आईबीबीआई और इनसोल इंडिया ने नई दिल्ली में आईबीसी के एक दशक और भविष्य के सुधारों पर तीसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 की मेजबानी की

नई दिल्ली – भारतीय दिवालियापन एवं दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) ने इनसोल इंडिया के सहयोग से तीसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया  इस कार्यक्रम में विभिन्न न्यायक्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, नीति निर्माता, विधि विशेषज्ञ और पेशेवर एक साथ आए और आईबीसी  के परिवर्तनकारी दशक पर विचार-विमर्श किया तथा भारत में दिवालियापन समाधान के लिए आगे की राह पर चर्चा की।

 

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण के अध्यक्ष, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रामलिंगम सुधाकर ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने दिवालियापन और दिवालिया संहिता की उल्लेखनीय यात्रा का वर्णन किया और भारत में दिवालियापन समाधान के क्षेत्र पर इसके परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया। उन्होंने संहिता के कार्यान्वयन में राष्ट्रीय दिवालियापन न्यायालय (एनसीएलटी) के बेहतर प्रदर्शन पर प्रकाश डाला और इस बात पर बल दिया कि दिवालियापन के लिए एक समर्पित न्यायिक ढांचा स्थापित करना, आईबीसी से पहले की व्यवस्था की तुलना में संहिता की सफलता में योगदान देने वाला एक प्रमुख पहलू रहा है। उन्होंने कहा कि आईबीसी ने चूक को प्रभावी ढंग से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए ऋण अनुशासन को बढ़ाया है। सभी हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय दिवालियापन ढांचा वैश्विक स्तर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है।

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव श्री एम. नागराजू ने अपने विशेष संबोधन में बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति सुधारने में आईबीसी के महत्वपूर्ण योगदान पर जोर दिया, जिसमें गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में कमी और मुनाफे में वृद्धि शामिल है। उन्होंने देनदार-लेनदार व्यवस्था में आईबीसी द्वारा लाए गए व्यवहारिक परिवर्तनों और हितधारकों के बीच निरंतर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ चुनौतियों पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ढांचे में प्रस्तावित संशोधन इन मुद्दों को हल करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने आचार संहिता के प्रभावी कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए वित्तीय सेवा विभाग द्वारा की गई विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला।

आईबीबीआई के अध्यक्ष श्री रवि मित्तल ने एक विशेष संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने पिछले एक दशक में दिवालियापन और दिवालिया संहिता के विकास का विवरण दिया। इसकी प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इस अवधि में आईबीसी काफी परिपक्व हो गया है और आज भारत के पास वैश्विक स्तर पर सबसे मजबूत दिवालियापन समाधान ढांचों में से एक है। उन्होंने बताया कि संहिता ने कई मोर्चों पर सकारात्मक परिणाम दिए हैं, जिनमें बेहतर ऋण अनुशासन, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों में कमी, समय पर समाधान को बढ़ावा देना और कंपनियों के समाधान के बाद के प्रदर्शन में सुधार शामिल हैं। उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद और आईआईएम बैंगलोर द्वारा किए गए अध्ययनों का भी उल्लेख किया, जो क्रमशः उधारकर्ताओं के बीच बेहतर ऋण अनुशासन और आईबीसी के तहत हल की गई कंपनियों के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन में सुधार को रेखांकित करते हैं।

इनसोल इंडिया की अध्यक्ष सुश्री पूजा महाजन ने अपने स्वागत भाषण में दिवालियापन पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में इनसोल  इंडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला और दिवालियापन समाधान में सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संगठन की हालिया पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

उद्घाटन सत्र के समापन पर आईबीबीआई के पूर्णकालिक सदस्य डॉ. भूषण कुमार सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। सभी गणमान्य व्यक्तियों और हितधारकों को धन्यवाद देते हुए उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र और समग्र अर्थव्यवस्था पर आईबीसी के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया।

इस सम्मेलन में पाँच ज्ञानवर्धक पैनल चर्चाएँ हुईं। पहली पैनल चर्चा “दिवालियापन और दिवालियापन संहिता, 2016 के 10 वर्ष” विषय पर थी। प्रतिष्ठित पैनलिस्टों में आईबीबीआई के पूर्णकालिक सदस्य श्री जयंती प्रसाद, एजेडबी एंड पार्टनर्स के संस्थापक और वरिष्ठ भागीदार श्री बहराम वकील, विश्व बैंक की सुश्री एंटोनिया मेनेजेस और नियोस्ट्रेट एडवाइजर्स एलएलपी के संस्थापक श्री अबीजर दीवानजी शामिल थे। सत्र का संचालन एजेडबी एंड पार्टनर्स के भागीदार श्री सुहर्ष सिन्हा ने किया। पैनल ने आईबीसी के परिवर्तनकारी प्रभाव पर विचार-विमर्श किया, प्रमुख उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की और भारत में दिवालियापन समाधान के लिए आगे के रास्ते पर विचार-विमर्श किया।

दूसरी पैनल चर्चा “संपत्ति का पता लगाना, प्रवर्तन और वसूली” पर केंद्रित थी। पैनल में आईबीबीआई के पूर्णकालिक सदस्य, श्री संदीप गर्ग, ,  सिंगापुर कैरी ओल्सेन के पार्टनर श्री जेम्स नोबल, बीवीआई के पार्टनर श्री मार्क जे. फोर्टे, ऊन एंड बाजुल, सिंगापुर के पार्टनर श्री कीथ हान, और भारत की दिवालियापन विशेषज्ञ, सुश्री पूजा बाहरी, शामिल थीं। सत्र का संचालन शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के पार्टनर श्री सौरभ पांडा ने किया। पैनल ने विभिन्न न्यायक्षेत्रों में संपत्ति का पता लगाने और वसूली में समकालीन चुनौतियों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा की।

तीसरी पैनल चर्चा “अदालती कार्यवाही के बाहर समाधान और पूर्व-पैकेज्ड दिवालियापन समाधान” पर थी। पैनल में शामिल प्रख्यात वक्ताओं में आईबीबीआई के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य श्री सुधाकर शुक्ला, क्रोल सिंगापुर के एमडी श्री जेम्स एलेक्सियो, हिल्को ग्लोबल, संयुक्त राज्य अमेरिका के उपाध्यक्ष श्री जेमी एचएम स्प्रेरेगन, बैंक ऑफ इंग्लैंड के वरिष्ठ प्रबंधक श्री रॉब डाउनी और स्वामीह फंड के प्रधान निवेश अधिकारी श्री रजत गोयल शामिल थे। सत्र का संचालन ईवाई के पार्टनर श्री पुलकित गुप्ता ने किया। पैनल ने आईबीसी के तहत समय पर समाधान सुनिश्चित करने में अदालती कार्यवाही के बाहर पुनर्गठन तंत्र और पूर्व-पैकेज्ड दिवालियापन ढांचे की प्रभावकारिता पर विचार-विमर्श किया।

चौथी पैनल चर्चा का विषय “संकटग्रस्त अधिग्रहण और विशेष परिस्थितियों का वित्तपोषण” था। पैनल में कार्गमैन एसोसिएट्स, यूएसए के संस्थापक एवं अध्यक्ष, श्री स्टीवन टी. कार्गमै, बर्ड एंड बर्ड, सिंगापुर के लीगल हेड श्री अशोक कुमार, ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के ग्रुप सीईओ श्री आकाश सूरी, श्री अपूर्व मधुप, इंडिया फाइनेंसिंग, ड्यूश बैंक के एमडी एवं हेड, श्री अपूर्व मधुप,   और स्वामीह फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर, श्री अब्दुल कादर सूरिया शामिल थे। सत्र का संचालन डॉ. सिद्धार्थ श्रीवास्तव, पार्टनर, खैतान एंड कंपनीज ने किया। पैनल ने संकटग्रस्त परिसंपत्ति वित्तपोषण के बदलते परिदृश्य और आवास क्षेत्र के विशेष संदर्भ में समाधान तंत्र में वैकल्पिक निवेश फंडों की भूमिका पर चर्चा की।

पांचवीं पैनल चर्चा “यूएनसीआईटीआरएएल मॉडल कानून और सीमा पार दिवालियापन” विषय पर थी। पैनल में शामिल विशिष्ट वक्ताओं में यूएनसीआईटीआरएएल की वरिष्ठ कानूनी अधिकारी सुश्री समीरा मुसायेवा; नॉर्टन रोज़ फुलब्राइट, ऑस्ट्रेलिया के पुनर्गठन विभाग के वैश्विक प्रमुख श्री स्कॉट एटकिंस; नॉटिंघम लॉ स्कूल की प्रोफेसर सुश्री रेबेका पैरी; इंसॉल्वेंसी लॉ अकादमी, भारत के अध्यक्ष श्री सुमंत बत्रा; और स्काइरीन एडवोकेट्स एंड सॉलिसिटर्स, मलेशिया की पार्टनर सुश्री शेरोन चोंग शामिल थीं। सत्र का संचालन बीडीओ इंडिया की ग्रुप जनरल काउंसल सुश्री सलोनी कोठारी ने किया। पैनल ने सीमा पार दिवालियापन के लिए यूएनसीआईटीआरएएल मॉडल कानून को अपनाने के महत्व और इसके कार्यान्वयन के लिए भारत की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया।

इस सम्मेलन में दिवालियापन विशेषज्ञों, कानूनी विशेषज्ञों, परामर्श फर्मों, वित्तीय लेनदारों, समाधान आवेदकों, सेवा प्रदाताओं, नियामकों, शिक्षाविदों और सरकारी अधिकारियों सहित आईबीसी पारिस्थितिकी तंत्र के बड़ी संख्या में हितधारकों ने भाग लिया।

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प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के समापन की झलकियां साझा कीं

नई दिल्ली,  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के समापन की झलकियां साझा कीं। श्री मोदी ने कहा, “यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और मैं ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के समापन की घोषणा करते हुए बेहद प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “आज भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का समापन हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मैं इस समझौते को संभव बनाने में वर्षों से यूरोप के सभी नेताओं के रचनात्मक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। यह समझौता आर्थिक संबंधों को परिपुष्ट करेगा, हमारे लोगों के लिए अवसरों का सृजन करेगा और एक समृद्ध भविष्य के लिए भारत-यूरोप साझेदारी को मजबूत करेगा।”

एक्स पर कई पोस्ट की एक श्रृंखला में, श्री मोदी ने कहा:

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

@eucopresident

@vonderleyen

@EUCouncil

@EU_Commission

यूरोपीय संघ के साथ हुआ यह ऐतिहासिक समझौता, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता है, भारत की 1.4 अरब जनता के लिए महत्वपूर्ण लाभ लेकर आया है। इससे:

