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मणिपुर वापस बुलाए गए IPS राकेश बलवाल, श्रीनगर पुलिस की संभाली हुई थी कमान

इंफाल 28 Sep, (एजेंसी)-केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राकेश बलवाल को पूर्वोत्तर राज्य में वापस भेजने का फैसला किया है। केंद्र ने वर्तमान में श्रीनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात राकेश बलवाल को उनके गृह कैडर मणिपुर में समय से पहले वापस भेजने का आदेश दिया। बलवाल अब हिंसाग्रस्त राज्य की सहायता के लिए मणिपुर में काम करेंगे। गृह मंत्रालय के प्रस्ताव के लगभग एक महीने बाद कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दे दी है।

श्रीनगर पुलिस की कमान संभाल रहे राकेश बलवाल को अब मणिपुर में तैनात किया जाएगा। राकेश बलवाल 2012 बैच के मणिपुर कैडर के अधिकारी हैं। दिसंबर 2021 में उन्हें श्रीनगर में बतौर एसएसपी तैनात किया गया। राकेश बलवाल जम्मू संभाग के उधमपुर जिले के रहने वाले हैं। वह एनआईए के पुलिस अधीक्षक के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। एनआईए के पुलिस अधीक्षक के तौर पर कार्य करते हुए वह 2019 के पुलवामा हमला सहित कई आतंकवाद से संबंधित मामलों की जांच करने वाली टीमों का हिस्सा रहे हैं।

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हेट स्पीच मामलाः भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी की मुश्किलें बढ़ीं, मामला लोकसभा समिति को साैंपा

नई दिल्ली 28 Sep, (एजेंसी)- संसद में अमर्यादित भाषा के उपयोग करने वाले भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी (Ramesh Bidhuri) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इस मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति को भेज दिया है। अब समिति जांच कर विशेषाधिकार हनन के मामले में बिधूड़ी पर कार्रवाई कर सकती है। बता दें कि बिधूड़ी ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के सांसद दानिश अली पर संसद में अपमानजनक और धार्मिक टिप्पणियां की थीं।

मामले की जांच लोकसभा समिति को सौंपे जाने का बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने स्वागत किया है। बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी का आभार, उन्होंने दानिश अली प्रकरण में लोकसभा सचिवालय की समिति को जांच का जिम्मा सौंपा है, आज यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि लोकसभा में भाजपा का बहुमत है, नहीं तो पहले सदन में ऐसे कई मौके आए, जब किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई।

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यात्रीगण कृपया ध्यान दें! किसानों का रेल रोको आंदोलन शुरू, 3 दिन रहेगा चक्का जाम

चंडीगढ 28 Sep, (एजेंसी) : पंजाब में किसानी मुद्दों से जुड़ी मांगों को लेकर किसान आज से तीन दिन दिवसीय रेल रोको आंदोलन शुरू कर रहे हैं। किसान 12 स्थानों पर ट्रेनों का चक्का जाम कर धरना देंगे। अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे और एमएसपी की गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर आज दोपहर में रेल रोको प्रदर्शन करेंगे।

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंढेर ने बताया कि अगर किसी ने पंजाब के किसानों के साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश की तो हरियाणा के किसान भी पंजाब के किसानों के साथ शामिल हो जाएंगे। पूरे देश में किसान एकजुट हैं। मोगा में भी किसान रेन ट्रैक पर बैठ गए हैं।

बाढ़ पीड़ितों के लिए पैकेज, एमएसपी की गारंटी कानून, किसान मजदूर ऋण मुक्ति, मनरेगा, नशा और अन्य मुद्दों को लेकर यह आंदोलन होगा। किसान नेताओं सरवन सिंह पंधेर, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, सुखविंदर सिंह ने बताया कि 16 संघर्षरत संगठनों के फोरम में अब किसान मजदूर यूनियन भटेरी कलां और किसान मजदूर मोर्चा पंजाब के शामिल होने के बाद संख्या बढ़कर 18 हो गई थी। अब पंजाब किसान मजदूर यूनियन के समर्थन के बाद आंदोलनकारी संगठनों की संख्या 19 हो गई है।

पंजाब में 12 स्थानों मोगा, होशियारपुर, गुरदासपुर के बटाला, जालंधर कैंट, तरनतारन, सुनाम, नाभा, फिरोजपुर में बस्ती टैंकवाली और मल्लांवाला, बठिंडा में रामपुरा, अमृतसर में देवीदासपुरा में रेल ट्रैक जाम किए जाएंगे।

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NDPS मामले में पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा गिरफ्तार, आज कोर्ट में किया जाएगा पेश

चंडीगढ 28 Sep, (एजेंसी) : पंजाब से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैहरा के आवास पर आज सुबह-सुबह जलालाबाद पुलिस ने छापा मारा। इसके बाद जलालाबाद पुलिस ने सुखपाल खैहरा को गिरफ्तार कर लिया है। जलालाबाद पुलिस खैरा को पकड़ने उनके चंडीगढ़ स्थित निवास स्थान पर पहुंची थी। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ एक पुराना एनडीपीएस एक्ट का केस था, इस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। हालांकि कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान उनके खिलाफ दुश्मनी निकाल रहे हैं। कांग्रेस विधायक को सुबह सवा 11 बजे जलालाबाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, पांच मार्च 2015 को जलालाबाद थाना सदर की पुलिस ने आठ व्यक्तियों को हेरोइन और हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार व्यक्तियों में कपूरथला के एक आरोपी की सिफारिश उस समय सुखपाल खैरा ने की थी। बाद में सुखपाल सिंह खैरा को भी केस में आरोपी बना दिया गया था। सूत्रों के अनुसार, खैरा ने सुप्रीम कोर्ट से यह केस जीत लिया था, हालांकि इस की पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के मुताबिक जब जलालाबाद पुलिस खैरा के चंडीगढ़ स्थित निवास स्थान पर पहुंची तो खैरा ने एतराज किया। उनका कहना था कि वह पहले उन्हें अरेस्ट वारंट दिखाएं उसके बाद ही उसे गिरफ्तार कर सकते हैं। इस बात पर पुलिस और खैरा के बीच बहसबाजी भी हुई। इस पूरे मामले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके बाद खैरा ने कहा कि यह सारी कार्रवाई बदलाखोरी की है। वह किसी भी कीमत पर इस चीज को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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बाहुबली रामाधीर की पूरी जिंदगी जेल में गुजरेगी, हाईकोर्ट ने हत्याकांड में बरकरार रखी उम्रकैद की सजा

