31 दिसंबर से ये लोग नहीं कर पाएंगे UPI का इस्तेमाल, यूजर्स तुरंत कर लें ये काम

These people will not be able to use UPI from December 31, users should do this immediately

नई दिल्ली 22 Nov (एजेंसी) : जिन यूजर्स का यूपीआई का इस्तेमाल पिछले 1 साल से नहीं किया है यह खबर उनके लिए है। जी हां, 31 दिसंबर से इन लोगों के लिए यूपीआई सर्विस काम नहीं करेगी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बैंक व PhonePe और Google Pay जैसी थर्ड पार्टी ऐप्स को यूपीआई बंद करने का निर्देश दिया है। एनपीसीआई ने यूपीआई बंद करने से पहले यूजर्स को ईमेल या मैसेज के जरिए नोटिफिकेशन भी भेजने के लिए कहा है।

NPCI के उम्मीद जताई है कि इस कदम से यूपीआई ट्रांजेक्शन और सुरक्षित होगा। साथ ही कई गलत ट्रांजेक्शन पर भी रोक लग। एनपीसीआई के निर्देश के बाद अब सभी ऐप्स और बैंक निष्क्रिय ग्राहकों की यूपीआई आईडी और उससे जुड़े मोबाइल नंबर को वैरिफाई करेंगे। 1 साल से अगर कोई क्रेडिट या फिर डेबिट नहीं हुआ तो यूपीआई आईडी को बंद कर दिया जाएगा।

दरअसल, कई बार लोग अपना मोबाइल नंबर बदलते हैं और उससे जुड़ी यूपीआईडी को बंद नहीं करते हैं। यह नंबर किसी और को मिल जाता है और यूपीआईडी वहां एक्टिवेटेड ही रहती है। ऐसे में उस नंबर पर अगर किसी ने पैसे भेजे तो वह उस इंसान को मिलेंगे जिसके पास अब वह नंबर है।

अगर आपने भी एक साल से कोई यूपीआई ट्रांजेक्शन नहीं किया है तो तुरंत कोई ट्रांजेक्शन कर लें ताकि आपकी यूपीआई आईडी बची रहे। आपकी जानकारी के लिए बता दें, यूपीआई का फुल फॉर्म Unified Payment Interface (UPI) है। यह तुरंत ऑनलाइन पेमेंट का बेजोड़ तरीका है। यूपीआई को बनाने व चलाने वाली NPCI है। आप भीम, गूगल पे, फोन पे या किसी भी बैंक की ऐप पर यूपीआई आईडी जेनरेट करके इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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देश के व्यापार एवं आर्थिक चक्र को घुमाते हैं त्यौहार, हर साल तीर्थस्थलों व शादियों का कारोबार 25 लाख करोड़ रुपये

Festivals turn the business and economic cycle of the country, every year the business of pilgrimage places and weddings is Rs 25 lakh crore.

नई दिल्ली ,17 नवंबर (एजेंसी) । देशभर के बाज़ारों में इस बार दिवाली के त्यौहारों के चलते हुई ज़बरदस्त बिक्री ने भारत की अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम दिया है और यह साबित किया है कि भारत में त्यौहार देश के व्यापार एवं आर्थिक चक्र को कैसे घुमाते हैं। कैट ने इस आयाम को सनातन अर्थव्यवस्था का नाम देते हुए कहा कि देश के व्यापार के लिए त्यौहारों का मनाया जाना बेहद ही महत्वपूर्ण है और यही कारण है कि भारत के व्यापारी वर्ष भर में होने वाले विभिन्न त्यौहारों के लिए अपनी दुकानों में विशिष्ट प्रबंध करते हैं और ख़ास तौर पर त्यौहारों पर बड़ा व्यापार करते हैं।

दूसरी ओर त्यौहार देश भर में रोजग़ार तथा स्वयं व्यापार के बड़े अवसर भी उपलब्ध कराते हैं जिससे माध्यम एवं निम्न वर्ग का आर्थिक पक्ष मज़बूत होता है। एक अनुमान के अनुसार देश में प्रति वर्ष सनातन अर्थव्यवस्था का यह कारोबार लगभग 25 लाख करोड़ रुपये का होगा जो देश के कुल रिटेल कारोबार का लगभग 20 प्रतिशत है।

कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सनातन अर्थव्यवस्था की व्याख्या करते हुए कहा कि नवरात्रि से लेकर दीवाली के दिन तक देश के मेनलाइन रिटेल व्यापार में 3.75 लाख करोड़ का कारोबार हुआ। वहीं देश भर में दुर्गा पूजा और इसके आस पास हुए अन्य त्यौहारों में लगभग 50 हज़ार करोड़ का व्यापार हुआ।
गणेश चतुर्थी के दस दिवसीय समारोहों पर 20-25 हजार करोड़ का हुआ। यह आंकड़े सिर्फ तीन त्यौहारों के हैं.। इसी तरह से होली,जन्माष्टमी, महाशिवरात्रि, राखी जैसे अन्यढेरों त्यौहारो पर बाज़ारों में हुई खऱीदी को भी जोड़ा जाये तो कई सौ लाख करोड़ रुपये सनातन व्यापार में जुड़ जाएँगे।

भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा कि एक मोटे अनुमान के अनुसार देश भर में लगभग 10 लाख से अधिक मंदिर हैं जहां प्रतिदिन लोगों द्वारा बड़ा खर्च किया जाता है और इसके साथ ही बड़ी मात्रा में तीर्थ स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं द्वारा किए गए खर्चो को जोड़ दें तो यह आकड़ा सनातन अर्थव्यवस्था को स्वत: ही भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण बना देता है।इससे यह बेहद स्पष्ट है कि भारत में त्यौहार,तीर्थ आदि के कारण बहुत बड़ी धनराशि बाज़ार चक्र में आती है जो दुनिया के 100 से ज्यादा देशों की जीडीपी से भी ज्यादा है.।

उन्होंने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है बल्कि हजारों वर्षों से चलती आ रही है जिसका केंद्र देश के मंदिर, त्यौहार एवं तीर्थ ही होते आये हैं।यह भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे पुराना पहिया है जो किसी भी परिस्थिति में कभी भी नहीं रुकता।

भरतिया एवं  खंडेलवाल ने कहा कि जहां तक रोजग़ार का सवाल है तो मात्र दुर्गा पूजा के समय, सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही तीन लाख से ज्यादा कारीगरों, मजदूरों को काम मिला। गणेश चतुर्थी,नवरात्रि, दशहरा, होली, संक्रांति आदि अन्य त्यौहारों की वजह से जहां करोड़ों लोगो को रोजग़ार मिलता है वहीं लाखों लोग स्वयं का छोटा-बड़ा व्यापार भी कर पाते हैं जिसमें विशेष बात यह है कि न केवल दुकानों के व्यापार को बल्कि देश के बेहद छोटे वर्ग, स्थानीय कारीगरों, कलाकारों एवं घरेलू काम करने वाले लोगों को बड़ा व्यापार मिलता है जिनमें से लाखों लोग ऐसे हैं जिनकी आजीविका ही त्यौहारों पर निर्भर रहती है।

दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि बड़े आँकड़ों की बजाय यदि धनतेरस के एक दिन के व्यापार को ही देख जाये तो भारतीय मध्यम वर्ग द्वारा एक दिन में 25,500 करोड़ रुपये का 41 टन सोना खरीदा गया था।चांदी की बिक्री 3000 करोड़ रूपये तक पहुंच गई। कार निर्माताओं ने 55000 कारों की डिलीवरी की वहीं लगभग पांच लाख से ज़्यादा स्कूटर की डिलीवरी की गई।

भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा कि यही ‘सनातन अर्थशास्त्र’ है जो देश के व्यापार के लिए बेहद ही अहम है और जिसको समझने के लिए अर्थशास्त्री होना ज़रूरी नहीं है बल्कि यह साफ़ दिखाई देता है।

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इजरायल-गाजा संकट : 98 फीसदी हेट पोस्ट हटाने में विफल रहा एलन मस्क का एक्स

वाशिंगटन ,16 नवंबर (एजेंसी) । एलन मस्क द्वारा संचालित एक्स उन 98 प्रतिशत पोस्ट को हटाने में विफल रहा है जो यहूदी विरोधी हैं या इस्लामोफोबिया को बढ़ावा देते हैं या फिर फिलिस्तीन के खिलाफ नफरत फैलाते हैं या किसी तरह के हेट स्पीच को बढ़ावा देते हैं। एक नई रिपोर्ट से ये पता चला है। देर रात प्रकाशित रिपोर्ट, इजऱाइल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद एक्स और दूसरे प्लेटफार्म पर नफरत भरे पोस्ट और गलत सूचना में वृद्धि के बीच आई है।

सेंटर फॉर काउंटरिंग डिजिटल हेट (सीसीडीएच) के सीईओ और संस्थापक इमरान अहमद ने कहा कि एक्स ने विज्ञापनदाताओं और जनता को आश्वस्त करने की कोशिश की थी कि हेट स्पीच पर उनका नियंत्रण है, लेकिन हमारा शोध बताता है कि ये खोखले वादों के अलावा और कुछ नहीं था। शोधकर्ताओं ने कुल 200 हेट पोस्ट एकत्र किए जो 7 अक्टूबर को इजऱाइल पर हमास के हमलों के बाद प्रकाशित हुए थे – जिनमें से सभी या तो सीधे तौर पर चल रहे संघर्ष को संबोधित करते थे, या इस पर आधारित थे।

पोस्ट कुल 101 अलग-अलग एक्स अकाउंट से एकत्र किए गए। शोधकर्ताओं ने पाया कि एक्स ने 200 में से 98 प्रतिशत (196) पोस्ट अभी भी मंच पर मौजूद हैं। कुल मिलाकर, पोस्ट को 24,043,693 बार देखा गया। अध्ययन में शामिल 101 एकाउंट में से केवल एक को निलंबित किया गया और अन्य दो को लॉक कर दिया गया। सैंपल में 101 अकाउंट में से लगभग 43 सत्यापित हैं, जिसका मतलब है कि वे एल्गोरिथम बूस्ट से लाभान्वित होते हैं।

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भारत में व्हाइट कॉलर जॉब्स हायरिंग में 8.6 प्रतिशत की गिरावट : रिपोर्ट

नई दिल्ली ,10 अक्टूबर (एजेंसी) । भारत में सितंबर में व्हाइट कॉलर जॉब्स हायरिंग में पिछले साल के मुकाबले 8.6 फीसदी की बड़ी गिरावट देखी गई है।

नौकरी जॉबस्पीक के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2023 में व्हाइट कॉलर जॉब्स हायरिंग 2,835 रहीं, जो पिछले महीने की तुलना में लगभग 6 फीसदी की बढ़त है।

आईटी सेक्टर को वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है और पिछले कुछ महीनों में हायरिंग नंबर्स में गिरावट देखी गई। हालांकि, बिग डेटा टेस्टिंग इंजीनियर, आईटी, इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी और आईटी ऑपरेशन्स मैनेजर के रोल्स इस अवधि के दौरान भी हाई डिमांड में थे।

नौकरी डॉट कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर पवन गोयल ने कहा, आईटी सेक्टर पर असर जारी है, बैंकिंग सेक्टर में मजबूत वृद्धि हुई है। इस तथ्य के साथ कि ओवरऑल इंडेक्स में पिछले महीने की तुलना में क्रमिक रूप से 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, यह क्षेत्रीय विविधता पर आधारित इंडियन जॉब मार्केट के लचीलेपन को रेखांकित करता है।

बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे आईटी-निर्भर शहरों में सितंबर 2022 की तुलना में सितंबर 2023 में नए जॉब ऑफर्स में क्रमश: 30 प्रतिशत, 31 प्रतिशत, 32 प्रतिशत और 18 प्रतिशत का दबाव देखा गया।

सितंबर 2023 में जॉब क्रिएशन के मामले में नॉन-मेट्रो शहरों ने महानगरों को पछाडऩा जारी रखा। वडोदरा, अहमदाबाद और जयपुर में हायरिंग में क्रमश: 4 प्रतिशत, 3 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।

हॉस्पिटेलिटी और ट्रेवल सेक्टर में 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बीएफएसआई और हेल्थकेयर सेक्टर में पिछले साल के इसी महीने की तुलना में इस साल सितंबर में सात प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि तेल और गैस और ऑटो क्षेत्रों में से प्रत्येक में 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

बीपीओ/आईटीईएस और एफएमसीजी सेक्टर कुछ प्रमुख क्षेत्र थे, जिन्होंने क्रमश: 25 प्रतिशत और 23 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की।

जॉब मार्केट ने सितंबर में एक्सपीरियंस प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दी है। 16 साल से ज्यादा एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स की भर्ती में लगभग 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि 13-16 साल के बीच एक्सपीरियंस वाले प्रोफेशनल्स की हायरिंग नबंर्स में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

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1 अक्टूबर से ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 फीसदी जीएसटी

नई दिल्ली ,29 सितंबर (एजेंसी) । केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) 1 अक्टूबर से ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू करने के लिए तैयार है। सीबीआईसी के चेयरमैन संजय अग्रवाल ने ये बात कही।
सीबीआईसी के चेयरमैन ने मीडियाकर्मियों से कहा, हम इसे 1 अक्टूबर से लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जीएसटी परिषद की पिछली बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, संबंधित अधिसूचनाएं प्रक्रियाधीन हैं।

यह कदम सभी राज्यों की सर्वसम्मति से उठाया गया है और हाल ही में लोकसभा में जीएसटी कानूनों में संशोधन पारित किया गया।
अग्रवाल ने कहा, 1 अक्टूबर से ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी जीएसटी लागू करने के लिए सभी राज्यों को इसे अपनी विधानसभाओं में पारित करना होगा या 30 सितंबर तक अध्यादेश जारी करना होगा।

ऑनलाइन गेमिंग के मामले में लगाए गए दांव, कैसीनो के मामले में खरीदे गए चिप्स के अंकित मूल्य और घुड़दौड़ के मामले में सट्टेबाज/टोटलाइजऱ के साथ लगाए गए दांव पर 28 प्रतिशत जीएसटी लागू होगा। कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को वर्तमान में लगने वाले 18 प्रतिशत के बजाय 28 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करने के लिए पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है।

