Category Archives: news

मध्यप्रदेश में 20 साल में परिवहन विभाग में 15 हजार करोड़ का घपला

कांग्रेस कोर्ट जाएगी – जीतू पटवारी

भोपाल ,21 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के पास करोडों रुपये की संपत्ति मिलने के बाद कांग्रेस हमलावर है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि बीते 20 साल में परिवहन विभाग में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का घपला हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई या सेवा निवृत्त न्यायाधीश से जांच की मांग को लेकर कांग्रेस उच्च न्यायालय जाएगी।

कांग्रेस कार्यालय में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए पटवारी ने कहा कि परिवहन विभाग के एक पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के यहां करोड़ों की संपत्ति मिली। फिर एक कार में 52 किलोग्राम सोना तथा 10 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। लोकायुक्त और आयकर की कार्रवाई से दो दिन पहले सौरभ दुबई चला जाता है। इसका आशय साफ है कि उसे जांच एजेंसी से ही छापे की सूचना मिली होगी।

जीतू पटवारी का कहना है कि जब एक आरक्षक के यहां करोड़ों की संपत्ति मिल सकती है तो परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव तथा मंत्री के पास कितनी संपत्ति होगी। इन लोगों ने राज्य में बड़ा भ्रष्टाचार किया है। बीते 20 साल में राज्य में 15 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है।

पटवारी ने एक अधिकारी के जरिए मिली जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में हर माह 30 से 35 करोड़ की विभिन्न नाकों से परिवहन विभाग वसूली करता है। इस तरह साल में चार से पांच सौ करोड़ और 20 साल में 15 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इस पूरे मामले की सीबीआई या सेवा निवृत्त न्यायाधीश से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले की जांच के लिए उच्च न्यायालय जाएगी।

पटवारी ने राज्य द्वारा लिए जा रहे कर्ज पर भी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्ची की सरकार है जो बहुत महंगी पड़ रही है। हर रोज कई लाख रुपये हेलिकॉप्टर पर खर्च किए जा रहे हैं। राज्य सरकार अपनी राजनीतिक अय्याशी के लिए कर्ज ले रही है।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने जल संसाधन विभाग में भी बड़े पैमाने पर घोटाले हेाने का आरोप लगाया है और कहा है कि बगैर किसी कमीशन के ठेका ही नहीं मिलता है।

*****************************

 

पंजाब में 3 मंजिला इमारत गिरने से हड़कंप : 15 लोग दबे होने की आशंका

 रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मोहाली ,21 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पंजाब के मोहाली जिले में शनिवार को एक भयानक हादसा हुआ, जब एक 3 मंजिला इमारत अचानक ढह गई। इस दुर्घटना में कम से कम 15 लोग मलबे में दबे होने की आशंका है। घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

शुरुआत में मिली जानकारी के मुताबिक, इमारत के अंदर एक जिम चल रहा था। वहीं, इमारत के पास एक बेसमेंट की खुदाई भी चल रही थी, जिससे बिल्डिंग की नींव कमजोर हो गई और वह गिर पड़ी। हादसे के समय जिम में लोग एक्सरसाइज कर रहे थे, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि मलबे में जिम में मौजूद लोग दबे हो सकते हैं। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।

प्रशासन ने जिम प्रबंधकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है ताकि हादसे की असल स्थिति का पता चल सके। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मलबे में 10 से 50 लोगों के दबे होने की संभावना जताई जा रही है। रेस्क्यू टीम हर संभव प्रयास कर रही है ताकि किसी भी प्रकार के और नुकसान को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

***********************

 

अहमदाबाद के साबरमती इलाके में पार्सल में विस्फोट

दो घायल, आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद ,21 दिसंबर(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। अहमदाबाद के साबरमती इलाके में पार्सल में विस्फोट से दो लोग घायल हो गए। शुरुआती पुलिस जांच में पता चला कि यह विस्फोट पारिवारिक झगड़े का नतीजा है। पार्सल पहुंचाने वाला व्यक्ति और रिसीव करने वाला इस घटना में घायल हुए हैं।

आईपीएस नीरज कुमार बडगुजर ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि साबरमती थाना क्षेत्र के अंतर्गत शिव रो हाउस में सुबह करीब 10.45 बजे पार्सल में धमाका हो गया।

गौरव गढ़वी, बलदेव सुखाडिय़ा के घर पार्सल देने के लिए आए थे। आरोपी गौरव गढ़वी ने जब पार्सल सौंपा तो प्राप्तकर्ता ने धुआं उठते देखा। पार्सल में विस्फोट हो गया, जिससे सुखाडिय़ा के भाई किरीट को चोटें आईं हैं।

उन्होंने आगे बताया कि घटना में गौरव गढ़वी भी घायल हुआ है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान अन्य संदिग्धों के नाम सामने आए हैं और पुलिस उनकी तलाश जारी रखे हुए है।

उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और फॉरेंसिक टीम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गई है। प्रारंभिक तौर पर यह पारिवारिक विवाद का मामला लग रहा है

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि सुखाडिय़ा परिवार के साथ विवाद के चलते पार्सल इस पते पर पहुंचाया गया था।

इस मामले में घायल किरीट सुखाडिय़ा के मुताबिक, पार्सल देने वाले व्यक्ति के अलावा दो और लोग ऑटो में बैठे थे। उन्होंने ही रिमोट दबाकर ब्लास्ट किया है। इस ब्लास्ट की वजह से पड़ोस में रहने वाले उनके चाचा और उनके भतीजे को भी चोट पहुंची है। जबकि पार्सल लाने वाले व्यक्ति

***********************

 

भिखारी ठाकुर का जयंती मनाया गया

कार्यक्रम का उद्धघाटन एमएलसी वीरेंद्र नारयण यादव भाजपा नेता राकेश सिंह ने किया

पटना , 19 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)।  भिखारी ठाकुर का जयंती उनके गाँव मे मनाया गया जिसमे कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल हुए संस्कृतिक कार्यक्रम का उद्धघाटन एमएलसी वीरेंद्र नारयण यादव सांसद प्रतिनिधि राकेश सिंह सदर एसडीओ लक्ष्मण तिवारी ने दीप प्रज्वालित कर के किया

इस अवसर पर हरेश सिंह मुखिया सत्येंदर सिंह उनके परपोता सुशील ठाकुर सहित अनेक लोग शामिल हुए और उनके जीवनी और उनके द्वारा किये गए सरहानीय कार्य की  सराहना की और कहा की भोजपुरी के छेत्र मे उन्होंने बहुत कार्य किये है उन्हें भोजपुरी का सेक्सपियर कहा जाता था भोजपुरी मे उन्होंने बहुत मुकाम हासिल किया आज अगर पूरे विशव मे लोग भोजपुरी जानते है तो उसमें भिखारी ठाकुर जी का ही देन है ।

************************

 

कांग्रेस अंबेडकर विरोधी है, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही : अमित शाह

नई दिल्ली ,18 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जब लोकसभा और राज्यसभा में पक्ष और विपक्ष होते हैं तो दलों, वक्ताओं का नजरिया अलग-अलग होता है। लेकिन एक बात समान होती है कि बात तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। कल से कांग्रेस ने जिस प्रकार तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर रखने का प्रयास किया है वो निंदनीय है। मैं इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस बीआर अंबेडकर विरोधी है, यह आरक्षण और संविधान के खिलाफ है। कांग्रेस ने वीर सावरकर का भी अपमान किया। आपातकाल लगाकर उन्होंने सभी संवैधानिक मूल्यों का उल्लंघन किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, …जब संसद में चर्चा चल रही थी, तो यह साबित हो गया कि कांग्रेस ने किस तरह बाबा साहेब अंबेडकर का विरोध किया। किस तरह कांग्रेस ने बाबा साहेब की मृत्यु के बाद भी उनका मजाक उड़ाने की कोशिश की… जहां तक भारत रत्न देने की बात है, कांग्रेस के नेताओं ने कई बार खुद को भारत रत्न दिया है। नेहरू जी ने 1955 में खुद को भारत रत्न दिया, इंदिरा गांधी ने 1971 में खुद को भारत रत्न दिया और बाबा साहेब को 1990 में भारत रत्न मिला, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में नहीं थी और भारतीय जनता पार्टी द्वारा समर्थित सरकार थी… अंबेडकर के प्रति नेहरू की नफरत जगजाहिर है