रांची ,27 सितंबर (एजेंसी)। यूपी के बलिया से लेकर झारखंड के धनबाद कोयलांचल में बाहुबली माफिया के रूप में चर्चित रहे रामाधीर सिंह को पूरी जिंदगी जेल में गुजारनी पड़ेगी। झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद में वर्ष 1998 में ट्रेड यूनियन लीडर विनोद सिंह और उनके ड्राइवर मन्नू अंसारी की हत्या के मामले में निचली अदालत से सुनाई गई उसकी उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है।

रामाधीर सिंह यूपी के बलिया में जिला परिषद का अध्यक्ष रह चुका है। धनबाद के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश निकेश कुमार सिन्हा की अदालत ने 19 अप्रैल 2015 को रामाधीर सिंह को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। निर्णय की तारीख पर रामाधीर अदालत में हाजिर नहीं हुआ था। बाद में उसने बिना सरेंडर किए निचली अदालत द्वारा दी गई सजा के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिलने पर रामाधीर सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे कोई राहत नहीं दी थी और सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसके बाद रामाधीर सिंह ने 20 फरवरी 2017 को अदालत में सरेंडर कर दिया था। तब से वह जेल में है। जेल जाने के बाद उसने धनबाद की अदालत के फैसले के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में अपील की थी।

जस्टिस सुजीत नारायण एवं जस्टिस नवनीत कुमार की खंडपीठ ने बुधवार को रामाधीर की अपील को खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।

बता दें कि 15 जुलाई 1998 को धनबाद में बिहार जनता खान मजदूर संघ के ट्रेड यूनियन नेता विनोद सिंह अपनी एंबेसडर कार से कतरास से धनबाद की तरफ जा रहे थे। कार उनका ड्राइवर मन्नू अंसारी चला रहा था। कतरास के भगत सिंह चौक के पास एंबेसडर कार पहुंच कर धनबाद की ओर मुडऩे के लिए धीमी हुई, तब एक मारुति कार ने उसे ओवरटेक कर लिया।

उसमें से कुछ राइफलधारी उतरे और एंबेसडर कार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। लगभग सात-आठ मिनट तक फायरिंग होती रह गई। इस अंधाधुंध गोलीबारी में कार में सवार विनोद सिंह और ड्राइवर मन्नू अंसारी की मौके पर ही मौत हो गई। इस हत्याकांड से पूरे धनबाद में सनसनी फैल गई।

विनोद सिंह धनबाद के बाहुबली नेता सकलदेव सिंह के भाई थे। उनकी खुद की पहचान भी बाहुबली ट्रेड यूनियन नेता के तौर पर थी। विनोद सिंह को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना स्थल पर छत्तीस गोलियों के खोखे बरामद किये थे। कार भी पूरी तरह गोलियों से छलनी हो गई थी। हत्याकांड में माफिया किंग सूरजदेव सिंह के भाई बच्चा सिंह, रामाधीर सिंह और बेटे संजीव सिंह का नाम सामने आया।

विनोद सिंह के छोटे भाई दून बहादुर सिंह ने इन तीनों के अलावा कुछ अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। 16 वर्षों तक चले मुकदमे के दौरान 19 गवाहों से पूछताछ की गई।

इसके बाद धनबाद सिविल कोर्ट के तत्कालीन अपर न्यायायुक्त निकेश सिन्हा की अदालत ने रामाधीर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।जबकि, उनके बड़े भाई और झारखंड के पूर्व मंत्री बच्चा सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। अन्य आरोपियों में राजीव रंजन, शेर बहादुर और अनिल यादव लापता हैं।

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पिछड़ों का आरक्षण भाजपाई खा रहे : लालू

पटना 28 Sep, (एजेंसी) : राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने देश के 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रोफेसर की संख्या महज चार प्रतिशत रहने से संबंधित रिपोर्ट को लेकर आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला और कहा कि पिछड़ों का आरक्षण भाजपाई खा रहे हैं।

श्री यादव ने गुरुवार को सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’ पर इस संबंध में प्रकाशित रिपोर्ट की प्रति के साथ टिप्पणी की, “भाजपा की गरीब, वंचित,उपेक्षित और बहुजन विरोधी विचारधारा एवं धर्म के आवरण तले तथा मोदी सरकार की एक सोची समझी रणनीति और षड्यंत्र के तहत केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में सुनियोजित ढंग से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों को समाप्त किया जा रहा है।

”राजद अध्यक्ष ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में सिर्फ़ चार प्रतिशत ओबीसी प्रोफेसर हैं जबकि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि पिछड़ों का आरक्षण भाजपाई खा रहे हैं।

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दो युवकों के शव मिलने के बाद मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, डीसी ऑफिस में की तोड़फोड़; गाड़ियां भी फूंकी

इंफाल 28 Sep, (एजेंसी): जुलाई में लापता हुए दो युवकों के शवों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मणिपुर की राजधानी में एक बार फिर से हिंसा भड़क गई। दो युवकों की मौत पर हिंसक विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी है। छात्रों के भीड़ ने इंफाल पश्चिम में उपायुक्त कार्यालय में तोड़फोड़ की और दो वाहनों को आग लगा दी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारी उरीपोक, याइस्कुल, सागोलबंद और तेरा इलाकों में सुरक्षा कर्मियों से भिड़ गए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बलों को कई राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों को आवासीय इलाकों में प्रवेश करने से रोकने के लिए सड़कों को टायर, बोल्डर और लोहे के पाइप जलाकर अवरुद्ध कर दिया।

भीड़ ने डीसी कार्यालय में भी तोड़फोड़ की और दो वाहनों को आग लगा दी। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा बलों द्वारा हिंसक विरोध प्रदर्शनों का मुकाबला करने के लिए दो जिलों – इंफाल पूर्व और पश्चिम में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस हिंसा में मंगलवार से 65 प्रतिशत प्रदर्शनकारी घायल हो गए हैं। पुलिस ने कहा कि इस बीच, थौबल जिले के खोंगजाम में एक भाजपा कार्यालय में आग लगा दी गई।

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शर्मनाक : घर पर फहराया पाकिस्तान का झंडा, बाप-बेटा गिरफ्तार; देशद्रोह का मुकदमा दर्ज

मुरादाबाद 28 Sep, (एजेंसी)  : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक बहुत ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक घर पर पाकिस्तान का झंडा फहराए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंची। फिलहाल, पुलिस ने पाकिस्तान के झंडे को घर से उतरवा दिया है। साथ ही मकान मालिक व उसके बेटे के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि पूरा मामला भगतपुर थाना क्षेत्र गांव बुढ़ानपुर अलीगंज का है, जहां कपड़े का काम करने वाले रईस के घर पर पाकिस्तान का झंडा लगाए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर इसकी फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी की और फिर उसके बाद झंडे को उतरवा दिया। इसके उपरांत रईस (45) और उसके बेटे सलमान (25) को गिरफ्तार कर लिया गया।