11 अगस्त को, लोकसभा ने मानसून सत्र के अपने अंतिम सत्र के दौरान ध्वनि मत से दो जीएसटी कानूनों में संशोधन पारित किया। ये संशोधन एकीकृत वस्तु और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023 और केंद्रीय वस्तु और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2023 से संबंधित हैं, जिसका मकसद ऑनलाइन गेमिंग, कैसीनो और घुड़दौड़ के लिए 28 प्रतिशत जीएसटी लागू करना है।

यह कानूनी कार्रवाई वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा 2 अगस्त को अपनी 51वीं बैठक के दौरान लिए गए निर्णय के अनुरूप है।
अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, जीएसटी परिषद ने आईजीएसटी अधिनियम, 2017 में विशिष्ट प्रावधान शामिल करने की सिफारिश की है।

इन प्रावधानों में विदेशी आपूर्तिकर्ताओं से भारतीय ग्राहकों तक ऑनलाइन मनी गेमिंग की आपूर्ति पर जीएसटी का भुगतान करने का दायित्व शामिल है, साथ ही गैर-अनुपालन के मामले में किसी भी संबंधित जानकारी तक पहुंच को अवरुद्ध करने के उपाय भी शामिल हैं।

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दो दिन शेष, क्या अब नहीं चलेगा 2000 का नोट, जानिए इस सवाल का जवाब

नई दिल्ली ,29 सितंबर (एजेंसी) । दो दिन बाद 30 सितंबर है और 2 हजार के नोट जमा करने की यह अंतिम तारीख है। 30 सितंबर, 2023 के बाद 2,000 रुपये के नोटों का क्या होगा, इस बारे में आरबीआई की ओर से कोई स्पष्टता नहीं । खास बात तो ये है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोट की लीगल टेंडर स्टेटस वापस नहीं लिया है.

इसका मतलब यह है कि डेडलाइन खत्म होने के बाद भी 2,000 रुपये का नोट लीगल करेंसी बनी रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंकने 19 मई 2023 को 2 हजार के नोट वापस लेने का ऐलान किया था।

आरबीआई के अनुसार, अब तक 3.56 ट्रिलियन रुपये (2 हजार के नोट) बैंक में जमा हो चुके हैं। हालांकि, अभी भी  नोट प्रचलन में है। आरबीआई ने कहा कि ज्यादातर 2 हजार के नोट उपयोग में नहीं है। इसलिए अब 30 सितंबर के बाद ये चलन में नहीं रहेंगे। दो हजार रुपये के नोट को आप अपने बैंक अकाउंट में जमा करवा सकते हैं।

इसके साथ ही किसी भी बैंक में जाकर आप इसे बदलवा सकते हैं। देश की सभी बैंकों और आरबीआई में नोट बदलने की सुविधा दी जा रही है। दो हजार का नोट बदलवाने के लिए आपको केवाईसी फार्म भरने की जरूरत भी हो सकती है।

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केंद्र सरकार का चीन पर कड़ा प्रहार: चुनिंदा स्टील पर पांच साल के लिए लगाया एंटी-डंपिंग शुल्क

नई दिल्ली ,13 सितंबर (एजेंसी)। केंद्र ने कुछ चीनी स्टील पर पांच साल के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क लगाया है। सूत्रों ने कहा कि यह निर्णय तब लिया गया जब यह पाया गया कि चीनी निर्यातक अन्य देशों को बेहद कम कीमत पर स्टील उत्पाद निर्यात कर रहे थे।

वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना के माध्यम से इस निर्णय की घोषणा की गई। पिछले हफ्ते इस्पात मंत्रालय ने कहा था कि भारत में सस्ते चीनी इस्पात उत्पादों की डंपिंग की शिकायतें मिलने के बाद वह इस्पात आयात पर नजर रख रहा है।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई अवधि के दौरान चीन भारत को स्टील का सबसे बड़ा निर्यातक था, उसके बाद दक्षिण कोरिया था। चीन मुख्य रूप से भारत को शीट या कोल्ड-रोल्ड कॉइल्स का निर्यात करता है। यह विश्व का शीर्ष इस्पात उत्पादक भी है।

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स्मॉल और मिडकैप सूचकांक सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंचे

मुंबई ,06 सितंबर (एजेंसी) । जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि मंगलवार को स्मॉल और मिडकैप शेयरों का प्रदर्शन शानदार रहा और दोनों सूचकांक सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। मजबूत घरेलू कारक भारतीय इक्विटी के लिए महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान कर रहे हैं, जिससे उन्हें कमजोर वैश्विक साथियों द्वारा मूड को बाधित करने के प्रयासों के बावजूद अपनी ताकत बनाए रखने की अनुमति मिल रही है। उन्होंने कहा, भारत की सेवा पीएमआई 60.2 पर मजबूत बनी हुई है, जो मुद्रास्फीति के दबाव के बावजूद भी निरंतर मांग का संकेत देती है।

नायर ने कहा कि इसके विपरीत, कमजोर चीनी सेवा पीएमआई ने चीन में आर्थिक सुधार की उम्मीदों पर असर डाला है, जिससे वैश्विक बाजार की धारणा प्रभावित हुई है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा अनुसंधान प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि आशावादी घरेलू संकेतों के कारण घरेलू शेयर लगातार तीसरे दिन सकारात्मक रूप से बंद हुए।

अगस्त महीने के लिए सेवा पीएमआई डेटा 60.1 पर मजबूत आया, जिससे भावनाओं को बढ़ावा मिला। कमजोर वैश्विक बाजारों के बावजूद निफ्टी सकारात्मक खुला और एक सीमित दायरे में कारोबार करते हुए अंतत: 46 अंक (+0.2 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 19,575 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 150 अंक बढ़कर 65,780 पर बंद हुआ।

उन्होंने कहा कि व्यापक बाजार ने मिड-कैप 100 और स्मॉल-कैप 100 में क्रमश: 1.1 प्रतिशत और 0.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। ऑटो और वित्तीय को छोड़कर, सभी क्षेत्रों ने मीडिया में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ सकारात्मक रिटर्न दिया, जबकि स्वास्थ्य सेवा में 1.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि आगे चलकर बाजार सकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ व्यापक दायरे में कारोबार जारी रखेगा, क्योंकि अनिश्चित वैश्विक संकेतों के बीच लचीली घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूती प्रदान करती है।

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देश में हवाई यात्रियों की संख्या 2035 तक बढ़कर 42.5 करोड़ होने का अनुमान : सिंधिया

ग्वालियर  ,03 सितंबर (एजेंसी) । नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि देश का विमानन क्षेत्र तेजी से विकास के लिए तैयार है और हवाई यात्रियों की संख्या मौजूदा 14.5 करोड़ से बढ़कर 2035 तक 42.5 करोड़ होने का अनुमान है।

उन्होंने यहां सीआईआई द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय एयरोस्पेस सम्मेलन में कहा, यह विकास क्षमता अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत के विमानन बाजार में शामिल होने का अवसर प्रस्तुत करती है।

सिंधिया ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना (आरसीएस) ने नागरिक उड्डयन को अधिक सुलभ बना दिया है, जिससे चार क्षेत्रीय एयरलाइन उभरे हैं।

