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लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू लेने वाले पत्रकार पर न करें कोई कार्रवाई

CJI चंद्रचूड़ का आदेश

नई दिल्ली 30 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – पंजाब और राजस्थान की जेलों में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू लेने वाले एबीपी न्यूज के पत्रकार के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने ये आदेश जारी किया है। पीठ में सीजेआई के अलावा, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये पीठ पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा आईपीएस प्रबोध कुमार की अध्यक्षता वाली एसआईटी को इंटरव्यू से संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश के खिलाफ दायर चुनौती पर सुनवाई कर रही थी। पिछले वर्ष दिसंबर में उच्च न्यायालय ने बिश्नोई के इंटरव्यू के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने तथा आईपीएस अधिकारी प्रबोध कुमार के नेतृत्व वाले एक विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का आदेश दिया था।

उच्च न्यायालय ने जेल परिसर में कैदियों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल से संबंधित मामले पर स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया था। कोर्ट ने लॉरेंस बिश्नोई के टीवी इंटरव्यू की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था ताकि अधिकारियों की संलिप्तता का पता लगाया जा सके।

बिश्नोई 2022 में गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपियों में से एक है। पिछले साल मार्च में एक निजी समाचार चैनल ने बिश्नोई के दो साक्षात्कार के प्रसारण किए थे।

आज, मुख्य न्यायाधीश ने एबीपी न्यूज नेटवर्क और पत्रकार जगविंदर पटियाल द्वारा दायर रिट याचिका नोटिस जारी किया। साथ ही उन्होंने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्रकार का उद्देश्य अपराधियों को बेनकाब करना था, लेकिन जेल परिसर के भीतर इंटरव्यू आयोजित करना जेल के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

सीजेआई ने कहा, “एक हद तक, शायद आपके मुवक्किल ने इंटरव्यू की मांग करके जेल के कुछ नियमों का उल्लंघन किया हो। लेकिन यह तथ्य कि यह जेल में भी हो सकता है, एक बहुत गंभीर मामला है।” इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि इंटरव्यू ने (जेलों में मौजूद) ‘सड़ांध को उजागर करने’ में मदद की।

उन्होंने तर्क दिया कि पत्रकार ने खोजी पत्रकारिता के हिस्से के रूप में एक स्टिंग ऑपरेशन किया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे बिश्नोई कनाडा में गैंगस्टर गोल्डी बरार के संपर्क में था और काले हिरण केस के मद्देनजर सलमान खान के खिलाफ हमले की साजिश रच रहा था।

हालांकि, मुख्य न्यायाधीश ने सवाल उठाया कि क्या इससे जेल प्रतिबंधों के उल्लंघन को उचित ठहराया जा सकता है और क्या इससे उच्च न्यायालय द्वारा जेलों में सुरक्षा खतरों पर उठाई गई चिंताओं को नकारा जा सकता है। उन्होंने कहा, “समस्या और तथ्य यह है कि आप जेल तक एक्सेस हासिल कर लेते हैं और जेल से इंटरव्यू करते हैं, क्या आप ऐसा कर सकते हैं?

क्या हम कह सकते हैं कि उच्च न्यायालय गलत है? कारावास के अपने कुछ प्रतिबंध हैं।” खोजी पत्रकारिता का जिक्र करते हुए रोहतगी ने जवाब दिया, “अगर आप मैसेंजर को ही मार देंगे तो सड़ांध को कौन उजागर करेगा?” फिलहाल न्यायालय ने मामले में नोटिस जारी किया है और पंजाब और राजस्थान राज्यों के साथ-साथ केंद्र से भी जवाब मांगा।

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झारखंड की हेमंत कैबिनेट में मंत्री बने रामदास सोरेन

राज्यपाल ने दिलाई शपथ

रांची 30 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): घाटशिला से विधायक रामदास सोरेन आज हेमंत सोरेन के मंत्रिमंडल में शामिल हो गए। शुक्रवार सुबह 10.30 बजे राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस मौके पर सीएम हेमंत सोरेन सहित उनके कैबिनेट के कई अन्य मंत्री मौजूद रहे।

61 वर्षीय रामदास सोरेन विधानसभा कि घाटशिला सीट से झामुमो के विधायक हैं। 28 अगस्त को चंपई सोरेन के मंत्री पद से इस्तीफे की वजह से कैबिनेट में एक मंत्रीपद की एक सीट खाली हुई थी। चंपई सोरेन उच्च शिक्षा एवं तकनीकी और जल संसाधन विभाग में मंत्री थे।

संभावना जताई जा रही है कि रामदास सोरेन को ये दोनों विभाग का ही कार्यभार दिया जाएगा। चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने से राज्य के कोल्हान इलाके में सियासी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

ऐसे में उनकी जगह रामदास सोरेन को मंत्री बनाए जाने के फैसले को सियासी ‘डैमेज कंट्रोल’ की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। 61 वर्षीय रामदास सोरेन भी चंपई सोरेन की तरह संथाल आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते हैं और उनकी राजनीति भी कोल्हान प्रमंडल में केंद्रित रही है।

वह घाटशिला से दो बार विधायक चुने गए हैं। बता दें कि 31 जनवरी को हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद चंपई सोरेन सीएम बनाए गए थे। फिर, करीब पांच महीने बाद जब हेमंत सोरेन जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए तो उसके छठे दिन 4 जुलाई को ही चंपई सोरेन से इस्तीफा ले लिया गया था और हेमंत सोरेन ने फिर से सीएम पद की शपथ ली थी।

हालांकि हेमंत सोरेन की सरकार में चंपई सोरेन मंत्री के रूप में शामिल हुए थे, लेकिन वे नाराज चल रहे थे। 18 अगस्त को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपनी व्यथा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि उनका अपमान किया गया और सीएम पद से इस्तीफा ले लिया गया।

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BJP में शामिल हुए झारखंड के पूर्व CM चंपई सोरेन

रांची 30 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ साढ़े चार दशकों की राजनीतिक यात्रा को विराम देने के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन शुक्रवार को औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए।

रांची के धुर्वा स्थित शहीद मैदान में आयोजित एक बड़ी जनसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री और झारखंड भाजपा के चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान, चुनाव सह प्रभारी एवं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने उनका पार्टी में स्वागत किया। इसके पहले चंपई सोरेन ने कहा कि वह झारखंड के नवनिर्माण का संकल्प लेकर भारतीय जनता पार्टी में आए हैं।

चंपई सोरेन के साथ उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन और सरायकेला-खरसावां जिला परिषद के अध्यक्ष तथा पार्टी के कद्दावर नेता सोनाराम बोदरा सहित कई लोग भाजपा में शामिल हुए। जनसभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चंपई सोरेन उन नेताओं में शामिल रहे हैं, जिनके संघर्षों की बदौलत अलग झारखंड का निर्माण हुआ।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ऐसे नेता को अपमानित किया है। अब वे भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं और नए झारखंड के निर्माण का संकल्प लेकर आए हैं। बता दें कि चंपई सोरेन ने 18 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर झामुमो से अलग नया अध्याय शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने लिखा था कि राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए झामुमो में उनका अपमान किया गया। उनसे जिस तरह सीएम पद से इस्तीफा लिया गया, वह बेहद अपमानजनक था।

इसके बाद 28 अगस्त की रात उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के पत्र में पार्टी अध्यक्ष शिबू सोरेन से अपनी व्यथा जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा था, “अत्यंत ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके मार्गदर्शन में जिस पार्टी का सपना हम जैसे कार्यकर्ताओं ने देखा था, एवं जिस के लिए हम लोगों ने जंगलों, पहाड़ों एवं गांवों की खाक छानी थी.