दोनों पर धारा 153 ए, 153 बी के तहत देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। एलआईयू के साथ-साथ पुलिस और अन्य एजेंसी भी गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र से पूछताछ कर रही हैं। अब उनको कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में SSP हेमराज मीणा ने बताया कि आरोपी और उसके बेटे पर पाकिस्तानी ध्वज को अपने घर की छत पर फहराने का आरोप है। इसके कुछ फोटोज और वीडियोज भी सामने आए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच के बाद कार्रवाई की है। गुरुवार (28 सितंबर) को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा

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गुरुग्राम में फर्जी दस्तावेजों के जरिए एनआरआई की जमीन हड़पने के आरोप में 5 गिरफ्तार

गुरुग्राम 28 Sep, (एजेंसी): गुरुग्राम पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुरुग्राम में एक एनआरआई की 40 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने के आरोप में हरियाणा पुलिस के एक सहायक उप-निरीक्षक और दिल्ली के तहसील कार्यालय के एक संविदा कर्मचारी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से करीब 40 करोड़ रुपये की जमीन को 6.6 करोड़ रुपये में खरीदने का झांसा देकर एनआरआई की जमीन अपने नाम कर ली थी। जांच से पता चला कि 1.5 एकड़ से अधिक की जमीन दक्षिणी पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर बगमपुर खटोला गांव में स्थित थी और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके इसे हड़प लिया गया था।

एनआरआई पूरन मनचंदा की शिकायत के आधार पर एसआईटी ने मामले की जांच की और संदिग्धों – सुभाष चंद, वकील टोनी यादव, संजय गोस्वामी – दिल्ली के कालकाजी तहसील कार्यालय में एक अनुबंधित रिकॉर्ड कीपर भीम सिंह राठी और गुरुग्राम पुलिस के आर्थिक कार्यालय विंग में तैनात एएसआई प्रदीप, जिन्होंने कथित तौर पर संदिग्धों से रिश्‍वत लेकर जमीन के जाली दस्तावेज बनाए थे, को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि टीम ने जांच के दौरान एएसआई के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक अलग मामला दर्ज किया है। संदिग्धों के खिलाफ बादशाहपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 120-बी, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता मनचंदा ने 1 मार्च, 2022 को सभी संदिग्धों के खिलाफ कथित तौर पर उसकी जमीन हड़पने के लिए जमीन के दस्तावेजों में जालसाजी करने की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि संदिग्धों ने जमीन के मूल जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (जीपीए) रिकॉर्ड में जालसाजी की थी और गोस्वामी की मदद से फर्जी जीपीए और अन्य दस्तावेज तैयार किए थे, जिन्होंने जमीन का रिकॉर्ड बदलने के लिए 5 लाख रुपये लिए थे।

पुलिस ने कहा, इसके बाद आरोपियों ने जमीन हड़प ली और उन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी तरीके से विनोद के नाम पर रजिस्ट्री करा ली। जीपीए के फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए संदिग्धों ने मेजर पी.के. मेहता सहित कुछ लोगों को फर्जी गवाह भी बनाए। मेहता की वर्ष 2001 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी और वकील संदीप, जिनके जीपीए पर हस्ताक्षर टोनी यादव ने फर्जी दस्‍तखत किए थे।

आरोपी ने फर्जी जीपीए के आधार पर शिकायतकर्ता की 15 कनाल 2 मरला जमीन विनोद के नाम कर दी, जिसका उल्लेख राठी, शैल नारंग और ओम भाटी ने किया था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि ईओडब्ल्यू शाखा में पदस्थ एएसआई प्रदीप आरोपियों को फायदा पहुंचाने के लिए उनसे पैसे लेता था। आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा ने कहा, “गुरुग्राम पुलिस भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। इसलिए, यदि कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी तरह के मामले में किसी भी तरह से शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

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सेना प्रमुख ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में जटिलताओं, चुनौतियों को रेखांकित किया

नई दिल्ली 28 Sep, (एजेंसी): थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) जनरल मनोज पांडे ने इंडो-पैसिफिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र न केवल संस्कृतियों, इतिहास, संसाधनों और अवसरों का केंद्र है, बल्कि जटिलताओं और चुनौतियों का भी केंद्र है। सेना प्रमुख सम्मेलन (आईपीएसीसी) का समापन  हुआ। तीन दिवसीय कार्यक्रम – आईपीएसीसी, इंडो-पैसिफिक आर्मीज़ मैनेजमेंट सेमिनार (आईपीएएमएस), सीनियर एनलिस्टेड लीडर्स फोरम (एसईएलएफ) – का आयोजन भारतीय सेना द्वारा सह-मेजबान के रूप में अमेरिकी सेना के साथ किया गया था। इस कार्यक्रम में 30 देशों की भागीदारी देखी गई।

अमेरिकी सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज ने भूमि शक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि यह न केवल क्षेत्र की साझा सुरक्षा में योगदान देता है बल्कि संकटों से निपटने में भी भूमि शक्ति निर्णायक शक्ति है। कम से कम 18 देशों का प्रतिनिधित्व उनकी सेनाओं के प्रमुखों द्वारा किया गया और 12 देशों का प्रतिनिधित्व प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों द्वारा किया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन भाषण दिया जबकि समापन भाषण रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस आयोजन ने प्रतिनिधियों को सुरक्षा और आपसी हित के अन्य समसामयिक मुद्दों पर विचारों और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर प्रदान किया, जिसमें मुख्य प्रयास भारत-प्रशांत क्षेत्र में ‘शांति और स्थिरता’ को बढ़ावा देना था।

13वें आईपीएसीसी के भाग के रूप में “शांति के लिए एक साथ: भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना” विषय पर एक प्रमुख गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया था। रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, सभी प्रमुखों ने इस विषय को दोहराया और क्षेत्र के सभी देशों की भावनाओं को प्रतिबिंबित किया। सीओएएस ने भाग लेने वाले देशों की सेनाओं के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं।

47वें आईपीएएमएस के पूर्ण सत्र में तीन विषयों पर सत्र आयोजित किये गये। पहला विषय था “भारत-प्रशांत में सतत शांति और सुरक्षा के लिए साझेदारी”; दूसरा विषय था “इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के लिए सहयोग”; और अंतिम विषय था “मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) – संकट प्रतिक्रिया के लिए विकसित तंत्र”। जीवनसाथी के लिए “बैरक से परे: सैन्य समुदायों को बढ़ावा देने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने में भूमिकाएं और चुनौतियां” विषय पर एक विशेष पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एडब्ल्यूडब्ल्यूए) की अध्यक्ष अर्चना पांडे और अमेरिकी सेना के सीओएस की पत्‍नी पैटी जॉर्ज के उद्घाटन भाषण से हुई। दोनों ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भी दौरा किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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मणिपुर हिंसा: फिल्म अभिनेता राजकुमार कैकू ने भाजपा छोड़ी, कहा-जातीय संघर्ष से निपटने में सरकार अक्षम