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, …एक सर्वदलीय मंत्रिमंडल पहली देश की कैबिनेट बनी जिसमें बाबा साहेब अंबेडकर भी सदस्य थे, नेहरू जी प्रधानमंत्री थे। नेहरू जी की किताब सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू में एक और उल्लेख आता है। नेहरू जी के आश्वासन के बावजूद भीम राव अंबेडकर को कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं दिया गया… एक ओर कांग्रेस पार्टी है। जब तक कांग्रेस सत्ता में रही बाबा साहेब अंबेडकर का कोई स्मारक नहीं बना। जहां-जहां विपक्ष की सरकारें आती गईं, स्मारक बनते गए। भाजपा की सरकारों ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बाबा साहेब के जीवन से संबंधित पंचतीर्थ का विकास किया, मध्य प्रदेश में महू, लंदन में डॉ? भीमराव रामजी आंबेडकर स्मारक, नागपुर में दीक्षाभूमि, दिल्ली में राष्ट्रीय स्मारक और महाराष्ट्र के मुंबई में चैत्रभूमि का विकास करने का काम भाजपा की सरकारों ने किया। 19 नवंबर 2015 को पीएम मोदी ने अंबेडकर जी के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया

******************************

Read this also :-

हिट द थर्ड केस के सेट से नानी की तस्वीर वायरल

राजामौली की आरआरआर बिहाइंड एंड बियॉन्ड डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज़

मोदी सरकार के लिए संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं

बल्कि राष्ट्र निर्माण की मूल प्रेरणा : अमित शाह

नई दिल्ली 17 Dec, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के लिए संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि वंचितों के कल्याण और राष्ट्र निर्माण की मूल प्रेरणा है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “देश की प्रगति के बारे में सार्थक चर्चा हुई। हमें बहुत लंबी लड़ाई के बाद आजादी मिली। संविधान पर चर्चा युवा पीढ़ी के लिए अच्छा है। देश कितना आगे बढ़ा, यह चर्चा जनता को इस बात का अहसास कराएगी। इस चर्चा में हम गहराई तक गए और हमारा लोकतंत्र पाताल की गहराई तक है।”

अमित शाह ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में हुई बहस देश के युवाओं के लिए शिक्षाप्रद होगी। इससे देश के लोगों को यह समझने में भी मदद मिलेगी कि किस पार्टी ने संविधान का सम्मान किया है और किसने नहीं। मैं सरदार पटेल को धन्यवाद देता हूं, क्योंकि उनके संघर्षों के कारण ही भारत दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है।

उन्होंने कहा, “ये भी साफ हुआ कि जनता ने जब किसी पार्टी को जनादेश दिया, तो उसने सम्मान किया या नहीं किया। संविधान पर चर्चा युवा पीढ़ी के लिए अच्छा है। इस देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अनेक तानाशाहों का अभिमान चूर-चूर करने का काम किया है।”

गृह मंत्री ने कहा, “भारत की आजादी पर दुनिया मानने को तैयार नहीं थी कि यह देश संगठित रह पाएगा या संवैधानिक मूल्य स्थापित कर सकेगा, लेकिन आज आजादी के 75 साल बाद, जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो यह सरदार वल्लभभाई पटेल के अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि हमारा देश मजबूती से खड़ा है।”

उन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि हम आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हो पाएंगे, उनको भी जनता ने व हमारे संविधान ने खूबसूरती से जवाब दिया है। आज हम दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर सम्मान के साथ खड़े हैं।

**************************

Read this also :-

अक्षय कुमार की पहली तेलुगु फिल्म कन्नप्पा की रिलीज तारीख का ऐलान

अल्लारी नरेश स्टारर बाछला मल्ली का ट्रेलर लॉन्च

वन नेशन, वन इलेक्शन संवैधानिक ढांचे पर प्रहार : तेजस्वी यादव

मधेपुरा ,17 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को लोकसभा में वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पेश किया। वहीं, बिहार में विपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि वन नेशन, वन इलेक्शन संवैधानिक ढांचे पर प्रहार है।

तेजस्वी यादव अपने कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद यात्रा को लेकर मधेपुरा पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान वन नेशन, वन इलेक्शन का विरोध करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के मुद्दे गौण हो जाएंगे। प्रदेश के चुनाव स्थानीय मुद्दे पर होते हैं, वह मुद्दा समाप्त हो जाएगा।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को लागू करना चाहते हैं, इसीलिए हमलोग कहते हैं कि ये लोग संविधान के विरोधी हैं। अभी भाजपा के लोग कह रहे हैं, वन नेशन, वन इलेक्शन, फिर आगे कहेंगे वन नेशन, वन पार्टी  और उसके बाद कहेंगे कि वन नेशन, वन लीडर।

आखिर इसका मतलब क्या है? बाद में पता चलेगा कि अब प्रदेश में विधानसभा चुनाव की जरूरत ही नहीं है, नॉमिनेटेड मुख्यमंत्री दे दो। इसलिए, भाजपा के लोग मुख्य मुद्दे पर बात ही नहीं करते हैं।

उन्होंने कहा कि इसे लेकर कम खर्च होने का तर्क दिया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री विज्ञापन पर करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। 11 साल में केंद्र सरकार विज्ञापन पर कितना खर्च की है, यह बता दे।

उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित महिला संवाद यात्रा को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी 15 दिन की यात्रा पर 2 अरब 25 करोड़ 78 लाख रुपये खर्च कर रहे हैं, जदयू के सांसद ललन सिंह बताएं कि यह पैसा कहां से आया।

*************************

Read this also :-

अक्षय कुमार की पहली तेलुगु फिल्म कन्नप्पा की रिलीज तारीख का ऐलान

अल्लारी नरेश स्टारर बाछला मल्ली का ट्रेलर लॉन्च

वन नेशन, वन इलेक्शन बिल के पक्ष में 269 वोट

इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से कराई गई वोटिंग

नई दिल्ली ,17 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पेश किया। इस बिल के पेश होने के बाद सांसद में जोरदार हंगामा हुआ।

विपक्ष के सांसदों ने इस बिल को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। इन सब के बीच इस बिल को स्वीकार कराने के लिए लोकसभा में वोटिंग कराई गई।

वन नेशन, वन इलेक्शन बिल के समर्थन में कुल 269 सांसदों ने वोटिंग की तो वहीं, इस बिल के खिलाफ 198 सांसदों ने मत दिया। इस बिल को स्वीकार कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से वोटिंग कराई गई।

कांग्रेस, सपा और एनसीपी ने इस बिल को जेपीसी के पास भेजे जाने की मांग की।

बिल को अब विचार-विमर्श के लिए संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा जाएगा।

बता दें कि लोकसभा में इस बिल को पेश किए जाने का कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, शिवसेना उद्धव गुट समेत कई विपक्षी दलों ने विरोध किया।

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जो एक साथ 8 राज्यों में विधानसभा चुनाव नहीं करा पाए वह पूरे देश में एक साथ चुनाव की बात करते हैं। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि यह बिल संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, हम इस बिल का कड़े शब्दों में विरोध करते हैं। इस बिल के जरिए राष्ट्रपति को ज्यादा शक्ति दी गई है कि वह अब 82 ए के द्वारा विधानसभा को भंग कर सकते हैं।