हमारे किसानों और लघु उद्योगों के लिए यूरोपीय बाजारों तक पहुंच आसान होगी।

विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन होगा।

हमारे सेवा क्षेत्रों के बीच सहयोग को और मजबूती मिलेगी। #IndiaEUTradeDeal

विश्व की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच हुआ यह ऐतिहासिक समझौता अभूतपूर्व अवसरों का सृजन करने और विकास तथा सहयोग के नए मार्ग प्रशस्त करने का वादा करता है। इस समझौते से संपूर्ण वैश्विक समुदाय को लाभ मिलेगा।

इससे प्रमुख क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजित करने में सहायता मिलेगी, हमारे युवाओं, पेशेवर प्रतिभाओं, छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए गतिशीलता बढ़ेगी और डिजिटल युग की क्षमता का अधिकतम लाभ उठाया जा सकेगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और पारस्परिक विकास के लिए आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।

भारत और यूरोपीय संघ मिलकर विश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ एक समृद्ध और स्थायी भविष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं! #IndiaEUTradeDeal

“आज का दिन हमेशा याद रखा जाएगा, जो हमारे साझा इतिहास में अमिट छाप छोड़ेगा।”

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और मैं ऐतिहासिक भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने की घोषणा करते हुए बेहद प्रसन्नता का अनुभव कर रहे हैं।

यह हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है जो:

हमारे आर्थिक संबंधों को मजबूत करेगी

हमारे युवाओं के लिए रोजगार सृजित करेगी

हमारे व्यवसायों के लिए अवसरों का सृजन होगा

साझा समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा,

मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण होगा। #IndiaEUTradeDeal

@eucopresident

@vonderleyen

@EUCouncil

@EU_Commission

“भारत और यूरोप ने आज एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता विकास, निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए मार्ग प्रशस्त करता है।”

#IndiaEUTradeDeal

@eucopresident

“यह समझौता व्यापार, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देगा और साथ ही हमारे रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगा।”

यह एक स्थिर, समृद्ध और भविष्य के लिए तैयार आर्थिक संबंध बनाने के हमारे साझा संकल्प को दर्शाता है।”

#IndiaEUTradeDeal

@EU_Commission

@vonderleyen

भारत-ईयू व्यापार मंच के दौरान के अपने विचार साझा कर रहा हूं।

“आज भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौते का संपन्न होना हमारे संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मैं इस समझौते को संभव बनाने में वर्षों से योगदान देने वाले सभी यूरोपीय नेताओं के रचनात्मक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता के लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं। यह समझौता आर्थिक संबंधों को और पुष्ट करेगा, हमारे लोगों के लिए अवसरो का सृजन करेगा और समृद्ध भविष्य के लिए भारत-यूरोप साझेदारी को मजबूत करेगा।”

“ये परिणाम भारत और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करते हैं।”

“भारत-ईयू व्यापार मंच भारत और यूरोप के बीच व्यापक आर्थिक संबंधों पर चर्चा करने के लिए एक बेहतरीन मंच था। आज हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता व्यवसायों, लघु एवं मध्यम उद्यमों और नवप्रवर्तकों के लिए अनगिनत लाभ लेकर आएगा। यह साझा समृद्धि का एक नया प्रारूप है।”

@EU_Commission

@vonderleyen

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सुप्रीम कोर्ट ने UGC के विवादित इक्विटी रेगुलेशन 2026 नियमों पर रोक लगा दी है

नई दिल्ली, UGC के विवादित इक्विटी रेगुलेशन 2026 नियमों पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन नए नियमों के पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.जब तक इस मामले में सुनवाई नहीं होती है तब तक 2012 के पुराने नियम प्रभावी रहेंगे. मुख्य न्यायाधीश ने इन नियमों को ‘अस्पष्ट’ और ‘दुरुपयोग के लायक’ बताया है.इस मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी.

UGC के विवादित इक्विटी रेगुलेशन 2026 को लेकर देश भर में सामान्य वर्ग, साधू -संत, अधिवक्ता, इसका जम कर विरोध कर रहें हैं.

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केन्‍द्रीय मंत्री श्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा, नई दिल्ली में भारत रंग महोत्सव का उद्घाटन किया

नई दिल्ली – केन्‍द्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत ने मंगलवार शाम नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में एक भव्य समारोह में दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय रंगमंच समारोह, भारत रंग महोत्सव (बीआरएम) 2026 के 25वें संस्‍करण का उद्घाटन किया।

 

समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, मंत्री ने भारत रंग महोत्सव की भूमिका पर ज़ोर दिया, जो भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, कहानियों और कलात्मक अभिव्यक्तियों को दुनिया भर के दर्शकों से जोड़ने वाला एक शक्तिशाली मंच है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे उत्‍सव अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की गहरी समझ को बढ़ावा देकर भारत की कला और संस्कृति के बारे में वैश्विक धारणाओं को बदलने में मदद करते हैं।

इस शानदार उद्घाटन समारोह में कला, संस्कृति, सिनेमा और थिएटर के क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं।

मुख्य अतिथि: श्री गजेन्‍द्र सिंह शेखावत, केन्‍द्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री, भारत सरकार। विशिष्ट अतिथि: श्री विवेक अग्रवाल, आईएएस, सचिव, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार। विशेष अतिथि: सुश्री के. नंदिनी सिंगला, महानिदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) और रंग दूत: सुश्री मीता वशिष्ठ, जानी-मानी अभिनेत्री और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की पूर्व छात्रा।

समारोह की अध्यक्षता एनएसडी सोसाइटी के वाइस चेयरपर्सन और पद्म श्री पुरस्कार विजेता प्रो. भरत गुप्त ने की। स्वागत भाषण एनएसडी के निदेशक श्री चित्तरंजन त्रिपाठी ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन एनएसडी के रजिस्ट्रार श्री प्रदीप के. मोहंती ने किया। कार्यक्रम का संचालन जाने-माने अभिनेता और एनएसडी के पूर्व छात्र श्री श्रीवर्धन त्रिवेदी ने किया।

शाम का एक मुख्य आकर्षण एनएसडी के ऐप-आधारित रेडियो स्टेशन “रंग आकाश” और एनएसडी ओटीटी प्लेटफॉर्म “नाट्यम” की शुरूआत था, जिसका उद्घाटन माननीय केन्‍द्रीय मंत्री ने किया। यह एनएसडी की डिजिटल और वैश्विक पहुंच को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

थिएटर में 25 साल की शानदार यात्रा का जश्न मनाते हुए, भारत रंग महोत्सव 2026 अब तक के सबसे बड़े फॉर्मेट में आयोजित किया जा रहा है, जो पूरे भारत में 40 से ज़्यादा जगहों और हर महाद्वीप के एक देश में फैला हुआ है। इस महोत्‍सव में 277 भारतीय और 12 अंतर्राष्ट्रीय प्रोडक्शन शामिल हैं, जिन्हें 288 भाषाओं और बोलियों में पेश किया जा रहा है, जो पारंपरिक थिएटर रूपों, समकालीन प्रयोगों और क्रॉस-कल्चरल बातचीत का एक जीवंत मिश्रण दिखाते हैं।

25वां भारत रंग महोत्सव भारत की स्थायी सांस्कृतिक भावना और रचनात्मक आदान-प्रदान, कलात्मक नवाचार और वैश्विक सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देने की उसकी प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है।

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आरएचटीसी नजफगढ़ ने भारत पर्व 2026 के अवसर पर निवारक स्वास्थ्य देखभाल और जन जागरूकता को बढ़ावा दिया

नई दिल्ली – नजफगढ़ स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) ने स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक देखभाल संबंधी कई आकर्षक पहलों के माध्यम से भारत पर्व-2026 में जीवंत और प्रभावशाली योगदान दिया, जिसमें सभी आयु वर्ग के आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। भारत पर्व, गणतंत्र दिवस समारोह के अंतर्गत 26 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक लाल किले के मैदान और ज्ञान पथ पर आयोजित होने वाला छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव है।

 

आरएचटीसी नजफगढ़ की भागीदारी का एक प्रमुख आकर्षण कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का लाइव प्रदर्शन था, जहां आगंतुकों ने न केवल सीपीआर तकनीक को देखा बल्कि विशेषज्ञ मार्गदर्शन में इसका अभ्यास भी किया। इस पहल का उद्देश्य जनता को जीवन बचाने के आवश्यक कौशल से लैस करना और चिकित्सा आपात स्थितियों के दौरान समुदाय की तैयारी को बढ़ाना था।

इस केंद्र में अपने चिकित्सक के माध्यम से आयुर्वेदिक परामर्श भी उपलब्ध कराया गया, जिसमें आगंतुकों को स्वास्थ्य और कल्याण के पारंपरिक और समग्र दृष्टिकोणों पर मार्गदर्शन दिया गया। इसके अतिरिक्त, पोषण और आहार, मानसिक स्वास्थ्य और सामान्य कल्याण पर स्वास्थ्य परामर्श भी आयोजित किए गए, जो निवारक स्वास्थ्य देखभाल और संतुलित जीवनशैली के महत्व को बढ़ावा देते हैं।

सीखने को संवादात्मक और मनोरंजक बनाने के लिए, आरएचटीसी नजफगढ़ ने दैनिक स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया, जिसमें आगंतुकों को स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में अपने ज्ञान का परीक्षण करने और आकर्षक पुरस्कार जीतने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विशेष रूप से तैयार किया गया “अपनी आशा कार्यकर्ताओं को जानें” कॉर्नर ने काफी ध्यान आकर्षित किया, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा कार्यकर्ताओं) द्वारा निभाई जाने वाली महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता फैली।

आगंतुकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिससे छह दिवसीय उत्सव के दौरान आरएचटीसी के स्टॉल पर एक ऊर्जावान और सकारात्मक वातावरण नजर आया।

अपने शैक्षणिक और जनसंपर्क प्रयासों के अंतर्गत, आरएचटीसी नजफगढ़ ने एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय के छात्रों के लिए एक शैक्षिक यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा का उद्देश्य छात्रों को सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य पहलों और जन कल्याण कार्यक्रमों से परिचित कराना था, साथ ही उन्हें भारत पर्व में प्रदर्शित भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने का अवसर प्रदान करना था। इस अनुभव ने कक्षा में सीखी गई शिक्षा को वास्तविक दुनिया में जन स्वास्थ्य संचार और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने में सहायता की।