इंफाल 28 Sep, (एजेंसी): प्रसिद्ध मणिपुरी फिल्म अभिनेता राजकुमार कैकू उर्फ सोमेंद्र ने दो युवा छात्रों की निर्मम हत्या पर अपना गुस्सा प्रकट करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और राज्य सरकार पर राज्य में मौजूदा जातीय संघर्ष से निपटने में अक्षमता का आरोप लगाया। दो कुकी फिल्मों सहित 400 से अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके कैकू ने अपना इस्तीफा राज्य भाजपा नेताओं को सौंप दिया, जबकि राज्य के शीर्ष नेताओं ने उनसे अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। इंफाल पश्चिम जिले के थांगमीबंद क्षेत्र के निवासी कैकू ने पिछला लोकसभा चुनाव 2019 में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ा था और बाद में नवंबर 2021 में भाजपा में शामिल हो गए।

एक सेलिब्रिटी अभिनेता होने के नाते कैकू ने पिछले साल के विधानसभा चुनावों में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के लिए भारी भीड़ जुटाई थी। पार्टी ने 60 सदस्यीय सदन में 32 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल किया था। कैकू ने अपने इस्‍तीफे में कहा, “मेरी प्राथमिकता ‘जनता पहले और पार्टी बाद में’ है, इसीलिए मैंने इस कठिन समय में जनता के साथ जुड़ने के लिए अपना दिमाग लगाया।”

उन्होंने कहा, “यह देखना निराशाजनक है कि सरकार ने चार महीने से अधिक समय से राज्य में जारी अव्यवस्था को ठीक करने के लिए अभी तक सक्रिय कदम नहीं उठाया है।” किसी राजनीतिक दल के तहत काम करने पर अपनी मर्जी से लोगों की सेवा करने में असमर्थता व्यक्त करते हुए कैकू ने कहा, “मैंने भाजपा छोड़ने के लिए अपना दिमाग लगाया।”

उन्‍होंने कहा, “मैं यह सोचकर भाजपा में शामिल हुआ कि पार्टी अपनी डबल इंजन सरकार के साथ हमारे राज्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी। बेशक, इसने सीएम एन. बीरेन सिंह के तहत पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव लाए। इस बात को ध्यान में रखते हुए मैंने सोचा कि केंद्रीय नेता चल रहे मुद्दे पर तेजी से कार्रवाई करेंगे और संघर्ष को समाप्त करेंगे, लेकिन ऐसा लगता है कि केंद्रीय नेता लोगों के दर्द और दुख पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं और वे लोगों की हर उम्मीद के खिलाफ हैं।”

कुकी-ज़ो विधायकों और नागरिक निकायों की उनके समुदाय के लिए एक अलग प्रशासन की मांग पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “अब मैं सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने के लिए लोगों के अभियान में शामिल होने के लिए एक स्वतंत्र नागरिक हूं।” इस बीच, मणिपुर पुलिस ने नेता का नाम लिए बिना कहा कि अनियंत्रित भीड़ ने एक राजनेता के घर पर हमला करने की कोशिश की, संयुक्त सुरक्षा बलों ने आंसूगैस के गोले दागकर भीड़ को खदेड़ दिया।

पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अनियंत्रित भीड़ ने एक पुलिस जिप्सी को निशाना बनाया और उसे जला दिया, जबकि एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की और उसके हथियार छीन लिए। मणिपुर पुलिस इस तरह की कार्रवाई की निंदा करती है और ऐसे उपद्रवियों से निपटने के लिए सख्त कदम उठाएगी। हथियारों की बरामदगी और उपद्रवियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।”

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अनियंत्रित होकर ट्रक ने सड़क किनारे सो रहे लोगोंं को रौंदा, तीन की मौत- एक की हालत गंभीर

नवादा 28 Sep, (एजेंसी): नवादा में सुबह-सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने चार लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक का सदर अस्पताल बिहार में इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार यह हादसा वीरवार सुबह तड़के यानी चार बजे वादा- हिसुआ पथ पर शोभिया मंदिर के समीप केवट नगर के पास हुआ है। यहां हिसुआ की तरफ से आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे सो रहे मजदूरों को रौंदते हुए निकल गया।

इस हादसे में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। इस हादसे में में एक पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। सभी मजदूर नवादा सब्जी मंडी में सामान उतारने का काम करते थे। हादसे के बाद ट्रक चालक और परिचालक घटना मौके से फरार हो गए हैं।

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मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, आदिवासी/सरना धर्म कोड पारित करने का किया आग्रह

रांची,27.09.2023 (FJ)  –  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पुनः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आदिवासियों के हित में आदिवासी/सरना धर्म कोड पारित करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से कहा कि हम आदिवासी समाज के लोग प्राचीन परंपराओं एवं प्रकृति के उपासक हैं तथा पेड़ों, पहाड़ों की पूजा और जंगलों को संरक्षण देने को ही अपना धर्म मानते हैं। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार देश में लगभग 12 करोड़ आदिवासी निवास करते हैं। झारखंड प्रदेश जिसका मैं प्रतिनिधित्व करता हूँ एक आदिवासी बाहुल्य राज्य है, जहाँ इनकी संख्या एक करोड़ से भी अधिक है। झारखंड की एक बड़ी आबादी सरना धर्म को मानने वाली है। इस प्राचीनतम सरना धर्म का जीता-जागता ग्रंथ स्वंय जल, जंगल, जमीन एवं प्रकृति हैं। सरना धर्म की संस्कृति, पूजा पद्धति, आदर्श एवं मान्यताएँ प्रचलित सभी धर्मों से अलग है।

आदिवासियों के पारंपरिक धार्मिक अस्तित्व के रक्षा की चिंता निश्चित तौर पर एक गंभीर सवाल है

मुख्यमंत्री ने कहा झारखंड ही नहीं अपितु पूरे देश का आदिवासी समुदाय पिछले कई वर्षों से अपने धार्मिक अस्तित्व की रक्षा के लिए जनगणना कोड में प्रकृति पूजक आदिवासी / सरना धर्मावलंबियों को शामिल करने की माँग को लेकर संघर्षरत है। प्रकृति पर आधारित आदिवासियों के पारंपरिक धार्मिक अस्तित्व के रक्षा की चिंता निश्चित तौर पर एक गंभीर सवाल है। आज आदिवासी / सरना धर्म कोड की माँग इसलिए उठ रही है ताकि प्रकृति का उपासक यह आदिवासी समुदाय अपनी पहचान के प्रति आश्वस्त हो सके। वर्तमान में जब समान नागरिक संहिता की माँग कतिपय संगठनों द्वारा उठाई जा रही है, तो आदिवासी / सरना समुदाय की इस माँग पर सकारात्मक पहल उनके संरक्षण के लिए नितांत ही आवश्यक है। आप अवगत हैं कि आदिवासी समुदाय में भी कई ऐसे समुह हैं जो विलुप्ति के कगार पर हैं एवं सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर इनका संरक्षण नहीं किया गया तो इनकी भाषा, संस्कृति के साथ-साथ इनका अस्तित्व भी समाप्त हो जाएगा।