ये अतिरिक्त शक्ति राष्ट्रपति के साथ चुनाव आयोग को भी दी गई है। 2014 के चुनाव में 3700 करोड़ खर्च हुआ, इसके लिए ये असंवैधानिक कानून लाए हैं। संविधान में लिखा है कि पांच साल के कार्यकाल से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पूरे भारत के चुनाव को प्रभावित करेगा, हम ये नहीं होने देंगे। हम इसका विरोध करते हैं। इस बिल को जेपीसी में भेजा जाए।

वहीं, तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने वन नेशन, वन इलेक्शन विधेयक का समर्थन किया। चंद्रबाबू नायडू की पार्टी के सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि एक साथ चुनाव होने से देश का पैसा बचेगा। अगर एक साथ चुनाव होते हैं, तो लगभग 40 प्रतिशत खर्च बचेगा। इसी तरह हर पार्टी का पैसा भी बचेगा।

************************

Read this also :-

अक्षय कुमार की पहली तेलुगु फिल्म कन्नप्पा की रिलीज तारीख का ऐलान

अल्लारी नरेश स्टारर बाछला मल्ली का ट्रेलर लॉन्च

कांग्रेस नेता फिलिस्तीन बैग लेकर घूम रही हैं

हम यूपी के नौजवानों को इजरायल भेज रहे : सीएम योगी

लखनऊ ,17 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के संसद में फिलिस्तीन हैंडबैग लेकर पहुंचने पर तंज कसा। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस की नेता फिलिस्तीन बैग लेकर घूम रही हैं, जबकि हम यूपी के नौजवानों को इजरायल भेज रहे हैं।

सीएम योगी ने विधानसभा में प्रियंका गांधी का बिना नाम लिए कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस की एक नेता संसद में फिलिस्तीन का बैग लेकर घूम रही थी, जबकि हम यूपी के नौजवानों को इजरायल भेज रहे हैं, यूपी के अब तक लगभग 5,600 से अधिक युवा निर्माण कार्य के लिए इजरायल गए हैं।

जहां उन्हें रहने-खाने की फ्री व्यवस्था और डेढ़ लाख महीने की तनख्वाह मिल रही है। साथ ही पूरी सुरक्षा की गारंटी भी है। अभी इजरायल के राजदूत आए थे। उन्होंने कहा कि यूपी के और नौजवानों को हम इजरायल ले जाएंगे, क्योंकि यूपी के नौजवान बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उसके स्किल की ताकत आज पूरी दुनिया मान रही है।

वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा संसद के शीतकालीन के दौरान एक बैग लेकर पहुंची थी, जिसमें फिलिस्तीन लिखा हुआ था। इस बैग पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर और तरबूज भी बना हुआ था। इस बैग के जरिए प्रियंका गांधी ने सीधा मैसेज दिया है कि वह फिलिस्तीन के सपोर्ट में खड़ी हैं।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब प्रियंका गांधी वाड्रा ने फिलिस्तीन का समर्थन किया हो। इससे पहले वह फिलिस्तीन के पक्ष में कई बार आवाज उठा चुकी हैं। इतना ही नहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने भारत सरकार से फिलिस्तीन के साथ खड़े होने की वकालत भी की थी।

योगी सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए अपना द्वितीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। 17,865.72 करोड़ रुपए के इस अनुपूरक बजट में 790.49 करोड़ रुपए के नए प्रस्ताव सम्मिलित किए गए हैं। यह योगी सरकार का इस वित्तीय वर्ष का द्वितीय अनुपूरक बजट है, जो मूल बजट (7 लाख 36 हजार 437.71 करोड़ रुपए) का 2.42 प्रतिशत है।

इससे पूर्व योगी सरकार 12,209.93 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट भी प्रस्तुत कर चुकी है। दोनों अनुपूरक बजट को मिलाकर योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2024-25 का कुल बजट अब 7 लाख 66 हजार 513.36 करोड़ रुपए का हो गया है।

*************************

Read this also :-

अक्षय कुमार की पहली तेलुगु फिल्म कन्नप्पा की रिलीज तारीख का ऐलान

अल्लारी नरेश स्टारर बाछला मल्ली का ट्रेलर लॉन्च

अब नए हैंडबैग के साथ संसद पहुंची प्रियंका गांधी वाड्रा

इस बार बांग्लादेशी हिंदुओं की बात

नई दिल्ली  17 Dec, (Rns) । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की एक तस्वीर सामने आई है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान प्रियंका गांधी मंगलवार को एक हैंडबैग लेकर पहुंचीं, जिसमें लिखा है, “बांग्लादेश के हिंदुओं और ईसाइयों के साथ खड़े हों।”

इस बैग पर एकता को दर्शाती मुट्ठी और शांति दूत कबूतर बने हैं।

केरल की वायनाड सीट से सांसद प्रियंका गांधी ने सोमवार को लोकसभा में बांग्लादेश का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी। प्रियंका गांधी वाड्रा ने शून्यकाल के दौरान बांग्लादेश का मुद्दा उठाते हुए कहा, “बांग्लादेश में हिंदुओं, ईसाइयों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो अत्याचार हो रहा है, सरकार को उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए, बांग्लादेश सरकार से बातचीत करनी चाहिए और पीड़ितों को पूरा समर्थन देना चाहिए।”

दूसरा दिन है जब प्रियंका गांधी खास संदेश से बना बैग लेकर पहुंची हैं। एक दिन पहले वो फिलिस्तीन के समर्थन वाला हैंडबैग लेकर पहुंची थीं। जिसमें उनका फिलिस्तीन प्रेम दिखाई दिया था। संसद के शीतकालीन के दौरान प्रियंका गांधी सोमवार को एक बैग लेकर पहुंचीं, जिसमें ‘फिलिस्तीन’ लिखा हुआ था। इस बैग पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर और तरबूज भी बना है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बैग के जरिए सीधा मैसेज दिया है कि वह फिलिस्तीन के सपोर्ट में खड़ी हैं।

इसे लेकर उन्हें काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब प्रियंका गांधी ने फिलिस्तीन का समर्थन किया हो। इससे पहले वह फिलिस्तीन के पक्ष में कई बार आवाज उठा चुकी हैं। इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने भारत सरकार से फिलिस्तीन के साथ खड़े होने की वकालत भी की थी।

वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को संसद परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की और भारत सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।

***************************

Read this also :-

अक्षय कुमार की पहली तेलुगु फिल्म कन्नप्पा की रिलीज तारीख का ऐलान

अल्लारी नरेश स्टारर बाछला मल्ली का ट्रेलर लॉन्च

 

वन नेशन, वन इलेक्शन बिल लोकसभा में पेश, संसद में चर्चा जारी

नई दिल्ली 17 Dec, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को लोकसभा में वन नेशन, वन इलेक्शन बिल पेश किया। इस बिल का उद्देश्य देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था लागू करना है।

बिल को पेश करते हुए अर्जुन मेघवाल ने कहा, “हम एक देश, एक चुनाव का कांसेप्ट लाने जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक क्षमता बढ़ेगी और चुनावी खर्च में कमी आएगी।”

संसद में इस बिल को लेकर जोरदार चर्चा हो रही है। जहां सत्तापक्ष ने इसे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाला कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसपर सवाल उठाते हुए गहन विचार-विमर्श की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस बिल को मंजूरी दे दी गई थी। कैबिनेट ने दो ड्रॉफ्ट कानूनों को मंजूरी दी थी, इसमें से एक संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने से संबंधित है, जबकि दूसरा विधेयक विधानसभाओं वाले तीन केंद्र शासित प्रदेशों के एक साथ चुनाव कराने के संबंध में हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस बिल पर आम लोगों की राय भी लेने की योजना है। विचार-विमर्श के दौरान बिल के प्रमुख पहलुओं, इसके फायदे और पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए जरूरी कार्यप्रणाली और चुनावी प्रबंधन पर बातचीत की जाएगी।

