केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इथियोपिया की महिला सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की

उन्होंने भारत की विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त शासन संबंधी कुछ बेहतरीन कार्यप्रणालियों को साझा किया

नई दिल्ली – यहां इथियोपिया की 32 महिला सांसदों के एक समूह के साथ बातचीत करते हुए, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) में इथियोपिया के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत के दौरान शासन में भारत की कुछ विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा किया और सहकारी संघवाद, डिजिटल प्रशासन और महिला नेतृत्व वाले विकास पर आधारित भारत के शासन मॉडल पर चर्चा की।

केंद्रीय मंत्री, प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के अंतर्गत एनसीजीजी द्वारा आयोजित “21वीं सदी की महिला पेशेवरों के लिए नेतृत्व” विषय पर एक सप्ताह के विशेष क्षमता निर्माण कार्यक्रम के प्रतिभागियों से बातचीत कर रही थीं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इथियोपिया की महिला नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व एवं शासन कौशल को सुदृढ़ करना है।

इथियोपियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जन प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष सुश्री लोमी बेडो कुम्बी ने किया। उनके साथ राज्य मंत्री सुश्री मेसेरेट हैले मसरेशा, स्थायी समिति के सदस्य श्री वर्कसेमु मामो मेकोनेन, संसद सदस्य और इथियोपियाई महिला संघ, प्रॉस्पेरिटी पार्टी महिला विंग और क्षेत्रीय महिला एवं सामाजिक मामलों के ब्यूरो के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल थे। कुल मिलाकर, इथियोपिया के 32 वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

भारत और इथियोपिया के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी का जिक्र करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि दोनों देश मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं को साझा करते हैं और संसदीय आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, व्यापार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार कर रहे हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025 में इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था, जो अफ्रीका के विकास साझेदारी के प्रति भारत की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री को इथियोपिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, “ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया” से भी सम्मानित किया गया, जो दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और सौहार्द का प्रतीक है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की शासन प्रणाली की व्याख्या की, जो 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की संघीय संरचना के माध्यम से संचालित होती है, जहां संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के अनुसार जिम्मेदारियों का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय सुनिश्चित करती है और सहकारी संघवाद के सिद्धांत द्वारा निर्देशित है।

उन्होंने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के बारे में भी जानकारी साझा की, जो स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, जल उपलब्धता और बुनियादी ढांचे जैसे मापने योग्य संकेतकों का उपयोग करके चयनित जिलों में विकास को गति देने के लिए डिज़ाइन की गई एक डेटा-आधारित पहल है। इस पहल ने उत्साहजनक परिणाम दिए हैं और अब आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के माध्यम से इसका और विस्तार किया जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित शासन व्यवस्था ने भारत में पारदर्शिता और कार्यकुशलता में उल्लेखनीय सुधार किया है, और अधिकांश प्रशासनिक प्रक्रियाएं, शिकायत निवारण प्रणालियां और सेवा वितरण मंच ऑनलाइन संचालित हो रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कई देश अब भारत के डिजिटल शासन मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं, जिनमें सार्वजनिक शिकायत पोर्टल और डिजिटल निगरानी डैशबोर्ड शामिल हैं।

भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण प्रदान करने वाले कानून का उल्लेख किया और इसे निर्णय लेने में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान, उद्यमिता और शासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं तेजी से नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बारे में बात की, जो अब दो लाख से अधिक स्टार्ट-अप के साथ दुनिया के सबसे बड़े स्टार्ट-अप में से एक है, जिनमें से एक महत्वपूर्ण अनुपात महिला उद्यमियों द्वारा संचालित है।

इस संवाद के दौरान, केंद्रीय मंत्री ने भारत के शासन सुधारों के उदाहरण भी साझा किए, जिनमें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), स्वयं सहायता समूह आंदोलन, एआई-आधारित शासन पहल, भू-स्थानिक नीति सुधार और पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुनियादी ढांचे की निगरानी शामिल हैं, इन सभी ने त्वरित निर्णय लेने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय में योगदान दिया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने आयुष ढांचे के अंतर्गत भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य प्रणालियों के बारे में भी बात की, जो आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल के साथ एकीकृत करती हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में भारत की पहल के बाद हर साल 21 जून को विश्व स्तर पर मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, समग्र स्वास्थ्य पद्धतियों के बारे में विश्व भर में जागरूकता फैलाने में सहायक रहा है।

भारत को दुनिया के सबसे विविध समाजों में से एक बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाषाई, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय मतभेदों के बावजूद, पहचान की एक साझा भावना और लोकतांत्रिक मूल्य देश को एक साथ बांधे रखते हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सुशासन केंद्र लोक प्रशासन में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इस संस्थान ने अब तक 50 से अधिक देशों के 6,000 से अधिक सिविल सेवकों को प्रशिक्षित किया है, जिससे शासन और प्रशासनिक सुधारों में वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान में योगदान मिला है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रम भारत-इथियोपिया साझेदारी को और मजबूत करेंगे तथा शासन, लोक प्रशासन और नेतृत्व विकास में दोनों देशों के बीच गहन सहयोग को प्रोत्साहित करेंगे।

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केंद्रीय वस्त्र मंत्री द्वारा भारत टेक्स 2026 का शुभारंभ

नई दिल्ली – केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने आज भारत के प्रमुख वैश्विक वस्त्र सम्‍मेलन, भारत टेक्स 2026 के आयोजन की पहल आरंभ की, जो वैश्विक वस्त्र अर्थव्यवस्था में देश के बढ़ते नेतृत्व का संकेत है। श्री गिरिराज सिंह ने वस्‍त्र उद्योग, सरकार और व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत टेक्स को एक ऐसे वृहद वैश्विक मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसमें फाइबर और यार्न से लेकर कपड़े, परिधान, तकनीकी वस्त्र और सतत नवाचार तक संपूर्ण वस्त्र मूल्य श्रृंखला शामिल होगी।
उन्होंने इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे व्यापक वस्त्र आयोजन बताते हुए, वस्त्र-निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) और अन्य उद्योग निकायों की प्रतिबद्धता की सराहना की, जिन्होंने भारत टेक्स के दायरे में वस्त्रों की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला लाने के लिए समर्पित भाव से अ‍थक प्रयास किए। वस्‍त्र मंत्री ने कहा कि भारत टेक्स वस्त्रों के लिए विश्वसनीय, सतत स्रोत केंद्र और बड़े पैमाने पर निवेश स्‍थल के रूप में आकर्षक गंतव्‍य बनाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नवाचार, सहयोग और मेक इन इंडिया की भावना मूल में रखते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के वस्‍त्र क्षेत्र  के 5एफ विजन फार्म (खेत) से फाइबर (रेशा), फाइबर से फैक्‍ट्री (कारखाना), फैक्‍ट्री से फैशन, और फैशन से फॉरेन (विदेश) शामिल हैं, जिसका लक्ष्‍य कृषि, रोजगार और निर्यात को बढाना है) का साकार रूप है।

आयोजन में वस्त्र सचिव श्रीमती नीलम शमी राव, अपर सचिव श्री रोहित कंसल, निर्यात संवर्धन परिषदों के वरिष्ठ प्रतिनिधि और उद्योग जगत के नेता उपस्थित रहे।

भारत टेक्स 2026

पिछले दो आयोजनों की उल्लेखनीय सफलता पर आधारित भारत टेक्स 2026 अब तक का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली संस्करण होगा। इसे 14 से 17 जुलाई 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस बार के आयोजन में 3,500 से अधिक व्यावसायिक प्रदर्शकों, 140 से अधिक देशों के 7,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और 1,30,000 से अधिक व्यापारिक आगंतुकों की व्यापक भागीदारी की संभावना है। यह आयोजन फाइबर और यार्न, कपड़े, परिधान और फैशन, घरेलू वस्त्र, तकनीकी वस्त्र, हस्तशिल्प, हथकरघा और आधुनिक विनिर्माण प्रौद्योगिकियों सहित संपूर्ण वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन विनिर्माण, डिजाइन, प्रौद्योगिकी और व्यापार में भारत की एकीकृत शक्ति को दर्शाता है।

भारत टेक्स 2026, वर्ष 2024 और 2025 के पिछले सफल आयोजनों पर आधारित है और प्रदर्शनियों, ज्ञान सत्रों, खरीदार-विक्रेता बैठकों और नीतिगत संवादों का एक अनूठा संगम होगा, जिसका उद्देश्य चर्चाओं को व्यावहारिक परिणामों में बदलना है। विशेष फोकस क्षेत्रों में संवहनीय और चक्रीय वस्त्र, तकनीकी वस्त्र, सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम एकीकरण, नवाचार और वैश्विक बाजार पहुंच शामिल हैं।

यह आयोजन सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, प्रदर्शकों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और डिजाइनरों को अपने नवीनतम वस्त्र नवाचारों प्रदर्शित करने, वैश्विक निर्माताओं और खरीदारों से जुड़ने, उच्च स्तरीय चर्चाओं में शामिल होने और रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने का मंच प्रदान करेगा। यह आयोजन केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा निवेश आकर्षित करने, व्यापार को बढ़ावा देने और भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और पारंपरिक हथकरघा क्षेत्रों को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने की गई प्रमुख नीतिगत पहलों और सुधारों को भी प्रदर्शित करेगा।

एक वैश्विक वस्त्र संवाद

भारत टेक्स 2026 का एक प्रमुख आकर्षण ग्लोबल टेक्सटाइल डायलॉग होगा, जिसमें नीति निर्माताओं, वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं और नवप्रवर्तकों को एक साथ लाने वाले ज्ञान सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित होगी, जिससे वैश्विक व्यापार गतिशीलता, स्थिरता और ईएसजी मानक, इंडस्ट्री 5.0, तकनीकी वस्त्र और स्थिति अनुकूल आपूर्ति श्रृंखला जैसे उभरते रुझानों पर विचार-विमर्श होगा। इससे उद्योग हितधारकों और एमएसएमई को लाभकारी अंतर्दृष्टि प्राप्‍त होगी।