आज पार्टी अपनी उस दिशा से भटक चुकी है।” झारखंड की राजनीति में ‘कोल्हान टाइगर’ के नाम से मशहूर रहे 68 वर्षीय चंपई सोरेन सरायकेला विधानसभा क्षेत्र से छह बार विधायक रहे हैं।

पांच महीने तक मुख्यमंत्री रहने के अलावा वह राज्य सरकार में तीन बार मंत्री भी रहे हैं। लगभग 45 वर्षों से झामुमो के साथ राजनीति करने वाले चंपई सोरेन पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन के अनन्य सहयोगी रहे हैं।

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आज भारत में होता है दुनिया का आधा रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन: मोदी

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में बोले पीएम

मुंबई,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मुंबई स्थिति जियो व?र्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 में शामिल हुए. इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया.

पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में अभी त्योहारों का मौसम है, अभी अभी जन्माष्टमी हमने मनाई है और खुशी देखिए हमारी इकॉनोमी और मार्केट में भी उत्सव का माहौल है.

इस फेस्टिव मूड में ये ग्लोबल फिनटेक फैस्टिवल हो रहो रहा है वो भी सपनों की नगरी मुंबई में.

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि, एयरपोर्ट से लेकर फूड और शॉपिंग एक्सपीरियंस तक तक भारत की फिनटेक क्रांति चारों तरफ दिखती है, पिछले 10 साल में फिनटेक स्पेस में 31 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हुआ है. दस साल में हमारे फिनटेक स्टार्टअप में 500 प्रतिशत वृद्धि हुई है, सस्ते मोबाइल फोन, सस्ते डेटा और जीरो बैलेंस जनधन खातों ने भारत में कमाल कर दिया है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि एक दशक में ही ब्रॉडबैंड यूजर 6 करोड़ से बढ़कर 94 करोड़ हो गए हैं. आज 18 वर्ष से ऊपर का शायद ही कोई भारतीय हो जिसके पास उसकी डिजिटल आइडेंटिटी आधार कार्ड नहीं है.

आज 530 मिलियन (53 करोड़) लोगों के पास जनधन खाते हो गए हैं. यानी दस साल में हमने पूरी यूरोपियन आबादी के बराबर लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा है.

पीएम मोदी ने कहा कि जनधन-आधार- मोबाइल की त्रिनीति ने एक और ट्रांसफॉर्मेशन को गति दी है., कभी लोग कहते थे कि कैश इज किंग, आज दुनिया का करीब-करीब आधा रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है. दुनिया का भारत का यूपीआई फिनटेक का बहुत बड़ा उदाहरण बन गया है.

आज गांव हो या शहर, सर्दी हो या गर्मी, बारिश हो या बर्फ गिर रही हो, भारत में बैंकिंग सर्विस चौबीस घंटे, सातों दिन, 12 महीने चलती रहती है. कोरोना के इतने बड़े संकट के दौरान भी भारत दुनिया के उन देशों में था जहां हमारी बैंकिंग सर्विस बना किसी दिक्कत के चलती रही.

पीएम मोदी ने कहा कि अभी दो तीन दिन पहले ही जनधन योजना के 10 साल पूरे हुए हैं. जनधन योजना महिला सशक्तिकरण का बहुत बड़ा माध्यम बनी है, जनधन योजना के चलते करीब 29 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुले हैं, इन खातों में महिलाओं के लिए शेविंग और इनवेस्टमेंट के लिए नए अवसर बनाए हैं.

इन्हीं जनधन खातों की फिलोसॉफी पर हमने माइक्रो फाइनेंस की सबसे बड़ी स्कीम मुद्रा लॉन्च की. इस स्कीम से अभी तक 27 ट्रिलियन रुपये से अधिक का क्रेडिट दिया जा चुका है. इस स्कीम की करीब 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं.

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ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को फिर लिखी चिट्ठी

कहा-मेरे पत्र का कोई जवाब नहीं मिला

कोलकाता,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल में महिला ट्रेनी डॉक्टर के रेप हत्या के मामले में हंगामे के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा कि, उन्होंने पहले दुष्कर्म के मामलों के लिए कड़े केंद्रीय कानून और अपराधियों के लिए अनुकरणीय सजा का अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा, बलात्कार की घटनाओं पर कड़े केंद्रीय कानून की आवश्यकता और ऐसे अपराधों के अपराधियों को कड़ी सजा देने की आवश्यकता के संबंध में आप कृपया 22 अगस्त, 2024 के मेरे पत्र संख्या 44-सीएम (प्रतिलिपि संलग्न) का संज्ञान ले सकते हैं. इतने संवेदनशील मुद्दे पर आपकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला.
हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्री की ओर से एक जवाब मिला है, जो पत्र में उठाए गए मुद्दे की गंभीरता को बमुश्किल से दर्शाता है. ममता बनर्जी ने कहा कि, मेरा विचार है कि इस सामान्य उत्तर को भेजते समय विषय की गंभीरता और समाज के लिए इसकी प्रासंगिकता की पर्याप्त सराहना नहीं की गई है. इतना ही नहीं, मैं इस क्षेत्र में कुछ पहलों का भी उल्लेख करूंगा जो हमारे राज्य ने पहले ही की हैं, जिन्हें उत्तर में नजरअंदाज कर दिया गया है.
ममता बनर्जी ने इस पत्र में आगे लिखा है कि, राज्य सरकार ने 10 विशेष पोक्सो अदालतों को मंजूरी दी है. उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि राज्य में 88 फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें और 62 पोक्सो -नामित अदालतें राज्य भर में काम कर रही हैं जिनका पूरा खर्च राज्य सरकार उठा रही है. इन अदालतों की निगरानी में मामलों का निपटान किया जा रहा है.
सीएम ममता ने आगे लिखा है कि, केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, केवल सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों को एफटीएससी में पीठासीन अधिकारी के रूप में तैनात किया जा सकता है, लेकिन माननीय उच्च न्यायालय ने कहा है कि मामलों की गंभीरता को देखते हुए, स्थायी न्यायिक अधिकारियों को तैनात करने की आवश्यकता है. इसके लिए भारत सरकार के स्तर पर परीक्षण और उसके बाद उचित कार्रवाई की आवश्यकता है, जिसके लिए आपका हस्तक्षेप आवश्यक होगा.
ममता बनर्जी ने अपने पत्र में लिखा है कि, इसके साथ ही राज्य में हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 ठीक से काम कर रही हैं, इसके अलावा आपातकालीन स्थितियों में डायल-100 का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है.

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वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी ने आमंत्रित किए सुझाव

नई दिल्ली,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। वक्फ ( संशोधन) बिल 2024 पर विस्तार से विचार-विमर्श करने के लिए शुक्रवार को जेपीसी की दूसरी बैठक के लिए सुझाव मांगे गए।

जेपीसी ने बिल पर अपना-अपना पक्ष रखने के लिए कई मुस्लिम संगठनों को आमंत्रित किया है। ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत-ए-उलेमा- मुंबई, इंडियन मुस्लिम्स फॉर सिविल राइट्स -नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और राजस्थान मुस्लिम वक्फ बोर्ड के प्रतिनिधि शुक्रवार को जेपीसी की बैठक में बिल को लेकर अपना-अपना पक्ष रखेंगे।

इससे पहले जेपीसी की पहली बैठक 22 अगस्त को हुई थी,जो काफी हंगामेदार रही थी। बैठक में भाजपा और विपक्षी सांसदों के बीच बिल के उद्देश्य और इसके प्रावधानों को लेकर तीखी बहस हुई थी। उसी बैठक में विपक्षी सांसदों की तरफ से यह सुझाव भी दिया गया था कि बिल से जुड़े सभी हितधारकों के साथ व्यापक विचार विमर्श के लिए अखबारों में विज्ञापन देकर सुझाव आमंत्रित करना चाहिए।