लगातार घट रही है जनसंख्या

मुख्यमंत्री ने बताया कि विगत आठ दशकों में झारखण्ड के आदिवासियों की जनसंख्या के क्रमिक विशलेषण से ज्ञात होता है कि इनकी जनसंख्या का प्रतिशत झारखण्ड में 38 से घटकर 26 प्रतिशत ही रह गया है। इनकी जनसख्या के प्रतिशत में इस तरह लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिसके फलस्वरुप संविधान की पाँचवी एवं छठी अनुसूची के अंतर्गत आदिवासी विकास की नीतियों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

आदिवासी/सरना कोड अत्यावश्यक

मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्यम से कहा कि परिस्थितियों के मद्देनजर हिन्दू मुस्लिम, सिख, इसाई, जैन धर्मावलम्बियों से अलग सरना अथवा प्रकृति पूजक आदिवासियों की पहचान के लिए तथा उनके संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए अलग आदिवासी / सरना कोड अत्यावश्यक है। अगर यह कोड मिल जाता है तो इनकी जनसंख्या का स्पष्ट आकलन हो सकेगा एवं तत्पश्चात हम आदिवासियों की भाषा, संस्कृति, इतिहास का संरक्षण एवं संवर्द्धन हो पाएगा तथा हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जा सकेगी। यहाँ उल्लेखनीय है कि वर्ष 1951 के जनगणना के कॉलम में इनके लिए अलग कोड की व्यवस्था थी परन्तु कतिपय कारणों से बाद के दशकों में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई। अतः आदिवासी / सरना कोड आदिवासी समुदाय के समुचित विकास के लिए अत्यंत ही आवश्यक एवं इसके मद्देनजर झारखंड विधानसभा से इस निमित्त प्रस्ताव भी पारित कराया गया है, जो वर्तमान में केंद्र सरकार के स्तर पर निर्णय हेतु लंबित है।

पूरे विश्व में प्रकृति प्रेम का संदेश फैलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा मुझे अपने आदिवासी होने पर गर्व है और एक आदिवासी मुख्यमंत्री होने के नाते मैं ना सिर्फ झारखंड, बल्कि पूरे देश के आदिवासियों के हित में आपसे विनम्र आग्रह करता हूँ कि हम आदिवासियों की इस आदिवासी / सरना धर्म कोड की चिरप्रतीक्षित माँग पर आप यथाशीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करें। आज पूरा विश्व बढ़ते प्रदूषण एवं पर्यावरण की रक्षा को लेकर चिंतित है, वैसे समय में जिस धर्म की आत्मा ही प्रकृति एवं पर्यावरण की रक्षा है उसको मान्यता मिलने से भारत ही नहीं पूरे विश्व में प्रकृति प्रेम का संदेश फैलेगा।

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जी 20 में 1.5 करोड़ नागरिकों की प्रत्यक्ष भागीदारी रहीः पीके मिश्र

नई दिल्ली 27 Sep, (एजेंसी) : नई दिल्ली के भव्य भारत मंडपम में जी20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट फिनाले कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पी के मिश्र ने कहा कि जी20 में भारत की प्रेसीडेंसी ने खुद को विभिन्न मायनों में अद्वितीय साबित किया है। भारत की प्रेसीडेंसी जनभागीदारी पर थी और 1.5 करोड़ लोगों ने जी20 से जुड़ी गतिविधियों में सीधे तौर पर सहभागिता निभाई है।

उन्होंने कहा कि जागरूकता रैलियों, स्मारकों के साथ सेल्फी प्रतियोगिता, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं, मैराथन, स्वच्छता अभियान, युवा संवाद जैसे कार्यक्रमों के साथ, जी20 के उद्देश्यों को आखिरी पायदान तक ले जाया गया है।

मिश्र ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का विजन था कि जी20 का कार्यक्रम अखिल भारतीय आयोजन होना चाहिए और यह आयोजन हर राज्य और हर केन्द्रशासित प्रदेश में होना चाहिए। उनके विजन के अनुरूप जी20 को विकेंद्रीकृत और लोकतांत्रिक बनाया गया और देश के कोने-कोने में इसकी बैठकों का आयोजन किया गया। हर राज्य ने बाहर से आए प्रतिनिधियों के मन पर अपनी अनूठी सांस्कृतिक छाप छोड़ी। इस सांस्कृतिक छाप से दुनिया को भारत की विविधता के बारे में जानकारी मिली।

प्रमुख सचिव पी के मिश्र ने आगे यह भी कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता के कार्यकाल की एक प्रमुख प्राथमिकता ऐसी दुनिया का निर्माण करना था जो अधिक समावेशी हो और जहां ग्लोबल साउथ की आवाज को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि जी20 के स्थायी सदस्य के रूप में अफ्रीकन यूनियन को भारत के प्रस्ताव पर सदस्यता दी गई। इसे ‘ग्लोबल साउथ’ का नेतृत्व करने की भारत की महत्वाकांक्षा को नई ताकत माना जा रहा है।

युवाओं को लेकर प्रमुख सचिव ने अपने सम्बोधन में कहा कि जी20 की अध्यक्षता युवाओं के लिए नए द्वारा खोलेगी। यह भारत के प्रतिभाशाली और सृजन करने में सक्षम युवाओं पर निर्भर है कि वे नवाचार के इस युग में अग्रणी के रूप में अवसरों का लाभ उठाएं। उन्होंने अपने सम्बोधन का समापन एपीजे अब्दुल कलाम के इस प्रसिद्ध उद्धरण से किया- “भविष्य की भविष्यवाणी करने का सबसे अच्छा तरीका इसे बनाना है।

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NIA ने खालिस्तानी आतंकियों पर कसा शिकंजाः 6 राज्यों में 50 से अधिक स्थानों पर की छापेमारी

नई दिल्ली 27 Sep, (एजेंसी): राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक बड़े तलाशी अभियान के तहत देश भर में खालिस्तानी आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ बुधवार सुबह छापेमारी शुरू की। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली के आसपास के इलाकों में चार दर्जन से अधिक स्थानों पर तलाशी ली जा रही है।

एक सूत्र ने कहा, “खालिस्तानी आतंकवादियों, समर्थकों और संबंधित प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है।” छापेमारी बुधवार सुबह शुरू हुई और अभी चल रही है। फिलहाल एनआईए ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है। बताया जा रहा है कि आतंकियों, ड्रग्स डीलर्स और गैंगस्टर्स के बीच सांठगांठ को खत्म करने के लिए एनआईए के जरिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।

