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कांग्रेस ने अपने शासन में बाबासाहेब का नाम तक लेने से गुरेज किया : धर्मेंद्र प्रधान

नई दिल्ली 14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनका स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने 60 साल के शासन में बाबासाहेब का नाम तक लेने से गुरेज किया।

शिक्षा मंत्री का कहना है कि बाबासाहेब के जीवित रहते भी कांग्रेस द्वारा बार-बार उनका तिरस्कार किया गया। उनके जाने के बाद उन्हें इतिहास के पटल से मिटाने की कोशिशें की गईं। आज पूरा देश बाबासाहेब की जयंती पर उन्हें नमन कर रहा है। बाबासाहेब का पूरा जीवन समतामूलक समावेशी समाज बनाने के लिए समर्पित रहा। वे महान देशभक्त तथा स्वतंत्र भारत में लोकतंत्र की स्थापना के अग्रदूत थे।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारे लोकतंत्र को संविधान रूपी महान उपहार बाबासाहेब से मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “बाबासाहेब के विराट व्यक्तित्व और विचारों से प्रेरणा लेकर भारत और भारत का लोकतंत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व की जो परिकल्पना बाबा साहेब ने देश के सामने रखी थी, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश साकार कर रहा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबासाहेब के विचारों को लेकर भाजपा कार्यकर्ता एवं सरकार देश के कोने-कोने तक जा रहे हैं। गली-गली, गाँव-गाँव, कस्बे-कस्बे तक उनके महान विचारों को पहुंचाया जा रहा है।

प्रधान ने कहा कि दुखद है कि इसके लिए देश को दशकों तक इंतजार करना पड़ा है। अपने 60 साल के शासन में कांग्रेस पार्टी बाबासाहेब का नाम तक लेने से गुरेज करती रही। कांग्रेस ने बाबासाहेब के रहते भी उनका बार-बार तिरस्कार किया और उनके जाने के बाद भी उन्हें इतिहास के पटल से मिटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

लेकिन आज देशवासियों को गौरव है कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से ही बाबासाहेब के विचारों को लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। बाबा साहेब से जुड़े स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित करके महान प्रतीकों की स्थापना की है। देश के गरीब, वंचित, शोषित, पिछड़ा, महिला सहित सर्वसमाज की प्रगति को प्राथमिकता दी है।

धर्मेंद्र प्रधान कहा कि वह आज बाबा साहेब की जयंती पर उन्हें बार-बार नमन करते हैं।

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PM मोदी ने हिसार-अयोध्या फ्लाइट को दिखाई हरी झंडी

नए टर्मिनल भवन का शिलान्यास भी किया

हिसार 14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिसार को पहले एयरपोर्ट की सौगात दी। उन्होंने एयरपोर्ट से हिसार-अयोध्या फ्लाइट को हरी झंडी दिखाई और बटन दबाकर नए टर्मिनल का शिलान्यास भी किया। हरियाणावासियों को इस शुभ दिन की बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “यह शुरुआत हरियाणा के विकास को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएगी।”

पीएम मोदी ने कहा, आज हरियाणा से अयोध्या धाम के लिए फ्लाइट शुरू हुई है। यानी अब श्रीकृष्ण जी की पावन भूमि हरियाणा, श्रीराम जी की भूमि से सीधी जुड़ गई है। बहुत जल्द यहां से दूसरे शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी।

आज हिसार एयरपोर्ट की नई टर्मिनल बिल्डिंग का शिलान्यास भी हुआ है। यह शुरुआत हरियाणा के विकास को नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएगी। हरियाणा के लोगों को इस नई शुरुआत के लिए ढेर सारी बधाई देता हूं। मेरा आपसे वादा रहा है कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़ेगा।

प्रधानमंत्री ने एक आंकड़े की जुबानी आम लोगों की हवाई यात्रा की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा, बीते दस सालों में करोड़ों भारतीयों ने जीवन में पहली बार हवाई सफर किया है। हमने वहां भी नए एयरपोर्ट बनाए, जहां कभी अच्छे रेलवे स्टेशन तक नहीं थे। 2014 से पहले देश में 74 एयरपोर्ट थे, 70 साल में 74। आज देश में एयरपोर्ट की संख्या 150 के पार हो गई है।

पीएम मोदी ने अंबेडकर जयंती के खास अवसर पर लोगों को बधाई देते हुए कहा, आज का दिन हम सभी के लिए, पूरे देश के लिए और खासकर दलित, पीड़ित, वंचित, शोषित के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। उनके जीवन में ये दूसरी दिवाली है। आज संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती है। उनका जीवन, उनका संघर्ष, उनका संदेश हमारी सरकार की 11 साल की यात्रा का प्रेरणा स्तंभ बना है। हर दिन, हर फैसला, हर नीति, बाबा साहेब अंबेडकर को समर्पित है।

इससे पहले पीएम मोदी ने हिसार से अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया। बोले, “खाटे जवान, खाटे खिलाड़ी, और थारा भाईचारा जो है हरियाणा की पहचान। हिसार से मेरी इतनी यादें जुड़ी हुई हैं। जब भाजपा ने मुझे हरियाणा की जिम्मेदारी दी थी, तो यहां अनेक साथियों के साथ मैंने लंबे समय तक काम किया। इन सभी साथियों के परिश्रम ने बीजेपी की हरियाणा में नींव को मजबूत किया है।

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वक्फ पर ईमानदारी से नहीं हुआ था काम, सिर्फ भू माफियों को हुआ लाभ : पीएम मोदी

हिसार 14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर हरियाणा पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले हिसार हवाई अड्डे का उद्घाटन किया और हिसार से अयोध्या के लिए सीधी उड़ान को हरी झंडी दिखाई।

इसके बाद पीएम मोदी ने जहां एक तरफ मंच से वक्फ कानून को लेकर अपनी सरकार की नई नीति के बारे में बताया, वहीं कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए बाबा साहेब अंबेडकर के अपमान का आरोप भी लगाया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, “वक्फ के नाम पर लाखों हेक्टेयर जमीन पूरे देश में है।

इस जमीन से गरीबों का, बेसहारा महिलाओं-बच्चों का भला होना चाहिए था। अगर ईमानदारी से इसका उपयोग हुआ होता, तो मुसलमानों को साइकिल के पंचर बनाने की जरूरत नहीं होती। इससे सिर्फ भू-माफिया को ही फायदा हुआ। ये माफिया इस कानून के जरिए गरीबों की जमीन लूट रहे थे।”

पीएम मोदी ने वक्फ कानून को लेकर की गई गुहार का भी जिक्र किया। बताया कि सैकड़ों विधवा मुस्लिम महिलाओं ने सरकार को पत्र लिखकर वक्फ कानून में बदलाव की मांग की थी, जिसके बाद सरकार ने इसमें संशोधन किया।

पीएम मोदी ने कहा, “हमने बहुत बड़ा काम किया है। अब नए वक्फ कानून के तहत किसी भी आदिवासी की जमीन को, हिंदुस्तान के किसी भी कोने में, वक्फ बोर्ड हाथ भी नहीं लगा पाएगा। नए प्रावधान वक्फ की पवित्र भावना का सम्मान करते हुए बनाए गए हैं।”

अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया और आरोप लगाया कि पार्टी ही संविधान की भक्षक बन गई।
उन्होंने कहा, “हमें ये भूलना नहीं चाहिए कि कांग्रेस ने बाबा साहेब के साथ क्या किया।

जब तक बाबा साहेब जीवित थे, कांग्रेस ने उन्हें अपमानित किया। दो-दो बार उन्हें चुनाव हरवाया। कांग्रेस ने उनकी याद तक मिटाने की कोशिश की। कांग्रेस ने बाबा साहेब के विचारों को भी हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहा। डॉ. अंबेडकर संविधान के संरक्षक थे, लेकिन कांग्रेस संविधान की भक्षक बन गई है।”

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पीडीए की एकता ही संविधान और आरक्षण बचाएगी : अखिलेश यादव

लखनऊ  14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पीडीए की एकता ही संविधान और आरक्षण बचाएगी।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर सबको हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

आइए ‘सामाजिक न्याय के राज’ की स्थापना के लिए अपने ‘स्वाभिमान-स्वमान’ की अनुभूति को और सुदृढ़ करके, एकजुट होकर बाबासाहेब की देन व धरोहर ‘संविधान और आरक्षण’ बचाने के पीडीए के आंदोलन को नई ताकत प्रदान करें और दोहराएं कि ‘संविधान ही संजीवनी’ है और ‘संविधान ही ढाल है’ और ये भी कि जब तक संविधान सुरक्षित रहेगा, तब तक हम सबका मान-सम्मान-स्वाभिमान और अधिकार सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने आगे लिखा कि ‘स्वमान’ के तहत हमने अपने सौहार्दपूर्ण, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक मानक और मूल्यों के साथ ही अपनी ‘स्वयं की एकता’ के मूल्य को समझकर, इस पीडीए रूपी एकजुटता की परिवर्तनकारी शक्ति का भी मान समझें।

‘स्वाभिमान-स्वमान’ के माध्यम से ही पीडीए समाज के लोग अपनी निर्णायक शक्ति हासिल करके उत्पीड़न, अत्याचार और पीड़ा से मुक्त होकर, स्वाभिमान से जीने का हक और अधिकार पा पाएंगे और दमनकारी, उत्पीड़नकारी, वर्चस्ववादी, प्रभुत्ववादी, शक्तिकामी नकारात्मक ताकतों को संवैधानिक जवाब दे पाएंगे।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने लिखा कि पीडीए की एकता ही संविधान और आरक्षण बचाएगी, पीडीए की एकजुटता ही सुनहरा भविष्य बनाएगी। आइए अपने ‘स्वाभिमान-स्वमान’ के इस संघर्ष को समारोह में बदल दें।

ज्ञात हो कि भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती सभी दल बड़ी धूमधाम से मना रहे हैं। भाजपा सरकार ने तो 13 अप्रैल से ही इसका आयोजन शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 14 अप्रैल को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

सभी जिलों के अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण का कार्यक्रम कर रहे हैं। इस दिन राज्य भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिनमें डॉ. अंबेडकर के विचारों एवं संविधान निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा समस्त मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं इन आयोजनों में भाग लें।

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भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी बेल्जियम में गिरफ्तार

भारत प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज

नई दिल्ली 14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े 13,850 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में वांछित भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि यह गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों द्वारा किए गए अनुरोध के आधार पर की गई है।

सूत्रों के अनुसार, 65 वर्षीय चोकसी को शनिवार, 12 अप्रैल को एंटवर्प शहर में पकड़ा गया। वह अपनी पत्नी प्रीति चोकसी के साथ वहां रह रहा था और निवास कार्ड भी प्राप्त कर चुका था। चोकसी अब बेल्जियम की अदालत में खराब स्वास्थ्य और अन्य कारणों का हवाला देकर जमानत की मांग कर सकता है।

चोकसी और उसके भतीजे नीरव मोदी पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई स्थित पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा के अधिकारियों से मिलीभगत कर लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) और विदेशी क्रेडिट लेटर (एफएलसी) के जरिए भारी राशि की धोखाधड़ी की थी। मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों ने जांच की है।

पीएनबी घोटाले के खुलासे से कुछ सप्ताह पहले, जनवरी 2018 में चोकसी और नीरव मोदी देश छोड़कर फरार हो गए थे। चोकसी की पत्नी बेल्जियम की नागरिक हैं, और वह पिछले कुछ वर्षों से एंटवर्प में रह रहा था।

चोकसी, गीतांजलि जेम्स का संस्थापक है। जबकि नीरव मोदी फिलहाल ब्रिटेन की जेल में बंद है और भारत प्रत्यर्पण का विरोध कर रहा है। नीरव को 2019 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है, जबकि चोकसी के खिलाफ ईडी की याचिका 2018 से लंबित है।

सूत्रों ने यह भी बताया कि इंटरपोल द्वारा चोकसी के खिलाफ रेड नोटिस हटाए जाने के बावजूद भारतीय एजेंसियों ने दोबारा प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था, जिसके परिणामस्वरूप बेल्जियम पुलिस ने कार्रवाई की।

अब भारतीय एजेंसियां चोकसी को भारत लाने की प्रक्रिया में जुट गई हैं, हालांकि कानूनी अड़चनों के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है। चोकसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि और अन्य विवरणों का इंतजार है।

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मुर्शिदाबाद हिंसा पर बोले गिरिराज सिंह, वक्फ को लेकर ममता बनर्जी फैला रहीं भ्रम

बेगूसराय  14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।

आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह हिंसा सरकार की नाकामी का सबूत है और ममता बनर्जी हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर कर रही हैं। साथ ही, उन्होंने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप विपक्षी नेताओं पर लगाया।

गिरिराज सिंह ने मुर्शिदाबाद की हिंसा को “दुखद” बताते हुए कहा कि यह घटना जम्मू-कश्मीर के 1990 के दशक की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि लोगों की दुकानें लूटी गईं, घर जलाए गए।

पुलिस मूकदर्शक बनी रही। इतनी बड़ी घटना बिना सरकार की शह के नहीं हो सकती। ममता बनर्जी रक्षक थीं, लेकिन अब भक्षक बन गई हैं। क्या बंगाल कश्मीर या बांग्लादेश बन जाएगा?