सांसदों की इस मांग को स्वीकार करते हुए जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली जेपीसी ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पर सुझाव आमंत्रित किए है। लोक सभा सचिवालय की तरफ से विज्ञापन जारी कर यह बताया गया है कि, वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को लेकर कोई भी व्यक्ति या संस्था डाक, फैक्स और ईमेल के माध्यम से अपने सुझाव जेपीसी को भेज सकती है।

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी किए गए विज्ञापन के अनुसार,लोकसभा में पेश वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 को जांच और रिपोर्ट के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है। प्रस्तावित विधेयक के व्यापक निहितार्थों को ध्यान में रखते हुए, जगदंबिका पाल की अध्यक्षता में गठित समिति ने आम जनता और विशेष रूप से गैर सरकारी संगठनों/विशेषज्ञों/हितधारकों और संस्थानों से विचार/सुझाव वाले ज्ञापन आमंत्रित करने का निर्णय लिया है।

इसमें आगे कहा गया है कि, समिति को लिखित ज्ञापन या सुझाव देने के इच्छुक लोग अंग्रेजी या हिंदी में दो प्रतियां संयुक्त सचिव (जेएम), लोकसभा सचिवालय, कमरा नंबर 440, पार्लियामेंट हाउस एनेक्सी, नई दिल्ली-110001, पर भेज सकते हैं।

फैक्स के लिए नंबर -23017709 भी जारी किया गया है। सुझाव देने के लिए समिति की तरफ से मेल आईडी भी जारी किया गया है।

इस विज्ञापन के प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर सुझाव भेजे जा सकते हैं। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की कॉपी लोकसभा की वेबसाइट पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में अपलोड है।

समिति को सौंपे गए ज्ञापन या सुझाव समिति के रिकॉर्ड का हिस्सा होंगे और उन्हें गोपनीय माना जाएगा। ये समिति के विशेषाधिकारों से भी जुड़े माने जाएंगे।

यह भी कहा गया है कि जो लोग ज्ञापन प्रस्तुत करने के अलावा समिति के समक्ष उपस्थित होकर,अपनी बात रखना चाहते हैं वे इस बारे में विशेष तौर पर अपनी इच्छा व्यक्त कर सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में फैसला करने का अंतिम अधिकार समिति का ही होगा।

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वायुसेना का अभ्यास तरंग शक्ति दिखाएगा आत्मनिर्भर भारत की ताकत

नई दिल्ली,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय वायु सेना की पहली मल्टीनेशन एयर एक्सरसाइज तरंगशक्ति-2024 का दूसरा शुक्रवार को जोधपुर में प्रारंभ हो रहा है।

तरंगशक्ति का दूसरा चरण 30 अगस्त से 14 सितंबर तक चलेगा।

यह विश्व के समक्ष भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाने का भी एक बड़ा अवसर है।

यही कारण है कि जोधपुर में भारतीय रक्षा उपकरणों की शानदार एग्जिबिशन होगी। इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास में भारतीय वायु सेना के साथ अमेरिकन एयर फोर्स व अन्य राष्ट्र संयुक्त अभ्यास करते दिखाई देंगे। सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, बांग्लादेश श्रीलंका, जापान और यूएई आदि देशों के लड़ाकू विमान भी इस अभ्यास का हिस्सा बनेंगे।

शुक्रवार शाम अभ्यास तरंग शक्ति के दूसरे चरण का आगाज होगा। इस बहुराष्ट्रीय एयर फोर्स एक्सरसाइज का एक मुख्य फोकस आत्मनिर्भरता के तहत स्वदेशी क्षमताओं का प्रदर्शन करना है।

अभ्यास के दौरान सुलूर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की मेड इन इंडिया प्रदर्शनी आयोजित की गई थी। अभ्यास के दूसरे चरण में जोधपुर में भी भारतीय उपकरणों की ऐसी प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

अभ्यास में भारत के स्वदेशी एलसीए तेजस, एलसीएच प्रचंड और अन्य हथियार प्रणालियों सहित मेक-इन-इंडिया उपकरण को प्रदर्शित किया जा रहा है। भारतीय वायु सेना अपने राफेल, सुखोई, मिराज, जगुआर, तेजस, मिग-29 फाइटर जेट और प्रचंड व रुद्र लड़ाकू हेलीकॉप्टर के साथ प्रदर्शन करेगी। इस अभ्यास में भारत के एएलएच ध्रुव, सी-130, आईएल-78 भी अपनी क्षमता दिखाएंगे। तरंग-शक्ति 2024 का ये दूसरा चरण है।

इससे पहले तमिलनाडु के सुलूर में इसका पहला चरण पूरा किया गया था। जोधपुर में आयोजित दूसरे चरण में तेजस, सुखोई के साथ लूफ्तवाफे जर्मन एयर फोर्स, स्पेनिश एयरफोर्स के यूरोफाइटर टाइफून एक्सरसाइज में उड़ान भरेंगे। वहीं अमेरिका का एफ-16 यहां नजर आ सकता है।

इस अभ्यास में भाग लेने के लिए कुल 51 देशों को आमंत्रित किया गया है। जिन देशों को इसमें आमंत्रित किया गया है उनमें बांग्लादेश भी शामिल है, और बांग्लादेश इस अभ्यास के दूसरे चरण का हिस्सा बन रहा है। अभ्यास की पहले चरण में जर्मनी स्पेन और इंग्लैंड टाइफून फाइटर प्लेन का इस्तेमाल करते दिखे थे।

वहीं फ्रांस की ओर से इस सैन्य अभ्यास में राफेल फाइटर जेट शामिल हुए। अब अमेरिका व ग्रीस समेत कई अन्य देश 14 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित होने वाले अभ्यास तरंग शक्ति के दूसरे चरण में शामिल हो रहे हैं। वायु सेना भारत में पहला बहुराष्ट्रीय अभ्यास तरंग शक्ति का आयोजन कर रही है। इस अभ्यास के प्रथम चरण के पहले दिन फ्रांस, जर्मनी, इंग्लैंड और स्पेन समेत भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुलूर स्थित तमिलनाडु के एयरफोर्स स्टेशन पर पौधारोपण किया था।

इस अभ्यास में रूस को आमंत्रित किया गया था। गौरतलब है कि रूस लंबे समय से यूक्रेन के साथ हो रहे युद्ध में है। संघर्ष के कारण वह इस अभ्यास में भाग नहीं ले रहा है। ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास में 12 वायु सेनाओं के फाइटर व स्ट्रैटेजिक विमान शामिल हो सकते हैं।

इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, जर्मनी व यूएई के फाइटर जेट शामिल हैं। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि तरंग शक्ति युद्धाभ्यास अमेरिका के ‘रेड फ्लैग वॉर गेम’ के स्तर का होगा। रेड फ्लैग वॉर गेम में नाटो देश रहते हैं।

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अपने प्रदेश को सुरक्षित नहीं रख पा रहीं सीएम ममता

लगाया जाए राष्ट्रपति शासन

चिराग पासवान की केंद्र से मांग

नईदिल्ली,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल की घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आज फिर ममता बनर्जी पर बोला हमला है। चिराग पासवान ने कहा कि हम चाहते हैं कि वहां पर केंद्र सरकार राष्ट्रपति शासन लागू करवाए।

कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की घटना पर जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। ममता बनर्जी अपने प्रदेश को सुरक्षित नहीं रख पा रही हैं। ऐसे में एक महिला मुख्यमंत्री होते हुए भी वहां पर महिला सुरक्षित नहीं हैं।

वहीं, इसके पहले चिराग पासवान ने पिछले हफ्ते ममता बनर्जी पर अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए निशाना साधा था। चिराग पासवान ने कहा था कि यह पश्चिम बंगाल में टीएमसी सरकार की कमजोरी को दर्शाता है।

ममता बनर्जी मुख्यमंत्री के रूप में सड़कों पर उतती हैं, तो क्या आप जनता को न्याय का आश्वासन दे रहे हैं या आप उनके बीच भय का माहौल बना रहे हैं? यह कहीं न कहीं एक मुख्यमंत्री के रूप में ममता बनर्जी की कमजोरी को भी दर्शाता है।

महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर शुक्रवार को एक डॉक्टर के साथ बीजेपी के नेता भी कोलकाता की सड़कों पर उतर आए। टीएमसी के स्टूडेंट विंग के छात्र भी अपने कॉलेजों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

टीएमसी ने पूरे बंगाल में कॉलेज विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। टीएमसी ने केंद्र से बलात्कारियों के लिए मृत्युदंड का कानून पारित करने की मांग की है। टीएमसी 31 अगस्त को हर ब्लॉक पर धरना देगी।

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शिवाजी महाराज से सिर झुकाकर माफी मांगता हूं: मोदी

मूर्ति गिरने की घटना पर बोले पीएम

मुंबई,30 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के पालघर में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए 26 अगस्त को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना के लिए माफी मांगी.

