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असम में अगले साल बहुविवाह पर लग सकता है प्रतिबंध, CM का ऐलान- सरकार पेश करेगी विधेयक

नई दिल्ली 16 Dec, (एजेंसी): मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की कि फरवरी 2024 में असम विधानसभा के आगामी सत्र में बहुविवाह को गैरकानूनी घोषित करने के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा। उनके अनुसार, कई लोगों और संगठनों के साथ महीनों के परामर्श के बाद यह विधेयक तैयार किया गया है। सरमा ने राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा, “बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक असम विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा, जो 4 फरवरी से शुरू होगा।”

मुख्यमंत्री ने पहले घोषणा की थी कि इस उपाय में राज्य के भीतर लव जिहाद को समाप्त करने के उद्देश्य से कुछ प्रावधान शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि एकाधिक विवाह की प्रथा पर रोक लगाने वाले प्रस्तावित कानून पर टिप्पणी मांगने वाले एक सार्वजनिक नोटिस के जवाब में, राज्य प्रशासन को 149 सिफारिशें मिली हैं।

उन्होंने कहा कि इनमें से 146 सिफ़ारिशों ने जनता के व्यापक समर्थन को प्रदर्शित करते हुए इस उपाय का समर्थन किया। तीन संगठनों ने कहा है कि वे बिल के ख़िलाफ़ हैं। 21 अगस्त को, राज्य प्रशासन ने एक नोटिस प्रकाशित कर बहुविवाह पर प्रतिबंध के बारे में सार्वजनिक जानकारी मांगी।

अधिसूचना में असम के लोगों से 30 अगस्त तक मेल या ईमेल के जरिए अपनी राय भेजने को कहा गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने इस तरह के कानून को पारित करने के लिए असम राज्य विधानमंडल के विधायी अधिकार की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समूह की स्थापना की। विभिन्न व्यक्तियों और समूहों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद, समिति ने सरमा को अपनी रिपोर्ट पेश की, इसमें पुष्टि की गई कि राज्य विधायिका के पास इस तरह के कानून को पारित करने का अधिकार है।

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डिवाइडर से चार्ज होगे इलेक्ट्रिक वाहन

गोरखपुर 15 Dec, (एजेंसी): आईटीएम गीडा गोरखपुर के छात्रों का नवाचार इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को नई दिशा देने वाला है। इस नवाचार की खासियत है कि इससे सड़कों पर चलते-चलते इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे उन्हें किसी जगह पर खड़ा कर चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट को गोरखपुर आईटीएम गीडा के कंप्यूटर साइंस के छात्र अविनाश व आकाश पाल ने बनाया है।

छात्र अविनाश ने बताया कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन टेक्नोलॉजी की मदद से सड़कों पर बने रोड डिवाइडर से इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलते-चलते चार्ज हो जाएंगी। इस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन को रोड डिवाइडर के भविष्य को देख कर डिज़ाइन किया जा रहा है।

अविनाश के अनुसार, स्मार्ट इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन रोड डिवाइडर के अंदर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन से जुड़ कर काम करेगा। इनके तालमेल से इलेक्ट्रिक करंट जनरेट होगा, लेकिन यह करंट सिर्फ उन्हीं इलेक्ट्रिक वाहनों में करंट ट्रांस्मिट करेगा, जिन वाहनो में इलेक्ट्रॉमाग्नेटिक रिसीवर चिप लगा होगा।

यह चिप इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी से जुड़ा होगा और जैसे ही इलेक्ट्रिक वाहन डिवाइडर से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक करंट के संपर्क में आयेगा, इलेक्ट्रिक वाहन के बैटरी का चार्जिंग चिप एक्टिव हो जायेगा और बैटरी चार्ज होने लगेगी। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉमाग्नेटिक रिसीवर चिप सोलर से भी काम करेगा। इसकी वजह से बिजली की बचत होगी।

इतना ही नहीं, यदि इस रिसीवर चिप को किसी इलेक्ट्रिक वाहन के मोटर से कनेक्ट कर दिया जाए तो छोटी इलेक्ट्रिकल गाड़ियां बिना बैटरी के भी चल सकेंगी।

आईटीएम के निदेशक डॉ एनके सिंह ने बताया इन छात्रों ने कॉलेज के इनोवेशन सेल में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक इंडक्शन रोड डिवाइडर प्रोजेक्ट तैयार किया है। भविष्य में इलेक्ट्रिकल वाहन को खड़ा कर चार्ज नहीं करना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक गाड़ियां सड़कों पर चलते-चलते चार्ज हो जाएंगी। इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों से लम्बी दूरी की यात्रा करना भी आसान होगा।

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया कि यह अच्छा नवाचार है। इस तकनीक से आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन को सहूलियत होगी और प्रदूषण भी कम होगा।

बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन, दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल से चलने वाले मोटर वाहन से होने वाले प्रदूषण को रोकने का विकल्प हैं। यह प्रदूषण फ्री हैं, लेकिन इन्हें चार्ज करने में अधिक समय लगता है और लम्बी यात्रा के दौरान जगह-जगह रुककर चार्ज करना पड़ता है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर इलेक्ट्रिक वाहनों चालकों को काफी सहूलियत होने की उम्मीद है।

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ED ने पैराबोलिक ड्रग्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर ली तलाशी

नई दिल्ली 15 Dec, (एजेंसी): प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) शुक्रवार को 1,626 करोड़ रुपये के पैराबोलिक ड्रग्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पंजाब और दिल्ली में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर तलाशी ले रहा है। ईडी सूत्रों के मुताबिक, प्रणव गुप्ता और विनीत गुप्ता की कंपनी एप्राबोलिक ड्रग्स फार्मा लिमिटेड से जुड़े मामले में शुक्रवार सुबह तलाशी शुरू हुई। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। गुप्ता अशोक विश्वविद्यालय के सह-संस्थापक भी थे और पिछले साल उन्होंने पद छोड़ दिया था।

ईडी का मामला चंडीगढ़ स्थित पैराबोलिक ड्रग्स के खिलाफ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से 1,626.74 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में सीबीआई की एफआईआर पर आधारित है। एफआईआर में प्रणव और विनीत गुप्ता भी शामिल थे। प्रणव गुप्ता पैराबोलिक ड्रग्स के प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, विनीत फर्म के निदेशकों में से एक हैं।