उद्योग नेतृत्व की पहल

यह आयोजन उद्योग जगत की पहल है और इसका आयोजन भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) द्वारा किया जाएगा, जो वस्त्र उद्योग से संबंधित 11 निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) और अन्य उद्योग निकायों का एक समूह है। बीटीटीएफ के अध्यक्ष श्री नरेन गोयनका और सह-अध्यक्ष श्री भद्रेश डोडिया ने आयोजन संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।

भारत टेक्स 2026 एक्सपो के बारे में अधिक जानकारी www.bharat-tex.com पर उपलब्ध है।

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दिल्ली के कॉलेजों में विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम जारी है; इसमें युवाओं की भागीदारी बढ़ी है

नई दिल्ली – भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने मेरा युवा भारत (एमवाई भारत) के माध्यम से 10 मार्च 2026 को राष्ट्रीय राजधानी के कॉलेजों में विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम (वीबीवाईसीपी) के चरण-2 के प्रचार-प्रसार को जारी रखा, जिससे विकसित भारत@2047 के विजन के साथ युवाओं की भागीदारी को और सुदृढ़ किया जा सके।

यह कार्यक्रम दिल्ली में शुरू की गई विस्तारित चरण-2 पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संवाद सत्रों, संवादों और युवा-नेतृत्व वाली सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से 35 से अधिक कॉलेजों में 10,000 से अधिक युवाओं को शामिल करना है।

 

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन युवा आइकन रमनदीप सिंह, लविशा अरोड़ा, स्नेहा भारद्वाज, अंकित कुमार और साक्षी शाह ने राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख कॉलेजों में छात्रों के साथ संवाद सत्रों का नेतृत्व किया। डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली, जगन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (जेआईएमएस), केशव महाविद्यालय, महाराजा अग्रसेन कॉलेज और महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इन गतिविधियों में 900 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो राष्ट्रीय विकास एजेंडा में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए युवा शक्ति के बीच बढ़ती रुचि को दर्शाता है। सत्रों के दौरान युवा आइकनों ने छात्रों के साथ बातचीत की और विभिन्न राष्ट्रीय युवा पहल से अपने अनुभव साझा किए। साथ ही युवा प्रतिभागियों को 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में अपने विचारों और दृष्टिकोण का योगदान करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

 

इन सत्रों में आकर्षक प्रस्तुतियां और युवा संवाद संबंधी बातचीत शामिल रही, जहां छात्रों ने राष्ट्र निर्माण, नेतृत्व और शासन एवं विकास में युवाओं की भागीदारी पर चर्चा की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक ऐसा मंच तैयार करना है जहां अमृत पीढ़ी की आवाजें जनभागीदारी की भावना के माध्यम से भारत की विकास यात्रा में सार्थक योगदान दें।

व्यापक सहभागिता प्रयासों के तहत कार्यक्रम से पहले की गतिविधि में भाग लेने वाले संस्थानों में ‘एमवाई भारत’ जागरूकता और पंजीकरण अभियान आयोजित किए गए ताकि युवाओं को ‘एमवाई भारत’ मंच से जुड़ने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली स्वयंसेवी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

इस दृष्टिकोण के अनुरूप विकसित भारत युवा संपर्क कार्यक्रम युवाओं को भारत के विकास के दृष्टिकोण से जोड़ने के लिए एक व्यापक मंच के रूप में कार्य करता है, जिससे वे राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भागीदार बन सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए https://mybharat.gov.in पर जाएं।

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प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से अब सभी प्रेस पंजीकरण सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं

1.5 लाख से अधिक पत्रिकाओं के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया गया

नई दिल्ली – प्रेस एवं पत्रिका पंजीकरण (पीआरपी) अधिनियम, 2023 के अनुसार, पत्रिकाओं के पंजीकरण के सभी आवेदन प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से संसाधित किए जाते हैं। इसके अनुसार, प्रेस एवं पुस्तक पंजीकरण (पीआरबी) अधिनियम, 1867 (अब निरस्त) के अंतर्गत पंजीकृत समाचार पत्रों के सभी भौतिक अभिलेखों (1.5 लाख से अधिक) को डिजिटाइज़ करके प्रेस सेवा पोर्टल का हिस्सा बना दिया गया है। वर्तमान में, नई पत्रिकाओं का पंजीकरण, मौजूदा पत्रिकाओं के पंजीकरण का संशोधन, पत्रिकाओं का स्वामित्व हस्तांतरण, वार्षिक विवरण दाखिल करना, ऑनलाइन जुर्माना भुगतान, पत्रिकाओं का प्रसार सत्यापन आदि जैसी सेवाएं प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से संसाधित की जा रही हैं। अधिनियम के कार्यान्वयन के अंतर्गत, 780 जिलों के निर्दिष्ट प्राधिकरणों को प्रेस सेवा पोर्टल से जोड़ा गया है। 1 मार्च 2024 से अब तक 11,081 आवेदनों पर कार्रवाई की जा चुकी है और संबंधित श्रेणियों के लिए प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं।

प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से लगाए गए और भुगतान किए गए जुर्माने की विस्तृत सूची अनुलग्नक I में संलग्न है और रद्द किए गए ऐसे समाचार पत्रों की राज्यवार विस्तृत सूची अनुलग्नक-II में संलग्न है। सरकार अपनी विभिन्न पहलों और कार्यक्रमों के प्रभाव का निरंतर मूल्यांकन करती है। प्रेस रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (पीआरजीआई) पोर्टल के माध्यम से बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिक्रिया प्राप्त करते हैं और कार्रवाई करते हैं।

पंजीकृत समाचार पत्रों/पत्रिकाओं की सूची पीआरजीआई की वेबसाइट https://prgi.gov.in/ पर “हमारी सेवाएं” शीर्षक के अंतर्गत “पंजीकृत शीर्षक” टैब में उपलब्ध है।

सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने यह जानकारी आज लोकसभा में श्री दामोदर अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

अनुलग्नक-I जैसा कि लोकसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 3028 के उत्तर में ‘प्रेस सेवा पोर्टल‘ के संबंध में उल्लेख किया गया है। इसका उत्तर दिनांक 11.03.2026 को दिया गया है।
दिनांक 27.02.2026 तक प्रेस सेवा पोर्टल के माध्यम से लगाए गए और भुगतान किए गए जुर्माने का विवरण
क्र.सं. प्रकाशन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश प्राप्त कुल जुर्माने की राशि (रुपये में)
1 कर्नाटक 52,74,000
  2 ओडिशा 9,20,000
3 तमिलनाडु 44,17,000
4 हरियाणा 4,72,000
5 महाराष्ट्र 99,60,000
6 पश्चिम बंगाल 13,87,000
7 दिल्ली 37,92,000
8 गुजरात 37,59,000
9 उत्तर प्रदेश 44,08,000
10 आंध्र प्रदेश 30,72,000
11 छत्तीसगढ 8,44,000
12 मध्य प्रदेश 82,84,000
13 केरल 17,39,000
14 तेलंगाना 12,61,000
15 पंजाब 8,33,000
16 जम्मू-कश्मीर 6,63,000
17 राजस्थान 26,77,000
18 उत्तराखंड 8,68,000
19 झारखंड 2,02,000
20 बिहार 5,09,000
21 हिमाचल प्रदेश 1,12,000
22 त्रिपुरा 1,42,000
23 चंडीगढ़ 1,50,000
24 अंडमान-निकोबार द्वीप समूह 18,000
25 असम 2,55,000
26 नगालैंड 9,000
27 सिक्किम 1,59,000
28 गोआ 33,000
29 मिजोरम 50,000
30 पुद्दुचेरी 45,000
31 मणिपुर 51,000
32 दादरा और नगर हवेली 9,000
33 मेघालय 9,000
34 अरुणाचल प्रदेश 0
कुल राशि 5,63,83,000

 

अनुलग्नक-II जैसा कि लोकसभा के तारांकित प्रश्न संख्या 3028 के उत्तर में ‘प्रेस सेवा पोर्टल‘ के संबंध में उल्लेख किया गया है। इसका उत्तर दिनांक 11.03.2026 को दिया गया है।
राज्यवार रद्द प्रकाशनों की संख्या का विवरण
क्र.सं. प्रकाशन राज्य/केंद्र शासित प्रदेश रद्दीकरण संख्या
1 अंडमान-निकोबार द्वीप समूह 69
2 आंध्र प्रदेश 2485
3 अरुणाचल प्रदेश 12
4 असम 612
5 बिहार 1703
6 चंडीगढ़ 534
7 छत्तीसगढ 817
8 दादरा और नगर हवेली 5
9 दिल्ली 11920
10 गोआ 131
11 गुजरात 3539
12 हरियाणा 1854
13 हिमाचल प्रदेश 289
14 जम्मू-कश्मीर 582
15 झारखंड 325
16 कर्नाटक 5059
17 केरल 3541
18 लक्षद्वीप 7
19 मध्य प्रदेश 4806
20 महाराष्ट्र 12403
21 मणिपुर 226
22 मेघालय 87
23 मिजोरम 163
24 नगालैंड 17
25 ओडिशा 1723
26 पुद्दुचेरी 125
27 पंजाब 2481
28 राजस्थान 4851
29 सिक्किम 51
30 तमिलनाडु 6443
31 तेलंगाना 1962
32 त्रिपुरा 88
33 उत्तर प्रदेश 11987
34 उत्तराखंड 1096
35 पश्चिम बंगाल 6322
कुल 88,315

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केरलमम के एर्नाकुलम में लगभग 11,000 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केरलम के विकास को गति देने के लिए आज जीवंत तटीय शहर कोच्चि का दौरा किया और कई प्रभावशाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया। निवेश की व्यापकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने लगभग 11,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोच्चि आना हमेशा एक शानदार अनुभव होता है। उन्होंने कहा, “मैं इन परियोजनाओं के लिए केरलम के लोगों को हार्दिक बधाई देता हूं।”