एनआईए के मुताबिक, 6 राज्यों में तीन मामलों में लॉरेंस बंबीहा और अर्श दल्ला गिरोह के सहयोगियों से संबंधित 51 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

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प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसाः 11 बच्चे पानी में बहे, डूबने से चार की मौत

दतिया 27 Sep, (एजेंसी): मध्यप्रदेश के दतिया जिले में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान चार बच्चों की डूबने से मृत्यु हो गयी। पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर से कुछ दूर स्थित बिड़निया गांव में शाम को कुछ बच्चे प्रतिमा विसर्जन के लिए गए थे। वहां पर 11 बच्चे पानी से भरे गड्ढे की गहरायी में डूबने लगे। छह बच्चों को वहां मौजूद लोगों ने बचा लिया, लेकिन चार को नहीं बचाया जा सका और उनकी मौत हो गई। जबकि एक की तलाश अभी जारी है।

घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृत बच्चों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। इनकी पहचान अंश, प्रतिज्ञा, कृष्णा और आस्था के रूप में हुयी है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को नियमों के अनुरूप आर्थिक सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। शहर की सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृत बच्चों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति देने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

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तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी बस को पीछे से मारी टक्कर, चार लोगों की मौत

कर्नाटक 27 Sep, (एजेंसी): कर्नाटक के मंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस और एक कार की जोरदार टक्कर हो गई। बेकाबू कार ने खड़ी बस को पीछे से टक्कर मार दिया। इस भीषण टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।स्थानीय पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। घटना में अभी और जानकारी सामने आना बाकी है।

यह घटना बेंगलुरु-मंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग 75 पर हुई। बेल्लूर पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “यह घटना सुबह करीब 8:30 बजे आदिचुंचनगिरी इंस्टीट्यूट के पास हुई। कार सड़क के किनारे खड़ी एक बस के पीछे से टकरा गई।” अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आगे की जांच जारी है।

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चांद और सूरज के बाद अब शुक्र पर फतेह की तैयारी, ISRO चीफ ने बताया प्लान

नई दिल्ली 27 Sep, (एजेंसी) : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने कहा कि सौर मंडल के सबसे चमकीले ग्रह शुक्र के लिए मिशन पहले से ही कॉन्फ़िगर किया जा चुका है और भविष्य के उद्देश्य के लिए पेलोड विकसित किए गए हैं। इसरो प्रमुख सोमनाथ ने नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी को संबोधित करते हुए कहा क‍ि संकल्पनात्मक चरण में हमारे पास बहुत सारे मिशन हैं।

इसरो अध्यक्ष ने आगे कहा कि शुक्र एक दिलचस्प ग्रह है और इसकी खोज से अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कुछ सवालों के जवाब देने में मदद मिलेगी। इसका भी एक माहौल है। इसका वातावरण बहुत सघन है। वायुमंडलीय दबाव पृथ्वी (Earth) से 100 गुना अधिक है और यह अम्लों (acids) से भरा है। आप सतह में प्रवेश नहीं कर सकते। आप नहीं जानते कि इसकी सतह कठोर है या नहीं। शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है और पृथ्वी का निकटतम पड़ोसी ग्रह है. यह चार आंतरिक, स्थलीय (या चट्टानी) ग्रहों में से एक है, और इसे अक्सर पृथ्वी का जुड़वां कहा जाता है क्योंकि यह आकार और घनत्व में समान है.

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खड़गे ने पीएम मोदी के मणिपुर न जाने पर उठाए सवाल, कहा – महिलाओं, बच्चों के खिलाफ हिंसा को बनाया गया हथियार

नई दिल्ली 27 Sep, (एजेंसी): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को कहा कि यह स्पष्ट है कि मणिपुर में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को हथियार बनाया गया है। उन्‍होंने पिछले 147 दिन से हिंसा प्रभावित राज्य का दौरा नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला किया। राज्‍य सभा सांसद ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को तत्काल हटाने की भी मांग की।

खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ”147 दिन से मणिपुर के लोग पीड़ित हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के पास राज्य का दौरा करने का समय नहीं है।” उन्‍होंने कहा, “इस हिंसा में छात्रों को निशाना बनाए जाने की भयावह तस्वीरों ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर दिया है। अब यह स्पष्ट है कि इस संघर्ष में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा को हथियार बनाया गया था।” उन्होंने आरोप लगाया कि खूबसूरत राज्य मणिपुर को भाजपा के कारण “युद्धक्षेत्र” में बदल दिया गया है।

खड़गे ने कहा, “अब समय आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी भाजपा के अक्षम मुख्यमंत्री को बर्खास्त करें। आगे की किसी भी उथल-पुथल को नियंत्रित करने के लिए यह पहला कदम होगा।” उनकी यह टिप्पणी मंगलवार को दो युवा छात्रों की हत्या की खबर सामने आने के बाद आई है। मणिपुर सरकार ने कहा कि उसने दो युवा छात्रों की हत्या का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया है। सुरक्षा बलों ने भी अपराधियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के संज्ञान में आया है कि पीड़ितों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिनकी पहचान फिजाम हेमजीत (20) और हिजाम लिनथोइंगंबी (17) के रूप में हुई है। दोनों जुलाई से लापता थे। दो छात्रों की हत्या के बाद पूर्वोत्तर राज्य में छात्रों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन किया। राज्य सरकार ने भी इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के महज चार दिन बाद मंगलवार से एक अक्टूबर तक पांच दिनों के लिए फिर निलंबित कर दीं।

छात्रों की हत्या की जांच में तेजी लाने के लिए निदेशक प्रवीण सूद के नेतृत्व में एक विशेष सीबीआई टीम बुधवार को एक विशेष उड़ान से इम्‍फाल पहुंचेगी। मणिपुर में इसी साल 3 मई को जातीय हिंसा भड़क उठी थी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने जून में हिंसा प्रभावित राज्य का दौरा किया था, जबकि जुलाई में विपक्षी सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल भी पूर्वोत्तर राज्य गया था। कांग्रेस ने जातीय हिंसा की निंदा करते हुये मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को तत्काल हटाने की मांग की थी, और राज्य का दौरा नहीं करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना भी की थी। मणिपुर पुलिस महानिरीक्षक (संचालन) आई.के. मुइवा के अनुसार, राज्य में 3 मई को जातीय हिंसा भड़कने के बाद से कम से कम 175 लोग मारे गए हैं। इसके अलावा 1,108 घायल हुए हैं जबकि 32 लापता हैं।

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मध्य प्रदेश में भाजपा के बड़े नेताओं में उम्मीदवारी से मायूसी