उन्होंने सेवा और उत्पाद दोनों के रूप में बढ़ते नागरिक उड्डयन के महत्व पर जोर दिया और एयरोस्पेस कंपनियों से भारत में एक मजबूत उपस्थिति स्थापित करने का आग्रह किया।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर हवाई अड्डे के नये टर्मिनल भवन की आधारशिला 16 अक्टूबर 2022 में रखी गई थी, और आश्वासन दिया कि यह 2023 के अंत तक 15 महीने की अवधि में पूरा हो जाएगा। यह देश के इतिहास में सबसे तेजी से बनने वाला टर्मिनल भवन बन जाएगा।

सम्मेलन का व्यापक विषय समावेशी वैश्विक वैल्यू चेन की ओर बढऩा है।

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राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली और अटल पेंशन योजना के तहत 6.62 करोड़ से अधिक ग्राहक हुए पंजीकृत

नई दिल्ली  ,03 सितंबर (एजेंसी) । राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के ग्राहकों की संख्या 6.62 करोड़ के पार हो गई है। वहीं कुल संपत्ति प्रबंधन (एयूएम) 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

25 अगस्त 2023 को एयूएम के संदर्भ में एनपीएस और एपीवाई की स्थिति इस प्रकार थी।
केंद्र सरकार का एयूएम 2,40,902 रुपये था, केंद्रीय स्वायत्त निकायों (सीएबी) के लिए यह 42,246 रुपये था, राज्य सरकारों के मामले में

यह 4,36,071 रुपये था, जबकि राज्य स्वायत्त निकायों के लिए यह 63,133 रुपये था।

कॉरपोरेट्स के लिए, यह 1,35,218 रुपये था, सभी नागरिक मॉडल के लिए एयूएम 47,663 रुपये था, एनपीएस लाइट के लिए यह 5,157 रुपये था और अटल पेंशन योजना के लिए एयूएम 30,051 रुपये था।

एनपीएस को 1 जनवरी 2004 को या उसके बाद केंद्र सरकार की सेवाओं में शामिल होने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए लागू किया गया है।

अधिकांश राज्य सरकारों ने अपने नए कर्मचारियों के लिए एनपीएस भी अधिसूचित कर दिया है।

एनपीएस को 1 मई 2009 से प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए स्वैच्छिक आधार पर उपलब्ध कराया गया है।

इसके अलावा 1 जून 2015 से अटल पेंशन योजना शुरू की गई है। जिसने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बहुत आवश्यक प्रोत्साहन दिया है।
पेंशन और सेवानिवृत्ति योजना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पीएफआरडीए प्रतिवर्ष एक अक्टूबर को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली दिवस (एनपीएस दिवस) के रूप में मनाता है।

यह पहल सेवानिवृत्ति के बाद के चरण में भारतीय नागरिकों की वित्तीय आत्मनिर्भरता में योगदान देती है।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि इस साल एनपीएस दिवस के उपलक्ष्य में पीएफआरडीए ने डिजिटल मीडिया और प्रचार पहल की एक महीने की योजना बनाई है।

ये प्रयास रणनीतिक रूप से एनपीएस दिवस मनाने और ग्राहकों के साथ-साथ आम जनता तक पेंशन योजना के महत्व को प्रभावी ढंग से बताने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

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2000 के नोटों की वापसी को लेकर आरबीआई ने दी बड़ी जानकारी, अब तक इतने रुपए बैंकिंग सिस्टम में आए वापस

नई दिल्ली ,02 सितंबर (एजेंसी) । भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 के नोटों की वापसी को लेकर बड़ी जानकारी दी है। उसने कहा है कि अभी तक 3.32 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 के नोट बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गए हैं। आरबीआई के अनुसार करीब चलन में मौजूद 93 फीसदी 2000 के नोट मार्केट से बैंकों में वापस आए हैं।

हालांकि, 2000 के नोटों को वापस करने के लिए लोगों के पास अभी भी एक महीने का समय बचा हुआ। 30 सितंबर तक लोग 2000 के नोट बैंकों में वापस कर सकते हैं। या इसे दूसरे नोटों से बदल भी सकते हैं। ऐसे में इस महीने की आखिरी तारीख तक इसका आंकड़ा और बढ़ सकता है।

आरबीआई ने कहा कि 31 अगस्त को कारोबार बंद होने तक मार्केट में करीब 0.24 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2000 के नोट मौजूद थे। खास बात यह है कि बैंकिंग सिस्टम में आए 3.32 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 2,000 के नोटों में से लगभग 87 प्रतिशत आम जनता के द्वारा जमा किए गए हैं। जबकि, 13 प्रतिशत कम मूल्य वाले बिलों के साथ बदले गए थे।

वहीं, आरबीआई ने आम जनता से अपील की है कि उनके पास सितंबर तक 2000 के नोटों को बैंकों में जमा करने का मौका है। इसलिए वे 2000 के नोटों को जल्द से जल्द बैंकों में जमा करें।

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अडानी ग्रुप की मुश्किलें बढ़ी, हिंडनबर्ग के बाद अब शेयरों में गड़बड़ी के लगे आरोप

ई दिल्ली  ,31 अगस्त (एजेंसी) । अडानी ग्रुप की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अब ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट की रिपोर्ट ने अडानी की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। इस रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि गौतम अडानी ने शेयरों के साथ गड़बड़ी की है।  रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीको से खुद अपने शेयर्स खरीद कर के स्टॉक एक्सचेंज में करोड़ों डॉलर का निवेश कर रखा है।

रिपोर्ट में कहा कि इसकी जांच में कम से कम दो मामले पाए गए जहां गुमनाम निवेशकों ने ऐसी ऑफश्योर स्ट्रक्चर के माध्यम से अडानी ग्रुप के स्टॉक खरीदा और बेचा। हालांकि, अडानी समूह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आपको बता दें कि अरबपति जॉर्ज सोरोस और रॉकफेलर ब्रदर्स फंड जैसे संस्थाओं द्वारा फंडिंग मिलती है। जॉर्ज सोरोस वही अरबपति हैं, जो समय-समय पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते रहते हैं।

बता दें, जनवरी महीने में अमेरिका की शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग ने भी ऐसे ही आरोप लगाए थे। हिंडनबर्ग ने कहा था कि अडानी ग्रुप ने शेल कंपनियों के जरिए शेयरों में गड़बड़ी की है। इसके अलावा ऑडिट और कर्ज समेत कई अन्य मुद्दों पर भी समूह को घेरा था। अडानी समूह ने हिंडनबर्ग के दावों को भ्रामक और बिना सबूत वाला बताया और कहा कि उसने हमेशा कानूनों का अनुपालन किया है।

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पीएम जन धन योजना के 9 साल पूरे: 50 करोड़ से अधिक खोले गए अकाउण्ट ; कुल जमा दो लाख करोड़ के पार

नई दिल्ली ,29 अगस्त (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) ने वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है। योजना के 9 साल पूरे होने के अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा, पीएमजेडीवाई के नेतृत्व वाले 9 सालों के हस्तक्षेप और डिजिटल परिवर्तन ने भारत में वित्तीय समावेशन में क्रांति ला दी है। यह जानकर खुशी हो रही है कि जन धन खाते खोलकर 50 करोड़ से अधिक लोगों को बैंकिंग सिस्टम में लाया गया है।

इनमें से लगभग 55.5 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं और 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा, इन खातों में लगभग 34 करोड़ रुपे कार्ड बिना किसी शुल्क के जारी किए गए हैं, जो 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा कवर का भी प्रावधान करता है।

