All posts by Dilip Singh

धनबाद में एन’काउंटर, मा’रा गया कुख्यात प्रिंस खान का शूटर

धनबाद,09.03.2026 – धनबाद के सरायढेला थाना क्षेत्र में रविवार की शाम पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ हो गयी। इस मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान गिरोह का एक शूटर पुलिस की गोली से मारा गया। जानकारी के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सरायढेला थाना क्षेत्र के फायरिंग रेंज इलाके में कुछ अपराधी छिपे हुए हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

पुलिस को देखते ही अपराधियों ने की फायरिंग

बताया जाता है कि जैसे ही पुलिस टीम बताये गये लोकेशन पर पहुंची। पुलिस को देखते ही वहां छिपे अपराधियों ने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की और पूरे इलाके को घेर लिया। दोनों ओर से कुछ देर तक लगातार गोलियां चलती रहीं। इसी दौरान पुलिस की गोली लगने से प्रिंस खान गिरोह का एक शूटर मौके पर ही ढेर हो गया। हालांकि, इस दौरान गिरोह के कुछ अन्य अपराधी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे।

मुठभेड़ में पुलिस अधिकारी घायल

मुठभेड़ के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगने की सूचना है। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायल अधिकारी की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर हैं।

मौके पर पहुंचे एसएसपी, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार समेत पुलिस के कई वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

************************

 

ध्वनि प्रदूषण की शिकायतों पर जिला प्रशासन की कार्रवाई

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सिमलिया क्षेत्र के विभिन्न बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण

अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में स्थानीय थाना प्रभारी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीम द्वारा किया गया निरीक्षण

बैंक्वेट हॉल संचालकों को ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश

नियमों के उल्लंघन पर की जाएगी विधिसम्मत कार्रवाई

रांची,09.03.2026  – रातू के सिमलिया क्षेत्र स्थित पांच बैंक्वेट हॉल में रात 10 बजे के बाद डीजे बजाने एवं ध्वनि प्रदूषण से संबंधित मिल रही शिकायतों के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी सदर श्री कुमार रजत के नेतृत्व में स्थानीय थाना प्रभारी तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) की संयुक्त टीम द्वारा सिमलिया स्थित विभिन्न बैंक्वेट हॉल का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के क्रम में दुल्हन बैंक्वेट हॉल में किसी प्रकार का कार्यक्रम संचालित नहीं पाया गया। वहीं विवाह बैंक्वेट हॉल में एक कार्यक्रम चल रहा था, परंतु वहां किसी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त फोकस बैंक्वेट हॉल में भी कोई कार्यक्रम संचालित नहीं था।

जांच के दौरान सभी बैंक्वेट हॉल के मालिकों एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे रात्रि 10 बजे के बाद डीजे या उच्च ध्वनि में संगीत का उपयोग नहीं करेंगे तथा माननीय उच्च न्यायालय एवं ध्वनि प्रदूषण संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधितों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि भविष्य में नियमों के उल्लंघन की स्थिति में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन की आम नागरिकों से भी अपील की है कि ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन करते हुए आयोजनों का संचालन करें, ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।

**************************

 

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने 7 मार्च 2026 को छठे लाइनमैन दिवस पर फ्रंटलाइन कार्यबल को सम्मानित किया

नई दिल्ली – विद्युत मंत्रालय के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के सहयोग से कल नई दिल्ली में ‘लाइनमैन दिवस’ का छठा संस्करण मनाया गया। लाइनमैन दिवस मनाने का उद्देश्य लाइनमैनों और ग्राउंड मेंटेनेंस स्टाफ के अथक समर्पण और अमूल्य सेवाओं को मान्यता देना है, जिनका योगदान देश भर में बिजली सेवाओं की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस कार्यक्रम में भारत के विद्युत तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने शिरकत की। विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने मुख्य भाषण दिया। इस अवसर पर सीईए के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद और सीईए के सदस्यों के साथ बिजली क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और गणमान्य हितधारक भी उपस्थित रहे।

पूरे भारत की 66 से अधिक सरकारी और निजी बिजली वितरण एवं उत्पादन कंपनियों के साथ-साथ पारेषण लाइसेंसधारियों के लगभग 250 लाइनमैनों और पर्यवेक्षकों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस सभा ने प्रतिभागियों के बीच सामूहिक सीखने को बढ़ावा देने के साथ-साथ अनुभव साझा करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने में परिचालन चुनौतियों पर चर्चा करने और सुरक्षा प्रथाओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा शपथ दिलाने के साथ हुई और प्रतिभागियों ने सुरक्षा प्रथाओं का पालन करने और खुद को, अपने परिवार और समाज को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

 

सभा को संबोधित करते हुए श्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान मनाया जाने वाला लाइनमैन दिवस, बिजली क्षेत्र के उन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के समर्पण को मान्यता देता है जो देश भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के निरंतर उपयोग, रखरखाव कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन की उचित पुष्टि, और नियमित क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने आगे इस बात पर प्रकाश डाला कि स्मार्ट ग्रिड, रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, एआई-सक्षम प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और ड्रोन-आधारित निरीक्षण जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने से संभावित दोषों की पहले से पहचान करने और फील्ड कर्मियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। लाइनमैन दिवस के छठे संस्करण के विषय — ‘सेवा, सुरक्षा, स्वाभिमान’ — का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह बिजली क्षेत्र के फ्रंटलाइन कार्यबल की सेवा भावना, सुरक्षा और गरिमा को दर्शाता है।

लाइनमैनों को बिजली क्षेत्र के योद्धा बताते हुए विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने कहा कि खराब मौसम या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब लोग घरों के अंदर रहते हैं, तब लाइनमैन बिजली बहाल करने और आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए बाहर निकलते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि क्षेत्र में बढ़ते स्वचालन के बावजूद, जमीन पर तैनात लाइनमैन ही अंततः प्रणालियों को बहाल करते हैं और नेटवर्क को चालू रखते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी फील्ड कर्मियों को मानकीकृत सुरक्षा किट और उपकरणों से लैस किया जाना चाहिए।

उन्होंने बिजली कंपनियों से सुरक्षा जागरूकता को संस्थागत बनाने का भी आग्रह किया और इसे अनिवार्य बनाने को कहा कि प्रत्येक शिफ्ट की शुरुआत से पहले दैनिक दिनचर्या के हिस्से के रूप में एक छोटा सुरक्षा वीडियो दिखाया जाए और सुरक्षा ड्रिल आयोजित की जाए।

कार्यक्रम में बोलते हुए सीईए, अध्यक्ष, श्री घनश्याम प्रसाद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एक लचीला और भरोसेमंद बिजली क्षेत्र विकसित राष्ट्र का एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने उन लाइनमैनों के अथक प्रयासों को स्वीकार किया जो निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं।

उन्होंने उल्लेख किया कि लाइनमैन दिवस अब देश भर की यूटिलिटीज की बढ़ती भागीदारी के साथ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन बन गया है, जो राष्ट्र निर्माण में लाइनमैनों द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका की बढ़ती पहचान को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सम्मान के साथ-साथ इन फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए मजबूत सुरक्षा और सशक्तिकरण भी होना चाहिए।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:

  1. देश भर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अथक परिश्रम करने वाले लाइनमैनों के साहस और अमूल्य योगदान को समर्पित एक विशेष लाइनमैन गीत जारी किया गया।
  2. लाइनमैनों के लिए एक ‘सेफ्टी पॉकेटबुक’ लॉन्च की गई, जिसमें फील्ड संचालन के दौरान पालन किए जाने वाले आवश्यक सुरक्षा दिशानिर्देश और सावधानियां शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा जागरूकता को मजबूत करना और सुरक्षित कार्य प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

  1. आकाशीय बिजली से जुड़े जोखिमों और ऐसी स्थितियों के दौरान फील्ड कर्मियों द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालने वाला एक सुरक्षा जागरूकता वीडियो पेश किया गया।
  2. बिजली क्षेत्र को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के प्रयासों को मान्यता देने के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले डिस्कॉम और उच्च प्रदर्शन करने वाले लाइनमैनों को पुरस्कार से
  3. सम्मानित किया गया।
  4. व्यावहारिक सीखने और अनुभव साझा करने की सुविधा के लिए सुरक्षा उपकरणों और उन्नत औजारों की एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई।

इस कार्यक्रम का देश भर की बिजली उपयोगिताओं में सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे व्यापक भागीदारी और सामूहिक उत्सव संभव हो सका।

*************************

 

महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र की समृद्ध हथकरघा विरासत का उत्सव मनाते हुए, हथकरघा हाट में विशेष हथकरघा प्रदर्शनी “विरासत शक्ति” का उद्घाटन किया गया