इस मुद्दे पर विपक्षी दलों से बातचीत की जिम्मेदारी के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अर्जुन राम मेघवाल और किरेन रिजिजू को नियुक्त किया गया है।

**********************************

Read this also :-

अक्षय कुमार की पहली तेलुगु फिल्म कन्नप्पा की रिलीज तारीख का ऐलान

अल्लारी नरेश स्टारर बाछला मल्ली का ट्रेलर लॉन्च

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बोले मध्य प्रदेश बना घोटाला प्रदेश

भोपाल 16 Dec, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)  । पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य की भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि मध्य प्रदेश “घोटाला प्रदेश” बन गया है।

मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ। कांग्रेस सदन में सरकार को घेरने की तैयारी में है और तमाम नेताओं का रुख आक्रामक है।

विधानसभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए भोपाल पहुंचे कमलनाथ ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि पूरा देश देख रहा है कि मध्य प्रदेश “घोटाला प्रदेश” बन गया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में घोटाला एक सिस्टम है। कोई क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां घोटाला न हो। नौजवानों के साथ घोटाला, किसानों के साथ घोटाला, व्यापारियों के साथ घोटाला – अब तो यह प्रदेश “घोटाला प्रदेश” बन गया है।

मोहन यादव सरकार के एक साल पूरे होने के बाद विधानसभा का यह पहला सत्र है और कांग्रेस बीते एक साल के सरकार के कामकाज पर लगातार सवाल उठा रही है। राज्य में किसान को खाद न मिलने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

राज्य में निवेश लाने के लिए चल रहे प्रयासों को महज इवेंट बताकर कांग्रेस हमलावर है। इसके साथ ही राज्य की गड़बड़ाती अर्थव्यवस्था को भी बड़ा मुददा बनाया जा रहा है। कांग्रेस अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग पहले ही कर चुकी है।

राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हुआ। यह सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा। पहले ही दिन कांग्रेस ने प्रदेश में व्याप्त समस्याओं को लेकर विधानसभा का घेराव किया। इस घेराव के जरिए कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन कर रही है। इसे देखते हुए यह तकालीन सत्र हंगामेदार होने के आसार बने हुए हैं।

**************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

उत्तराखंड में यूसीसी के लिए अभी करना होगा और इंतजार

अधिकारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

देहरादून 16 Dec, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए अभी और इंतजार करना होगा। उत्तराखंड में यूसीसी को जल्द से जल्द लागू किया जा सके, इसके लिए जिला से ब्लॉक स्तर तक के अधिकारियों और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था की जा रही है।

यूसीसी कमेटी की सदस्य सुरेखा डंगवाल ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि नियम बनाने वाली समिति ने 18 अक्टूबर को नियमावली सरकार के पास जमा कर दी थी। अब उसके कार्यान्वयन के लिए फिर से एक कमेटी बनी है। मेरा सौभाग्य है कि मैं उस कमेटी में भी हूं।

उन्होंने कहा, “कार्यान्वयन के लिए ट्रेनिंग का हिस्सा बहुत इंपोर्टेंट है। सभी जिलों में भ्रमण कर जिला स्तर और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी, क्योंकि यूसीसी का अधिकतर हिस्सा डिजिटल होने वाला है।

यह सब जानकारी हमारे एक एप्लीकेशन में भी उपलब्ध रहेगी, क्योंकि यह यूजर फ्रेंडली है और जनता की सुविधा के लिए जो रूल बनाए गए हैं, उसमें कोई जटिलता नहीं है। आपको रजिस्ट्रेशन करना है तो आप अपने मोबाइल के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए ट्रेनिंग बहुत जरूरी है।”

सुरेखा डंगवाल ने कहा, “ट्रेनिंग का पार्ट बहुत जल्दी शुरू हो जाएगा। जब सारी ट्रेनिंग हो जाएगी, तो कार्यान्वयन प्रभावी तरीके से होगा। यह सरकार की योजना है, इसलिए सरकार इसके कार्यान्वयन के लिए ट्रेनिंग चलाना चाहती है।”

आपको बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए गठित कमेटी ने 18 अक्टूबर को सरकार को नियमावली सौंप दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति बनाई गई है। इस समिति का पूरा फोकस यूसीसी लागू करने और इसके सभी पहलुओं से अधिकारियों को अवगत कराने की है।

************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

कांग्रेस नेताओं ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग

नई दिल्ली  16 Dec, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस के कई सांसद शामिल हुए। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने केंद्र सरकार से बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

कांग्रेस सांसदों ने नारेबाजी करते हुए केंद्र की मोदी सरकार से यह अपील की कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को तुरंत रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं। केंद्र सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बांग्लादेश के साथ बातचीत करनी चाहिए, ताकि वहां के हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

कांग्रेस के नेताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अपना इकबाल दिखाना चाहिए। बांग्लादेश में रह रहे हिंदू अल्पसंख्यकों को सुरक्षा सुनिश्चित कराते हुए उन्हें न्याय दिलाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में देश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं पर इस्लामी तत्वों द्वारा गंभीर हमला किया गया है।

नई दिल्ली ने ढाका में अंतरिम सरकार के अधिकारियों से हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बार-बार अपील की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले महीने कहा था, “अंतरिम सरकार को सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हम चरमपंथी बयानबाजी, हिंसा और उकसावे की बढ़ती घटनाओं से चिंतित हैं। इन घटनाक्रमों को केवल मीडिया की अतिशयोक्ति के रूप में खारिज नहीं किया जा सकता। हम एक बार फिर बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाने का आह्वान करते हैं।”

*****************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

संभल में कई मस्जिदों पर अवैध सब स्टेशन बनाकर फ्री कनेक्शन बांटे गए थे – सीएम योगी

लखनऊ 16 Dec, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधानसभा में विपक्षियों की खिंचाई करते हुए कहा कि हम सोच रहे थे कि मिनी स्टेशन पावर कॉरपोरेशन चला रहा है, लेकिन संभल में धार्मिक स्थल से बिजली के मिनी स्टेशन संचालित हो रहे हैं। वहां कई मस्जिद ऐसी पाई गईं, जहां अवैध सब स्टेशन बनाकर फ्री में कनेक्शन बांटे गए थे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में पावर कॉरपोरेशन का लाइन लॉस 30 से कम है, लेकिन संभल के दीपासराय और मीरासराय मोहल्ले में लाइन लॉस 78 और 82 फीसदी है। यह देश के संसाधनों पर लूट है। प्रशासन कर्तव्य का निर्वहन कर रहा है तो उसे चोर कहेंगे और यदि प्रशासन चोरी पकड़ ले तो कहेंगे कि अत्याचार है।

सीएम योगी ने कहा कि सच्चाई सबके सामने आती है तो बुरा लगता है। जो बराबरी नहीं कर सकते, वे बुराई करते हैं। आप (विपक्ष) भी यही बुराई कर रहे हैं। आपकी बुराई में सत्य, न्याय नहीं झलकता। यह पक्षपातपूर्ण है।

इससे लोकतंत्र की व्यवस्था कमजोर होती है। किसी भी मुस्लिम, अन्य मत-मजहब के त्योहारों के दौरान समस्या नहीं होती तो हिंदू पर्व के दौरान यदि किसी ने समस्या खड़ी की तो सरकार सख्ती से निपटेगी। न्यायालय के आदेश का पालन करना प्रशासन का दायित्व है। प्रशासन संभल में वही कर रहा है।