सीतारमण ने कहा, हितधारकों, बैंकों, बीमा कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के सहयोगात्मक प्रयासों से, पीएमजेडीवाई देश में वित्तीय समावेशन के परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। पीएमजेडीवाई खातों के तहत कुल जमा शेष राशि 2,03,505 करोड़ रुपये है। पीएमजेडीवाई खाते मार्च 2015 में 14.72 करोड़ से 3.4 गुना बढ़कर 16 अगस्त तक 50.09 करोड़ हो गए हैं।

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सोने की कीमतें दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर

नई दिल्ली ,26 अगस्त (एजेंसी)। अमेरिका के मिश्रित आर्थिक आंकड़ों से पहले सोने की कीमतें दो सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं और छह सप्ताह में अपने सबसे अच्छे सप्ताह की ओर बढ़ रही हैं और बाजार भागीदार प्रमुख केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की टिप्पणियों का इंतजार कर रहे हैं, जिसमें फेडरल रिजर्व गवर्नर पॉवेल भी शामिल हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी रिसर्च के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत दमानी कहते हैं, ये टिप्पणियां भविष्य की ब्याज दरों पर मार्गदर्शन कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, पिछले सत्र में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट के बाद एक बार फिर से बढ़़त हो रही है। डॉलर सूचकांक भी 104 अंक से ऊपर 10 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर मंडरा रहा है।

इस सप्ताह की शुरुआत में, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विनिर्माण और सेवा पीएमआई डेटा को अनुमान से काफी नीचे बताया गया था, इससे बुलियन में तेजी का समर्थन किया गया था।

लेकिन बेरोजगारी लाभ के लिए नए दावे दायर करने वाले अमेरिकियों की संख्या में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट आई है, यूएस कोर ड्यूरेबल्स सामान ऑर्डर डेटा भी उम्मीदों से बेहतर बताया गया है।

उन्होंने कहा, दो फेड अधिकारियों ने बांड बाजार की पैदावार में उछाल का अस्थायी रूप से स्वागत किया, जो अर्थव्यवस्था को धीमा करने और मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए केंद्रीय बैंक के काम को पूरक कर सकता है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें एक अच्छा मौका दिख रहा है कि ब्याज दर में और बढ़ोतरी की जरूरत नहीं होगी।

महत्वपूर्ण जैक्सन होल संगोष्ठी से पहले, सीएमई फेड-वॉच टूल के संभाव्यता चार्ट में सितंबर की बैठक में ठहराव की संभावना में 5 प्रतिशत से 80 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

उन्होंने कहा, सीओएमईएक्स पर व्यापक रुझान 1,890-1,945 डॉलर के दायरे में हो सकता है और घरेलू मोर्चे पर कीमतें 58,400-59,100 रुपये के दायरे में रहने की उम्मीद की जा सकती है।

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बिग टेक पर भारी जुर्माने वाला डेटा संरक्षण बिल आना भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण

नई दिल्ली ,10 अगस्त (एजेंसी) । उद्योग जगत के अग्रणी उद्यमियों ने संसद द्वारा डिजिटल प्रोटेक्शन डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) विधेयक 2023 पारित किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से डिजिटलीकरण कर रहा है और इसलिए यह विधेयक एक महत्वपूर्ण और लंबे समय से प्रतीक्षित कानून है, जो किसी व्यक्ति की डिजिटल गोपनीयता की सुरक्षा के अधिकार को कायम रखता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने ट्वीट किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हमारे नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने और नवाचार अर्थव्यवस्था और शासन का समर्थन करने के लिए इस महत्वपूर्ण कदम को हासिल करने में मदद करने का अवसर दिए जाने पर बहुत विशेषाधिकार प्राप्त महसूस करते हैं।

उन्होंने कहा, गोपनीयता के मुद्दे पर मेरा जुड़ाव 2010 में शुरू हुआ और इसके चलते मैंने एक याचिकाकर्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर किया और निजता को मौलिक अधिकार बनाने के लिए लड़ाई लड़ी और सफल हुआ।

मंत्री ने पोस्ट किया, एक दशक से भी अधिक समय से पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत और भारतीयों के पास वैश्विक मानक डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून है।

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा द्वारा पहले ही पारित किए जाने के बाद डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2023 को राज्यसभा में विचार और पारित करने के लिए पेश किया।

नियमों का उल्लंघन करने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर न्यूनतम 50 करोड़ रुपये से लेकर अधिकतम 250 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने से लेकर डिजिटल बाजारों को नागरिकों के डेटा की सुरक्षा करते हुए अधिक जिम्मेदारी से बढऩे में सक्षम बनाने तक डेटा संरक्षण विधेयक में भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड के निर्माण की परिकल्पना की गई है। .

सेफहाउस टेक के एमडी रुचिर शुक्ला ने कहा कि यह बिल डेटा सुरक्षा ढांचे के लिए एक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क स्थापित करने के लिए तैयार है। शुक्ला ने कहा, अब तक संस्थानों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, लेकिन यह विधेयक डिजिटल दुनिया में व्यक्तियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

डेटा संरक्षण विधेयक उल्लंघन की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर दंड का आकलन करेगा, जिसमें डेटा उल्लंघन, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा में विफलता या बोर्ड और उपयोगकर्ताओं को उल्लंघन के बारे में सूचित करने में विफलता के लिए 250 करोड़ रुपये तक का संभावित जुर्माना हो सकता है।

यह विधेयक भारत के भीतर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण पर लागू होगा, जहां ऐसा डेटा ऑनलाइन एकत्र किया जाता है या ऑफ़लाइन एकत्र किया जाता है और डिजिटलीकृत किया जाता है। यह देश के बाहर ऐसे प्रसंस्करण पर भी लागू होगा, यदि यह भारत में वस्तुओं या सेवाओं की पेशकश के लिए है।

व्यक्तिगत डेटा को किसी व्यक्ति की सहमति पर केवल वैध उद्देश्य के लिए संसाधित किया जा सकता है। निर्दिष्ट वैध उपयोगों के लिए सहमति की जरूरत नहीं हो सकती है, जैसे कि व्यक्ति द्वारा डेटा का स्वैच्छिक साझाकरण या परमिट, लाइसेंस, लाभ और सेवाओं के लिए राज्य द्वारा प्रसंस्करण।

डेटा फिड़ुशियरीज़ डेटा की सटीकता बनाए रखने, डेटा को सुरक्षित रखने और अपना उद्देश्य पूरा होने के बाद डेटा को हटाने के लिए बाध्य होंगे।

विधेयक व्यक्तियों को कुछ अधिकार प्रदान करता है, जिसमें जानकारी प्राप्त करने, सुधार और मिटाने का अधिकार और शिकायत निवारण का अधिकार शामिल है।

केंद्र राज्य की सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और अपराधों की रोकथाम जैसे निर्दिष्ट आधारों के हित में सरकारी एजेंसियों को विधेयक के प्रावधानों को लागू करने से छूट दे सकता है।

डेलॉइट इंडिया के रिस्क एडवाइजरी के पार्टनर, मनीष सहगल के अनुसार, विधेयक उद्यमों द्वारा अपनाए जाने वाले परिवर्तनकारी जवाबदेही उपायों के माध्यम से भारतीय नागरिकों को उनके गोपनीयता अधिकारों के साथ सशक्त बनाकर उनकी गोपनीयता संज्ञान को बढ़ाएगा। यह विधेयक डिजिटल बाजारों में विश्वास को बढ़ावा देने के लिए बहुत आवश्यक कानूनी ढांचा लाता है।