सीबीआई द्वारा बुक किए गए अन्य लोगों में निदेशक दीपाली गुप्ता, रमा गुप्ता, जगजीत सिंह चहल, संजीव कुमार, वंदना सिंगला, इशरत गिल और फर्म के गारंटर टी.एन. गोयल और निर्मल बंसल; और जे.डी. गुप्ता शामिल हैं। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, यह फर्म दवाओं के निर्माण में लगी हुई थी। इसने कथित तौर पर आपराधिक साजिश और जालसाजी के माध्यम से बैंकों के संघ को धोखा दिया, और अन्य उपयोगों के लिए लिए गए ऋणों को उड़ा दिया।

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भारत के पासपोर्ट की और बढ़ी ताकत, अब इस देश में बिना वीजा यात्रा कर सकेंगे भारतीय

तेहरान ,15 दिसंबर (एजेंसी)। ईरान ने कहा कि वह भारत और सऊदी अरब सहित 33 देशों के लिए वीजा की आवश्यकताओं को हटा रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि अब ईरान की यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को वीजा की आवश्यक्ता नहीं होगी। जानकारी के अनुसार, ईरानी पर्यटन मंत्रालय का मानना था कि एक खुली द्वार नीति दुनिया के विभिन्न देशों के साथ जुडऩे के ईरान के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करेगी। आईएसएनए ने यह भी कहा है कि इस फैसले के साथ ऐसे देशों की संख्या बढ़कर 45 हो जाएगी, जिनके नागरिक बिना वीजा प्राप्त किए ईरान की यात्रा कर सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, लेबनान, ट्यूनीशिया, भारत, सऊदी अरब और कई मध्य एशियाई, अफ्रीकी और मुस्लिम देशों सहित कुल 33 देशों के लिए ईरान की वीजा आवश्यकता को हटा दिया गया है। सूची में केवल एक पश्चिमी-सहयोगी यूरोपीय राष्ट्र क्रोएशिया शामिल है, जो यूरोपीय संघ और नाटो का एक छोटा सदस्य है।

ईरान का यह निर्णय दो तेल उत्पादक खाड़ी देशों के बीच वर्षों के तनाव के बीच हुआ है। इसे ईरान और सऊदी अरब के बीच संबंधों में नरमी लाने की दिशा में एक और कदम के तौर पर भी देखा जा रहा है। सूत्रों ने आगे बताया कि वीजा आवश्यकताओं को हटाने के निर्णय में बहरीन के अलावा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर के नागरिकों को भी शामिल किया गया था, जिनके साथ तेहरान ने अभी तक पूर्ण संबंध स्थापित नहीं किए हैं। जानकारी के मुताबिक रूसियों को इस वीजा छूट से केवल तभी लाभ होगा जब वे समूहों में देश का दौरा करेंगे। इस घोषणा से पहले ओमानी नागरिक ईरान की वीजा-मुक्त यात्रा करने में सक्षम थे।

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2 महिला कांस्टेबल पर 1.87 करोड़ का चिटफंड घोटाला करने का आरोप, जांच रिपोर्ट के बाद साजिश का खुलासा

जम्मू ,15 दिसंबर (एजेंसी)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 1.87 करोड़ रुपये का चिटफंड घोटाला करने के आरोप में 2 महिला कांस्टेबलों के खिलाफ शुक्रवार को अदालत में आरोप पत्र दायर किया। क्राइम ब्रांच ने एक बयान में बताया कि महिला कांस्टेबलों निर्मल कौर सैनी और आरती शर्मा के खिलाफ 382 पन्नों का आरोप पत्र दायर किया गया था।

उन पर शिकायतकर्ता और अपने सहकर्मियों को पैसे और सोने में निवेश कर ज्यादा लाभ का लालच देकर उनसे 1 करोड़ 87 लाख 64 हजार रुपये की ठगी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप था।

संबंधित कमांडेंट की एक जांच रिपोर्ट के बाद साजिश का खुलासा हुआ। जिसमें कहा गया कि आईआरपी 15वीं बटालियन की निर्मल कौर सैनी ने शिकायतकर्ताओं से यह कहकर धोखाधड़ी से 1 लाख रुपये लिए थे कि उन्हें निवेश किए गए पैसे पर 5,000 रुपये प्रति माह का ब्याज मिलेगा। आरोपी ने शिकायतकर्ताओं को न तो ब्याज और न ही मूल राशि का भुगतान किया था। इस प्रकार आरोपी ने उन्हें धोखा दिया और उनके पैसे का दुरुपयोग किया।

पूछताछ में आगे पता चला कि आरोपी निर्मल कौर सैनी ने अपने पति मोहिंदर सिंह सैनी और सुरक्षा विंग में तैनात महिला कांस्टेबल शर्मा के साथ मिलकर न केवल शिकायतकर्ताओं से बल्कि 15वीं बटालियन की अन्य महिला अधिकारियों से भी भारी मात्रा में नकदी और सोना एकत्र किया था।

अपराध शाखा की जांच के दौरान, यह भी पाया गया कि आरोपियों ने निर्दोष निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए मौद्रिक लाभ के बदले बटालियन मुख्यालय में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और फर्नीचर वस्तुओं का व्यवसाय भी शुरू किया। आरोपी के खिलाफ प्रारंभिक आरोप पत्र दायर किया गया है। जबकि, मामले में आगे की जांच जारी है।

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कलकत्ता हाईकोर्ट ने हर्षवर्धन लोढ़ा के एमपी बिड़ला समूह के अध्यक्ष बने रहने के पक्ष में फैसला सुनाया

कोलकाता 15 Dec, (एजेंसी):कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हर्षवर्धन लोढ़ा के एम.पी. बिड़ला समूह का अध्यक्ष पद पर बने रहने के पक्ष में फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम और न्यायमूर्ति हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने प्रियंवदा देवी बिड़ला की संपत्ति के प्रशासकों को कंपनियों के दैनिक कार्यों में हस्तक्षेप करने से भी रोक दिया।

लगभग तीन साल पहले, एकल न्यायाधीश ने एक आदेश पारित कर “विस्तारित संपत्ति” की एक संदिग्ध अवधारणा के आधार पर लोढ़ा को एम.पी. बिड़ला समूह के अध्यक्ष पद से हटाने का निर्देश दिया था। मामले को चुनौती दी गई और खंडपीठ ने गुरुवार को 300 पन्नों का फैसला सुनाया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि निचली अदालत एम.पी. बिड़ला समूह की कंपनियों, ट्रस्टों और सोसायटियों के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

