रवाई की गयी है। राज्य के युवाओं को सरकारी नौकरी में अधिक-से-अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न नियुक्ति/परीक्षा संचालन नियमावली अन्तर्गत अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थियों का मैट्रिक/10वीं कक्षा तथा इंटरमीडिएट/10$2 कक्षा झारखण्ड राज्य में अवस्थित मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान से उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। अभ्यर्थियों को स्थानीय रीति-रिवाज, भाषा एवं परिवेश का ज्ञान होना भी अनिवार्य किया गया है। झारखण्ड राज्य की आरक्षण नीति से आच्छादित अभ्यर्थियों के मामले में इस प्रावधान को शिथिल किया गया है ताकि राज्य के आरक्षण नीति से आच्छादित होने वाले छात्रों का सरकार के अधीन नियोजन में दावा सुरक्षित रह सके। सेवा शत्र्त नियमावलियों के गठन एवं संशोधन के उपरांत अबतक 4,142 (चार हजार एक सौ बयालीस) रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु अधियाचना झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग को भेज दी गई है।
युवाओं को प्रशिक्षण देकर निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार ने HCL कम्पनी के साथ MOU किया है। इसके तहत् 12वीं पास छात्र एवं छात्राओं को आई॰टी॰ सेक्टर में रोजगार देने के लिए Placement Linked Training Programme TECHBEE से जोड़ा जाएगा। TECHBEE HCL में योग्य छात्र/छात्राओं का चयन कर उन्हें एक वर्ष की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग के उपरांत प्रशिक्षित युवाओं को HCL में ही नौकरी मिल सकेगी।
झारखण्ड के आदिवासी युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर प्रदान करने हेतु राज्य सरकार द्वारा मरङ गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृति योजना लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जनजाति के 10 (दस) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर इंग्लैंड और नाॅर्थन आयरलैण्ड में अवस्थित विश्वविद्यालयों/संस्थानों में कतिपय कोर्स में उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस वर्ष अनुसूचित जनजाति समुदाय के 07 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। भविष्य में इस योजना का विस्तार किया जाएगा। एक छात्र पर लगभग एक करोड़ रुपये की राशि सरकार खर्च कर रही है।
राज्य अन्तर्गत निजी क्षेत्र में स्थापित कारखानों/उद्योगों/संयुक्त उद्यमों तथा पी॰पी॰पी॰ के तहत् संचालित परियोजनाओं में होने वाली नियुक्तियों में 75% आरक्षण स्थानीय युवाओं के लिए करने हेतु झारखण्ड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम, 2021 लागू किया गया है। हमारा यह प्रयास बेरोजगारी तथा पलायन की समस्या को कम करने में अत्याधिक सार्थक भूमिका निभाएगा।
हमने सर्वजन पेंशन योजना की शुरूआत की है, जो सरकार के कल्याणकारी दायित्वों के निर्वहन में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में मुझे यह जानकारी मिलती थी कि सीमित लक्ष्य के कारण लाखों की संख्या में जरूरतमंद वृद्धजनों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। यह देखकर मुझे पीड़ा होती थी और मैंने दो वर्ष पूर्व यह संकल्प लिया था कि अगर हमारी पार्टी की सरकार बनेगी तो हम इसका स्थायी निदान करेंगे। अब हमने यह निर्णय लिया है कि Tax-Net की श्रेणी में आने वालों को छोड़कर शेष सभी वृद्धजन इस योजना का लाभ पाने के पात्र होंगे। राज्य स्थापना दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रारंभ किये गये “आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान इस योजना का लाभ तीन लाख से अधिक लोगों को दिया गया है।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने एवं स्थानीय कलाकारों को मंच सुलभ कराने के उद्देश्य से दुमका में तेईस करोड़ रुपए की लागत से कंवेन्शन सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे मार्च, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। गोड्डा में अड़तीस करोड़ की लागत से नए समाहरणालय भवन का निर्माण पूर्णता की ओर है। जामताड़ा में ई0वी0एम0 मशीनों के उचित रख-रखाव हेतु वेयर हाउस के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
हमारा देश कृषि प्रधान देश है और कृषि इसकी अर्थव्यवस्था की नींव भी है। यहाँ कृषि केवल खेती करना नहीं है, बल्कि जीवन जीने की एक कला है। राज्य में फसल उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाने एवं उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करने के लिए राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों की भूमि में कृषक पाठशाला स्थापित करने एवं इनकी परिधि में अवस्थित ग्रामों को बिरसा ग्राम के रूप में विकसित करने हेतु 61 करोड़ रुपये की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना-सह-कृषक पाठशाला योजना लागू की गयी है।
खरीफ विपणन मौसम 2020-21 के दौरान धान अधिप्राप्ति योजनान्तर्गत छः लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरूद्ध छः लाख पच्चीस हजार मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई है। विपणन मौसम 2021-22 में धान अधिप्राप्ति 15 दिसम्बर, 2021 से प्रारंभ कर दी गई है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किसानों से अधिप्राप्त धान के 50 प्रतिशत मूल्य का भुगतान धान अधिप्राप्ति के साथ ही किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा किसानों को 110 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में मनरेगा अंतर्गत 885 लाख अनुमोदित मानव दिवस के विरूद्ध अब तक कुल 927 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। मनरेगा मजदूरों को दैनिक मजदूरी के रूप में 225/- रुपए का भुगतान किया जा रहा है। दैनिक मजदूरी के रूप में बढ़ी हुई राशि 27/- रुपए प्रति मानव दिवस के भुगतान हेतु अब तक राजकोष से कुल 250 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।
राज्य के करीब एक लाख अस्सी हजार सखी मंडलों को तीन हजार दो सौ करोड़ रुपए की राशि क्रेडिट लिंकेज के रूप में बैंक से उपलब्ध कराया जा चुका है, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सशक्त हो रही है। सखी मंडल के 62 प्रकार के उत्पादों को विशेषकर सरसों तेल, साबुन, मसाले, हनी इत्यादि की बिक्री ‘‘पलाश ब्रांड‘‘ के रूप में की जा रही है। इस पहल से करीब 2 लाख ग्रामीण महिलाओं को लाभ हो रहा है। राज्य में अब तक 159 पलाश मार्ट स्थापित किए जा चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष में करीब 17 करोड़ का टर्न ओवर दर्ज किया गया है।
महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उनके कल्याण हेतु प्रतिबद्ध हमारी सरकार ने राज्य में हड़िया-दारू निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराकर समाज के मुख्य धारा में जोड़ने हेतु फूलो-झानो आशीर्वाद योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना अन्तर्गत चिन्हित् महिलाओं को आजीविका सशक्तिकरण के लिए 10 हजार रूपये ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है। अब तक 14,000 से अधिक महिलाओं को हड़िया-दारू निर्माण एवं बिक्री कार्य से मुक्त कराकर आजीविका के अन्य साधनों से जोड़ा गया है।
हमारी सरकार द्वारा सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 तथा मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित राज्य के सभी लाभुक परिवारों को वर्ष में दो बार एक धोती/लुंगी तथा एक साड़ी दस रूपये प्रति वस्त्र की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के तहत अब तक 51 लाख परिवारों को लाभान्वित किया गया है।