एक ओर यह भारतीय डिजिटल नागरिकों की गोपनीयता की रक्षा करता है और दूसरी ओर, यह डिजिटल बाजारों को अधिक जिम्मेदारी से बढऩे में सक्षम बनाता है।

डेटा उल्लंघन की स्थिति में, कंपनियों को डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड और प्रभावित उपयोगकर्ताओं को तुरंत सूचित करना अनिवार्य है। विधेयक के अनुसार, नाबालिगों और अभिभावकों के साथ व्यक्तियों के डेटा का प्रसंस्करण केवल अभिभावकों की सहमति से किया जाना चाहिए।
कंपनियों को एक डेटा सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करना और उपयोगकर्ताओं के साथ अपना संपर्क विवरण साझा करना जरूरी है।

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हैकरवन 12 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करेगा

सैन फ्रांसिस्को ,05 अगस्त (एजेंसी)। अमेरिका स्थित बग बाउंटी और पैठ परीक्षण प्लेटफॉर्म हैकरवन ने अपने लगभग 12 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है। इसके लिए उसने प्रौद्योगिकी क्षेत्र पर वैश्विक आर्थिक मंदी के प्रभाव को जिम्मेदार ठहराया है।

नौकरी में कटौती के फैसले से अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, नीदरलैंड और अन्य देशों सहित वैश्विक स्तर पर कर्मचारी प्रभावित होंगे।

हैकरवन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्टन मिकोस ने बुधवार को एक ब्लॉगपोस्ट में कहा, मैंने पुनर्गठन करने का दर्दनाक और आवश्यक निर्णय लिया है। हम अपनी टीम का आकार लगभग 12 प्रतिशत तक कम कर देंगे। यह निराशाजनक खबर है, क्योंकि हम सभी ने अपने साथी हैकरनीज़ के साथ मजबूत संबंध बनाए हैं। लंबे समय तक सफल बने रहने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यह छंटनी एक ही बार होगी। उन्होंने कहा, हम अपने भविष्य के वित्तीय प्रदर्शन या व्यापक आर्थिक माहौल में पूर्ण दृश्यता का दावा नहीं करते हैं, लेकिन हम स्पष्ट रूप से एक ही कार्रवाई करना चाहते थे और आत्मविश्वास के साथ आगे बढऩा चाहते थे।

मिकोस ने कहा कि प्रभावित कर्मचारियों को नकद मुआवजे और गैर-नकद लाभ सहित विच्छेद पैकेज मिलेगा।
इसके अलावा, हैकरवन ने उल्लेख किया कि कंपनी ने अपनी प्लेटफ़ॉर्म क्षमताओं का विस्तार करने के लिए नए कर्मचारियों को नियुक्त करना और नए उत्पादों में निवेश करना जारी रखा, लेकिन उत्पाद उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और लागत का बोझ बढ़ गया।

इस बीच, अमेरिका स्थित सैटेलाइट-इमेजरी और डेटा-विश्लेषण कंपनी प्लैनेट लैब्स ने पुनर्गठन के बीच अपने कार्यबल के लगभग 10 प्रतिशत यानी 117 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की घोषणा की है।

प्लैनेट ने यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) को बताया, यह कार्रवाई कंपनी के उच्च प्राथमिकता वाले विकास के अवसरों और परिचालन दक्षता पर ध्यान बढ़ाने के लिए की गई थी। कंपनी का मानना है कि यह उसकी दीर्घकालिक रणनीति और मुनाफा कमाने के मार्ग के अनुरूप होगी।

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टेलीकॉम विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी, अगले सप्ताह संसद में पेश होने की संभावना

नई दिल्ली ,05 अगस्त (एजेंसी)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी बैठक के दौरान दूरसंचार विधेयक को मंजूरी दे दी। घटनाक्रम के जानकार सूत्रों ने यह जानकारी दी।

कैबिनेट द्वारा प्रस्तावित कानून को मंजूरी दिए जाने के बाद, इसे अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
विधेयक में ओटीटी, इंटरनेट-आधारित और उपग्रह-आधारित संचार सेवाओं, प्रसारण, इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाओं को इसके दायरे में शामिल करके दूरसंचार सेवाओं का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव है।

हालाँकि, इस प्रावधान पर सोशल मीडिया और प्रौद्योगिकी कंपनियों ने यह तर्क देते हुए आपत्ति जताई थी कि इसके परिणामस्वरूप ओटीटी संचार अनुप्रयोगों का विनियमन हो सकता है।

सरकार पिछले साल सितंबर में दूरसंचार विधेयक 2022 का मसौदा लेकर आई थी और इसे सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए रखा गया था।

प्रस्तावित कानून भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम, 1933 और टेलीग्राफ तार (गैरकानूनी कब्ज़ा) अधिनियम, 1950 में संशोधन का प्रस्ताव करता है।

विधेयक के मसौदे के अनुसार, स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं या सरकार द्वारा तय किए गए किसी अन्य तंत्र के माध्यम से किया जा सकता है।

साथ ही यह केंद्र सरकार को दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच संदेशों या संदेशों के एक वर्ग को ब्लॉक करने, रोकने या निगरानी करने का अधिकार देता है। सार्वजनिक आपातकाल या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे की स्थिति में आवश्यक पाए जाने पर ऐसी कार्रवाई की जा सकती है।

विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में दूरसंचार सेवाओं को निलंबित भी किया जा सकता है।

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जियो ने लॉन्च किया फोन से सस्ता लैपटॉप जीओ बुक 2, जानिए खूबियां और कीमत

नई दिल्ली ,01 अगस्त (एजेंसी)। अगर आप भी किसी सस्ते लैपटॉप की तलाश में हैं तो आपके लिए रिलायंस जियो ने जीेओबुक लॉन्च कर दिया है। रिलायंस जियो के इस लेटेस्ट लैपटॉप को ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन से खरीदा जा सकता है।

जीओबुक 2023 लैपटॉप की खासियत

ऑलवेज-ऑन इंटरनेट 4जी एलटीई और डुअल-बैंड वाईफाई

अल्ट्रा लाइट और कॉम्पैक्ट: 990 ग्राम

रैम: 4जीबी एलपीडीडीआर4

ऑपरेटिंग सिस्टम : जीओओएस

मल्टी-टास्किंग और मल्टी विंडो सपोर्ट

सपोर्ट वायरलेस स्कैनिंग और प्रिंटिंग

लेटेस्ट जीओ बुक में कनेक्टिविटी के लिए कई सारे ऑप्शन दिए गए हैं। इनमें 4जी एलटीई,आदि सपोर्ट दिया गया है।
रिलायंस के लेटेस्ट जीओबुक को कंपनी 16,499 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है। इस लैपटॉप को रिलायंस डिजिटल स्टोर और अमेजन इंडिया से ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। अमेजन पर एचडीएफसी बैंक के कार्ड पर 1250 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है।

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बारिश के बाद टमाटर फिर हुआ लाल, थोक बाजार में 200 रुपए किलो हुए भाव