नई दिल्ली – राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम (एनएचडीसी), वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से, भारत की समृद्ध हथकरघा विरासत का जश्न मनाते हुए और हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को उजागर करते हुए, विशेष हथकरघा प्रदर्शनी – “विरासत शक्ति” का आयोजन कर रहा है। हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना ने आज इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एनएचडीसी के प्रबंध निदेशक श्री राजीव अशोक, वस्त्र मंत्रालय और एनएचडीसी के अधिकारी उपस्थित थे। उद्घाटन समारोह के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी मनाया गया।

 विशेष हथकरघा प्रदर्शनी – “विरासत शक्ति” का उद्देश्य देशभर के कुशल बुनकरों और कारीगरों को एक सार्थक बाज़ार मंच प्रदान करना है। यह आयोजन हथकरघा क्षेत्र को समर्थन देने और भारत की पारंपरिक बुनाई विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला कारीगरों को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। समारोह के हिस्से के रूप में, विभिन्न राज्यों की कई महिला हथकरघा बुनकरों को उनके समर्पण, शिल्प कौशल और भारत के हथकरघा क्षेत्र को मजबूत करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह प्रदर्शनी 7 से 14 मार्च, 2026 तक नई दिल्ली के जनपथ स्थित हथकरघा हाट में आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुली रहेगी, जिससे आगंतुकों को कारीगरों से सीधे प्रामाणिक हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।

इस वर्ष के आयोजन में देश भर से 60 बुनकर और कारीगर भाग ले रहे हैं, जो हथकरघा वस्त्रों और हस्तशिल्प उत्पादों का एक विविध संग्रह प्रस्तुत कर रहे हैं। यह प्रदर्शनी भारत के पारंपरिक शिल्प क्षेत्र की रचनात्मकता, सांस्कृतिक समृद्धि और शिल्प कौशल को उजागर करती है, साथ ही कारीगर समुदाय के लिए स्थायी आजीविका को बढ़ावा देती है।

***************************

 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में कर्तव्य पथ पर ‘शक्ति वॉक #SheLeadsBharat’ का आयोजन किया गया

नई दिल्ली – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आज नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” का आयोजन किया। इस शक्ति वॉक ने नारी शक्ति की भावना का जश्न मनाया और प्रगतिशील एवं समावेशी भारत के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।

 

यह कार्यक्रम केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। इस पदयात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन और उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल की गरिमामय उपस्थिति रही।

इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष श्रीमती विजया किशोर राहटकर और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों की महिला अधिकारी, कर्मचारी और फील्ड कार्यकर्ता भी उपस्थित थीं।

8 मार्च को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और नेतृत्व का जश्न मनाता है, साथ ही लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ कर्तव्य पथ, इंडिया गेट पर राष्ट्रगान वंदे मातरम की प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसने इस अवसर को देशभक्तिपूर्ण माहौल प्रदान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में गणमान्य व्यक्ति, प्रतिभागी और उपस्थित लोग एकत्रित हुए। केंद्रीय मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने औपचारिक रूप से शक्ति पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पदयात्रा महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति शक्ति, एकता और सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक थी। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक पदयात्रा में भाग लिया, जो इस पहल की भावना और उद्देश्य को दर्शाता है।

यह पदयात्रा इंडिया गेट से विजय चौक तक कर्तव्य पथ पर लगभग 2 किलोमीटर के क्षेत्र में आयोजित की गई। मार्ग में महिलाओं के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं और पहलों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियाँ लगाई गईं। इस कार्यक्रम में भारत भर की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और महिलाओं की शक्ति को दर्शाने वाली जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं। इनमें कर्नाटक की डोलू कुनिथा, केरल की कलरिपयट्टू और श्रृंगारिमेलम, असम की रंचंडी और राजस्थान की घूमर शामिल थीं, जिनमें से प्रत्येक अपने-अपने राज्य की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करती है।

इस कार्यक्रम में लगभग 200 मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की 3,000 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों में सशस्त्र बलों, पुलिस, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र, मीडिया, खेल, शिक्षा, स्वच्छता, विमानन, उद्योग और सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधि, साथ ही एएनएम सेवा प्रदाता, भारत टैक्सी सारथी की महिला चालक, शिक्षक, लोकोमोटिव चालक, माय भारत स्वयंसेवक, फील्ड कार्यकर्ता और महिला उद्यमी शामिल थीं।

उनकी भागीदारी ने कर्तव्य पथ को नारी शक्ति के एक जीवंत उत्सव में बदल दिया, जो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर महिलाओं की सामूहिक भावना को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि शक्ति वॉक के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह की शुरुआत करना पूरे देश में एक सशक्त संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं, और भारत की महिलाओं, बेटियों और बहनों की ताकत को पहचानने और उन्हें भारत के विकास पथ का नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाने में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए उन्होंने टिप्पणी की:

“यही समय है, सही समय है भारत का – यह भारत का अनमोल समय है।”

पदयात्रा के समापन पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने कहा कि “नारी शक्ति भारत की भाग्य विधाता है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की महिलाएं राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना जारी रखेंगी और इसे नई दिशा प्रदान करेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि कर्तव्य पथ पर शक्ति वॉक महिलाओं के सामूहिक संकल्प का प्रतीक है कि वे न केवल अपने स्वयं के विकास में बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी योगदान देंगी।

विजय चौक पर गणमान्य व्यक्तियों और महिला प्रतिभागियों द्वारा “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” संदेश वाले तिरंगे गुब्बारे छोड़कर कार्यक्रम का समापन हुआ, जो भारत की महिलाओं की बढ़ती आकांक्षाओं और असीमित क्षमता का प्रतीक है।

**************************

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

नई दिल्ली – X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि मानव समाज के विकास में भूमिका के लिए संपूर्ण मानव जाति नारी शक्ति की ऋणी रहेगी। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों को पोषित कर, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाकर, वे हमारे जीवन के हर पहलू में योगदान देती हैं। श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के women-led development के विजन से महिलाओं की प्रगति के साथ ही हमारी विकास यात्रा में उनकी भूमिका को और भी शक्ति मिल रही है।

**************************

उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर त्रिपुरा में महिला स्वयं सहायता समूहों से बातचीत की

नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर त्रिपुरा के हपानिया स्थित अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सदस्यों के साथ बातचीत की और जमीनी स्तर के विकास एवं महिलाओं के  सशक्तिकरण में उनके योगदान की सराहना की।

सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पिछले एक दशक में एक महत्वपूर्ण बदलाव का साक्षी बना है। इस बदलाव के तहत देश में महिलाओं के विकास की अवधारणा से आगे बढ़कर महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की अवधारणा पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली साधन बन गए हैं, जिससे महिलाएं आत्मविश्वास से भरी नेता बनने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने में समर्थ हुईं हैं।

‘लखपति दीदी’ पहल पर प्रकाश डालते हुए, श्री राधाकृष्णन ने कहा कि देश भर में लगभग 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और दो करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। त्रिपुरा सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि इस राज्य ने 1.35 लाख लखपति दीदियां बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में हो रही तेज प्रगति को दर्शाता है।

उपराष्ट्रपति ने ‘नमो ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों और प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन एवं उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के तहत महिला लाभार्थियों को प्राथमिकता देने पर भी प्रकाश डाला। इन कदमों से महिलाओं का जीवन काफी बेहतर हुआ है।

शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए, श्री राधाकृष्णन ने विश्वास व्यक्त किया कि कई लखपति दीदियां जल्द ही करोड़पति दीदियां भी बनेंगी, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी।

उपराष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं मेला केन्द्र में स्वयं सहायता समूहों के स्टालों का अवलोकन भी किया और विभिन्न जिलों के स्वयं सहायता समूहों द्वारा प्रदर्शित स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस कार्यक्रम में त्रिपुरा के राज्यपाल श्री इंद्रसेन रेड्डी नल्लू, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, विधायक, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित थे।

****************************

 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली में लगभग ₹33,500 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्ली में लगभग ₹33,500 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए श्री मोदी ने कहा, “आज हम सभी यहाँ दिल्ली के विकास को एक नई गति देने के लिए एकत्र हुए हैं।”

इन परियोजनाओं का दायरा व्यापक है, जो मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से लेकर हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसरों की स्थापना तक फैला हुआ है। श्री मोदी ने जोर देते हुए कहा, “दिल्ली के लोगों ने नई आशा और नए संकल्प के साथ एक वर्ष पहले यहाँ डबल-इंजन की सरकार का गठन किया था और उसका परिणाम आज इन विकास कार्यों में दिखाई दे रहा है।”