पीठ ने 18 सितंबर,2020 को पारित कलकत्ता उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के विवादित फैसले का जिक्र करते हुए अपने फैसले में कहा, “वसीयतनामा न्यायालय से कंपनियों की भविष्य की कार्रवाई को प्रभावित करने वाला कोई सार्वभौमिक या गतिशील निषेधाज्ञा या निर्देश नहीं हो सकता।” पीठ ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि वसीयतकर्ता (प्रियंवदा देवी बिड़ला) खुद कानून के मुताबिक ऐसी कार्रवाई नहीं कर सकती थीं, अदालत ने ऐसा किया।”

गुरुवार के फैसले ने प्रशासकों की समिति के कामकाज पर कई प्रतिबंध लगाए, जिसने पिछले कुछ वर्षों में 2:1 बहुमत से कई फैसले लिए हैं और एम.पी. बिड़ला समूह की कंपनियों, ट्रस्टों और सोसाइटियों पर दबाव डाला है। कंपनी द्वारा जारी एक बयान में दावा किया गया कि बिड़ला समूह इन्हें लागू करेगा।

फैसले पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए लोढ़ा परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाली सॉलिसिटर फर्म, फॉक्स एंड मंडल के पार्टनर देबंजन मंडल ने कहा कि उनका ग्राहक न्यायपालिका के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता और नागरिक अधिकारों के अंतिम रक्षक के रूप में उस पर विश्‍वास करना चाहता है।

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नैनीताल हाईकोर्ट ने आदमखोर वन्यजीव को मारने पर लगाई रोक

नैनीताल 15 Dec, (एजेंसी): एक बाघ ने भीमताल में 3 दिनों में 2 महिलाओं को अपना शिकार बनाया था, जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। वे बाघ को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग कर रहे थे। वनमंत्री सुबोध उनियाल ने बाघ को आदमखोर घोषित कर दिया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर 36 कैमरे और आसपास 5 पिंजरे लगाए गए हैं। मगर नैनीताल हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए वन्यजीव को मारने पर रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने वन विभाग से कहा कि हमलावर या हिंसक जानवर की पहचान करने के लिए कैमरे और पकड़ने के लिए पिजरें लगाएं। अगर पकड़ में नहीं आता है तो उसे ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर भेजें। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि अभी तक यह पता नहीं है कि वो बाघ है या गुलदार। फिर कैसे मारने के आदेश दे दिए। कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन की धारा 11ए में उसे मारने के आदेश पर गुरुवार तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अब इस मामले की सुनवाई 21 दिसंबर को होगी।

गुरुवार को नैनीताल हाईकोर्ट में इस मामले में सुनवाई हुई, जिसमें सरकार की तरफ से मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन धनंजय और डीएफओ चंद्रशेखर जोशी पेश हुए। मामले में खंडपीठ ने वन अधिकारियों से गुलदार को मारने की अनुमति देने के प्रावधान के बारे में जानकारी मांगी तो वह ठीक से इसका जवाब नहीं दे सके। उनका कहना था कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 13ए में हमलावर और खूंखार जानवर को मारने की अनुमति दी जाती है। वन अधिकारियों ने आदमखोर को पकड़ने के लिए 5 पिजड़े व 36 कैमरे लगा रखे हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि गुलदार हो या बाघ, उसे मारने के बजाए रेस्क्यू सेंटर भेजा जाना चाहिए। हिंसक जानवर को मारने के लिए चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन की संस्‍तुति जरूरी है, न कि किसी नेता के आंदोलन की। वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट की धारा 11 ए के तहत तीन परिस्थितियों में किसी जानवर को मार सकते हैं। उसे पहले उस क्षेत्र से खदेड़ दिया जाता है, फिर ट्रेंक्यूलाइज कर रेस्क्यू सेंटर में रखा जाता है। आखिर में मारने जैसा अंतिम और कठोर कदम उठाया जा सकता है।

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संसद की सुरक्षा में सेंध मामलाः सरेंडर से पहले मास्टरमाइंड ने जला दिए थे साथियों के फोन

नई दिल्ली 15 Dec, (एजेंसी): संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले के कथित मास्टरमाइंड ललित झा ने दिल्ली पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मास्टरमाइंड ललित झा ने राजस्थान के कुचामन भागने के बाद अपने दोस्त महेश के साथ अपने सहयोगियों के मोबाइल फोन जला दिए हैं। घटना से पहले, सभी चार आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन झा को सौंप दिए थे, ताकि महत्वपूर्ण जांच विवरण पुलिस के हाथ न लग सकें, क्योंकि उन्हें उनकी गिरफ्तारी की आशंका थी।

जांच से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ललित झा से पूछताछ के बाद और जानकारी साझा करेंगे।” झा ने नई दिल्ली जिले के कर्तव्य पथ पुलिस स्टेशन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इससे पहले गुरुवार को, इस सिलसिले में गिरफ्तार किए गए चार मुख्य आरोपियों – सागर शर्मा, मनोरंजन डी., नीलम आज़ाद और अमोल शिंदे को दिल्ली की एक अदालत ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

मनोरंजन मैसूर का रहने वाला, जबकि सागर लखनऊ का, नीलम हरियाणा के जिंद की रहने वाली है, जबकि अमोल महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है। पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में उनके और बिहार के मूल निवासी झा के खिलाफ दर्ज मामले में धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 452 (अतिक्रमण), 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना), 186 (लोक सेवकों के काम में बाधा डालना), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 353 (लोक सेवकों को कर्तव्य से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल), साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा 16 और 18 लगाई गई है।

सूत्रों के मुताबिक, पांचों मुख्य आरोपियों ने कथित तौर पर घटना से पहले रात गुरुग्राम के सेक्टर 7 में विक्रम उर्फ विक्की शर्मा नाम के व्यक्ति के आवास पर बिताई थी। वे बुधवार सुबह 8 बजे घर से निकले थे। मामले के सिलसिले में हिरासत में लिए गए विक्रम और उसकी पत्‍नी राखी को घंटों पूछताछ के बाद गुरुवार शाम को जाने दिया गया। एक सूत्र के अनुसार, झा ने अपनी योजना को अंजाम देने से ठीक पहले चार अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन ले लिए और जल्दबाजी में भाग निकला।

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संसद सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा के लिए कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा व राज्यसभा में दिया नोटिस