हमने कोरोना महामारी से निबटने के लिए पहले दिन से ही सतर्कता की नीति अपनाई और COVID-19 से बचाव हेतु सभी संभव कदम उठाये। राष्ट्रव्यापी LOCK DOWNके दौरान राज्य से बाहर फंसे अपने प्रवासी मजदूरों, कामगारों, छात्रों को सुरक्षित निकालने को प्राथमिकता दी। हमारी सरकार के लिए राज्य की जनता एवं उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। वर्तमान में कोरोना का नया स्वरूप ओमिक्रोन समस्त मानव जाति को फिर से चुनौती दे रहा है। लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना हमने सीखा ही नहीं है। सतर्क रहते हुए कोरोना के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए हम तैयार हैं। हमने कोरोना के इस तीसरी लहर में समय से आवश्यक कदम उठाये हैं और राज्य की जनता की सुरक्षा हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किये हैं। कोरोना के इस तीसरी लहर के प्रसार को रोकने हेतु हमने सभी आवश्यक व्यवस्था की है।
राज्य के सभी चिकित्सक एवं चिकित्साकर्मी सम्पूर्ण समर्पण एवं सेवा भाव के साथ राज्य की जनता को इस आपदा से निजात दिलाने हेतु दिन-रात एक किये हुए हैं। उनके सेवा भाव का ही परिणाम है कि अब तक हमारा राज्य कोरोना के इस लहर को रोकने में कामयाब रहा है। कोरोना के विरूद्ध इस लड़ाई में हम तभी सफल हो सकते हैं, जब आपका सम्पूर्ण सहयोग सरकार को प्राप्त हो। आपसे अपेक्षा है कि कोरोना से बचाव हेतु सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पालन करंे और इस लड़ाई में हमारा साथ दें। आप लोगों को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध कराने की हमारी कोशिशें लगातार जारी रहेंगी।
झारखण्ड को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाने हेतु हमारी सरकार नई पर्यटन नीति, 2021 ले कर आई है। इस नीति का उद्देश्य राज्य को देश के पर्यटन मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि कराना, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए राज्य के लोगों के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण हिस्सेदार बनाना है। दुमका में 31 करोड़ रुपये की लागत से Cultural Museum के स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है।
दुमका जिलान्तर्गत सुन्दर जलाशय योजना के मुख्य नहर का लाईनिंग सहित पुनरूद्धार कार्य हेतु लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रगति पर है। इसके पूर्ण हो जाने से लगभग 3,600 हेक्टयर खरीफ एवं 2,000 हेक्टेयर रब्बी फसल की सिंचाई क्षमता पुनर्बहाल हो जाएगी। मसलिया एवं रानेश्वर प्रखण्ड में अपेक्षित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु करीब बारह सौ करोड़ की लागत से मसलिया रानेश्वर मेगा लिफ्ट योजना की स्वीकृति प्रदान की गई है। शीघ्र ही इस योजना का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
जल ही जीवन है। राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प पर सरकार सतत् प्रयत्नशील है। वर्ष 2024 तक जल जीवन मिशन के तहत् राज्य के लगभग 59 लाख ग्रामीण परिवारों को कार्यरत नल (FHTC) के द्वारा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के लक्ष्य तय हैं। इस योजना के तहत हमारी सरकार ने दो वर्ष के कार्यकाल में ग्रामीण जलापूर्ति हेतु कुल पन्द्रह हजार करोड़ रुपए की लागत से करीब एकसठ हजार योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की है।
राज्य के विकास में पथों के महत्व को ध्यान में रखते हुए पथों का उन्नयन एवं विकास पर बल दिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत 850 कि0मी0 पथ एवं 20 पुल निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस वित्तीय वर्ष में लगभग बाईस सौ कि0मी0 पथों के राईडिंग क्वालिटी में सुधार तथा मजबूतीकरण एवं लगभग छः सौ कि0मी0 पथों के चैड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य की स्वीकृति दी गई है।
ग्रामीण पथों के निर्माण एवं सुदृढीकरण की दिशा मे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए है। राज्य संपोषित सड़क निर्माण योजना एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-3 के अन्तर्गत लगभग पाँच हजार कि0मी0 ग्रामीण सड़कों का निर्माण करने का लक्ष्य है, जिसके विरूद्ध करीब अठारह सौ कि0मी0 की स्वीकृति दी जा चुकी है। दुर्गम एवं वन-आच्छादित जिलों में 776 कि0मी0 के अतिरिक्त सड़कों को स्वीकृत किया गया है। इस वर्ष ग्रामीण क्षेत्रों में 231 पुलों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जिसमें से 51 पुल अबतक पूर्ण किये जा चुके हैं।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने एवं स्थानीय कलाकारों को मंच सुलभ कराने के उद्देश्य से दुमका में तेईस करोड़ रुपए की लागत से कंवेन्शन सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे मार्च, 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। गोड्डा में अड़तीस करोड़ की लागत से नए समाहरणालय भवन का निर्माण पूर्णता की ओर है। जामताड़ा में ई0वी0एम0 मशीनों के उचित रख-रखाव हेतु वेयर हाउस के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
हमारे राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने एवं स्थापित इकाइयों को प्रोत्साहित करने हेतु नई झारखण्ड औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन नीति- 2021 लागू की गई है। प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लाॅजिस्टिक्स, खनिज तथा वस्त्र आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य से निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार के सहयोग से लगभग 48 करोड़ रूपये की लागत से TIES Scheme के अन्तर्गत रांची में World Trade Centre की स्थापना की जायेगी।
भगवान बिरसा के जन्मदिवस के पावन अवसर पर प्रारम्भ किये गये “आपके अधिकार-आपकी सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान सम्पूर्ण राज्य में कुल 6,727 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें 35 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, इनमें से 24.51 लाख आवेदनों का निष्पादन शिविर में ही निर्धारित समयावधि में कर दिया गया शेष आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया भी जारी है।
शासन को जबावदेह बनाये रखकर आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मीडिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था का चैथा स्तम्भ माना गया है। लोकतंत्र के इस चैथे स्तम्भ को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने झारखण्ड राज्य पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना नियमावली, 2021 का गठन किया है। इसके माध्यम से बीमाधारक मीडिया प्रतिनिधि सहित उनके पति/पत्नी एवं 21 वर्ष तक की आयु के दो अविवाहित एवं निर्भर संतान को ग्रुप मेडिक्लेम के रूप में कुल 5 लाख रुपये तक की चिकित्सा-खर्च की सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
राज्य में न्याय और कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए हमारी सरकार प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार ने भीड़ हिंसा रोकथाम और माॅब लिंचिंग विधेयक, 2021 पारित किया है। प्रदेश में फैले विभिन्न माफियाओं और अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार के इन प्रयासों से आमजनों में कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास पैदा हुआ है।
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल लगभग 1200 युवक/युवती सहायता प्राप्त कर उद्यमी बनने का सपना साकार किये हैं। आज ये लोग 4795 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। इस योजना की सफलता को देखते हुए हमने इसमें बजट बढ़ाने का निर्णय लिया है। 100 करोड़ अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की जा रही है।
राज्य निर्माण के 20 से ज्यादा वर्षों के बाद भी झारखण्ड अपने आन्दोलनकारियों की सुध नहीं ले पाया यह कष्टप्रद है। जिनके कारण आज हम एक राज्य के रूप में पहचान बना पाए उनके अधिकार और सम्मान के प्रति मैं संकल्पित हूँ। झारखण्ड अलग राज्य निर्माण में शामिल आन्दोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के लिए पेंशन के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में 5ः का क्षैतिज आरक्षण की योजना को हमने लागू कर दिया है। आन्दोलनकारी चिन्हीतिकरण आयोग के सदस्य राज्य के विभिन्न हिस्सों का अपना दौरा भी बलिदानी धरती ‘पीरटांड’ से प्रारंभ कर दिए हैं।
