राष्ट्रीय एमएसएमई परिषद की पांचवीं बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने की। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से एमएसएमई क्षेत्र के संवर्धन और विकास की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया, ताकि उनके प्रयासों से इस क्षेत्र में आय और रोजगार में वृद्धि हो सके तथा देश की आर्थिक वृद्धि में योगदान मिल सके। उन्होंने एमएसएमई को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए समर्थन की आवश्यकता को दोहराया और केंद्र तथा राज्य स्तर की पहलों के बीच तालमेल बढ़ाने पर बल दिया।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने उद्यमी भारत पोर्टल(UBP) का शुभारंभ किया। यह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत पोर्टल है, जिसे डिजिटल इंडिया मिशन के अनुरूप एमएसएमई सेवाओं के लिए वन-स्टॉप शॉप के रूप में तैयार किया गया है। उद्यमी भारत पोर्टल में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के सभी पोर्टल और सेवाएं, साथ ही अन्य केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों तथा राज्य सरकारों के पोर्टल और सेवाओं को भी एकीकृत किया गया है। माननीय केंद्रीय मंत्री ने एमएसएमई टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्लेटफॉर्म (MTTP) का भी शुभारंभ किया। यह एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो एमएसएमई को उन्नत प्रौद्योगिकियों, परीक्षण सुविधाओं, कौशल विकास तथा बौद्धिक संपदा (IP) के व्यावसायीकरण से संबंधित सहायता तक पहुँच प्रदान करता है।
माननीय केंद्रीय मंत्री ने एमएसएमई प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्लेटफ़ॉर्म(MTTP) की भी शुरूआत की, जो एक यूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिससे एमएसएमई को उन्नत प्रौद्योगिकयां, परीक्षण सुविधाएं, कौशल और और आईपी व्यावसायीकरण समर्थन मिल सकेगा। माननीय मंत्री ने महिला उद्यमियों तथा वंचित वर्गों के स्वामित्व वाले एमएसएमई को समर्थन तेज़ी से और अधिक गहराई से देने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले।
विश्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक, सेबेस्टियन एकार्ड्ट, ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के साथ RAMP कार्यक्रम के लिए साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। यह कार्यक्रम एमएसएमई के हरित रूपांतरण, लैंगिक समावेशन, वित्त तक बेहतर पहुंच तथा ऑनलाइन विवाद समाधान जैसे नवाचारों को समर्थन प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत भर में निजी पूंजी को सक्षम और संगठित करने, उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने तथा सतत रोजगार सृजन को समर्थन देने के लिए विश्व बैंक के प्रयासों को और अधिक बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
अपर सचिव एवं विकास आयुक्त, डॉ. रजनीश, ने पिछले 4-वर्षों में एमएसएमई क्षेत्र की वृद्धि पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में RAMP के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की पहलों का लाभ उठाएं, जिससे एमएसएमई योजनाओं के लाभ अधक-से-अधिक उद्यमों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि इससे RAMP कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित होगी और देश में एमएसएमई विकास के राष्ट्रीय एजेंडे की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश तथा गोवा, मणिपुर, नागालैंड और ओडिशा राज्यों के प्रतिनिधियों ने RAMP कार्यक्रम के अंतर्गत अपनी सफलता की कहानियां प्रस्तुत कीं। बैठक में केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के प्रतिनिधियों तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के अधिकारियों के साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक(सिडबी), राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम(एनएसआईसी) और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया।
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