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का हक है, लेकिन संपत्ति और जान-माल की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, जिसमें ममता सरकार पूरी तरह विफल रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इस हिंसा ने बंगाल को “बांग्लादेश से भी आगे” पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि जब माझी ही नाव डुबोए, तो क्या किया जाए? ममता बनर्जी की नीतियां हिंदुओं को बंगाल छोड़ने पर मजबूर कर रही हैं। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

वक्फ कानून को लेकर हो रहे विरोध पर गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ मौलानाओं और विपक्षी नेताओं, खासकर राहुल गांधी और असदुद्दीन ओवैसी, द्वारा लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।

वक्फ कानून में सुधार किया गया है। यह स्पष्ट है कि किसी की संपत्ति नहीं ली जाएगी। फिर भी भ्रम फैलाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश हो रही है। कोई एक सबूत दिखाए कि यह कानून किसी के खिलाफ है।

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए है, लेकिन विपक्ष इसे गलत तरीके से पेश कर रहा है।

गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी से सवाल किया कि क्या वह बंगाल को अराजकता की ओर ले जाना चाहती हैं।

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ग्रेटर नोएडा : दिन निकलते ही गोलियों से गूंजा सूरजपुर

ग्रेटर नोएडा  14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर पुलिस ने रविवार को 130 मीटर रोड पर चेकिंग के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने आर्म्स एक्ट, चोरी व लूट, हत्या के प्रयास, संगठित अपराध से संबंधित मामले में शामिल दो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इनका एक साथी मौके से फरार हो गया।

पुलिस द्वारा की जा रही नियमित जांच के दौरान तिलपता गोलचक्कर की ओर से आ रही एक बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन उक्त बाइक सवार पुलिस का इशारा नजरअंदाज करते हुए तेजी से मुड़कर भागने लगे और इस दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए।

घायलों की पहचान अरमान उर्फ गब्बर, निवासी ईदगाह के पास, लोहिया नगर, जिला मेरठ और विशाल, निवासी ग्राम रसूलपुर, जनपद संभल के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बदमाशों का तीसरा साथी विपिन, निवासी ग्राम रसूलपुर रिठौरी, थाना चोला, जिला बुलंदशहर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए पुलिस द्वारा कांबिंग की जा रही है।

घायल बदमाशों के कब्जे से दो अवैध तमंचे (.315 बोर), दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, एक बिना नंबर प्लेट की बाइक, और चोरी व लूट की घटनाओं से संबंधित छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार अभियुक्त थाना सूरजपुर के दो संगीन मामलों में वांछित चल रहे थे। डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने मुठभेड़ में शामिल बहादुर पुलिस टीम को 20,000 रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है, जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा।

अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी बेहद गंभीर है, जिनमें कई धाराओं में केस दर्ज हैं। जिनमें आर्म्स एक्ट, चोरी व लूट, हत्या के प्रयास, संगठित अपराध से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस अन्य आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है तथा फरार बदमाश की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है।

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राजस्थान में अदालतों का समय बदला: अब सुबह 8 बजे से दोपहर तक होगी सुनवाई

जयपुर 14 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राजस्थान में गर्मियों के मौसम को देखते हुए अदालतों का समय बदल दिया गया है। 15 अप्रैल से प्रदेश की सभी अदालतें मॉर्निंग शिफ्ट में काम करेंगी। यह नई व्यवस्था राजस्थान हाईकोर्ट से लेकर सभी अधीनस्थ अदालतों में लागू होगी।

नए शेड्यूल के अनुसार, हाईकोर्ट में सुनवाई का समय अब सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा, जबकि अधीनस्थ अदालतों में यह समय सुबह 8 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। अदालतें 27 जून तक इसी शेड्यूल पर काम करेंगी। इसके बाद 1 जुलाई से फिर पुराने समयानुसार कार्यवाही शुरू होगी।

कोर्ट से जुड़े रजिस्ट्री और अन्य कार्यालयों का समय भी बदल गया है। अब ये दफ्तर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुलेंगे। वहीं, अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीश सुबह 7:30 से 8 बजे तक और दोपहर 12:30 से 1 बजे तक अपने चैम्बर में कार्य करेंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान में यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है, जब गर्मी के मौसम में अदालतें सुबह के समय संचालित की जाती हैं, जिससे न्यायिक कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके और गर्मी से राहत मिल सके।

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गर्मी से फिर तपेगा दिल्ली-एनसीआर, अगले हफ्ते से चलेगी लू

आईएमडी का ताजा अपडेट

नई दिल्ली,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। राजधानी में शुक्रवार शाम को तेज आंधी और वर्षा के कारण शनिवार को तापमान सामान्य से नीचे आ गया. इस वजह से गर्मी से राहत रही. राजधानी के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में शनिवार को कमी दर्ज की गई. दिन भर आंशिक रूप से बादल छाए रहे और सुबह कुछ स्थानों पर मामूली बारिश दर्ज की गई. हालांकि दिन में कहीं बारिश नहीं हुई. आईएमडी के अनुसार दिल्ली में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस कम था. वहीं न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में रविवार को आसमान साफ रहेगा. 30 से 40 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. इस दौरान अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. सोमवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है. बुधवार से शुक्रवार तक लू चल सकती है. इस दौरान अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है. वहीं दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली में रविवार सुबह 7 बजे तक औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 110 अंक दर्ज किया गया. जबकि दिल्ली एनसीआर के शहर फरीदाबाद में 102, गुडग़ांव में 164, गाजियाबाद में 94, ग्रेटर नोएडा में 114 और नोएडा 98 अंक बना रहा. दिल्ली के 11 इलाकों में एक्यूआई लेवल 50 से ऊपर और 100 के बीच में बना रहा. अलीपुर में 90, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट में 94, आईटीओ में 97, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 97, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 99, मंदिर मार्ग में 88, नजफगढ़ में 81, एनएसआईटी द्वारका में 88, पूषा में 89, श्री अरविंदो मार्ग में 72 अंक बना हुआ है. दिल्ली के अधिकांश इलाकों में एक्यूआई लेवल 100 से ऊपर और 200 के बीच में बना हुआ है.

आनंद विहार में 114, अशोक विहार में 112, बवाना में 115, बुराड़ी क्रॉसिंग में 101, चांदनी चौक में 131, मथुरा रोड में 129, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 112, द्वारका सेक्टर 8 में 128, जहांगीरपुरी में 137,मुंडका में 143, नरेला में 117, नेहरू नगर में 115, नॉर्थ कैंपस डीयू में 106, ओखला फेस 2 में 123, पटपडग़ंज में 117, पंजाबी बाग में 117, आरके पुरम 109, रोहिणी में 124, सिरी फोर्ट में 260, विवेक विहार में 118 और वजीरपुर में 136 अंक बना हुआ है.