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कोच्चि रिफाइनरी में आज पॉलीप्रोपाइलीन यूनिट की आधारशिला रखने का उद्देश्य पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस यूनिट से प्रति वर्ष चार लाख टन पॉलीप्रोपाइलीन का उत्पादन होने की उम्मीद है, जिससे पैकेजिंग, कपड़ा और चिकित्सा उपकरण उद्योगों को सहयोग मिलेगा। इस सुविधा के रणनीतिक महत्व के बारे में चर्चा करते हुए श्री मोदी ने कहा, “आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए, ‘मेक इन इंडिया’ के लिए पेट्रोलियम सेक्टर का विस्तार बहुत आवश्यक है।”

भारत को वैश्विक विनिर्माण और प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में मजबूत करने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में देश की प्रगति को सतत ऊर्जा की बढ़ती मांग से जोड़ा। श्री मोदी ने कहा कि केरलम को सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, आज पश्चिम कल्लाडा में 50 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना की आधारशिला रखी गई है। श्री मोदी ने कहा कि केरलम में बड़ी संख्या में जलाशय मौजूद हैं, इसलिए राज्य में फ्लोटिंग सोलर पावर के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। हरित भविष्य की ओर बढ़ते कदम के बारे में बताते हुए श्री मोदी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि केरलम सौर ऊर्जा उत्पादन में और आगे बढ़े।”

प्रधानमंत्री ने अमृत भारत स्टेशन योजना और रेलवे विद्युतीकरण के माध्यम से क्षेत्रीय संपर्क में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का भी विस्तृत विवरण दिया। शोरानूर जंक्शन, कुट्टीपुरम और चांगनास्सेरी में आधुनिकीकरण के प्रयासों के साथ-साथ नई पलक्कड़-पोल्लाची ट्रेन सेवा से केरलम और तमिलनाडु दोनों राज्यों के निवासियों के यात्रा अनुभव में बड़ा बदलाव आने वाला है। स्थानीय विकास पर केन्द्रीय बजट के पड़ने वाले प्रभाव पर जोर देते हुए श्री मोदी ने कहा, “आज दुनिया आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे निवेश के लिए भारत की प्रशंसा करती है।”

सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विषय पर प्रधानमंत्री ने प्रकाश डाला कि कोझिकोड बाईपास और अझिक्कल बंदरगाह से बेहतर कनेक्टिविटी सहित नई छह-लेन परियोजनाएं यात्रा में लगने वाले समय और भीड़भाड़ को काफी हद तक कम कर देंगी। श्री मोदी ने कहा, “इन सभी परियोजनाओं से केरलम के किसानों को लाभ होगा और यहां पर्यटन और अन्य उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।”

अपने संबोधन के समापन में प्रधानमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश किया गया प्रत्येक रुपया युवाओं के लिए व्यापक रोजगार सृजन में उत्प्रेरक का काम करता है। श्री मोदी ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि ये बहुक्षेत्रीय परियोजनाएं राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए आवश्यक आधारशिला हैं। क्षेत्र की प्रगति के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि ये परियोजनाएं ‘विकसित केरलम’ के हमारे संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”

 

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जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति, लोगों को पैनिक होने की जरुरत नहीं – गैस कंपनियां

उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने गैस कंपनियों और विभिन्न एजेंसी के प्रतिनिधियों के साथ की महत्वपूर्ण बैठक

एक बुकिंग के बाद 25 दिनों के बाद होगी दूसरी बुकिंग

गैस कंपनियों का सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन जारी, कुछ दिनों में सामान्य रुप से होगी बुकिंग, लोगों को परेशान होने की जरुरत नहीं

IVR, APP और WEB BASED बुकिंग करें, एजेंसी में आने की जरुरत नहीं

25 दिन से पहले आपातकालीन स्थिति में 2 और 5 लीटर के सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं उपभोक्ता

BPCL और HPCL 5 लीटर के सिलेंडर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध

आपातकालीन स्थिति में आधार कार्ड ले जाकर 5 लीटर गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं उपभोक्ता

कालाबाजारी किसी भी सूरत में न हो, नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई – उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का निर्देश

टीम इंडिया, टीम झारखंड और टीम रांची बनकर करना है काम – उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

रांची,11.03.2026 – ‘‘जिले में घेरलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, लोगों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है’’ उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के साथ बैठक के दौरान आईओसीएल, बीपीसीएल, एवं एचपीसीएल के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रुप से ये बातें कही। गैस कंपनियों के ओर से ये भी कहा गया कि लोग पैनिक होकर बुकिंग न करें। ज्यादा संख्या में बुकिंग रिक्वेस्ट आने से गैस कंपनियों के सॉफ्टवेयर पर असर पड़ा है, जिसके अपग्रेडेशन का कार्य जारी है, कुछ ही दिनों में सामान्य रुप से बुकिंग हो सकेगी, लोगों को एजेंसियों के ऑफिस आने की आवश्यकता नहीं है।

एक बुकिंग के बाद 25 दिनों के बाद होगी दूसरी बुकिंग

भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि एक बुकिंग के बाद 25 दिनों बाद ही दूसरी बुकिंग हो पायेगी। आपातकालीन स्थिति में उपभोक्ता 2 और 5 लीटर के सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिनिधियों ने बताया कि HPCL और BPCL के 5 लीटर के सिलेंडर बाजार में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, आधार कार्ड लेकर उपभोक्ता गैस प्राप्त कर सकते हैं।

IVR, APP और WEB BASED बुकिंग करें, एजेंसी में आने की जरुरत नहीं

बैठक में गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि उपभोक्ता आइवीआर, मिस्ड कॉल फैसिलिटी, ऐप और वेब बेस्ड बुकिंग करें, उन्हें एजेंसी में आने की जरुरत नहीं है। बुकिंग में हो रही देरी सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के कारण है जो जल्द ही दूर हो जायेगा।

कालाबाजारी किसी भी सूरत में न हो, नहीं तो होगी कड़ी कार्रवाई – उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री

उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने गैस की बढ़ती मांग के बीच सभी गैस कंपनियों और एजेंसियों को प्रॉपर प्लानिंग और कम्यूनिकेशन के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि देश में आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू है, सभी उपभोक्ताओं तक घरेलू गैस सामान्य तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें, किसी भी तरह की कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का निर्देश

बैठक में उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा अस्पतालों, आंगनवाड़ी केन्द्रों, ओल्ड ऐज होम, अनाथालय, कल्याण विभाग द्वारा संचालित हॉस्टल, मध्याह्न भोजन, संप्रेषण गृह, जेल, सीएपीएफ आदि में गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा इसके लिए डिस्ट्रिक लेवल मॉनिटरिंग कमिटि बनाने का निर्देश दिया गया। कमिटि में अनुमण्डल पदाधिकारी सदर एवं बुण्डू, मार्केटिंग ऑफिसर, ओएमसी एवं गैस एजेंसी के नोडल, हॉस्पिटल के नोडल एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी होंगे। इसके साथ ही उपायुक्त द्वारा अबुआ साथी (9430328080) पर गैस आपूर्ति से संबंधित आनेवाली शिकायतों के त्वरित समाधान के निर्देश दिये।

टीम इंडिया, टीम झारखंड और टीम रांची बनकर करना है काम

मौजूदा वैश्विक स्थिति को देखते हुए उपायुक्त-सह जिला दण्डाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा सभी से टीम इंडिया, टीम झारखंड और टीम रांची बनकर काम करने की बात कही है। उन्होंने रांचीवासियों से गैस एजेंसियों के दिये गये निर्देशों का पालन करने की बात कही ताकि लंबे समय तक रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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मनरेगा से विकसित भारत-जी राम जी में परिवर्तन

नई दिल्ली – विकसित भारत – रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी–जी राम जी अधिनियम, 2025 की धारा 37 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के अंतर्गत उत्पन्न होने वाले कार्यों, देनदारियों, परिसंपत्तियों, अभिलेखों, निधियों, दायित्वों आदि से संबंधित संक्रमणकालीन प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।

मंत्रालय मनरेगा से वीबी–जी राम जी रूपरेखा में सुचारू और व्यवस्थित संक्रमण को सुगम बनाने के लिए संक्रमणकालीन प्रावधानों से संबंधित विस्तृत नियम बनाने की प्रक्रिया में है।

इन संक्रमण प्रावधानों को इसलिए शामिल किया गया है ताकि जो श्रमिक वर्तमान में मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी आधारित रोजगार प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें वीबी–जी राम जी अधिनियम के अंतर्गत भी बिना किसी व्यवधान के गारंटीकृत मजदूरी पर रोजगार मिलता रहे।

यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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भारत को दुनिया का फूड बास्केट बनाकर रहेंगे- केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली –  लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में केन्द्र सरकार की योजनाओं को वहां की सरकार ठीक ढंग से लागू नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि इससे राज्य के गरीब किसान केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। इसके साथ ही श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हो रहा है।

रिकॉर्ड उत्पादनभरे भंडारदुनिया वाहवाह कर रही है

कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन बढ़कर लगभग 357 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है जिससे भारत की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय दोनों मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि भारत ने करीब 150 मिलियन टन से अधिक चावल उत्पादन के साथ चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है, जबकि गेहूं, सरसों, सोयाबीन, मूंगफली जैसी फसलों में भी रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज हुआ है। श्री चौहान के अनुसार, पहले भारत को पीएल-480 के तहत आयातित गेहूं पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन आज हालात यह हैं कि देश के गोदाम गेहूँ और चावल से भरे पड़े हैं और सरकार को चिंता इस बात की है कि “रखे कहाँ”, जबकि दुनिया भारत के किसानों और नीतियों की सराहना कर रही है।