नई दिल्ली 15 Dec, (एजेंसी): कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनीष तिवारी और राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन ने 13 दिसंबर के सुरक्षा उल्लंघन पर चर्चा के लिए शुक्रवार को संसद में नोटिस दिया। पंजाब के आनंदपुर साहिब से सांसद तिवारी ने लोकसभा में अपने नोटिस में कहा, “यह सदन दुर्भाग्यपूर्ण सुरक्षा उल्लंघन के संबंध में चर्चा करने के लिए शून्यकाल, प्रश्नकाल और दिन के अन्य कामकाज को निलंबित करता है।”

राज्यसभा में अपने नोटिस में, हुसैन ने कहा, “यह सदन संसद में सुरक्षा के गंभीर उल्लंघन पर चर्चा करने के लिए शून्य काल और प्रश्नकाल और दिन के अन्य कामकाज के लिए प्रासंगिक नियमों को निलंबित कर देता है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस घुसपैठ से पहले, दो प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने धुआं बम भी जलाए।

उन्होंने कहा, “ये घटनाएं एक समन्वित प्रयास का हिस्सा लगती हैं, जिसमें कुल पांच व्यक्ति शामिल हैं: लोकसभा कक्ष के अंदर दो घुसपैठिए, दो प्रदर्शनकारी और एक अतिरिक्त व्यक्ति, सभी पर मिलीभगत से काम करने का संदेह है और इसे देखते हुए स्थिति की गंभीरता और संसद की प्रतिष्ठित संस्था और उसके सदस्यों की सुरक्षा पर इसका सीधा प्रभाव, मेरा प्रस्ताव है कि हम इस मामले के संबंध में गृह मंत्री से एक बयान की मांग करें। इसके बाद, मेरा सुझाव है कि सदन तत्काल मुद्दे पर व्यापक चर्चा करे। भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय किए जाए।”

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नहीं रहे दिग्गज कांग्रेस नेता और छह बार के विधायक केपी विश्वनाथन, लंबी बीमारी के बाद तोड़ा दम

तिरुवनंतपुरम 15 Dec, (एजेंसी): वयोवृद्ध कांग्रेस नेता केपी विश्वनाथन का शुक्रवार सुबह एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। विश्वनाथन केरल के त्रिशूर में कांग्रेस के सबसे बड़े नेताओं में से एक थे, लेकिन पिछले कुछ समय से उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा हुआ था।

छह बार के विधायक, विश्वनाथन, के. करुणाकरण (1991-94) की कैबिनेट और 2004-2005 की ओमन चांडी कैबिनेट में भी मंत्री थे, जब उन्हें प्रतिकूल अदालत के फैसले पर इस्तीफा देना पड़ा था।

2006 और 2011 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद, विश्वनाथन ने व्यावहारिक रूप से सक्रिय राजनीति छोड़ दी। एक मृदुभाषी नेता, वह कांग्रेस पार्टी में अपने संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से उच्च पदों तक पहुंचे।

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बेखौफ लुटेरेः स्वर्ण व्यवसाई को गोली मारी- 30 लाख रुपये के आभूषण लूटे

सासाराम 15 Dec, (एजेंसी): बिहार के रोहतास जिले के डेहरी नगर थाना क्षेत्र में बेखौफ अपराधियों ने कोलकाता के एक स्वर्ण व्यापारी से 30 लाख रुपए से अधिक कीमत के आभूषण लूटकर फरार हो गए। इस क्रम में अपराधियों ने व्यापारी को गोली मार दी। घायल अवस्था में उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस के मुताबिक, कोलकाता के रहने वाला व्यापारी कुदुस अली बिहार के औरंगाबाद और डेहरी से अपना व्यापार करता है। गुरुवार की रात वह आभूषण लेकर डेहरी से औरंगाबाद जाने वाला था, तभी नगर परिषद बस स्टैंड के पास अज्ञात अपराधियों ने उसे गोली मार दी और आभूषण लूटकर फरार हो गए।

बताया जाता है कि व्यापारी के पैर में गोली लगी है। आनन फानन में उसे स्थानीय एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई और मामले की छानबीन की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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निलंबित सांसदों ने नए संसद भवन के मेन गेट पर किया प्रदर्शन, सरकार की सदन चलने देने की अपील

नई दिल्ली 15 Dec, (एजेंसी): लोक सभा की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध लगातार बना हुआ है। लोक सभा से गुरुवार को पूरे सत्र के लिए निलंबित किए गए सांसदों ने नए संसद भवन के मेन गेट पर प्रदर्शन किया। सोनिया गांधी ने भी मेन गेट पर बैठे निलंबित सांसदों से जाकर मुलाकात की। इसके बाद निलंबित सांसदों के साथ-साथ विपक्षी दलों के तमाम सांसदों ने प्लेकार्ड लहराते हुए संसद भवन परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के पास जाकर प्रदर्शन किया।

आपको बता दें कि, विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण शुक्रवार को भी लोक सभा की कार्यवाही नहीं चल पाई। शुक्रवार को जैसे ही सुबह 11 बजे लोक सभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद प्लेकार्ड लहराते हुए और नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। सदन के हालात देखकर पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल ने कुछ ही सेकंडों के भीतर लोक सभा की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

विपक्षी सांसद लोक सभा की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। विपक्षी सांसद लोक सभा की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले आरोपियों का लोक सभा के दर्शक दीर्घा का पास बनवाने वाले भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी कर रहे थे।

दरअसल, लोक सभा की सुरक्षा में हुई चूक के मामले में विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं सरकार अतीत में हुई इस तरह की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए यह कह रही है सदन के कस्टोडियन स्पीकर हैं और पहले भी इस तरह की घटनाओं में स्पीकर ने ही फैसले किए हैं।

विपक्ष द्वारा सरकार पर अपनी आवाज दबाए जाने के लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आवाज दबाने का आरोप गलत है, वे तो उनकी आवाज बुलंद करने की कोशिश कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बिल चर्चा के लिए लिस्टेड है, सरकार चर्चा के लिए तैयार है, विपक्ष आए और सदन में बिल पर चर्चा करें।

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मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 30 दिसंबर को उतरेगा पहला विमान

अयोध्या 15 Dec, (एजेंसी): भगवान श्रीराम की नगरी में भव्य मंदिर निर्माण के साथ-साथ तमाम विकास कार्यों को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इसे ध्यान में रखते हुए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निर्माण का कार्य भी तेज गति से पूरा किया जा रहा है।

जनवरी माह में भव्य श्रीराम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले अयोध्या जनपद में हवाई यातायात सेवाएं प्रारंभ हो जाएंगी। एयरपोर्ट पर 30 दिसंबर को उद्घाटन के लिए पहला विमान पहुंच जाएगा। सीएम योगी व उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और वीके सिंह ने अभी कुछ दिन पहले ही एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था।