हमने ‘ट्राइबल यूनिवर्सिटी’ के निर्माण कार्य को आगे बढ़ा दिया है। इसके माध्यम से मुख्य रूप से झारखंडी भाषा संस्कृति, लोक कल्याण, शोध से सम्बंधित विषय को बढ़ावा दिया जाएगा। उम्मीद है कि इससे आदिवासी समाज एवं झारखण्ड से जुड़े प्राचीन ज्ञान को संरक्षित रखने के साथ-साथ इनकी विशिष्ट समस्याओं के समाधान को भी बल मिलेगा।
सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर मैंने वादा किया था कि गरीब एवं जरुरतमंद दू-पहिया वाहन धारकों को महंगाई से राहत देने के लिए 26 जनवरी से 25 रुपये प्रति लीटर की दर से पेट्रोल पर अनुदान दिया जायेगा।
आज मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आज से पुरे राज्य में CM-SUPPORTS योजना के माध्यम से प्रत्येक गरीब एवं जरुरतमंद दू-पहिया वाहन मालिकों को प्रतिमाह 10 लीटर पेट्रोल के लिए 25 रुपये प्रति लीटर की दर से 250 रूपये की राशि उनके खाते में सीधे भेज दी जायेगी।
इसके अलावे बहुत सारी कल्याणकारी योजनाओं को हमारी सरकार ने लागू किया है। जिन सबका उल्लेख करना संभव नहीं है। साथ ही साथ अभी बहुत कुछ करना है।
अंत में मैं, आप सभी को गणतंत्र दिवस की पुनः बधाई देता हूँ और आह्वान करता हँू कि इस गणतंत्र दिवस के अवसर पर हम एक ऐसा झारखण्ड बनाने का संकल्प लें, जो उन स्वप्नों एवं आशाओं के अनुरूप हो, जिसके लिए काफी त्याग और बलिदान के बाद इस राज्य का सृजन हुआ। मैं एक ऐसे झारखण्ड की परिकल्पना करता हँू, जो गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा एवं भ्रष्टाचार आदि से मुक्त हो, जिसको साकार करने में आप सभी अपनी सक्रिय भागीदारी निभायें तथा हमारे साथ-साथ आप भी अपनी वचनबद्धता दिखाएँ।
आइये, हम सब मिल कर राज्य में स्थिरता, शान्ति और समरसता का माहौल बनायें और अपनी सृजनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा से राज्य की सर्वांगीण प्रगति और उन्नति को अभूतपूर्व गति और ऊँचाई प्रदान करें।
दुमका, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज राजभवन, दुमका में आम जनता ने अपनी परेशानियों और समस्याओं को साझा किया । लोगों ने सरकार के द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की । उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी जो भी समस्याएं हैं, उसका यथोचित निराकरण होगा । इस दिशा में उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को भी आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोगों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मंत्री हफीजुल हसन अंसारी , विधायक श्री बसंत सोरेन और उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद थे ।
नईदिल्ली, (आरएनएस) देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की उपलब्धता को आसान बनाने के लिए आईआईटी बीएचयू ने ऑन बोर्ड चार्जर की नई तकनीक विकसित की है। इसकी मदद से सभी दो पहिया व चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत आधी रह जाएगी।
बीएचयू में कार्यरत टीम ने लैब स्तर पर तकनीक का सफल परीक्षण कर लिया है। बस सुधार और व्यवसाय के स्तर पर काम चल रहा है। तकनीक में आईआईटी गुवाहाटी और आईआईटी भुवनेश्वर के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। वहीं देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनियों ने तकनीक में रुचि दिखाई है।
अभी कंपनियां इलेक्ट्रिक व्हीकल में ऑन बोर्ड चार्जर को शामिल करती हैं। देश में उच्च शक्ति की बोर्ड चार्जिंग सुविधा की कमी होने से वाहनों को आउटलेट पर ही चार्ज करना पड़ता है। ऐसे में ये वाहन काफी महंगे हो जाते हैं। नई तकनीक से वाहन में अभी भी ऑन बोर्ड चार्जर होगा, लेकिन उसकी चार्जिंग क्षमता कम शक्ति की होगी। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत 50 फीसदी तक कम हो जाएगी।
आईआईटी बीएचयू के मुख्य परियोजना अन्वेषक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि पेट्रोल के बढ़ते दाम और प्रदूषण स्तर में वृद्धि को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल एक बेहतर विकल्प है। इस तकनीक से ऑन बोर्ड चार्जर की कीमत अपने आप 40 से 50 फीसदी तक कमी हो जाएगी। इसका प्रभाव यह पड़ेगा कि ईंधन पर निर्भरता कम होगी। अभी व्यावसायिक उत्पाद तैयार करके इसे मौजूदा इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाने की बात चल रही है।
*पौधों की नर्सरी तैयार कर सरकार से प्राप्त कर रहे हैं सुनिश्चित आमदनी
रांची, राज्य में चलाई जा रही दीदी बगिया योजना पौधे से पेड़ बनने की ओर अग्रसर होने लगा है।प्रगतिशील किसान माइकल एक्का खुद खेती करने के साथ अन्य किसानों को खेती के लिए प्रेरित भी करते हैं। गुमला के रायडीह स्थित सिलम गांव निवासी माइकल कड़ी मेहनत और राज्य सरकार के सहयोग से अपने क्षेत्र के किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ अपने परिवार को विकास के नए आयाम तक ले जाने की डगर पर अग्रसर हैं।
ऐसै हो रहा दीदी बगिया का क्रियान्वयन
2021 में राज्य सरकार ने नरेगा योजनाओं में पौधे की मांग एवं गुणवत्तापूर्ण पौधे की राज्य में अपर्याप्तता के मद्देनजर नरेगा के तहत दीदी बगिया योजना को धरातल पर उतारा। इसके माध्यम से सरकार राज्य के किसानों को एक उद्यमी के रूप में भी तैयार करने काी मंशा रखती थी। इस योजना के तहत राज्य के प्रशिक्षित किसानों को पौधा तैयार करने का अवसर मिला और सरकार ने पौधे की खरीदारी नरेगा योजना के तहत सुनिश्चित की। इससे किसान इस कार्यक्रम से जुड़े और उनके आत्मविश्वास को बल मिला। किसान इमारती पौधों शीशम, गम्हार, सागवान एवं आम के फलदार पौधे आम्रपाली, मालदा, मल्लिका एवं अन्य प्रजाति के पौधे तैयार कर सरकार को उपलब्ध कराने लगे।
माइकल की कड़ी मेहनत का मिला परिणाम
राज्य के अन्य किसानों के साथ माइकल एक्का को बागवानी एवं पौधा तैयार करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। ताकि वह प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने लिए आय का जरिया बना सके। माइकल एक्का ने वर्ष 2021-22 में दीदी नर्सरी योजना के जरिये अपनी नर्सरी में शीशम, गम्हार, सागवान और आम के 8000 पौधे उगाया। इन पौधों को नरेगा के आम बागवानी योजना के तहत सरकार द्वारा क्रय कर लिया गया। इससे माइकल को 25 हजार रुपये की आमदनी हुई। दीदी बगिया योजना के माध्यम से माइकल एक्का के लिए अतिरिक्त आजीविका का साधन उपलब्ध हुआ, जिससे उन्हें घर की जरुरतों को पूरा करने में सहयोग मिल रहा है।
नईदिल्ली, (आरएनएस)। दिल्ली पुलिस ने दिशा-निर्देश जारी कर कहा है कि राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में कोविड रोधी पूर्ण टीकाकरण करा चुके लोगों को ही शिरकत करने की इजाजत है तथा 15 साल से कम उम्र के बच्चों को कार्यक्रम में आने की अनुमति नहीं है।
पुलिस ने यह भी कहा कि लोगों को 26 जनवरी को राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान मास्क लगाने, एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखने समेत कोविड संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।
पुलिस ने ट्वीट किया कि समारोह में शामिल होने के लिए “जरूरी है कि कोविड रोधी टीके की दोनों खुराक लगवाई गई हों। आंगुतकों से आग्रह है कि वे अपना टीकाकरण प्रमाण पत्र लेकर आएं।
उसने कहा कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों को समारोह में आने की इजाजत नहीं है। गौरतलब है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान पिछले साल 16 जनवरी को शुरू किया गया था और इस महीने से यह 15-18 साल के उम्र के किशोरों के लिए भी शुरू कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने दिशा-निर्देशों में कहा कि आंगुतकों के बैठने के लिए खंड सुबह सात बजे खोल दिए जाएंगे और वे इसके हिसाब से पहुंचे।
