अमित शाह ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक बैठक आतंकवाद, सीमा-पार संगठित अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ, मानव एवं अन्य प्रकार की तस्करी, अवैध वित्तीय लेन-देन और साइबर खतरों जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए सदस्य देशों के सामूहिक संकल्प को दर्शाती है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि BIMSTEC सदस्य देशों के बीच ठोस समन्वय और सहयोग के माध्यम से क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाया जा सकता है। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए साझा रणनीति और सहयोग को आगे बढ़ाना है।
आतंकवाद और सीमा-पार अपराधों के बढ़ते स्वरूप के बीच सदस्य देशों के बीच सूचना साझा करना, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा साइबर अपराधों और अवैध वित्तीय गतिविधियों पर अंकुश लगाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
साझा चुनौतियों से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
BIMSTEC यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है। सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए गृह मंत्रियों की यह पहली बैठक सदस्य देशों के बीच संवाद और समन्वय को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
अमित शाह ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि भारत एक सुरक्षित, मजबूत और अधिक संरक्षित BIMSTEC क्षेत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक के माध्यम से आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ और साइबर खतरों जैसी चुनौतियों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
भारत की मेजबानी में आयोजित यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