प्राकृतिक खेतीदालेंफलसब्जियाँकेंद्र की पहलविपक्ष की चुप्पी

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फलों और सब्जियों के साथ-साथ दालों के उत्पादन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी करवाई है जिससे कुल उर्वरक उपयोग और लागत में कमी के साथ पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि दालों का उत्पादन लगभग 19 मिलियन टन से बढ़कर 25–26 मिलियन टन के आसपास पहुंच गया है और बागवानी उत्पादन भी 369 मिलियन टन से अधिक के स्तर पर पहुंच चुका है जो किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बड़ा स्रोत बना है।

प्राकृतिक खेती मिशन के तहत गंगा जैसी नदियों के किनारे के विस्तृत क्षेत्रों में रासायनिक मुक्त खेती को बढ़ावा देने, लाखों किसानों को जागरूक करने और प्रति एकड़ प्रोत्साहन की व्यवस्था करने की जानकारी देते हुए श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर प्राकृतिक खेती सही तरीके से की जाए तो उत्पादन घटता नहीं, कई मामलों में बढ़ता है, लेकिन पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की उदासीनता देश के लिए चिंता का विषय है।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के गरीब किसान केंद्र की कई महत्वपूर्ण योजनाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य भारत को दुनिया का “फूड बास्केट” बनाना और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना के साथ वैश्विक खाद्य सुरक्षा में योगदान देना है।

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछली सरकारों ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध और असंतुलित उपयोग से पैदा हो रही गंभीर समस्याओं पर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, जबकि इससे एक ओर मिट्टी की उर्वरता और गुणवत्ता लगातार खराब हुई, दूसरी ओर इंसानों में कई तरह की बीमारियाँ बढ़ीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारें न तो मिट्टी के स्वास्थ्य की चिंता कर पाईं, न ही किसानों और उपभोक्ताओं को शुद्ध और पोषक आहार दिलाने की दिशा में कोई ठोस पहल कर सकीं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनौती को समय रहते समझा और स्पष्ट संदेश दिया कि यह धरती केवल हमारी पीढ़ी के लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और उपजाऊ रहनी चाहिए।

प्राकृतिक खेती मिशनउत्पादन घटता नहींबढ़ता है

श्री शिवराज सिंह ने प्राकृतिक खेती मिशन और जैविक खेती मिशन का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं के जरिए सरकार मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाने, भूमि को रसायनमुक्त बनाने और किसानों की लागत घटाकर उनकी आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है। उन्होंने बताया कि गंगा जैसी नदियों के दोनों किनारों पर 5 किलोमीटर तक के क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए, बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि पानी, जमीन और इंसान– तीनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए संवेदनशील और प्रशिक्षित किया गया है और लाखों हेक्टेयर क्षेत्र में क्लस्टर बनाकर रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक मुक्त खेती शुरू हो चुकी है।

किसान को प्रोत्साहनस्थानीय संसाधनों से खेती का मॉडल

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती में किसानों को प्रति एकड़ वित्तीय सहायता दी जा रही है ताकि वे रासायनिक खाद और महंगे कीटनाशकों की जगह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों पर आधारित पारंपरिक भारतीय पद्धतियां अपनाएं। उन्होंने समझाया कि इस मॉडल में खेत और गांव के आसपास मिलने वाली वनस्पतियों, देसी गाय के गोबर और गोमूत्र से तैयार घनजीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र जैसी देसी तकनीकों का उपयोग किया जाता है। साथ ही इंटरक्रॉपिंग के जरिए एक ही खेत में अलग‑अलग फसलें ली जाती हैं। श्री चौहान ने दावा किया कि सही तरीके से प्राकृतिक खेती अपनाने पर उत्पादन घटने की आशंका निराधार है, बल्कि देश के कई हिस्सों के प्रयोगों में यह साबित हुआ है कि किसानों की पैदावार पहले से ज्यादा हुई है और उत्पाद की गुणवत्ता भी बेहतर मिली है।

हरित क्रांति से भी तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है भारत

श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आज भारत का खाद्यान्न उत्पादन हरित क्रांति के शुरुआती दौर की तुलना में कई गुना अधिक हो चुका है और अब वृद्धि की रफ्तार भी पहले से तेज है। उन्होंने कहा कि 2014–15 के मुकाबले खाद्यान्न उत्पादन में लगभग 40–42 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है, दलहन, तिलहन, बागवानी और दुग्ध उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी लगातार नए कीर्तिमान बन रहे हैं, जिसका सीधा फायदा किसानों की आय और देश की खाद्य सुरक्षा – दोनों को मिल रहा है। मंत्री श्री शिवराज सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि “सेल्फ‑रिलायंस इन पल्सेज मिशन” और बागवानी के लिए की गई पहलों ने दालों और फल‑सब्जियों के उत्पादन को नए स्तर पर पहुँचाया है, जिससे पोषण सुरक्षा को मजबूत आधार मिला है।

भारत को दुनिया का फूड बास्केट बनाकर रहेंगे

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विज़न है कि भारत केवल अपने नागरिकों की खाद्य सुरक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि विश्व बंधु की भावना के साथ दुनिया की जरूरतों को भी पूरा करने वाला “फूड बास्केट ऑफ द वर्ल्ड” बने। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में रिकॉर्ड उत्पादन, मजबूत भंडारण क्षमता और निर्यात की संभावनाओं ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित किया है और आने वाले समय में यह भूमिका और मजबूत होगी।

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मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दी

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज तमिलनाडु के मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में घोषणा को मंजूरी दे दी है।

तमिलनाडु में मंदिरों के शहर के रूप में प्रसिद्ध मदुरै स्थित मदुरै हवाई अड्डा राज्य के सबसे पुराने हवाई अड्डों में से एक है। यह दक्षिणी तमिलनाडु के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है और पर्यटन एवं तीर्थयात्रा को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है, जिससे क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान होता है।

मदुरै हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिलने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों और व्यवसायों को आकर्षित करने की हवाई अड्डे की क्षमता शहर के ऐतिहासिक महत्व के अनुरूप है।

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नशीली दवाओं के माफिया के खिलाफ विशेष अभियान

नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी को नशा-मुक्त बनाने के लिए नशीली दवाओं के माफिया के खिलाफ केंद्रित प्रवर्तन अभियान के रूप में “ऑपरेशन कवच” शुरू किया है। 13.05.2023 से 23.01.2026 तक, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में कुल 12 ऐसे विशेष अभियान चलाए गए, जिनमें 9,694 स्थानों पर छापेमारी की गई। इसमे नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेस एक्ट, 1985 के तहत 851 मामले और दिल्ली एक्साइज एक्ट, 2009 के तहत 1,690 मामले दर्ज किए गए; तथा कुल 2,640 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

साल 2023 से 2026 (15.02.2026 तक) के दौरान, कुल 5,467 नशीली दवाओं से संबंधित एफआईआर दर्ज की गईं; 7,134 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया; तथा दिल्ली पुलिस ने 17,435 किलोग्राम (लगभग) नशीली दवाओं यानी चरस, अफीम, गांजा, स्मैक, हेरोइन, खसखस के बीज, कोकीन आदि को जब्त किया।

दिल्ली पुलिस ने नशीली दवाओं के तस्करों की कोई संपत्ति जब्त नहीं की है। हालांकि, 2023 से 2026 (15.02.2026 तक) की अवधि के दौरान, दिल्ली पुलिस ने नागरिक एजेंसियों के साथ मिलकर नशीली दवाओं के तस्करों के खिलाफ कुल 29 संयुक्त ध्वस्तीकरण अभियान चलाए।

यह जानकारी गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए उठाए गए कदम

नई दिल्ली – भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित प्रावधानों को एक ही अध्याय में संकलित किया गया है, जिसमें अपराधियों के लिए मृत्युदंड तक की कड़ी सजा का प्रावधान है। नए कानूनों के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दोषी को शेष प्राकृतिक जीवन तक कारावास या मृत्युदंड दिया जाएगा, साथ ही शादी, नौकरी या पदोन्नति का झूठा वादा करने अथवा पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाने को भी अब एक नए विशिष्ट अपराध के रूप में शामिल किया गया है।

न्यायिक प्रक्रिया की गति, दक्षता और पारदर्शिता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए नए आपराधिक कानूनों में यह प्रावधान किया गया है कि समन और वारंट जारी करने, उनकी तामील और निष्पादन, शिकायतकर्ता एवं गवाहों की जांच, साक्ष्य रिकॉर्ड करने तथा अपील या किसी भी अन्य अदालती कार्यवाही को इलेक्ट्रॉनिक संचार या ऑडियो-वीडियो माध्यमों से डिजिटल रूप में संचालित किया जा सकता है। इस संबंध में, सरकार ने ई-समन, ई-साक्ष्य और न्याय-श्रुति (वीसी) जैसे अनुप्रयोग भी विकसित किए हैं।

ई-समन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समन की डिलीवरी की सुविधा प्रदान करता है। न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और तकनीक-संचालित बनाने के लिए ई-साक्ष्य डिजिटल सबूतों के कानूनी, वैज्ञानिक और छेड़छाड़-मुक्त संग्रह, संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा करने में मदद करता है, जिससे असली सबूत मिलते हैं और देरी कम होती है।

न्याय-श्रुति (वीसी) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए आरोपियों, गवाहों, पुलिस अधिकारियों, वकीलों, साइंटिफिक एक्सपर्ट्स, कैदियों की आभासी माध्यम से पेशी की सुविधा देता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा नए आपराधिक कानूनों को लागू करने से न्याय प्रणाली की गति, दक्षता और पारदर्शिता बेहतर होती है, जिससे नागरिकों के लिए एक समयबद्ध और सुलभ न्याय वितरण प्रणाली सुनिश्चित होती है।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रावधान