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भारत-म्यांमार समेत 3 एशियाई देशों में आया भूकंप

एक घंटे के भीतर कई बार कांपी धरती

नईदिल्ली ,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। 13 अप्रैल को एक घंटे के भीतर 3 एशियाई देश भूकंप से झटके से कांप उठे। भारत, म्यांमार और ताजिकिस्तान में एक घंटे के भीतर भूकंप के 4 झटके महसूस किए गए।

अभी तक इन भूकंप में किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

28 मार्च को आए विनाशकारी भूकंप से जूझ रहे म्यांमार के शहर मीकटिला में आज फिर 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण ने यह जानकारी दी।

हिमाचल प्रदेश के मंडी में आज सुबह 9:18 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता 3.4 मापी गई।
इसका केंद्र सुंदरनगर के जयदेवी क्षेत्र में जमीन से 5 किलोमीटर नीचे स्थित था। हालांकि, भले ही भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसके झटके महसूस किए और घबराकर अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए।

इससे पहले 23 फरवरी को भी मंडी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।

ताजिकिस्तान में भी आज भूकंप के झटके महसूस किए गए।

यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि ये भूकंप आज अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 4:24 बजे खुजंद शहर से 180 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में आया।

इसका केंद्र पृथ्वी की सतह से 16 किलोमीटर नीचे और तीव्रता 6.1 थी। इसके करीब आधे घंटे बाद ही 3.9 तीव्रता का एक और भूकंप आया।
12 अप्रैल को भी तजाकिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था।

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, म्यांमार में मीकटिला के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप आया। यह 28 मार्च को आए विनाशकारी 7.7 तीव्रता के भूकंप के बाद सबसे शक्तिशाली झटकों में से एक था।

म्यांमार ने इसका केंद्र जमीन से 20, जबकि यूएसजीएस ने 7 किलोमीटर नीचे बताया।

बता दें कि आज ही म्यांमार में पारंपरिक नववर्ष का 3 दिवसीय उत्सव थिंग्यान शुरू हुआ है। हालांकि, भूकंप की वजह से सार्वजनिक कार्यक्रम पहले ही रद्द कर दिए गए हैं।

12 अप्रैल को पाकिस्तान में आधे घंटे के भीतर भूकंप के 2 झटके महसूस किए गए थे।

पहला झटका दोपहर 12:31 बजे आया था। इसका केंद्र रावलपिंडी से 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में जमीन की सतह से 12 किलोमीटर गहराई में था।

वहीं, दूसरा झटका दोपहर एक बजे आया था। इसका केंद्र संजवाल से 12 किलोमीटर दूर जमीन से करीब 10 किलोमीटर गहराई में था।
इसका असर जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों तक महसूस हुआ था।

पृथ्वी की सतह 4 परतों से मिलकर बनी है। इसमें इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट शामिल हैं।

क्रस्ट और ऊपरी मेंटल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। यह 50 किलोमीटर मोटी और कई वर्गों में बंटी हुई परत है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स भी कहा जाता है।

ऐसी लगभग 7 बड़ी और छोटी प्लेटें हैं। यह टेक्टोनिक प्लेट्स लगातार खिसकती रहती हैं और इसी हलचल से जब अधिक दबाव बनता है तो धरती हिलने लगती है, जिसे भूकंप कहते हैं।

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राजमार्गों पर दो वर्षों में सरकार खर्च करेगी 10 लाख करोड़, पूर्वोत्तर पर खास ध्यान

नईदिल्ली,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। केंद्र सरकार अगले 2 साल में देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों पर 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ये बात कही है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत सीमा से नजदीकी देखते हुए देश के पूर्वोत्तर इलाकों पर खास ध्यान दिया जाएगा और 2 सालों में वहां के राजमार्ग अमेरिकी राजमार्गों के अनुरूप होंगे।

गडकरी ने कहा, हम अगले 2 साल में देशभर में राजमार्गों को मजबूत करने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। आने वाले 2 वर्षों में पूर्वोत्तर के राजमार्ग अमेरिकी सड़कों के बराबर हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के कठिन भूभाग और सीमा से नजदीकी देखते हुए यहां सड़क बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की जरूरत है।
मंत्री गडकरी ने बताया कि पूर्वी राज्यों में 3,73,484 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 784 राजमार्ग परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। ये 21,355 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी।

ये पहल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान और दिल्ली सहित सभी राज्यों में कार्य चल रहा है।
गडकरी ने कहा, फिलहाल असम में 57,696 करोड़ और बिहार में लगभग 90,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं हैं। हम पश्चिम बंगाल में 42,000 करोड़, झारखंड में लगभग 53,000 करोड़ और ओडिशा में 58,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि असम को छोड़कर पूर्वोत्तर में इस साल लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं चल रही हैं।

उन्होंने नागपुर में 170 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मास रैपिड ट्रांसपोर्ट परियोजना की भी जानकारी दी।

गडकरी ने कहा कि देश में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

मार्च, 2014 में इनकी लंबाई 91,287 किलोमीटर थी, जो अब बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर हो गई है।

उन्होंने बताया कि 2 लेन से कम वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का प्रतिशत पूरे नेटवर्क के 30 प्रतिशत से घटकर मात्र 9 प्रतिशत रह गया है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में एनएचएआई ने 5,614 किलोमीटर राजमार्गों का निर्माण किया है, जो लक्ष्य से अधिक है।

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आंध्र प्रदेश में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट

8 लोगों की मौत, कुछ की हालत गंभीर

अनकापल्ली,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। आंध्र प्रदेश के अनकापल्ले जिले में एक पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में विस्फोट होने से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई.

हादसे कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है. रिपोर्ट के मुताबिक जिले के कोटावुतला मंडल के कैलासा शहर में रविवार दोपहर एक पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में आकस्मिक विस्फोट हुआ. हादसे में मारे गए अधिकांश लोग और घायल होने वाले पूर्वी गोदावरी जिले के समरलाकोटा के हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक पटाखों बनाने के लिए मशहूर इस फैक्ट्री में शादी-ब्याह का सीजन होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे.
विस्फोट के कारण जोरदार आवाज हुई और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की दीवारें जगह-जगह गिर गईं. हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए नरसीपट्टनम अस्पताल ले जाया गया. पुलिस और अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू कर दिया है.

पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की घटना पर सीएम चंद्रबाबू ने दुख जताया. अधिकारियों ने सीएम चंद्रबाबू को घायलों की स्थिति के बारे में बताया. अधिकारियों ने सीएम को बताया कि दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई है.

वहीं, गृह मंत्री अनीता ने कलेक्टर और एसपी से फोन पर बात की और दुर्घटना के बारे में जानकारी ली. गृह मंत्री अनिता ने आतिशबाजी उद्योग में आग लगने की घटना पर दुख जताया है. दुर्घटना वाले क्षेत्र में बचाव कार्य के लिए दमकल कर्मियों को सतर्क कर दिया गया है.

स्पीकर अय्यन्नापत्रुडु ने भी आग की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. स्पीकर ने नरसीपट्टनम आरडीओ को घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने का आदेश दिया. स्पीकर अय्यन्ना ने नरसीपट्टनम एरिया अस्पताल के कर्मचारियों को सतर्क किया और उन्हें बिस्तर, वेंटिलेटर और स्टाफ उपलब्ध कराने का आदेश दिया.

