After the Ahmedabad accident, Boeing 787 Dreamliner planes will be inspected, DGCA decided

अहमदाबाद हादसे के बाद बोइंग के 787 ड्रीमलाइनर विमानों की होगी जांच, डीजीसीए का फैसला

नईदिल्ली,13 जून (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद बोइंग कंपनी की परेशानियां बढ़ सकती हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बोइंग के 787 ड्रीमलाइनर विमानों की बेड़े की जांच के आदेश दिए हैं।

डीजीसीए ने एयर इंडिया को आदेश दिया है कि वह 15 जून की मध्यरात्रि से भारत से उड़ान भरने से पहले एक बार की विशेष जांच प्रक्रिया को अनिवार्य रूप से लागू करे।

इससे पहले खबर थी कि विमानों का परिचालन रोका जा सकता है।

डीजीसीए ने 15 जून से एयर इंडिया को विमानों की सख्त सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं। इनमें ईंधन, हाइड्रोलिक, इंजन कंट्रोल, एयर कंप्रेसर और टेकऑफ से जुड़े तकनीकी मानकों की जांच शामिल है।

डीजीसीए ने 2 हफ्ते में पावर एश्योरेंस चेक अनिवार्य करते हुए आदेश दिया कि 15 दिनों की तकनीकी खराबियों की समीक्षा के आधार पर मरम्मत की जाएगी।
एयरलाइन को इसकी जांच रिपोर्ट डीजीसीए को जमा करनी होगी।

बोइंग ने 787 ड्रीमलाइनर को 2011 में लॉन्च किया था।

एयर इंडिया का जो विमान हादसे का शिकार हुआ है, वह भी 12 साल पहले सेवा में आया था। ये विमान हादसे से पहले 8,000 से अधिक टेक ऑफ और लैडिंग कर चुका था।

बता दें कि भारत में बस एयर इंडिया के पास ही बोइंग 787 विमान हैं। कंपनी के पास ऐसे 27 विमान हैं, जिनमें से एक अब दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है।

2013 में बोइंग 787 की लिथियम-आयन बैटरी में आग लगने की कई घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पूरी दुनिया में इसके परिचालन पर 3 महीने के लिए रोक लगाई गई थी।

2018 और 2019 में इंडोनेशिया और इथियोपिया में बोइंग के कई विमान हादसे का शिकार हुए थे, जिनमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। हालांकि, ये विमान बोइंग 737 मैक्स थे, जो ड्रीमलाइनर से अलग हैं।

पिछले कुछ सालों में विमानों में गंभीर गुणवत्ता और नियंत्रण मुद्दे सामने आए हैं।

2024 में बोइंग के पूर्व इंजीनियर सैम सालेहपुर ने आरोप लगाया था कि 787 ड्रीमलाइनर के कुछ हिस्सों को ठीक से फिट नहीं किया गया था, जो पुराने होने पर टूट सकते हैं। इसके बाद अमेरिका ने जांच शुरू की थी।

2019 में एक अन्य कर्मचारी बताया था कि दबाव में काम कर रहे कर्मचारी जानबूझकर मानकों पर खरे ना उतरने वाले कल-पुर्जे विमानों में लगा रहे हैं।

787 ड्रीमलाइन 56.70 मीटर लंबा, 60 मीटर चौड़ा और 16.90 मीटर ऊंचा 2-इंजन वाला यात्री विमान है। इसमें 254 यात्री सवार हो सकते हैं।
ये 954 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिकतम 13,620 किलोमीटर तक का सफर कर सकता है। इस एक विमान की कीमत करीब 2.18 हजार करोड़ रुपये है।

ईंधन दक्षता की वजह से इसे लंबी दूरी की उड़ानों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।

अहमदाबाद हादसे से पहले विमान की सुरक्षा रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है।

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया के विमान एआई-171 उड़ान भरने के एक मिनट बाद ही हवाई अड्डे के पास स्थित

इमारतों से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक यात्री जिंदा बचा। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल हैं।
वहीं, विमान जिस इमारत से टकराया, वहां भी कई लोगों की मौत हुई।

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