उसने कहा कि पार्किंग का स्थान सीमित है, लिहाज़ा आंगुतकों को सलाह दी जाती है कि वे कार पूल करें या टैक्सी का इस्तेमाल करें। पुलिस ने लोगों से वैध पहचान पत्र लाने और सुरक्षा जांच में सहयोग करने का भी आग्रह किया है।
पुलिस ने ट्वीट किया कि हर पार्किंग क्षेत्र में रिमोट नियंत्रित कार लॉक की चाबियों को जमा कराने की भी व्यवस्था है।
नईदिल्ली, (आरएनएस)। रिकॉर्ड तोड़ बारिश और पहाड़ों पर भारी बर्फबारी ने पूरे उत्तर भारत को शीत की चादर से ढ़क दिया है। दिल्ली-एनसीआर व उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में तो ये हाल है कि सारा दिन अलाव के सामने बैठकर गुजर रहा है। उधर, दिल्ली के आसपास कोहरे की चादर भी छाने लगी है। हालत यह हो गए हैं कि दिन के समय दृश्यता शून्य के बराबर भी पहुंच जाती है। इसके अलावा कश्मीर, शिमला, उत्तराखंड के कुछ पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी ने भी जीना मुहाल किया हुआ है।
इस बार जनवरी के महीने में बारिश ने 121 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, साल के पहले महीने में इससे पहले इतनी बारिश 1901 में हुई थी। आईएमडी के मुताबिक, अब तक 88.2 मिलीमीटर बारश हो चुकी है। पालम में 110 मिलीमीटर बारिश हुई। इससे पहले 1989, जनवरी में 73.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक हिमालय के इलाके में हल्ली से मध्यम बारिश के कारण से दिल्ली-एनसीआर में आज भी हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार से पश्चिम बंगाल तक के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण औसतन तापमान में तीन से चार डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। इससे गलन व ठंड और भी ज्यादा बढ़ेगी। वहीं छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
नईदिल्ली, (आरएनएस)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि कोरोना वायरस महामारी पूरे देश ने झेली, लेकिन गरीब एवं मध्य वर्ग के लोग नरेंद्र मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी के भी शिकार हुए। उन्होंने एक खबर हवाला देते हुए ट्वीट किया, ”कोविड महामारी पूरे देश ने झेली, लेकिन गऱीब वर्ग व मध्यम वर्ग मोदी सरकार की ‘आर्थिक महामारी के भी शिकार हैं। अमीर-गऱीब के बीच बढ़ती ये खाई खोदने का श्रेय केंद्र सरकार को जाता है।
राहुल गांधी ने जो खबर साझा की, उसमें एक ताजा अध्ययन के हवाला से कहा गया है कि गत पांच वर्षों में सबसे गरीब 20 प्रतिशत भारतीय परिवारों की सालाना घरेलू आय करीब 53 प्रतिशत कम हो गई। इसी तरह निम्न मध्यम वर्ग के 20 प्रतिशत लोगों की घरेलू आय भी 32 प्रतिशत घट गई। इस खबर के अनुसार, गत् 5 वर्षों के दौरान देश के सबसे अमीर 20 प्रतिशत लोगों की आय 39 प्रतिशत बढ़ गई। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस खबर को लेकर ट्वीट किया, ”मोदी सरकार सिफऱ् अमीरों के लिए है! यह अब सामने है – गरीब और गरीब – ‘हम दो हमारे दो की चांदी। पिछले 5 साल में – सबसे गरीब लोगों की आय 53 प्रतिशत कम, निम्न मध्यम वर्ग की आय 32 प्रतिशत कम, अमीरों की आय 39 प्रतिशत बढ़ी। गरीब-मध्यम वर्ग पर मार, मोदी सरकार है अमीरों की सरकार!
नईदिल्ली, (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर रविवार को उन्हें नमन किया है और कहा कि देश के लिए उनके योगदान पर प्रत्येक भारतीय को गर्व है।
मोदी ने ट्वीट कर कहा, सभी देशवासियों को पराक्रम दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। प्रत्येक भारतीय को हमारे राष्ट्र के लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान पर गर्व है।
उल्लेखनीय है कि नेताजी सुभाष चंद्रबोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में कटक में हुआ था। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया था।
रांची, देश आज स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती मना रहा है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में वीर सेनानी सुभाष चंद्र बोस जी ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था ।ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जंग में उन्होंने अपने कुशल नेतृत्व और अदम्य पराक्रम का परिचय देते हुए देशवासियों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन और “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा ” का ओजस्वी नारा देकर देशवाशियों में अंग्रजों के खिलाफ संघर्ष में शामिल होने के लिए जोश भर दिया था । उन्होंने आजादी की लड़ाई को मुकाम तक पहुंचाया। आज राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा और समर्पण को याद और सम्मान करने के साथ उनके आदर्शों तथा विचारों को आत्मसात करने का दिन है। महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस को शत -शत नमन। इस अवसर पर विधायक श्री सुदिव्य कुमार , मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार श्री अभिषेक प्रसाद, मुख्यमंत्री के वरीय आप्त सचिव श्री सुनील कुमार श्रीवास्तव और श्री सुप्रियो भट्टाचार्य ने सुभाष चंद्र बोस जी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
रांची, पुलिस उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) रूपा तिर्की मौत मामले की जांच कर रहे एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के न्यायमूर्ति श्री वी के गुप्ता (झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश) ने आज वर्चुअल माध्यम से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट स्थानिक आयुक्त श्री एम आर मीणा को सौंप दी गई है। विधिक प्रक्रिया के तहत सरकार द्वारा अब इस रिपोर्ट को स्वीकृत किए जाने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा । वहीं, सार्वजनिक करने के 6 माह के अंदर जांच रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
*गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री दुमका से करेंगे योजना का शुभारम्भ, लाभुकों को मिलने लगेगा योजना का लाभ
रांची, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना अथवा झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित गरीब लोगोंको उनके दो-पहिया वाहन के लिए “पेट्रोल सब्सिडी योजना” के तहत निबंधन हेतु CMSUPPORTS एप लांच किया।
अब एप या http://jsfss.jharkhand.gov.in में निबंधन कर राशन कार्ड धारी योजना का लाभ ले सकेंगे। 26 जनवरी 2022 से योजना के जरिये राशन कार्ड से आच्छादित लाभुकों को अपने दो-पहिया वाहन के लिए प्रति माह अधिकतम 10 लीटर पेट्रोल के लिए प्रति लीटर 25 रूपये की सब्सिडी यानि 250 रूपये प्रतिमाह उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री 26 जनवरी 2022 को दुमका से योजना का शुभारम्भ कर योजना की आहर्ता पूर्ण करने वाले लाभुकों को लाभान्वित करेंगे।
*पेट्रोल सब्सिडी योजना हेतु ये है अहर्ता:-
*आवेदक को राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अथवा झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम का राशन कार्ड धारी होना चाहिए।
*राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों का सत्यापित आधार संख्या अंकित होना चाहिए।
*आवेदक के आधार से लिंक बैंक खाता संख्या एवं मोबाइल नंबर अपडेट होना चाहिए।
* आवेदक के वाहन का निबंधन आवेदक के नाम से होना चाहिए।
*आवेदक का वैद्य ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
*आवेदक का दो- पहिया वाहन झारखण्ड राज्य में निबंधित होना चाहिए।
*ऐसे करें रजिस्टर/निबंधन:-
* CMSUPPORT एप अथवा http://jsfss.jharkhand.gov.in में जाकर आवेदक को अपना राशन कार्ड एवं आधार संख्या डालना होगा, जिसके उपरांत उनके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP जायेगा।
* आवेदक का राशन कार्ड संख्या Login तथा परिवार के मुखिया का आधार का अंतिम आठ अंक का Password होगा।