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पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून को लेकर हिंसा: मुर्शिदाबाद में 3 की मौत

इंटरनेट बंद

कोलकाता ,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के कम से कम 3 जिलों में वक्फ कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। सबसे ज्यादा खराब हालात मुर्शिदाबाद में है। इसके अलावा उत्तर 24 परगना, हुगली और मालदा में भी हिंसक प्रदर्शन हुए हैं।

राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और पुलिस ने 138 लोगों को गिरफ्तार किया है।

वहीं, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में केंद्रीय सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

केंद्र सरकार ने हिंसाग्रस्त इलाकों में केंद्रीय बलों के 1,600 जवान तैनात किए हैं। हिंसा प्रभावित मुर्शिदाबाद में करीब 300 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवानों के अलावा 5 और कंपनियां तैनात की गई हैं।

हिंसाग्रस्त इलाकों में इंटरनेट बंद है और लोगों के जुटने पर भी पाबंदी है।

बीती रात राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार भी मुर्शिदाबाद पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने हिंसा प्रभावित शमशेरगंज में रूट मार्च भी किया।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति आने पर अदालत अपनी आंखें बंद नहीं रख सकती।

कोर्ट ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों से विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी।
ये आदेश पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

बीते दिन मुर्शिदाबाद के धुलियान में रहने वाले पिता-पुत्र की भीड़ ने हत्या कर दी। इनकी पहचान हरगोविंद दास और चंदन दास के तौर पर हुई है।

वहीं, तीसरा मृतक 17 साल का एजाज अहमद शेख है, जिसे शुक्रवार को सुती में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली लगी थी। शनिवार को उसे मृत घोषित कर दिया गया।

धुलियान में आज फिर गोली चलने की खबर है, जिसमें 2 बच्चे घायल हो गए हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति की अपील की है।

उन्होंने लिखा, सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत और संयमित रहें। हर जान कीमती है, राजनीति के लिए दंगे मत भड़काओ। हमने यह कानून नहीं बनाया है, जिससे लोग नाराज हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए जो जवाब आप चाहते हैं, वह केंद्र से मांगा जाना चाहिए। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते हैं।

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दलित युवक की हत्या पर भड़कीं मायावती, बोलीं- सरकार कानून का राज करे कायम

लखनऊ ,13 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के करछना क्षेत्र में दलित युवक की हुई हत्या पर दुख जताया है, जिसे जिंदा जला दिया गया।

साथ ही उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अपमान करने की घनाओं को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंन इन दोनों मामलों में सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

मायावती ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक के बाद एक दो ट्वीट कर प्रदेश में बढ़ते अपराध और सामाजिक तनाव को लेकर चिंता जाहिर की।

उन्होंने पोस्ट किया, यूपी के प्रयागराज के करछना में सामंती तत्वों द्वारा एक दलित की की गई नृशंस हत्या की घटना अति-दुखद व चिंतनीय। प्रदेश में बेलगाम हो रहे ऐसे आपराधिक, असमाजिक व सामंती तत्वों के खिलाफ सरकार जरूर सख्त कार्रवाई करके कानून के राज को कायम करे।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, साथ ही, संविधान निर्माता भारतरत्न परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अनादर की घटनाओं को भी सरकार पूरी गंभीरता से लेकर समाज में तनाव एवं हिंसा पैदा करने वाले ऐसे गुनहगारों के विरुद्ध सरकार सख्त कार्रवाई करे, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृति रूक सके।

बता दें कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं उत्तर प्रदेश के कई जिलों से सामने आती रही हैं। इसे लेकर दलित समाज में आक्रोश है। बाबा साहेब अंबेडकर संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि दलितों और पिछड़ों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष किया है।

वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती, दलित समाज की सबसे प्रबल राजनीतिक आवाज मानी जाती हैं, ऐसे में वे इन मामलों को बेहद गंभीरता से उठाती रही हैं। मायावती ने हमेशा मांग की है कि सरकार जातिगत हिंसा और सामाजिक भेदभाव की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाए।

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श्रीमद् भागवत कथा एवं छात्र सम्मान समारोह में 3000 मेधावी छात्र एवं छात्राओं को किया गया सम्मानित

13.04.2025 – दुबई पिंकलाइन ग्रुप,(दुबई) के संचालक बिज़नेसमेन नरपत राम सुथार द्वारा ब्रह्मलीन साध्वी रामजोत बाईसा की चतुर्थ बरसी के उपलक्ष पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा एवं छात्र सम्मान समारोह में 3000 मेधावी छात्र एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया।

संत चेतन राम द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 9 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस सात दिवसीय समारोह में मुंबई व अन्य निकटवर्ती इलाकों में संचालित सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र छात्राओं को जिन्होंने आठवीं, दसवीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 80% या अधिक अंक प्राप्त किए हैं.

ऐसे लगभग 3000 मेधावी छात्रों छात्राओं को झलोड़ा हेमावास जैसलमेर (राजस्थान) के मूल निवासी श्री अमरा राम जी कुलरिया के पुत्र समाजसेवी नरपत राम सुथार ने सम्मानित किया। समाजसेवी व चर्चित बिज़नेसमेन नरपत राम सुथार समय समय पर समाज के लिए सेवा योगदान करते रहते है, नरपत राम सुथार अध्यात्म और धर्म से जुड़े रहते है वो संतो के माध्यम कथा के माध्यम से भी समाज में सेवा में लगे रहते हैं।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

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राष्ट्रपति मुर्मू, पीएम मोदी ने सामाजिक परंपराओं और विविधता में एकता के प्रतीक बैसाखी की दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली 13 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देशवासियों को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। नेताओं ने इसे एकता, समृद्धि और नई शुरुआत का पर्व बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने एक्स हैंडल पर किए पोस्ट में लिखा- वैशाखी, विषु, बोहाग बिहू, पोयला बोइशाख, मेषादी, वैशाखादि और पुतादुं पिरापु के शुभ अवसर पर मैं भारत और अन्य देशों में रह रहे सभी भारतीयों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में इन त्योहारों को सांस्कृतिक एकता और खुशी का प्रतीक बताया। लिखा- देश के विभिन्न भागों में फसल कटाई के समय मनाए जाने वाले ये पर्व हमारी सामाजिक परम्पराओं और विविधता में एकता के प्रतीक हैं।

इन त्योहारों के द्वारा हम अन्नदाताओं के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करते हैं । ये पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण और भारत की सांस्कृतिक विरासत के प्रसार का भी संदेश देते हैं। मैं कामना करती हूं कि ऊर्जा और उल्लास से भरपूर ये त्योहार हमें अपने राष्ट्र के विकास में दृढ संकल्प के साथ योगदान देने के लिए प्रेरित करें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “सभी को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं! यह त्यौहार आपके जीवन में नई आशा, खुशियां और समृद्धि लेकर आए। हम हमेशा एकजुटता, कृतज्ञता और नवीनीकरण की भावना का जश्न मनाएं।

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संदेश में बैसाखी, बोहाग बिहू, पुथांडु, पोइला बैसाख, बिजू और महा बिशुबा पाना संक्रांति के अवसर पर सभी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि ये त्योहार नए साल की शुरुआत का प्रतीक हैं और इनमें उम्मीद, नई शुरुआत और समृद्धि का वादा छिपा है। खड़गे ने यह भी बताया कि कुछ त्योहार आज मनाए जा रहे हैं, जबकि कुछ कल धूमधाम से मनाए जाएंगे। उन्होंने कामना की कि ये पर्व देश में खुशी, समृद्धि और आपसी भाईचारे को और मजबूत करेंगे।