  • भारतीय न्याय संहिता, 2023 के एक नए अध्याय-V में महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराधों को अन्य सभी अपराधों की तुलना में प्राथमिकता दी गई है।
  • भारतीय न्याय संहिता में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार नाबालिग पीड़ितों के लिए आयु के अंतर को समाप्त कर दिया गया है; जहाँ पहले 16 वर्ष और 12 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए अलग-अलग सजाएँ निर्धारित थीं, वहीं अब इस प्रावधान को संशोधित कर दिया गया है और 18 वर्ष से कम आयु की किसी भी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के लिए आजीवन कारावास या मृत्युदंड की सजा का प्रावधान है।
  • अब महिलाओं को परिवार के एक ऐसे वयस्क सदस्य के रूप में मान्यता दी गई है जो बुलाए गए व्यक्ति की ओर से समन प्राप्त कर सकती हैं। पहले के कानून में ‘परिवार के किसी वयस्क पुरुष सदस्य’ का उल्लेख था, जिसे अब बदलकर ‘परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य’ कर दिया गया है।
  • बलात्कार के अपराध से जुड़ी जांच में पारदर्शिता लाने और पीड़ित को अधिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए, पुलिस द्वारा पीड़ित का बयान ऑडियो-वीडियो  माध्यम से रिकॉर्ड करना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • महिलाओं के खिलाफ कुछ विशिष्ट अपराधों के मामले में, पीड़िता का बयान, जहाँ तक संभव हो, एक महिला मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाएगा और उनकी अनुपस्थिति में, एक पुरुष मजिस्ट्रेट द्वारा किसी महिला की उपस्थिति में बयान दर्ज किया जाएगा। इसका उद्देश्य जांच में संवेदनशीलता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना तथा पीड़ितों के लिए एक सहायक वातावरण बनाना है।
  • बलात्कार की पीड़िता की चिकित्सा जांच करने वाले डॉक्टरों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे 7 दिनों के भीतर मेडिकल रिपोर्ट जांच अधिकारी को भेजें।
  • यह प्रावधान किया गया है कि 15 वर्ष से कम या 60 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी पुरुष (पहले यह सीमा 65 वर्ष थी), अथवा किसी भी महिला, मानसिक या शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्ति, या गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को उनके निवास स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर उपस्थित होने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। हालांकि, यदि ऐसा व्यक्ति स्वेच्छा से पुलिस स्टेशन आने के लिए तैयार है, तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जा सकती है।
  • नए कानूनों के अंतर्गत, सभी अस्पतालों में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के पीड़ितों के लिए निःशुल्क प्राथमिक उपचार या चिकित्सा उपचार का प्रावधान किया गया है। यह नियम चुनौतीपूर्ण समय के दौरान पीड़ितों के स्वास्थ्य और सुधार को प्राथमिकता देते हुए, उन्हें तुरंत आवश्यक चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करता है।
  • भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 95 के तहत, किसी भी बच्चे को अपराध करने के लिए काम पर रखना, नियोजित करना या उसे शामिल करना एक दंडनीय अपराध बना दिया गया है। इसके लिए कम से कम सात वर्ष के कारावास का प्रावधान है, जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। इस प्रावधान का मुख्य उद्देश्य गिरोहों या समूहों द्वारा बच्चों का उपयोग अपराध करने के लिए किए जाने को रोकना है।

यह जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री बंदी संजय कुमार ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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केंद्रीय मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन पर स्थित ऐतिहासिक बैस्क्यूल ब्रिज के जीर्णोद्धार के लिए 117.54 करोड़ रुपये मंजूर किए

नई दिल्ली – केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर स्थित ऐतिहासिक बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण को 117.54 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मंजूरी दे दी है।

कोलकाता डॉक सिस्टम (केडीएस) में ऐतिहासिक बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता के प्रस्ताव का मूल्यांकन पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में प्रत्यायोजित निवेश बोर्ड (डीआईबी) द्वारा किया गया।

प्रत्यायोजित निवेश बोर्ड (डीआईबी) ने सागरमाला कार्यक्रम के तहत लगभग 41 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता सहित, कोलकाता डॉक सिस्टम में लगभग छह दशक पुराने बैस्क्यूल ब्रिज के नवीनीकरण के प्रस्ताव की पड़ताल की, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत 117.54 करोड़ रुपये है।

इस परियोजना का उद्देश्य पत्तन क्षेत्र के भीतर माल और वाहनों की सुरक्षित, तेज और अधिक कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक दोहरे पुल का आधुनिकीकरण करना है। मूल रूप से वागनर-बिरो ब्रिज सिस्टम्स एजी द्वारा निर्मित इस पुल का परिचालन सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए व्यापक संरचनात्मक और विद्युत-यांत्रिक उन्नयन किया जाएगा।

नवीनीकरण परियोजना का कार्यान्वयन रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा और कार्यों के निष्पादन का ठेका एचएंडएच फ्रेसीनेट को दिया गया है।

इस महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर के उन्नयन से कोलकाता डॉक सिस्टम में परिचालन दक्षता को मजबूत करने और बंदरगाह के भीतर माल और वाहनों की सुचारू आवाजाही को बढ़ावा देने की उम्मीद है, जिससे भारत के समुद्री इन्फ्रास्ट्रक्चर के निरंतर आधुनिकीकरण में योगदान मिलेगा।

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भारत ने जर्मनी और इंडोनेशिया के साथ पर्यटन और सतत् यात्रा को बढ़ावा देने के लिए आईटीबी बर्लिन 2026 में द्विपक्षीय बैठकें कीं

नई दिल्ली – भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने 3 से 5 मार्च तक जर्मनी के मेस्से बर्लिन में आयोजित आईटीबी बर्लिन 2026 में भाग लिया। विश्व के अग्रणी यात्रा व्यापार मेले के रूप में, आईटीबी बर्लिन (इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्स बर्लिन) वैश्विक पर्यटन उद्योग के लिए मिलने जुलने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जो भारत के यात्रा उद्योग से जुड़े हितधारकों को नेटवर्किंग और आदान-प्रदान का एक ज़रुरी मंच प्रदान करता है।

भारत ने देश भर से डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनियों (डीएमसी), होटल व्यवसायियों, राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों और टूर ऑपरेटरों के एक महत्वपूर्ण प्रतिनिधिमंडल के साथ भाग लिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जर्मनी में भारतीय राजदूत श्री अजीत गुप्ते की मौजूदगी में किया।

इसके अलावा, लोगों के बीच के संबंधों को मजबूत करने के मकसद से, केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने इंडोनेशिया की पर्यटन मंत्री महामहिम सुश्री विदियंती पुत्री वर्धना और जर्मनी के संघीय सरकार के पर्यटन आयुक्त डॉ. क्रिस्टोफ प्लोस के साथ सार्थक द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में पर्यटन प्रवाह को बढ़ाने, सतत् यात्रा को बढ़ावा देने, हवाई संपर्क का विस्तार करने और दोनों देशों के बीच लोगों में आपसी संबंधों को गहरा करने पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (यूएनडब्ल्यूटीओ) की महासचिव सुश्री शेखा अल नोवाइस से भी मुलाकात की और सतत् पर्यटन विकास और पुनर्योजी पर्यटन को बढ़ावा देने के विभिन्न तरीकों पर विचार-विमर्श किया।

 

केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जर्मनी भारत के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन साझेदारों में से एक है। जर्मनी भारत के लिए पर्यटन का आठवां सबसे बड़ा स्रोत बाजार है, जहां से 2025 में 260,000 विदेशी पर्यटक आगमन (एफटीए)** होने की उम्मीद है।

आईटीबी बर्लिन में, केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने मंत्रालय के लिए नेटफ्लिक्स द्वारा तैयार की गई दो लघु फिल्मों का भी विमोचन किया। एक फिल्म भारत की जीवंत संस्कृति, परंपराओं, त्योहारों और शाश्वत विरासत का जश्न मनाती है, जबकि दूसरी भारतीय व्यंजनों के समृद्ध स्वाद और विविधता को दर्शाती है। पर्यटन मंत्रालय ने वैश्विक दर्शकों के सामने भारतीय पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने के लिए नेटफ्लिक्स के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत, इनक्रेडिबल इंडिया और नेटफ्लिक्स मिलकर पूरे वर्ष में दस लघु प्रचार वीडियो तैयार करेंगे। नेटफ्लिक्स की फिल्मों और श्रृंखलाओं से प्रेरित, हर वीडियो भारत के एक अनूठे पहलू को उजागर करता है, जिसमें इसके स्वाद और त्योहारों से लेकर रोमांच, वन्यजीव और प्राकृतिक सुंदरता तक शामिल हैं, जो पर्दे पर दिखाई देने वाली देश की गहराई और विविधता को दर्शाते हैं।

आईटीबी 2026 में भारत के पवेलियन ने देश की समृद्ध संस्कृति, भाषा और परंपराओं, विविध पर्यटन परिदृश्य और आध्यात्मिक तथा स्वास्थ्य, विवाह, साहसिक और पारिस्थितिक पर्यटन तथा लज़ीज भोजन जैसे विशिष्ट पर्यटन अनुभवों की विस्तृत श्रृंखला को प्रदर्शित किया। पवेलियन का विषय भारत के अनूठे और विविध पर्यटन अनुभवों पर केंद्रित था।

राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गोवा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड की राज्य सरकारों और लद्दाख तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के साथ-साथ आईआरसीटीसी ने आईटीबी में अपने नवीनतम पर्यटन स्थलों और पेशकशों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ावा देने के लिए इसमें भाग लिया। भारतीय पर्यटन उद्योग और राज्य सरकारों के 42 हितधारकों ने भारत की जीवंत सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन उत्पादों तथा गहन अनुभवों की व्यापक श्रृंखला को दर्शाने के लिए इंडिया पवेलियन में सह-प्रदर्शक के तौर पर हिस्सा लिया। हितधारकों ने लाभदायक व्यावसायिक बैठकें कीं और अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ नए संपर्क भी स्थापित किए। आईटीबी में देखने को मिली उपस्थिति ने भारत के उस रणनीतिक लक्ष्य को साफ तौर पर उजागर किया, जिसके तहत भारत पर्यटन को और बढ़ावा देना चाहता है और देश को 365 दिनों के लिए प्रमुख वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना चाहता है।