उन्होंने मालवन में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने की घटना कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं.आज मैं अपने भगवान छत्रपति शिवाजी महाराज से सिर झुकाकर माफी मांगता हूं. हमारे संस्कार अलग हैं, हम वे लोग नहीं हैं जो भारत माता के महान सपूत, इस धरती के सपूत वीर सावरकर को गाली देते रहें और उनका अपमान करते रहें.

उन्होंने कहा कि जो लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना देवता मानते हैं और उन्हें गहरी ठेस पहुंची है, मैं उनसे सिर झुकाकर माफी मांगता हूं. हमारे मूल्य अलग हैं. हमारे लिए हमारे देवता से बड़ा कुछ नहीं है.

पालघर में जनता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी कहा कि आज भारत की विकास यात्रा के लिए बहुत बड़ा दिन है. विकसित महाराष्ट्र, विकसित भारत के संकल्प का सबसे अहम हिस्सा है. इसलिए, चाहे पिछले10 साल हों या फिर अब मेरी सरकार का तीसरा कार्यकाल, महाराष्ट्र के लिए लगातार बड़े फैसले लिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि वधावन पोर्ट के उदघाट्न के बाद कहा कि महाराष्ट्र के पास विकास के लिए जरूरी शक्ति और संसाधन मौजूद हैं. आज वधावन पोर्ट की आधारशिला रखी गई है और इस पर 76,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. ये देश का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट होगा.

पीएम मोदी ने आगे कहा, पिछले एक दशक में भारत के समुद्री तटों पर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है, हमने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया है, जलमार्गों का विकास किया है. इस दिशा में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है. निजी निवेश भी बढ़ा है… हमारे युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है, उन्हें नए अवसर मिल रहे हैं. आज पूरी दुनिया की नजर वधावन बंदरगाह पर है…इससे इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल जाएगी.

इससे पहले पीएम मोदी ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर विभिन्न कदम उठा रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 31 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है. एंजल टैक्स को समाप्त करना भी इस क्षेत्र की वृद्धि की दिशा में एक कदम है. एंजल कर (30 प्रतिशत से अधिक की दर से आयकर) का मतलब वह आयकर है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाती हैज्यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है.

प्रधानमंत्री ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को संबोधित करते हुए नियामकों से साइबर धोखाधड़ी रोकने और लोगों की डिजिटल समझ बढ़ाने के लिए और कदम उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं के लोकतंत्रीकरण में वित्तीय प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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हिमाचल विधानसभा में नई आबकारी पॉलिसी के मुद्दे पर हंगामा

जयराम ठाकुर बोले- बड़ा घोटाला हुआ है

शिमला ,29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को मानसून सत्र के दौरान विपक्ष का हंगामा हुआ। भाजपा ने आबकारी नीति में घोटाले का आरोप लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया।

पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आबकारी नीति पर कहा, भाजपा ने सरकार बनते ही ठेकों की नीलामी कराई थी। इसके तहत 11 से 12 फीसदी के बीच फायदा हुआ। मुख्यमंत्री को मालूम होना चाहिए कि बाद में कोविड के कारण आय में कमी दर्ज की गई। लेकिन, मैं उन्हें तथ्यों से अवगत कराना चाहता हूं कि आबकारी नीति में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है।

उन्होंने हिमाचल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, छोटे यूनिटों से प्रदेश के बहुत सारे युवाओं को रोजगार मिलता है, लेकिन इस सरकार ने इसे भी समाप्त कर दिया। सरकार ने आबकारी नीति बनाने के लिए पहले से ही प्लानिंग कर ली थी। इन्होंने कहा कि बड़े आदमी लाओ, तभी तो रेट में 50 हजार का फर्क है। इससे साफ है कि ये एक बड़ा घोटाला है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, सदन में हमने आबकारी नीति का मुद्दा उठाया था। लेकिन, सीएम ने आंकड़ों को सदन में गलत तरीके से पेश किया। जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
दरअसल, भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में शराब घोटाले का मामला उठाया।

उन्होंने कहा, आबकारी पॉलिसी मामले में बहुत बड़ी गड़बड़ी हुई, जिसे शराब घोटाला भी कहा जाए तो ऐसा बोलना गलत नहीं होगा। सरकार नई आबकारी नीति लाई, जिसके तहत ठेकों की नीलामी जिलेवार तरीके से की गई। हर साल रिजर्व प्राइज से ज्यादा की बोली लगती है, लेकिन इस बार रिजर्व प्राइज से कम की बोली भी लगी है। यह एक घोटाला है, जिसकी जांच की जानी चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा, मेरा यह सवाल था कि सरकार जो नई पॉलिसी लाई है। शराब को एमएसपी के तहत बेचा गया, लेकिन पहले एमआरपी के तहत शराब बेची जाती थी। प्रदेश में शराब की बोतलों को 200 से 250 रुपये तक महंगा बेचा गया। इससे जुड़े कई वीडियो भी वायरल हुए। यह एक बड़ा घोटाला है। इस मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

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के कविता के जेल से बाहर आने पर पार्टी नेताओं ने मनाया जश्न

पिता केसीआर से की मुलाकात

हैदराबाद ,29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली आबकारी नीति मामले में पांच महीने से अधिक समय बाद जेल से बाहर आई भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की एमएलसी के. कविता ने गुरुवार को अपने पिता और पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव से मुलाकात की।

बुधवार शाम हैदराबाद पहुंचीं कविता चंद्रशेखर राव से मिलने के लिए सिद्दीपेट जिले के एरावेली गईं।

अपने पति डी. अनिल कुमार और बेटे आदित्य के साथ वह बीआरएस प्रमुख केसीआर के मिलने पहुंचीं। इस दौरान वो पैर छूने के लिए झुकींं, तो केसीआर ने उन्हें गले लगा लिया।

के. कविता के घर पहुंचने पर बीआरएस नेताओं और कर्मचारियों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अपने पिता से मिलने के लिए घर के अंदर चली गईं। पांच महीने से अधिक समय बाद बेटी को देखकर केसीआर खुश हुए और घर के अंदर ले गए। केसीआर के घर पर जश्न का माहौल था। मंगलवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा कविता का स्वागत करने के लिए बीआरएस के कई नेता वहां पहुंचे थे।

वह बुधवार शाम हैदराबाद पहुंचीं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने अपनी मां शोभा से मुलाकात की, जो उनसे मिलने के लिए एरावेली से हैदराबाद पहुंची थीं।

कविता के भाई और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव भी दिल्ली से उनके साथ आए थे।

इस बीच, रामा राव गुरुवार को पारिवारिक यात्रा पर अमेरिका रवाना हो गए।

साढ़े पांच महीने बाद कविता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सक्रिय हुईं। उन्होंने बुधवार को अपने घर पर हुए स्वागत के दौरान अपने भाई और पति के साथ ली गई एक तस्वीरों को शेयर किया।