ये सभी त्योहार देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाए जाते हैं। बैसाखी जहां पंजाब में सिख समुदाय का प्रमुख पर्व है, वहीं बोहाग बिहू असम में, पुथांडु तमिलनाडु में और पोइला बैसाख पश्चिम बंगाल में नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। विषु केरल में और मेषादी कर्नाटक में धूमधाम से मनाया जाता है। इन त्योहारों में लोग नए कपड़े पहनते हैं, स्वादिष्ट व्यंजन बनाते हैं और परिवार व दोस्तों के साथ उत्सव मनाते हैं।

देश भर में इन त्योहारों का उत्साह देखते ही बनता है। लोग मंदिरों, गुरुद्वारों और घरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं। बाजारों में रौनक है और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर खुशियां बांट रहे हैं।

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उज्जैन: श्री महाकालेश्वर मंदिर में गलंतिका अभिषेक शुरू

भगवान को मिलेगी शीतल जलधारा

उज्जैन 13 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी) । श्री महाकालेश्वर मंदिर में वैशाख और ज्येष्ठ माह के दौरान भगवान महाकालेश्वर पर विशेष अभिषेक की परंपरा शुरू हो गई है। 13 अप्रैल (वैशाख कृष्ण प्रतिपदा) से 11 जून 2025 (ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा) तक भगवान पर 11 मिट्टी के कलशों से सतत शीतल जलधारा प्रवाहित की जाएगी। इसके लिए मंदिर में गलंतिका बांधी गई है, जो गर्मी में भगवान को शीतलता प्रदान करेगी।

श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार, हर साल वैशाख और ज्येष्ठ माह में यह विशेष व्यवस्था की जाती है। इन दो महीनों में ग्रीष्म ऋतु के कारण तापमान बहुत अधिक रहता है। ऐसे में भगवान महाकालेश्वर को ठंडक देने के लिए मिट्टी के 11 कलशों से जलधारा प्रवाहित की जाती है। इन कलशों पर प्रतीकात्मक रूप से पवित्र नदियों के नाम अंकित हैं, जैसे गंगा, सिंधु, सरस्वती, यमुना, गोदावरी, नर्मदा, कावेरी, सरयू, क्षिप्रा, गंडकी और अलकनंदा। ये कलश रोजाना सुबह भस्मारती के बाद से शाम की संध्या पूजा तक जलधारा प्रवाहित करते हैं।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह जलधारा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवाहित होगी। इस दौरान सामान्य अभिषेक के लिए उपयोग होने वाले रजत कलश के साथ-साथ मिट्टी के ये विशेष कलश भी लगाए जाएंगे। गलंतिका की यह व्यवस्था भगवान को गर्मी से राहत देने और भक्तों की आस्था को और गहरा करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वैशाख और ज्येष्ठ माह में उज्जैन में भीषण गर्मी पड़ती है। इस दौरान भक्तों की संख्या भी मंदिर में बढ़ जाती है। गलंतिका से जलधारा का प्रवाह न केवल भगवान को शीतलता देता है, बल्कि मंदिर के वातावरण को भी सुकून भरा बनाता है। भक्तों का मानना है कि इस विशेष अभिषेक के दर्शन से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां की परंपराएं अनूठी हैं। गलंतिका बांधने की यह प्रथा भी मंदिर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का हिस्सा है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु इस दौरान भस्मारती और अन्य पूजाओं में शामिल होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर दर्शन के लिए आएं और परंपराओं का सम्मान करें।

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राजीव प्रताप रुडी ने राजनाथ सिंह से की मुलाकात

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। । सारण सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  राजीव प्रताप रुडी ने भारत सरकार के रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की।

राजीव प्रताप रुडी ने इस अवसर पर बाबू वीर कुँवर सिंह विजयोत्सव समारोह के अंतर्गत पटना में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के प्रदर्शन की अनुमति प्रदान करने के लिए रक्षा मंत्रालय का आभार व्यक्त किया। इस अवसर को चिह्नित करते हुए उन्होंने बाबू वीर कुँवर सिंह और सूर्यकिरण टीम की एक सुंदर साझा तस्वीर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को भेंट की।

राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि सूर्यकिरण टीम, भारतीय वायुसेना की “राजदूत” टीम के रूप में जानी जाती है और यह हॉक डा-132 विमानों के माध्यम से अत्यंत करीबी दूरी पर उड़ते हुए कलात्मक और प्रेरणादायक प्रदर्शन प्रस्तुत करती है। इनके लूप, बैरल रोल, उल्टा उड़ान और डीएनए फॉर्मेशन जैसे करतब युवाओं में देशभक्ति की भावना भरने वाले हैं। उन्होंने इसे बाबू वीर कुँवर सिंह की वीरता को आधुनिक युग से जोड़ने वाला ऐतिहासिक क्षण बताया।

मालूम हो कि टीम के विमानों में हाल ही में स्वदेशी तकनीक से बने स्मोक पॉड्स जोड़े गए हैं, जो आकाश में केसरिया, सफेद और हरे रंग के धुएँ से तिरंगे की भव्य छवि बनाते हैं। यह न केवल दृश्य सौंदर्य का अद्भुत अनुभव कराएगा, बल्कि भारतीय तकनीकी नवाचार की भी मिसाल होगा।

राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि देश की नई पीढ़ी को अपनी सैन्य परंपरा, संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना और रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।

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गुरु काशी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आइडियाथॉन 2025 में ग्लोबल टॉप 10 में बनाई जगह

नई दिल्ली/ बठिंडा, 12 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। भारतीय शैक्षणिक जगत के लिए गर्व का क्षण है कि गुरु काशी यूनिवर्सिटी (जीकेयू) की एक छात्र-शिक्षक टीम ने अमेरिका की फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित आइडियाथॉन 2025 में दुनिया की टॉप 10 टीमों में अपनी जगह बनाई है। यह प्रतियोगिता हर साल दुनिया भर के युवाओं को एक साथ लाकर आज की बड़ी चुनौतियों के लिए नए और बेहतर समाधान खोजने का मौका देती है।

जीकेयू की टीम—डॉ. मनीता पनेरी, डॉ. विकास गुप्ता, सुरज कुमार और श्री राजेंद्र कुमार—ने हेल्थ टेक और वेल-बीइंग कैटेगरी में हिस्सा लिया, जहाँ उनके प्रोजेक्ट को इसकी प्रैक्टिकल  इनोवेशन और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए चुना गया। टीम ने ऐसा समाधान तैयार किया है जो विशेष रूप से वंचित समुदायों के लिए डिज़ाइन की गई डिजिटल हेल्थकेयर तकनीकों के ज़रिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।

यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री एस. गुरलाभ सिंह सिद्धू ने टीम को बधाई देते हुए कहा, “ये हमारी यूनिवर्सिटी के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हमारे छात्र और फैकल्टी अब न सिर्फ देश में, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। वाइस चांसलर डॉ. रमेश्वर सिंह ने भी खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा, “इस सफलता ने साबित कर दिया है कि हम जो सीखते हैं, वो अगर समाज के काम आए तो उसका असर कितना बड़ा हो सकता है।

हम चाहते हैं कि हमारे छात्र न सिर्फ पढ़ाई करें, बल्कि दुनिया को बेहतर बनाने में भी योगदान दें। आइडियाथॉन अपनी कठोर चयन प्रक्रिया और विविध प्रतिभागियों के लिए जाना जाता है, जिसमें विश्वभर की प्रतिष्ठित संस्थाओं की टीमें भाग लेती हैं। इस साल का थीम था—हेल्थ, सस्टेनेबिलिटी और डिजिटल वेल-बीइंग को नए नजरिए से देखना।

टीम की सदस्य डॉ. मनीता पनेरी ने कहा कि “हमारे लिए ये सिर्फ एक पुरस्कार नहीं है—ये एक संदेश है कि हेल्थकेयर में बदलाव लाने के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें या भारी इंफ्रास्ट्रक्चर ज़रूरी नहीं, एक नई सोच और सही टीम ही काफी है। डॉ. विकास गुप्ता ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “एक क्लासरूम में शुरू हुई बातचीत अब दुनिया के टॉप आइडियाज में गिनी जा रही है—इससे बड़ा मोटिवेशन और क्या हो सकता है?”