इस आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए प्रधानमंत्री ने महिलाओं की व्यापक उपस्थिति की सराहना की और यह रेखांकित किया कि उनकी शक्ति और आत्मविश्वास, राज्य सरकार के सफल नेतृत्व में, राजनीति, विज्ञान और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सशक्त भारत के कथानक को आगे बढ़ा रहे हैं। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “चाहे राजनीति हो, प्रशासन हो, विज्ञान हो, खेल हो या सामाजिक सेवा, भारत की नारी शक्ति प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है।”

इस बात पर बल देते हुए कि दिल्ली भारतीय लोकतंत्र की वैश्विक पहचान और ऊर्जा का प्रतीक है, प्रधानमंत्री ने कहा कि राजधानी के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और कनेक्टिविटी का आधुनिकीकरण, जैसे नमो भारत ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क का 375 किलोमीटर तक ऐतिहासिक विस्तार, विश्व के समक्ष भारत के आत्मविश्वास को प्रदर्शित करने के लिए आवश्यक है। श्री मोदी ने कहा, “दिल्ली जितनी अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और बेहतर रूप से कनेक्‍टेड होगी, उतनी ही दृढ़ता से भारत का आत्मविश्वास विश्व के सामने दिखाई देगा।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि डबल-इंजन शासन मॉडल के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी में प्रत्येक परिवहन सुविधा का व्यवस्थित रूप से उन्नयन किया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन बस सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लाखों नागरिकों को स्वच्छ, आधुनिक और आरामदायक सफ़र उपलब्ध हो सके। श्री मोदी ने कहा, “हालांकि, केंद्र द्वारा उपलब्‍ध कराई गई चार हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें पहले से ही संचालित हो रही हैं,  केवल पिछले एक वर्ष में ही अतिरिक्त 1,800 नई बसें चलाई गई हैं, जिनमें सैकड़ों ‘देवी बसें’ भी शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली की कॉलोनियों और मोहल्लों में अंतिम छोर तक संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के समक्ष उपस्थित विविध चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार वर्तमान में मिशन मोड में कार्य कर रही है और विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि किस तरह पेरिफेरल एक्सप्रेसवे ने उन लाखों वाहनों को सफलतापूर्वक दूसरे मार्ग की ओर मोड़ दिया है जिन्हें पहले शहर में प्रवेश करना पड़ता था। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए एक व्यापक पहल प्रारंभ की गई है और इसकी स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।”

प्रधानमंत्री ने बल दिया कि सरकार राजधानी में जीवन की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए समर्पित है और विशेष रूप से पिछले एक वर्ष के दौरान कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन के साथ अब गरीब और मध्यम वर्ग, दोनों को निःशुल्क उपचार तथा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहे हैं। दक्षता के एक नए युग को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा, “वर्तमान विकास मॉडल त्वरित कार्रवाई और ठोस परिणामों पर केंद्रित है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि परियोजनाएँ शीघ्र ही नियोजन से क्रियान्‍वयन के बुनियादी स्तर पर पहुँचें।”

कार्यक्रम से पूर्व सरोजिनी नगर के अपने दौरे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए डिज़ाइन किए गए आधुनिक आवासीय परिसरों के उद्घाटन को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने बल देते हुए कहा, “जो लोग राष्ट्र के संकल्पों को पूरा करने के लिए निरंतर परिश्रम करते हैं, वे सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक आवासीय परिस्थितियों के अधिकारी हैं, और यही इन नई अवसंरचना परियोजनाओं के पीछे प्रेरक शक्ति है।” आज हजारों फ्लैट लाभार्थियों को सौंपे जाने के साथ श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये आधुनिक आवास राष्ट्र के “कर्मयोगियों” के लिए सुख और आकांक्षाओं के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि कल्याणकारी योजनाएँ बीहड़ गाँवों से लेकर शहरी केंद्रों तक, प्रत्येक परिवार तक पहुँच रही हैं, जिससे विशेष रूप से गरीब परिवारों, किसानों और श्रमिकों को लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि अकेले दिल्ली में ही लगभग 2 लाख रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेताओं को ₹350 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है, जिससे वे ऊँचे ब्याज वाले अनौपचारिक ऋणों से हटकर औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था की ओर अग्रसर हुए हैं। वित्तीय समावेशन में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जो क्रेडिट कार्ड सुविधाएँ पहले केवल संपन्न वर्ग के लिए उपलब्ध थीं, अब उन्हें रेहड़ी-पटरी वालों तक भी विस्‍तृत किया जा रहा है, जिससे उनके छोटे व्यवसाय सशक्त हो सकें। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “स्वनिधि क्रेडिट कार्ड गरीबों के लिए आत्मसम्मान का एक नया माध्यम बन रहा है, जिससे जो लोग कभी हाशिए पर थे, वे अब आधुनिक वित्तीय साधनों के साथ सशक्त हो रहे हैं।”

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने के राष्ट्रीय संकल्प की ऐतिहासिक उपलब्धि साझा की और बताया कि अब 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) के माध्यम से सशक्त हुई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन महिलाओं को पूंजी, बैंकिंग व्यवस्था तथा विशेष प्रशिक्षण तक पहुँच उपलब्ध करवा कर सरकार ने उन्हें वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सक्षम बनाया है। श्री मोदी ने कहा “हमारी बहनों की सफलता ने 3 करोड़ और लखपति दीदी बनाने के एक नए संकल्प के लिए प्रेरित किया है और मुझे विश्वास है कि हमारी नारी शक्ति के आशीर्वाद से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।”

पश्चिम बंगाल में हाल की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने एक शिकायत साझा की कि राज्य सरकार द्वारा पारंपरिक संथाल जनजातीय उत्सव के दौरान भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के दौरे के समय कथित रूप से अनादर दिखाया गया। अहंकार के पतन के संबंध में प्राचीन ज्ञान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार की ऐसी राजनीति को अंततः राज्य के नागरिक अस्वीकार कर देंगे। श्री मोदी ने रेखांकित किया, “राष्ट्रपति के कार्यक्रम का बहिष्कार और कुप्रबंधन संविधान तथा इस देश की प्रत्येक बेटी का अपमान है और जनता सत्ता के इस अहंकार को कभी क्षमा नहीं करेगी।”

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने दिल्ली को एक ऐतिहासिक शहर बताया, जो वर्तमान में “न्यू इंडिया” के आत्मविश्वास से परिभाषित एक परिवर्तनकारी दौर का साक्षी बन रहा है, जो विकसित भविष्य की आधारशिला बनेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी नागरिकों से राष्ट्रीय संकल्पों की पूर्ति के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया। नई प्रारंभ की गई परियोजनाओं के लिए लोगों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव की भावना का आह्वान किया। श्री मोदी ने रेखांकित किया,  “न्यू इंडिया का आत्मविश्वास हमें विकसित भविष्य की ओर ले जाएगा और मुझे विश्वास है कि दिल्ली का प्रत्येक परिवार बेहतर और अधिक समृद्ध जीवन देखेगा।”

हम आधुनिक और विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। आज प्रारंभ की गई परियोजनाएँ अवसंरचना को सुदृढ़ करेंगी, संपर्क में सुधार लाएंगी और शहर के लोगों के जीवन में सुगमता बढ़ाएँगी।

**********************

*

त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने संबोधित किया

नई दिल्ली – उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज अगरतला में त्रिपुरा विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया और युवा स्नातकों से उद्देश्य के साथ प्रगति करने, नशे से दूर रहने और समाज और राष्ट्र के लाभ के लिए जिम्मेदारी से प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज के युवा एक ऐतिहासिक क्षण में खड़े हैं जब भारत 2047 के विकसित भारत के विजन को साकार कर रहा है। प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने छात्रों से इसका सकारात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने का आग्रह किया और कहा कि समाज और मानवता की उन्नति के लिए ‘‘उद्देश्यपूर्ण प्रगति’’ आवश्यक है।

उपराष्ट्रपति ने त्रिपुरा को संस्कृति और विरासत से समृद्ध राज्य बताया। दिन में पहले त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए, उन्होंने इस क्षेत्र के गहन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।

उपराष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई विकास पहलों की सराहना की। माता बारी पर्यटन सर्किट का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह परियोजना रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ आध्यात्मिक और पर्यावरण-पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर त्रिपुरा की स्थिति को मजबूत करेगी।

पूर्वोत्तर को देश के शेष भाग से जोड़ने में कनेक्टिविटी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी सहित बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन विकासों ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना के अनुरूप इस क्षेत्र के लोगों को देश के शेष भाग के करीब लाया है।

छात्रों को राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित भाव से प्रोत्साहित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने भारत की विविधता में एकता के महत्व पर जोर दिया। प्रसिद्ध तमिल कवि सुब्रमणिया भारतीयार को उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का प्रत्येक नागरिक राष्ट्र का संरक्षक है और सामूहिक प्रयास और एकता ही देश को और अधिक उपलब्धियों की ओर ले जाएगी।