आईटीबी बर्लिन ने मौजूदा साझेदारियों को मजबूत करने, नए व्यापारिक संबंध बनाने और नए यात्रा मार्गों और अनुभवों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया। भारत पवेलियन में मेहंदी, ब्लॉक प्रिंटिंग और सुलेख जैसी अन्य त्वरित गतिविधियों के ज़रिए आगंतुकों के लिए सांस्कृतिक और शिल्प विरासत की विविधता का भी प्रदर्शन किया गया।

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भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के प्रशिक्षु अधिकारियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

नई दिल्ली – भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के 79वें बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों ने आज (10 मार्च 2026) राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

राष्ट्रपति ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्यक्ष कर राष्ट्रीय विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे राजस्व का स्थिर स्रोत प्रदान करके सरकारों को आधारभूत ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश करने में सक्षम बनाते हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी कर प्रणाली समानता को बढ़ावा देती है और समावेशी तथा सतत विकास की नींव को मजबूत करती है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर बल दिया कि राजस्व सेवा का दायित्व केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि जटिल वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण करने, सीमा पार अवैध वित्तीय प्रवाह का पता लगाने और जटिल कॉर्पोरेट संरचनाओं को सुलझाने की आईआरएस अधिकारियों की क्षमता उन्हें विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में राष्ट्र की प्रगति में अपरिहार्य भागीदार बनाती है। उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे न्यायसंगत, कुशल और व्यावसायिक प्रक्रियाओं की गहन समझ पर आधारित निर्णय लें।

राष्ट्रपति ने कहा कि आईआरएस अधिकारी होने के नाते युवा अधिकारियों को अपने आचरण और निर्णय लेने में विवेक का प्रयोग करना चाहिए। एक विवेकशील अधिकारी प्रवर्तन और सुविधा प्रदान करने, अधिकार और विनम्रता तथा तकनीकी क्षमता और मानवीय संवेदनशीलता के बीच संतुलन बनाए रखता है। उन्होंने उन्हें विनम्रता, संयम और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ अपने अधिकार का प्रयोग करने की सलाह दी।

भारतीय राजस्व सेवा (आयकर) के प्रशिक्षु अधिकारी जिनमें रॉयल भूटान सेवा के दो प्रशिक्षु अधिकारी भी शामिल हैं, नागपुर स्थित राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी (एनएडीटी) में प्रवेश के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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रक्षा मंत्री ने ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ जारी किया

नई दिल्ली – रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 10 मार्च, 2026 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम में ‘रक्षा बलों के लिए विजन 2047: भविष्य के लिए तैयार भारतीय सेना का रोडमैप’ जारी किया। इस विस्तृत रूपरेखा को एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय की ओर से तैयार किया गया है जिसका उद्देश्य रक्षा बलों को आधुनिक, एकीकृत और तकनीकी रूप से उन्नत सेना में परिवर्तित करना है जो 2047 तक विकसित भारत बनने की राष्ट्र की आकांक्षा को पूर्ण करने में सहयोग देने में सक्षम हो।

इस दृष्टिकोण पत्र में भू-रणनीतिक, तकनीकी और सुरक्षा संबंधी बदलते परिवेश से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रक्षा बलों के अंदर आवश्यक रणनीतिक सुधारों, उनकी क्षमता में वृद्धि और संगठनात्मक परिवर्तनों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इसमें सेना को एकीकृत, बहुत से संबंधित मामलों में दक्ष और कुशल बल में परिवर्तित करने की परिकल्पना की गई है जो तेजी से बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच शत्रुओं को रोकने, संघर्ष के सभी पहलुओं से संबंधित कार्रवाई और बढ़ रहे रणनीतिक हितों की रक्षा करने में सक्षम हो।

सेना के सभी अंगों के बीच समन्वय और सहभागिता पर बल देना इस दृष्टिकोण पत्र का प्रमुख स्तंभ है जिससे योजना, संचालन और क्षमता विकास में और अधिक तालमेल को बढ़ावा मिले। इसमें भविष्य में युद्ध की चुनौतियों के अनुकूल रक्षा बलों के निर्माण के लिए नवाचार, उन्नत प्रौद्योगिकियों और प्रशिक्षण के आधुनिक ढांचे के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है।

इसमें प्रमुख रूप से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है जिसके अंतर्गत देश की सुरक्षा संबंधी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और समाधानों के विकास और उन्हें अपनाने को प्रोत्साहन दिया जाता है। वहीं, इसके अंतर्गत घरेलू रक्षा विनिर्माण और तकनीकी क्षमताओं को सशक्त करने से परिचालन संबंधी तैयारी में वृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय विकास में भी योगदान मिलने की उम्मीद है।

इस दृष्टिकोण पत्र में अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक समय-सीमाओं में स्पष्ट रूप से निर्धारित प्राथमिकता वाले क्षमता संबंधी लक्ष्यों के साथ सुनियोजित रूपरेखा को स्वीकार किया गया है। यह सुव्यवस्थित दृष्टिकोण विश्व स्तरीय रक्षा बल के निर्माण के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण सैन्य क्षमताओं, संस्थागत सुधारों और रणनीतिक साझेदारियों के विकास में मार्गदर्शक होगा।

इस दूरदर्शी दस्तावेज में भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों की जटिलता को समझते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य शक्ति को कूटनीतिक, तकनीकी और आर्थिक शक्ति के साथ जोड़ते हुए समग्र राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निरंतर सुधारों, नवाचार और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के माध्यम से भारतीय सेना देश की स्वतंत्रता की शताब्दी पूरे होने तक विश्व स्तर पर सम्मानित, तकनीकी रूप से उन्नत और युद्ध के लिए तैयार ऐसे सशस्त्र बल के रूप में स्थापित हो जो सशक्त और सामर्थ्यवान विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे।

इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, थल सेना के उप-प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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आयकर विभाग ने अपनी आय (टर्नओवर) छिपाने वाले रेस्तरांओं के खिलाफ पूरे देश में सत्यापन अभियान चलाया

नई दिल्ली  – आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में खाद्य एवं पेय क्षेत्र में कर चोरी के पैटर्न से संबंधित जांच की। इस दौरान पाया गया कि कई रेस्तरां वास्तविक बिक्री को छिपाने के लिए बड़ी संख्या में बिलों को हटाने तथा अन्य प्रकार के बदलाव करने में लगे हुए थे।

खाद्य एवं पेय क्षेत्र के लगभग 1.77 लाख रेस्तरांओं के लेन-देन संबंधी आंकड़ों का सही तरीके से विश्लेषण एआई-सक्षम विश्लेषणात्मक उपकरणों की सहायता से किया गया। इन आंकड़ों की तुलना उनके आयकर रिटर्न में घोषित आय से की गई। विश्लेषण से बड़े पैमाने पर आय की कम रिपोर्टिंग का खुलासा हुआ। कुछ मामलों में दर्ज की गई बिक्री वित्तीय खातों या दाखिल किए गए कर से मेल नहीं खाए पाए गए, और कुछ लेन-देन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया भी पाया गया था।

इसके परिणामस्वरूप 8 मार्च 2026 को 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्तरांओं पर देशव्यापी सर्वेक्षण किया गया। प्रारंभिक स्तर पर इस कार्रवाई में लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का खुलासा सामने आया है। इस संबंध में जांच आगे जारी है।

विभाग स्वैच्छिक अनुपालन और विश्वास-आधारित दृष्टिकोण पर लगातार जोर दे रहा है। करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मार्गदर्शन और सलाह देने हेतु ‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान शुरू किया गया है। करदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के अंतर्गत अद्यतन रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहले चरण में पहचान किए गए 63,000 रेस्तरांओं को ई-मेल और संदेश भेजे जाएंगे, जिनसे 31 मार्च 2026 से पहले अपने रिटर्न अपडेट करने का अनुरोध किया जाएगा।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के विभिन्न अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

संबंधित अंचल अधिकारियों द्वारा सुनी गयी आम लोगों की समस्याएं, कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन

जनता दरबार के दौरान अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी रहे उपस्थित

रांची,10.03.2026 –  उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार रांची जिला के सभी अंचल में हर मंगलवार जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। आज भी विभिन्न अंचलों में संबंधित अंचल अधिकारी जनता की समस्याओं से अवगत हुए।

कई फरियादियों की समस्याओं का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन

अंचल कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में अंचल अधिकारियों द्वारा लोगों की समस्याएं सुनी गयी। जनता दरबार में भूमि बंटवारा, अतिक्रमण, दाखिल-खारिज, भूमि निबंधन, जमीन मापी, आवास योजना, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा, नल-जल योजना, आंगनबाड़ी सहित लोगों की अन्य समस्याएं सामने आयी। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निदेशानुसार सभी सीओ ने जनता की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस दौरान कई मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन भी किया गया एवं शेष मामलों को शीघ्र कारवाई हेतु अग्रसारित किया गया।

जनता दरबार में उपस्थित रहे अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने निर्देश पर आज आयोजित जनता दरबार में अंचल निरीक्षक और राजस्व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। उपायुक्त द्वारा राजस्व से संबंधित शिकायतों की अद्यतन जानकारी और त्वरित निष्पादन के लिए सीआई एवं कर्मचारी को जनता दरबार में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा आम जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए सभी को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है। आम लोगोें को अनावश्यक कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े इसे सुनिश्चित करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया है। प्रत्येक मंगलवार के अतिरिक्त सभी अंचलों में अंचल अधिकारी से जनता की मुलाकात के लिए दोपहर 01ः00-02ः00 बजे का समय भी निर्धारित है।

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दुर्गा पूजा की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और प्रचार-प्रसार

नई दिल्ली – संस्कृति मंत्रालय की वैश्विक सहभागिता योजना के अंतर्गत दुर्गा पूजा को विश्व स्तर पर बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को अनुदान सहायता प्रदान की जाती है।