*OTP सत्यापन के बाद आवेदक राशनकार्ड में नाम चुनते हुए वाहन संख्या एवं ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करेंगे।
* ऐसे होगा सत्यापन:-
*वाहन संख्या DTO के लॉगिन में जायेगा, जिसे DTO द्वारा सत्यापित किया जाएगा।
*सत्यापन के बाद सूची जिला आपूर्ति पदाधिकारी के लॉगिन में जायेगी।
इस अवसर पर मंत्री श्री आलमगीर आलम, मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव, मंत्री श्री चम्पाई सोरेन, मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री श्री बन्ना गुप्ता, मंत्री श्री मिथलेश ठाकुर, मंत्री श्रीमती जोबा मांझी, मंत्री श्री बादल पत्रलेख, मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, श्रीमती हिमानी पांडेय, सचिव खाद्य आपूर्ति व सार्वजानिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग एवं अन्य उपस्थित थे |
*गिरिडीह एवं हजारीबाग के 33 श्रमिकों ने मुख्यमंत्री से लगाई थी मदद की गुहार
*श्रम आयुक्त ने माली स्थित भारतीय दूतावास को लिखा था पत्र, जानकारी मिलने पर दूतावास ने की कार्रवाई
*भारतीय दूतावास के अधिकारियों की उपस्थिति में कंपनी एवं कर्मियों के बीच हुई बैठक
*बैठक के जरिए कंपनी की तरफ से श्रमिकों के रांची तक के हवाई टिकट एवं बकाया वेतन भुगतान की हुई व्यवस्था
*भारतीय दूतावास ने बताया- कोविड19 की वजह से माली से इंडिया के लिए एक ही साप्ताहिक फ्लाइट, जल्द घर पहुंचेंगे सभी श्रमिक
रांची, 16 दिसंबर 2021 को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में SRMI(Safe Responsible Migration Initiative) योजना के लॉन्च के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्यभर से दूसरे राज्यों एवं विदेशों तक काम की तलाश में जाने वाले श्रमिकों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि कोरोना काल के दौरान प्रवासी श्रमिकों के साथ देशभर में हुई त्रासदी को देखते हुए राज्य सरकार इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। साथ ही, प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए इस योजना की शुरुआत की जा रही है। हमारा प्रयास है कि अगर हमारे राज्य का श्रमिक या कोई भी कामगार कमाने के लिए राज्य से बाहर किसी भी स्थान पर जाता है , तो वह निर्भीक एवं सुरक्षित महसूस करे कि उनके राज्य की सरकार किसी भी प्रकार की समस्या की स्थिति में उनके साथ है।
इस योजना की शुरुआत से पहले एवं योजना की शुरुआत के बाद भी ऐसे कई मौके आए जब राज्य के बाहर किसी विपरीत परिस्थिति में फंसे श्रमिकों ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई एवं मुख्यमंत्री ने उन मामलों में पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए श्रमिकों की सकुशल घर वापसी की व्यवस्था सुनिश्चित की।
अफ्रीकी देश माली में फंसे 33 मजदूरों ने लगाई थी देश वापसी की गुहार
रविवार, दिनांक- 16 जनवरी को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को यह जानकारी मिली की अफ्रीकी देश माली में गिरिडीह एवं हजारीबाग जिले के 33 प्रवासी श्रमिक फंसे हुए हैं एवं उन्हें उनके काम का मेहनताना भी नहीं दिया जा रहा है। तीन महीने से अधिक वक्त बीत जाने के बाद भी कंपनी द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, मंत्री श्री सत्यानन्द भोक्ता को कहा- श्रमिकों के लिए हर संभव मदद की करें व्यवस्था
मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मंत्री श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विभाग श्री सत्यानंद भोक्ता को मामले में त्वरित कार्रवाई कर श्रमिकों तक हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया। जिसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता ने ट्वीटर के जरिए ही मजदूरों का संपर्क सूत्र पता कर लेबर कमिश्नर, झारखण्ड सरकार को माली स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करने का निर्देश दिया।
श्रम आयुक्त ने माली स्थित भारतीय दूतावास में राजनयिक को लिखा पत्र
मजदूरों से तत्काल संपर्क स्थापित कर एवं उनसे उनकी समस्या की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के उपरांत लेबर कमिश्नर, श्री ए मुथूकुमार ने माली स्थित भारतीय दूतावास के राजनयिक श्री अंजनी कुमार से संपर्क कर मजदूरों की समस्या के समाधान का आग्रह किया।
दूतावास के जरिए मजदूरों तक पहुंची मदद
अफ्रीकी देश माली के बमाको स्थित भारतीय दूतावास ने राज्य सरकार द्वारा दी गई जानकारी पर संज्ञान लिया। तत्पश्चात दूतावास ने मजदूरों एवं कंपनी से संपर्क स्थापित किया। दोनों ही पक्षों को मामले के समाधान के लिए 18 जनवरी को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया। भारतीय दूतावास की मध्यस्थता में आयोजित बैठक के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने एवं सभी 33 मजदूरों के माली से रांची तक की फ्लाइट टिकट की व्यवस्था करने की जिम्मेवारी ली।
साथ ही, फ्लाइट मिलने तक ये सभी मजदूर श्रमिक जब तक माली में रहेंगे, उनके रहने, खाने एवं किसी भी प्रकार की आपात व्यवस्था के लिए कंपनी जिम्मेवार होगी। इस मध्यस्थता पत्र पर श्रमिकों की तरफ से एक प्रतिनिधि एवं कंपनी की ओर से एक प्रतिनिधि ने हस्ताक्षर किया। साथ ही, भारतीय दूतावास के दो उच्च अधिकारियों ने इस पर सहमति जताई।
दूतावास ने कंपनी को मजदूरों से नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त कर उनकी घर वापसी की व्यवस्था पूरी कर सूचित करने का निर्देश भी दिया है।
*झारखंड- बिहार में पहली बार दंत चिकित्सा के क्षेत्र इस अत्याधुनिक मशीन का होगा इस्तेमाल
* लोगों के दांतो से संबंधित सभी बीमारियों का सटीक और संपूर्ण इलाज हो सकेगा
रांची, मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज वर्चुअल माध्यम से दन्ता हॉस्पिटल, बोकारो में अत्याधुनिक प्राइम स्कैन इकोसिस्टम ऑफ मशीन का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में इस अत्याधुनिक मशीन का स्थापित होना गौरव की बात है । इससे दांतों से संबंधित सभी बीमारियों का संपूर्ण इलाज हो सकेगा। यहां के लोगों को दांतों की बीमारियों के लिए बड़े शहरों के बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना होगा। उन्होंने इसके लिए हॉस्पिटल के संचालकों को बधाई दी।
कम समय में बेहतर इलाज
इस मौके पर हॉस्पिटल के संचालकों ने बताया कि झारखंड और बिहार में पहली बार इस अत्याधुनिक प्राइम स्कैन इकोसिस्टम ऑफ मशीन की सुविधा लोगों को मिलने जा रही है । इस मशीन के जरिए दांतो का कारगर और सटीक इलाज हो सकेगा । इसके अलावा दांतों के इलाज में पहले जहां कई कई -कई दिन लग जाते हैं, वहीं इस मशीन के माध्यम से अब काफी कम समय में दांतों से जुड़ी बीमारियों का पूरा उपचार हो सकेगा । लोगों को दांतो के इलाज के लिए बार-बार चिकित्सकों और अस्पताल में जाने की जरूरत नहीं होगी ।
इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे और दन्ता के डॉ अभय सिन्हा तथा डॉ मनीषा सिन्हा के अलावा हॉस्पिटल के कई चिकित्सक मौजूद थे ।
*राज्य के 9 जिलों के 30 प्रखण्डों में पर्यावरण अनुकूल सब्जी उत्पादन से किसानों को मिल रहा है फायदा
*महिला किसान भी बन रहीं सफल किसान
रांची, हमेशा से परंपरागत तरीके से खेती करने वाली रांची के ओरमांझी की रहनेवाली महिला किसान सुनीता देवी ने नहीं सोचा था कि सिंचाई के तरीके में बदलाव लाने से उत्पादन में बहुत फ़र्क आयेगा और पानी की भी समस्या नहीं रहेगी। सुनीता ने सिंचाई की कठिनाई को टपक सिंचाई से दूर करते हुए दूसरे किसानों के लिए एक मिसाल पेश की है। आज सुनीता ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी के तहत झारखण्ड बागवानी सघनीकरण टपक सिंचाई परियोजना से जुड़कर टपक सिंचाई से खेती शुरू कर अच्छी आमदनी कर रही हैं। सुनीता कहती हैं, टपक सिंचाई योजना से उनकी जिंदगी में काफी बदलाव आ गया। हमारे पास सिंचाई के लिए सिर्फ कुआँ था, जो अक्सर सूख जाता था। जिस कारण हम सिंचाई के लिए पूरी तरह बारिश पर ही आश्रित थे। लेकिन, अब ड्रिप के लग जाने के बाद खेती करना काफी आसान हो गया है। आज एक साथ कई तरह की फसल की खेती कर सालाना 1.5 लाख तक की आमदनी कर लेती हूं।