इस आयोजन के सभी छह दिनों में आयोजित इन पहलों के माध्यम से, आरएचटीसी नजफगढ़ ने सामुदायिक स्वास्थ्य शिक्षा, निवारक देखभाल और जन जागरूकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया, जो भारत पर्व की व्यापक भावना के अनुरूप है, जिसमें भारत के जन-केंद्रित विकास और समावेशी प्रगति का जश्न मनाया जाता है।

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भारत पर्व में गृह मंत्रालय की गणतंत्र दिवस झांकी और पवेलियन को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा; नए कानूनों के बारे में जन जागरूकता बढ़ी

नई दिल्ली – गृह मंत्रालय की गणतंत्र दिवस झांकी, जिसे 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान प्रदर्शित किया गया था, को गणतंत्र दिवस समारोहों के तहत 26 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक लाल किले के लॉन और ज्ञान पथ पर आयोजित छह दिवसीय राष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन महोत्सव भारत पर्व में प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया गया है।

 

इस महोत्सव का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला तथा केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा किया जा रहा है।

इस समारोह स्थल पर, गृह मंत्रालय ने अपनी झांकी के सामने एक समर्पित जन-संपर्क पवेलियन स्थापित किया है। इस पवेलियन में तीन परिवर्तनकारी आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम— के मुख्य प्रावधानों और नागरिक-केंद्रित प्रभाव को दर्शाने वाली एक इंटरएक्टिव प्रदर्शनी लगाई गई है।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य समय पर न्याय देने, पीड़ित-केंद्रित प्रक्रियाओं, वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के अधिक उपयोग, जांच और ट्रायल प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, तथा नागरिकों के अधिकारों के मजबूत संरक्षण जैसे प्रमुख सुधारों के बारे में आम-लोगों की समझ को बढ़ाना है। पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन माननीय मंत्री जी ने किया। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने भी पवेलियन का दौरा किया और नागरिकों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।

पवेलियन में देश भर से बड़ी संख्या में लोग आए हैं, जो प्रदर्शनों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ रहे हैं और अधिकारियों से बात-चीतकर रहे हैं। एक प्रमुख आकर्षण पैंटोमाइम शो (लाइव स्किट परफॉर्मेंस) रहा, जो नए आपराधिक कानूनों के उद्देश्यों और उनके व्यावहारिक महत्व को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करता है, जिससे नागरिक अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों को सरल और सहज तरीके से समझ पा रहे हैं।

गृह मंत्रालय भारत पर्व में इस पहल के माध्यम से देश की पुनर्गठित आपराधिक न्याय प्रणाली के बारे में आम-नागरिकों तक पहुंच और जन-जागरूकता को लगातार मजबूत कर रहा है। झांकी और पवेलियन मिलकर एक आधुनिक, नागरिक-केंद्रित और प्रौद्योगिकी- आधारित न्याय प्रणाली के राष्ट्रीय विजन को दिखाते हैं।

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महामहिम राष्ट्रपति ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का राष्‍ट्रपति भवन में स्‍वागत किया

नई दिल्ली – महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज शाम (27 जनवरी, 2026) राष्ट्रपति भवन में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथियों—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष महामहिम एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष महामहिम सुश्री उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्‍वागत किया। राष्ट्रपति ने उनके सम्मान में भोज का भी आयोजन किया।

यूरोपीय संघ के नेताओं का स्वागत करते हुए महामहिम राष्ट्रपति ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति, जो भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ की पहली सहभागिता है, विशेष महत्व रखती है। यह हमारी पारस्परिक सहभागिता की गहराई और परस्‍पर विश्वास को दर्शाती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोप केवल समकालीन हितों से ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, बहुलवाद और खुली बाज़ार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं। ये सिद्धांत तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में हमारा मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने यह बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की कि पिछले दो दशकों में भारत–यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी उल्लेखनीय रूप से और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिर, संतुलित और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने की हमारी सामूहिक आकांक्षा को प्रतिबिंबित करता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि अनिश्चितता और संघर्ष के इस दौर में भारत और यूरोपीय संघ पर वैश्विक स्थिरता बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी है। हमारा सहयोग कूटनीति, बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के समर्थन में एक स्पष्ट संदेश देता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि आर्थिक सहयोग भारत–यूरोपीय संघ संबंधों का प्रमुख स्तंभ है। हम व्यापार और निवेश को साझा समृद्धि और सामाजिक प्रगति के साधन के रूप में देखते हैं। उन्होंने भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संबंध में ऐतिहासिक वार्ताओं के सफल समापन पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि इससे हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव आएंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि आज समाज पर प्रौद्योगिकी का प्रभाव, अर्थव्यवस्था पर उसके प्रभाव जितना ही गहरा है। भारत और यूरोपीय संघ “जिम्मेदार नवाचार” को आगे बढ़ाने की दिशा में मिलकर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान संपन्न हुआ सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौता हमारे रक्षा उद्योगों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु वित्त और सतत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में यूरोपीय संघ के साथ सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने का इच्छुक है।

तीनों नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि इस यात्रा के दौरान संपन्न हुए महत्वपूर्ण समझौते भारत–यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को और सशक्‍त बनाएंगे। उन्होंने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि भारत और यूरोपीय संघ संतुलन, स्थिरता और आशा की शक्ति के रूप में उभर रहे हैं और साथ मिलकर हम एक ऐसा भविष्य गढ़ सकते हैं जो सतत, समावेशी और मानवीय हो।

राष्ट्रपति का भाषण देखने के लिए कृपया यहाँ क्लिक कीजिए – 

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रक्षा उत्पादन सचिव ने प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों/डीन के साथ बातचीत की

नई दिल्ली – रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार ने 27 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में डीपीएसयू और अन्य हितधारकों के साथ आईआईटी, एनआईटी और आईआईएससी सहित प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों/डीन के साथ वर्चुअल मोड में संवाद किया। चर्चा का मुख्य विषय अकादमिक अनुसंधान को रक्षा उत्पादन की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना और सतत सहभागिता के लिए संरचित व्यवस्था विकसित करना था।
विचार-विमर्श के प्रमुख क्षेत्रों में शैक्षणिक संस्थानों में दीर्घकालिक छात्र-संचालित अनुसंधान को बढ़ावा देना, अल्पकालिक परियोजना-आधारित सहयोग से आगे बढ़कर अकादमिक जगत और डीपीएसयू के बीच सहयोग को मजबूत करना और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में गहराई से जानकारी प्रदान करने के लिए संरचित प्रयासों को संस्थागत रूप देना शामिल था। इससे अकादमिक अनुसंधान को तैनाती योग्य रक्षा क्षमताओं में प्रभावी ढंग से परिवर्तित करने में सहायता मिलेगी।

 

प्रतिभागियों द्वारा दिए गए बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार व्यक्त करते हुए रक्षा उत्पादन सचिव ने कहा कि इस तरह की बातचीत से मंत्रालय को अकादमिक अनुसंधान क्षमताओं और दृष्टिकोणों के बारे में पर्याप्त जानकारी मिलेगी। उन्होंने शिक्षाविदों से दीर्घकालिक राष्ट्रीय क्षमता विकास को सक्षम बनाने के लिए रक्षा उत्पादन विभाग के साथ एक परामर्श प्रारूप को अपनाने का आग्रह किया।

इस संवाद में आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी; आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. एम. अग्रवाल; आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रो. एस. केदारे; आईआईटी हैदराबाद के निदेशक प्रो. बी.एस. मूर्ति; आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. आर. मूना; आईआईटी तिरुपति के निदेशक प्रो. के.एन. सत्यनारायण; आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. डी. जलिहाल और देश के 24 प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के अन्य वरिष्ठ प्रोफेसर उपस्थित थे।


इस वार्ता ने उद्योग जगत के भागीदारों के सहयोग से एक अनुकूल, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों की ताकत का लाभ उठाने के लिए रक्षा मंत्रालय की प्रतिबद्धता जताई।

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18 देशों के विदेशी प्रतिनिधियों ने दिल्ली हाट आईएनए में आयोजित पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का विशेष दौरा किया

यहां उन्हें लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के प्रमुख उपक्रमों के बारे में जानकारी दी गई

नई दिल्ली – 18 देशों के विदेश प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली स्थित आईएनए के दिल्ली हाट में आयोजित पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का विशेष दौरा किया। आने वाले गणमान्य व्यक्तियों में विभिन्न देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। इन सभी ने भारत की समृद्ध पारंपरिक शिल्प कौशल और कारीगरी की उत्कृष्टता की विरासत का जायजा लिया।

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों के लिए विशेष प्रदर्शनी पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का आयोजन आईएनए स्थित दिल्ली हाट में 18 से 31 जनवरी 2026 तक किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी।

 

इस अवसर पर मंत्रालय की ओर से अल्जीरिया, बेलारूस, कैमरून, क्यूबा, इक्वाडोर, इथियोपिया, गुयाना, इंडोनेशिया, इराक, केन्या, मलेशिया, नाइजीरिया, पेरू, सोमालिया, दक्षिण अफ्रीका, तिमोर-लेस्ते, उज्बेकिस्तान और वेनेजुएला के विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया गया।

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के विकास आयुक्त कार्यालय के संयुक्त विकास आयुक्त श्री दानिश अशरफ ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक स्वागत किया और पीएम विश्वकर्मा योजना के उद्देश्यों और महत्व पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में विकास आयुक्त कार्यालय और एमएसएमई मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने विदेशी अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान कीं। उन्होंने लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के प्रमुख उपक्रमों के बारे में उन्हें जानकारी दी। साथ ही रोजगार सृजन और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने मंत्रालय की विभिन्न प्रमुख योजनाओं के माध्यम से प्राप्त उपलब्धियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने हाट की विशेष यात्रा के लिए गणमान्य व्यक्तियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

इस कार्यक्रम में असम, राजस्थान, पंजाब और लद्दाख की जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। उन्होंने एक जीवंत और आकर्षक वातावरण का निर्माण किया और भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया।

विकास आयुक्त कार्यालय (एमएसएमई) की उप महानिदेशक श्रीमती अनुजा बापट ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।

पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का उद्देश्य कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, हितधारकों और आम जनता के सामने अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को प्रदर्शित करने और उनका विपणन करने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करके भारत की पारंपरिक शिल्पकला का उत्सव मनाना और उसे बढ़ावा देना है। इस आयोजन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 117 से अधिक कारीगर भाग ले रहे हैं, जिससे यह विविध पारंपरिक कौशल और शिल्पकला का एक सच्चा अखिल भारतीय प्रतिनिधित्व बन गया है।