वर्ष 2023 में मंत्रालय द्वारा दुर्गा पूजा के प्रलेखन और अनुसंधान के लिए 22,29,244 रुपये की राशि आवंटित की गई थी ताकि यूनेस्को को अमूर्त संस्कृति नामांकन प्रस्तुत किया जा सके।

सितंबर 2025 में संगीत नाटक अकादमी ने टोक्यो में भारतीय बंगाली समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन इप्पन शादान होउजिन इंडोजिनो त्सुदोई के साथ दुर्गा पूजा समारोह का एक वीडियो साझा किया।

जो इस त्योहार को श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मना रहा था। इसके अलावा 8-13 दिसंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले में आयोजित अंतर-सरकारी समिति की बैठक के दौरान 190 से अधिक प्रतिभागी देशों के प्रतिनिधियों और यूनेस्को के अधिकारियों के समक्ष एक पारंपरिक धुनुची नाच का प्रदर्शन किया गया।

सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने ‘इंक्रेडिबल इंडिया 2.0’ अभियान का विस्तार कर रही है। इसमें यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त अमूर्त सांस्कृतिक विरासत दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस रणनीति में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग, अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल हैं।

सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के लिए नोडल एजेंसी, संगीत नाटक अकादमी ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया। इसने त्योहार से जुड़े विभिन्न समुदायों, समूहों और व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक संपर्क और क्षेत्र सर्वेक्षण किया।

हितधारकों के साथ किए गए इन परामर्शों से अनुष्ठानों का विस्तृत विवरण प्राप्त हुआ। इससे जीवंत सांस्कृतिक प्रथाओं पर आधारित प्रत्यक्ष दस्तावेज़ीकरण संभव हो सका। इन पहलों के सामूहिक उद्देश्य से दुर्गा पूजा के ऐतिहासिक विकास, कलात्मक उत्कृष्टता, अनुष्ठानिक प्रथाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक आयामों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्थित रूप से दर्ज, संरक्षित और प्रचारित किया जा सके।

यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।

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पीएम विश्वकर्मा और लघु एवं मध्यम उद्यम योजनाओं के माध्‍यम से महिला कारीगरों और उद्यमियों को समर्थन

नई दिल्ली – उद्यम रजिस्‍ट्रेशन पोर्टल (यूआरपी) और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी, 2026 तक पंजीकृत महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की कुल संख्या 3,07,42,621 है।

सरकार सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस) लागू करती है, जिसके तहत सदस्य ऋण देने वाली संस्थाओं (एमएलआई) द्वारा सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के अंतर्गत दिए गए ऋणों के लिए बिना किसी गारंटी या तृतीय-पक्ष गारंटी के ऋण गारंटी प्रदान की जाती है। यह योजना महिला नेतृत्व वाले एमएसई को दिए गए ऋणों के लिए सामान्य 75 प्रतिशत की तुलना में 90 प्रतिशत की बढ़ी हुई ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करती है, साथ ही गारंटी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट भी देती है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत, कारीगरों और शिल्पकारों को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण (5-7 दिन) और उन्नत प्रशिक्षण (15 दिन या उससे अधिक) के माध्यम से क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें वजीफा भी शामिल होता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल में उद्यमिता सामंजस्‍य, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल साक्षरता के साथ-साथ संबंधित व्यवसायों के लिए उपयुक्त आधुनिक उपकरणों के उपयोग पर मार्गदर्शन शामिल है। यह योजना विपणन सहायता भी प्रदान करती है, जिसमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण, उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार शामिल है, जो लाभार्थियों की क्षमताओं को मजबूत करने और सूक्ष्म उद्यम गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने में सहायक है।

इसके अलावा, पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना (एसएफयूआरटीआई) के तहत, क्लस्टर-आधारित पहलों के माध्यम से क्षमता निर्माण और डिजिटल मार्केटिंग से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। इनमें सामान्य जागरूकता, परामर्श, प्रेरणा और विश्वास निर्माण जैसे कई व्यावहारिक क्रियाकलाप; प्रशिक्षण मॉड्यूल के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए मूल्य श्रृंखला में कौशल विकास और क्षमता निर्माण तथा मशीन संचालन एवं रखरखाव पर प्रशिक्षण शामिल हैं। यह योजनाओं के संस्थागत विकास, एक्सपोजर विजिट, डिजाइन और उत्पाद विकास, सेमिनार, कार्यशालाओं और प्रौद्योगिकी उन्नयन कार्यक्रमों में भागीदारी का भी समर्थन करती है। साथ ही, संबंधित नोडल एजेंसियों के माध्यम से कारीगरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल मार्केटिंग चैनलों से जुड़ने में सुविधा प्रदान की जाती है।

विनिर्माण और सेवा-उन्मुख सूक्ष्म उद्यमों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदम निम्नलिखित हैं:

 

  1. महिला स्वामित्व वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाए जाते हैं।

 

  1. सार्वजनिक खरीद नीति के तहत सीपीएसई/मंत्रालयों/विभागों द्वारा महिला उद्यमियों को समर्थन देने के लिए, अपनी वार्षिक खरीद का कम से कम 3 प्रतिशत भाग महिला उद्यमियों से खरीद करना अनिवार्य है।

 

  1. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) ऋण से जुड़ी सब्सिडी प्रदान करता है और पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण/शहरी बेरोजगार युवाओं की सहायता करके गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना को सुगम बनाता है। पीएमईजीपी के कुल लाभार्थियों में से लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं हैं और उन्हें गैर-विशेष श्रेणी (25 प्रतिशत तक) की तुलना में अधिक सब्सिडी (35 प्रतिशत) प्रदान की जाती है।

 

  1. कॉयर विकास योजना के अंतर्गत ‘कौशल उन्नयन और महिला कॉयर योजना’ एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य कॉयर क्षेत्र में कार्यरत महिला कारीगरों के कौशल विकास को बढ़ावा देना है।

 

  1. क्रय एवं विपणन सहायता योजना के अंतर्गत व्यापार मेलों में महिला उद्यमियों की भागीदारी पर शत-प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है, जबकि अन्य उद्यमियों के लिए यह सब्सिडी 80 प्रतिशत है।

 

  1. पीएम विश्वकर्मा योजना 18 व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कई लाभ प्रदान करती है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।

 

  1. ‘यशस्विनी’ अभियान का उद्देश्य मौजूदा और भावी महिला उद्यमियों के बीच लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है ताकि उन्हें निरंतर मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान की जा सके।

 

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने “सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति” थीम पर आयोजित बजट-पश्चात वेबिनार को संबोधित किया

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज बजट-पश्चात वेबिनार श्रृंखला के चौथे आयोजित वेबिनार को संबोधित किया, जिसकी थीम थी “सबका साथ सबका विकास – जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति”। श्री मोदी ने शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और संस्कृति सेक्टरों को इन लक्ष्यों की पूर्ति का प्रमुख माध्यम बताते हुए, बजट घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर विचार-विमर्श करने के लिए विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं का स्वागत किया। श्री मोदी ने बल देते हुए कहा, “जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति मात्र एक विषय नहीं है; यह इस बजट का मूल उद्देश्य और इस सरकार का संकल्प है।”

प्रधानमंत्री ने निवारक और समग्र स्वास्थ्य की परिकल्पना पर जोर देते हुए, स्वास्थ्य अवसंरचना के तेजी से सुदृढ़ीकरण और योग एवं आयुर्वेद की वैश्विक लोकप्रियता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि सैकड़ों जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं; आयुष्मान भारत योजना और आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का विस्तार हुआ है। श्री मोदी ने विशेष रूप से उभरती ‘देखभाल अर्थव्यवस्था’ और वैश्विक स्तर पर देखभालकर्ताओं की बढ़ती मांग की ओर ध्यान आकर्षित किया और विशेषज्ञों से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए नए प्रशिक्षण मॉडल विकसित करने का आग्रह किया। श्री मोदी ने कहा, “मैं इस वेबिनार में उपस्थित स्वास्थ्य सेक्टर के विशेषज्ञों से नए प्रशिक्षण मॉडल और साझेदारियों को विकसित करने के लिए सुझाव देने का आग्रह करूंगा ताकि देश में प्रशिक्षण व्यवस्था और भी मजबूत हो सके।”

प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य सेवा में डिजिटल परिवर्तन के संदर्भ में, दूरस्थ क्षेत्रों तक टेलीमेडिसिन की पहुंच की सफलता का उल्लेख किया। इसकी बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने उपयोगकर्ता अनुभव को और सरल बनाने तथा जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि अभी भी टेलीमेडिसिन के बारे में जागरूकता और इसके उपयोग को सरल बनाने की आवश्यकता है।”

प्रधानमंत्री ने भारत के युवाओं की विकसित होती सोच को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए इसकी सराहना की और इस भावना के अनुरूप शिक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने रेखांकित किया कि देश में शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि नई शिक्षा नीति एक ऐसे पाठ्यक्रम की नींव रखती है जो बाजार की मांगों और वास्तविक अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों के अनुरूप होना चाहिए। श्री मोदी ने कहा, “हमें अपनी शिक्षा प्रणाली को वास्तविक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करना होगा।”

प्रधानमंत्री ने शिक्षा, रोजगार और उद्यम के बीच संबंधों पर चर्चा करते हुए, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसका उल्लेख करते हुए कि भारत नवाचार-संचालित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, प्रधानमंत्री ने शैक्षणिक संस्थानों से अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान-आधारित शिक्षा के केंद्रों में बदलने का आह्वान किया ताकि छात्रों को आवश्यक वास्तविक दुनिया का अनुभव मिल सके। श्री मोदी ने कहा, “मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि इस वेबिनार में, अपने परिसरों को उद्योग सहयोग और अनुसंधान-आधारित शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श अवश्य करें।”