कम मेहनत, कम लागत और कम पानी में दोगुना हो रहा मुनाफा
सुनीता की ही तरह झारखण्ड बागवानी सघनीकरण टपक सिंचाई परियोजना ने राज्य की हजारों महिला किसानों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है। पश्चिमी सिंहभूम के तांतनगर प्रखण्ड के चिरची गांव निवासी संकरी परंपरागत तरीके से खेती कर सालाना 20-25 हज़ार रुपये अर्जित करती थी, अब वह टपक सिंचाई परियोजना से जुड़कर सालाना 80-90 हज़ार रुपये का मुनाफा कमा रही हैं ।
कृषि कार्यों से उद्यमी बनते कृषक
राज्य के 9 जिलों के 30 प्रखण्ड में इस परियोजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक पूरे राज्य में करीब 11800 किसान सूक्ष्म टपक सिंचाई एवं अन्य सुविधाओं को लेकर अच्छे उत्पादन से ज्यादा कमाई कर उद्यमिता के पथ पर हैं। अबतक इस परियोजना से जुड़ने के लिए करीब 23 हजार किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में किसानों को सुविधाओं से लैस करना है, ताकि झारखण्ड के कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी उन्हें सिंचाई समेत किसी प्रकार की दिक्कत ना हो। इसी कड़ी में राज्य के किसानों को टपक सिंचाई के जरिए कम पानी में बेहतर फसल उपजाने के लिए प्रशिक्षण एवं सुविधा मुहैया करायी जा रही है। जिसका उद्देश्य राज्य के कृषकों को स्थायी एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि के जरिए सब्जी उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज करवाना है। सरकार अपने उद्देश्य में सफल भी हो रही है, जिससे हजारों कृषक जो पहले साल में एक फसल पर निर्भर रहते थे, अब साल में तीन-चार फसल उपजाकर अच्छी कमाई कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक देवघर, श्री धनंजय कुमार सिंह को प्राप्त गुप्त सूचना पर दिनांक 16.01.2022 को पुलिस उपाधीक्षक (सा०प०), श्री सुमित प्रसाद एवं पुलिस उपाधीक्षक (मु0), श्री मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में देवघर जिला के मोहनपुर थाना अंतर्गत ग्राम बाबूपुर तथा करौं थाना अंतर्गत ग्राम जगाडीह से कुल 13 (तेरह) साईबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है । गिरफ्तार किये गये साइबर ठगों की अपराध शैली निम्न प्रकार हैं.1 8-30 4G₁ LTE2 KB s 1- Google पर Flipkart केCustomer Care नम्बर के स्थान पर अपना फर्जी नम्बर Customize कर हेल्प लाईन अधिकारी बनकर तथा JUST DIAL के Business App में login कर Customer Leads प्राप्त कर झांसे में लेकर आम सहायता के नाम से गुप्त जानकारी प्राप्त कर ठगी करते हैं। 2. बैंक के ग्राहकों को फर्जी बैंक अधिकारी बनकर आधार नंबर/पैन नं० लिंक करने के नाम पर मांगते हैं एवं उनसे online अकाउंट खोल लेते हैं तथा उसपर साईबर ठगी की अवैध राशी मंगवाते हैं। 983- Phone Pe Customer को Cash Back का Request भेजकर अन्य E – Wallets जैसे PayU Money, Freecharge, DhaniPay, तथा Gaming App & Dream 11,Skill Clash के माध्यम से साईबर ठगी करते हैं। 4. फर्जी मोबाइल नम्बर से फर्जी बैंक पदाधिकारी बनकर आम लोगों को ATM बंद होने एवं उसे चालू कराने के लिएSeries Call करते हैं । उसके बाद Customer को झांसे में लेकर OTP प्राप्त कर ठगी करते हैं । छापामारी का स्थान 5. PhonePe @ Paytm में पीड़ित का ATM CARD Number को ADD Money कर OTP प्राप्त कर रूपये ठगी करते हैं। 6. Team viewer एवं Quick Support जैसे Remote Access APPs Install करवाकर पीड़ित के मोबाइल पर आये OTP को अपने मोबाइल पर access कर साईबर ठगी का काम करते है ।
13 (thirteen) cyber thugs arrested from Deoghar
गिरफ्तार
1.अलिमुद्दीन अंसारी उम्र करीब 24 वर्ष पिता कांग्रेस मियाँ,तसलीम अंसारी उम्र करीब 26 वर्ष पिता तैयब मियाँ , अभियुक्तों का नाम व पता
1. अनिल यादव उम्र करीब 26 वर्ष पिता जगरनाथ यादव , 2. अजय कुमार यादव उम्र करीब 19 वर्ष , 3. संजय यादव उम्र करीब 22 वर्ष दोनों पिता सुभाष प्रसाद यादव , 4. छोटू कुमार राय उम्र करीब 19 वर्ष पिता – कालेश्वर राय चारो ग्राम बाबूपुर , थाना दृ मोहनपुर , 5. महेन्द्र कुमार मंडल उम्र करीब 19 वर्ष पिता भवानी मंडल , ग्रामदृ जगाडीह , गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से बरामद सामग्री । 8. काबुल मियाँ उम्र करीब 27 वर्ष पिता वहाब मियाँ , 9. अफजल अंसारी उम्र करीब 26 वर्ष पिता- हलीम मियाँ चारो ग्राम पंचरूखी , थाना- मारगोमुण्डा , 10. कलाम अंसारी उम्र करीब 23 वर्ष पिता मुस्तफा अंसारी , ग्राम बदीया , थाना- करौं सभी जिला – देवघर , 11. आलम अंसारी उम्र करीब 25 वर्ष पिता – रफीक अंसारी , ग्राम कासीटांड , थाना- करमाटांड , जिला- जामताड़ा , 12. सलीम अंसारी उम्र करीब 27 वर्ष पिता – राजाउद्दीन मियाँ , ग्राम- खेसवा थाना – मारगोमुण्डा , , 13. मो ० जावेद अंसारी उम्र करीब 24 वर्ष पिता- सनाउल अंसारी , ग्राम घाघरा , थाना- मारगोमुण्ड , जिला देवघर । जप्त सामान मोबाईल स नोट- अभियुक्त काबुल मियाँ साईबर थाना काण्ड संख्या 71 / 2020 दिनांक 29.10.2020 , धारा 419 / 420 / 467 / 468 / 471 / 120 ( बी ) / 34 भा 0 द 0 वि 0 एवं 66 ( बी ) 66 ( सी ) 66 ( डी ) / 84 ( सी ) आई 0 टी 0 एक्ट में आरोपित हैं जो वर्तमान मे जमानत पर मुक्त थे ।
रांची, मुसाबनी की हुनरमंद अंजली पान अब खुश है। उसकी घर वापसी सुनिश्चित हो गई है। कुछ घंटों में वह अपने परिवार से मिल सकेगी। राज्य सरकार ने उसे बेंगलुरू से सुरक्षित मुक्त करा लिया है। अंजली पान जैसी ही पोटका प्रखंड की अन्य छह युवतियां अपने घर लौट रही हैं।
बंधक बनी थीं युवतियां
सिलाई में निपुण अंजली पान ने बताया कि कौशल विकास केंद्र डिमना से प्रशिक्षण लेने के बाद वह अपने सहयोगियों के साथ बेंगलुरु स्थित एक वस्त्र उद्योग में सिलाई – कढ़ाई का काम करने गयी थी। वहां पहुंचने पर सभी को काम पर लगा दिया गया।लेकिन, जिस तरह की सुविधा देने की बात कही गयी थी, वैसी नहीं दी गई। उनके साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं किया जा रहा था। ना तो सही तरह से रहने की सुविधा दी और ना खाने की सुविधा मिली। वार्डेन से शिकायत करने पर वार्डेन द्वारा मारपीट की धमकी दी जाती थी। वे लोग घर लौटना चाहती थी, लेकिन आने नहीं दिया जा रहा था। उन्हें बंधक बना कर रखा गया था।
ऐसे हुई वापसी
युवतियों ने मामले की जानकारी कौशल विकास केंद्र डिमना को देने के साथ घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक से गुहार लगायी। मुख्यमंत्री के संज्ञान में मामला आते ही श्रम विभाग और पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को यथाशीघ्र युवतियों के सुरक्षित वापसी का आदेश दिया गया। इसके उपरांत श्रम विभाग ने सक्रियता के साथ सभी के घर वापसी का मार्ग प्रशस्त किया।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन किया। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं और बधाई दी।
*रांची में दो तथा जमशेदपुर, रामगढ़, देवघर चाकुलिया (पूर्वी सिंहभूम) और कुचाई (सरायकेला- खरसावां) में एक -एक पीएसए
प्लान्ट अधिष्ठापित किए गए हैं
*सीमित संसाधनों के बीच बेहतर प्रबंधन से कोविड-19 को नियंत्रित करने का प्रयास
* लोगों को उनके घर के निकटवर्ती अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सीय सुविधा कराया जा रहा उपलब्ध
*सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य संरचनाओं का भविष्य में भी बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित हो – श्री हेमन्त सोरेन,
मुख्यमंत्री, झारखंड