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कल कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुति देने वाली जम्मू-कश्मीर झांकी दल के लिए चाय पार्टी का आयोजन किया

नई दिल्ली – विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज जम्मू और कश्मीर की झांकी टीम के लिए एक चाय भोज का आयोजन किया। इसने कल कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में प्रस्तुति दी थी।

गणतंत्र दिवस परेड के दौरान जम्मू-कश्मीर की झांकी को क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता के भावपूर्ण और प्रभावशाली चित्रण के लिए व्यापक सराहना मिली। इस झांकी के एक दिन बाद केंद्रीय मंत्री जी ने कलाकारों के साथ व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से विस्तृत बातचीत की। झांकी ने जम्मू-कश्मीर को एक निर्बाध सांस्कृतिक निरंतरता के रूप में प्रस्तुत किया। यहां विरासत, सामुदायिक जीवन और कलात्मक अभिव्यक्ति एक सुसंगत और आकर्षक दृश्य कथा में विलीन हो गईं।

झांकी से जुड़े कलाकारों, प्रस्तुतकर्ताओं, डिजाइनरों और अधिकारियों से बातचीत करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कर्तव्य पथ पर उनकी अनुशासित प्रस्तुति और सामूहिक प्रयास के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि झांकी जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक गहराई को देश भर के दर्शकों तक पहुंचाने में सफल रही। इससे दूर बैठे लोग भी इस क्षेत्र की परंपराओं, रंगों और लय से जुड़ सके।

केंद्रीय मंत्री जी ने कहा कि इस तरह की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्त की गई व्यापक राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप हैं। इसमें भारत की विकास यात्रा उसकी सभ्यतागत विरासत में निहित है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंचों पर स्थानीय परंपराओं, शिल्पकलाओं और सामुदायिक जीवन का प्रदर्शन इस विचार को दर्शाता है कि सांस्कृतिक आत्मविश्वास और विकास को साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए।

झांकी का जिक्र करते हुए मंत्री जी ने बैंगनी रंग के लैवेंडर के खेतों, बशोली की जटिल लघु चित्रकला और जीवंत लोक नृत्य परंपराओं के चित्रण के बारे में बात की। यह  जम्मू और कश्मीर की कलात्मक समृद्धि और सांस्कृतिक निरंतरता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि ये इस बात को उजागर करते हैं कि क्षेत्रीय पहचानें किस प्रकार व्यापक राष्ट्रीय ताने-बाने में योगदान देती हैं।

झांकी की दृश्य प्रस्तुति की शुरुआत कश्मीरी आतिथ्य का प्रतीक भव्य नक्काशीदार समोवर से हुई। इसके बाद पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला और हाउसबोट की छवियां प्रदर्शित की गईं। केंद्र में एक ग्रामीण थड्डा पर प्रस्तुत डोगरा छज्जा प्रदर्शन ने जम्मू क्षेत्र के सामुदायिक जीवन और परंपराओं की निरंतरता को दर्शाया। रौफ, कुड, जगर्ना, पहाड़ी, गोजरी और दुमहाल जैसे जोशीले लोक नृत्यों ने इसमें गति और ऊर्जा का संचार किया, जबकि विलो की टोकरी में सजाई गई रंगीन पेपर-माशे कलाकृतियों की अंतिम प्रदर्शनी ने जम्मू और कश्मीर को रचनात्मकता और शिल्प कौशल के जीवंत कैनवास के रूप में प्रस्तुत किया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडलों को पारंपरिक कला रूपों के संरक्षण और संवर्धन को जारी रखने के साथ-साथ उन्हें समकालीन मंचों के अनुरूप ढालने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा न केवल आर्थिक विकास और तकनीकी उन्नति से, बल्कि इसकी सांस्कृतिक जड़ों की मजबूती और सामुदायिक भागीदारी से भी आकार लेगी।

बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में समाप्त हुई।  केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि गणतंत्र दिवस परेड जैसे मंच देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा में भारत की सांस्कृतिक विविधता को शक्ति, एकता और प्रेरणा के स्रोत के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

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प्रकाशन विभाग ने लाल किले के पास भारत पर्व में भारत की बौद्धिक विरासत को जीवंत किया

नई दिल्ली – लाल किला मैदान में 25वें भारत पर्व के चलते भारतीय संस्कृति की जीवंत छटा दिखाई दे रही है। 1941 से अपना योगदान दे रहा भारत सरकार का प्रमुख प्रकाशन विभाग (डीपीडी) आगंतुकों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के मंडप में साहित्यिक यात्रा शुरू करने के लिए आमंत्रित करता है।

भारत पर्व की भावना के अनुरूप – जो भारत की सर्वश्रेष्ठता का जश्न मनाता है—डीपीडी का मंडप प्रामाणिक ज्ञान की आधारशिला के रूप में कार्य करता है। यह भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य और राष्ट्र के विकासात्मक कार्यों के साथ-साथ भारत के माननीय राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के चयनित भाषणों का एक सुविचारित संग्रह प्रस्तुत करता है।

प्रामाणिकता की विरासत

आठ दशक से भी अधिक समय पहले स्थापित प्रकाशन विभाग (डीपीडी) ने अपनी सटीक और प्रामाणिक सामग्री के लिए अद्वितीय विश्वसनीयता अर्जित की है। मंडप में आने वाले आगंतुक कई भारतीय भाषाओं में विविध प्रकार की पुस्तकों का अवलोकन कर सकते हैं। इनमें निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

गांधीवादी साहित्य: महात्मा गांधी के जीवन और विचारों पर आधारित पुस्तकें।

राष्ट्रीय धरोहर एवं संस्कृति : भारतीय परंपराओं की उच्च गुणवत्ता वाली कला पुस्तकें और इतिहास ग्रंथ

जीवनियां : राष्ट्रीय नायकों, स्वतंत्रता सेनानियों और आधुनिक भारत के निर्माताओं की प्रेरक जीवन कहानियां।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: भारत की आधुनिक उपलब्धियों और पर्यावरण संरक्षण पर सुलभ साहित्य।

 

प्रमुख प्रकाशनों पर विशेष ध्यान

इस स्टॉल में विभाग की व्यापक रूप से प्रशंसित पत्रिकाएं प्रदर्शित की गई हैं, जो दशकों से छात्रों और बुद्धिजीवियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत रही हैं:

मासिक विचारकों का संग्रह: योजना (सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित), कुरुक्षेत्र (ग्रामीण विकास को समर्पित), आजकाल (भारतीय साहित्य और संस्कृति का उत्सव) और बाल भारती (बच्चों की लोकप्रिय मासिक पत्रिका) के नवीनतम संस्करण।

करियर और विकास: रोजगार समाचार / रोजगार समाचार की नवीनतम प्रतियां, जो देशभर में नौकरी चाहने वालों के लिए सर्वोत्कृष्ट स्रोत हैं।

सर्वश्रेष्ठ संदर्भ: राष्ट्र की प्रगति का व्यापक सारांश प्रदान करने वाली सरकार की प्रतिष्ठित वार्षिक संदर्भ पुस्तिका ‘भारत वर्ष पुस्तिका’ का विशेष प्रदर्शन।

लाल किले में प्रकाशन विभाग का स्टॉल छात्रों और पुस्तक प्रेमियों को प्रामाणिक भारतीय साहित्य पढ़ने की आदत को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष छूट प्रदान कर रहा है।

डीपीडी का स्टॉल 31 जनवरी, 2026 तक दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा। आगंतुकों को लिखित शब्द की शक्ति के माध्यम से भारत को फिर से जानने के लिए आमंत्रित किया जाता है – यहां प्रत्‍येक पुस्तक राष्ट्र की चिरस्थायी विरासत का प्रमाण है।

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भारत-EU समझौता विकसित भारत की नींव: श्री शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रायपुर में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह समझौता केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक सामर्थ्य का प्रतीक है।

 

उन्होंने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जो भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के लिए महत्वपूर्ण कृषि उत्पाद—जैसे चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा और अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड—को इस समझौते से बड़ा लाभ होगा। प्रमुख क्षेत्रों में आपसी संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए यह समझौता निर्यात वृद्धि को घरेलू प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करता है और दोनों पक्षों के किसान समुदायों के लिए लाभ सुनिश्चित करता है। भारतीय कृषि के लिए यह एक बड़ा कदम है और देश के किसान समुदाय को बधाई है।

उन्होंने कहा कि आज भारत सिर्फ स्वयं आगे नहीं बढ़ रहा है, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। यह समझौता भारतीय किसानों, कृषि उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। भारत की कृषि शक्ति आज विश्व के सामने है—भारत चावल उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और हमारी कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर विस्तार से बात करते हुए श्री चौहान ने कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच हुआ यह समझौता कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे भारतीय कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में बेहतर पहुंच मिलेगी, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम है।

श्री चौहान ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। घटिया पेस्टिसाइड और नकली बीज किसानों की कमर तोड़ देते हैं, इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी दिशा में सरकार एक सख्त पेस्टिसाइड अधिनियम और नया बीज अधिनियम लाने जा रही है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट और सुरक्षित भविष्य मिल सके।

उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगारयुक्त, गरीबी मुक्त और स्वावलंबी गांवों का निर्माण आवश्यक है। इसी संकल्प के तहत ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ देश में लागू किया जा रहा है, जिससे गांव संपूर्ण विकसित ग्राम के रूप में उभर सकेंगे और ग्रामीण भारत विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा होगा।

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लाल किले में भारत पर्व के दौरान झारखंड की प्रामाणिक खुशबू का अनुभव लें

नई दिल्ली – लाल किले में आयोजित 25 वें भारत पर्व के अवसर पर आगंतुकों को झारखंड पर्यटन के तत्वावधान में इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम) रांची के स्टॉल पर झारखंड के प्रतिष्ठित, प्रामाणिक और सदियों पुराने व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए आमंत्रित किया गया है। आईएचएम रांची की ओर से कुशलतापूर्वक तैयार किया गया यह स्टॉल आदिवासी परंपराओं, ग्रामीण रीति-रिवाजों और टिकाऊ मोटे अनाजों के व्यंजनों में निहित भोज्य पदार्थों की राज्य की समृद्ध विरासत की पाक कला की शानदार यात्रा प्रस्तुत करता है।