चेन्नई ,31 जुलाई (एजेंसी)। तमिलनाडु में टमाटर की बढ़ती कीमतों से लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। सोमवार को राज्य की राजधानी और कई शहरों में इसकी थोक कीमत 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।चेन्नई के कोयम्बेडु थोक बाजार में टमाटर की कमी के कारण दाम तेजी से बढ़े हैं।

कोयम्बेडु बाजार में थोक सब्जी विक्रेता पी.वी. अहमद ने कहा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण फसल को हुए भारी नुकसान से दोनों राज्यों से टमाटर की आवक कम हुई है। भारी बारिश के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है और इसलिए टमाटर की आवक में कमी आ गई है। इससे बाजार में टमाटर की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। व्यापारियों ने यह भी कहा कि एक सप्ताह में कीमत 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढऩे की संभावना है।

कोयम्बेडु होलसेल मर्चेंट्स एसोसिएशन के सचिव पी. सुकुमारन ने कहा, इस बाजार के इतिहास में पहली बार टमाटर की कीमत 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। यह अभूतपूर्व है। हम उम्मीद कर रहे थे कि 20 जुलाई तक दरें स्थिर हो जाएंगी, लेकिन अचानक बारिश के कारण फसल बर्बाद हो गई और आंध्र तथा कर्नाटक में 50 फीसदी से ज्यादा टमाटर की खेती बारिश के कारण बर्बाद हो गई। जहां थोक बाजार में टमाटर 200 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है, वहीं कुछ खुदरा दुकानों में इसकी कीमत 185 रुपये प्रति किलोग्राम भी है।

चेन्नई के पम्मल में एक सब्जी विक्रेता कुप्पुसामी ने बताया, हम जो टमाटर खरीदते हैं उससे कम दाम पर बेच रहे हैं क्योंकि हम बर्बादी से बचना चाहते हैं। बिक्री की मात्रा में भी भारी कमी आई है और लोग टमाटर नहीं खरीद रहे हैं। इसकी बजाय वे दूसरी सब्जियां खा रहे हैं।

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साइबर सिक्योरिटी फर्म केप टेक्नोलॉजीज ने की लगभग 200 कर्मचारियों की छंटनी

नई दिल्ली ,31 जुलाई (एजेंसी) । साइबर सिक्योरिटी फर्म केप टेक्नोलॉजीज ने कथित तौर पर सभी विभागों से लगभग 200 कर्मचारियों को निकाल दिया है और कंपनी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी डैन गेरिक ने अपना पद छोडऩे का फैसला किया है।

एक्सप्रेसवीपीएन, साइबरघोस्ट और प्राइवेट एक्सेस इंटरनेट (पीआईए) सहित कई पॉपुलर वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) सर्विस के लिए केप टेक्नोलॉजीज काम करता है।

टेकराडार की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ प्रभावित विभागों में एक्सप्रेसवीपीएन, प्राइवेट इंटरनेट एक्सेस (पीआईए) और साइबरघोस्ट शामिल हैं।

नौकरी से निकाले गए कई कर्मचारियों ने पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर ओपन टू वर्क नोटिफिकेशन के साथ अपनी बर्खास्तगी के बारे में बात की।

गेरिक ने एक लिंक्डइन पोस्ट में लिखा है कि जैसा कि आप में से बहुत से लोग जानते होंगे, केप टेक्नोलॉजीज (जिसमें एक्सप्रेसवीपीएन, साइबरघोस्ट और पीआईए वीपीएन ब्रांड शामिल हैं) को 1 जून को निजीकृत कर लिया गया और इस हफ्ते उन्होंने अपने ग्लोबल वर्कफोर्स के लगभग 30 प्रतिशत की छंटनी करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने उल्लेख किया, मैंने अपने कई अद्भुत सहयोगियों के साथ अपना पद छोडऩे का फैसला किया। मैं आधिकारिक तौर पर एक्सप्रेसवीपीएन और केप प्राइवेसी डिवीजन के सीटीओ के रूप में अपने प्रस्थान की घोषणा कर रहा हूं।

लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, केप के यूके, इजराइल, जर्मनी, रोमानिया, फ्रांस, फिलीपींस, अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग और साइप्रस समेत 10 ग्लोबल लोकेशन पर 1,000 से अधिक कर्मचारी हैं।

वेबसाइट के अनुसार, पिछले कुछ सालों में हम अपने कस्टमर बेस को 7 मिलियन भुगतान करने वाले यूजर्स और दुनिया भर में 100 मिलियन से ज्यादा रिडर्स तक बढ़ाने में सक्षम हुए हैं।

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सहारा जमाकर्ताओं को पहले भुगतान में कितना पैसा मिलेगा? निवेशक एक बार में कितनी राशि निकाल सकते हैं?

नई दिल्ली ,29 जुलाई (एजेंसी)। सहारा ग्रुप्स में निवेश करने वाले निवेशकों को अब पैसा मिलने वाला है। केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहारा रिफंड पोर्टल लॉन्च किया है। निवेशकों को 5,000 करोड़ रुपये वापस देने की प्रक्रिया अब शुरू हो गई है। 5,000 करोड़ रुपये के भुगतान के बाद बाकी बचे निवेशक सुप्रीम कोर्ट में दोबारा अपील देंगे। सहारा के कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि उनको पहले भुगतान में कितनी राशि मिलेगी? इसी के साथ सहारा रिफंड पोर्टल कैसे काम करता है? आइए,इन सवालों का जवाब जानते हैं।

निवेशक को कितना पैसा मिलेगा?

प्रेस सूचना ब्यूरो के एक प्रेस रिलीज के मुताबिक जिन भी निवेशक ने 10,000 रुपये या उससे ज्यादा राशि निवेश की है उनको पहले भुगतान में 10,000 रुपये दिया जाएगा। आपको बता दें कि 1 करोड़ से ज्यादा निवेशक ने 10,000 रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। ऑनलाइन आवेदन देने के लिए पोर्टल पर चारों सोसायटियों का पूरा डाटा मौजूद है।
निवेशक के पास ये दस्तावेज जरूरी है

मेंबरशिप नंबर

डिपॉजिट अकाउंट नंबर

आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर

पैन कार्ड (50,000 रुपये से ज्यादा राशि के क्लेम के लिए पैन कार्ड अनिवार्य है)

सहारा रिफंड पोर्टल कैसे काम करता है?