अधिकारियों को 15 दिसबंर तक काम पूरा करने के आदेश दिए गए थे। अधिकारियों ने भी सीएम और केंद्रीय मंत्रियों को आश्वस्त किया था कि काम युद्ध स्तर पर जारी है और तय सीमा पर काम पूरा कर दिया जाएगा। मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट का काम आखिरी स्टेज में है। रनवे बनकर तैयार हो गया है। एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई 2,200 मीटर व चौड़ाई 45 मीटर का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण है। दूसरे चरण में रनवे 3700 मीटर का हो जाएगा।

टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण कार्य 98 फीसदी पूरा हो गया है। जबकि रनवे का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब श्रीराम एयरपोर्ट 50 हजार स्क्वायर फीट का हो जाएगा। रनवे पर नाइट लैंडिंग के लिए सभी उपकरण लगा दिये गये हैं। कोहरे और धुंध में लैंडिंग के लिए कैट वन और रेसा सुविधाओं का काम भी पूरा हो गया है। लैंडिंग लाइट्स भी लगा दी गई है। एटीसी टावर बनाया जा चुका है। फायर स्टेशन बनाया जा चुका है। एयरपोर्ट के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी आ गई हैं। यहां पर एक साथ आठ एयरक्राफ्ट पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है।

परियोजना में शामिल कुल 821.34 एकड़ भूमि का अधिग्रहण भी पूरा हो चुका है। टर्मिनल बिल्डिंग में कुल 500 यात्रियों के आवागमन की क्षमता है। 200 वाहन पार्किंग 150 कार एवं 50 बड़े वाहन की सुविधा भी है। इसके अलावा 1 एप्रेन का निमार्ण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजनाओं की कुल स्वीकृति लागत 328 करोड़ रुपए हैं। भविष्य में रनवे को 3750 मीटर तक बढ़ाए जाने की योजना है।

डीएम नीतीश कुमार के मुताबिक एयरपोर्ट के संचालन के लिए लाइसेंसिंग की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जनवरी में राम भक्तों को अयोध्या से दिल्ली और अयोध्या से अहमदाबाद की हवाई यात्रा की सुविधा मिलने लगेगी। वहीं, 30 दिसंबर को एयरपोर्ट पर दिल्ली से उद्घाटन फ्लाइट भी पहुंच जाएगी। एयरपोर्ट पर 6 जनवरी से कमर्शियल बुकिंग शुरू होगी।

बता दें कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बिल्कुल उसी तरह बनाया जा रहा है, जिस तरह श्रीराम मंदिर का निर्माण हो रहा है। यहां तक कि उसमें भी वही पत्थर लगाए जा रहे हैं और वैसी ही नक्काशी की जा रही है। एयरपोर्ट पर उतरने के साथ ही यात्रियों को अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का एहसास ही नहीं होगा बल्कि उसकी झलक भी दिखाई देगी।

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अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं को मिले बेहतर सुविधा

*डीएम ने निर्माणाधीन विभिन्न पथों का किया स्थलीय निरीक्षण*

अयोध्या 14 दिसंबर (एजेंसी)। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने अयोध्या धाम में आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों को आवागमन की सुचार एवं बेहतर सुविधा सुगमता से उपलब्ध कराने के दृष्टिगत निर्माणाधीन विभिन्न पथों का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति व मार्गो की विशिष्टियों का जायजा लिया। श्रीराम जन्मभूमि पथ के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्रीराम जन्मभूमि पथ पर सुग्रीव किला के पास निर्माणाधीन प्रवेश द्वार व श्रद्धालुओं हेतु बनाये जा रहे कैन ओपी के कार्य का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि प्रवेश द्वार व कैनोपी का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा कई शिफ्टों में कार्य चल रहा है, जिलाधिकारी ने शेष कार्य को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर जन्मभूमि पथ पर दोनों  तरफ चाहर दीवारी पर जी0आर0सी0 (ग्लास-फाइबर प्रबलित कंक्रीट) के द्वारा उकेरी जा रही श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की कलाकृतियों एवं अयोध्या की संस्कृति एवं वास्तुकला को प्रदर्शित करते हुए समरूपता लाने हेतु किये जा रहे कार्यो का भी जायजा लिया तथा सम्बंधित अधिकारियों को कार्य की विशिष्टियों एवं गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हुये कार्य में और तेजी लाने तथा समस्त कार्यो को अपेक्षित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिये। इस दौरान जिलाधिकारी ने श्री रामलला के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के सामान को रखने, मंदिर में दर्शन करने हेतु वहां तक आने जाने तथा अपने-अपने सामान को पुन: प्राप्त करने हेतु की जा रही व्यवस्थाओं का भी एल0एण्ड0टी0 के अधिकारियों से जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

तदोपरांत जिलाधिकारी ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दृष्टिगत मंदिर परिसर में की जा रही तैयारियों का भी एल0एण्ड0टी0 के अधिकारियों के साथ परिसर का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लिया गया। इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा रेलवे स्टेशन अयोध्या का भी भ्रमण किया गया। उक्त अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट  ध्रुव खाडिया व अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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CM केजरीवाल और LG ने एक साथ 500 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, दिल्ली में अब ई-बसों की संख्या पहुंची 1300

नई दिल्ली 14 Dec, (एजेंसी): दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल (एलजी) वी.के. सक्सेना ने गुरुवार को 500 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसी के साथ दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 1,300 हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने एक्स पर लिखा, सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सड़कों पर 500 नई आलीशान इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही दिल्ली भारत में सबसे ज़्यादा इलेक्ट्रिक बसों वाला शहर बन गया है। देश में 1300 इलेक्ट्रिक बसें आज केवल दिल्ली में हैं।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, सभी दिल्लीवासियों को बधाई। गुरुवार से दिल्ली की सड़कों पर 500 और इलेक्ट्रिक बसें आ रही हैं। दिल्ली में ई-बसों की संख्या अब 1,300 तक पहुंच गई है। इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि ये 500 बसें शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद करेंगी। सीएम अरविंद केजरीवाल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य परिवहन व्यवस्था में सुधार करना है और 1,300 इलेक्ट्रिक बसों के साथ दिल्ली एकमात्र ऐसा शहर है, जिसके पास इतना बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली में अब देशभर से सबसे अधिक इलेक्ट्रिक बसें हैं। जनवरी 2022 से 800 बसें पहले ही चालू हो चुकी हैं। ये पर्यावरण-अनुकूल बसें अब तक 42 मिलियन किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर चुकी हैं, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 34,000 टन की कमी आई है। प्रदूषण को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए शहर में 2025 तक 10,480 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का लक्ष्य है।