प्रामाणिकता और सादगी को दर्शाने के ख्याल से डिज़ाइन किए गए इस स्टॉल में देहाती ब्लैकबोर्ड शैली में भोज्य पदार्थों की सूची प्रस्तुत की गई है जो झारखंड में भोजन की संस्कृति की जड़ों का प्रतीक है। यह दृष्टिकोण खाद्य पदार्थों की सूची के उस दर्शन से जुड़ा हुआ है—जो स्थानीय सामग्रियों, खाना पकाने की पारंपरिक विधियों और प्रत्येक व्यंजन के पीछे की सांस्कृतिक कहानियों की सराहनीय जानकारी प्रस्तुत करता है।

खाद्य पदार्थों की सूची में पूरे झारखंड में रोज़मर्रा की खान-पान की परंपराओं को दर्शाने वाले विभिन्न प्रकार के पारंपरिक और उत्सवों के लिए पकाए जाने वाले व्यंजन शामिल हैं। इनमें एक खास व्यंजन, आलू चना की सब्जी के साथ धुस्का, कुरकुरी खमीर वाली दाल-चावल रोटी है जिसे पौष्टिक आलू और छोले की करी के साथ परोसा जाता है। यह पूरे राज्य में लोकप्रिय व्यंजन है। चावल के आटे और गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाइयां जैसे अर्शा पीठा, सदियों पुरानी उत्सवों की रेसिपी को प्रदर्शित करती हैं जबकि डंबू जैसे अल्पज्ञात स्थानीय नाश्ते के सामान आगंतुकों को झारखंड की अनूठी पाक कला का अनुभव लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।

आईएचएम रांची के स्टॉल का मुख्य आकर्षण मोटे अनाज के व्यंजन हैं जो पोषण, दीर्घकालिक आवश्यकताओं और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रीय पहलों के अनुरूप हैं। रागी सेव और रागी समोसा जैसे अभिनव व्यंजन पोषक तत्वों से भरपूर रागी का उपयोग करके नाश्ते की लोकप्रिय सामग्री को नया रूप देते हैं। सब्जी के साथ चावल छिलका और सब्जी के साथ मडुआ छिलका जैसे पौष्टिक भोजन के विकल्प पारंपरिक अनाज आधारित आहार को दर्शाते हैं, जिन्हें मौसमी सब्जियों के साथ मिलाकर संतुलित और पोषणपूर्ण भोजन प्रदान किया जाता है।

वहीं, पेय पदार्थों में चावल की चाय शामिल है, जो चावल से बनी एक विशिष्ट चाय है और पारंपरिक चाय का हल्का और सुकून देने वाला विकल्प है। यह स्थानीय सामग्रियों के उपयोग और परंपरा में निहित पाक कला के नवाचार को और भी उजागर करती है। मड़ुआ कुकीज़ और मड़ुआ लड्डू जैसे आकर्षक पैकेजिंग वाले आइटम उपहार देने और ले जाने के लिए पारंपरिक स्वादों को आधुनिक सुविधा के साथ पेश करते हैं। मड़ुआ रागी रैप जैसे समकालीन उत्पाद आधुनिक रूप में स्वदेशी अनाजों को परिचित प्रारूपों के साथ मिलाकर विविध ग्राहकों को आकर्षित करते हैं।

भारत पर्व में आईएचएम रांची का यह स्टॉल सोच-समझकर तैयार किए गए मेनू के माध्यम से न केवल झारखंड की पाक कला विरासत को शानदार तरीके से प्रस्तुत करता है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे खान-पान के तौर-तरीकों, पोषण संबंधी जागरूकता और सांस्कृतिक गौरव को भी बढ़ावा देता है जिससे आगंतुकों को राज्य की समृद्ध और विविध खाद्य परंपराओं का प्रामाणिक स्वाद मिलता है।

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जम्मू-कश्मीर के चटरगला दर्रे में सीमा सड़क संगठन ने सफलतापूर्वक ऊंचाई वाले क्षेत्र में बचाव और सड़क पुनर्निर्माण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया

नई दिल्ली – जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में, भद्रवाह-चटरगला मार्ग पर 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित चटरगला दर्रे में 23 जनवरी, 2026 को भारी बर्फबारी के चलते उत्पन्न हुई बाधाओं को दूर करने के लिए सीमा सड़क संगठन ने प्रोजेक्ट संपर्क के तहत ऊंचाई वाले क्षेत्र में बचाव और सड़क बहाली अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया।

सीमा सड़क कार्य बल की 118 सड़क निर्माण कंपनी ने 24 जनवरी, 2026 को तड़के बर्फ हटाने का अभियान शुरू किया, जो लगभग 40 घंटे तक चला। इस प्रयास के तहत 5 से 6 फीट मोटी बर्फ की परत से ढकी करीब 38 किलोमीटर लंबी सड़क को साफ किया गया। अभियान की सफलता के बाद 25 जनवरी 2026 की शाम को यह मार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके परिणामस्वरूप, वहां फंसे हुए 20 आम नागरिकों और 4 राष्ट्रीय राइफल्स के 40 जवानों को उनके हथियारों और अन्य साजो-सामान सहित सुरक्षित बाहर निकाला गया।

यह उद्धार अभियान 26 जनवरी 2026 को सुबह 2:30 बजे सफलतापूर्वक और बिना किसी जनहानि के पूरा किया गया। यह उपलब्धि कठिन उच्च पर्वतीय भूभाग और अत्यंत प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में काम कर रहे सीमा सड़क संगठन के कर्मियों के व्यावसायिकता और समर्पण का परिचायक है। इस अभियान को भारतीय सेना के साथ घनिष्ठ तालमेल का साथ अंजाम दिया गया जिससे क्षेत्र में शीघ्र राहत पहुंचाने और महत्वपूर्ण संपर्क साधनों की बहाली को संभव बनाया जा सका।

सीमा सड़क संगठन देश के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की मजबूती, संचालन की तत्परता और मानवीय सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को लगातार बनाए हुए है। यह उसके आदर्श वाक्य ‘श्रमेण सर्वं साध्यम्’ को सशक्त रूप से प्रमाणित करता है।

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77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश से नई दिल्ली पधारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों से मिली, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर

नई दिल्ली,
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश से नई दिल्ली पधारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बहनों का अपने दिल्ली निवास पर आत्मीय स्वागत करने का अवसर मिला: महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर

महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर कहा, “77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश से नई दिल्ली पधारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सुपरवाइजर बहनों का अपने दिल्ली निवास पर आत्मीय स्वागत करने का अवसर मिला। इस दौरान उनके साथ कार्य अनुभव, जमीनी चुनौतियों और सफल प्रयासों पर विस्तार से चर्चा हुई।”

“मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनका समर्पण और सेवा भावना ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मजबूत आधार है।”

 

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएँ देने के लिए विश्व नेताओं का धन्यवाद किया

नई दिल्ली –

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर शुभकामनाएँ और बधाइयाँ देने के लिए विश्व नेताओं का धन्यवाद किया।

भूटान के प्रधानमंत्री द्वारा एक्‍स पर किए गए एक पोस्ट के जवाब में, प्रधानमंत्री ने कहा:
“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ देने के लिए प्रधानमंत्री त्शेरिंग तोबगे और भूटान के लोगों का धन्यवाद। दोनों देशों के बीच विशेष मित्रता और अनूठे संबंध मजबूती के साथ और अधिक विकसित होते रहें।”

@tsheringtobgay”

एक्‍स पर फ्रांस के राष्ट्रपति द्वारा किए गए एक पोस्ट के जवाब में, प्रधानमंत्री ने कहा:
“भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर आपकी हार्दिक शुभकामनाओं के लिए आपका धन्यवाद मेरे प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों। मैं शीघ्र ही भारत में आपका स्वागत करने और भारत–फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ एवं विविधतापूर्ण बनाने की आशा करता हूँ।”

@EmmanuelMacron”

साइप्रस के राष्ट्रपति द्वारा किए गए एक पोस्ट के जवाब में, श्री मोदी ने कहा:
“आपकी हार्दिक शुभकामनाओं के लिए आपका धन्यवाद प्रिय राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडुलाइड्स। साइप्रस एक घनिष्ठ मित्र और विश्वसनीय साझेदार है और हम अपनी व्यापक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं भारत में आपका स्वागत करने की आशा करता हूँ।”

@Christodulides”

मालदीव के राष्ट्रपति द्वारा किए गए एक पोस्ट के जवाब में, श्री मोदी ने कहा:
“धन्यवाद, राष्ट्रपति मुइज्जू। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर आपकी हार्दिक शुभकामनाओं और बधाइयों के लिए हार्दिक आभार। हम दोनों देशों के नागरिकों के हित के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे। आपको और मालदीव के हमारे मित्रों को आगामी उत्सवों की हार्दिक शुभकामनाएँ।”

@MMuizzu“

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने विभिन्न राज्यों से पद्म पुरस्कार के लिए चयनित लोगों को बधाई दी

नई दिल्ली – केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज विभिन्न राज्यों से पद्म पुरस्कार के लिए चयनित लोगों को बधाइयाँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में समाज के बीच रहकर राष्ट्र निर्माण के कार्यों को गति देने वाले निष्काम कर्मयोगियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की नई परंपरा विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा, शिक्षा, साहित्य एवं कला के क्षेत्र में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित महानुभावों ने अनवरत योगदान देकर अनेक लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है।

अलग-अलग राज्यों पर केन्द्रित सिलसिलेवार X पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “यह गुजरात के लिए बहुत ही गौरव का विषय है कि अरविंद वैद्य जी, धर्मिकलाल चुन्नीलाल पांड्या जी, मीर हाजीभाई कासमभाई जी, नीलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला जी और रतिलाल बोरीसागर जी का ‘पद्म श्री’ सम्मान के लिए चयन किया गया है। मोदी जी के नेतृत्व में समाज के बीच रहकर राष्ट्र निर्माण के कार्यों को गति देने वाले निष्काम कर्मयोगियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करने की नई परंपरा विकसित हुई है। समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य एवं कला के क्षेत्र में इन महानुभावों ने अनवरत योगदान देकर अनेक लोगों के जीवन में परिवर्तन लाया है। आप सभी और भी अधिक ऊर्जा से देश निर्माण के कार्यों को गति देंगे, यह कामना करता हूँ।”

 