उन्होंने तेलुगू में लिखा, सत्यमेव जयते।

बाद में उन्होंने अपने पिता की तस्वीर पोस्ट की, इसमें वे एरावेली स्थित अपने आवास पर पहुंचकर उन्हें गले लगा रहे हैं।

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी और सीबीआई द्वारा दर्ज दिल्ली आबकारी नीति मामलों में के कविता को जमानत दे दी थी। उन्हें 15 मार्च को ईडी ने हैदराबाद में गिरफ्तार किया था और उसी दिन उन्हें दिल्ली ले जाया गया था।

अप्रैल में ही सीबीआई ने उन्हें तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में थीं।

जेल से रिहा होने के बाद बीआरएस एमएलसी ने दावा किया कि वह निर्दोष हैं। उनके परिवार को परेशान करने के लिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने बदले की भावना से उन्हें फंसाया है।

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झारखंड: कांस्टेबल बहाली के लिए दौड़ लगाते 25 अभ्यर्थी बेहोश

583 पदों के लिए एक लाख से ज्यादा युवा लगा चुके हैं दौड़

रांची ,29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के आबकारी विभाग में कांस्टेबल नियुक्ति के लिए गिरिडीह न्यू पुलिस लाइन में कराई जा रही दौड़ के दौरान गुरुवार को 25 अभ्यर्थी बेहोश हो गए।

इसके पहले बुधवार को भी 19 अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई थी और उनमें से कई बेहोश हो गए थे। सभी को इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

गुरुवार को बेहोश हुए अभ्यर्थियों में कोडरमा के विजय यादव एवं आनंद कुमार, पलामू के सुहैल अख्तर एवं प्रभु कुमार, लोहरदगा के प्रमोद उरांव, गिरिडीह के सचिन वर्मा एवं दिनेश तुरी, बिहार के औरंगाबाद निवासी अंकित कुमार, अरवल निवासी रंजन कुमार, धनबाद के प्रकाश विश्वकर्मा, विशाल महतो, अभिषेक उपाध्याय, देवघर के गुड्डू कुमार एवं अन्य शामिल हैं। इन सभी को एंबुलेंस से गिरिडीह सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

बता दें कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद आबकारी विभाग में कांस्टेबल की नियुक्ति की परीक्षा पहली बार हो रही है। इसके पहले संयुक्त बिहार में वर्ष 1980 में इस विभाग में कांस्टेबलों की नियुक्ति हुई थी।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ली जा रही परीक्षा के जरिए कुल 583 पदों पर नियुक्ति होनी है। इसके लिए विभिन्न जिलों में शारीरिक जांच की प्रक्रिया चल रही है।

इसमें 10 किलोमीटर की दौड़ लगानी है। कड़ी धूप में इतनी लंबी दौड़ लगाने में कई अभ्यर्थी बीमार या बेहोश हो रहे हैं। एक सप्ताह पहले पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा में आयोजित दौड़ में गिरिडीह जिला स्थित केशवारी निवासी एक अभ्यर्थी पिंटू कुमार की मौत हो गई थी। अन्य जिलों में भी दौड़ के दौरान कई अभ्यर्थियों के बीमार या बेहोश होने की खबरें आ रही हैं।

इस परीक्षा के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास है, लेकिन परीक्षा में शामिल हो रहे अभ्यर्थियों में हजारों लोग पोस्ट ग्रेजुएट और ग्रेजुएट हैं। अब तक करीब एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा में शामिल हो चुके हैं।

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चंपई के इस्तीफे से खाली हुई कैबिनेट सीट पर रामदास सोरेन बनेंगे मंत्री

रांची ,29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हेमंत सोरेन सरकार में मंत्री चंपई सोरेन के इस्तीफे के बाद उनकी जगह घाटशिला के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक रामदास सोरेन को मंत्री बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री की ओर से रामदास सोरेन को मंत्री के रूप में शपथ दिलाने के लिए राजभवन को पत्र भेज दिया गया है। शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार 30 अगस्त को दिन के 11 बजे आयोजित किया जाएगा। इधर, चंपई सोरेन भी इसी दिन औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे।

रामदास सोरेन ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें मंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए सीएम हाउस से फोन आया है। चंपई सोरेन के जिम्मे उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और जल संसाधन विभाग थे। संभावना जताई जा रही है कि रामदास सोरेन को ये दोनों विभाग दिए जाएंगे।

चंपई सोरेन के भाजपा में शामिल होने से राज्य के कोल्हान प्रमंडल में सियासी समीकरण प्रभावित हो सकता है। ऐसे में उनकी जगह रामदास सोरेन को मंत्री बनाए जाने के फैसले को सियासी ‘डैमेज कंट्रोल’ की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि 61 वर्षीय रामदास सोरेन भी चंपई सोरेन की तरह संथाल आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते हैं और उनकी राजनीति भी कोल्हान प्रमंडल में केंद्रित रही है। वह घाटशिला से दो बार विधायक चुने गए हैं।

उल्लेखनीय है कि 31 जनवरी को हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद चंपई सोरेन सीएम बनाए गए थे। फिर, करीब पांच महीने बाद जब हेमंत सोरेन जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए तो उसके छठे दिन 4 जुलाई को ही चंपई सोरेन से इस्तीफा ले लिया गया था और हेमंत सोरेन ने फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

हालांकि हेमंत सोरेन की सरकार में चंपई सोरेन मंत्री के रूप में शामिल हुए थे, लेकिन वह नाराज चल रहे थे। उन्होंने 18 अगस्त को सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर अपनी व्यथा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि उनसे अपमानजनक तरीके से सीएम पद से इस्तीफा लिया गया।

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समाजवादी पार्टी की टोपी लाल, कारनामे काले : सीएम योगी

कानपुर ,29 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि समाजवादी पार्टी के कारनामों से हर कोई परिचित है। पन्नों को पलटेंगे तो काले कारनामों से उनका इतिहास भरा है। सपा की टोपी लाल, लेकिन कारनामे काले हैं।

मुख्यमंत्री ने यहां राजकीय इंटर कॉलेज, लाल इमली, चुन्नीगंज में कानपुर वासियों से संवाद किया। इसके पहले सीएम ने 750 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र, 5027 लाभार्थियों को 191 करोड़ का ऋण और 8087 युवाओं को टैबलेट तथा स्मार्टफोन वितरित किए।

सीएम ने लोकसभा चुनाव में कानपुर से रमेश अवस्थी और अकबरपुर से देवेंद्र सिंह भोले की जीत के लिए आभार जताया। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा, गुंडागर्दी, अराजकता, बेटी-व्यापारी की सुरक्षा पर खतरा पैदा करना इनकी पहचान थी। इनका दिखाने वाला और असली चेहरा अलग है। इनकी वजह से सीसामऊ की जनता को उपचुनाव का सामना करना पड़ रहा है।

सीएम योगी ने कहा कि सपा वाले गरीबों की संपत्ति पर कब्जा व दंगे भड़काते हैं। यहां उस दिन दंगे भड़काने की साजिश हो रही थी, जब इसी माटी के सपूत राष्ट्रपति कानपुर आए थे। तब सीसामऊ का सपा विधायक सीसामऊ व कानपुर को दंगे की आग में झोंकने की साजिश कर रहे थे। अब वह अपने कृत्यों की सजा भुगत रहा है। जनता-जनार्दन ने जनादेश पांच वर्ष के लिए दिया, लेकिन अब उपचुनाव झेलना पड़ रहा है। जब भी मौका मिलता है तो सपा अराजकता की मंशा को जाया नहीं होने देती।