उन्होंने कटाक्ष करते हुए सपा सदस्यों से कहा कि मंदिर को न छेड़कर आपने बड़ी कृपा कर दी, लेकिन, 22 कुओं को किसने पाट दिया। आखिर मूर्तियां कैसे मिल रही हैं। नोटिस से परेशानी क्यों हो रही है। संभल में तुर्क व पठान का विवाद चल रहा है।

शफीकुर्रहमान बर्क (सपा के पूर्व सांसद-अब स्मृतिशेष) खुद को भारत का नागरिक नहीं, बल्कि बाबर की संतान कहते थे। आपको तय करना है कि आक्रांताओं को अपना आदर्श मानते हैं या राम-कृष्ण, बुद्ध की परंपरा को। भारत में राम-कृष्ण व बुद्ध की परंपरा ही रहेगी, बाबर और औरंगजेब की परंपरा नहीं रहेगी।

अल्लामा इकबाल की नज्म को लेकर भी सीएम योगी ने विपक्ष पर करारा हमला किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता यहां एक कविता सुना रहे थे। सच को स्वीकार करने का सामर्थ्य नहीं है, इसलिए वो चले गए। एक दोहरे चरित्र के व्यक्ति के द्वारा जो पहले कुछ पंक्तियां लिखता है और बाद में उसका चरित्र कैसे बदल जाता है।

अल्लामा इकबाल ही हैं जो कहते थे… “मुस्लिम हैं हम वतन है, सारा जहां हमारा, चीन-ओ-अरब हमारा हिन्दोस्तां हमारा, तौहीद की अमानत सीनों में है हमारे, दुनिया के बुत-कदों में पहला वो घर खुदा का, तेगों के साए में हम पल कर जवां हुए हैं, मगरिब की वादियों में गूंजी अजां हमारी, बातिल से दबने वाले ऐ आसमां नहीं हम, ऐ गुलिस्तान-ए-उंदुलुस वो दिन हैं याद तुझको, ऐ मौज-ए-दजला तू भी पहचानती है हमको, ऐ अर्ज-ए-पाक तेरी हुर्मत पे कट मरे हम, सालार-ए-कारवां है मीर-ए-हिजाज अपना,इकबाल का तराना बांग-ए-दरा है गोया, मुस्लिम हैं हम वतन है सारा जहां हमारा।”

सीएम योगी ने पूछा कि क्या इकबाल को आप अपना आदर्श मानते हैं। वो खुद को पेशे से शिक्षक कहते हैं। ऐसे शिक्षक छात्रों को पढ़ाएंगे तो दुर्गति ही कराएंगे। इकबाल की एक कविता को यहां पढ़कर और वास्तविक सच से आप धूल डालकर छुपा नहीं सकते हैं।

*******************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

 

मनोज सिन्हा, राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने विजय दिवस पर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि

जम्मू, 16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा समेत तमाम नेताओं ने विजय दिवस के अवसर पर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है।

उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से किए गए एक्स पोस्ट में लिखा गया है, विजय दिवस पर, मैं 1971 के युद्ध में निर्णायक जीत के लिए हमारे सशस्त्र बलों के बहादुर योद्धाओं को सलाम करता हूं। उनकी नि:स्वार्थता, बलिदान और वीरता पीढिय़ों को प्रेरित करती रहेगी। राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट भावना और प्रतिबद्धता को हार्दिक श्रद्धांजलि।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट पर लिखा, विजय दिवस के गौरवशाली अवसर पर हमारे सशस्त्र बलों के शौर्य, समर्पण और संकल्प को नमन करता हूं। भारत की संप्रभुता की रक्षा करते हुए बांग्लादेश को अन्याय से मुक्त करवाने वाले, 1971 के युद्ध के सभी वीरों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को देश सदा याद रखेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने एक्स पोस्ट पर लिखा, आज ही के दिन 1971 में दुनिया का भूगोल बदल गया था, जब हमारी वीर भारतीय सैन्य शक्ति ने पाकिस्तान को पराजित किया और बांग्लादेश को आजाद कराया। इंदिरा गांधी के कुशल, दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में यह मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था।

हम अपनी सशस्त्र सेनाओं और मुक्ति बाहिनी के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को कोटि-कोटि नमन करते हैं। भारत माता के वीर सपूतों के बलिदान और समर्पण को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं पाएगा।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने एक्स पोस्ट पर लिखा, आज ही के दिन हमारी जांबाज और पराक्रमी सेना ने 1971 में पाकिस्तानी सेना को आत्मसमर्पण कराकर इतिहास रचा था। यह हम पर थोपे गए एक युद्ध का मुंहतोड़ जवाब था।

इस ऐतिहासिक विजय ने न सिर्फ भारत की अखंडता को मजबूत किया, बल्कि पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश अस्तित्व में आया। इंदिरा गांधी के बहादुर और कुशल नेतृत्व एवं हमारी सेना के शौर्य व युद्ध कौशल के चलते यह संभव हुआ।

भारत की विजय के लिए बलिदान देने वाले शहीदों, ऑपरेशन में शामिल सभी बहादुर सैनिकों को और इंदिरा गांधी के अपार साहस को नमन।

विजय दिवस हर साल 16 दिसंबर को 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में मनाया जाता है। इस युद्ध के परिणामस्वरूप बांग्लादेश को भी आजादी मिली। यह दिन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है और देश सशस्त्र बलों की बहादुरी और बलिदान को श्रद्धांजलि देता है।

***************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

प्रियंका गांधी फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर पहुंची संसद

सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू

नई दिल्ली,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें एक बार फिर उनका फिलिस्तीन प्रेम दिखाई दिया है। संसद के शीतकालीन के दौरान प्रियंका गांधी सोमवार को एक बैग लेकर पहुंचीं, जिसमें फिलिस्तीन लिखा हुआ है।

इस बैग पर शांति का प्रतीक सफेद कबूतर और तरबूज भी बना है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बैग के जरिए सीधा मैसेज दिया है कि वह फिलिस्तीन के सपोर्ट में खड़ी हैं।

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब प्रियंका गांधी ने फिलिस्तीन का समर्थन किया हो। इससे पहले वह फिलिस्तीन के पक्ष में कई बार आवाज उठा चुकी हैं। इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने भारत सरकार से फिलिस्तीन के साथ खड़े होने की वकालत भी की थी।

अब प्रियंका गांधी के इस बैग को लेकर सियासी बवाल मच गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनकी यह फोटो वायरल हो रही है। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग कमेंट कर रहे हैं।

शिवम त्यागी नाम के एक यूजर ने लिखा, प्रियंका गांधी फिलिस्तीन समर्थन का बैग लेकर पहुंची हैं संसद में, क्या कहना चाहेंगे आप?
एक अन्य यूजर ने लिखा, आज संसद में प्रियंका गांधी फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर पहुंचीं।

मतलब साफ है कांग्रेस को इतनी दूर के मुस्लिमों की चिंता है, पड़ोसी हिंदू बांग्लादेशियों की नहीं। अभी भी नहीं पहचान पाए तो फिर कभी नहीं।

पुरोहित नाम के यूजर ने लिखा, फिलिस्तीन के समर्थन में प्रियंका गांधी। लगता है ओवैसी के साथ गठबंधन हो सकता है।

हाल ही में प्रियंका गांधी ने फिलिस्तीन के राजदूत डी अफेयर्स अबेद एलराजेग अबू जाजेर से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने प्रियंका गांधी को केरल के वायनाड से लोकसभा उपचुनाव में जीत की बधाई दी।

उन्होंने राजदूत के साथ बैठक के दौरान गाजा में चल रही इजरायली सेना की कार्रवाइयों की निंदा की थी।