भोपाल 27 Sep, (एजेंसी): मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं में विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने से उत्साह नहीं है, बल्कि उनकी बातचीत मायूसी जाहिर करने वाली है, वहीं कांग्रेस इस उम्मीदवारी पर तंज कसने से नहीं चूक रही है। भाजपा की दूसरी सूची में तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को उम्मीदवार बनाया गया है, वहीं राष्ट्रीय महासचिव भी मैदान में उतार दिए गए हैं। उम्मीदवारी तय होने के बाद कुछ नेताओं के ऐसे बयान आए हैं जो यह जाहिर करने के लिए काफी हैं कि उनकी इच्छा विधानसभा चुनाव लड़ने की नहीं थी, मगर पार्टी का निर्देश है और वह उसका पालन करेंगे।

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और इंदौर विधानसभा क्रमांक एक से उम्मीदवार बनाए गए कैलाश विजयवर्गीय का साफ कहना है कि “पार्टी ने टिकट दे दिया है मुझे, मगर मैं अंदर से एक प्रतिशत भी खुश नहीं हूं, मेरी चुनाव लड़ने की इच्छा ही नहीं थी, मेरी तो एक प्रतिशत भी इच्छा नहीं थी। जैसा माइंडसेट होता है चुनाव लड़ने का वैसा नहीं है। मैं तो बड़ा नेता हो गया हूं इसलिए हांथ जोड़ने का नहीं है, अब तो भाषण देना और निकल जाना, यह सोचा था। हमने इसके लिए प्लान भी बना लिया था कि रोज आठ सभाएं करनी है जिन में पांच सभा हेलीकॉप्टर से और तीन कार से। इस प्रकार रोज आठ सभा करनी है। इस पूरे चुनाव इसका प्लान भी बन गया था। आप जो सोचते हैं, वह होता कहां है। भगवान की जो इच्छा होती है, वही होता है।”

वही दमोह लोकसभा क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल भी नरसिंहपुर से उम्मीदवार बनाए गए हैं। यह वह विधानसभा क्षेत्र है जहां से उनके छोटे भाई जालम सिंह पटेल अब तक विधायक हैं। प्रहलाद पटेल भी उम्मीदवारी से बहुत ज्यादा उत्साहित और खुश नजर नहीं आ रहे हैं।

पटेल का कहना है, “मैं इतने लंबे समय से राजनीतिक जीवन में हूं और पहली बार विधानसभा लडूंगा। मैं अपने गृह जिले से उम्मीदवार बनाया गया हूं। इसके लिए पार्टी के केंद्रीय व प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं।” साथ ही पटेल ने राज्य को नई ऊंचाइयां दिलाने के लिए आपसी समन्वय पर जोर दिया है। भाजपा की सूची में बड़े नेताओं के नाम पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने तंज सका और एक्स पर कहा, भाजपा जितने सजावटी उम्मीदवार ला रही है, जनता का आक्रोश उतना ही ज़्यादा बढ़ रहा है।

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जनता की समस्याओं का कराएं संतुष्टिपरक समाधान : सीएम योगी

गोरखपुर 27 Sep, (एजेंसी): गोरखनाथ मंदिर में बुधवार को आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया कि बिलकुल मत घबराइए, सरकार आपके साथ है। प्रभावी कार्रवाई करते हुए सबकी समस्या का समाधान हर हाल में किया जाएगा।

उन्होंने पास में मौजूद प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उनका संतुष्टिपरक समाधान कराएं। जरूरतमंदों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। गोरखनाथ मंदिर परिसर में बुधवार को जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक खुद पहुंचे और समस्या सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए।

उनकी बात इत्मीनान से सुनने के बाद पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।

अपराध से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया। जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले भरोसे से बहुत संबल मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।

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अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी को, रामनवमी पर मूर्ति पर पड़ेंगी सूर्य किरणें

नई दिल्ली ,26 सितंबर (एजेंसी)। अयोध्या में राम मंदिर के पहले चरण का कार्य दिसंबर के अंत तक पूरा हो जाने का भरोसा जताते हुए मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि श्रीराम की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा अगले वर्ष 22 जनवरी को होगी और 20 से 24 जनवरी के बीच किसी भी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इससे जुड़े समारोह में सम्मिलित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहे मिश्रा ने राम मंदिर के निर्माण और इस दौरान आई चुनौतियों के साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा समारोह तथा इसकी तैयारियों को लेकर विस्तार से बातचीत की।

उन्होंने खुलासा किया कि मंदिर में हर वर्ष रामनवमी के दिन दोपहर बारह बजे सूर्य की किरणें श्रीराम की मूर्ति पर पड़ें, ऐसी व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि गर्भ गृह में दो मूर्तियां होंगी – एक चल और एक अचलज् एक श्रीराम की बाल्यावस्था की और दूसरी रामलला की। मिश्रा ने कहा, भगवान चार या पांच वर्ष की आयु के होंगे और मूर्ति की ऊंचाई 51 इंच होगी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के समारोह में लगभग दस हजार अति विशिष्ट आमंत्रित सदस्य होंगे, जिनमें राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े साधु-संत समाज के लोग और देश-विदेश व मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के जाने माने लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा के बाद प्रतिदिन लगभग सवा लाख दर्शनार्थियों के अयोध्या पहुंचने का अनुमान है।

एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने अगले वर्ष लोकसभा चुनावों से पहले हो रहे इस प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का राजनीतिक असर होने की संभावना से इनकार नहीं किया। नवंबर 2019 में उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में राम मंदिर के पक्ष में फैसला देते हुए केंद्र सरकार को निर्देशित किया था कि वह तीन माह के भीतर मंदिर निर्माण के लिए एक न्यास की स्थापना करे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने 5 फरवरी 2020 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की घोषणा की। मिश्रा न्यास के सदस्य होने के साथ ही मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष भी हैं।

मिश्रा ने कहा कि मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी लेने के साथ ही मंदिर के भूतल का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा कर लेने की योजना बनी थी और निश्चित ही यह कार्य तय समय में पूरा हो जाएगा। मिश्रा ने कहा, न्यास के फैसले के अनुसार, 14 जनवरी के बाद यानी मकर संक्रांति के बाद वहां प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित होगा और जो साधु-संत इस विद्या में निपुण हैं उन लोगों की राय से यह प्रारंभ किया जाएगा।

उन्होंने कहा, ऐसा सोचा गया है कि प्राण-प्रतिष्ठा का जो अंतिम दिन होगा.. जिस दिन भगवान वहां पर एक तरीके से सभी के समक्ष सम्मुख होंगे, उस दिन पूजा का कार्यक्रम भी संपन्न हो। पूजा के कार्यक्रम में, जो एक तरीके से अंतिम अध्याय होगा, उसमें प्रधानमंत्री जी भी सम्मिलित हों।