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में सपा नेता निषाद बेटी की इज्जत से खिलवाड़ करता है, लेकिन सपा मुखिया बेशर्म के खिलाफ कार्रवाई की बजाय बेशर्मी से उसका समर्थन कर रहे थे। लखनऊ में एक बेटी पिता के साथ बाइक से जा रही थी, लेकिन बरसात में पानी भरने पर सपा के गुंडे बेटी को गिराने का कार्य कर रहे थे। तब इनके एक नेता ने सदन में कहा था कि सद्भावना ट्रेन चलनी चाहिए, तब मैंने कहा कि माफिया-गुंडों के लिए सद्भावना नहीं, बुलेट ट्रेन चलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा का तीसरा मॉडल कन्नौज में दिखा। नवाब ब्रांड ही इनकी असली पहचान है। यह अनैतिक तरीके से अर्जित की गई संपत्ति के माध्यम से बेटियों की इज्जत के साथ खिलवाड़ करते हैं। यह आरोपी भी सपा से जुड़ा है। उन्होंने कहा, इनके पन्नों को उलटेंगे तो काले कारनामों से इनका इतिहास भरा है। समाजवादी पार्टी की टोपी लाल, लेकिन कारनामे काले हैं।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, सुशासन और विकास का मॉडल दिया है। आपका वर्तमान उज्ज्वल हो और भविष्य नई आकांक्षा के साथ आगे बढ़े। इस विश्वास के साथ डबल इंजन सरकार प्रदेश में कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश पहचान के लिए मोहताज था। अराजकता-गुंडागर्दी यूपी की पहचान बन चुकी थी। त्योहारों के पहले दंगे होते थे। बेटी-व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। प्रदेश में कोई आना नहीं चाहता था, नौजवान यूपी के बाहर जाता था, उसके सामने पहचान का संकट था। पीएम मोदी के आह्वान पर जनता ने 2017 में प्रदेश में भाजपा को जनादेश दिया। साढ़े सात वर्ष में प्रदेश ने लंबी दूरी तय की। विकास, सुशासन, कानून-व्यवस्था का मॉडल अब उत्तर प्रदेश तय करता है।

सीएम ने कहा कि लाल इमली कानपुर की पहचान बन चुकी थी, लेकिन यह बंद हो गई है। यह कांग्रेस के बेईमानी और भ्रष्टाचार का स्मारक बन चुका है। नौजवानों को यहां नौकरी और रोजगार मिलना चाहिए था। हजारों लोगों के परिवार का पेट भरा जाना चाहिए था, लेकिन आज वह लाल इमली इनके भ्रष्टाचार का स्मारक बनकर चिढ़ा रही है। हमारी सरकार लाल इमली के पुनरोद्धार के बड़े पैकेज के साथ बढऩे जा रही है। हमारी सरकार ने सिक यूनिट को पूरी जमीन और पुनरोद्धार का पैकेज देने का काम किया है।

सीएम योगी ने कहा कि कानपुर की माटी के लाल सतीश महाना उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हैं। साल 2017 से 2022 तक औद्योगिक विकास मंत्री के रूप में उन्होंने शानदार कार्य किया।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार दो साल के अंदर दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देगी। इसके तहत 60,200 से अधिक नौजवानों के लिए पुलिस भर्ती की प्रक्रिया जारी है। पांच दिन में लिखित परीक्षा हो रही है। परिंदा पर भी नहीं मार सकता।

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भड़की ममता बनर्जी, बोली- अगर बंगाल जला तो….

UP, बिहार, असम भी जलेंगे, PM मोदी की गिरेगी कुर्सी

नई दिल्ली 29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) – पश्चिम बंगाल में लेडी-डॉक्टर की हत्या के मामले में बढ़ते तनाव के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि याद रखें अगर बंगाल जला तो असम, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली भी जलेंगे और पीएम की कुर्सी गिर जाएगी।। सीएम के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेता सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की राष्ट्र विरोधी टिप्पणियां किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की आवाज नहीं है।

इसके जवाब में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने उन पर निशाना साधते हुए कहा कि आपकी असम को डराने की हिम्मत कैसे हुई? ममता ने कोलकाता की एक रैली में कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि यह बांग्लादेश है। मुझे बांग्लादेश से प्यार है। वे हमारी तरह बात करते हैं और हमारी संस्कृति भी एक जैसी है। लेकिन, याद रखिए कि बांग्लादेश अलग देश है और भारत अलग देश है।

मोदी बाबू कोलकाता के रेप-मर्डर केस में अपनी पार्टी का इस्तेमाल करके बंगाल में आग लगवा रहे हैं। अगर आपने बंगाल को जलाया तो असम, नॉर्थ-ईस्ट, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और दिल्ली भी जलेंगे। हम आपकी कुर्सी गिरा देंगे।

ममता के इस बयान को लेकर सरमा ने X पर पोस्ट में कहा कि दीदी, आपकी हिम्मत कैसे हुई असम को धमकाने की? हमें लाल आंखें मत दिखाइए। आपकी असफलता की राजनीति से भारत को जलाने की कोशिश भी मत कीजिए। आपको विभाजनकारी भाषा बोलना शोभा नहीं देता।

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जम्मू-कश्मीर के रजौरी जिले के बुधल में सेना की बड़ी कार्रवाई

मुठभेड़ में मार गिराए तीन आतंकी; घुसपैठ की कर रहे थे कोशिश

जम्मू 29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : जम्मू-कश्मीर के रजौरी जिले के बुधल में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया है। इनमें से 2 राजौरी में और एक कुपवाड़ा में बॉर्डर के पास मारा गया। अभी इनके शव बरामद नहीं हुए हैं। ये खराब मौसम का फायदा उठाकर घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि खेरी मोहरा लाठी गांव और दंथल इलाके में सुरक्षा बलों ने बुधवार रात को तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस ने कहा, “तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों ने खेरी मोहरा इलाके के पास सुरक्षा बलों पर गोलीबारी कर दी जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई।”

पुलिस और सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम को उस इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच कई मुठभेड़ हुई हैं, जिनमें कई आतंकवादी और उनके कमांडर मारे गए हैं। सुरक्षा बलों के जवान भी हताहत हुए हैं।

पुंछ और राजौरी जिलों तक सीमित आतंकवादी गतिविधियां अब जम्मू के अन्य क्षेत्रों में फैल रही हैं, ऐसे क्षेत्र जो कुछ साल पहले तक इस तरह की घटनाओं से मुक्त थे जैसे कि चिनाब घाटी, जिसे आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया था। उधमपुर और कठुआ को भी आतंकवाद मुक्त घोषित किया गया था। आतंकवादी वाहनों पर घात लगाकर हमला कर रहे हैं और ग्रेनेड के साथ-साथ एम4 असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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CM सिद्धारमैया की याचिका पर कर्नाटक हाई कोर्ट में आज सुनवाई

बेंगलुरु 29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कर्नाटक हाई कोर्ट गुरुवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका पर सुनवाई करेगा। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने भूमि आवंटन घोटाला मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।

एमयूडीए घोटाले को लेकर कोर्ट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को अदालत से अस्थायी तौर पर राहत मिली थी। हाई कोर्ट ने निचली अदालत को 29 अगस्त (गुरुवार) तक इस मामले में कोई फैसला नहीं करने का निर्देश दिया था।

एमयूडीए घोटाले मामले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ तीन याचिकाकर्ताओं को अभियोजन के लिए राज्यपाल से सहमति पत्र जमा करने और निचली अदालत में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करने के लिए तैयार किया गया है। दो याचिकाकर्ताओं ने सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ निजी शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें कि राज्यपाल ने 17 अगस्त को मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सहमति दी थी। इसके बाद सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल के आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका को हाई कोर्ट में दाखिल किया था। इस मामले में हाई कोर्ट ने 19 अगस्त को सुनवाई की। सीएम सिद्धारमैया की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उन्हें अंतरिम राहत देने के अलावा राज्यपाल के आदेश को असंवैधानिक बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की थी।