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पूर्व सीएम शिवराजसिंह चौहान ने चलाया ट्रैक्टर, फिर रोईं लाड़ली बहनें, शिवराज भी भावुक

विदिशा ,14 दिसंबर (एजेंसी)। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वे अपने खेत में ट्रैक्टर चलाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को अपने खेत में चने की बुआई की।

पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर लिखा है कि अपने मप्र की माटी सोना उगलती है। धरती मां धन-धान्य से घरों को खुशहाल बना देती है। पसीने की कुछ बूंदों से माटी को नमन किया। आज खेतों की जुताई कर चने की बुआई की।

शिवराजसिंह चौहान गुरुवार शाम को बाढ़ वाले गणेश मंदिर दर्शन करने पहुंचे। इसकी जानकारी लगते ही वहां भीड़ उमड़ पड़ी। भारी संख्या में महिलाएं भी वहां पहुंच गई।

लाड़ली बहनों ने शिवराज सिंह के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने नारे लगाए – शिवराज तुम राज को, हम तुम्हारे साथ हैं.. बहनों का भाई कैसा हो, शिवराज भैया जैसा हो.. इसके बाद बहनों शिवराज सिंह से लिपटकर रोने लगी। इधर, भीड़ से भांजे-भांजियों ने शिवराज के लिए आई लव यू मामा कहा। बहनों का लिपटकर रोना और भांजे-भांजियों का प्यार देखकर शिवराज सिंह भावुक हो गए। उनकी आंखों से आंसू बहने लगे।

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भाजपा कार्यकर्ता की हथेली काटने वाले बदमाशों के घर बुलडोजर से गिराए

भोपाल ,14 दिसंबर (एजेंसी)। राजधानी में भाजपा कार्यकर्ता पर हमला कर उसकी हथेली काटने वाले बदमाशों के घर गुरुवार को बुलडोजर से गिरा दिए गए। आरोपियों पर यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत की गई है। इससे स्पष्ट हो गया कि अपराधियों के घरों पर नई सरकार में भी बुलडोजर चलता रहेगा। मप्र में मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद बदमाशों के घर बुलडोजर चलाने की पहली कार्रवाई है।

बता दें कि भोपाल में पांच दिसंबर को आरोपी फारुख राइन उर्फ मिन्नी, असलम, समीर उफ बिल्लू, शाहरुख औश्र बिलाल ने साई बोर्ड के पास भाजपा नेता पर हमला किया था। इस दौरान आरोपियों ने उनकी हथेली भी काट दी थी। जिसके बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने आरोपियों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वहीं सभी आरापियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

गुरुवार को कोलार एसडीएम आशुतोष गोस्वामी के नेतृत्व में नगर निगम और पुलिस का अमला आरोपियों के घर पहुंचा और आरोपियों के तीन मकान गिरा दिए। बता दें कि देवेंद्र सिंह अरेरा मंडल में झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ के महामंत्री हैं। इन पर हमला होने के बाद नौ दिन बाद आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया गया है।

अतिक्रमण अधिकारी प्रतीक गर्ग और हबीबगंज थाना प्रभारी मनीष राज सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपियों ने बिना भवन अनुज्ञा के घर बनाया था। वहीं जिस जमीन पर बना था, उसके दस्तावेज भी इनके पास नहीं थे। जिसके कारण गुरुवार को इनका घर गिराने की कार्रवाई की गई। हांलाकि बदमाशों के स्वजनों को पहले ही कार्रवाई की जानकारी दी गई थी। जिससे स्वजन पहले ही घर खाली कर चुके थे।
निगम के 25 से अधिक कर्मचारियों ने मकान तोडऩे की कार्रवाई की। अतिक्रमण को हटाने में डेढ़ घंटे लगे।

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विधानसभा में अब विधायक केवल एक बाहरी व्यक्ति को दिलवा सकेंगे दीर्घा में प्रवेश

भोपाल ,14 दिसंबर (एजेंसी)। देश की राजधानी दिल्ली में संसद पर आतंकी हमले की बरसी के दिन ही दो युवक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए लोकसभा की दर्शक दीर्घा से सदन में कूदकर स्मोक बम सरीखी सामग्री से धुआं छोडऩे की घटना को देखते हुए विधानसभा सचिवालय भी हरकत में आ गया है। गुरुवार को प्रमुख सचिव एपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और निर्देश दिए कि अब विधायक केवल एक ही बाहरी व्यक्ति को दर्शक दीर्घा में प्रवेश दिला पाएंगे। दो स्तर पर जांच होगी और कोई भी ऐसी सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जिसे सुरक्षा को कोई खतरा हो।

मध्य प्रदेश में 16वीं विधानसभा का गठन हो चुका है। दिसंबर में पहला सत्र प्रस्तावित है। लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। अभी विधानसभा अध्यक्ष या सदस्य अपने क्षेत्र के लोगों को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए प्रवेश पत्र जारी करवाते हैं। इसमें बैठक व्यवस्था के अनुसार सदस्यों की अनुशंसा पर प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं, लेकिन अब विधायक के स्वजन के अलावा वे केवल एक बाहरी व्यक्ति की ही अनुशंसा कर सकेंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि सत्र के पहले एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। विधानसभा परिसर और दीर्घा में प्रवेश से पहले जांच होगी।
मप्र विधानसभा में आगंतुकों के लिए विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रवेश पत्र जारी किए जाते हैं। यह विधानसभा अध्यक्ष या विधायक की

अनुशंसा पर ही जारी किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र होना अनिवार्य रहता है। प्रवेश पत्र में ही इस बात का उल्लेख होता है कि संबंधित व्यक्ति किस दीर्घा में जाकर बैठ सकता है।

विधानसभा में पहुंचने वाले व्यक्ति को दो जगहों पर सुरक्षा जांच से गुजरना होता है। पहले परिसर के बाहरी द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी उनकी जांच करते हैं। इसके बाद दीर्घा में प्रवेश से पहले फिर उनकी जांच होती हैं। यहां उनके जूते-चप्पल, बेल्ट उतरवा रखवा लिए जाते हैं। खाने-पीने की कोई चीज अपने साथ नहीं ले जा सकते हैं। मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति तो रहती है, पर उसे बंद करके रखना होता है।
विधानसभा के अपर सुरक्षा सचिव उमेश शर्मा ने बताया कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर की पूरी सुरक्षा व्यवस्था राज्य पुलिस बल के हवाले रहती है। सामान्य दिनों में राज्य के विशेष सशस्त्र बल के 27 जवान तैनात रहते हैं। वहीं, विधानसभा का सुरक्षा अमला, जिसमें लगभग सौ जवान हैं, भी परिसर के भीतर तैनात रहता है।