श्री अमित शाह ने कहा, “कला के क्षेत्र में श्री प्रसेनजीत चटर्जी, श्री कुमार बोस, श्री तरुण भट्टाचार्य, सुश्री त्रिप्ति मुखर्जी, श्री ज्योतिष देबनाथ, तथा श्री हरि माधब मुखोपाध्याय (मरणोपरांत) को पद्मश्री सम्मान प्रदान किए गए हैं, जबकि साहित्य एवं शिक्षा तथा चिकित्सा के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए श्री अशोक कुमार हलदार, श्री गंभीर सिंह योंजोन, श्री महेंद्र नाथ रॉय, श्री रबीलाल टुडू, और श्री सरोज मंडल को सम्मानित किया गया है। ये सम्मान भारत की सांस्कृतिक और बौद्धिक परिदृश्य को आकार देने में बंगाल की निरंतर भूमिका को दर्शाते हैं, जो पीपुल्स पद्म की वास्तविक भावना के अनुरूप हैं।”

 

गृह मंत्री ने कहा, “अपने कार्य क्षेत्रों में अभूतपूर्व योगदान देने वाली उत्तर प्रदेश की विभूतियों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। चिकित्सा के क्षेत्र में राजेंद्र प्रसाद जी, श्याम सुंदर जी एवं केवल कृष्ण ठकराल जी, कला के क्षेत्र में अनिल कुमार रस्तोगी जी, चिरंजीलाल यादव जी तथा एन. राजम जी, इंजीनियरिंग एवं पुरातत्व (आर्कियोलॉजी) के क्षेत्र में अशोक कुमार सिंह जी एवं बुद्ध रश्मि मणि जी, शिक्षा एवं साहित्य के क्षेत्र में मंगला कपूर जी, खेल के क्षेत्र में प्रवीण कुमार जी तथा कृषि के क्षेत्र में रघुपत सिंह जी ने यह सिद्ध किया है कि सामाजिक दायित्वों का सजगता से निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में प्रभावी सहयोग दिया जा सकता है।”

 

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “उत्कृष्ट व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित कर पद्म पुरस्कार केरल के गौरव का जश्न मनाते हैं। जानीमानी हस्तियों, जैसे जस्टिस के. टी. थॉमस, श्री पी. नारायण, और श्री वी. एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) को लोक कार्य, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है; श्री मम्मूटी और श्री वेल्लापल्ली नटेशन को कला और लोक कार्य के क्षेत्र में पद्म भूषण से नवाजा गया है; तथा श्री ए. ई. मुथुनायगम, सुश्री कलामंडलम विमला मेनन, और सुश्री कोल्लकल देवकी अम्मा जी. को विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, कला और सामाजिक कार्य के क्षेत्र में पद्मश्री प्रदान किया गया है। इनके उत्कृष्ट योगदानप्रेरणा पथ पर दूसरों के मार्ग प्रशस्त करेंगे।”

 

गृह मंत्री ने कहा, “कर्नाटक के आठ प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किए जाने से सांस्कृतिक, बौद्धिक और सामाजिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में कर्नाटक का वैभव पूर्ण गौरव के साथ उभरकर सामने आया है। श्री शतावधानि आर. गणेश को कला के क्षेत्र में उनके असीम योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है, जबकि श्री अंके गौड़ा एम., डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे, सुश्री एस. जी. सुशीलम्मा, श्री शशि शेखर वेम्पति, सुश्री शुभा वेंकटेश अयंगर, डॉ. सुरेश हनगवाड़ी और श्री टी. टी. जगन्नाथन को सामाजिक कार्य, साहित्य एवं शिक्षा, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, चिकित्सा तथा व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्रों में पद्मश्री प्रदान किया गया है। इनके समर्पण और देशभक्ति नए परिवर्तन लाने वालों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।”

 

श्री अमित शाह ने कहा, “यह तमिलनाडु के लिए बहुत खुशी का अवसर है कि श्री कल्लिपट्टी रामासामी पलानिस्वामी और श्री एस. के. एम. मेइलानंदन को स्वास्थ्य और सामाजिक कार्य क्षेत्रों में अपनी सेवाओं के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। वहीं, श्री एच. वी. हंडे, श्री के. रामासामी, डॉ. पुन्नियामूर्ति नटेसन और श्री वीझिनाथन कामकोटी को चिकित्सा, विज्ञान और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है। ये सभी पीपुल्स पद्म, जिसे मोदी जी ने समाज के आदर्श व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए एक मंच में बदल दिया है, के योग्य प्राप्तकर्ता हैं। उनके उदाहरण निश्चित रूप से अधिक लोगों को निःस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित करेंगे।”

 

गृह मंत्री ने कहा, “तमिलनाडु के उन महान व्यक्तित्वों को हम गर्व के साथ हार्दिक बधाई देते हैं, जिन्हें कला, सिविल सेवा, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। श्रीमती गायत्री बालासुब्रमण्यम और श्रीमती रंजनी बालासुब्रमण्यम (युगल के रूप में), श्री ओथुवर तिरुत्थानी स्वामिनाथन, श्री आर. कृष्णन, श्री राजस्थापति कलियप्पा गौंडर, श्री तिरुवरूर बख्तवत्सलम, श्रीमती शिवशंकरि, और श्री के. विजय कुमार के योगदान आने वाली पीढ़ियों के भारतीयों को प्रेरित करेंगे।”

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “महाराष्ट्र कला, साहित्य, संगीत, खेल से लेकर उद्योग जगत के कई व्यक्तित्वों की कर्मभूमि रही है। यहाँ से धर्मेंद्र जी का पद्म विभूषण, अलका याज्ञिक जी, पीयूष पांडे जी, उदय कोटक जी का पद्म भूषण, रोहित शर्मा जी, सतीश शाह जी, आर. माधवन जी, आर्मिडा फ़र्नांडिस जी, अशोक खाड़े जी, जनार्दन बापूराव बोथे जी, जूजर वासी जी, रघुवीर तुकाराम खेडकर जी, भिकल्या लाडक्या ढिंडा जी, सत्यनारायण नुवाल जी एवं श्रीरंग देवबा लाड जी का पद्म श्री के लिए चयनित होना हर्ष की बात है।”

 

गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा, “पद्म पुरस्कार असम की रचनात्मकता और देशभक्ति पर प्रकाश डालते हैं। श्री हरिचरण सैकिया, श्री एम. नूरुद्दीन अहमद और सुश्री पोखिला लेथेपी कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किए गए हैं, जबकि श्री जोगेश देवरी को कृषि में उनके योगदान के लिए और स्वर्गीय कबिंद्र पुरकायस्थ को लोक कार्यों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। ये सम्मान मिलकर भारत के सार्वजनिक जीवन को समृद्ध करने में असम की महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाते हैं।”

 

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रांची जिला के सभी अंचलों में जनता दरबार का आयोजन

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार जनता दरबार का आयोजन

जाति, आय, आवासीय, पारिवारिक सदस्यता, जन्म प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, मुआवजा, पेंशन एवं अन्य राजस्व से संबंधित शिकायतों का हुआ निष्पादन

जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है – श्री मंजूनाथ भजन्त्री, उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, रांची।

रांची,27.01.2026 –  उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27 जनवरी 2026 को रांची जिला के सभी अंचलों में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

जनता दरबार के दौरान विभिन्न अंचलों में जाति, आय, आवासीय, पारिवारिक सदस्यता, जन्म प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, मुआवजा, पेंशन एवं अन्य राजस्व से संबंधित शिकायतों एवं आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।

मांडर अंचल में आयोजित जनता दरबार में आवेदिकाओं सोभा तिर्की (ग्राम- सकरपदा), शाहरोन तिग्गा (ग्राम- ब्राम्बे) एवं पूजा कुमारी (ग्राम- चुन्द) को जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। इसके अतिरिक्त ग्राम चन्हो की सरिता कुमारी को जन्म प्रमाण पत्र तथा ग्राम जिंगी, कुरु के वसीम अकरम को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। वहीं ग्राम बाम्बे के जेवियर तिग्गा के भूमि अभिलेख में रकबा सुधार से संबंधित आवेदन का निष्पादन किया गया।

नगड़ी अंचल में अजय यादव एवं निशा कुमारी के दाखिल-खारिज वाद की स्वीकृति प्रदान करते हुए नामांतरण शुद्धि पत्र निर्गत किया गया।

राहे अंचल कार्यालय में कुल 90 मामलों का निष्पादन किया गया, जिसमें आय, आवासीय, जाति प्रमाण पत्र, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र, लगान रसीद एवं ऑनलाइन पंजी सुधार से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

सिल्ली अंचल में बज्रपात आपदा से प्रभावित ग्राम हलमद निवासी अकलु महतो को ₹4,00,000/- (चार लाख रुपये) की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई। साथ ही कुल 69 आवेदनों का निष्पादन किया गया।

सोनाहातु अंचल में प्रवीण महली को तत्काल जाति प्रमाण पत्र, पूनम देवी को पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र तथा अखिलेश कुमार शर्मा को चरित्र प्रमाण पत्र निर्गत किया गया।

खलारी अंचल में कुल 19 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें जाति, आय, आवासीय, तत्काल एवं पारिवारिक प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

नगड़ी अंचल में कुल 120 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिसमें आय, जाति, आवासीय प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, वशुधा सुधार एवं अन्य आवेदन सम्मिलित रहे।

अरगोड़ा अंचल में जनता दरबार के दौरान कुल 73 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जबकि 87 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें आय, स्थानीय, जाति प्रमाण पत्र, पंजी-II सुधार, पेंशन एवं नकल से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

चान्हो अंचल में कुल 146 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिनमें आय, आवासीय, जाति एवं तत्काल आवेदन प्रमुख रहे।

बुढ़मू अंचल में कुल 53 आवेदनों का निष्पादन किया गया, जिसमें सड़क दुर्घटना, जल दुर्घटना, आय, जाति, आवासीय एवं पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदन सम्मिलित रहे।

जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमानुसार त्वरित कार्रवाई की जाए। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक समयबद्ध रूप से पहुंचे।

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माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में ‘सामूहिक बैंड डिस्प्ले’ एवं ‘एट होम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

रांची,27.01.2026 – गणतंत्र दिवस समारोह–2026 के उपलक्ष्य में माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति में लोक भवन, राँची में आज ‘सामूहिक बैंड डिस्प्ले’ एवं ‘एट होम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय झारखण्ड विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्रनाथ महतो, पुलिस महानिदेशक, पद्म पुरस्कार से सम्मानित व्यक्तिगण, वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारीगण एवं सैन्य अधिकारीगण तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

समारोह में 11वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स, 6/8 जी.आर., जैप–1, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, राँची एवं विवेकानंद विद्या मंदिर, राँची की बैंड टीमों द्वारा आकर्षक एवं मनमोहक बैंड डिस्प्ले प्रस्तुत किया गया।

उक्त अवसर पर राज्यपाल महोदय द्वारा मोरहाबादी मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह–2026 के अंतर्गत प्रदर्शित झांकियों, परेड एवं बैंड प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

