Akhilesh Yadav's allegation on Teacher's Day, said- BJP wants to deprive poor children from education

शिक्षक दिवस पर अखिलेश यादव का आरोप, कहा- भाजपा गरीब के बच्चों को शिक्षा से वंचित करना चाहती है

लखनऊ 05 Sep, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार शिक्षा, शिक्षक और छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी प्राथमिक शिक्षा संस्थाएं बंद की जा रही हैं और आगे चलकर इंटर कॉलेज व डिग्री कॉलेज भी बंद करने की साजिश है।

भाजपा चाहती है कि गरीब का बच्चा पढ़-लिखने से वंचित हो और आने वाली पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय बना दिया जाए।अखिलेश यादव मंगलवार को पार्टी मुख्यालय लखनऊ में समाजवादी शिक्षक सभा द्वारा आयोजित शिक्षक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. बी. पांडेय ने की और संचालन प्रदेश महासचिव कमलेश यादव ने किया।

समारोह की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करने से हुई।अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन दार्शनिक और शिक्षाविद होने के साथ भारत के पूर्व राष्ट्रपति भी रहे। शिक्षक दिवस उनकी जयंती पर उनके योगदान को याद करने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और युवाओं को सम्मानजनक रोजगार दिया जाएगा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और ज्योतिबा फुले जैसे महापुरुषों ने समाज को दिशा दी, उसी दिशा में सपा काम करेगी।

चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार और चुनाव आयोग मिलकर वोट की हेराफेरी कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षक सभा से आह्वान किया कि वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और बचाने की प्रक्रिया पर सजग रहें और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करें ताकि 2027 के चुनाव में कोई गड़बड़ी न हो पाए।

अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का रास्ता न्याय का है। पीडीए की सरकार बनते ही सामाजिक न्याय की स्थापना होगी, जिससे पीड़ित और वंचित वर्ग को सम्मान और खुशहाल जीवन जीने का अवसर मिलेगा।

समारोह में शिक्षकों ने अखिलेश यादव को स्मृतिचिन्ह और कृतज्ञता स्वरूप स्मारिका भेंट की।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधान परिषद के सदस्य, पूर्व विधायक, शिक्षक सभा के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षाविद व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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