रांची,कोविड-19 महामारी के बीच राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रयास जारी है । इस कड़ी में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक स्वास्थ्य से संबंधित आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है, ताकि लोगों को उनके घर के निकटवर्ती अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर चिकित्सीय लाभ मिल सके । मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज पाथ ऑर्गनाइजेशन के सहयोग से राज्य के विभिन्न अस्पतालों में सात नए पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का ऑनलाइन उद्घाटन करते हुए कही । उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा जो भी स्वास्थ्य संरचनाएं खड़ी की गई हैं, इसका कोरोना महामारी के अलावा भविष्य में भी बेहतर इस्तेमाल हो, इसे सुनिश्चित करना जरूरी है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में हर दिन नई कड़ी जोड़ रहे हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 2 वर्ष पहले जब कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया में दस्तक दी थी तो झारखंड भी इससे अछूता नहीं था। हमारी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि कोरोना की जांच की सुविधा तक राज्य में उपलब्ध नहीं थी।लेकिन, आज हर जिले में पीएसए प्लांट अधिष्ठापित किए जा चुके हैं। कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर और अत्याधुनिक कोबास मशीन भी यहां है। अस्पतालों में लगभग 25 हज़ार बेड उपलब्ध हैं। अब राज्य में ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड, आईसीयू और वेंटीलेटर की पर्याप्त उपलब्धता है। सरकार का प्रयास है कि चिकित्सीय संसाधनों की कमी से किसी मरीज को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
तीसरी लहर को भी काबू में करने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बीच बेहतर प्रबंधन के साथ हमने कोरोना के खिलाफ जंग शुरू की और सभी ने देखा है कि पहली दो लहरों को नियंत्रित करने में काफी हद तक कामयाबी हासिल की। अभी तीसरी लहर चल रही है और इसे भी काबू में करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ।
लोगों को जागरूक करना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी कब तक जारी रहेगा । इसका आकलन करना बेहद मुश्किल है। लेकिन, ऐसे हालात में इसके संक्रमण से बचने के लिए हम सभी को सावधान तथा सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था तो कर ही रही है । लेकिन, इसके साथ इस महामारी से बचाव के तौर- तरीके लोगों को बताने के साथ कोविड-19 दिशा निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराना सबसे ज्यादा अहमियत रखता है।इसमें हम सभी का सहयोग बेहद जरूरी है।
यहां अधिष्ठापित किए गए हैं पीएसए प्लांट
पाथ संगठन के सहयोग से रांची के सदर अस्पताल में दो, जमशेदपुर के मर्सी हॉस्पिटल में एक, रामगढ़ ट्रॉमा सेंटर में एक, देवघर सदर अस्पताल में एक और चाकुलिया (पूर्वी सिंहभूम) तथा कुचाई (सरायकेला- खरसावां) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक -एक पीएसए ऑक्सीजन प्लांट अधिष्ठापित किए गए हैं ।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरुण कुमार सिंह के अलावा मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय से मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का और मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे के अलावा पाथ संगठन के कंट्री डायरेक्टर श्री नीरज जैन और स्टेट लीड, झारखंड श्री अभिजीत सिन्हा ऑनलाइन मौजूद थे।
*मुख्यमंत्री ने 17,222.02 करोड़ रुपए की 1454 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया, लाभुकों के बीच बांटी परिसंपत्ति
*मुख्यमंत्री ने पेट्रोल में प्रति लीटर 25 रुपए का राहत देने की घोषणा की, अगले वर्ष 26 जनवरी से गरीबों को मिलेगा लाभ
*मुख्यमंत्री ने कहा- छात्र -छात्राओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना जल्द, विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति योजना का बढ़ेगा दायरा
*जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने का प्रयास कर रही है यह सरकार
*शासन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए “आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार ” कार्यक्रम का मिला सार्थक परिणाम – श्री रमेश बैस राज्यपाल, झारखंड
*झारखंड अब ना रुकेगा और झुकेगा, निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा. सरकार कर रही काम
*आपके दरवाजे पर अब पहुंच रहा सरकारी महकमा ,कल्याणकारी योजनाओं से आपको जोड़ने का चल रहा अभियान – श्री हेमन्त सोरेन मुख्यमंत्री , झारखंड
मोरहाबादी मैदान, रांची – लोकतंत्र में जनता का हित सर्वोपरि होता है . सरकार का लक्ष्य होना चाहिए कि वह जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर खरा उतरे. राज्यपाल श्री रमेश बैस ने आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार के 2 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही । उन्होंने मुख्यमंत्री को की दूसरी वर्षगांठ की बधाई देते हुए कहा कि सरकार आम जनता के कल्याण के लिए लगातार कोशिश कर रही है . उन्होंने कोरोना काल में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की . राजपाल ने शिक्षा स्वास्थ्य और क्षेत्रों में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर खुशी जाहिर की. उन्होंने शासन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को कारगर कदम बताया . राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि यह सरकार भविष्य में भी समाज के सभी वर्ग और तबके के हित में कार्य करती रहेगी।
गरीबों को हर माह 10 लीटर पेट्रोल पर प्रति लीटर 25 रुपए की मिलेगी राहत
झारखंड अब ना रुकेगा और झुकेगा, निश्चित रूप से आगे बढ़ेगा. सरकार इस संकल्प के साथ अपनी कार्य योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम तेजी से कर रही है. मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में राज्यवासियों को कई सौगातें दी. उन्होंने कहा कि आज पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. इसका बुरा असर गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों को हुआ है . एक गरीब व्यक्ति घर में मोटरसाइकिल होते हुए भी पेट्रोल के पैसे नहीं रहने के कारण उसको चला नहीं पा रहा है. अपना फसल बेचने बाजार नहीं जा पा रहा है . इसलिए मैंने निर्णय लिया है कि वैसे राशन कार्डधारी यदि अपने मोटरसाइकिल या स्कूटर में पेट्रोल भरातें हैं तो 25 रुपए प्रति लीटर की दर से राशि उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेंगे। यह व्यवस्था अगले वर्ष 26 जनवरी से लागू करने जा रहे हैं । एक गरीब परिवार प्रतिमाह 10 लीटर पेट्रोल तक यह राशि प्राप्त कर सकता है ।
छात्र-छात्राओं के लिए स्टूडेंट्ड क्रेडिट कार्ड योजना बहुत जल्द
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के छात्र-छात्राओं के लिए स्टूडेंट्स क्रेडिटकार्ड योजना लागू करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा. उन्हें अपनी शिक्षा के लिए पैसे की कमी कभी बाधा नहीं बनेगी. स्टूडेट्स क्रेडिट योजना उनके बेहतर शिक्षा के सपनों का सार्थक करेगा.
झारखंड आंदोलनकारी के आश्रितों को नौकरियों में 5 प्रतिशत क्षैतिज आऱक्षण मिलेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलन की उपज है. कई लोगों ने इस राज्य के लिए हुए आंदोलन में अपनी शहादत दी. हमारी सरकार ऐसेआंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सम्मान के साथ पेंशन तो दे ही रही है. अब उन्हें सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत क्षैतिज आऱक्षण मिलेगा. मुख्यमंत्री ने समारोह में मंच से इसकी घोषणा की.
विदेशों में पढ़ाई के लिए शत प्रतिशत छात्रवृति योजना का दायरा बढ़ेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए शत प्रतिशत छात्रवृति दे रही है. इस वर्ष इस योजना के तहत छह विद्यार्थियों को विदेशों में पढ़ाई के लिए चयनित किय़ा गया है. अब राज्य सरकार इस स्कॉलरशिप योजना का दायरा बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है. अन्य वर्ग के होनहार विद्यार्थियों को भी विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप योजना से जोड़ा जाएगा.