इससे पहले कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, ” संविधान में विश्वास रखने वाले, कानून का पालन करने वाले नागरिक के रूप में मैंने कर्नाटक के राज्यपाल के अवैध और राजनीतिक रूप से प्रेरित फैसले के खिलाफ कर्नाटक के हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

मुझे खुशी है कि हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई की और संबंधित न्‍यायालय को कार्यवाही टालने का निर्देश देते हुए अंतरिम आदेश पारित किया और यह भी निर्देश दिया कि कोई भी जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं की जाए।”

इस बीच कांग्रेस पार्टी ने 31 अगस्त को राज्यपाल के खिलाफ “राजभवन चलो” आंदोलन की घोषणा की है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ अभियोजन को मंजूरी देने के राज्यपाल के फैसले की निंदा की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल पर भाजपा नेताओं के खिलाफ लंबित मामलों में अभियोजन की अनुमति देने का दबाव डाला गया है।

कांग्रेस ने यह भी योजना बनाई है कि अगर अदालत का फैसला सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ जाता है तो वह राष्ट्रपति से मुलाकात करेगी।

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आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को मिलता रहेगा लाभ

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

श्रीनगर  29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। निजी अस्पताल मरीजों को इलाज देने से मना नहीं कर सकते हैं।

जम्मू-कश्मीर के निजी अस्पतालों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को इलाज न मुहैया कराने का निर्णय लिया था। कहा था कि आगामी 1 सितंबर से ये सुविधा निजी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं होगी।

अस्पतालों के इस फैसले का जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया। कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी अस्पतालों से कहा है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को इलाज की व्यवस्था जारी रखें।

दरअसल, निजी अस्पतालों ने हाल में एक फैसला किया। इस फैसले में कहा गया है कि उन पर कई करोड़ रुपये का बकाया इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी का है, जो उन्हें नहीं चुकाया गया है। जिसकी वजह से अस्पतालों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने टिप्पणी की। साथ ही निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वह अस्पतालों में मरीजों को इलाज की व्यवस्था आयुष्मान भारत योजना के तहत देते रहें।

आयुष्मान भारत-प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत कार्ड धारकों को 5 लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करती है। इस योजना को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के निवासियों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देने और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थी परिवारों को सूचीबद्ध स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं (ईएचसीपी) के नेटवर्क के माध्यम से स्वास्थ्य कवरेज प्रदान किया जाना है। सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पात्र परिवारों की परिभाषित श्रेणियों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करने के लिए इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया।

ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों लोगों को फायदा हुआ है। इस योजना के तहत सरकार ने 250 अस्पतालों को जोड़ा है। इनमें निजी अस्पताल भी शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, 69.85 लाख लाभाविन्तों को पंजीकृत किया गया है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के लिए साल 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सेहत की शुरुआत की थी।

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यूपी के सुल्तानपुर में सर्राफा की दुकान पर दिनदहाड़े डकैती

सुल्तानपुर 29 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर के घंटाघर चौक पर सर्राफा की दुकान में बुधवार को दिनदहाड़े डकैती की घटना को अंजाम देकर बदमाश फरार हो गये। एसपी ने उन्हें पकड़ने के लिए छह टीमों का गठन किया है।

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बुधवार को दिनदहाड़े हथियार के दम पर पांच बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी की दुकान पर लूटपाट की और जेवरात से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

मामले पर तुरंत संज्ञान में लेते हुए सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा मौके पर फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की छह टीमों का गठन किया गया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

घटनाक्रम को लेकर एसपी ने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के चौक एरिया में ज्वेलर्स की दुकान है। वहां दोपहर के समय तीन-चार लड़के आए। दुकान में उस समय जो भी सामान था, वे पूरा लूटकर भाग गए। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों को पकड़ने के लिए छह टीमों का गठन कर दिया गया है। आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित सुमित सेठ ने बताया कि पांच लोग रिवाल्वर लेकर आए थे। उन्होंने बंदूक के दम पर लूटपाट की और भाग गए। सभी हेलमेट लगाए थे और गमछा बांधे हुए थे।

पीड़ित ने बताया कि सभी बाइक से आए थे। उन्होंने दुकान से ज्वेलरी और नकद पैसे लूटे। दुकान में मौजूद दो ग्राहकों को बदमाशो ने मारा भी।

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कांग्रेस और सपा के लोगों के अंदर जिन्ना की आत्मा घुस गई है

अलीगढ़  ,28 अगस्त(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोगों के अंदर जिन्ना की आत्मा घुस गई है। उन्होंने कहा कि जिन्ना ने देश का विभाजन करने का पाप किया था, इसलिए वह अंतिम समय में घुट-घुट कर मरे थे। समाज को बांटकर यही पाप कांग्रेस और सपा कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को अलीगढ़ में जनपद स्तरीय वृहद रोजगार मेला को संबोधित किया। साथ ही युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किया और विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जब देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तब विपक्ष के लोग समाज को तोडऩे का काम कर रहे हैं। साल 2014 में केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद से देश नई बुलंदियों की तरफ आगे बढ़ रहा है। दूसरी तरफ समूचा विपक्ष समाज में जाति का विष घोल कर अराजकता फैलाने का कार्य कर रहा है।

जिन्होंने अपने समय में कोई काम नहीं किया, सिर्फ कारनामे किए आज उन्हें प्रदेश में कानून-व्यवस्था का राज पसंद नहीं आ रहा है। यही समाजवादी पार्टी के लोग हैं, जो कहते थे कि लड़के हैं और लड़कों से गलती हो जाती है। यही लोग हैं जो बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य करते थे।

उन्होंने कहा कि सपा मुखिया को बेटी सुरक्षा पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। अयोध्या, कन्नौज और कोलकाता की घटना पर उनकी जुबान नहीं खुलती है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा के लोगों को जब भी सत्ता प्राप्त हुई तो सामाजिक ताने-बाने को छिन्न भिन्न करने का काम किया। अपनी योजनाओं के माध्यम से तुष्टिकरण करते थे और समाज को विकास की धारा से विमुख करने का कार्य करते थे।

सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। कांग्रेस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह जैसे राष्ट्र नायकों का अपमान किया है। भाजपा ही है, जो इन महापुरुषों को सम्मान देने का कार्य कर रही है।

महाराजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर बना विश्वविद्यालय इसका उदाहरण है। कांग्रेस और सपा के लोगों को सिर्फ अपना परिवार दिखता है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है। अराजकता, अव्यवस्था और गुंडागर्दी की छूट किसी को नहीं देंगे।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट था। आज यूपी की गिनती देश के अग्रणी राज्यों में होती है। समाजवादी पार्टी के लोगों को अगर अवसर मिला तो वो प्रदेश में दंगा, लूटपाट और अराजकता फैलाएंगे। उन्होंने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि भाजपा के पास विकास का मजबूत एजेंडा है। वहीं सपा और समूचे विपक्ष के पास विनाशकारी प्रोपेगेंडा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को सम्मान देने और उनके द्वारा बनाए गए संविधान की रक्षा का काम सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है।

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गुजरात में बाढ़ को लेकर प्रियंका गांधी ने जताया दुख

सरकार से की मदद की अपील

नई दिल्ली ,28 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। गुजरात में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित है। बाढ़ से कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई है, जिस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दुख जताया है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुजरात में बाढ़ के कारण हुई मृत्यु और विनाश के बारे में दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, गुजरात में बाढ़ की वजह से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। इस आपदा में हजारों लोग बेघर हो गए हैं। बड़े पैमाने पर संपत्तियों का नुकसान हुआ है।