विदित हो कि मोरहाबादी मैदान में आयोजित झांकी में सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग को प्रथम, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को द्वितीय तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एवं गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। वहीं परेड में केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) को प्रथम, सेना को द्वितीय तथा एन.सी.सी. (महिला) को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं बैंड में जैप–1 को प्रथम, सेना को द्वितीय एवं जैप–10 (महिला) को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए देश भर से आए लाभार्थियों का स्वागत किया

नई दिल्ली – केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने आए देश भर के लाभार्थियों का आज स्वागत किया। उन्होंने इस अवसर को खास बताते हुए कहा कि ये लाभार्थी प्रधानमंत्री के अतिथि हैं।

श्री रिजिजू ने भारत की समृद्ध विविधता और अलग-अलग संस्कृतियों के समन्वय पर ज़ोर दिया, जिसे गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय छह अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विविध योजनाएं लागू करता है। मंत्री महोदय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मंत्रालय पीएमजेवीके, पीएमविकास और दूसरी योजनाओं के ज़रिए अनेक लाभार्थियों की मदद कर रहा है। पीएम विकास योजना का उद्देश्य पूरे भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करना है, जबकि हाल ही में लॉन्च किया गया हज सुविधा ऐप मंत्रालय के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण की कोशिशों को दिखाता है। उन्होंने देश भर में राज्‍य एजेंसियों के ज़रिए लाभार्थियों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करने के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम (एनएमडीएफसी) के व्‍यापक प्रयासों की भी प्रशंसा की।

श्री रिजिजू ने लद्दाख, अहमदाबाद, तमिलनाडु और कई अन्‍य राज्यों से आए लाभार्थियों से बातचीत की। उन लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा एनएमडीएफसी और पीएम विकास जैसी योजनाओं के ज़रिए किए गए मंत्रालयों के प्रयासों का आभार प्रकट किया।

 

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि भारत भर के लोग 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री का विजन “जन भागीदारी” के ज़रिए देश भर के लोगों की सेवा के माध्‍यम से साकार हो रहा है। श्री कुरियन ने अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के तहत एनएमडीएफसी के समर्पित प्रयासों की सराहना की।

एमओएमए सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार ने देश के कोने-कोने से आए अतिथियों का स्वागत किया और बताया कि माननीय प्रधानमंत्री ने इन विशेष अतिथियों को व्‍यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है। मंत्रालय ने लाभार्थियों के लिए गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने तथा राष्ट्रीय समर स्मारक और प्रधानमंत्री संग्रहालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था की है। डॉ. सी एस कुमार ने मंत्रालय की योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्‍यकता पर ज़ोर दिया और लाभार्थियों से मंत्रालय के विज़न और लक्ष्यों को साकार करने में योगदान देने का अनुरोध किया।

एमओएमए के संयुक्‍त सचिव श्री राम सिंह ने भी भारत भर से आए लाभार्थियों का स्वागत किया और गणतंत्र दिवस समारोह सहित अन्‍य व्‍यवस्‍थाओं के लिए एनएमडीएफसी की सराहना की। उन्होंने वहां मौजूद सभी गणमान्‍य व्‍यक्तियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि मंत्रालय अल्‍पसंख्‍यक समुदायों को सशक्‍त बनाने और समावेशी राष्‍ट्रीय गरिमा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

26 जनवरी 2026 को लाभार्थी कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे। परेड के बाद, वे इंडिया गेट स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक जाएंगे और राष्‍ट्र की सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे।

कार्यक्रम के तहत लाभार्थी 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के तीन मूर्ति मार्ग पर प्रधानमंत्री संग्रहालय भी जाएंगे, जहां वे आज़ादी के बाद से भारत की यात्रा को दर्शाने वाली मोहक और इंटरैक्टिव डिजिटल प्रदर्शनी के ज़रिए भारत के प्रधानमंत्रियों के नेतृत्‍व और योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

एनएमडीएफसी के लाभार्थियों का गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में हिस्सा लेना, समावेशी विकास, लोक केंद्रित शासन और राष्‍ट्रीय स्‍तर के कार्यक्रमों और समारोहों में अल्पसंख्यक समुदायों की भागीदारी को मज़बूत करने के प्रति अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की सशक्‍त प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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दिल्ली में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत भर से 100 से अधिक पीएमआईएस प्रशिक्षु आए हैं

उन्होंने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) के राज्य मंत्री के साथ संवाद किया

नई दिल्ली – गणतंत्र दिवस समारोह के तहत भारत सरकार के कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के तहत शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप कर रहे देश भर के 100 से अधिक प्रशिक्षुओं के लिए नई दिल्ली में तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया है।

आईबीएम, इन्फोसिस, एमआरएफ, आईडीएफसी बैंक और विप्रो जैसी शीर्ष कंपनियों के इंटर्न ने प्रधानमंत्री संग्रहालय और राजघाट सहित शहर के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का दौरा किया। ये सभी प्रशिक्षु 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में भी शामिल होंगे।

यात्रा कार्यक्रम के तहत आज 25 जनवरी को पीएमआईएस प्रशिक्षुओं ने कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा के साथ बातचीत की और उन्होंने अपने सीखने के अनुभवों, आकांक्षाओं और स्कीम को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

मंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और करियर की शुरुआत में इंटर्नशिप के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक के विकसित भारत के विजन को साकार करने में भारत के युवाओं की अहम भूमिका है। भारत के युवाओं को सशक्त बनाने के लिए पीएमआईएस को नए अवसर खोलने और सैद्धांतिक शिक्षा और व्यावहारिक अनुभव के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि युवाओं को अग्रणी कंपनियों में सार्थक, जमीनी स्तर का अनुभव प्राप्त हो सके।

पिरामल एंटरप्राइजेज में सेल्स इंटर्न के रूप में काम कर रहे बिहार के श्रवण कुमार अपने पीएमआईएस अनुभव को परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने बताया कि लोन प्रोसेसिंग विभाग में काम करने वाले एक कला स्नातक के रूप में पीएमआईएस ने ऐसे अवसरों के द्वार खोल दिए हैं जिनकी मैंने पहले कभी कल्पना भी नहीं की थी। इस कार्यक्रम ने मेरे पेशेवर सफर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अकादमिक शिक्षा और वास्तविक दुनिया के कार्य अनुभव के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम किया है। श्रवण की कंपनी इस योजना के तहत दिए जाने वाले 5,000 रुपये प्रति माह के अतिरिक्त 9,500 रुपये का मासिक प्रोत्साहन भी प्रदान करती है।

हरियाणा की एक अन्य पीएमआईएस इंटर्न हिमानी मल्होत्रा आईबीएम में एप्लीकेशन डिवेलपमेंट इंटर्न के रूप में काम कर रही हैं। पूर्व में कोई अनुभव न होने के बावजूद उन्होंने इस इंटर्नशिप को अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। हरियाणा के कुरुक्षेत्र से आने वाली हिमानी को कर्नाटक में एक अवसर के लिए चुना गया। इसे स्वीकार करने में उन्होंने जरा भी संकोच नहीं किया। उन्होंने बताया कि आईबीएम के साथ काम करना मेरे लिए एक ऐसा अवसर था जिसे मैं गंवाना नहीं चाहती थी। इस अनुभव ने मुझे दिखाया है कि सही अवसर मिलने पर दूरी कोई बाधा नहीं होती।

इस कार्यक्रम ने पीएमआईएस के इंटर्न को कार्यस्थल से परे व्यापक दृष्टिकोण और अनुभव प्रदान किया, जिससे वे देश भर के साथियों के साथ जुड़ सकें और एक बड़े राष्ट्रीय संदर्भ में अपनी आकांक्षाओं पर विचार कर सकें। इस तरह के अनुभव उनके पेशेवर सफर को गहरा अनुभव प्रदान करते हैं और अगली पीढ़ी के अधिक आत्मविश्वासी, जानकार और सक्षम पेशेवरों को आकार देने में योगदान देते हैं।

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के बारे में

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) प्रधानमंत्री की पांच अवसरों के पैकेज का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पांच साल की अवधि में भारतीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और अन्य अवसरों को सुगम बनाना है। यह योजना भारत भर की अग्रणी कंपनियों में सवैतनिक इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करती है। पीएमआईएस का उद्देश्य भारतीय युवाओं को व्यावहारिक अनुभव और उद्योग जगत की जानकारी प्रदान करके उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

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गणतंत्र दिवस परेड में: शक्ति एवं आध्यात्मिक सौम्यता का प्रदर्शन

नई दिल्ली – सामाजिक सद्भाव, शांति, करुणा और सह-अस्तित्व के शाश्वत बौद्ध ज्ञान की प्रासंगिकता को रेखांकित करने के लिए, ‘ग्लोबल बुद्धिस्ट समिट’  में भाग ले रहे 40 देशों के अंतर्राष्ट्रीय भिक्षुओं और नन का एक बड़ा समूह इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होगा।

 

संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) द्वारा 24-25 जनवरी, 2026 के बीच “सामूहिक ज्ञान, संयुक्त स्वर और पारस्परिक सह-अस्तित्व” विषय पर आयोजित यह कार्यक्रम, संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान, वैश्विक असमानताओं और पारिस्थितिक संकट के लिए बुद्ध की भूमि से भारत के संदेश की एक अभिव्यक्ति भी है।

आज एक प्रेस वार्ता  में आईबीसी के महासचिव वेन शारत्से खेन्सुर रिनपोछे जंगचुप चोएडेन ने कहा, “परेड में भारत अपनी शक्ति  का प्रदर्शन करेगा, लेकिन यह बुद्ध धम्म की भूमि भी है, जो दुनिया के कई देशों में शांति, प्रेम और दयालुता का संदेश फैला रही है। हम करुणा और देखभाल की शक्ति में विश्वास करते हैं। आज दुनिया को शांति और मैत्रीपूर्ण सह-अस्तित्व की आवश्यकता है।”

आईबीसी के महानिदेशक श्री अभिजीत हलदर ने कहा कि गणतंत्र दिवस उस दिन का भी प्रतीक है जब भारत का संविधान लागू हुआ था। बौद्ध धर्म के सिद्धांतों ने भारत के संविधान को प्रभावित किया है; समानता, करुणा और अहिंसा के आदर्श संविधान का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि, “बौद्ध संघ सहभागी लोकतंत्र का एक प्रारंभिक मॉडल था, जिसने भारतीय संसदीय प्रणाली में अपनाए गए लोकतांत्रिक मानदंडों और प्रक्रियाओं को प्रभावित किया।”