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संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति धनखड़, बिरला, शाह, नड्डा, सोनिया और खडगे ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली 13 Dec, (एजेंसी): भारत के लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद भवन पर 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकी हमले की आज 22वीं बरसी है। इस अवसर पर संसद भवन परिसर में इस आतंकी हमले के दौरान शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को नमन करने के लिए श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति एवं राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़, लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, सोनिया गांधी, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे और अधीर रंजन चौधरी सहित केंद्रीय मंत्रियों, वर्तमान एवं पूर्व सांसदों ने संसद पर हुए आतंकी हमले के दौरान शहीद सुरक्षाकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान आतंकी हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने आतंकी हमले के दौरान शहीद सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए अपनी तस्वीर शेयर करते हुए एक्स पर पोस्ट में कहा, “आज हम 2001 में संसद हमले में शहीद हुए बहादुर सुरक्षाकर्मियों को याद करते हैं और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। खतरे के सामने उनका साहस और बलिदान हमारे देश की स्मृति में हमेशा अंकित रहेगा।”

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दुबई में हिरासत में लिया गया महादेव ऐप का मालिक रवि उप्पल, भारत लाने की कोशिश में ED

नई दिल्ली 13 Dec, (एजेंसी): महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले के दो मुख्य आरोपियों में एक रवि उप्पल को दुबई में हिरासत में लिया गया है। इंटरपोल की तरफ से जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया है। उप्पल को भारत लाने के लिए ईडी (ED) दुबई में जांच एजेंसियों के संपर्क में है।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के दो मुख्य मालिकों में से एक रवि उप्पल को ईडी के आदेश पर इंटरपोल द्वारा जारी रेड नोटिस के आधार पर स्थानीय पुलिस ने दुबई में हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि 43 वर्षीय उप्पल को पिछले हफ्ते हिरासत में लिया गया था और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारी उसे भारत भेजने के लिए दुबई के अधिकारियों के संपर्क में हैं। उप्पल की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस और मुंबई पुलिस के अलावा कथित अवैध सट्टेबाजी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी द्वारा की जा रही है।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग केस की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय के रडार पर टीवी और बॉलीवुड के कई सेलेब्स भी आए थे। इस केस में ईडी ने कॉमेडियन कपिल शर्मा, एक्ट्रेस हुमा कुरैशी और टीवी एक्ट्रेस हिना खान को पूछताछ के लिए समन भेजा था। 4 अक्टूबर को ईडी ने इस केस में एक्टर रणबीर कपूर को समन भेजा था। तीनों को पूछताछ के लिए भी बुलाया गया था।

खास बात ये है कि महादेव बेंटिग एप के मालिक की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। पुलिस रवि उप्पल और इस एप को चलाने वाले कई अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए उनके कई ठिकानों पहले छापेमारी भी कर चुकी थी, लेकिन वो रवि और उनके साथियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस बीच खबर मिली की रवि अब देश से बाहर जा चुका है। इसके बाद ही ईडी ने इंटरपोल से संपर्क किया और उसके खिलाफ नोटिस जारी करवाया।

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मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ा विधेयक राज्यसभा से पारित, जानें इसमें क्या है खास

नई दिल्ली 13 Dec, (एजेंसी) – मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें एवं पदावधि) विधेयक पर  राज्यसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले सदन में माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वी शिवादासन और जॉन ब्रिटॉस के इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।

सदन में लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली चर्चा का जवाब देते हुए विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सरकार चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के लिए प्रतिबद्ध है और यह विधेयक इसी दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को पूरा किया गया है। इसके अलावा चुनाव आयोग को मजबूत बनाते हुए आयुक्तों का वेतनमान उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के समान कर दिया गया है तथा सेवाकाल के दौरान कर्तव्य निर्वहन के लिए कोई अदालत उनको समन नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि संविधान में सत्ता का विकेंद्रीकरण किया गया है। इसलिए कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका का कार्यक्षेत्र तय किया गया है।

नियुक्ति प्रक्रिया कार्यपालिका का क्षेत्र है। यह विधेयक निर्वाचन आयोग (चुनाव आयुक्तों की सेवा शर्तें और कार्य संचालन) कानून 1991 का स्थान लेगा। संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और अन्य चुनाव आयुक्त (ईसी) होते हैं। विधेयक में चयन समिति का प्रावधान किया गया है जिसमें अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री, सदस्य के रूप में लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा सदस्य के रूप में नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री होंगे। अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता को मान्यता नहीं दी गई है तो लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल का नेता इसमें होगा। चयन समिति पर विचार करने के लिए एक खोज समिति पांच व्यक्तियों का एक पैनल तैयार करेगी। खोज समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे। इसमें दो अन्य सदस्य होंगे जो केंद्र सरकार के सचिव स्तर से नीचे के नहीं होंगे।

यह विधेयक क्या है और इसमें क्या प्रस्तावित किया गया है?

इस साल 2 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई), लोकसभा में विपक्ष के नेता की सदस्यता वाली एक समिति द्वारा की जानी चाहिए। संविधान सीईसी और ईसी की नियुक्ति के लिए कोई विशिष्ट विधायी प्रक्रिया नहीं बताता है। परिणामस्वरूप, केंद्र सरकार को इन अधिकारियों की नियुक्ति में खुली छूट है। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर नियुक्तियां करता है।

विधेयक में क्या है?
चयन समिति अपनी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से रेगुलेट करेगी।
CEC-EC का कार्यकाल 6 साल या 65 वर्ष की आयु तक रहेगा।
CEC-EC का वेतन कैबिनेट सचिव के समान होगा।
इनका चयन पीएम, नेता विपक्ष, एक कैबिनेट मंत्री की समिति करेगी।

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ED की चार्जशीट में दावा, राशन वितरण घोटाले से सरकार के खजाने को 400 करोड़ रुपये से ज्‍यादा का नुकसान