सरकारी कर्मियों की ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग पर भी सरकार कर रही विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मियों द्वारा लंबे अर्से से ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग की जा रही है. सरकार उनकी इस मांग पर विचार कर रही है और जल्द ही विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई विभागों में हजारों की संख्या में अनुबंधकर्मी कार्यरत है. वे अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर लगातार आंदोलन करते रहते हैं. उनकी मांगें सरकार के संज्ञान में है. लेकिन, समस्याओं का समाधान आंदोलन और धरना प्रदर्शन से नहीं होगा. आप हमें सहयोग करें. वार्ता के लिए आगे आएं. हम आपकी मांग पर यथोचित निर्णय लेंगे, ताकि सभी के सहयोग से राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जा सकें.
प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब विद्यार्थियों को भी बेहतर और गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले, इस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है. इसी वजह से अगले सेशन से कई सरकारी विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई शुरू करने का निर्णय सरकार ने लिया है. यहां विद्यार्थियों को शिक्षा से संबंधित सभी जरूरी एवं मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
आप सभी के सहयोग से सरकार ने सफलतापूर्वक पूरे किए हैं दो साल
इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्यवासियों के सहयोग से हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक दो साल पूरे किए हैं. लेकिन, ये दो साल ना सिर्फ झारखंड बल्कि पूरी दुनिया के लिए संकट औऱ चुनौतीपूर्ण रहे हैं. कोरोना महामारी के कारण पूरी दुनिया की व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई. लॉक डाउन लगा और लोग अपने घरों में कैद होने को मजबूर हो गए. लोगों के सामने जीवन औऱ जीविका का संकट पैदा हो गया. ऐसे हालात में लोगों को कैसे राहत मिले, इसे लेकर सरकार लगातार मंथन करती रही. जब हालात थोड़े बेहतर हुए तो पूरी सतर्कता के साथ सरकार ने अपनी योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम शुरू किया, ताकि लोगों के जीवन और जीविका पर जो संकट आया था, उसका समाधान हो सके. इसमें हमारी सरकार की योजनाएं काफी कारगर रही. हालांकि, कोरोना का खतरा अभी भी बरकरार है. लेकिन, पूरी सावधानी के साथ विकास कार्यक्रमों को गति देने का काम चल रहा है.
आपका विश्वास हमारी ताकत, आपकी समस्याओं का कर रहे समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा का पिछले दो वर्षों में सरकार द्वारा 28-30 योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है. शहर से लेकर गांव में अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्तिय़ों को लाभ दिलाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है. पहले जहां सुदूरवर्ती गांवों में अधिकारी नहीं जाते थे. योजनाएं नहीं पहुंच पाती थी, लेकिन हमारी सरकार ने आपके अधिकार आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम चलाया. इसके तहत ना सिर्फ आपके दरवाजे पर सरकारी महकमा पहुंच रहा है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें जोड़ने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. यह जनता की सरकार है. जनता की उम्मीदों और आंकाक्षाओं को पूरा कर रहे हैं. आपकी हर समस्य़ा का समाधान होगा, हमारी सरकार पर आपने दो सालों तक विश्वास किया है, आगे भी ऐसा ही विश्वास बनाए रखें.
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बना रहे कार्ययोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को आगे ले जाने की दिशा में सरकार लगातार प्रयत्नशील है. हमारी सरकार ना सिर्फ वर्तमान बल्कि अगले 25 से 30 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर कार्य योजनाएं बना रही है. भविष्य की जरूरतें सरकार के ध्यान में है. ऐसे में हमारी जो भी योजनाएं लागू हो रही है, उसका दूरगामी प्रभाव देखने को मिलेगा. वह दिन दूर नहीं जब झारखंड एक सक्षम और सशक्त राज्य के रुप में पहचान स्थापित करेगा और अन्य राज्यों को सहयोग करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा.
खनिजों के अलावे अन्य क्षेत्रों में काफी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमतौर पर झारखंड राज्य की पहचान खनिज संसाधनों के लिए होती है. लेकिन, यहां पर्यटन और खेल समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी काफी संभावनाएं हैं. ऐसे में राज्य के पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए नई पर्यटन नीति बनाई गई है. पर्यटक स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है. वहीं खेल और खिलाडियों के लिए भी सरकार ने कई नीति बनाई है. खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति हो रही है और खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए प्रशिक्षण के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का लगातार आयोजन किया जा रहा है.
आंतरिक संसाधनों को बढाने के लिए उठाए जा रहे कई कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यवासियों के हित में सरकार कई योजनाएं बना रही है. ये योजनाएं कैसे सफलतापूर्वक लागू हों, इसके लिए संसाधनों की व्यवस्था होनी बेहद जरूरी है. इसी बात को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ईमानदार सोच, विजन और बेहतर प्रबंधन के साथ आंतरिक संसाधनों को बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है.
कई नए कार्यक्रमों की हुई शुरूआत
समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह किसान पाठशाला की शुरूआत
राज्य के किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार लगातार प्रयत्नशील है. आज राज्यस्तरीय समारोह में इसके लिए समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह किसान पाठशाला का शुभारंभ किया गया. पहले चरण में 17 किसान पाठशाला खोले जाएंगे, जबकि आने वाले तीन सालों में इसकी संख्या को बढ़ाकर एक सौ करने की योजना है.
कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ एक हजार दिनों के विशेष समर अभियान का शुभारंभ
महिलाओं को एनिमिया और बच्चों को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाना सरकार की विशेष प्राथमिकता है. इसी संदर्भ में आज एक हजार दिनों का विशेष समर अभियान शुरू करने का मुख्यमंत्री ने ऐलान किया.
प्लेसमेंट लिंक्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए एमओयू
राज्य में 12वीं पास विद्यार्थियों को आईटी की ट्रेनिंग देने के लिए श्रम विभाग और एचसीएल टेक्नोलॉजी के बीच आज एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया. इसके तहत यहां के इंटर पास विद्यार्थियों को एचसीएल कंपनी के द्वारा प्लेसमेंट लिंक्ड ट्रेनिंग प्रोगाम से जोड़ा जाएगा और प्लेसमेंट की भी व्यवस्था की जाएगी.
वन उपज को बढ़ावा और बाजार उपलब्ध कराने के लिए एमओयू
झारखंड आदिवासी बाहुल्य राज्य है. यहां की एक बड़ी आबादी अपनी जीविका के लिए वनोत्पादों पर निर्भर है. ऐसे में सरकार ने वनोत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में नीति बनाई है. इसी के तहत आज वन विभाग, कल्याण विभाग और इंडियन स्कूल ऑ फ बिजनेस के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किया गया. इससे यहां के वन उपज को व्यवसायिक बाजार उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी.
पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के पत्रकारों के लिए पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की घोषणा की. इस योजना के तहत उन्हें पांच लाख रुपए तक का बीमा कवर मिलेगा. मीडियाकर्मियों के साथ उनके परिजनों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा.
कई योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 17,222.02 करोड़ रुपए की 1454 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया. इसमें 2965.22 करोड़ रुपए की 20 राज्यस्तरीय और 10770.88 करोड़ रुपए की अन्य 1014 योजनाओं का शिलान्यास किया. इस तरह शिलान्यास किए जाने वाले योजनाओं की कुल लागत 13,736.1 करोड़ रुपए है. वहीं, 1287.51 करोड़ रुपए की लागत से 20 राज्यस्तरीय और 2198.41 करोड़ रुपए की लागत से 400 योजनाओं का उद्घाटन हुआ. इसके अलावा 1493.38 रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण लाभुकों के बीच किया गया. वहीं, कई नव चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री के द्वारा नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया.
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री शिबू सोरेन, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री आरपीएन सिंह, मंत्री श्री आलमगीर आलम और श्री सत्यानंद भोक्ता, विधायक श्री बंधु तिर्की और श्री राजेश कच्छप, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, पुलिस महानिदेशक श्री नीरज सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे के अलावे विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव/ प्रधान सचिव / सचिव मौजूद थे.