उन्होंने आगे कहा कि परेड में एक ओर सशस्त्र बलों, नौसेना, वायु शक्ति और बख्तरबंद उपकरणों का प्रदर्शन होगा, तो दूसरी ओर पूज्य भिक्षुओं और नन का बड़ा समूह शांति और करुणा की अभिव्यक्ति होगा। यह पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि समस्याओं के समाधान के लिए ‘धम्म’ ही अंतिम मार्ग है।

श्रीलंका से आए आईबीसी के उप महासचिव डॉ. दमेंदा पोरेज ने अपनी बात जोड़ते हुए कहा कि, “बुद्ध धम्म भारत की वह अपरिहार्य विरासत थी जो मेरे देश तक पहुँची। हमें श्रीलंका में आध्यात्मिक पुनर्जागरण का शंखनाद करने वाले शिल्पकारों के साथ-साथ बौद्ध सिद्धांत भी प्राप्त हुए। भारत दुनिया के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में खड़ा है, जो शक्ति और आध्यात्मिक सौम्यता दोनों का प्रदर्शन करता है।”

दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में 40 देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 200 से अधिक विदेशी प्रतिभागी शामिल थे, जिनमें लगभग 100 संघों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इसमें भारत के राजनयिक, शिक्षाविद, विद्वान और बौद्ध अनुयायी भी शामिल हुए।

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DC Ranchi श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर किया झण्डोत्तोलन

गणतंत्र दिवस भारत के संविधान के लागू होने की ऐतिहासिक घटना का प्रतीक है, जो हमें लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता 

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उपायुक्त आवास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

रांची, 26.01.2026 – इस अवसर पर उपायुक्त ने राष्ट्रगान के साथ झण्डोत्तोलन किया और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा एवं समर्पण व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के संविधान के लागू होने की ऐतिहासिक घटना का प्रतीक है, जो हमें लोकतंत्र, समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मूल्यों की याद दिलाता है। उन्होंने सभी रांची वासियों से आह्वान किया कि वे संविधान के आदर्शों को अपनाकर एक मजबूत, समृद्ध और समावेशी भारत के निर्माण में अपना पूर्ण योगदान दें।

झण्डोत्तोलन के समय उप विकास आयुक्त रांची, श्री सौरभ कुमार भुवनिया, अनुमंडल दंडाधिकारी राँची, श्री कुमार रजत, अपर जिला दंडाधिकारी विधि-व्यवस्था राँची, श्री राजेश्वर नाथ आलोक, अपर समाहर्ता रांची, श्री रामनारायण सिंह, परियोजना निदेशक ITDA रांची, श्री संजय कुमार भगत, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी रांची, श्रीमती मोनी कुमारी, जिला जन संपर्क पदाधिकारी रांची, श्रीमती उर्वशी पाण्डेय , उप समाहर्ता भूमि सुधार रांची, मुकेश कुमार, कार्यपालक दंडाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी रांची, श्री राजेश कुमार साहू, जिला परिवहन पदाधिकारी रांची, श्री अखिलेश कुमार , ट्रेजरी ऑफिसर रांची, श्रीमती सारिका भगत, भू-अर्जन पदाधिकारी रांची, श्री के. के. राजहंस, जिला नज़ारत उप समाहर्ता रांची, डॉ. सुदेश कुमार , सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा रांची, श्री रवि शंकर मिश्रा, उप निर्वाचन पदाधिकारी रांची, श्री विवेक सुमन एवं सभी अधिकारी/पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।

उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा रांची जिलावासियों एवं सभी अधिकारी/ पदाधिकारी/ कर्मियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाऐं दी।

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16 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्त ने किया संबोधित

लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है–राज्य निर्वाचन आयुक्त , अलका तिवारी

रांची,25.01.2026 – राज्य निर्वाचन आयुक्त, झारखंड श्रीमती अलका तिवारी ने राज्य वासियों को 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 25 जनवरी 1950 को भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना हुई थी। भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के अवसर पर वर्ष 2011 से इस दिन को प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष आज के दिन सभी मतदान केन्द्रों पर आयोजित होने वाले मतदाता दिवस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाताओं को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाता है। श्रीमती अलका तिवारी रविवार को आर्यभट्ट सभागार रांची में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर संबोधित कर रहीं थी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस का थीम “My India My Vote” तथा Tagline, “Indian Citizen at the Heart of Indian Democracy” जारी किया है। लोकतंत्र का आधार है मतदाता, लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता को जानकार और सतर्क होने की जरूरत है। निर्वाचन से जुड़े हरेक संस्था अपने मतदाताओं को एक समान अवसर प्रदान करने के लिए हरेक उपाय सुनिश्चित करती है। मतदाता बिना किसी भय, प्रलोभन के तथा जाति, धर्म, भाषा, समुदाय आदि से उपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके, उतरोत्तर लोकतंत्र और सशक्त हो सके, भारत निर्वाचन आयोग का यही अभीष्ट है। इस अभीष्ट को प्राप्त करने हेतु आयोग विभिन्न नवाचार एवं तकनीकों का उपयोग कर रहा है।

श्रीमती अलका तिवारी ने कहा कि मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता जागरूकता एक महत्वपूर्ण एवं सतत् प्रक्रिया है। सभी पात्र भारतीय नागरिक, जो मतदाता बनने की अर्हता रखते है, उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए चार अर्हता तिथियाँ , 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर निर्धारित की गई है। इन तिथियों में 18 वर्ष पूरी करने वाले योग्य व्यक्तियों का मतदाता सूची में सरलता के साथ नाम जोड़ा जा सकता है। मतदाता सूची में निबंधन की प्रक्रिया हो या किसी भी निर्वाचन के दौरान मतदान करने की प्रक्रिया, हरेक मतदाता चाहे वह महिला, पुरुष, दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, पी०वी०टी०जी०, थर्ड जेंडर, हो को उसके अनुरूप वांछित सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्वाचन आयोग सदैव सचेष्ट रहा है। मतदाता जागरूकता हेतु राज्य में 2886 Electoral Literacy Club (ELC) एवं प्रत्येक मतदान केन्द्र पर चुनाव पाठशाला की स्थापना की गई है। मतदाता सूची के अद्यतनीकरण में 966 वोटर अवेयरनेस फोरम अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि 18 वर्ष पूरी कर चुके योग्य व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करने हेतु चुनाव आयोग के Website पर लॉग इन अथवा संबंधित मतदान केन्द्र के बी०एल०ओ० या वोटर हेल्पलाईन ऐप के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराएं तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का हिस्सा होने का गर्व महसूस करें।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के रवि कुमार ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार का प्रयोग करने हेतु मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। हरेक पात्र भारतीय नागरिक, जो अठारह वर्ष की आयू पूरी कर चुके हैं, मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ सकते हैं।

मतदाता को अपने मतदाता सूची या वोटर कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी आसानी से बी०एल०ओ० से मिल सकती है, और बी०एल०ओ० की सूचनाएं सी०ई०ओ० के वेबसाईट पर उपलब्ध है। भारत निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि हरेक मतदाता अपने बी०एल०ओ० से परिचित रहें। इसलिए निर्वाचन आयोग ने Book a Call की सुविधा उपलब्ध कराई है। आप अपने बी०एल०ओ० को आसानी से कॉल कर सकते हैं, जो 48 घंटो के अंदर मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी को उपलब्ध कराने के लिए आपसे सम्पर्क करेंगे।

उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण का Pre-Revision Period चल रहा है। इस दौरान राज्य के वर्तमान मतदाता सूची में निबंधित 72 प्रतिशत मतदाताओं का मैपिंग का कार्य बी०एल०ओ० एप के माध्यम से पूरा किया जा चुका है।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि गहन पुनरीक्षण के दौरान बी०एल०ओ० घर-घर जाएंगे और एक स्टीकर चिपकाएंगे। इस स्टीकर पर बी०एल०ओ० का मोबाईल नंबर के साथ-साथ मतदाता का मकान संख्या या मकान का नोशनल नंबर अंकित रहेगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यह वर्ष एक विशेष उपलब्धि का वर्ष है। भारत निर्वाचन आयोग को International Idea (International Institute for Democracy and Electoral Assistance) की अध्यक्षता करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विगत तीन दिसम्बर 2025 को एक वर्ष के कार्यकाल के लिए विश्व के इस लोकतांत्रिक मंच के अध्यक्ष का प्रभार ग्रहण किया है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखण्ड के पाकुड़ जिले को Best Election District Award के लिए चयनित किया गया है। यह हम सबों के लिए गौरव का विषय है।

श्री के रवि कुमार ने सभी मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए एक समग्र एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची के निर्माण के लिए अपनी सहभागिता अवश्य निभाएं।

इस अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार द्वारा राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर राष्ट्र को दिए गए संदेश को दिखाया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा समापन भाषण एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार द्वारा मतदाता शपथ का पाठ कराया गया।

इस अवसर पर वरिष्ठ मतदाता के रूप में श्रीमती समदुलारी देवी, श्रीमती गीता मित्रा, श्री एनीमुल्लाह , युवा मतदाता के रूप में श्री अर्चित कुमार गोयल, श्री सौरभ कुमार, सुश्री अनुष्का गुप्ता, सुश्री नेहा कुमारी श्री करण कुमार साहू, ट्रान्सजेन्डर मतदाता के रूप में, नगमा रानी, गुड्डू सिंह को सम्मानित किए गए।

इस अवसर पर 2025 वर्ष में उत्कृष्ट कार्यों के लिए श्री चन्दन कुमार, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, श्री हेमन्त सती, जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- उपायुक्त, साहेबगंज, श्री सुबोध कुमार, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सह संयुक्त सचिव, श्री रंथु महतो, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गिरिडीह, श्री सुशील कुमार राय, उप निर्वाचन पदाधिकारी, गढ़वा, श्री सुनील चन्द्रा, निर्वाची पदाधिकारी, 45-घाटशिला (अ०ज०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री रवि कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 15-देवघर (अ०जा०) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, श्री सुनील कुमार सिंह, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, मुख्यालय, श्री चन्दन कुमार, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड, श्री आशुतोष रंजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का कार्यालय, झारखण्ड को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज ठाकुर, उप निर्वाचन पदाधिकारी, रांची श्री विवेक कुमार सुमन, पी डब्लू डी आइकॉन झारखंड श्रीमती गोपिका आनन्द, एनएसएस के कैडेट, प्रतिभागियों के परिवारजन युवा, वरिष्ठ, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर मतदाता उपस्थित थे।

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