कोलकाता 13 Dec, (एजेंसी): यहां की एक विशेष अदालत में  दाखिल की गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पहली चार्जशीट के अनुसार, कथित राशन वितरण घोटाला मामले के कारण पश्चिम बंगाल सरकार के खजाने को लगभग 400 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूत्रों ने कहा कि हालांकि यह सिर्फ प्रारंभिक अनुमान है, यह आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि जांच अधिकारी जांच के दौरान गहराई में जाएंगे और फंड डायवर्जन के विभिन्न तरीकों से संबंधित अधिक सुराग प्राप्त करेंगे।

सूत्रों ने यह भी बताया कि 400 करोड़ रुपये का यह प्रारंभिक अनुमान केवल राज्य के खजाने में हुए नुकसान से संबंधित है, न कि कथित घोटाले के पूरे वित्तीय आकार से। घोटाले में शामिल लोगों द्वारा खाद्यान्‍न बेचकर भारी पैसा कमाया गया है। कमाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए उत्पाद खुले बाजार में प्रीमियम दर पर या रियल एस्टेट और होटल जैसे अन्य क्षेत्रों में घोटाले की आय का निवेश करके भी की गई।

सूत्रों ने बताया कि आरोपपत्र में राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से जुड़े एक नौकरशाह का बयान शामिल किया गया है। ईडी के अधिकारियों ने नौकरशाह को गवाह के रूप में संदर्भित किया है। आरोपपत्र में ईडी ने पश्चिम बंगाल के वन मंत्री और पूर्व राज्य खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक और कोलकाता स्थित व्यवसायी बकीबुर रहमान को घोटाले के प्रमुख मास्टरमाइंड के रूप में पहचाना है। ईडी ने यह भी उल्लेख किया है कि पीडीएस डीलरों, चावल-मिल मालिकों का एक वर्ग भी पूरे लॉन्ड्रिंग सिस्टम में पक्षकार थे।

केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों को राज्य के खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के एक वर्ग की संलिप्तता के बारे में भी जानकारी मिली है, यह देखते हुए कि रहमान के कब्जे से बड़ी संख्या में विभाग की आधिकारिक मुहरें जब्त की गई थीं।

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कांग्रेस ने मप्र के मनोनीत मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए आरोप

*मोदी की गारंटी पर उठाए सवाल*

नई दिल्ली,12 दिसंबर (एजेंसी)। भाजपा द्वारा मोहन यादव को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री घोषित करने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने मंगलवार को भगवा पार्टी पर तंज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर हेरफेर सहित कई गंभीर आरोप हैं। उन्होंने उज्जैन मास्टरप्लान पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या यही राज्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है।

एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, चुनाव नतीजों के आठ दिन बाद बीजेपी ने मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री चुना, एक ऐसा व्यक्ति जिसके खिलाफ उज्जैन मास्टरप्लान में बड़े पैमाने पर हेरफेर सहित कई गंभीर आरोप हैं.

उन्होंने कहा, सिंहस्थ के लिए आरक्षित 872 एकड़ जमीन में से भू-उपयोग बदलकर जमीन अलग कर दी गई। उनके कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हैं, इनमें वह गाली-गलौज करते, धमकी देते और आपत्तिजनक बयान देते नजर आ रहे हैं।

रमेश ने प्रधानमंत्री के मोदी की गारंटी वाले बयान पर उन पर कटाक्ष करते हुए कहाा,क्या यह मध्य प्रदेश के लिए मोदी की गारंटी है?
रमेश ने अपने दावों के समर्थन में एक समाचार क्लिपिंग भी संलग्न की।

भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई ने सोमवार को मोहन यादव को राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाया।

यह निर्णय राज्य की राजधानी में पार्टी की विधायी बैठक के बाद आया।

मोहन यादव (58) ने उज्जैन दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीता। उन्होंने अपना पहला विधानसभा चुनाव 2013 में जीता और 2023 सहित लगातार तीन चुनावों में विजयी रहे।

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ब्लैकबेरी ने की नए सीईओ की नियुक्ति

टोरंटो, 12 दिसंबर (एजेंसी)। ब्लैकबेरी ने तत्काल प्रभाव से अपने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी और निदेशक मंडल के सदस्य के रूप में जॉन जे जियामाटेओ की नियुक्ति की घोषणा की है।

रिचर्ड (डिक) लिंच, जिन्होंने 4 नवंबर से अंतरिम सीईओ के रूप में कार्य किया, बोर्ड अध्यक्ष के रूप में बने रहेंगे।
कंपनी ने यह भी घोषणा की कि वह आईओटी और साइबर सुरक्षा व्यवसायों को अलग कर देगी, और वे पूरी तरह से स्टैंडअलोन डिवीजनों के रूप में काम करेंगे।

ब्लैकबेरी ने कहा कि वह अब आईओटी व्यवसाय की सहायक आईपीओ को आगे नहीं बढ़ाएगा।

ब्लैकबेरी बोर्ड की मुआवजा, नामांकन और गवर्नेंस समिति के अध्यक्ष माइक डेनियल ने कहा, जियामाटेओ के गहन उद्योग अनुभव और प्रेरक टीमों के उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड और परिचालन उत्कृष्टता प्रदान करने का मतलब है कि वह ब्लैकबेरी के इस महत्वपूर्ण परिवर्तन को चलाने के लिए मजबूती से तैनात हैं।

जियामाटेओ ने अक्टूबर 2021 से ब्लैकबेरी की साइबर सुरक्षा व्यवसाय इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।

उनके पास वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। ब्लैकबेरी से पहले, वह मैक्एफ़ी में अध्यक्ष और मुख्य राजस्व अधिकारी थे।

जियामाटेओ ने कहा, मैं सीईओ के रूप में ब्लैकबेरी के विकास के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए उत्साहित हूं। ब्लैकबेरी के आईओटी और साइबर सुरक्षा व्यवसायों में बाजार की अग्रणी तकनीक, असाधारण टीमें और बड़े बाजार अवसर हैं।

उन्होंने इंटरनेट और मोबाइल सुरक्षा के अग्रणी प्रदाता एवीजी टेक्नोलॉजीज में मुख्य परिचालन अधिकारी के रूप में भी काम किया और सोलेरा, रियलनेटवर्क्स और नॉर्टेल नेटवर्क्स के साथ नेतृत्व पदों पर रहे। वाटरलू, ओंटारियो में स्थित, ब्लैकबेरी 235 मिलियन से अधिक वाहनों सहित 500 मिलियन से अधिक एंडपॉइंट सुरक्षित करता है।

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