मिश्रा ने कहा, प्रधानमंत्री प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में कब शामिल होंगे, उसकी सूचना अभी प्रधानमंत्री कार्यालय से नहीं आई है। अंतिम कार्यक्रम उनका जब आएगा तो ट्रस्ट फिर उसकी घोषणा करेगा। लेकिन, यह अनुमान है कि यह 20 और 24 जनवरी के बीच में ही कोई तिथि होगी। क्योंकि प्रधानमंत्री उसके बाद गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में अति व्यस्त हो जाएंगे।

एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने बताया कि मंदिर निर्माण पर अब तक 900 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो चुके हैं और ऐसा अनुमान है कि पूरे मंदिर और परिसर के निर्माण में लगभग 1,700 से 1,800 करोड़ रुपये की लागत आयेगी।

मिश्रा ने बताया, गर्भ गृह में दो मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। एक अचल होगी जो खड़ी मूर्ति होगी, जिसे वास्तुकार अपनी कल्पना के अनुसार बना रहे हैं। तीन वास्तुकार अलग-अलग इसे बना रहे हैं। भगवान चार से पांच वर्ष की आयु के होंगे। भगवान की मूर्ति की लंबाई 51 इंच होगी। यह बाल स्वरूप होगा भगवान का। इसी के समक्ष जो वर्तमान रामलला हैंज् जो कि उच्चतम न्यायालय के निर्णय में पक्षकार थे, वह रामलला वहां पर रखे जाएंगे।

मंदिर की एक विशेष खासियत का खुलासा करते हुए पूर्व नौकरशाह ने बताया, ऐसी योजना है कि रामनवमी के दिन 12 बजे भगवान के माथे पर सूर्य की किरणें पड़ें। जो मूर्ति है उसकी दिशा इस प्रकार से है कि वहां पर सूर्य की किरणें सीधी नहीं पड़ रही हैं। सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की और पुणे के एक एस्ट्रोनॉमिकल संस्थान ने मिलकर कम्प्यूटरीकृत कार्यक्रम बनाया है। इसमें एक छोटा सा उपकरण है जो कि मंदिर के शिखर में लगाया जाएगा। किरणें इस माध्यम से आएंगी और फिर परावर्तित होकर भगवान के ललाट पर पहुंचेंगी।

उन्होंने बताया कि यह उपकरण बेंगलुरु में बन रहा है और इसकी डिजाइन व देखरेख रुड़की और पुणे के संस्थान तथा वैज्ञानिक कर रहे हैं। उन्होंने कहा, रामनवमी के दिन यह कुछ ही सेकेंड के लिए होगा इसलिए हमें प्रयास करना है कि उस दिन वहां भारी संख्या में लोग ना पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती होगी कि उस समय भगदड़ जैसे हालात ना हों और इस चुनौती से निपटने के लिए इस घटना को स्क्रीन पर, दूरदर्शन पर दिखा पाएं, इसका भी प्रयास किया जा रहा है।

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मिश्रा ने बताया, न्यास ने 22 जनवरी को, जिस दिन प्राण-प्रतिष्ठा होगी, सभी श्रद्धालुओं से यह निवेदन किया है कि वे यथासंभव अपने गांव में ही इस कार्यक्रम को देखें। निश्चित रूप से दूरदर्शन के माध्यम से इसे दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह अपेक्षा कर रहे हैं कि लगभग सवा लाख से डेढ़ लाख लोग प्रतिदिन अयोध्या पहुंचेंगे और उनके रहने व भोजन आदि की व्यवस्था प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

मिश्रा ने कहा, ऐसा प्रयास किया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर खाने की व्यवस्था हो। यह भी संभव है 25,000 से 50,000 लोगों के लिए बिना किसी भुगतान के खाने की व्यवस्था की जाए। इन सब पर ट्रस्ट की समिति विचार कर रही है। उन्होंने यह साफ किया कि एक व्यक्ति को दर्शन करने के लिए करीब 15 से 20 सेकेंड का समय मिल पाएगा पर उन्हें संतोष इसलिए होगा क्योंकि मंदिर में भी वहां तक पहुंचने के दौरान वह कई स्थलों व मंडपों से होकर गुजरेंगे। इसलिए हम लोग नहीं समझते हैं कि यह कोई असंतोष का कारण बनेगा।

प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित लोगों के बारे में जानकारी देते हुए मिश्रा ने बताया कि ट्रस्ट की एक उपसमिति इसकी सूची बना रही है। उन्होंने कहा, जितने साधु-संत समाज व अलग-अलग पंथ के लोग हैं और जो राम मंदिर निर्माण के आंदोलन से जुड़े थे उन्हें बुलाने का ट्रस्ट की ओर से पूरी तरह से प्रयास किया जा रहा है। अनुमान है कि यह संख्या 2,000 तक पहुंच सकती है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा देश-विदेश और मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के जाने माने लोगों को अति विशिष्ट श्रेणी में आमंत्रित करने की बात है। उन्होंने कहा, यह संख्या करीब 7,500 हो सकती है। प्रथम दृष्टया करीब 10,000 लोगों को आमंत्रित करने की योजना है।

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ट्रक और ट्रेलर के बीच आमने-सामने टक्कर, तीन लोगों की मौत

अमेठी 26 Sep, (एजेंसी): उत्तर प्रदेश के अमेठी के जगदीशपुर स्थित रायबरेली हाइवे पर ट्रक और ट्रेलर की आमने-सामने टकरा जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। अमेठी के पुलिस अधीक्षक इलामारन के पीआरओ ने बताया कि अयोध्या से मोरंग लाने के लिए बांदा जा रहा ट्रक रायबरेली हाइवे पर जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के अयोध्या मार्ग स्थित थौरी गांव के पास सामने से आ रहे ट्रेलर से भिड़ गया।

इस हादसे में दो ड्राइवर समेत एक खलासी की मौत हो गई। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रक और टेलर की आमने-सामने की भीषण टक्कर से कोहराम मच गया। दोनों गाड़ियों के चालक व खालासी उसमें फंस गए। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद क्रेन मंगवाकर दोनों वाहनों को अलग किया गया। इसमें तीन की मौत हो गई।

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बारामूला में सुरक्षा बलों ने हथियारों के साथ एक संदिग्ध को पकड़ा: सेना

श्रीनगर 26 Sep, (एजेंसी) : जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों ने हथियारों के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा है। सेना ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर द्वारा बारामूला के वाइज़र में सोमवार को एक मोबाइल वाहन चेक पोस्ट (एमवीसीपी) स्थापित की गई थी।

सेना ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “एक संदिग्ध व्यक्ति को एक पिस्तौल और अन्य युद्ध जैसे सामान की बरामदगी के साथ पकड़ा गया है। मामले की जांच जारी है।”

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