इससे पहले, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने न्यू ईयर 2024 पर फिलिस्तीन के समर्थन में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट भी किया था। उन्होंने लिखा था, जैसा कि हम एक नए वर्ष की शुरुआत का जश्न मनाते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं कि प्रेम, शांति, हंसी और अच्छाई हमारे जीवन को भर दें।

आइए हम गाजा में अपने भाइयों और बहनों को याद करें जो अपने जीवन, सम्मान और स्वतंत्रता के अधिकार पर सबसे अन्यायपूर्ण और अमानवीय हमले का सामना कर रहे हैं। जब हमारे बच्चे जश्न मना रहे होते हैं, तो उनके बच्चों की निर्दयता से हत्या की जा रही है। दुनिया के तथाकथित नेता चुपचाप देखते रहते हैं और सत्ता और लालच की तलाश में बेफिक्र होकर आगे बढ़ते रहते हैं।

फिर भी लाखों आम लोग हैं जो गाजा में हो रही भयानक हिंसा को रोकने की मांग करते हुए अपनी आवाज उठा रहे हैं और बहादुर दिल वाले ये लाखों लोग हमारे लिए नए कल की उम्मीद लेकर आए हैं। उनमें से एक बनें।

*****************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

संभल में 46 साल बाद खुले मंदिर के कुएं में की गई खुदाई

मिट्टी में दबी मिली माता पार्वती की खंडित मूर्ति

संभल,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। उत्तर प्रदेश का संभल पिछले दिनों शाही मस्जिद में हुए सर्वे और उसके बाद हुई हिंसा के चलते सुर्खियों में रहा. अब संभल में ही एक मंदिर को 46 साल बाद खोला गया है. ये मंदिर खग्गू सराय में स्थिर है. जिसे करीब पांच दशक बाद खोला गया. इस हिंदू मंदिर में पहले महादेव की मूर्ति निकली.

उसके बाद मंदिर के प्रांगण में स्थित कुएं की खुदाई की गई. इसके बाद इस मंदिर से मां पार्वती की खंडित प्रतिमा बरामद की गई है. फिलहाल पुलिस ने इस प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया है और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. हालातों को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है.

बता दें कि संभल के दीपसराय से सटे खग्गू सराय में एक पुरानी शिव मंदिर करीब पांच दशक से बंद था. प्रशासन ने इस मंदिर को शनिवार को फ?िर से खुलवाया. मंदिर के खुलते ही वहां पुलिस प्रशासन और लोगों की भीड़ लग गई. उसके बाद मंदिर में पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी गई. इसके बाद प्रशासन ने मंदिर के पास मौजूद एक कुएं की भी खुदाई करवाई. कुएं में जब 15 फीट खुदाई हुई तो उससे एक खंडित मूर्ति निकली.

जानकारी के मुताबिक, संभल में बिजली चोरी चेकिंग के दौरान ये प्राचीन मंदिर मिला. अब इस मंदिर से पुराने अवशेष मिलना शुरू हो गए हैं. सोमवार को मंदिर में मौजूद कुएं की खुदाई की गई. इस दौरान एक खंडित मूर्ति बरामद की गई. अब इस मूर्ति को प्रशासन को सौंप दिया गया है. जिसकी जांच की जा रही है.

बताया जा रहा है कि प्रशासन अब इस मंदिर की कार्बन डेटिंग कराएगा. इसके लिए जिला प्रशासन ने भस्म शंकर मंदिर, शिवलिंग और वहां मिले कुएं की कार्बन डेटिंग कराने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को एक पत्र लिखा है. इस जांच के जरिए प्रशासन इस बात की जानकारी प्राप्त करेगा कि ये मंदिर और इसकी मूर्ति कितनी पुरानी हैं.

******************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी समेत बड़े नेताओं ने विजय दिवस पर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आज के ही दिन 1971 में भारतीय सेना के शौर्य के आगे पाकिस्तानी सेना ने आत्मसर्पण किया था जिससे बांग्लादेश स्वतंत्र हुआ. इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह व अन्य गणमान्यों ने इस युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को विजय दिवस पर सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, विजय दिवस पर मैं हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिन्होंने 1971 के युद्ध के दौरान अदम्य साहस का प्रदर्शन किया और भारत के लिए जीत हासिल की. एक कृतज्ञ राष्ट्र हमारे बहादुर दिलों के अंतिम बलिदान को याद करता है जिनकी कहानियां हर भारतीय को प्रेरित करती है और राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बनी रहेंगी.

1971 के मुक्ति संग्राम के लिए विजय दिवस 16 दिसंबर को पूरे देश में मनाया जाता है. ये 13 दिन तक चले युद्ध में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत की याद में मनाया जाता है. पाकिस्तान द्वारा ढाका में आत्मसमर्पण के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बाद बांग्लादेश आजाद हुआ. पहले इसे पूर्वी पाकिस्तान के रूप में जाना ताजा था.

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने एक्स पर लिखा, विजय दिवस पर हम 1971 के युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं और हमारे सशस्त्र बलों की अद्वितीय वीरता का सम्मान करते हैं. उनकी वीरता और निस्वार्थ बलिदान, जिसके कारण ऐतिहासिक विजय प्राप्त हुई, हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी. हम राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के लिए सदैव ऋणी रहेंगे.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज विजय दिवस के अवसर पर वीर सैनिकों को बधाई दी. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, आज विजय दिवस पर हम उन वीर सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करते हैं जिन्होंने 1971 में भारत की ऐतिहासिक जीत में योगदान दिया.

उनके निस्वार्थ समर्पण और अटूट संकल्प ने हमारे राष्ट्र की रक्षा की और हमें गौरव दिलाया. यह दिन उनकी असाधारण वीरता और उनकी अडिग भावना को श्रद्धांजलि है. उनका बलिदान हमेशा पीढिय़ों को प्रेरित करेगा और हमारे देश के इतिहास में गहराई से समाया रहेगा.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजय दिवस पर युद्ध स्मारक पर भारत के वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की. गृह मंत्री अमित शाह ने भी श्रद्राजलि दी. विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी शहीद हुए वीरों को नमन किया. उन्होंने एक्स पर लिखा,विजय दिवस के गौरवशाली अवसर पर हमारे सशस्त्र बलों के शौर्य, समर्पण और संकल्प को नमन करता हूं.

भारत की संप्रभुता की रक्षा करते हुए बांग्लादेश को अन्याय से मुक्त करवाने वाले, 1971 के युद्ध के सभी वीरों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को देश सदा याद रखेगा.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को आर्मी हाउस में सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी द्वारा आयोजित एट-होम रिसेप्शन में भाग लिया. इस अवसर पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी उपस्थित थे.

रिपोर्टों के अनुसार 1971 के युद्ध के दौरान 3,900 भारतीय सैनिक मारे गए और 9,851 घायल हुए. इस बीच भारत और बांग्लादेश आज संयुक्त रूप से 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के विजय दिवस की 53वीं वर्षगांठ मनाएंगे, जिसमें युद्ध के दिग्गजों और सेवारत अधिकारियों का वार्षिक आदान-प्रदान होगा.