सरकार द्वारा लॉन्च किया गया सहारा रिफंड पोर्टल की प्रक्रिया पर आवेदक को इन शर्तों को पालन करना होता। आवेदक के पास बैंक और आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर होना चाहिए। आवेदक जब भी आवेदन करता है तो उसके 45 दिन के बाद आवेदक के बैंक अकाउंट में पैसे आ जाएंगे। जमाकर्ताओं के पहचान की गारंटी के लिए आधार कार्ड का होना अनिवार्य है। आवेदक द्वारा आवेदन के समय दिए गए दस्तावेजों को सोसायटी द्वारा नियुक्त ऑडिटर और ओएसडी के द्वारा वेरीफाई किया जाएगा।

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एलआईसी ने लॉन्च की नई जीवन किरण पॉलिसी

नई दिल्ली ,29 जुलाई (एजेंसी)। देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने एक नई पॉलिसी लॉन्च करने की घोषणा की है। इस पॉलिसी का नाम है जीवन किरण।

यह पॉलिसी एक नई गैर-लिंक्ड, गैर-भागीदारी वाली जीवन बीमा पॉलिसी है जो मैच्योरिटी पर पॉलिसीधारकों को उनके द्वारा भुगतान किए गए प्रीमियम को वापस लौटा देती है। इस पॉलिसी को 18-65 वर्ष की आयु का कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है।

प्रीमियम में नहीं होगा यह शामिल

जीवन किरण पॉलिसी में यदि पॉलिसीधारक मैच्योरिटी तक जीवित रहता है तो उसे पॉलिसी के तहत भुगतान किया गया कुल प्रीमियम वापस मिल जाएगा लेकिन इस प्रीमियम में कोई अतिरिक्त प्रीमियम, राइडर प्रीमियम या भुगतान किया गया टैक्स शामिल नहीं होगा।

मृत्यु के बाद आश्रितों को मिलेगी इतनी राशि

जीवन किरण पॉलिसी अवधि के दौरान यदि पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है तो इस मामले में, मूल बीमा राशि, वार्षिक प्रीमियम के सात गुना के बराबर राशि या तब तक भुगतान किए गए कुल प्रीमियम का 105 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, पॉलिसीधारक के आश्रितों को सौंपी जाती है।

एकल प्रीमियम प्लान के मामले में, नामांकित व्यक्तियों को मूल बीमा राशि या एकल प्रीमियम का 125 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, प्राप्त होगा।

कितनी है मैच्योरिटी अवधि?

पॉलिसीधारकों के पास क्रमबद्ध तरीके से पांच साल की अवधि में परिपक्वता लाभ प्राप्त करने का विकल्प होता है। इसमें अपने नामांकित व्यक्तियों को देय मृत्यु लाभ के लिए भी पॉलिसीधारक विकल्प चुन सकते हैं।

पॉलिसी के तहत न्यूनतम बीमा राशि, जो 10-40 वर्षों की अवधि के साथ आती है, 15 लाख रुपये है। नियमित प्रीमियम विकल्प के तहत न्यूनतम किस्त 3,000 रुपये और एकल प्रीमियम संस्करण के तहत 30,000 रुपये है।

मिलता है राइडर एड करने का विकल्प

धूम्रपान करने वालों और धूम्रपान न करने वालों के लिए प्रीमियम अलग-अलग होती है जिसमें धूम्रपान करने वालों के लिए ज्यादा प्रीमियम का भुगतान करना होता है।

पॉलिसी दुर्घटना मृत्यु और विकलांगता लाभ राइडर और दुर्घटना लाभ राइडर जैसे दो वैकल्पिक कवर के साथ आती है जो आधार पॉलिसी द्वारा प्रदान की जाने वाली बुनियादी सुरक्षा को मजबूत करती है।

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एयर एशिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस का होगा विलय, डीजीसीए ने दी मंजूरी

नई दिल्ली ,28 जुलाई (एजेंसी) । नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने किफायती विमान सेवा कंपनी एआईएक्स कनेक्ट (पहले एयरएशिया इंडिया) के एयर इंडिया एक्सप्रेस में विलय की टाटा समूह की पहल को हरी झंडी दे दी। डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। यह टाटा समूह की दोनों एयरलाइंस के नियोजित कानूनी विलय से पहले एक महत्वपूर्ण कदम है।

एयरलाइन ने कहा, एयरलाइन को अब ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ ब्रांडिंग के तहत अपनी उड़ानें संचालित करने के लिए विनियामक मंजूरी मिल गई है। यह विकास दोनों एयरलाइनों में ग्राहक संपर्क बिंदुओं, उत्पादों और सेवाओं के सामंजस्य समेत एकीकरण प्रयासों की महत्वपूर्ण तेजी को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि नियामक की मंजूरी एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड (एआईएक्सएल) और एआईएक्स कनेक्ट (एआईएक्ससी) दोनों कंपनियों की उड़ानों को निर्धारित कानूनी विलय से पहले एक सामान्य ब्रांड नाम ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ के तहत विपणन, वितरण और संचालित करने की अनुमति देती है।

इसमें कहा है कि अगले कुछ महीनों में एक एकीकृत और नवीनीकृत ब्रांड के तहत उपभोक्ता पेशकशों में तालमेल बिठाने का प्रस्ताव उत्कृष्ट ग्राहक वादे, उत्पाद और सेवा मानकों को सुव्यवस्थित करने और दोनों कंपनियों के बीच तालमेल को अनलॉक करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इस महीने की शुरुआत में ‘एक्सप्रेस अहेड’ प्राथमिकता सेवाओं को दोनों एयरलाइनों के मेहमानों के लिए सहायक एड-ऑन के रूप में विस्तारित किया गया था, जिसमें प्राथमिकता चेक-इन, बोर्डिंग और सामान की पेशकश की गई थी।

दोनों एयरलाइंस कई अन्य सहायक एड-ऑन सेवाओं और सामान्य उप-ब्रांडों के साथ भी तालमेल बिठाएंगी। एआईएक्सएल वर्तमान में 20 भारतीय शहरों से 14 क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करता है, जबकि एआईएक्ससी 19 घरेलू गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित करता है।

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ऑटोमोबाइल कंपनी प्रोग्रेसिव के 35 ठिकानों पर आईटी की रेड, 15 करोड़ मिले कैश

गाजियाबाद 15 जुलाई ,(एजेंसी)। गाजियाबाद, नोएडा समेत 35 जगहों पर इनकम टैक्स विभाग की रेड पिछले 48 घंटे से लगातार जारी है। यह रेड ऑटोमोबाइल कंपनी के पार्ट बनाने वाली कंपनी प्रोग्रेसिव के ठिकानों पर हो रही है।

मिली जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद, नोएडा, दिल्ली, और गुरुग्राम के करीब 35 ठिकानों पर ये छापेमारी चल रही है। इस रेड में 35 टीमें काम कर रही हैं। जिसमें करीब 200 के आसपास आईटी अधिकारी शामिल हैं। इस कंपनी के निदेशक परमजीत गांधी हैं। गाजियाबाद में बुलंदशहर रोड पर औद्योगिक एरिया में इसकी तीन फैक्ट्रियां हैं। ये कंपनी ऑटोमोबाइल पार्ट बनाती है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 12 बैंक लॉकरों में करीब 15 करोड़ रुपए के कैश और जेवरात मिले हैं। कई सौ करोड़ रुपए की टैक्स चोरी की आशंका है।

सूत्रों के अनुसार, प्रोग्रेसिव कंपनी को घाटे में दिखाकर करीब 500 करोड़ रुपया एक बड़ी कंपनी में इन्वेस्ट किया गया। हर साल इसी तरह कंपनी को घाटे में दिखाकर टैक्स चोरी की जा रही थी। जब 500 करोड़ रुपए दूसरी कंपनी में इन्वेस्ट करने की बात आईटी को पता चली तो फिर ये कार्रवाई हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कंपनी निदेशक परमजीत गांधी के सेक्टर-2 राजनगर वाले मकान के समेत उनके दो आवास दिल्ली और गुरुग्राम में में भी छापेमारी चल रही है। इसके साथ साथ परमजीत गांधी की कंपनियों, कंपनी के अन्य निदेशकों, मैनेजर, सीए और इन कंपनी से जुड़े सभी लोगों के करीब 35 ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड 12 जुलाई की सुबह 6 बजे हुई थी, जो अब तक जारी है।

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