त्रिपुरा विश्वविद्यालय की प्रगति की प्रशंसा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह संस्थान शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के एक जीवंत केंद्र के रूप में उभरा है। उन्होंने उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों, वित्त पोषित परियोजनाओं और बौद्धिक संपदा पहलों की बढ़ती संख्या का उल्लेख किया, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।

उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालय के संकाय विकास केंद्र भवन और आवासीय परिसर का डिजिटल रूप से उद्घाटन भी किया।

दीक्षांत समारोह में त्रिपुरा के राज्यपाल और त्रिपुरा विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर श्री इंद्रसेना रेड्डी नल्लू; त्रिपुरा के मुख्यमंत्री प्रो. (डॉ.) माणिक साहा; त्रिपुरा के मुख्य सचिव श्री जितेंद्र कुमार सिन्हा; त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्यामलाल दास; विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर समीर कुमार सिल, संकाय सदस्यों, विशिष्ट अतिथियों, अभिभावकों और स्नातक छात्रों के साथ उपस्थित रहे।

***********************

 

भारत की राष्ट्रपति ने नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में भाग लिया

नई दिल्ली – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (8 मार्च, 2026) नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम  में भाग लिया और समारोह को संबोधित किया। यह राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदानों की खुशी मनाने और लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और महिला सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए आयोजित किया गया।

 

राष्ट्रपति ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, सेना, चिकित्सा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कला और उद्यमिता जैसे हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे पंचायतों में ग्रामीण विकास का नेतृत्व कर रही हैं। कई महिलाएं उद्योग, स्टार्टअप और कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्व प्रदान करने के लिए अपनी क्षमताओं का भरपूर उपयोग कर रही हैं। वे खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे उदाहरण यह विश्वास दिलाते हैं कि यदि महिलाओं को अवसर और समर्थन मिले तो वे हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत महिला नेतृत्व वाले विकास की ओर तेजी से अग्रसर है। पिछले एक दशक में महिलाओं के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया है। भारत ने स्कूली शिक्षा में लैंगिक समानता हासिल कर ली है। उच्च शिक्षा में भी सकल नामांकन अनुपात के हिसाब से छात्राओं की संख्या अधिक है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय बजट 2026-27 में एसटीईएम छात्रों की पढ़ाई जारी रखने में सहायता के लिए प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रावधान है। हमारी बेटियां ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार हो रही हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाएं रोजगार सृजनकर्ता के रूप में उभर रही हैं। स्टार्ट-अप इंडिया योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाले आधे से अधिक स्टार्ट-अप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं। वर्तमान में दो लाख से अधिक महिला स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यम सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर सक्रिय हैं। केंद्रीय बजट 2026-27 में शुरू की गई ‘एसएचई-मार्ट’ पहल स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराएगी। पिछले वर्ष लागू किए गए श्रम संहिता का उद्देश्य महिला श्रमिकों के लिए अधिक समावेशी, सुरक्षित और सशक्त कार्य वातावरण प्रदान करना है।

राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक प्रयासों के बावजूद, उनके विकास पथ में अभी भी कई बाधाएं मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, आज भी कई महिलाओं को भेदभाव, समान काम के लिए असमान वेतन और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनका समाधान केवल कानून बनाकर नहीं किया जा सकता। सामाजिक सोच में बदलाव आवश्यक है। लैंगिक भेदभाव की मानसिकता से बाहर निकलकर ही हम समाज में सच्ची समानता स्थापित कर सकते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि सही मायने में विकास हासिल करने के लिए हमें महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी, जो देश की लगभग आधी आबादी हैं। हमने 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। देश की तीव्र प्रगति और राष्ट्रीय हित के लिए नागरिकों की पूर्ण क्षमता को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम न केवल महिलाओं को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करें, बल्कि उन सपनों को साकार करने के हर कदम पर उनका समर्थन भी करें। भय और भेदभाव से मुक्त वातावरण में महिलाएं राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी नागरिकों को प्रत्येक लड़की को शिक्षा और समान अवसर प्रदान करने, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में व्याप्त सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। ऐसा करके हम विश्व के समक्ष महिला सशक्तिकरण का आदर्श प्रस्तुत कर सकते हैं।

****************************

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने कहा कि अस्मिता लीग से भारत के ओलंपिक पदक तालिका को बढ़ावा मिलेगा

छत्रपति संभाजी नगर, 8 मार्च – युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने रविवार को कहा कि ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों और अन्य बहु-विषयक स्पर्धाओं में भारत के पदकों की संख्या में तभी सुधार हो सकता है जब खेलों में महिलाओं की भागीदारी में कई गुना वृद्धि हो।

 

श्रीमती खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में छत्रपति संभाजीनगर स्थित गरखेड़ा स्थित संभागीय खेल परिसर में अस्मिता (महिलाओं को प्रेरित कर खेलों में नई उपलब्धियां हासिल करने की पहल करना) कार्यक्रम के अंतर्गत उपमहाद्वीप के 250 स्थानों पर राष्ट्रव्यापी एथलेटिक्स लीग के शुभारंभ के दौरान यह बात कही।

माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री ने अस्मिता बैनर के अंतर्गत योगा, वुशु, किकबॉक्सिंग और भारोत्तोलन लीग का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, उन्होंने साइक्लोथॉन और वॉकथॉन को झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनका आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) छत्रपति संभाजीनगर द्वारा माई भारत, छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम और महाराष्ट्र राज्य खेल विभाग के सहयोग से फिटनेस, खेल में भागीदारी और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

श्रीमती रक्षा खडसे ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पदकों की संख्या बढ़ाने में अस्मिता को उत्प्रेरक बताते हुए कहा, “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हमें याद दिलाता है कि महिलाओं के अधिकार, गरिमा और समान अवसर न केवल एक सामाजिक आवश्यकता हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव भी हैं। महिलाओं को अवसर प्रदान करके पूरा समाज सशक्त होता है। यही हम अस्मिता के माध्यम से कर रहे हैं, जिसे 2021 में हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुभारंभ किया गया था।”

“अस्मिता हमें ग्रामीण, आदिवासी और स्कूली स्तर की पृष्ठभूमि से प्रतिभाओं को पहचानने में मदद कर रही है। जब भागीदारी बढ़ती है, तो प्रतिभाओं में भी वृद्धि होती है, प्रतियोगिता का स्तर ऊंचा होता है और फिर पदकों की संख्या में भी सुधार होता है। अगर अधिक महिलाएं खेलों में भाग लेना शुरू कर दें, तो हम बड़े आयोजनों में अपने प्रदर्शन में सुधार कर पाएंगे। इसलिए, अस्मिता एक तरह से ओलंपिक जैसे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदकों की संख्या बढ़ाने में उत्प्रेरक का काम कर रही है।”

अब तक, अस्मिता लीग में 2600 लीगों में 33 खेलों में लगभग 3 लाख महिलाओं ने भाग लिया। 2025-26 में, लगभग 1.59 लाख महिलाएं पहले ही 1287 लीगों में भाग ले चुकी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, देश भर के 250 स्थानों पर 13 वर्ष से कम, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की लड़कियों के लिए 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर की तीन अलग-अलग दौड़ श्रेणियों में अस्मिता एथलेटिक्स लीग का आयोजन किया गया। एक दिवसीय इस आयोजन में कुल 2 लाख लड़कियों ने भाग लिया, जिसका संचालन माई भारत, खेलो इंडिया केंद्रों (केआईसी), एसएआई इकोसिस्टम और एनसीओई, राज्य और जिला खेल संघों के साथ-साथ जिला युवा अधिकारियों (डीवाईओ) के सहयोग से किया गया।

श्रीमती खडसे ने कहा, “हर जिले को खेलों में सक्रिय बनाना है, हर बेटी को आत्मविश्वास से भरपूर बनाना है और फिटनेस को राष्ट्रीय आदत बनाना है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया, माई भारत और अस्मिता के माध्यम से हम एक मजबूत, स्वस्थ और सशक्त भारत का निर्माण कर रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के अंतर्गत, भारत का खेल तंत्र लगातार अधिक समावेशी और महिला-केंद्रित होता जा रहा है।”

************************

 

प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं दी, भारत की प्रगति में नारी शक्ति की भूमिका की सराहना की

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देशवासियों को बधाई दी और भारत की नारी शक्ति के सामर्थ्य, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों को नमन किया।

प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को बधाई दी और भारत की प्रगति को आकार देने में उनकी बढ़ती भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में महिलाएं दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ योगदान दे रही हैं और उनकी उपलब्धियां राष्ट्र को प्रेरित करने के साथ-साथ विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प को सशक्त करती हैं।