***************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

राज्यसभा में संविधान पर होगी बहस, हंगामे की संभावना

नईदिल्ली,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में संविधान पर तीखी बहस के बाद सोमवार और मंगलवार को राज्यसभा में इस विषय पर चर्चा होगी।राज्यसभा में संविधान पर बहस सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच हो रही है, जिससे तनाव की आशंका बढ़ गई है।सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सुबह 11 बजे सदन शुरू होने के बाद बहस की शुरूआत करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी संविधान पर अपनी बात रखेंगे।

शाह के अलावा सत्ता पक्ष की ओर से निर्मला सीतारमण, हरदीप सिंह पुरी, सुधांशु त्रिवेदी, भूपेंद्र यादव और बृजलाल बहस में हिस्सा लेंगे।विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, जयराम रमेश के अलावा दिग्विजय सिंह और अन्य सांसदों के बहस में शामिल होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सदन में अपना जवाब देंगे। हालांकि, इस बीच अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हंगामा देखने को मिल सकता है।

देश में संविधान लागू होने की 75वीं वर्षगांठ पर विपक्ष ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संविधान पर बहस कराने की मांग की थी, जिसे सरकार स्वीकार कर लिया था।इससे पहले सदन में उद्योगपति गौतम अडाणी, मणिपुर और संभल हिंसा को लेकर विपक्ष हमलावर था और बहस की मांग कर रहा था। इस दौरान सदन बाधित हुई।इसके बाद सत्ता पक्ष ने जॉर्ज सोरोस और सोनिया गांधी से जुड़े मुद्दे को उठाकर विपक्ष को घेरा।

13 और 14 दिसंबर को लोकसभा में संविधान पर बहस हुई थी, जिसकी शुरूआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की थी। इसके बाद विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी ने जवाब दिया था।विपक्ष ने भाजपा नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ सरकार पर संविधान को खत्म करने का आरोप लगाया था।इसके बाद 14 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में जवाब देते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए संविधान को नष्ट करने का आरोप लगाया था।

राज्यसभा में संविधान पर बहस उस समय हो रही है, जब विपक्ष सभापति धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है और विपक्ष मामले में एकजुट है।विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि सभापति राज्यसभा में पक्षपात कर रहे हैं और विपक्ष की आवाज को कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।सोमवार को संविधान पर बहस के दौरान इस प्रस्ताव को लेकर भी विवाद दिख सकता है। हालांकि, विपक्ष बहस शांति से कराने के पक्ष में है।

***********************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

संसद में संविधान पर चर्चा, निर्मला सीतारमण का कांग्रेस पर बड़ा हमला

नईदिल्ली,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। लोकसभा में भारतीय संविधान पर तीखी बहस के बाद आज (16 दिंसबर) से राज्यसभा में इस विषय पर दो दिवसीय चर्चा शुरू हुई।केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसकी शुरुआत करते हुए कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नागरिक स्वतंत्रता को प्रतिबंधित करने के लिए बार-बार संविधान में संशोधन कर रही है। उन्होंने इंदिरा गांधी के बचाव के लिए भी संविधान में संशोधन किए जाने की बात कही।

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, पिछले 7 दशकों में इस जीवित दस्तावेज यानी हमारे संविधान ने कई संशोधन देखे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू की अंतरिम सरकार के तहत पहले संशोधन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया था।

उन्होंने आगे कहा, यह पहला संशोधन प्रेस स्वतंत्रता को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था और यह अभी भी मीडिया की स्वतंत्रता को प्रभावित कर रहा है। सांसदों के विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री नेहरू ने यह संशोधन किया था।

सीतारमण ने कहा, आपातकाल के दौरान पारित 39वें संविधान संशोधन को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया था क्योंकि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी सत्ता खोने से डरती थीं।

कांग्रेस ने परिवार और वंशवाद की मदद के लिए संविधान में बेशर्मी से संशोधन जारी रखा। संशोधनों का उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना न होकर सत्ता में बैठे लोगों की रक्षा करना था।उन्होंने कहा, कांग्रेस ने उस दौरान इंदिरा गांधी की सत्ता बचाने के लिए ही संविधान में संशोधन किया था।

सीतारमण ने कहा, कांग्रेस ने 1951 में संशोधन कर अभिव्यक्ति की आजादी पर कैंची चलाई। इसके बाद 1975 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में राजनारायण का मामला लंबित होने के बावजूद कांग्रेस ने 39वें संशोधन के जरिए यह प्रावधान जोड़ दिया कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के निर्वाचन को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती। इसके लिए ही ‘किस्सा कुर्सी का’ बैन कर दिया गया। यह सब कांग्रेस की सोची-समझी साजिश थी।

सीतारमण ने कहा, कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना में संशोधन कर सेक्यूलर और सोशलिस्ट शब्द जोड़ दिए गए। पूरे विपक्ष को जेल में डालकर ऐसा किया गया था। लोकसभा में उनके कुछ सदस्यों ने भी इसका विरोध किया था।

उन्होंने कहा, कांग्रेस ने विपक्ष के सदस्यों को जेल में डालकर ही 42वां संविधान संशोधन किया था। बाद में 1978 में मोरारजी देसाई की सरकार ने 42वें संशोधन के प्रावधान हटाने के लिए 44वां संशोधन लाया गया था।

सीतारमण ने शाहबानो मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम महिला को न्याय दिलाने के लिए जो आदेश दिया था, कांग्रेस ने उसके खिलाफ नया कानून बना दिया कि महिला को न्याय नहीं मिलना चाहिए। यह बड़ी चिंता की बात है।

सीतारणम के अलावा सत्ता पक्ष की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, हरदीप सिंह पुरी, सुधांशु त्रिवेदी, भूपेंद्र यादव और बृजलाल बहस में हिस्सा लेंगे।विपक्ष की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, जयराम रमेश के अलावा दिग्विजय सिंह और अन्य सांसदों के बहस में शामिल होने की उम्मीद है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सदन में अपना जवाब देंगे। हालांकि, इस बीच अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हंगामा देखने को मिल सकता है।

******************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज को आपराधिक मानहानि का नोटिस जारी

नईदिल्ली,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज को आपराधिक मानहानि मामले में नोटिस जारी किया है। बांसुरी को 20 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होना होगा।

बांसुरी के खिलाफ शिकायत आम आदमी पार्टी के नेता, पूर्व मंत्री और विधायक सत्येंद्र जैन की ओर से दायर की गई है, जिसके बाद यह नोटिस जारी हुआ है।कोर्ट 20 दिसंबर को जैन और उनके 2 गवाहों के बयान दर्ज करेगी।

जैन ने आरोप लगाया है कि बांसुरी ने 5 अक्टूबर, 2023 को एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।आरोप है कि बांसुरी ने चैनल पर दावा किया था कि जैन के घर प्रवर्तन निदेशालय के छापे के दौरान 3 करोड़ रुपये, 1.8 किलो सोना और 133 सोने के सिक्के बरामद हुए थे।

जैन का आरोप है कि बांसुरी ने राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उन्हें बदनाम किया था।

बांसुरी को 5 दिन पहले भी रोहिणी जिला कोर्ट की ओर से सिविल मानहानि का नोटिस भेजा गया था। यह नोटिस भी जैन द्वारा समान आरोप पर कोर्ट ने भेजा था।बता दें कि बांसुरी स्वराज पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज की बेटी हैं।

बांसुरी स्वराज 15 साल से वकालत कर रही हैं।लोकसभा चुनाव 2024 में बांसुरी ने पहली बार भाजपा के टिकट से नई दिल्ली से चुनाव लड़ा और जीती थीं।

************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

प्रधानमंत्री संग्रहालय ने राहुल गांधी को लिखा पत्र

नेहरू के लिखे पत्रों को वापस मांगा

नईदिल्ली,16 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय (पीएमएमएल) ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा औपचारिक रूप से लिखे गए पत्रों को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से वापस मांगा है।ये पत्र 2008 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में सोनिया गांधी को भेजे गए थे। पीएमएमएल के सदस्य रिजवान कादरी ने 10 दिसंबर को राहुल को पत्र लिखकर सोनिया से मूल पत्र वापस लेने, फोटोकॉपी या डिजिटल प्रतियां उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