प्रियंका गांधी ने शोक-संतप्त परिवारों और पीडि़तों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि सभी गुजरात वासियों की कुशलता की कामना करती हूं। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से निवेदन किया, प्रभावित लोगों की यथासंभव मदद करें। इसके अलावा उन्होंने राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाने और बेघर हुए लोगों के त्वरित पुनर्वास की अपील की।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ की स्थिति को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की। उन्होंने बाढ़ के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए राहत-बचाव कार्यों के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से दी। उन्होंने लिखा, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात में भारी बारिश की स्थिति के संबंध में मुझसे टेलीफोन पर बातचीत की और राहत और बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नागरिकों के जीवन और पशुधन की सुरक्षा पर मार्गदर्शन प्रदान किया। साथ ही, गुजरात को केंद्र सरकार की ओर से सभी आवश्यक समर्थन और सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया।

भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा, माननीय प्रधानमंत्री लगातार गुजरात की चिंताजनक स्थिति पर ध्यान दे रहे हैं। उनके दिल में गुजरात के लोगों के प्रति गहरा स्नेह है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान और जब भी जरूरत होती है, वे हमेशा गुजरात और गुजरात के लोगों के साथ खड़े रहते हैं, गर्मजोशी और अमूल्य मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

बता दें कि प्रदेश में इन दिनों हो रही भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश की वजह से मौसम विभाग लगातार चेतावनी जारी कर रहा है। मौसम विभाग ने पहले से ही अहमदाबाद, गांधीनगर, मेहसाणा, अरावली, बनासकांठा, साबरकांठा, महिसागर और पाटन में बारिश के अंदेशे से ऑरेंज अलर्ट जारी कर चुका है।

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चंपई सोरेन के इलाके में पहुंचकर बोले हेमंत सोरेन

भाजपा के नापाक इरादों का मुंहतोड़ जवाब देंगे

रांची ,28 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सरायकेला-खरसावां पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी पर उनकी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।

‘मईयां सम्मान योजना’ के तहत कोल्हान प्रमंडल की महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि 2019 में जिस दिन हमारी सरकार बनी, उसी दिन से सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा जाना लगा।

हेमंत सोरेन ने कहा, भारतीय जनता पार्टी को जिन प्रदेशों में सरकार बनाने के लिए जनादेश नहीं मिलता है, वहां धन-बल की बदौलत और ईडी-सीबीआई जैसी एजेंसियों के जरिए विधायकों, मंत्रियों को डराकर सरकार को अस्थिर करने का षड्यंत्र करते हैं। हम भाजपा के नापाक इरादों का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

उन्होंने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं तो एक बार फिर ये कभी आदिवासी-मुस्लिम, कभी हिंदू-मुस्लिम तो कभी अगड़ा-पिछड़ा के नाम पर लड़ाने वाले भाषण दे रहे हैं। इनके नेताओं को सभी अल्पसंख्यक बांग्लादेशी और घुसपैठिए दिखते हैं।

ये लोग समाज को बांटने और जहरीले भाषण देने के लिए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और असम जैसे राज्यों से नेताओं को बुला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक लड़ाई में नहीं टिक पाती है तो लोगों को तरह-तरह से दिग्भ्रमित करने की कोशिश करती है।

हेमंत सोरेन ने कहा, हम इनके खिलाफ संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं। संघर्ष में थोड़ी-बहुत खरोंच जरूर आएगी, लेकिन हम सिदो-कान्हू, बिरसा मुंडा, नीलांबर-पीतांबर जैसे वीरों की धरती के लोग हैं। हमारी आवाज न तो कभी खत्म हुई है और न होगी।

सोरेन ने कार्यक्रम में कोल्हा प्रमंडल के तीन जिलों सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम की करीब साढ़े छह लाख महिलाओं के खातों में एक-एक हजार रुपए ट्रांसफर किए। इस मौके पर मंत्री बेबी देवी, बन्ना गुप्ता, दीपक बिरुआ, सत्यानंद भोक्ता के अलावा कोल्हान क्षेत्र के कई विधायक उपस्थित रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने हाल ही में झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़कर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी में जाने की घोषणा की है। इसे विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सत्ताधारी पार्टी के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

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10 दिन के बाद रांची पहुंचे चंपई सोरेन ने कहा

झारखंड के हित में लिया भाजपा में शामिल होने का फैसला

रांची ,28 अगस्त (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने बुधवार को कहा कि उन्होंने बहुत सोच-समझकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है। यह झारखंड के हित में लिया गया बिल्कुल सही फैसला है।

दिल्ली से रांची लौटने के बाद सोरेन ने यहां पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में यह बात कही। सोरेन 10 दिन के बाद रांची आए हैं। यहां बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर सैकड़ों समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। ज्यादातर लोग उनके निर्वाचन क्षेत्र से आए थे, जिनका कहना था कि चंपई सोरेन जो भी निर्णय लेंगे, वे उनके साथ हैं।

खबर है कि कि चंपई सोरेन आज ही मंत्री पद और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने 26 अगस्त की रात असम के मुख्यमंत्री और झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा के साथ नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसमें उनके भाजपा में शामिल होने पर सहमति बनी थी।

इसके बाद 27 अगस्त को उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री और झारखंड भाजपा के प्रभारी शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात हुई। इसके पहले चंपई सोरेन ने 18 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर कहा था कि झामुमो में उनका अपमान हुआ। जिस तरह से उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा लिया गया, उससे वह आहत हैं।

चंपई सोरेन 30 अगस्त को रांची में आयोजित होने वाले एक वृहत कार्यक्रम में भाजपा में औपचारिक तौर पर शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन भी पार्टी की सदस्यता लेंगे।

चर्चा है कि झामुमो के कुछ अन्य बड़े चेहरे भी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी आने की संभावना जताई जा रही है।

इधर, झारखंड प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने चंपई सोरेन को संघर्षशील और जमीनी मुद्दों पर लडऩे वाला योद्धा बताते हुए उनके भाजपा में शामिल होने के फैसले का स्वागत किया है।

बुधवार को उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के आने से भाजपा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने चंपई सोरेन को पार्टी में शामिल कराने के फैसले से किसी तरह की नाराजगी को सिरे से खारिज किया।

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73 हजार घातक बंदूकें खरीद रहा है भारत,दुश्मन करेंगे त्राहिमाम

US से हुई बड़ी डील

नई दिल्ली 28 Aug, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : भारत ने अमेरिका के साथ 73,000 SiG Sauer असॉल्ट राइफल्स की खरीद के लिए एक बड़ा समझौता किया है। यह डील पहले खरीदी गईं 72,400 राइफल्स के जखीरे में जोड़ी जाएगी। इन राइफल्स में SiG-716 मॉडल शामिल हैं, जो 7.62x51mm कैलिबर की होती हैं और 500 मीटर की मारक क्षमता रखती हैं।

इस डील की कुल लागत 837 करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। यह खरीद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई वाली काउंसिल द्वारा दिसंबर 2023 में अनुमोदित की गई थी। यह निर्णय चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है।

पिछले साल भारत ने अमेरिका से 72,400 SiG Sauer राइफल्स खरीदी थीं, जिनमें से 66,400 थल सेना, 4,000 वायुसेना, और 2,000 नौसेना को वितरित की गई थीं। यह डील 647 करोड़ रुपये में हुई थी। इसके अलावा, भारतीय सेना 40,949 लाइट मशीन गन्स भी खरीद रही है, जिसमें अनुमानित खर्च 2,165 करोड़ रुपये होगा।

AK-203 राइफल्स के उत्पादन में देरी के कारण भारत को SiG-716 राइफल्स का आयात करना पड़ा। AK-203 राइफल्स, जिनकी रेंज 300 मीटर है, इस साल पहली बार 35,000 की संख्या में सेना को मिली थीं। इन राइफल्स का निर्माण उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में हो रहा है, जहां 10 सालों में 6 लाख AK-203 राइफल्स तैयार की जानी हैं। इस प्रोजेक्ट का ऐलान 2018 में किया गया था, लेकिन विभिन्न समस्याओं के कारण इसमें विलंब हुआ है।

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