महिला नेतृत्व वाले विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण सरकार की कई योजनाओं और पहलों के केंद्र में है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ऐसे अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है जो प्रत्येक महिला को अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त करने और भारत की विकास यात्रा में योगदान देने में सक्षम बनाते हैं।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां राष्ट्र के लिए गर्व की बात है और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं द्वारा निभाई गई परिवर्तनकारी भूमिका की एक सशक्त याद दिलाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत आगे बढ़ रहा है, महिलाओं की आकांक्षाएं और योगदान एक मजबूत और समृद्ध राष्ट्र की ओर देश की सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करना जारी रखेंगे।

श्री मोदी ने पिछले एक दशक में जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की एक झलक भी साझा की और देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहलों के प्रभाव पर प्रकाश डाला।

एक्स पर पोस्ट की एक श्रृंखला के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा:

“अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, मैं हमारी समस्त नारी शक्ति को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूँ।

आज हर क्षेत्र में महिलाएँ अपने अटूट संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को नया आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियाँ हमारे राष्ट्र को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।

महिला सशक्तिकरण हमारी विभिन्न योजनाओं और पहलों के मूल आधार में है। हम ऐसे अवसर बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं, जो प्रत्येक महिला को अपनी पूर्ण क्षमता को पहचानने और भारत की विकास यात्रा में अपना योगदान देने में सक्षम बना सके।

#NayeBharatKiNariShakti”

“भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां हमारे लिए गर्व का विषय है और राष्ट्र निर्माण में उनकी परिवर्तनकारी भूमिका का एक सशक्त प्रमाण हैं। जैसे-जैसे भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है, महिलाओं की आकांक्षाएं और उनका योगदान एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की ओर हमारी सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

#NayeBharatKiNariShakti”

“पिछले एक दशक के दौरान जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में आए क्रांतिकारी बदलावों की एक झलक…

#NayeBharatKiNariShakti”

*************************

भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड ने लखनऊ में अपने पहले रणनीतिक संचार सम्मेलन का आयोजन किया

नई दिल्ली – भारतीय सेना के सेंट्रल कमांड ने 7 मार्च, 2026 को उत्तर प्रदेश स्थित लखनऊ में अपने पहले रणनीतिक संचार सम्मेलन का आयोजन किया। करीब 500 लोगों की उपस्थिति के बीच आयोजित इस सम्मेलन में, राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना में रणनीतिक संचार पर विचार-विमर्श और पैनल चर्चाएं हुईं। पैनलिस्ट व वक्ताओं में वरिष्ठ राजनयिक, सरकार और मीडिया के संचार के जानकार शामिल थे। उपस्थित लोगों में सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सरकार व निजी क्षेत्र के संचार पेशेवर भी मौजूद रहे।

अपने उद्घाटन भाषण में, सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने युद्ध की प्रकृति में आए मूलभूत बदलावों को रेखांकित किया, जिसमें अब सूचना और संज्ञानात्मक क्षेत्र भी शामिल हैं। धारणा के प्रबंधन की बड़ी भूमिका पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि धारणा वैधता को आकार देती है, वैधता असर पैदा करती है और असर से परिणाम तय होते हैं। उन्होंने नैरेटिव को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने और युद्ध की सीमा से नीचे के संघर्षों से पैदा होने वाले खतरों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि रणनीतिक संचार प्रतिक्रियात्मक, छिटपुट या निजी असर पर आधारित नहीं रह सकता, बल्कि इसे संस्थागत, सिद्धांत-सहयोगी और क्षमता वाला होना चाहिए।

इस सम्मेलन में उभरते संचार क्षेत्र में भविष्य की तैयारियों के लिए एक क्षमता के तौर पर रणनीतिक संचार का संस्थागतकरण विषय पर संस्थागत और राष्ट्रीय सुरक्षा आयामों पर एक विशेषज्ञ नीति-स्तर के सत्र का आयोजन किया गया। संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहली महिला स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज (सेवानिवृत्त), राजदूत यशवर्धन सिन्हा (सेवानिवृत्त) और लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला (सेवानिवृत्त) ने सत्र को संबोधित किया।

उभरते बहुक्षेत्रीय अभियानों में रणनीतिक संचाररणनीतियांसंरचनाएंप्रक्रियाएं और तैयारी विषयवस्तु पर एक विशेष संवादात्मक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें नीतिगत और कार्यान्वयन संबंधी दृष्टिकोणों को जोड़ा गया। राजदूत दिलीप सिन्हा, डॉ. शांतनु मुखर्जी, श्रीमती वीणा जैन और लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय के साथ सेवानिवृत्त नागरिक और सैन्य अधिकारियों ने सत्र के दौरान महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा कीं। मन के क्षेत्र को आकार देनारणनीतिक क्षेत्र में धारणा प्रबंधन और सूचना की शक्ति और रणनीतिक संचार’ विषयवस्तु पर मीडिया के साथ पैनल चर्चा में धारणा प्रबंधन और सूचना की शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के भीतर एक संस्थागत क्षमता के तौर पर रणनीतिक संचार का परीक्षण करना और उभरते सूचना क्षेत्र में सिद्धांत, संरचनाओं, प्रक्रियाओं और तैयारियों पर कार्रवाही के लिए अंतर्दृष्टि पैदा करना था।

****************************

 

आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीआर-ईआर) पर तीसरे सेमिनार का आयोजन

गृह मंत्रालय द्वारा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्रों (एसईओसी) के साथ एकीकरण पर तीसरे सेमिनार का आयोजन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आपदा जोखिम को कम करने के लिए निर्धारित 10-सूत्रीय एजेंडा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से, गृह मंत्रालय के आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीआर-ईआर), ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्रों (एसईओसी) के साथ एकीकरण पर तीसरे सेमिनार का आयोजन किया। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार का प्रयास आपदाओं के दौरान “शून्य जनहानि” (Zero Casualty) के लक्ष्य को प्राप्त करना है।

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्रों (एसईओसी) तथा आपदा न्यूनीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और तालमेल स्थापित करना था।

सेमिनार के दौरान आपदाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी के प्रसार में लगने वाले समय को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), के प्रख्यात वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न आपदा संबंधी विषयों तथा पूर्व चेतावनी प्रणाली पर महत्वपूर्ण सुझाव और जानकारी साझा की। इसी क्रम में आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए एकीकृत नियंत्रण कक्ष (आईसीआर-ईआर) में आपातकालीन प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय डेटाबेस (एनडीईएम 5.0) पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण (हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग) भी आयोजित किया गया। एनडीईएम 5.0 पर आयोजित संवादात्मक सत्रों में आपदाओं की पूर्वानुमान क्षमता, जोखिम न्यूनीकरण, संसाधनों के प्रभावी उपयोग, तथा केंद्र और राज्यों के बीच सूचना के सुचारु आदान-प्रदान को सुनिश्चित करने के उपायों पर विशेष बल दिया गया।

सेमिनार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में हो रही तकनीकी प्रगति के बारे में जानने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर भी एक सत्र आयोजित किया गया। यह अपेक्षा की जा रही है कि एआई वर्तमान कार्यप्रणाली में एक मौलिक परिवर्तन लाएगा और आपदा न्यूनीकरण तथा आपदा प्रतिक्रिया से जुड़ी सभी एजेंसियों को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रोत्साहन प्रदान करेगा।

सेमिनार में मानसून-2026 के लिए तैयारियों पर भी चर्चा की गई। इस कार्यक्रम ने विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय बढ़ाने और अंतराल को कम करने के लिए एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया। इसके माध्यम से आपदाओं से निपटने के लिए राहत-केंद्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर सक्रिय और रोकथाम-केंद्रित रणनीति अपनाने पर जोर दिया गया।

*******************************

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रांची में ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ का शुभारंभ

उपविकास आयुक्त, रांची श्री सौरभ कुमार भुवानिया द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया शुभारंभ

08 से 22 मार्च 2026 तक जिले में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रमों का होगा आयोजन

जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुखिया एवं चार जलसहिया दीदियों को किया गया सम्मानित

रांची,08.03.2026 – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज दिनांक 08.03.2026 को रांची जिला अंतर्गत हॉकी स्टेडियम सभागार में उपविकास आयुक्त, रांची श्री सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जल महोत्सव पखवाड़ा का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया। यह पखवाड़ा 08 मार्च 2026 से 22 मार्च 2026 तक जिले में विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान उपविकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले प्रतिदिन के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी उपस्थित लोगों को दी। उन्होंने दोनों प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया कि अपने-अपने प्रमंडल से पांच-पांच ऐसी महिलाओं का चयन करें, जिन्होंने पखवाड़े के दौरान जल संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़ी उत्कृष्ट गतिविधियाँ की हों। चयनित महिलाओं को 22 मार्च 2026 को जिला एवं राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों से आए मुखिया एवं जलसहिया दीदियों ने अपने-अपने पंचायत और गांवों में जल संरक्षण एवं जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए गए सराहनीय कार्यों के अनुभव भी साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान उपविकास आयुक्त द्वारा जल जीवन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एक मुखिया एवं चार जलसहिया दीदियों को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य उत्कृष्ट कार्य करने वाली जलसहिया दीदियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जल संरक्षण, स्वच्छ जल की उपलब्धता और महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर संबंधित विभाग के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, जलसहिया दीदियां एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थीं।