कादरी ने पत्र में कहा, हम समझते हैं कि ये दस्तावेज नेहरू परिवार के लिए व्यक्तिगत महत्व रखते होंगे। हालांकि, पीएमएमएल का मानना है कि इन ऐतिहासिक सामग्रियों को अधिक सुलभ बनाने से विद्वानों और शोधकर्ताओं को लाभ होगा।नेहरू के पत्र भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण कालखंड के बारे में अमूल्य जानकारी देते हैं, इसलिए पीएमएमएल ने इन्हें संस्था के अभिलेखागार में वापस भेजने की मांग की। पीएमएमएल ने सितंबर में सोनिया गांधी को पत्र लिखकर ऐसा अनुरोध किया था।

अत्यधिक ऐतिहासिक महत्व वाले इन पत्रों को 1971 में जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल द्वारा नेहरू मेमोरियल म्यूजियम और लाइब्रेरी (अब पीएमएमएल) को सौंपा गया था।इस संग्रह में नेहरू और एडविना माउंटबेटन, अल्बर्ट आइंस्टीन, जयप्रकाश नारायण, पद्मजा नायडू, विजया लक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ अली, बाबू जगजीवन राम और गोविंद बल्लभ पंत जैसी प्रमुख हस्तियों के बीच पत्राचार शामिल है।बताया जाता है कि उन्हें 51 बक्सों में पैक करके 2008 में सोनिया को भेज दिया गया था।

*********************************

Read this also :-

उन्नी मुकुंदन स्टारर मार्को की रिलीज डेट का हुआ एलान

राम चरण ने लॉन्च किया साई दुर्गा तेज की पैन-इंडिया फिल्म का ग्लिम्प्स

महाकुंभ में 100 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था कर रही उत्तर प्रदेश सरकार

लखनऊ ,15 दिसंबर (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि प्रयागराज महाकुंभ के 45 दिन (13 जनवरी से 26 फरवरी) के दौरान 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार 100 करोड़ श्रद्धालुओं के लिए तैयारी कर रही है।

सरकार का अनुमान है कि 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर मुख्य मुहूर्त में प्रयागराज में छह करोड़ श्रद्धालु स्नान करेंगे, लेकिन तैयारी 10 करोड़ की होगी। महाकुंभ के लिए 12 किमी की लंबाई में घाट तैयार किए जा रहे हैं। कुल 10 हजार एकड़ क्षेत्रफल में कुम्भ का विस्तार किया गया है। यहां चार धाम के भी दर्शन होंगे।

द्वादश ज्योतिर्लिंग और अन्य प्रमुख ज्योतिर्लिंग के भी दर्शन होंगे। प्रयागराज कुम्भ, खोया-पाया के बारे में एआई टूल, भाषिणी ऐप के माध्यम से देश की 11 भाषाओं में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। कुंभ में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की गिनती भी सरकार के पास होगी। जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, 1.50 लाख शौचालय, सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री कुंभ होगा। यह महाकुंभ उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रोडमैप को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक होगा।

मुख्यमंत्री ने रविवार को एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी।

संभल के मुद्दे पर भी उन्होंने बड़ी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि रविवार को लोकसभा में चर्चा संविधान के 75 साल की गौरवशाली यात्रा पर हो रही थी और मुद्दा संभल का उठ रहा था।

उन्हीं के समय में 46 वर्ष पहले संभल में जिस मंदिर को बंद कर दिया गया, वह मंदिर फिर से सबके सामने आ गया और इनकी वास्तविकता को सबके सामने प्रस्तुत कर दिया। संभल में इतना प्राचीन मंदिर, बजरंग बली की प्राचीन मूर्ति और ज्योतिर्लिंग रातों-रात तो नहीं आई।

उन्होंने कहा कि 46 वर्ष पहले जिन दरिंदों ने संभल के अंदर नरसंहार किया था, उन्हें आज तक सजा क्यों नहीं मिली। संभल में जिनकी निर्मम हत्या हुई, उन निर्दोषों का क्या कसूर था। जो भी सच बोलेगा, उसे धमकी दी जाएगी, मुंह बंद कराने का प्रयास होगा। ये लोग कुम्भ के बारे में भी दुष्प्रचार का कुत्सित प्रयास करेंगे।

सीएम योगी ने कहा कि जिसने भी 2019 का कुम्भ देखा, उन्हें लगा होगा कि यहां लीक से हटकर कार्य हुआ है। पहली बार प्रयागराज में स्वच्छ-सुरक्षित और सुव्यवस्थित कुम्भ देखने को मिला।

जो कुम्भ गंदगी, भगदड़, अव्यवस्था, असुरक्षा का प्रतीक बन गया था, वही प्रयागराज कुम्भ 2019 में दिव्य और भव्य बना। महाकुंभ-2025 में आस्था और आधुनिकता का संगम भी दिखाई देगा।

सीएम ने इशारों में कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 9 नवंबर 2019 को उच्चतम न्यायालय ने श्रीराम जन्मभूमि से संबंधित फैसला दिया, जिससे विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो गया। लेकिन वे लोग आज भी जज को धमकी देते हैं। यह वही लोग हैं, जो संविधान के नाम पर पाखंड कर रहे हैं।

राज्यसभा के सभापति (उप राष्ट्रपति) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उनकी आवाज को दबाना चाहते हैं। सभापति ने कर्तव्यों के निर्वहन की बात की और कहा कि सदन चलना चाहिए। जनता से जुड़े मुद्दे सदन में रखे जाने चाहिए। इस पर इन लोगों (विपक्षियों) ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव की नोटिस दिया।

निष्पक्ष चुनाव कराने के कारण चुनाव आयोग और सच कहने के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति को कठघरे में खड़ा किया गया। वे लोग उच्च सदन में महाभियोग का प्रस्ताव लेकर आ जाते हैं, यानी सच बोलने और देश की विरासत की चर्चा करने वाले हर व्यक्ति को यह लोग धौंस-धमकी दिखाएंगे।

सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनता तो एयरपोर्ट, रेल की डबल लाइन, कनेक्टिविटी नहीं हो पाती। आमजन खुश है, श्रद्धालु कृतज्ञता ज्ञापित करता है, लेकिन देश के संविधान का गला घोंटकर इसमें चोरी से सेक्युलर शब्द डालने वाले लोग अपने घर में शोक मना रहे हैं।

उन्हें काशी, अयोध्या के आध्यात्मिकता और विकास से परेशानी है। उन लोगों ने दशकों तक शासन किया, लेकिन कुछ कर नहीं पाए। अब अपने निकम्मेपन पर हम लोगों को कोस रहे हैं। अपनी अकर्मण्यता का दोष हमारी सफलता को कोसकर दे रहे हैं। हमें उनकी मानसिकता को देखना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास है कि इसी बहाने प्रयागराज का कायाकल्प हो। पहली बार संगम में पक्के घाट के दर्शन होंगे। पहली बार गंगा नदी पर रिवर फ्रंट देखने को मिलेगा। संगम का जल निर्मल और अविरल भी होगा। अक्षयवट कॉरिडोर में श्रद्धालु वर्ष भर दर्शन कर सकेंगे। सरस्वती कूप का कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया है।

बड़े हनुमान जी मंदिर, महर्षि भारद्वाज आश्रम कॉरिडोर बनकर तैयार हो गया। श्रृंगवेरपुर में भी भगवान राम और निषादराज की गले मिलते हुए 56 फीट ऊंची मूर्ति व कॉरिडोर का लोकार्पण पीएम के करकमलों से हो चुका है। प्रयागराज के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन का कायाकल्प हो रहा है। 216 से अधिक मार्ग ऐसे हैं, जो सिंगल से डबल, डबल से फोर लेन, फोर लेन से सिक्स लेन कराए जा रहे हैं।

*************************

Read this also :-

रेड 2 की रिलीज तारीख फिर बदली

अक्षय कुमार ने लॉन्च किया मोहनलाल की बारोज का ट्रेलर