जीकेयू के लिए यह केवल एक जीत नहीं है, बल्कि एक प्रेरणा है कि जब छात्र और शिक्षक एक समान उद्देश्य के साथ मिलकर काम करते हैं, तो असाधारण परिणाम सामने आ सकते हैं। यह विश्वविद्यालय की बढ़ती हुई प्राथमिकता को भी दर्शाता है जो अनुप्रयुक्त अनुसंधान, सामाजिक नवाचार और कक्षा से परे व्यावहारिक शिक्षण पर केंद्रित है।

विश्वविद्यालय ने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए टीम को पूरा समर्थन देने की घोषणा की है और यूनिवर्सिटी का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले और भी छात्रों को न केवल बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें ऐसे आइडियाज पर काम करने का हौसला भी देगी, जो असल दुनिया में बदलाव ला सकें।

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उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक. इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल

नई दिल्ली ,12 अप्रैल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। हिमालय की ऊंचाइयों में जहां बादल धरती से मिलते हैं और घाटियां रहस्य बुनती हैं। वहीं भारतीय रेल का सपना हकीकत बना है। यह सपना है उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक का जो अब पूरे यथार्थ के साथ साकार हो गया है। इस परियोजना की असली शान इसकी सुरंगें हैं। जो सिर्फ पथ नहीं बनातीं बल्कि पहाड़ों के साथ भविष्य की दिशा तय करती हैं। 272 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग में करीब 119 किलोमीटर का सफर सुरंगों से होकर गुजरता है। इनमें 36 प्रमुख सुरंगें हैं जिनमें कुछ इतनी लंबी और जटिल हैं कि वे इंजीनियरिंग की अद्भुत मिसाल बन चुकी हैं। यह कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़ने वाली देश की सबसे लंबी परिवहन सुरंग है। इसे न्यू टनलिंग मेथड से बनाया गया। जिसमें क्वार्ट्जाइट, ग्नीश और फिल्लाइट जैसी कठिन चट्टानों को पार किया गया। इसमें मुख्य सुरंग के साथ-साथ समानांतर बचाव सुरंग भी है। जिसे हर 375 मीटर पर क्रॉस-पैसेज से जोड़ा गया है। इसकी खुदाई को अस्थिर चट्टानें, तेज़ पानी का रिसाव, शीयर ज़ोन, और ज्वालामुखीय स्तर की जॉइंटेड रॉक ने अत्यंत जोखिम भरा बनाया था।  इन कठिनाइयों से निपटने के लिए परियोजना टीम ने तीन ऐडिट बनाए, जिससे खुदाई के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ काम हो सके और काम की गति बढ़ सके। इस सुरंग के निर्माण ने एक इंजीनियरिंग चमत्कार को जन्म दिया। पीर पंजाल के नीचे बनी यह सुरंग जम्मू और कश्मीर के बीच सालभर संपर्क बनाए रखती है। यह हिमपात और ऊंचाई की बाधाओं को पार कर यातायात और व्यापार को गति देती है। इसे USBRL की ‘मेरुदंड’ कहा जा सकता है। यह एक जुड़वां सुरंग है जिसमें ट्रेन संचालन और आपातकालीन निकासी के लिए दो अलग-अलग टनल हैं। इसे सिरबन डोलोमाइट चट्टानों में बनाया गया। यह सुरंग भारत के पहले केबल-स्टे ब्रिज से जुड़ती है और इसमें हर 375 मीटर पर क्रॉस-पैसेज बनाए गए हैं।  मेन बाउंड्री थ्रस्ट जैसे जटिल भूगर्भीय क्षेत्र से गुजरने के कारण यह सुरंग चुनौतीपूर्ण रही। भारी जल रिसाव और ढहती चट्टानों के चलते ‘आई-सिस्टम टनलिंग’ अपनाया गया। यह सुरंग इंजीनियरिंग कौशल और धैर्य की मिसाल है। यह इस खंड की सबसे लंबी सुरंग है और इसमें बैलेस्ट-लेस ट्रैक बिछाया गया है। वर्ष 2008 में इसमें भारी दवाब और उभार की समस्या आई। जिसके बाद सुरंग के लगभग 1.8 किमी हिस्से को फिर से डिज़ाइन कर रूट बदला गया। सुरंग में मेन बाउंड्री थ्रस्ट क्षेत्र के कारण यहां कीचड़ और पानी की समस्या थी। ‘आई-सिस्टम टनलिंग’ की मदद से इसे सफलतापूर्वक पार किया गया। जिसमें गहरे ड्रेनेज पाइप, छतरीनुमा पाइप रूफिंग और केमिकल ग्राउटिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया। 2006 में खुदाई के दौरान भूमिगत जलधारा मिली, जिससे 500–2000 लीटर प्रति सेकंड पानी बहने लगा। इस जल संकट को नियंत्रित करने में छह वर्ष लगे। यह सुरंग झज्जर नदी पर बने ब्रिज 186 से जुड़ती है। यूएसबीआरएल की सुरंगें हिमालय के सीने में बसी वे धमनियां हैं, जो कश्मीर को देश के दिल से जोड़ रही हैं। हर सुरंग एक कहानी है- संघर्ष की, नवाचार की और जीत की। ये पत्थरों को तोड़ने वाली मशीनों की गूंज के साथ एक नए युग की आहट हैं। हिमालय की ये सुरंगें यात्रियों की मंजिल भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक हैं।

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मुर्शिदाबाद में हो केंद्रीय बलों की तैनाती’, हिंसा के बाद कलकत्ता HC का बड़ा फैसला

कोलकाता 12 April, (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून को लेकर हुई हिंसा के बाद बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी की केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने शनिवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश जारी कर दिया है।

हालांकि, राज्य सरकार ने इस मांग का विरोध करते हुए कहा था कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है। जानकारी के अनुसार, बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अगले दो घंटे में मुर्शिदाबाद पहुंचेंगे।

मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आज हिंसा और भड़क गई, जिसमें दो और लोगों की जान चली गई। पुलिस के मुताबिक, उन्मादी भीड़ ने एक पिता और पुत्र की निर्मम हत्या कर दी।