*************************

 

स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर- द रिवेंज’ का ट्रेलर रिलीज

08.03.2026 – बी62 स्टूडियोज द्वारा निर्मित स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर- द रिवेंज’ का ट्रेलर मेकर्स द्वारा रिलीज कर दिया गया है। ट्रेलर में रणवीर सिंह जसकीरत सिंह रंगी के किरदार में दमदार अंदाज़ में लौटते नजर आते हैं। इस बार वह जसकीरत और हमज़ा ऐसे दो अवतारों में दिखाई देंगे। कहानी और रोमांचक बनती है जब कि आर. माधवन रणनीतिक मास्टरमाइंड अजय सान्याल के रूप में नजर आते हैं, अर्जुन रामपाल आईएसआई मेजर इकबाल के रूप में एक खतरनाक और प्रभावशाली किरदार निभाते दिखाई देते हैं और संजय दत्त एसपी चौधरी असलम के रूप में दमदार मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

तेज़ रफ्तार एक्शन, धारदार संवाद और ऐसे कई पल ट्रेलर में दिखाई देते हैं जिसे देख सिनेमाघरों में दर्शक सीटियां बजाने के लिए मजबूर होंगे। यह ट्रेलर एक बड़े बदले की कहानी की झलक देता है, जिसे बेहद भव्य पैमाने पर पेश किया गया है।

विदित हो कि ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता बनकर उभरी और हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बनी थी। अब इसकी अगली इंस्टॉलमेंट पहले से कहीं ज़्यादा बड़े पैमाने पर आ रही है, जिसमें दांव और रोमांच पहले से कहीं ज़्यादा बढ़कर हैं।

‘हौसला…, ईंधन…,.बदला…’ इस नई इंस्टॉलमेंट को आगे बढ़ाने वाली बदले की ताकत की ओर इशारा करता है।

जियो स्टूडियोज की नवीनतम प्रस्तुति के रूप में ‘धुरंधर द रिवेंज’ पांच भाषाओं हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में 19 मार्च को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस हाई-ऑक्टेन स्पाई-एक्शन फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, निर्देशित और प्रोड्यूस किया है। फिल्म का निर्माण ज्योति देशपांडे और लोकेश धर ने किया है।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

*************************

 

पहले हम कुएँ का खारा पानी पीते थे, अब हमारे घरों में साफ पानी आता है: लक्षद्वीप निवासी ने एलटीटीडी संयंत्र के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री को बताया

नई दिल्ली – “पहले हम कुएँ का खारा पानी पीते थे। अब हमारे इलाके में सभी लोग खारे पानी को मीठा करके पीने में इस्तेमाल कर रहे हैं,” शुक्रवार को द्वीप में स्थित निम्न तापमान तापीय विलवणीकरण (एलटीटीडी) संयंत्र के दौरे के दौरान केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से बातचीत करते हुए कवरत्ती निवासी अब्दुल रहमान ने यह बात बतायी। रहमान सहित कई अन्य स्थानीय निवासियों ने  केंद्रीय मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लक्षद्वीप द्वीपसमूह में पेयजल की कमी को दूर करने के लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा स्थापित विलवणीकरण सुविधाओं के कामकाज की समीक्षा की।

बातचीत के दौरान, निवासियों ने बताया कि खारे पानी को मीठा बनाने की सुविधा मिलने से द्वीप क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया है। इस क्षेत्र में भूजल सीमित है और समुद्र के निकट होने के कारण अक्सर पानी खारा होता है। रहमान ने याद दिलाया कि पहले परिवार अपने घरों के पास के छोटे कुओं पर निर्भर थे, लेकिन पानी अक्सर खारा होता था और हमेशा पीने योग्य नहीं होता था। उन्होंने कहा कि अब जब खारे पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्र चालू हो गए हैं, तो नलों से साफ पीने का पानी आसानी से उपलब्ध हो गया है। एक अन्य निवासी, वलिया बी ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पानी लाना एक दैनिक कार्य हुआ करता था, जिसमें दिन में कई बार कुओं से घरों तक पानी ढोना पड़ता था। उन्होंने कहा, “पहले हमें कुएं से पानी घर लाना पड़ता था। अब पानी हमारे दरवाजे पर ही उपलब्ध है।”

केंद्रीय मंत्री के साथ आए अधिकारियों ने बताया कि एलटीटीडी तकनीक गर्म सतही समुद्री जल और ठंडे गहरे समुद्री जल के तापमान अंतर का उपयोग करके समुद्री जल को पीने योग्य पानी में परिवर्तित करती है। स्थानीय समुदायों को पीने के पानी का स्थायी स्रोत उपलब्ध कराने के लिए लक्षद्वीप के कई द्वीपों में ये संयंत्र स्थापित किए गए हैं। यात्रा के दौरान श्री सिंह ने कहा कि खारे पानी को मीठा करने की यह पहल, जो कवरत्ती में शुरू हुई थी, धीरे-धीरे क्षेत्र के कई अन्य द्वीपों तक फैल गई है। उन्होंने आगामी महासागर तापीय ऊर्जा रूपांतरण (ओटीईसी) परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की, जिससे स्वच्छ बिजली उत्पन्न होने के साथ-साथ ताजे पानी का उत्पादन भी होने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसी तकनीकें विशेष रूप से उन द्वीपीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं जहां ताजे पानी के स्रोत कम हैं लेकिन समुद्री जल प्रचुर मात्रा में है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं डीजल आधारित आपूर्ति पर निर्भरता को भी कम कर सकती हैं, जो अक्सर मानसून के दौरान लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियों से प्रभावित होती है। लक्षद्वीप को सीमित ताजे पानी के भंडार, खारेपन की समस्या और वर्षा पर अत्यधिक निर्भरता के कारण विश्वसनीय पेयजल प्राप्त करने में लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में द्वीप की आबादी के लिए पीने योग्य पानी की स्थिर और टिकाऊ आपूर्ति सुनिश्चित करने में विलवणीकरण सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।

************************

 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जन औषधि दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के सभी लाभार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं

नई दिल्ली – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने जन औषधि दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के सभी लाभार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा “जन औषधि दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना के सभी लाभार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। मोदी सरकार की इस पहल ने देश के गरीबों को दवाइयों के आर्थिक बोझ से राहत दिलाने और जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता फैलाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। आज देश में लगभग 18,000 जन औषधि केंद्र गरीबों और जरूरतमंदों को सस्ती व सुलभ दवाइयाँ उपलब्ध करा रहे हैं। इस योजना के माध्यम से देशवासियों के ₹40 हजार करोड़ से अधिक की बचत हो चुकी है।”

*******************

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जन औषधि दिवस 2026 पर शुभकामनाएं दीं

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर उन सभी को शुभकामनाएं दीं, जिन पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का अच्छा असर पड़ा है। श्री मोदी ने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी गुणवत्ता की दवाएं मिलें। श्री मोदी ने यह भी कहा कि जन औषधि केंद्रों के ज़रिए, अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्च बचा रहे हैं और सही इलाज पा रहे हैं।

श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के बदलाव लाने वाले असर की झलक भी साझा की।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा;

“#JanAushadhiDiwas2026 पर, उन सभी को मेरी शुभकामनाएं जिन पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना का अच्छा असर हुआ है। यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी दवाइयां मिलें। जन औषधि केंद्रों के ज़रिए, अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल पर खर्च बचा रहे हैं और सही उपचार करवा रहे हैं।”

“प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के परिवर्तनकारी प्रभाव की झलक।

#JanAushadhiDiwas2026”

**********************

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मानेकशॉ सेंटर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह की शोभा बढ़ाएंगी

नई दिल्ली – भारत सरकार  8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का भव्य आयोजन कर रही है। इस अवसर पर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में एक राष्ट्रीय स्तर के समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस गरिमामयी कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु होंगी।

इस कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री, श्रीमती सावित्री ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा।

विश्व स्तर पर 8 मार्च को मनाए जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और उनके योगदान का उत्सव मनाता है। यह दिवस जेंडर इक्वालिटी, सुरक्षा, गरिमा और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को पुन: दोहराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव, श्री अनिल मलिक के स्वागत भाषण के साथ होगा। इसके पश्चात, विभिन्न ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की कार्यबल में बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करेंगी और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से बनाई गई सरकार की प्रमुख नीतियों एवं योजनाओं का प्रदर्शन करेंगी।

इस अवसर पर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु अपना मुख्य संबोधन देंगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी भी समारोह को संबोधित करेंगी और देश में महिला-नेतृत्व वाले विकास को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा की गई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालेंगी।

उद्घाटन समारोह के पश्चात, कार्यक्रम में दो पैनल चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। पहली पैनल चर्चा का विषय “श्रम संहिता – महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा” होगा, जबकि दूसरी पैनल चर्चा का विषय “उद्यमी के रूप में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं” होगा।

इस कार्यक्रम में 150 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और संगठनों की लगभग 1,000 महिलाओं के शामिल होने की संभावना है। इसमें सशस्त्र बलों, पुलिस, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, खेल और अन्य क्षेत्रों की महिला प्रतिनिधि शामिल होंगी, जो पूरे देश में महिलाओं के विविध योगदानों और महिला-नेतृत्व वाले विकास को आगे बढ़ाने के प्रति भारत सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती हैं।

इस कार्यक्रम को नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से लाइव वेबकास्ट के जरिए भी देखा जा सकता है:

https://webcast.gov.in/mwcd.