प्रधानमंत्री ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (एसटीईएम) क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती संख्या पर गर्व व्यक्त किया और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में बेटियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। श्री मोदी ने एक सशक्त अनुसंधान इकोसिस्टम बनाने का आह्वान किया जो युवा शोधकर्ताओं को बिना किसी बाधा के नवाचार और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने कहा, “हमें एक ऐसा अनुसंधान इकोसिस्टम बनाना होगा जहां युवा शोधकर्ताओं को नए विचारों पर प्रयोग करने और काम करने का पूरा अवसर मिले।”

खेलों की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा आबादी ही राष्ट्रीय शक्ति की रीढ़ है। उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ के प्रभाव को रेखांकित किया और छोटे शहरों एवं क्षेत्रों से भी प्रतिभाओं की पहचान करने, खेल निकायों को पेशेवर बनाने और राष्ट्रमंडल खेलों तथा ओलंपिक बोली जैसी आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए खिलाड़ियों को सुव्यवस्थित वित्तीय सहायता प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, “ऐसी स्थिति में, हमें आज ही युवा खिलाड़ियों की पहचान करके उन्हें प्रशिक्षित करना होगा, तभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की ख्याति बढ़ेगी।”

प्रधानमंत्री ने पर्यटन और संस्कृति में रोजगार सृजन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पारंपरिक स्थलों से परे नए पर्यटन स्थलों का विकास किसी शहर की ब्रांडिंग और समग्र विकास को बढ़ावा देता है। श्री मोदी ने हितधारकों से कौशल, संपर्क और सामुदायिक भागीदारी को शामिल करते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “अब हम देश में पर्यटन स्थलों को नए सिरे से विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “प्रशिक्षित गाइड, आतिथ्य कौशल, डिजिटल संपर्क और सामुदायिक भागीदारी हमारे पर्यटन सेक्टर के स्तंभ बन रहे हैं। इनके साथ-साथ स्वच्छता और सतत विकास पद्धतियां भी आवश्यक हैं। भारत की स्थिति को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में सुदृढ़ करने के लिए हम मिलकर काम कर रहे हैं, ऐसे में पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों पर आपके सुझाव अत्यंत महत्वपूर्ण होंगे।”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के समापन में राष्ट्रीय प्रगति को गति देने के लिए संस्थानों, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच समन्वय के महत्व पर जोर दिया और विश्वास व्यक्त किया कि ये चर्चाएं भविष्य के लिए एक ठोस रूपरेखा प्रदान करेंगी और विकसित भारत की नींव को मजबूत करेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा, “ऐसे प्रयासों से विकसित भारत की नींव और भी सुदृढ़ होगी।”

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मध्य प्रदेश एसटीएसएफ और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने कानपुर से अंतरराष्ट्रीय सरीसृप तस्करी रैकेट के सरगना को गिरफ्तार किया

नई दिल्ली – मध्य प्रदेश राज्य टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एमपी एसटीएसएफ) ने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के सहयोग से संचालित एक अभियान के तहत सरीसृप तस्करी के रैकेट के मुख्य सरगना तारक नाथ घोष को उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गिरफ्तार किया है।

मध्य प्रदेश में कछुओं और घड़ियालों के अंतरराष्ट्रीय अवैध व्यापार से जुड़े तीन मामलों में वांछित आरोपी पिछले आठ साल से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ तीन अलग-अलग अदालतों द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे।

उसका गिरोह उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में फैला हुआ है। शक है कि उसका नेटवर्क भारत के अलावा बांग्लादेश, थाईलैंड, म्यांमार और सिंगापुर तक फैला हुआ है।

घोष की गिरफ्तारी संगठित अवैध वन्यजीव तस्करी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है। उसे 9 मार्च (सोमवार) को शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। उसके कथित नेटवर्क के बारे में और अधिक जानकारी और खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस/वन विभाग की हिरासत में रिमांड मांगी जाएगी।

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पश्चिम एशिया से भारतीय विमानन कंपनियों की आज 50 उड़ानें संचालित करने की योजना

नई दिल्ली – नागर विमानन मंत्रालय ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया में उत्पन्न स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है। यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू उड़ान संचालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक परिचालन बदलाव कर रही हैं।

7 मार्च, 2026 के यात्री आवागमन के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत की विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 51 उड़ानें इस क्षेत्र से भारत पहुंचीं जिनमें 8,175 यात्री सवार थे।

8 मार्च 2026 को एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा ने दुबई, अबू धाबी, रस अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा जैसे क्षेत्रीय हवाई अड्डों से परिचालन व्यवहार्यता और तत्काल प्रभावी परिस्थितियों के आधार पर 49 आगमन उड़ानों का संचालन करने की योजना बनाई।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, भारत की विमानन कंपनियां 9 मार्च 2026 के लिए 50 उड़ानें संचालित करने की योजना बना रही हैं।

इसके अलावा, भारतीय एयरलाइंस क्षेत्र के अन्य हवाई अड्डों पर जमीनी स्थिति का लगातार आकलन कर रही हैं ताकि इन स्थानों से भारतीय एयरलाइंस द्वारा अधिक उड़ानें संचालित की जा सकें।

नागर विमानन मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। टिकटों की कीमतें उचित स्तर पर बनी रहें और इस दौरान उनमें अनावश्यक बढ़ोतरी न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए हवाई किरायों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।

यात्रियों को उड़ान समय-सारणी संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइनों के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए रखेगा और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी उपलब्ध कराएगा।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी

नई दिल्ली – प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी है। श्री मोदी ने कहा कि यह शानदार जीत टीम के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने ज़बरदस्त हौसला दिखाया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

प्रधानमंत्री ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए कहा;

“चैंपियन्स!

आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर भारतीय टीम को हार्दिक बधाई!

यह शानदार जीत टीम के असाधारण कौशल, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क को दर्शाता है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने ज़बरदस्त हौसला दिखाया।

इस जीत ने हर भारतीय के दिल को गर्व और खुशी से भर दिया है।

शाबाश, टीम इंडिया!”

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माई भारत दिल्ली में 09 मार्च 2026 से विकसित भारत युवा कनेक्ट के दूसरे चरण का आयोजन करेगा

नई दिल्ली – केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘मेरा युवा भारत’ के माध्यम से विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम (वीबीवाईसीपी) का दूसरा चरण का आयोजन 09 मार्च 2026 से दिल्ली में करेगा। इस पहल का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ युवाओं की भागीदारी को मजबूत करना है।

 

पहले चरण का आयोजन 2025 में किया गया था और इसमें मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के आधार पर यह कार्यक्रम 2026 में दिल्ली में अपना विस्तार करेगा, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के 35 से ज्यादा कॉलेज शामिल होंगे, जिससे युवाओं के एक बहुत बड़े वर्ग तक पहुंच प्राप्त होगी और संस्थानों के साथ गहरा जुड़ाव उत्पन्न होगा।

इस पहल को पूरे देश में पहले ही ज़बरदस्त प्रतिक्रिया प्राप्त हो चुकी है, जो युवा शक्ति की भावना एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए युवाओं के बढ़ते उत्साह का प्रदर्शन करती है। अब तक यह कार्यक्रम 22 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 274 विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों तक पहुंच चुका है, जहां 274 युवा दिग्गजों ने छात्रों से संवाद किया है और लगभग 20,000 युवाओं को प्रेरित किया है। इस लोकप्रियता की निरंतरता कायम रखते हुए दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में 10,000 से अधिक छात्रों की संवादात्मक सत्रों, संवादों एवं सहभागिता गतिविधियों में शामिल होने की उम्मीद है, जिनका उद्देश्य युवाओं को देश की विकास यात्रा से जोड़ना और उन्हें जिम्मेदार राष्ट्र निर्माता बनने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस कार्यक्रम का आयोजन पूरे दिल्ली के प्रमुख संस्थानों के सहयोग से किया जाएगा। चयनित कॉलेजों में शहीद सुखदेव बिजनेस स्टडीज कॉलेज, आईआईआईटी दिल्ली, इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, डॉन बॉस्को इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गुरु तेग बहादुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और कई अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं।

इन सत्रों का संचालन युवा दिग्गजों द्वारा किया जाएगा, जिनमें विकसित भारत युवा नेताओं के संवाद प्रस्तुतकर्ता, विकसित भारत युवा संसद के विजेता, और विभिन्न राष्ट्रीय युवा पहलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले युवा शामिल हैं। युवा नेता छात्रों के साथ सीधे बातचीत करेंगे, अपने अनुभवों को साझा करेंगे और अमृत पीठों को राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

मनोरंजक प्रस्तुतियों एवं युवा संवाद सत्रों के माध्यम से, छात्रों को अपने विचार, आकांक्षा और 2047 तक आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण पर अपना दृष्टिकोण साझा करने का अवसर प्राप्त होगा। यह कार्यक्रम एक ऐसा मंच बनेगा जहां युवाओं की आवाज़ें जन भागीदारी की भावना के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सार्थक योगदान प्रदान करेगी।

इन कार्यक्रमों के साथ-साथ, इसमें शामिल होने वाले संस्थानों में MY Bharat पंजीकरण और जागरूकता स्टॉल लगाए जाएंगे ताकि युवाओं को माई भारत प्लेटफार्म से जुड़ने एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले स्वयंसेवकों द्वारा संचालित पहलों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने एवं देश के भविष्य को आकार देने में उनकी सार्थक भागीदारी को एक मंच प्रदान करने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रीय विकास एजेंडा के माध्यम से युवा प्रतिभाओं को शामिल करने वाली यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर विकसित भारत 2047 के लिए सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना चाहती है।

कार्यक्रम में माई भारत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं की भागीदारी सुविधाजनक बनाई जाएगी जिससे निर्बाध पंजीकरण एवं सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

सभी पंजीकरण एवं कार्यक्रम की जानकारी माई भारत पोर्टल https://mybharat.gov.in/ से प्राप्त की जा सकती हैं। पूरे देश के युवाओं को इस पहल में अपना पंजीकरण करने एवं सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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