हिंसा से प्रभावित शमशेरगंज इलाके के जाफराबाद में भीड़ ने घर में घुसकर पिता-पुत्र पर कई बार चाकुओं से हमला किया। दोनों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके घर में लूटपाट की और फिर पिता-पुत्र को बेरहमी से चाकू मारकर घायल कर दिया।

समाचार एजेंसी के अनुसार, शनिवार सुबह शमशेरगंज ब्लॉक के ही धूलियान इलाके में एक अन्य व्यक्ति को गोली लगी थी। गौरतलब है कि शुक्रवार को वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मुर्शिदाबाद के सूती और शमशेरगंज क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क उठी थी।

स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और दोषियों की तलाश जारी है। इस बीच, इलाके में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है।

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वक्फ कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में 3 की मौत, 110 गिरफ्तार

केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग पर HC पहुंची BJP

कोलकाता 12 April,(Final Justice Digital News Desk/एजेंसी): पश्चिम बंगाल के कई जिलों में वक्फ कानून के विरोध में शुक्रवार को उग्र प्रदर्शन देखने को मिला, जिसमें सबसे ज्यादा हिंसा मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले में हुई। इस हिंसा में तीन लोगों की जान चली गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज इलाके में एक घर से पिता और पुत्र के रक्तरंजित शव बरामद हुए हैं। उनके शरीरों पर कई जगह चोट के निशान पाए गए हैं। वहीं, सूती नामक स्थान पर एक किशोर की गोली लगने से मौत हो गई है।

मुर्शिदाबाद में हुई इस हिंसक घटना के संबंध में पुलिस ने शनिवार को 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हुए उपद्रव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की एक वैन सहित कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी भी की गई और सड़कों को अवरुद्ध कर दिया गया। इस हिंसा में 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि कई अन्य लोग भी जख्मी बताए जा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद के हालातों को बेकाबू बताते हुए चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि स्थिति अत्यंत गंभीर है और राज्य प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गई है। अधिकारी ने हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है, जिस पर आज शाम दो न्यायाधीशों की विशेष बेंच सुनवाई करेगी।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने लोगों से किसी भी प्रकार के उकसावे में न आने की सलाह दी है।

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वक्फ बिल पर संसद में नेता प्रतिपक्ष की चुप्पी से मुस्लिम समाज में आक्रोश: मायावती

लखनऊ,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने वक्फ कानून को लेकर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा के दौरान वक्फ बिल पर जिस तरह चुप्पी नेता प्रतिपक्ष ने साध रखी थी, इसे लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश है।

बसपा मुखिया मायावती ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वक्फ संशोधन बिल पर लोकसभा में हुई लंबी चर्चा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा कुछ नहीं बोलना, अर्थात सीएए की तरह संविधान उल्लंघन का मामला होने के विपक्ष के आरोप के बावजूद इनका चुप्पी साधे रहना क्या उचित है? इसे लेकर मुस्लिम समाज में आक्रोश और इनके इंडी गठबंधन में भी बेचैनी स्वाभाविक है।

उन्होंने आगे कहा कि वैसे भी देश में बहुजनों के हित, कल्याण एवं सरकारी नौकरी व शिक्षा आदि में इन वर्गों के आरक्षण के अधिकार को निष्प्रभावी व निष्क्रिय बनाकर उन्हें वंचित बनाए रखने के मामले में कांग्रेस, भाजपा आदि ये पार्टियां बराबर की दोषी हैं। धार्मिक अल्पसंख्यकों को भी इनके छलावे से बचना जरूरी है।

मायावती ने कहा कि इनके ऐसे रवैयों के कारण उत्तर प्रदेश में भी बहुजनों की स्थिति हर मामले में काफी बदहाल व त्रस्त है जबकि भाजपाइयों को कानून हाथ में लेने की छूट है। साथ ही, बिजली व अन्य सरकारी विभागों में बढ़ते हुए निजीकरण से हालात चिंतनीय हैं। सरकार जनकल्याण का संवैधानिक दायित्व सही से निभाए।

ज्ञात हो कि वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 कानून बन गया है। संसद के दोनों सदनों से पारित विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। वहीं, नए कानून को कांग्रेस, एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी (आप) ने अलग-अलग याचिकाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। यूपी में प्रदर्शन को लेकर पुलिस काफी अलर्ट है। धर्मगुरु भी अपील कर रहे हैं कि उग्र प्रदर्शन न करें। कुछ विपक्षी दल भी प्रदर्शन में सहयोग की बात कर रहे हैं।

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पी चिदंबरम ने की मोदी सरकार की तारीफ, तहव्वुर राणा की भारत वापसी को सराहा

नईदिल्ली,12 अपै्रल (Final Justice Digital News Desk/एजेंसी)। मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड 16 साल बाद भारत आ गया है. आतंकी तहव्वुर राणा के सफल प्रत्यर्पण के लिए पूर्व गृह मंत्री ने मोदी सरकार की प्रशंसा की है.

उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में इस प्रक्रिया में तेजी आई थी. 2008 में जब मुंबई में आतंकी हमला हुआ था, तब कांग्रेस नेता पी चिदंबरम भारत के गृह मंत्री थे.

तत्कालीन गृहमंत्री ने कहा कि उस वक्त के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और विदेश सचिव रंजन मथाई ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के लिए अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि इसकी प्रक्रिया साल 2009 में शुरू हो गई थी.

इसके बाद 2011 में प्रक्रिया में तेजी आई क्योंकि अमेरिकी खूफिया एजेंसियों ने राणा की पहचान की. चिदंबरम ने कहा कि मैं भारत के विदेश मंत्रालय, खुफिया एजेंसियों और एनआईए को बधाई देता हूं कि वे लंबी लड़ाई के बाद राणा को भारत लाने में सफल हुए.

उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि वर्तमान की मोदी सरकार के साथ-साथ कई मंत्रियों और अधिकारियों की अहम भूमिका के कारण ही राणा भारत आ सका है. मैं भारत सरकार को बधाई देता हूं. चिदंबरम ने अमेरिका की सरकार को भी धन्यवाद दिया है.

बता दें, दो दिन पहले यानी गुरुवार को एनआईए और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम तहव्वुर राणा को लेकर भारत पहुंची थी. दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर विमान की लैंडिंग हुई थी. एयरपोर्ट पर ही राणा का मेडिकल करावाया गया. इसके बाद एनआईए ने उसे दिल्ली की अदालत में पेश किया. एनआईए ने राणा की 20 दिनों की रिमांड मांगी. हालांकि, अदालत ने राणा को 18 दिनों के लिए एनआईए को सौंप दिया.

अब एनआईए राणा से पूछताछ करेगी. एनआईए को शक है कि देश के अन्य शहरों में भी आतंक फैलाने के लिए ऐसी साजिश रची गई थी. एनआईए राणा को हमले से जुड़ी जगहों पर लेकर जा सकती है. कहा जा सकता है कि एनआईए ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की जांच फिर से शुरू कर दी है. एनआईए हर एक पहलू की जांच करेगी. एनआईए राणा के साथियों, उसके ठिकानों के बारे में भी जांच करेगी.

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