***********************

कर्तव्य पथ पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होगी ‘शक्ति वॉक-#SheLeadsBharat’

नई दिल्ली – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उत्सव के हिस्से के रूप में कल (8 मार्च 2026) नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर “शक्ति वॉक #SheLeadsBharat” शीर्षक से एक महिला-नेतृत्व वाली वॉक का आयोजन किया जा रहा है

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, जो 8 मार्च को वैश्विक रूप से मनाया जाता है, जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों, नेतृत्व और योगदान का उत्सव मनाता है तथा लैंगिक समानता, सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण की सामूहिक प्रतिबद्धता को पुनः दोहराता है। इसी भावना में, शक्ति वॉक का आयोजन प्रगतिशील और समावेशी भारत को आकार देने में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करने के लिए किया जा रहा है।

शक्ति वॉक का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व और योगदान का उत्सव मनाना, महिलाओं की सुरक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना, महिलाओं के लाभार्थी प्रमुख योजनाओं और पहलों को प्रदर्शित करना, विविध पृष्ठभूमि से महिलाओं के बीच एकजुटता और सामूहिक गौरव को बढ़ावा देना तथा राष्ट्रीय प्रगति में महिला-नेतृत्व वाले विकास के संदेश को प्रोत्साहित करना है।वॉक सुबह 7:30 बजे से 10:00 बजे तक चलेगी, जो कार्तव्य पथ पर इंडिया गेट से विजय चौक तक लगभग 2 किलोमीटर के खिंचाव को कवर करेगी।

इस आयोजन में 150 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और संगठनों से लगभग 3000 महिलाओं के भाग लेने की उम्मीद है, जिसमें सशस्त्र बलों, पुलिस, मीडिया, स्वास्थ्य सेवा, खेल, सरकारी संस्थानों, उद्योग और जमीनी स्तर के संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिभागी #SheLeadsBharat थीम के तहत एक साथ चलेंगी, जो प्रगतिशील और समावेशी भारत को आकार देने में महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करेगी।भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की महिला अधिकारियों को भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के भाग लेने की भी उम्मीद है।वॉक का नेतृत्व महिला जनप्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, सांसद, विधायक तथा विविध क्षेत्रों से अन्य विशिष्ट महिला नेता और प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।कार्यक्रम की शुरुआत गरिमामंडलों के संक्षिप्त संबोधनों से होगी, उसके बाद वॉक का धार्मिक ध्वजारोहण किया जाएगा।कार्तव्य पथ पर महिलाओं के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं को प्रदर्शित करने वाली स्थापनाएं तथा विविध क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।

इंडिया गेट पर एक क्यूरेटेड सांस्कृतिक प्रस्तुति महिला भावना और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव मनाएगी। प्रदर्शन में डोल्लू कुणित, कलारीपयट्टु, श्रीनगरिमेलम, रणचंडी और घूमर शामिल होंगे, जो भारत भर में महिलाओं की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और शक्ति का प्रतिनिधित्व करेंगे।इंडिया गेट पर एक क्यूरेटेड सांस्कृतिक प्रस्तुति महिला भावना और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव मनाएगी, जो वंदे मातरम की सामूहिक प्रस्तुति से शुरू होगी। “शक्ति वॉक – #SheLeadsBharat” संदेश वाले गुब्बारे भी छोड़े जाएंगे।ये उत्सव विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देते हैं।

*********************

चुनाव आयोग ने केरल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनावी तैयारियों की समीक्षा की

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर आज कोच्चि में आगामी केरल विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की।
  2. समीक्षा के दौरान आयोग ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों जैसे आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और राज्य की मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल जैसे कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम) और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से सुझाव मांगे।
  3. अधिकांश राजनीतिक दलों ने केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की। कुछ दलों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संचालन में बीएलओ द्वारा किए गए अच्छे काम की प्रशंसा भी की।
  4. कुछ राजनीतिक दलों ने आयोग से आग्रह किया कि चुनाव की तारीखें तय करते समय आगामी स्थानीय त्योहारों को ध्यान में रखा जाए।
  5. कुछ पार्टियों ने आयोग से बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
  6. राजनीतिक दलों ने आयोग से चुनाव के दौरान धनबल के इस्तेमाल और शराब/मुफ्त चीजों के वितरण पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाने का आग्रह किया।
  7. कुछ दलों ने चुनावी माहौल को दूषित करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कृत्रिम रूप से उत्पन्न सामग्री के उपयोग पर चिंता जताई।
  8. मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर का संचालन अत्यंत पारदर्शी तरीके से किया गया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और साथ ही कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी प्रकार के समावेशन/हटाने/परिवर्तन के लिए फॉर्म 6/7/8 अभी भी दाखिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आरपी अधिनियम 1950 के अनुसार डीएम/सीईओ के पास अपील दायर की जा सकती है।
  9. मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि चुनाव कानून के अनुसार निष्पक्ष, स्वतंत्र, न्यायसंगत और पारदर्शी तरीके से आयोजित किए जाते हैं।
  10. मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों को चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की किसी भी शिकायत को दर्ज करने के लिए चुनाव आयोग के ईसीआईएनईटी प्लैटफॉर्म के सीवीआईजीआईएल (सीविजिल) का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
  11. सीईसी ने सभी राजनीतिक दलों से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि केरल में चुनाव हमेशा की तरह न केवल पूरे देश के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल हो।
  12. बाद में आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुखों/नोडल अधिकारियों, आईजी, डीआईजी, डीईओ, एसपी के साथ चुनाव योजना, ईवीएम प्रबंधन, लॉजिस्टिक सम्बंधी, चुनाव कर्मचारियों के प्रशिक्षण, जब्ती, कानून व्यवस्था, मतदाता जागरूकता और संपर्क गतिविधियों के हर पहलुओं पर विस्तृत समीक्षा की।
  13. आयोग ने प्रवर्तन एजेंसियों के सभी प्रमुखों/नोडल अधिकारियों को पूर्ण निष्पक्षता के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार के प्रलोभन से संबंधित सभी गतिविधियों पर सख्ती से नकेल कसने का निर्देश दिया।
  14. आयोग ने सभी मतदान अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और पीने के पानी सहित न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं (एएमएफ) उपलब्ध कराई जाए।*************************

भारत और केन्या के बीच संयुक्त रक्षा सहयोग समिति की चौथी बैठक संपन्न हुई

नई दिल्ली – भारत और केन्या के बीच संयुक्त रक्षा सहयोग समिति (जेडीसीसी) की चौथी बैठक 24 और 26 फरवरी 2026 के बीच केन्या के नैरोबी में हुई। बातचीत में मुख्य रूप से सेवाओं के बीच जुड़ाव बढ़ाने, प्रशिक्षण के मौके बढ़ाने, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और रक्षा शोध एवं अनुसंधान और उत्पादन में सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

दोनों देशों ने पिछली जेडीसीसी बैठक के बाद हुई प्रगति पर खुशी जताई और रक्षा सहयोग को और गहरा करने और बढ़ाने के लिए पांच साल का रोडमैप बनाने पर सहमत हुए। दोनों पक्ष अपनी-अपनी नौसेना के बीच व्यवस्थित संवाद शुरू करने सहित सर्विस-टू-सर्विस जुड़ाव का दायरा बढ़ाने पर सहमत हुए।

दोनों देशों ने कस्टमाइज्ड प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोग, सैन्य अभ्यास शुरू करने, सीमा प्रबंधन, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में क्षमता विकास, सैन्य चिकित्सा सेवाओं में सहयोग, जिसमें प्रशिक्षण और ज्ञान का आदान-प्रदान शामिल हैं, पर बातचीत की।

बैठक के को-चेयर संयुक्त सचिव (आईसी) श्री अमिताभ प्रसाद और केन्या के असिस्टेंट चीफ ऑफ़ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल फ्रेडरिक एल. लुरिया रहे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में रक्षा विभाग, सेवाएं और डीजीएएफएमएस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। केन्या में भारत के राजदूत डॉ. आदर्श स्वैका और केन्या में भारत के डिफेंस अटैची भी बैठक में शामिल हुए।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने केन्या के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज जनरल चार्ल्स कहारिरी और प्रिंसिपल सेक्रेटरी डिफेंस डॉ. पैट्रिक मारिरू से मुलाकात की और उन्हें चौथे भारत-केन्या जेडीसीसी के खास नतीजों के बारे में जानकारी दी। बातचीत में भारत-केन्या रक्षा सहयोग को बढ़ाने और गहरा करने पर फोकस रहा।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने केन्या के एनडीसी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल जुमा शी म्विन्यकाई से बातचीत की, जिन्होंने उन्हें केन्या के रक्षा बलों और आम लोगों को उनके भविष्य की बड़ी भूमिकाओं में रणनीतिक और जरूरी फैसले लेने के लिए तैयार करने में एनडीसी केन्या की भूमिका के बारे में जानकारी दी। दोनों पक्षों ने भारत और केन्या के बीच रक्षा प्रशिक्षण सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मटोंगवे नेवल बेस पर केन्या की नौसेना के कमांडर मेजर जनरल पॉल ओटिएनो से भी मुलाकात की। उन्होंने दोनों नौसेनाओं के बीच गहरे जुड़ाव के जरिए नौसेना सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरे के हिस्से के तौर पर, प्रतिनिधिमंडल ने मटोंगवे में सीटी स्कैन रेडियोलॉजी सेंटर का दौरा किया और मिलिट्री मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य सहयाक सेवाओं में चल रही कोशिशों और नेवल बेस पर केन्या नेवल ट्रेनिंग कॉलेज के बारे में जानकारी हासिल की।

संयुक्त सचिव (आईसी) ने केन्या के टैटा तवेता काउंटी में माइल 27 पर संयुक्त भारत-अफ्रीका शहीद स्मारक (कमेमोरेटिव मेमोरियल) पर भी श्रद्धांजलि दी। यह उन अनजान भारतीय और अफ्रीकी सैनिकों की बहादुरी और सबसे बड़े बलिदान को सम्मान देने के लिए किया गया, जिन्होंने पहले विश्व युद्ध के दौरान ईस्ट अफ्रीकन थिएटर में अपनी जान दी थी। इससे भारतीय और अफ्रीकी सैनिकों के बलिदान के लिए साझा सम्मान दिया गया।

भारत केन्या के साथ अपने रिश्तों को बहुत अहमियत देता है, जो ऐतिहासिक रिश्तों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और लोगों के बीच करीबी रिश्तों पर आधारित हैं।

******************************

 

भारतीय सेना ने “युद्धक खेलों एवं मिथ्याभास के माध्यम से सैन्य निर्णय-निर्माण क्षमता को सुदृढ़ करने” विषय पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया

इस अवसर पर स्वदेशी निर्णय-सहायता अनुप्रयोगों का भी शुभारंभ किया

भारतीय सेना द्वारा आज नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में “युद्धक खेलों एवं मिथ्याभास के माध्यम से सैन्य निर्णय-निर्माण क्षमता को सुदृढ़ करना – ज्ञान और उद्योग के अंतर को पाटना” विषय पर एक वॉरगेमिंग सेमिनार का आयोजन किया गया। वॉरगेमिंग डेवलपमेंट सेंटर (डब्ल्यूएआरडीईसी) द्वारा आयोजित इस सेमिनार ने रणनीतिक संवाद के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया, जिसमें भारत के वॉरगेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, शिक्षाविद, रणनीतिक चिंतक तथा प्रौद्योगिकी उद्योग के विशेषज्ञ शामिल थे।

इस आयोजन ने समकालीन और भविष्य के बहु-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्रों के संदर्भ में परिचालन योजना, नेतृत्व विकास तथा सैन्य सिद्धांतों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए वॉरगेमिंग के बढ़ते महत्व को उजागर किया।

सम्मेलन का उद्घाटन सेना प्रशिक्षण कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने किया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि वॉरगेमिंग केवल एक प्रक्रियात्मक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह निर्णय क्षमता को परिष्कृत करने, मान्यताओं का परीक्षण करने और अनुकूलनशील सोच को विकसित करने का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साधन है।

देवेंद्र शर्मा ने परिचालन तत्परता, निर्णय लेने में बढ़त और जटिल तथा गतिशील परिचालन चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की भारतीय सेना की क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए संस्थागत योजना प्रक्रियाओं में सिमुलेशन-आधारित विश्लेषण को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने संबोधन में उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बढ़ते जोर का भी उल्लेख किया और स्वदेशी रूप से उन्नत क्षमताओं के डिजाइन, विकास एवं तैनाती हेतु भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इस संगोष्ठी में परिचालन, शैक्षणिक और औद्योगिक दृष्टिकोणों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सैन्य परिप्रेक्ष्य से इसका मुख्य उद्देश्य बहु-क्षेत्रीय सिमुलेशन की क्षमता का प्रभावी उपयोग करना, वॉरगेमिंग को एक प्रमुख पेशेवर क्षमता के रूप में संस्थागत स्वरूप प्रदान करना और कमांडरों को गति, अनिश्चितता व तकनीकी व्यवधान से युक्त जटिल परिचालन वातावरण के लिए तैयार करना था।

शैक्षणिक दृष्टिकोण से, सम्मेलन ने मानव पूंजी के विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा विश्लेषण, व्यवहार विज्ञान और सिस्टम इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अंतःविषय अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा वॉरगेमिंग पद्धतियों को आगे बढ़ाने हेतु उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने में विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

उद्योग जगत के दृष्टिकोण से, संगोष्ठी में सैन्य–असैन्य साझेदारी को सुदृढ़ करने, सह-विकास ढांचों को प्रोत्साहित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, बिग डेटा एनालिटिक्स, वर्चुअल रियलिटी तथा ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों को परिचालन दृष्टि से प्रासंगिक सिमुलेशन वातावरण में एकीकृत करने पर विशेष बल दिया गया। सम्मेलन के साथ आयोजित प्रदर्शनी में उन्नत सिमुलेशन प्लेटफॉर्म व नवोन्मेषी तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने भारतीय वॉरगेमिंग पारिस्थितिकी तंत्र की सहयोगात्मक भावना और साझा दृष्टिकोण को और सुदृढ़ किया।

सेमिनार के दौरान वॉरगेमिंग डेवलपमेंट सेंटर द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित तीन सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन भी जारी किए गए। इनमें ऑटो इवैल्यूएशन मैप मार्किंग टूल, कॉम्बैट डिसीजन रिजॉल्यूशन – वर्जन 9 तथा ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस प्रिपरेशन ऑफ द बैटलफील्ड शामिल हैं। ये एप्लिकेशन भारतीय सेना की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होंगे और सभी स्तरों के कमांडरों के लिए एक संरचित एवं प्रभावी निर्णय-सहायता ढांचा उपलब्ध कराएंगे।

एकीकृत रक्षा स्टाफ के उप प्रमुख (सिद्धांत, संगठन एवं प्रशिक्षण) लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए. मिनवाला ने समापन सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने सैद्धांतिक नवाचार, विश्लेषणात्मक मूल्यांकन और नेतृत्व विकास के लिए आत्मनिर्भर तथा भविष्य के लिए तैयार वॉरगेमिंग प्रणाली के महत्व पर बल दिया। लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए. मिनवाला ने कहा कि ऐसी प्रणाली पूर्वानुमानित योजना निर्माण की क्षमताओं को विकसित करने, कमांडरों को बहु-क्षेत्रीय परिचालन चुनौतियों के लिए तैयार करने और यह सुनिश्चित करने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भारत सैन्य चिंतन व तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बना रहे।

इस संगोष्ठी ने भौतिक आधुनिकीकरण के साथ-साथ बौद्धिक तैयारी के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को उजागर किया। सशस्त्र बलों, शिक्षाविदों एवं उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाकर इसने एक लचीली, आत्मनिर्भर व भविष्य के लिए तैयार वॉरगेमिंग प्रणाली की नींव को और सुदृढ़ किया। इससे भारत की परिचालन क्षमता को मजबूती मिली है और राष्ट्रीय सुरक्षा को बल मिला है। इस आयोजन ने तेजी से जटिल होते परिचालन परिवेशों में कमांडरों को प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करने में सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण, विश्लेषणात्मक मूल्यांकन और निर्णय-सहायता उपकरणों के रणनीतिक महत्व को रेखांकित किया। साथ ही, इसने सहयोगात्मक नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए तकनीकी आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को भी प्रदर्शित किया।

 

******************************